प्रदेश
जशपुर जंक्शन : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में विद्युत अधोसंरचना का तेज़ी से हो रहा विस्तार
जशपुर, 6 अगस्त 2025
12 नए सबस्टेशन और सैकड़ों किलोमीटर बिजली लाइनों को मिली स्वीकृति
कुनकुरी के हर्राडांड में बनेगा प्रदेश का पाँचवां सबसे बड़ा सबस्टेशन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विद्युत अधोसंरचना का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। खासकर जिले के आदिवासी व दूरस्थ क्षेत्रों तक बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 12 नए विद्युत सबस्टेशन और सैकड़ों किलोमीटर विद्युत लाइनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी क्षमता का सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ राज्य का पाँचवां सबसे बड़ा सबस्टेशन होगा। वहीं बगीचा झिकी और फरसाबहार में 132/33 केवी सबस्टेशन की भी मंजूरी मिल गई है।
अधोसंरचना विस्तार से रोशन होगाजिला
● पत्थलगांव डिवीजन में
1 ग्राम रेडे
लागत: ₹3.08 करोड़
3.15 MVA सबस्टेशन
33 केवी लाइन: 8 किमी, 11 केवी लाइन: 20 किमी
2 ग्राम पालीडीह
लागत: ₹3.13 करोड़
33 केवी लाइन: 2.5 किमी, 11 केवी लाइन: 12 किमी
3.ग्राम खुटेरा
लागत: ₹2.25 करोड़
33 केवी लाइन: 1 किमी, 11 केवी लाइन: 7 किमी
4.ग्राम चेटबा
लागत: ₹2.52 करोड़
33 केवी लाइन: 2 किमी, 11 केवी लाइन: 10 किमी
● कुनकुरी डिवीजन में:
1.ग्राम सलियाटोली
लागत: ₹2.88 करोड़
33 केवी लाइन: 6 किमी, 11 केवी लाइन: 13 किमी
2.ग्राम विपतपुर
लागत: ₹2.80 करोड़
33 केवी लाइन: 16 किमी, 11 केवी लाइन: 18 किमी
3 ग्राम भगोरा
लागत: ₹2.50 करोड़
33 केवी लाइन: 5 किमी, 11 केवी लाइन: 12 किमी
4.ग्राम समडमा
लागत: ₹2.91 करोड़
33 केवी लाइन: 16 किमी, 11 केवी लाइन: 3 किमी
● जशपुर डिवीजन में:
1. ग्राम मैनी
लागत: ₹2.50 करोड़
33 केवी लाइन: 1.4 किमी, 11 केवी लाइन: 20.5 किमी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व में जिले के नागरिकों को सुलभ, सस्ती और सतत बिजली की सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। अधोसंरचना विस्तार से न केवल घरेलू उपयोगकर्ताओं को लाभ होगा, बल्कि औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
"हर घर रोशन, हर गांव प्रगति की राह पर" – इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जशपुर जिले में विद्युत विकास के यह प्रयास ऐतिहासिक कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।
जशपुर जंक्शन:छत्तीसगढ़ बाल आयोग ने बच्ची से "राधे-राधे" बोलने पर पिटाई के मामले में लिया संज्ञान, प्रिंसिपल और प्रबंधक को किया तलब
रायपुर,06 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दुर्ग जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बागडूमर स्थित मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल में नर्सरी कक्षा की छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। छात्रा को "राधे-राधे" बोलने पर स्कूल प्रिंसिपल द्वारा उसके मुँह पर टेप चिपकाने और छड़ी से पिटाई करने का आरोप सामने आया है।
यह मामला 1 अगस्त 2025 को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ था। उसी दिन आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 13(जे) और 14 के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रकरण दर्ज किया और तुरंत कार्यवाही प्रारंभ कर दी।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि इस तरह की घटना न केवल बच्ची और उसके परिवार के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के अंतर्गत बच्चों के प्रति क्रूरता की श्रेणी में आता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी।
आयोग ने स्कूल के प्राचार्य और प्रबंधक को आगामी 14 अगस्त 2025 को दोपहर 12:30 बजे आयोग के समक्ष तलब किया है। साथ ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी, दुर्ग और थाना प्रभारी, नंदिनी को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। पीड़िता और उसके पालकों से मिलकर बच्ची के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति का प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
उल्लेखनीय है कि आयोग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए समाचार प्रकाशन के उसी दिन इस मामले पर नोटिस जारी कर दिया था।
यह मामला शिक्षा संस्थानों में बच्चों की स्वतंत्रता और धार्मिक अभिव्यक्ति के अधिकारों पर गहरा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, जिसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विकास कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करें :कलेक्टर रोहित व्यास
सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण के तहत संचालित विकास कार्यों की कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक
जशपुर 06 अगस्त 2025
कलेक्टर रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की एक बैठक लेकर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के तहत संचालित विकासकार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने समस्त कार्यों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर व्यास ने जनपद पंचायत सीईओ को जिन सरपंचों और सचिवों ने राशि आहरण के बाद भी कार्य नहीं कराया है, उनसे वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक निर्माण कार्य की जानकारी के लिए नागरिक सूचना पटल लगाने हेतु भी निर्देशित किया। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने आवागमन की सुविधा के लिए सीसी रोड, पुल-पुलिया के निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जशपुर संजय सिंह सहित जनपद पंचायतों के सीईओ मौजूद थे।
एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान,मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
रायपुर 06 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में चलाए गए 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में हमारे देश की सीमा पर तैनात सैनिक भाईयों के सम्मान में "एक राखी सैनिक भाईओं के नाम' अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के बुलबुल, गाइड और रेंजर बहनों द्वारा हस्त निर्मित राखियां सैनिक भाईयों के लिए प्राप्त हुई है। ये राखियां हमारे सैनिक भाइयों को प्रेषित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अभियान 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के बच्चे देश की रक्षा में सीमा पर डटे जवानों को रक्षासूत्र भेज रहे हैं। इस पहल से बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी और हमारे जवानों को भी भावनात्मक संबल मिलेगा ।
इस अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्री मुरली शर्मा, श्री कैलाश सोनी, श्री समीर शेख सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
समस्या@आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन,मानदेय बढ़ोतरी और सुविधाओं की मांग को लेकर जताई पीड़ा।
जशपुर, 01 अगस्त 2025
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक ज्ञापन भेजकर अपनी वर्षों पुरानी मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। ज्ञापन में उन्होंने मानदेय वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ, और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि देशभर की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्य कर रही हैं, जबकि वे कुपोषण, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, और प्राथमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को जमीनी स्तर पर निभा रही हैं। लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उन्हें ना तो उचित वेतन दिया जा रहा है और ना ही स्थायी कर्मी का दर्जा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं
1 मानदेय वृद्धि:आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को न्यूनतम ₹26,000 और सहायिका को ₹22,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
2.स्थायीकरण:50 वर्ष की आयु तक की कार्यरत महिलाओं को स्थायी किया जाए तथा सेवा शर्तें निर्धारित की जाएं।
3.सेवानिवृत्ति लाभ:सेवानिवृत्त। होने वाली कार्यकर्ताओं को एकमुश्त राशि के रूप में पेंशन और ग्रेच्युटी दी जाए।
4 पदोन्नति:वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति दी जाए।
5 डिजिटल काम का मानदेय: पोषण ट्रैकर, एफआरएस, ई-केवाईसी जैसे डिजिटल कामों के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ही संभव है, लेकिन उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा गया है। कई कार्यकर्ता लगभग 25-30 वर्षों से सेवा दे रही हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही। जशपुर के बगीचा ब्लॉक की कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा और मांगों को विस्तार से लिखा है। उन्होंने अपील की है कि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द निर्णय ले।
सीएम साय की संवेदनशीलता से परिजनों ने राजू का किया अंतिम दर्शन
चेन्नई से गृह ग्राम पहुंचा राजू नाग का शव
बगिया कैंप कार्यालय में परिजनों ने लगाई थी गुहार..
जशपुर,01 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित पहल से चेन्नई में मृतक राजू नाग का शव सुरक्षित रूप से उनके गृह ग्राम चिकनीपानी पहुंच सका।
राजू नाग के आकस्मिक निधन के बाद उनके शोकाकुल परिजनों ने मुख्यमंत्री के बगिया स्थित कैंप कार्यालय पहुंचकर मदद की गुहार लगाई थी। सीमित संसाधनों वाले एक साधारण ग्रामीण परिवार के लिए चेन्नई से शव लाना असंभव प्रतीत हो रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पीड़ा को गंभीरता से सुना और तत्काल संज्ञान लेते हुए मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने शव को सुरक्षित लाने के लिए समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। शासन की तत्परता से गुरुवार की शाम शव झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचा और शुक्रवार की सुबह मुक्तांजली शव वाहन के माध्यम से चिकनीपानी लाया गया, जहाँ परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए।
शासन की ओर से न केवल शव वाहन की व्यवस्था की गई, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी हर संभव सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री की इस त्वरित और संवेदनशील पहल के लिए परिजनों व ग्रामवासियों ने गहरा आभार जताया है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार आमजन के दुःख-दर्द में सच्चे सहभागी की भूमिका निभा रही है।
सरोकार : मुख्यमंत्री साय की पहल से खुला विकास का रास्ता,7000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मिल रही रफ्तार
नई दिल्ली,31 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल रंग ला रही है। आज नई दिल्ली में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की, जहां राज्य की अधोसंरचना से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में चल रही सड़क योजनाओं और नए प्रस्तावित निर्माण कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री की पहल पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने अधिकारियों को 7000 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई, जिससे प्रदेश के कई जिलों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति मिलेगी। राजधानी रायपुर में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए चार नए बड़े पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही किया जाएगा। बैठक में तय हुआ कि छत्तीसगढ़ की सड़क परियोजनाओं की योजना केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ के माध्यम से बनाई जाएगी, ताकि योजनाओं को त्वरित मंजूरी मिल सके। रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री मार्ग पर 95 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क की डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होगा।
साथ ही समृद्धि एक्सप्रेस वे का विस्तार रायपुर तक करने का भी निर्णय लिया गया है। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली, जिसमें एनएच 130ए का उन्नयन, एनएच-43 का रेजिंग कार्य और एनएच-30 का मजबूतीकरण शामिल है। इन कार्यों की कुल लागत 115.95 करोड़ रुपये है।
बिलासपुर शहर में 15 किलोमीटर लंबी नई सड़क, कटनी-गुमला मार्ग पर 11 किलोमीटर सड़क और केशकाल क्षेत्र में 4 किलोमीटर पहाड़ी सड़क निर्माण के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव की रीढ़ होती हैं। ‘
अंजोर विजन 2047’ के तहत राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर गांव तक बेहतर, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,छत्तीसगढ़ के सड़कों को लेकर हुई बड़ी चर्चा
आदिवासी अंचलों तक सड़कों की पहुँच से विकास की गति होगी तेज - मुख्यमंत्री
नई दिल्ली,31 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके निवास पर सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, सड़क परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की अधोसंरचना योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गडकरी को राज्य में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी दी और बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ और वनवासी क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के प्रयास तेज़ी से किए जा रहे हैं, ताकि वहाँ के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर प्राप्त हो सकें। बैठक में चर्चा हुई कि औद्योगिक क्षेत्रों तथा नवगठित जिलों में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करना राज्य के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि वे रोज़गार, निवेश और सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला भी हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण की सराहना करते हुए यह भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों तक सड़कों की पहुँच से न केवल विकास की गति बढ़ेगी, बल्कि इन क्षेत्रों में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन भी आएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गडकरी को “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047” के अंतर्गत राज्य की दीर्घकालिक रणनीति से भी अवगत कराया, जिसमें एकीकृत और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण एवं सीमावर्ती इलाकों में सड़क संपर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि प्रत्येक नागरिक तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।
विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना,मुख्यमंत्री साय ने दी शुभकामनाएँ
रायपुर,31 जुलाई 2025
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
जशपुर जंक्शन : कलेक्टर रोहित व्यास ने किया निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य का निरीक्षण,कार्य में गुणवत्ता के साथ प्रगति लाने के दिए निर्देश
कलेक्टर रोहित व्यास ने सोमवार को जशपुर में 3 करोड़ 50 लाख की लागत से बन रहे मिनी इंडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने कार्य एजेंसी को कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में स्टेडियम का निर्माण कार्य चालू इसके लिए खेल विशेषज्ञों को स्टेडियम का अवलोकन कराए ताकि खिलाड़ियों को खेल संबंधित सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।
इंडोर स्टेडियम में खिलाड़ीयों को बास्केटबॉल, शतरंज,कैरम, टेबल टेनिस सहित अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी । स्टेडियम बन जाने जशपुर के खिलाड़ीयों को खेल अभ्यास करने में सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत गृह निर्माण मंडल के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल नगर पालिका अधिकारी गृह निर्माण मंडल के उप अभियंता आशीष रात्रे और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
सरोकार:माओवाद प्रभावित गांव में लौटी शिक्षा की रौशनी,‘नियद नेल्ला नार’ और युक्तियुक्तकरण योजना का दिखा असर,वर्षों बाद स्कूल में पहुंची मुस्कान, किताब और कलम।
रायपुर।जशपुर जंक्शन।04 जुलाई 2025 एक समय माओवाद की अंधेरे में खोया हुआ नारायणपुर जिले का सुदूर गांव ईरकभट्टी अब शिक्षा की नई रोशनी से जगमगा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार की ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) योजना और युक्तियुक्तकरण की पहल ने यहां के बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ा है। जहां पहले स्कूल के दरवाजों पर ताले लटकते थे, वहां अब बच्चों की चहचहाहट गूंज रही है।
लंबे समय तक वीरान पड़े प्राथमिक शाला में अब दो शिक्षक अशोक भगत और श्रीमती लीला नेताम नियमित रूप से पढ़ा रहे हैं।
शिक्षिका लीला नेताम कहती हैं, “पहले डर लगता था, लेकिन बच्चों की मुस्कान सारी थकान और डर मिटा देती है। ये बच्चे बेहद समझदार हैं, इन्हें सिर्फ एक मौका चाहिए था।”
अब दर्जनों बच्चे नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं, किताबें हाथों में हैं और आंखों में भविष्य के सपने। गांव के बुजुर्ग मंगतु बाई भावुक होकर कहती हैं, “अब मेरी पोती भी पढ़-लिखकर अफसर बन सकती है। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि ये दिन भी देख पाएंगे।”
गौरतलब है कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत सुरक्षा कैंपों के 5 किमी के दायरे में आने वाले गांवों में शिक्षा, सड़क, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। ईरकभट्टी इसका जीवंत उदाहरण बन गया है।
अबुझमाड़ के इस सुदूर गांव की यह कहानी, केवल एक गांव की नहीं, बल्कि उन तमाम बस्तियों की उम्मीद है जो बरसों तक विकास और सुरक्षा से दूर थीं। लेकिन अब शिक्षा की लौ जल चुकी है — और यह लौ अब थमेगी नहीं।
#शिक्षा_का_उजाला #नियद_नेल्ला_नार #ईरकभट्टी #छत्तीसगढ़_बदल_रहा_है
ब्रेकिंग जशपुर जंक्शन: हजारों की संख्या में स्कूल नहीं होंगे बंद,भ्रामक और तथ्यहीन बातें फैलाई जा रहीं,सिर्फ 166 स्कूलों का होगा समायोजन, युक्तियुक्तकरण शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास।
रायपुर,31 मई 2025 शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिलकुल अलग है।
प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे। यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है।
सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो।
जशपुर जंक्शन : भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर 5 मई 2025
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित श्री चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री चित्रगुप्त आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं कायस्थ समाज के सदस्यों को प्राकट्य उत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में चित्रांश महोत्सव स्मारिका सहित बच्चों की सीख एवं ग़ज़ल-मुक्तक संग्रह पुस्तिका का विमोचन किया गया। कायस्थ समाज के प्रतिभावान छात्रों और विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चाई, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और यही मूल्य हमारे समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कायस्थ समाज के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए कहा कि इस समाज ने शिक्षा, लेखन, प्रशासन, न्याय और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों के सम्मान और विकास के लिए संकल्पित है और सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और जनकल्याण के कार्य उनकी प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री चित्रगुप्त के आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि उनका आशीष हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आयोजक मंडल को भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन से न केवल हमारी सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि इससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से भी परिचित होगी। कायस्थ समाज के सदस्यों का देश की आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा, साथ ही कला, साहित्य, संगीत सहित विभिन्न विधाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने समाज की महान विभूतियों को याद किया।
इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित करते हुए समाज की गतिविधियों से अवगत कराया।इस मौके पर आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं कायस्थ समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जशपुर जंक्शन : बगीचा नगर में बनेगा गौरव पथ,महामंत्री के लेटर पर मंत्री अरुण साव ने दी स्वीकृति।
साय सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने बगीचा नगर में गौरव पथ के लिए अपनी स्वीकृति दी है। भाजपा के जिला महामंत्री मुकेश शर्मा के आवेदन पर उन्होंने स्वीकृति प्रदान की है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सरकार में नगर पंचायत बगीचा में गौरव पथ की स्वीकृति मिली थी जिसके लिए राशि भी आ गई थी टेंडर प्रक्रिया भी लगभग हो गई थी। नई भाजपा सरकार ने पुराने कामों को निरस्त कर दिया था जिसके कारण गौरव पथ स्वीकृत होने के बाद भी शुरु नहीं किया जा सका। हांलाकि भाजपा सरकार में विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने जशपुर में इस गौरव पथ का भूमिपूजन किया था।
नगरीय प्रशासन विकास विभाग द्वारा एक साल तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके बाद भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री नगरीय प्रशासन अरुण साव से मिलकर उन्हें बताया कि पिछली सरकार द्वारा स्वीकृत गौरव पथ को नई सरकार ने निरस्त कर दिया था।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पदभार ग्रहण करते ही गौरव पथ के लिए भूमिपूजन किया था।अतः पुनः गौरवपथ के लिए स्वीकृती की मांग उन्होंने की है।जिसपर मंत्री अरुण साव ने अपनी सहमति देते हुए नगरीय प्रशासन विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
जशपुर जंक्शन : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की दस्तक,नवा रायपुर में स्थापित होगा अत्याधुनिक NIELIT केंद्र
रायपुर 01 मई 2025 प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और युवाओं को डिजिटल कौशल से लैस करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के स्टेट ऑफ द आर्ट केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई। इस संस्थान की स्थापना के लिए 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति प्रदान की।
यह निर्णय राज्य के डिजिटल भविष्य की आधारशिला साबित होगा। NIELIT, जो भारत सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, हाल ही में डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त कर चुकी है। संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ में स्थायी केंद्र स्थापना हेतु भूमि की मांग की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल कौशल के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।
इस मांग को दृष्टिगत रखते हुए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम तेंदुआ के लेयर-2 क्षेत्र में 10.023 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है, जिसे लीज़ पर NIELIT को आवंटित किया जाएगा।
इसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा प्राधिकरण को की जाएगी। इस अत्याधुनिक संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसरों को नया बल मिलेगा। यह केंद्र युवाओं को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के योग्य बनाकर राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को सशक्त करेगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षा मानचित्र पर एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में उभरेगा।
गौरतलब है कि नवा रायपुर में पहले से ही कई राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थापित हो चुके हैं, जैसे – आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी। हाल ही में मंत्रिपरिषद द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।
