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राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम :फाइलेरिया की बीमारी खत्म करने दवा का सेवन करने की अपील।

 

 

 

 

 

 भारत सरकार द्वारा फाइलेरिया (हाथीपांव) को खत्म करने के उद्देश्य से 2027 तक के लक्ष्य के साथ देश के स्थानिक जिलों में व्यापक सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के नेतृत्व में विगत दिवस 10 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का जिला स्तर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर एवं समस्त विकासखंडों में शुभारंभ किया गया।

जशपुर जिले के कुल 990800 जनसंख्या को सामूहिक दवा सेवन हेतु लक्षित जनसंख्या मानकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें प्रथम चरण में 10 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जशपुर जिले समस्त विकासखंडों में कुल 3143 बूथों के माध्यम से दवा का सेवन कराया जाना है। तथा 13 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग के टीम व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को उम्र व ऊँचाई के आधार पर (गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को छोड़कर) फाइलेरिया-रोधी दवाएं जैसे टैबलेट- डी.ई.सी. एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन निःशुल्क सेवन कराया जाना है।

 विभाग द्वारा फाइलेरिया के संबंध में बताया गया कि फाइलेरिया गंदगी में मच्छर से पनपने वाला संक्रामक रोग है,जिसे सामान्यतः हाथीपांव के नाम से जाना जाता है। इसके लक्षण सामान्यतः दिखाई नहीं देते व लंबी अवधि में संक्रमण होने पर बुखार,हाथ-पांव में दर्द व सूजन तथा पुरुषों के जननांग अथवा आसपास में दर्द व सूजन जैसे लक्षण प्रदर्शित होते है। फाइलेरिया के दवा सेवन करने पर सामान्यतः परजीवियों के प्रतिक्रिया स्वरूप सरदर्द,बुखार,उल्टी तथा शरीर पर चकत्ते जैसे मामूली प्रतिक्रियायें हो सकती है। जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। किंतु लक्षणों के गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखायें व उचित सलाह व उपचार प्राप्त करना चाहिए।

 फाइलेरिया (हाथीपांव) एक बार होने से जिन्दगी भर के लिए परेशानी हो सकता है, हाथीपांव जिसका उपचार का एक ही उपाय है,जो एम.डी.ए. की दवाईयां खाना जरुरी है, जिसका कोई भी दुष्परिणाम नहीं होता है। हमारे जिले के समस्त विकासखण्ड में भी फाइलेरिया की बीमारी है जो मच्छरों से फैलता है, जिसे रोका जा सकता है। सभी से अनुरोध है की सभी लोग अपने-अपने गाँव में मितानिन से फाइलेरिया की दावा अवश्य खाएं।

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खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम

 

 

 

आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में भाग लिया। समारोह स्थानीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित हुआ।

10 से 12 फरवरी 2026 तक चले इस खेल महोत्सव में ग्रामीण एवं शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर मंत्री नेताम ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बन चुका है। विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का मंच मिला है। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कर संभाग एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।

इस वर्ष सरगुजा ओलंपिक में कुल 67,380 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

मैदान में उतरकर बढ़ाया हौसला

मंत्री नेताम ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। शंकरगढ़ और बलरामपुर के बीच आयोजित बालिका रस्साकशी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीरंदाजी में हाथ आजमाया।

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को उन्होंने शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

समापन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर एवं बलरामपुर एसडीएम अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी मारकूस कुजूर सहित संबंधित अधिकारीगण और बड़ी संख्या में खिलाड़ी व नागरिक मौजूद थे।

12 खेल विधाओं में हुई प्रतियोगिताएं

जिला स्तरीय ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया।

व्यक्तिगत खेल: एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती, कराटे।

दलीय खेल: फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकशी, बास्केटबॉल।

प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक) में आयोजित की गईं।

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कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ जनजीवन में व्यापक प्रभाव - मुख्यमंत्री श्री साय संत समागम समारोह की राशि 50 लाख से बढाकर 75 लाख करने की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।

         मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब,पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। 

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक श्री इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया। 

         समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। 

        इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री ईश्वर साहु, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का किया वर्चुअली लोकार्पण

 

 

 

 

 

 

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी। 

             मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। श्री साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

          उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री श्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

           इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक श्री भईया लाल रजवाड़े, श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।

       उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

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राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर जशपुर को राज्य स्तरीय सम्मान कलेक्टर रोहित व्यास होंगे सम्मानित जशपुर बना श्रेष्ठ निर्वाचन जिला।

 

 लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और मतदाता सहभागिता को नई ऊँचाई देने की दिशा में जशपुर जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर जशपुर जिले का चयन “निर्वाचन में तकनीक का प्रभावी उपयोग" श्रेणी के अंतर्गत राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन जिला पुरस्कार के लिए किया गया है। यह सम्मान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास के कुशल नेतृत्व, नवाचारपूर्ण सोच और सतत् प्रशासनिक प्रयासों का प्रतिफल है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ द्वारा यह पुरस्कार कलेक्टर श्री रोहित व्यास को 25 जनवरी 2026 को रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार, इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा।

*तकनीक आधारित नवाचारों से जशपुर ने रचा नया मानक* - 

निर्वाचन के दौरान जशपुर जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी का उल्लेखनीय उपयोग किया गया। ई-प्रणालियों के माध्यम से मतदाता सूची का शुद्धिकरण, डिजिटल निगरानी, ऑनलाइन प्रशिक्षण, सोशल मीडिया के जरिए मतदाता जागरूकता, स्वीप गतिविधियों में तकनीकी नवाचार तथा चुनाव प्रबंधन में आईटी टूल्स के प्रभावी प्रयोग ने जशपुर को राज्य स्तर पर अग्रणी बनाया।

*कलेक्टर श्री व्यास की भूमिका रही निर्णायक* - 

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास ने निर्वाचन कार्य को केवल प्रशासनिक दायित्व न मानते हुए इसे एक जनभागीदारी अभियान के रूप में संचालित किया। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, निर्वाचन अमला, तकनीकी टीम और फील्ड स्तर के कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए तकनीक को आम मतदाता से जोड़ा। यही कारण है कि जशपुर जिले के प्रयासों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।

*जिले के लिए गौरव का क्षण* - 

यह सम्मान न केवल जशपुर जिला प्रशासन के लिए, बल्कि जिले के प्रत्येक मतदाता, अधिकारी-कर्मचारी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सुदूर आदिवासी एवं पहाड़ी अंचलों वाला जशपुर जिला भी तकनीक आधारित सुशासन और लोकतांत्रिक नवाचार में राज्य के लिए मिसाल बन सकता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर मिलने वाला यह राज्य स्तरीय पुरस्कार जशपुर जिले के निर्वाचन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा और भविष्य में और बेहतर, पारदर्शी तथा सहभागी चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रेरणा बनेगा।

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नक्सल छाया के बीच उम्मीद की फसल किसान कोयना ने धान बेचकर खरीदा ट्रैक्टर मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सुशासन की नई रफ़्तार।

 

 

 

   

बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ अब गोलियों की गूँज की जगह ट्रैक्टरों की आवाज़ और फूलों-फलों की महक फैल रही है, क्योंकि किसान आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं से जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं, जिससे क्षेत्र में खुशहाली आ रही है। 

  बस्तर संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में अब गोलियों की गूँज नहीं, बल्कि खेतों में दौड़ते ट्रैक्टरों की आवाज़ विकास की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 'नक्सल मुक्त बस्तर' (लक्ष्य: 31 मार्च 2026) के संकल्प और सुदृढ़ कृषि नीतियों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। सुकमा के ग्राम चिपुरपाल के किसान कोयना बघेल की कहानी इस बदलाव का जीवंत प्रमाण बन गई है।

*48 घंटे में भुगतान: सुशासन का सीधा लाभ*

         छिंदगढ़ जनपद के किसान कोयना बघेल ने जैसे ही बिरसठपाल केंद्र में 50 क्विंटल धान बेचा, 3100 रुपया प्रति क्विंटल की दर से उनकी मेहनत की पूरी कमाई मात्र 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में पहुँच गई। बिचौलियों की समाप्ति और समयबद्ध भुगतान ने किसान को इतना सशक्त बनाया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी से नया 'मैसी फर्गुसन' ट्रैक्टर ट्राली के साथ खरीद लिया।

*हितग्राही श्री कोयना ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी*

          हितग्राही श्री कोयना बघेल ने बताया कि शासन की 31 सौ रुपये में धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी है। इससे हम जैसे छोटे मध्यमवर्गीय किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ। 

*बहुआयामी विकास: खेती भी और स्वरोजगार भी*

         यह बदलाव केवल खेती तक सीमित नहीं है। ट्रैक्टर से कृषि कार्य तेज़ हुए हैं, वहीं किसान पीएम आवास निर्माण में ईंट-बालू की आपूर्ति कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे राजूराम नाग जैसे किसान आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

*किसान की सफलता पर कलेक्टर का भरोसा*

        सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में किसान की यह सफलता मेहनत, धैर्य और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन का प्रमाण है।

छत्तीसगढ सरकार किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों और योजनाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और पूरी सुविधा मिले।

*प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्टर की सीधी निगरानी*

     कलेक्टर के नेतृत्व में सुकमा प्रशासन ने धान खरीदी केंद्रों को 'सुविधा केंद्रों' में बदल दिया है। जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता के कारण किसानों को टोकन से लेकर भुगतान तक कहीं भटकना नहीं पड़ रहा है। कलेक्टर के अनुसार, शासन-प्रशासन और किसानों का समन्वय ही ज़मीनी बदलाव की असली चाबी है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर जैसे इलाके, जो कभी नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब कृषि क्रांति देख रहे हैं, जहाँ कृषि विभाग की योजनाओं, जल संरक्षण और तकनीकी सहायता ने खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर नितिन नबीन का बगीचा में जश्न।

 

 

 

 

हम सबके प्रेरणास्रोत तथा भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रभारी नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री मुकेश शर्मा के नेतृत्व में भाजपा मंडल बगीचा द्वारा बस स्टैंड परिसर में आतिशबाजी कर एवं मिठाई वितरण कर खुशी का इजहार किया गया।

कार्यकर्ताओं ने नितिन नबीन के नेतृत्व को संगठन के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसे पार्टी के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाइयाँ दीं और पार्टी की नीतियों एवं संगठन की मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर भाजपा मंडल के पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।

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विश्वशांति की अलख लेकर जशपुर पहुँची विश्व पदयात्री टीमकलेक्टर रोहित व्यास से की सौजन्य भेंट

 

 विश्वशांति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर देश-विदेश में पदयात्रा कर चुकी विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम के चार सदस्य इन दिनों जशपुर प्रवास पर हैं। इस दौरान टीम के सदस्य श्री अवध बिहारी लाल, श्री जितेन्द्र प्रताप, श्री महेन्द्र प्रताप एवं श्री गोविन्दानन्द ने कलेक्टर श्री रोहित व्यास से कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पदयात्री दल ने राष्ट्रध्वज के साथ फोटो भी खिंचवाया और अपनी अब तक की उपलब्धियों एवं उद्देश्यों से कलेक्टर को अवगत कराया। विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम जशपुर जिले में 8 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक प्रवास पर है। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और जशपुर जिले में उनके कार्यक्रमों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

 दल के सदस्यों ने बताया कि वे भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु “डेन्जर्स रेलवेंचर्स स्पोर्ट्स लॉन्गेस्ट वर्ल्ड टूर ऑन फुट जर्नी” अभियान के अंतर्गत देश-विदेश में पदयात्रा कर रहे हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर यह टीम अब तक 11 देशों में लगभग 4 लाख 52 हजार किलोमीटर की विश्वशांति पदयात्रा कर चुकी है। साथ देश के विभिन्न जनपदों में पदयात्रा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी कर चुकी है। वर्ष 2018 में टीम ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा भी सफलतापूर्वक पूरी की थी। पदयात्री दल ने बताया कि अब तक उनकी पहल से देशभर में लगभग 14 करोड़ 50 लाख पौधों का रोपण कराया जा चुका है।

टीम स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण, जल-वन संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर संगोष्ठी एवं व्याख्यान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 600 जनपदों की यात्रा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पदयात्रा पूर्ण की जा चुकी है। दल के प्रमुख श्री जितेन्द्र प्रताप ने अपने प्रेरक अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस विश्वशांति पदयात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 1980 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से हुई थी। एक भयावह बाढ़ के दौरान उनके साथी श्री अवध बिहारी लाल कई घंटों तक बरगद के वृक्ष से लटके रहकर जीवन और मृत्यु से जूझते रहे, जिन्हें बाद में सेना एवं रेस्क्यू टीम ने बचाया। उसी घटना के बाद उन्होंने पर्यावरण, जल, वन संरक्षण एवं जनजागरूकता को जीवन का लक्ष्य बनाकर यह ऐतिहासिक यात्रा प्रारंभ की। इस अभियान के दौरान उनके एक साथी की शहादत भी हो चुकी है।

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आदि लोकोत्सव जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व में हुए शामिल।

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।

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राज्यपाल रमेन डेका ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का किया शुभारंभ युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान।

 

 

 राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। 

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।

इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद के फैसले: तेंदूपत्ता से लेकर ऑटो एक्सपो तक कई बड़े निर्णय, राज्य को मिलेगा आर्थिक लाभ।

 

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा लाभ वनवासी, किसान, मिलर्स, उद्योग, वाहन खरीदार और शासन की वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत

मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की।

मोटे अनाज को बढ़ावा

कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण एवं बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

वनोपज के लिए 30 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण

अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन के लिए लघु वनोपज संघ को एकमुश्त 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया गया।

राज्य शासन पर वित्तीय बोझ होगा कम

अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर के पांच निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण अदायगी के लिए 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया।

इससे प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये के ब्याज व्यय की बचत होगी और 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी।

उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन बढ़ा

उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई। साथ ही, प्रोत्साहन की पात्रता के लिए न्यूनतम मिलिंग अवधि 3 माह से घटाकर 2 माह कर दी गई।

औद्योगिक विकास नीति में संशोधन

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञ नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र से जुड़ी विसंगतियां दूर होंगी। इससे निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी और स्थायी रोजगार सृजन होगा।

ऑटो एक्सपो में वाहन खरीद पर बड़ी छूट

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो में बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया। यह छूट पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं पर लागू होगी।

राइस मिलर्स को राहत

कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया।

पुलिस व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नया पद (लेवल-14) एक वर्ष के लिए स्थायी रूप से सृजित करने की स्वीकृति दी गई।

साथ ही रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया।

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पीएम जनमन के तहत आदिवासी अंचलों तक पहुँचेगी स्वास्थ्य सेवा, मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को दिखाई हरी झंडी

 

 

 

दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सुविधाएँ लोगों के घर-आँगन तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के अंतर्गत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले आदिवासी परिवारों को इलाज और जाँच के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे गाँवों और बसाहटों तक पहुँचेंगी। उन्होंने इसे आदिवासी समुदायों की स्वास्थ्य सुरक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के करीब 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों की 2100 बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होंगी।

इन सर्वसुविधायुक्त 57 मोबाइल मेडिकल यूनिटों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। यूनिटों में 25 प्रकार की जाँच सुविधाएँ तथा 106 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी।

मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग, सीजीएमएससी तथा सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उन सुदूर वनांचलों के लिए शुरू की गई हैं, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सीमित रही है। आज पूरे प्रदेश को 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट समर्पित की गई हैं, जो जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगी।

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को इन यूनिटों के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक शीघ्र पहुँचाया जा सकेगा। प्रत्येक यूनिट हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी, जिसमें जाँच, उपचार और दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि अब तक संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। नए वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता से यह व्यवस्था अब लगातार संचालित होगी। इससे टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम संभव हो सकेगी।

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ऑपरेशन शंखनाद: गौवंश मांस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, 7 किलो मांस जब्त

 

 

चौकी सोनक्यारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तालासिली में गौवंश वध के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से 7 किलो गौवंश मांस बरामद किया गया है। एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

प्रकरण के अनुसार, दिनांक 25.12.2025 को प्रार्थी छवि यादव (35 वर्ष), निवासी ग्राम छून्दरूपाठ, ने चौकी सोनक्यारी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24.12.2025 की शाम ग्राम तालासिली निवासी सरीफ तिग्गा, इशाक तिग्गा, घनश्याम यादव एवं एक अन्य व्यक्ति उसके पड़ोसी खुलेश्वर यादव के पास बछड़ा खरीदने आए थे। प्रार्थी द्वारा बछड़ा बेचने से मना करने के बावजूद, आरोपी पुनः आकर बछड़ा खरीदकर ले गए।

अगले दिन सुबह खेत के पास झाड़ी में भारी मात्रा में खून मिलने पर संदेह हुआ कि किसी बड़े पशु का वध किया गया है। पूछताछ पर खुलेश्वर यादव ने आरोपियों द्वारा बछड़ा ले जाने की पुष्टि की।

रिपोर्ट पर चौकी सोनक्यारी में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा ग्राम तालासिली में सरीफ तिग्गा के घर की तलाशी लेने पर 7 किलो मांस बरामद हुआ। पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण में मांस गौवंश का पाया गया।

इसके बाद पुलिस ने सरीफ तिग्गा (30 वर्ष),इशाक तिग्गा (50 वर्ष),घनश्याम यादव (32 वर्ष) तीनों निवासी ग्राम तालासिली, चौकी सोनक्यारी, थाना सन्ना, जिला जशपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। एक आरोपी फरार है, जिसे चिन्हित कर लिया गया है और शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोनक्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव सिंह, आरक्षक नरेंद्र यादव, बाबूलाल भगत एवं नगर सैनिक शिवशंकर रवि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश वध के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान, इसका संरक्षण हम सबका दायित्व : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 

 

अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के 73वें स्थापना दिवस एवं संस्थापक बाला साहब देशपांडे की जयंती के अवसर पर आज कल्याण आश्रम विद्यालय परिसर में वार्षिकोत्सव एवं स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी रहे।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान है और इसे सहेजना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। बाला साहब देशपांडे का जनजातीय समाज की संस्कृति, कला और जीवनशैली के संरक्षण में योगदान अविस्मरणीय है। आज वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में आदिवासी समाज के उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति पूजक रहा है। वृक्ष, पर्वत, नदियां, धरती माता और गौमाता की पूजा आदिवासी संस्कृति की विशेषता रही है। आज आदिवासी खान-पान और जैविक खेती को पूरी दुनिया अपना रही है। कोदो-कुटकी जैसे पोषक अनाजों का वैश्विक महत्व लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों को नमन किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर आदिवासी समाज के योगदान को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कर जनजातीय इतिहास और संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि नागपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्री गजानन असोले एवं देवमंगल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव श्री गोविंद नारायण सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कार्यक्रम में लोक कला संगम के अंतर्गत 150 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जनजातीय लोकनृत्य एवं मलखंभ प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग में शबनम बाई को प्रथम, संदीप को द्वितीय और ओंकार राम भगत को तृतीय पुरस्कार मिला। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कैलाश चौहान को प्रथम, गुंजी भगत को द्वितीय तथा कमला बाई को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का किया लोकार्पण।

 

 

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल शताब्दी वर्ष के अंतर्गत प्रदेशभर के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें जशपुर जिले के जशपुर जिला मुख्यालय स्थित संग्रहालय परिसर सहित पत्थलगांव, कुनकुरी, कोतबा और बगीचा के अटल परिसर शामिल हैं।

जशपुर जिला संग्रहालय में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत ने प्रतीकात्मक रूप से अटल परिसर का लोकार्पण किया तथा भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने अटल जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व बहुआयामी और प्रेरणादायी था। वे कुशल राजनेता होने के साथ-साथ कवि, पत्रकार, लेखक और संवेदनशील चिंतक थे। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से शहरों से लेकर गांवों तक सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया, जिससे विकास को नई गति मिली। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन अटल जी की दूरदर्शिता का परिणाम है और राज्य उनके सपनों के अनुरूप निरंतर प्रगति कर रहा है। सरकार वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच से छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया और आज विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए अटल जी के योगदान को याद किया तथा छत्तीसगढ़ निर्माण में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। वे छत्तीसगढ़ राज्य के सच्चे निर्माता थे और अटल परिसर का लोकार्पण सभी के लिए गौरव का विषय है। नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव ने अटल जी की प्रसिद्ध कविता का पाठ कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, पूर्व विधायक जागेश्वर भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण राजेश गुप्ता, देवधन नायक, कंचन बैरागी, विजेता भगत, शशि भगत, विनोद निकुंज, कमला बाई, शैलेंद्री यादव, सुधीर पाठक, द्वारिका मिश्रा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, नगर पालिका जशपुर के सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय, सहायक अभियंता कैलाश खरोले, शारदा प्रधान, रजनी प्रधान, कृपाशंकर भगत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

रंगीन रोशनी, फव्वारा और प्रेरक कविताओं से सजा अटल परिसर बनेगा प्रेरणा का केंद्र

जिला संग्रहालय परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल परिसर को आकर्षक एवं भव्य स्वरूप दिया गया है। परिसर में आधुनिक रंगीन लाइटिंग, सुव्यवस्थित गार्डन और आकर्षक फव्वारा स्थापित किया गया है। साथ ही बैकवाल पर अटल बिहारी वाजपेयी के छायाचित्र, उनकी प्रेरणादायी कविताएं और विचार कलात्मक रूप से अंकित किए गए हैं।

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जमीन विवाद में बलवा मारपीट करने वाले 09 आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस का फ्लैग मार्च

 

 

 

चौकी कोतबा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खजरीढाब में जमीन विवाद को लेकर हुए बलवा व मारपीट के मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मारपीट में प्रयुक्त 06 लाठी-डंडे भी जप्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 298, 351(2), 333, 115(2), 109(1), 190(1) एवं 191 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया। वर्तमान में स्थिति सामान्य है और पुलिस लगातार निगरानी रखे हुए है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—

भद्दे राम यादव (52 वर्ष)

खीत्रो मणि यादव (52 वर्ष)

तलेश्वर यादव (34 वर्ष)

महेश्वर यादव (48 वर्ष)

ललित यादव (52 वर्ष)

जागेश्वर यादव (45 वर्ष)

आगेश्वर यादव (32 वर्ष)

रुशि यादव (52 वर्ष)

गोपी यादव (26 वर्ष)

सभी निवासी ग्राम खजरीढाब, चौकी कोतबा, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़)।

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक बृजेश यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जमीन विवाद में कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है और सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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