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आदि लोकोत्सव जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व में हुए शामिल।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का किया शुभारंभ युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान।
राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद के फैसले: तेंदूपत्ता से लेकर ऑटो एक्सपो तक कई बड़े निर्णय, राज्य को मिलेगा आर्थिक लाभ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा लाभ वनवासी, किसान, मिलर्स, उद्योग, वाहन खरीदार और शासन की वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत
मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की।
मोटे अनाज को बढ़ावा
कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण एवं बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
वनोपज के लिए 30 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन के लिए लघु वनोपज संघ को एकमुश्त 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया गया।
राज्य शासन पर वित्तीय बोझ होगा कम
अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर के पांच निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण अदायगी के लिए 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया।
इससे प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये के ब्याज व्यय की बचत होगी और 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी।
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन बढ़ा
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई। साथ ही, प्रोत्साहन की पात्रता के लिए न्यूनतम मिलिंग अवधि 3 माह से घटाकर 2 माह कर दी गई।
औद्योगिक विकास नीति में संशोधन
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञ नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र से जुड़ी विसंगतियां दूर होंगी। इससे निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी और स्थायी रोजगार सृजन होगा।
ऑटो एक्सपो में वाहन खरीद पर बड़ी छूट
राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो में बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया। यह छूट पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं पर लागू होगी।
राइस मिलर्स को राहत
कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया।
पुलिस व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नया पद (लेवल-14) एक वर्ष के लिए स्थायी रूप से सृजित करने की स्वीकृति दी गई।
साथ ही रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया।
पीएम जनमन के तहत आदिवासी अंचलों तक पहुँचेगी स्वास्थ्य सेवा, मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को दिखाई हरी झंडी
दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सुविधाएँ लोगों के घर-आँगन तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के अंतर्गत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले आदिवासी परिवारों को इलाज और जाँच के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे गाँवों और बसाहटों तक पहुँचेंगी। उन्होंने इसे आदिवासी समुदायों की स्वास्थ्य सुरक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के करीब 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों की 2100 बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होंगी।
इन सर्वसुविधायुक्त 57 मोबाइल मेडिकल यूनिटों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। यूनिटों में 25 प्रकार की जाँच सुविधाएँ तथा 106 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग, सीजीएमएससी तथा सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उन सुदूर वनांचलों के लिए शुरू की गई हैं, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सीमित रही है। आज पूरे प्रदेश को 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट समर्पित की गई हैं, जो जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगी।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को इन यूनिटों के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक शीघ्र पहुँचाया जा सकेगा। प्रत्येक यूनिट हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी, जिसमें जाँच, उपचार और दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अब तक संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। नए वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता से यह व्यवस्था अब लगातार संचालित होगी। इससे टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम संभव हो सकेगी।
ऑपरेशन शंखनाद: गौवंश मांस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, 7 किलो मांस जब्त
चौकी सोनक्यारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तालासिली में गौवंश वध के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से 7 किलो गौवंश मांस बरामद किया गया है। एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 25.12.2025 को प्रार्थी छवि यादव (35 वर्ष), निवासी ग्राम छून्दरूपाठ, ने चौकी सोनक्यारी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24.12.2025 की शाम ग्राम तालासिली निवासी सरीफ तिग्गा, इशाक तिग्गा, घनश्याम यादव एवं एक अन्य व्यक्ति उसके पड़ोसी खुलेश्वर यादव के पास बछड़ा खरीदने आए थे। प्रार्थी द्वारा बछड़ा बेचने से मना करने के बावजूद, आरोपी पुनः आकर बछड़ा खरीदकर ले गए।
अगले दिन सुबह खेत के पास झाड़ी में भारी मात्रा में खून मिलने पर संदेह हुआ कि किसी बड़े पशु का वध किया गया है। पूछताछ पर खुलेश्वर यादव ने आरोपियों द्वारा बछड़ा ले जाने की पुष्टि की।
रिपोर्ट पर चौकी सोनक्यारी में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा ग्राम तालासिली में सरीफ तिग्गा के घर की तलाशी लेने पर 7 किलो मांस बरामद हुआ। पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण में मांस गौवंश का पाया गया।
इसके बाद पुलिस ने सरीफ तिग्गा (30 वर्ष),इशाक तिग्गा (50 वर्ष),घनश्याम यादव (32 वर्ष) तीनों निवासी ग्राम तालासिली, चौकी सोनक्यारी, थाना सन्ना, जिला जशपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। एक आरोपी फरार है, जिसे चिन्हित कर लिया गया है और शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोनक्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव सिंह, आरक्षक नरेंद्र यादव, बाबूलाल भगत एवं नगर सैनिक शिवशंकर रवि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश वध के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।
आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान, इसका संरक्षण हम सबका दायित्व : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के 73वें स्थापना दिवस एवं संस्थापक बाला साहब देशपांडे की जयंती के अवसर पर आज कल्याण आश्रम विद्यालय परिसर में वार्षिकोत्सव एवं स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी रहे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान है और इसे सहेजना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। बाला साहब देशपांडे का जनजातीय समाज की संस्कृति, कला और जीवनशैली के संरक्षण में योगदान अविस्मरणीय है। आज वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में आदिवासी समाज के उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति पूजक रहा है। वृक्ष, पर्वत, नदियां, धरती माता और गौमाता की पूजा आदिवासी संस्कृति की विशेषता रही है। आज आदिवासी खान-पान और जैविक खेती को पूरी दुनिया अपना रही है। कोदो-कुटकी जैसे पोषक अनाजों का वैश्विक महत्व लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों को नमन किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर आदिवासी समाज के योगदान को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कर जनजातीय इतिहास और संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि नागपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्री गजानन असोले एवं देवमंगल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव श्री गोविंद नारायण सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में लोक कला संगम के अंतर्गत 150 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जनजातीय लोकनृत्य एवं मलखंभ प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग में शबनम बाई को प्रथम, संदीप को द्वितीय और ओंकार राम भगत को तृतीय पुरस्कार मिला। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कैलाश चौहान को प्रथम, गुंजी भगत को द्वितीय तथा कमला बाई को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का किया लोकार्पण।
भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल शताब्दी वर्ष के अंतर्गत प्रदेशभर के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें जशपुर जिले के जशपुर जिला मुख्यालय स्थित संग्रहालय परिसर सहित पत्थलगांव, कुनकुरी, कोतबा और बगीचा के अटल परिसर शामिल हैं।
जशपुर जिला संग्रहालय में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत ने प्रतीकात्मक रूप से अटल परिसर का लोकार्पण किया तथा भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने अटल जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व बहुआयामी और प्रेरणादायी था। वे कुशल राजनेता होने के साथ-साथ कवि, पत्रकार, लेखक और संवेदनशील चिंतक थे। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से शहरों से लेकर गांवों तक सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया, जिससे विकास को नई गति मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन अटल जी की दूरदर्शिता का परिणाम है और राज्य उनके सपनों के अनुरूप निरंतर प्रगति कर रहा है। सरकार वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच से छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया और आज विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए अटल जी के योगदान को याद किया तथा छत्तीसगढ़ निर्माण में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। वे छत्तीसगढ़ राज्य के सच्चे निर्माता थे और अटल परिसर का लोकार्पण सभी के लिए गौरव का विषय है। नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव ने अटल जी की प्रसिद्ध कविता का पाठ कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, पूर्व विधायक जागेश्वर भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण राजेश गुप्ता, देवधन नायक, कंचन बैरागी, विजेता भगत, शशि भगत, विनोद निकुंज, कमला बाई, शैलेंद्री यादव, सुधीर पाठक, द्वारिका मिश्रा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, नगर पालिका जशपुर के सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय, सहायक अभियंता कैलाश खरोले, शारदा प्रधान, रजनी प्रधान, कृपाशंकर भगत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।
रंगीन रोशनी, फव्वारा और प्रेरक कविताओं से सजा अटल परिसर बनेगा प्रेरणा का केंद्र
जिला संग्रहालय परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल परिसर को आकर्षक एवं भव्य स्वरूप दिया गया है। परिसर में आधुनिक रंगीन लाइटिंग, सुव्यवस्थित गार्डन और आकर्षक फव्वारा स्थापित किया गया है। साथ ही बैकवाल पर अटल बिहारी वाजपेयी के छायाचित्र, उनकी प्रेरणादायी कविताएं और विचार कलात्मक रूप से अंकित किए गए हैं।
जमीन विवाद में बलवा मारपीट करने वाले 09 आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस का फ्लैग मार्च
चौकी कोतबा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खजरीढाब में जमीन विवाद को लेकर हुए बलवा व मारपीट के मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मारपीट में प्रयुक्त 06 लाठी-डंडे भी जप्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 298, 351(2), 333, 115(2), 109(1), 190(1) एवं 191 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया। वर्तमान में स्थिति सामान्य है और पुलिस लगातार निगरानी रखे हुए है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
भद्दे राम यादव (52 वर्ष)
खीत्रो मणि यादव (52 वर्ष)
तलेश्वर यादव (34 वर्ष)
महेश्वर यादव (48 वर्ष)
ललित यादव (52 वर्ष)
जागेश्वर यादव (45 वर्ष)
आगेश्वर यादव (32 वर्ष)
रुशि यादव (52 वर्ष)
गोपी यादव (26 वर्ष)
सभी निवासी ग्राम खजरीढाब, चौकी कोतबा, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़)।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक बृजेश यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जमीन विवाद में कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है और सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन,अटल जी के सुशासन के आदर्श आज भी देश, प्रदेश के लिए पथप्रदर्शक।
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।
छत्तीसगढ़ स्किल टेक से कौशल-आधारित निवेश को मिली रफ्तार, 13,690 करोड़ के प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम ने राज्य में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को नई गति दी है। कार्यक्रम के दौरान 13,690 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनसे 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र रहा, जो राजनांदगांव जिले में प्रस्तावित है। इस परियोजना से लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, साथ ही तकनीकी, लॉजिस्टिक्स और सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य का विकास मॉडल निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन को एक साथ जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंच युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
धर्मांतरण के विरोध में सर्व समाज का नगर बंद का आह्वान
सर्व समाज द्वारा बुधवार को शांतिपूर्ण नगर बंद का आह्वान किया गया है। समाजसेवी कृपाशंकर भगत ने बताया कि धर्मांतरण की साजिश में लगे कुछ लोगों द्वारा लगातार जनजातीय समाज की परंपराओं और आस्था को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियाँ की जा रही हैं, जिससे शांति के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई घटना भी धर्मांतरण और जनजातीय समाज की आस्था से जुड़े मामलों का ही परिणाम है। ऐसी घटनाओं का असर केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों पर पड़ रहा है।
सर्व समाज का कहना है कि धर्मांतरण के विरुद्ध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध आवश्यक है। इसी के तहत 24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद के समर्थन में जशपुर नगर बंद की अपील की गई है।
सर्व समाज ने नगर के सभी व्यापारियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस शांतिपूर्ण बंद को समर्थन दें।
अवैध वनोपज परिवहन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सेमल लकड़ी से लदा आईशर ट्रक जप्त, 105 नग लट्ठे बरामद।
वन मंडलाधिकारी शशि कुमार के निर्देशन में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वन विभाग की टीम ने सेमल लकड़ी से लदे एक आईशर ट्रक को जप्त कर बड़ी कार्रवाई की है।
वन मंडलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सघन गश्त एवं निगरानी अभियान के तहत दिनांक 20 दिसंबर 2025 की रात्रि लगभग 01.00 बजे एक आईशर ट्रक क्रमांक CG 04 PS 3426 को रोका गया। यह वाहन सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ागांव ठेठेटांगर की ओर से पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर की दिशा में जा रहा था।
वाहन की तलाशी के दौरान उसमें सेमल प्रजाति के कुल 105 नग लकड़ी के लट्ठे बिना किसी वैध अनुमति पत्र अथवा परिवहन पास के अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए। वाहन चालक बसंत सिंह परिहा, निवासी चकरभाठा, जिला बिलासपुर से पूछताछ करने पर वनोपज कटाई एवं परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के गश्ती दल द्वारा वाहन एवं उसमें लदी वनोपज को अवैध पाए जाने पर भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत जप्ती की कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जप्त वाहन सहित वनोपज को अग्रिम कार्रवाई हेतु वन परिक्षेत्र पत्थलगांव लाया गया है। प्रकरण की विवेचना वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव द्वारा की जा रही है।
राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ अंतर्गत राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ व्यापक विमर्श।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा राष्ट्रीय अभियान “नई चेतना 4.0” के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज न्यू सर्किट हाउस, रायपुर में किया गया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह कार्यशाला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की सक्रिय भूमिका और भागीदारी को आवश्यक बताया।
मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने अपने संबोधन में कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने के लिए विभागीय अभिसरण को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र तथा अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।
कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए गए।
कांकेर जिले की स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही आयोजित दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली चुनौतियों तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ का मूल उद्देश्य है।
प्रदेश में छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति को नई गति: SSIP के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के उद्यमशील विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि विभागीय बजट में पूर्व से प्रावधानित थी, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है।
स्वीकृत बजट के अंतर्गत i-Hub छत्तीसगढ़ के सुचारु संचालन हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से राज्यभर में स्टार्टअप गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय हैकाथॉन, आइडियाथॉन, इनोवेशन कैंप, स्टार्टअप मीटिंग्स और नवाचार जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।
नीति के अंतर्गत छात्रों एवं नवप्रवर्तकों के विचारों को अवधारणा से प्रोटोटाइप तक पहुंचाने के लिए कॉन्सेप्ट वैलिडेशन के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रारंभिक परीक्षण, अध्ययन, डिजाइन, तकनीकी सेवाएं तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करना संभव होगा। इसके अतिरिक्त, चयनित स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के माध्यम से बाजार सत्यापन, उत्पाद विकास, कानूनी एवं तकनीकी सहयोग तथा प्रारंभिक विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।
छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति में बौद्धिक संपदा संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क फाइलिंग के लिए तकनीकी, कानूनी एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नवाचार सुरक्षित रहेंगे और स्टार्टअप्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट विजन है कि छत्तीसगढ़ को नवाचार एवं उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनाया जाए। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति युवाओं के विचारों और क्षमताओं पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निवेश छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में परिवर्तित करने का अवसर देगा, जिससे न केवल नए स्टार्टअप्स विकसित होंगे, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशील सोच को सशक्त करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस निवेश से छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त होगी। - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा दो वर्षों के सुशासन में विकास के नए आयाम: 1000 करोड़ से अधिक की सड़क–पुल परियोजनाओं की सौगात।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के कुनकुरी पहुंचे। सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों के सुशासनकाल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले को 220 बिस्तरों वाला आधुनिक जिला अस्पताल, मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। इससे जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सड़क–पुलों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की 623 सड़कों के लिए 998 करोड़ रुपये तथा 22 उच्चस्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त हाल ही में 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रुपये, 4 महत्वपूर्ण पुलों के लिए 13.69 करोड़ रुपये तथा 12 सड़कों के लिए 41.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है।
फरसाबहार क्षेत्र में 40.89 करोड़ रुपये की लागत से 13 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
शिक्षा एवं पर्यटन को नई गति
करडेगा एवं फरसाबहार में नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, नए स्कूल भवनों का निर्माण तथा मयाली नेचर कैंप, जंबूरी आयोजन एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्गों की स्वीकृति से जशपुर शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।
विद्युत क्षेत्र में सशक्त आधार
कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का पांचवां 400 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं 11 नए सब-स्टेशनों की स्थापना से जिले में विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, धान बोनस तथा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति की जानकारी भी दी।
कार्यकर्ताओं से जन-जन तक विकास पहुंचाने का आह्वान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां कार्यकर्ताओं की निष्ठा और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायकद्वय श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, भाजपा नेता श्री गुरुपाल भल्ला, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व विधायक श्री रोहित साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री मुकेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजकुमार सिंह, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश सामाजिक समरसता की अमर विरासत।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आदर्श आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना का सशक्त जीवन-दर्शन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की मजबूत आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाई तथा नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना कर जनमानस में आत्मसम्मान और मानवीय गरिमा का भाव विकसित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों का मार्गदर्शक है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता, शांति एवं सौहार्द के साथ एक समृद्ध, सशक्त और समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
