प्रदेश
सिमड़ा ग्राम पंचायत में ग्रामवासियों ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश में सुशासन तिहार के तहत ग्राम पंचायतों और नगरीय में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में दुलदुला विकास खंड के ग्राम पंचायत सिमड़ा में सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में सामूहिक स्वच्छता श्रमदान किया गया जिसमें समस्त अधिकारी कर्मचारी ग्राम पंचायत के ग्रामीण एवं जनप्रधिनिधि उपस्थित रहे।
स्वच्छता अभियान के तहत गांव के परिसर की साफ सफाई की गई और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश के मात्र 3 दिन भीतर बच्चों को मिली क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन तिहार के दौरान 03 मई को दिए गए निर्देशों पर त्वरित अमल करते हुए प्रशासन ने आज ग्राम भैंसामुड़ा गांव के बच्चों को क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस वितरित की। मुख्यमंत्री के निर्देशों का इतने कम समय में पालन होने पर खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने लिए बड़ी सौगात बताया। मुख्यमंत्री श्री साय अपने जशपुर जिला प्रवास के दौरान पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल मैदान पहुंचे थे।
यहां उन्होंने बच्चों को क्रिकेट खेलते देखा और उनके उत्साह से प्रभावित होकर स्वयं मैदान में उतरकर बच्चों के साथ क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी खेल के प्रति रुचि और नियमित अभ्यास के बारे में जानकारी ली। बच्चों में खेल के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के बच्चों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गांव में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की थी।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज बच्चों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई। सामग्री मिलने के बाद खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला और उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का बच्चों के बीच पहुंचना और उनके साथ समय बिताना गांव के खिलाड़ियों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है। गांव के सरपंच रोशन प्रताप सिंह एवं समाजसेवी रम्मू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केवल क्रिकेट किट ही नहीं दी, बल्कि ग्रामीण बच्चों के सपनों को नई पहचान और उड़ान देने का काम किया है। उन्होंने बताया कि खेल सामग्री और प्रस्तावित मिनी स्टेडियम से गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों के ई-के वाय सी कार्य में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-के वाय सी पूर्ण कर लिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ ने केरलम, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे छोटे राज्यों तथा कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ;मनरेगा के तहत श्रमिकों की ई.केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में लगभग 56.87 लाख से ज्यादा मजदूरों की डिजिटल वेरिफिकेशन (e-KYC) पूरी की गई है जो भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। यह डिजिटल प्रक्रिया फर्जी जॉब कार्डों को हटाने और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी पहुंचाने में मदद कर रही है।
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के सतत नेतृत्व, मॉनिटरिंग और प्रभावी रणनीति का परिणाम है। राज्य में योजनाबद्ध ढंग से अभियान चलाकर ई-के वाय सी की प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को समयबद्ध रूप से इससे जोड़ा जा सका।
रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 58 लाख से अधिक सक्रिय श्रमिकों में से 56 लाख से अधिक का ई-के वाय सी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण एवं उन्हें योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ई-के वाय सी के माध्यम से श्रमिकों को समय पर भुगतान एवं योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ई-के वाय सी से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगी है, बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में भी पारदर्शिता आई है। श्री शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि शेष लंबित प्रकरणों को भी शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश को 100 प्रतिशत e-KYC (ई - के वाय सी) लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए।
प्रदेश में चलाए गए विशेष अभियान, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से यह सफलता हासिल हुई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।
बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा 10 दिनों में 6.39 लाख से निःशुल्क उपचार
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बस्तर संभाग के घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों और दूरस्थ बसाहटों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक साफ महसूस की जा रही है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी और अनिश्चितता ही विकल्प थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के दस दिन पूरे होते-होते यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सफल हो रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगा रही है।
अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में तत्काल राहत मिली है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की गई है। अब तक 8055 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजकर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है।
जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से इन बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है, साथ ही गंभीर स्थितियों को टालने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी।
इसके साथ ही लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आगे भी इलाज की निरंतरता बनी रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध हो सके। अब बस्तर के सुदूर गांवों में भी लोग इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके द्वार तक पहुंच रही हैं। यही बदलाव इस अभियान को खास बना रहा है।
NHAI ने 3,147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू किया, जशपुर को मिलेगा बड़ा लाभ।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के लिए बड़ी सौगात के रूप में रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर के अंतर्गत पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा NH-43 तक 3,147 करोड़ रुपए की लागत वाली सड़क परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतार दिया गया है, जिससे जशपुर जिले की कनेक्टिविटी और विकास को नई गति मिलेगी।
यह कॉरिडोर 627 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। वर्तमान में 104.250 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर तेजी से निर्माण कार्य जारी है, जो इस परियोजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इस खंड में कुल 382 छोटी-बड़ी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर, 1 एलीवेटेड वायडक्ट, 10 वेहिकुलर अंडरपास, 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास, 26 स्मॉल वेहिकुलर अंडरपास, 21 पैदल व मवेशी अंडरपास तथा 278 बॉक्स पुलिया शामिल हैं। इससे मार्ग पूरी तरह बाधारहित और सुरक्षित बनेगा।
परियोजना निदेशक डीडी पार्लावर के अनुसार, यह खंड रायपुर-धनबाद कॉरिडोर की रीढ़ है और इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने से छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
जशपुर जिले के लिए यह परियोजना किसी लाइफलाइन से कम नहीं होगी। यह मार्ग पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर जैसे प्रमुख नगरों को सीधे जोड़ते हुए क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा। साथ ही, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक शहरों को झारखंड के धनबाद से जोड़कर व्यापारिक सुगमता बढ़ाएगा।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से यात्रा समय, ईंधन और परिवहन लागत में कमी आएगी, वहीं दुर्घटनाओं और प्रदूषण में भी कमी होने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे जशपुर सहित पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जशपुर में प्लेन क्रैश की अफवाह, प्रशासन की सर्चिंग जारी, क्रैश की कोई पुष्टि नहीं
जशपुर जिले के नारायणपुर क्षेत्र के पहाड़ों में कथित प्लेन क्रैश की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक विमान को कम ऊंचाई पर उड़ते हुए पहाड़ों की ओर जाते देखा, जो कुछ देर बाद ओझल हो गया। इसके बाद पहाड़ों के बीच से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया, जिससे प्लेन क्रैश की आशंका जताई जाने लगी।
सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सघन सर्चिंग अभियान शुरू किया गया। हालांकि देर शाम तक पहाड़ों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक खोजबीन के बावजूद किसी भी प्रकार के विमान हादसे या मलबे के प्रमाण नहीं मिले हैं।
बताया जा रहा है कि जिस पहाड़ी क्षेत्र में घटना की आशंका जताई जा रही थी, वह नारायणपुर के बरडांड गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर ऊंचाई पर स्थित अत्यंत दुर्गम इलाका है। इसके बावजूद प्रशासन की टीम लगातार जंगलों और पहाड़ी इलाकों में पहुंचकर सर्चिंग में जुटी हुई है। घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और प्रशासन के साथ मिलकर खोजबीन में सहयोग करते रहे।
प्रशासन ने एहतियातन रेस्क्यू के लिए पुलिस और मेडिकल टीम को भी तैनात कर दिया है।
कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि सूचना मिलते ही पूरी टीम को सर्चिंग में लगाया गया है। साथ ही उड़ीसा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया गया है, जहां अब तक किसी भी विमान के संपर्क टूटने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एहतियातन पूरी रात सर्चिंग अभियान जारी रहेगा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर आगमन, हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचे, जहां पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर आमजनों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी पहुंचे।
मुख्यमंत्री के आगमन पर जनजातीय समुदाय के सदस्यों ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साहपूर्ण हो उठा।
इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
इसके अलावा सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह सहित अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
इसरो की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ से जशपुर में विज्ञान की नई उड़ान।
जशपुर जिले में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने बच्चों में नई ऊर्जा भर दी है। रणजीता स्टेडियम, जशपुर में आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की इस विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस का आगमन हुआ, जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह और अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े विभिन्न मॉडलों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं—अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी—ने आत्मविश्वास के साथ चंद्रयान, मंगलयान, PSLV और GSLV सहित विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों की कार्यप्रणाली को सरल भाषा में समझाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों की वैज्ञानिक समझ और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक आज विकास की आधारशिला हैं और “स्पेस ऑन व्हील्स” जैसे प्रयास ग्रामीण बच्चों में नवाचार और जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले में स्पेस ऑन व्हील्स के माध्यम से जागरूकता फैलाने वाले 17 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका का वितरण भी किया।
जिले के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप “अन्वेषण” कार्यक्रम के तहत इस पहल का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर रोहित व्यास की पहल और विज्ञान भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम जिले के सभी विकासखंडों में संचालित होगा। 7 अप्रैल से प्रारंभ यह अभियान 14 दिनों तक विभिन्न विद्यालयों में चल रहा है और प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी दी जा रही है। इस अभियान से 10,000 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
क्या है ‘स्पेस ऑन व्हील्स’
“स्पेस ऑन व्हील्स” इसरो की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है, जिसे विशेष रूप से एक बस के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान को सीधे छात्रों और आमजन तक पहुंचाना है, खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में। इसमें रॉकेट, उपग्रह, रिमोट सेंसिंग, कम्युनिकेशन और नेविगेशन तकनीकों के मॉडल, ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले और इंटरएक्टिव पैनल के माध्यम से जानकारी दी जाती है।
वैज्ञानिक सोच और करियर के लिए प्रेरणा
यह पहल केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित भी कर रही है। विशेषज्ञों और शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को नई दिशा मिल रही है, जिससे वे भविष्य में वैज्ञानिक विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
जशपुर में “स्पेस ऑन व्हील्स” का आगमन न केवल एक प्रदर्शनी, बल्कि युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला अभियान बन गया है, जो जिले को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ड्रोन दीदी योजना से जशपुर की महिलाएं भरेंगी आर्थिक उन्नति की उड़ान।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज रणजीता स्टेडियम जशपुर में जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। इस दौरान “लखपति दीदी” पहल के अंतर्गत महिलाओं को “ड्रोन दीदी” योजना के तहत ड्रोन एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और अपनी आय में वृद्धि करें। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से कृषि कार्यों को आसान बनाते हुए आर्थिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार झा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के आय संवर्धन के साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से सशक्त बनाना है। सॉयल टेस्टिंग मशीन के माध्यम से अब मिट्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों की त्वरित और सटीक जांच संभव हो रही है, जिससे संतुलित उर्वरक उपयोग, भूमि की गुणवत्ता में सुधार तथा फसल उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।
जहां गूंजता था लाल आतंक, वहां सजी बाल चौपाल: बस्तर में बदलाव की नई तस्वीर, बस्तर में बच्चों की मुस्कान बनी बदलाव की पहचान।
एक समय नक्सल प्रभावित रहे बस्तर अंचल की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। जहां कभी लाल आतंक का साया था, वहीं अब बच्चों की हंसी और उम्मीदों की गूंज सुनाई दे रही है। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुर्गकोंडल क्षेत्र में आयोजित “बाल चौपाल” इस बदलाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत भी शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझा गया।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी विकास और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
बाल चौपाल में बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। “गुड टच और बैड टच” जैसे संवेदनशील विषय को सरल तरीके से समझाया गया, जिसे बच्चों ने गंभीरता से समझते हुए अपनी जागरूकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम की खासियत यह रही कि बच्चों को खेल-खेल में नैतिक शिक्षा दी गई। अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को रोचक गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई, जिससे जरूरत पड़ने पर वे सहायता ले सकें।
इस दौरान डिजिटल सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी सामने आया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिला शिक्षा अधिकारी से समन्वय कर आगामी सत्र से डिजिटल शिक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यह बाल चौपाल बदलते बस्तर की नई कहानी है, जो दिखाती है कि सामूहिक प्रयासों से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
कार्यक्रम के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, डॉ. वर्णिका शर्मा और शालिनी राजपूत ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों और उनके परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने उनके पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के प्रयासों की जानकारी ली।
शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अनावरण।
सरगुजा प्रवास के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। उनके आदर्श आज भी युवाओं को देश के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देते हैं।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चन्देल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत, सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी सरगुजा दीपक झा, कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुएमुख्यमंत्री विष्णु देव साय बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र।

BY जशपुर जंक्शन,15 मार्च
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।

BY जशपुर जंक्शन,07 मार्च
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
बच्चा चोरी के अफवाह से पुलिस आई हरकत में,पुलिस की जांच में संदिग्ध निकला मानसिक रूप से अस्वस्थ।
जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र से एक अहम मामला सामने आया है, जहां दो छोटे बच्चों को साथ लेकर जा रहे एक व्यक्ति को ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस जांच में मामला स्पष्ट हो गया कि मामला बच्चा चोरी का नहीं है।
जानकारी के अनुसार बगीचा रोहित सोनी के दो बच्चे—एक 3 वर्षीय बच्ची और 7 वर्षीय बालक—घर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति बस्ती में पहुंचा और बच्चों को अपने साथ लेकर मुख्य मार्ग की ओर जाने लगा। परिजनों को जब बच्चे आसपास नहीं दिखे तो उन्होंने खोजबीन शुरू की।
करीब एक किलोमीटर दूर तहसील चौक के पास दोनों बच्चे उसी व्यक्ति के साथ दिखाई दिए। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और संदिग्ध व्यक्ति को रोक लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और व्यक्ति को थाने ले जाकर जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ (विक्षिप्त) है और पिछले लगभग दो वर्षों से बगीचा क्षेत्र के बाजार डांड में रह रहा है। वह इधर-उधर घूमकर भीख मांगकर अपना जीवन यापन करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार उसे बच्चों से विशेष लगाव है और वह अक्सर बच्चों को देखकर उनसे हंसी-मजाक करने की कोशिश करता है। वह बोलने में असमर्थ है और इशारों के माध्यम से ही संवाद करता है।पिछले दो वर्षों में कभी भी संदिग्ध परिस्थितियों में उसे नहीं देखा गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला चोरी का नहीं बल्कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की हरकत का प्रतीत होता है। बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और क्षेत्र में लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दें, लेकिन अफवाहों से बचें,अफवाहों में आकर कोई भी कानून हाथ में न लें।
श्रीराम कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से गूंज रही रामकथा, भक्ति में डूबा कुनकुरी
कुनकुरी में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में आज पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय श्रद्धाभाव से शामिल हुए। सालियाटोली मिनी स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित इस दिव्य आयोजन में उनके साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी उपस्थित रहीं। दोनों ने परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापू से आशीर्वाद ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र को आत्मसात करने का संदेश देते हुए कहा कि रामकथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणा है।
छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं प्रभु श्रीराम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुनकुरी की यह पावन भूमि आज धन्य हो गई है। पूरा वातावरण ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गुंजायमान है और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल होने के कारण यहां के कण-कण में राम बसते हैं।
उन्होंने वनवास काल का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने अपना अधिकांश समय दंडकारण्य और छत्तीसगढ़ के अंचलों में बिताया। यहां आज भी सीता रसोई जैसे पौराणिक स्थल इस इतिहास के साक्षी हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा देश के लिए गौरव का क्षण है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं।
रामभक्ति का अद्भुत संगम उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रामकथा की अमृतमयी धारा में जनमानस सराबोर होकर भक्ति रस का आनंद ले रहा है। विशेष रूप से रामनामी समाज की भक्ति परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका समर्पण अद्वितीय है।
इस अवसर पर रोहित व्यास, लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
08 अप्रैल तक चलेगी रामकथा की पावन धारा
02 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा 08 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होगी। इस आयोजन को लेकर कुनकुरी सहित पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।
भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह आयोजन क्षेत्र में अद्भुत धार्मिक चेतना का संचार कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूत करने का संदेश,भाजपा स्थापना दिवस पर बगिया में फहरा पार्टी का ध्वज
भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निज निवास बगिया में पार्टी का ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा की विचारधारा, राष्ट्र सेवा और संगठन की मजबूती पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित पार्टी है, जो देशहित और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन को और सशक्त बनाएं तथा आम जनता की सेवा में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटे रहें।
कार्यक्रम में सुनील गुप्ता, ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और संगठन के प्रति समर्पण का माहौल देखने को मिला।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान।
'प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती'- यह कहावत 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026' में सच साबित हुई, जहां कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। उनकी यह सफलता अब सिर्फ़ पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के कुश्ती के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभरने का प्रतीक है। अफ़्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में कर्नाटक के 9 पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी (68 किग्रा) शामिल हैं जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे।
सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन से कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
ममता ने कहा, ''जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते हैं। पिछले कुछ समय से इस समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं।
उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले से आने वाले पुरुष पहलवान रोहन एम. डोड़ामणि भी इसी समुदाय से आते हैं। डोड़ामणि की मां सरकारी स्कूल में खाना पकाती हैं जबकि पिता का छह साल पहले ही देहांत हो चुका है।
रोहन ने कहा, “सिद्दी समुदाय के अंदर समय-समय पर छोटे दंगल होते रहते हैं और जो इनमें जीतता है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में स्वर्ण जीतने से पहले मैं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, नेशनल गेम्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी भाग ले चुका हूं।''
देश में खिलाड़ियों के अंदर छिपी प्रतिभा की पहचान करने और उन्हें एक बेहतर मंच देने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और खेल मंत्रालय ने मिलकर 2018 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरुआत की थी। उसके बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत हुई है।
साई के टैलेंट डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य महा सिंह राव कहते हैं, '' साई और खेल मंत्रालय की तरफ से हम कम उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करते हैं ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि 2036 ओलंपिक खेल भारत में हो, उस सपने को साकार करने के लिए ये सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री के अलावा खेल मंत्री, साई और हम इस सपने को साकार करने में लगे हुए हैं कि आगे आने वाले ओलंपिक खेलों में हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते।''
उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से आने वाली शालिना सेयर सिद्दी ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद कहा, ''हमारे समुदाय में कुश्ती को लेकर अब लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैंने अपने अंकल के कहने पर कुश्ती शुरू की थी और शुरू से ही वह मुझे ट्रेनिंग देते आ रहे हैं। मैंने इस प्रतियोगिता के लिए मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और मैं स्वर्ण जीतने से चूक गई।''
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से ही आने वाली प्रिंसिता सिद्दी ने कहा, ''शुरुआत में मुझे कुश्ती में दिलचस्पी नहीं थी और मैं बहुत रोई थी। लेकिन फिर धीरे-धीरे जब हमारे समुदाय के बच्चे इसमें भाग लेने लगे तो उन्हें देखकर मैं भी प्रैक्टिस करने लगी। यहां तक पहुंचने के लिए मैं शाम-सुबह दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। मुझे इंटरनेशनल लेवल पर मेडल लाना है और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।''
इन पहलवानों की सफलता इस बात को सिद्ध करती है कि जब सही मंच, ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलता है, तो दूरदराज के समुदायों से भी प्रतिभाएं शिखर तक पहुंच सकती हैं और भारत के खेल भविष्य को आकार दे सकती हैं।
रात में मछुआरे का काम करने वाले अब्दुल फताह की छलांग ने लक्षद्वीप एथलेटिक्स के लिए एक नया अध्याय लिखा।
अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं, जहां वे मछुआरे बनकर अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक एक अलग सपने का पीछा करते हुए लक्षद्वीप को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' 2026 में पहला मेडल दिलाया।
कवरत्ती और कदमत द्वीपों के बीच स्थित, दूरदराज के अमीनी द्वीप जो लगभग 2.7 किमी लंबा और 1.2 किमी चौड़ा है, और जिसका कुल भू-क्षेत्रफल 2.60 वर्ग किमी है के 18 वर्षीय लॉन्ग जम्पर ने जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में 7.03 मीटर की अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह इस छोटे से केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। केंद्र शासित प्रदेश के खेल अधिकारी अहमद जावेद हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है और यह वाकई एक खास बात है।''
मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बँटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया।फताह ने कहा, '' कोई और चारा नहीं है, आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है। जब मैं स्कूल में था, तभी से मैं अपने पिता की मछली पकड़ने के काम में मदद करता आ रहा हूँ। यही हमारी आमदनी का एकमात्र ज़रिया है। हमारे परिवार में छह लोग हैं। सुबह मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए जाता हूँ; मेरे परिवार को इस बारे में पता है, भले ही वे इस खेल के बारे में बहुत कम समझते हों।''
दिलचस्प बात यह है कि एथलेटिक्स उनका पहला प्यार नहीं था। फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे, जैसा कि द्वीप के कई दूसरे युवा करते थे। हालांकि, कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया। तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढाँचा मिला।
फताह और कई अन्य युवा एथलीटों को धीरे-धीरे कोचिंग की मदद दी गई, जिससे उन्हें ज़्यादा व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। सिर्फ़ दो सालों में, एसोसिएशन ने लगभग 384 एथलीटों को तैयार किया। इस समूह में से, 17 एथलीटों को गेम्स में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। जगदलपुर में फत्ताह की 7.03 मीटर की गोल्ड-विनिंग जंप, वहां के हालात को देखते हुए, खास तौर पर संतोषजनक थी। ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने बताया था कि उनकी जंप आमतौर पर 6.5 से 6.7 मीटर के आस-पास रहती है। उन्होंने कहा. '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आने से पहले, मैंने अपने लिए 7.15 मीटर तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। मुझे खुशी है कि मैं सात मीटर का आँकड़ा पार कर पाया, और यह गोल्ड मेडल मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा,”
लक्षद्वीप धीरे-धीरे भारत के एथलेटिक्स के नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश की सबसे जानी-मानी एथलीटों में से एक हैं मुबस्सिना मोहम्मद, जो 19 साल की लॉन्ग जंपर और हेप्टाथलीट हैं। कुवैत में हुए 2022 एशियन U18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर वह लक्षद्वीप की पहली इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनीं। उन्होंने महिलाओं की लॉन्ग जंप में 6.30 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ जूनियर नेशनल टाइटल भी जीता।
मुबस्सिना की तरह, फताह भी बिना किसी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा के ट्रेनिंग करते हैं। लक्षद्वीप, जो सिर्फ़ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और जिसकी आबादी 70,000 से भी कम है, वहां अभी तक कोई ठीक-ठाक सिंथेटिक ट्रैक या एथलेटिक्स स्टेडियम नहीं है। नतीजतन, कई एथलीट मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते हैं, जबकि फत्ताह अक्सर अपने स्प्रिंट इवेंट्स की ट्रेनिंग के लिए पास के एक फुटबॉल मैदान का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और दूसरे नेशनल लेवल के मुकाबलों में हमारी सफलता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि हमारे लिए हालात बदलेंगे। हो सकता है कि हमें कुछ नौकरियाँ और ट्रेनिंग की सुविधाएँ मिल जाएं.''
गढ़पहाड़ की गुफा में मिली हजारों साल पुरानी सभ्यता की झलक, जयमरगा बना प्रागैतिहासिक धरोहर का केंद्र
प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहचाने जाने वाले जशपुर जिले में अब प्रागैतिहासिक सभ्यता के महत्वपूर्ण प्रमाण भी सामने आए हैं। जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम जयमरगा स्थित गढ़पहाड़ की गुफा में आदिमकालीन शैलचित्र मिलने से यह क्षेत्र पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है। यह खोज इस बात के स्पष्ट संकेत देती है कि हजारों वर्ष पूर्व यहां आदिमानवों का निवास रहा होगा और उन्होंने अपने जीवन, शिकार और परिवेश को इन चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
जंगल और पहाड़ों के बीच छिपा है इतिहास
जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित जयमरगा ग्राम, ग्राम पंचायत डड़गांव का आश्रित गांव है, जिसकी आबादी लगभग 1400 है। गांव तक पहुंचने के लिए सड़क सुविधा उपलब्ध है, लेकिन गुफा तक पहुंचने के लिए गढ़पहाड़ पर करीब 300 मीटर की कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है। घने जंगलों और प्राकृतिक वातावरण से घिरा यह क्षेत्र अपने भीतर हजारों साल पुराना इतिहास समेटे हुए है।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह गुफा आस्था का केंद्र भी है, जहां वे पूजा-अर्चना करते हैं। अब यह स्थल धार्मिक के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी प्राप्त कर चुका है।
शैलचित्रों में दर्ज है आदिमानव का जीवन
पुरातत्त्ववेत्ता डॉ. अंशुमाला तिर्की और बालेश्वर कुमार बेसरा के अनुसार, जयमरगा क्षेत्र प्रागैतिहासिक स्थलों से समृद्ध है। यहां के पहाड़, जंगल और समीप बहने वाले जल स्रोत आदिमानवों के लिए आदर्श निवास स्थल रहे होंगे।
गुफा में बने शैलचित्रों में—
मानव आकृतियों के समूह
शिकार करते हुए दृश्य
पशु आकृतियां जैसे बैल, तेंदुआ और हिरण
विभिन्न ज्यामितीय आकृतियां और रहस्यमयी चिन्ह
इन चित्रों में लाल और सफेद रंग का उपयोग किया गया है, जो संभवतः हेमाटाइट पत्थर से तैयार किए गए थे। इन चित्रों की शैली से यह भी संकेत मिलता है कि ये अलग-अलग कालखंडों में बनाए गए हैं।
मध्य पाषाण काल के उपकरणों की भी पुष्टि
इस स्थल से मध्य पाषाण काल (Mesolithic Period) के माइक्रोलिथिक उपकरण भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लुनैट, स्क्रैपर, पॉइंट, ट्रैपेज, साइड स्क्रैपर और ब्लेड शामिल हैं। ये उपकरण शिकार, काटने और अन्य दैनिक कार्यों में उपयोग किए जाते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गुफा केवल निवास स्थल नहीं बल्कि एक रणनीतिक स्थान भी रही होगी, जहां से आदिमानव ऊंचाई पर बैठकर शिकार के लिए जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखते थे।
संरक्षण और शोध की जरूरत
इतिहास और पुरातत्व के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण इस स्थल पर अभी तक व्यापक स्तर पर संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है। यदि समय रहते इस गुफा और शैलचित्रों को संरक्षित नहीं किया गया, तो यह अमूल्य धरोहर क्षति का शिकार हो सकती है।
पर्यटन के रूप में उभर सकता है नया केंद्र
गढ़पहाड़ की यह गुफा जशपुर जिले के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण बन सकती है। प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और रोमांचक ट्रैकिंग का संगम इस स्थान को विशेष बनाता है। यदि यहां बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं और प्रचार-प्रसार किया जाए, तो यह क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
रामनाम की पावन रसधारा में डूबा कुनकुरी,श्रद्धेय चिन्मयानंद बापू के मुखारविंद से श्रीराम कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ।
कुनकुरी नगर गुरुवार को पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया, जब सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के आरंभ होते ही पूरा नगर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण राममय हो गया।
इस पावन अवसर पर परम पूज्य श्रद्धेय संत चिन्मयानंद बापू जी के श्रीमुख से श्रीराम कथा का वाचन प्रारंभ हुआ, जिसे सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा स्थल सलियाटोली मिनी स्टेडियम में विशाल पंडाल सजाया गया है, जहां श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।
संत चिन्मयानंद बापू जी के आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, आयोजन समिति के सदस्य एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने पुष्पगुच्छ एवं मालाओं से उनका अभिनंदन किया। जय स्तंभ चौक पर गाजे-बाजे और पारंपरिक वाद्य-यंत्रों के साथ भव्य स्वागत हुआ, वहीं महिलाओं ने आरती उतारकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
प्रतिदिन तीन घंटे होगा कथा का आयोजन
आयोजन समिति के अनुसार, यह श्रीराम कथा महोत्सव 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक कथा का आयोजन होगा, जिसमें भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
भक्ति, ज्ञान और संस्कारों का संगम
यह कथा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम भी बन रहा है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और संस्कारों की अनमोल सीख प्राप्त हो रही है।
श्रद्धालुओं से अपील
आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और इस पावन अवसर का लाभ उठाएं।
अखिल विश्व गायत्री परिवार की उपजोन स्तरीय गोष्ठी सम्पन्न, संकल्पों के क्रियान्वयन पर जोर।
गायत्री शक्तिपीठ बतौली में रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में अम्बिकापुर उपजोन की उपजोन स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे छत्तीसगढ़ जोन समन्वयक सुकदेव निर्मलकर की गरिमामयी उपस्थिति रही। गोष्ठी में अम्बिकापुर, बलरामपुर एवं जशपुर जिले के परिजन शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां गायत्री की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। प्रारंभ में प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के सह संयोजक दौलतराम चौहान ने गोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने शताब्दी कार्यक्रम बैरागी द्वीप में लिए गए संकल्पों की समीक्षा एवं उनके क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना बनाने पर विशेष जोर दिया।
इस दौरान बालिका सोनिया द्वारा युग निर्माण सत्संकल्प का मौखिक पाठ कराया गया। उपजोन संयोजक एस.जे. द्विवेदी ने सभी परिजनों को संबोधित करते हुए मिलजुलकर संकल्पों को पूर्ण करने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ जोन समन्वयक सुकदेव निर्मलकर ने आदरणीय शैल जीजी एवं श्रद्धेय डॉ. साहब का संदेश सुनाते हुए सभी जिलों में ब्लॉक स्तर पर समन्वय समितियों के पुनर्गठन तथा साधना किट एवं सत्संकल्प पाठ को ग्राम, विद्यालय एवं महाविद्यालयों तक पहुंचाने पर बल दिया।
गोष्ठी में नारी जागरण की प्रगति अम्बिकापुर जिले से श्रीमती शांति दीदी एवं जशपुर जिले से श्रीमती पार्वती चौहान द्वारा प्रस्तुत की गई। वहीं जिला प्रगति प्रतिवेदन बलरामपुर से अम्बुज यादव, जशपुर से कांशीराम श्रीवास एवं अम्बिकापुर से नंदकिशोर गोस्वामी ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन नंदकिशोर गोस्वामी ने किया। अंत में शांति पाठ के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।
सूरजपुर में माता कर्मा जयंती में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नक्सलवाद और ईंधन आपूर्ति पर दिया बड़ा बयान।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को सूरजपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने साहू समाज द्वारा आयोजित माता कर्मा जयंती समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने समाज का आभार जताते हुए कहा कि माता कर्मा का आशीर्वाद सदैव छत्तीसगढ़ पर बना रहे और प्रदेश में खुशहाली आए। उन्होंने साहू समाज की एकता, संगठन और सामाजिक योगदान की सराहना की।
मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के दृढ़ निश्चय का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब समाप्ति की कगार पर है। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र, जो पिछले चार दशकों से विकास से वंचित थे, वहां अब विकास की किरणें पहुंच रही हैं और हालात तेजी से बदल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय हालातों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने ईरान-इजराइल तनाव और अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम के बीच प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि देश और प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों और घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कटौती के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने प्रदेश में ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश देने की बात भी दोहराई।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास मुख्यमंत्री श्री साय ने किया सम्मानित, किट देकर बढ़ाया हौसला।
सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें।
इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच श्री संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।
मुख्यमंत्री ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का किया शुभारंभ, जशपुर में घर बैठे टैक्स भुगतान की सुविधा शुरू।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत अब जशपुर नगर पालिका क्षेत्र के नागरिक घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर जल कर, संपत्ति कर और दुकान कर का भुगतान आसानी से कर सकेंगे।
यह सुविधा HDFC Bank के सहयोग से शुरू की गई है। इसके अंतर्गत नगर पालिका जशपुर के प्रत्येक घर के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड तैयार किए गए हैं, जिन्हें घर-घर चस्पा किया जा रहा है। इस क्यूआर कोड में मकान मालिक का नाम, मकान नंबर, मोबाइल नंबर और बकाया कर की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।
नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर डी.डी.एन नंबर, मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से अपनी देय राशि देख सकेंगे और यूटीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए सुरक्षित भुगतान कर पाएंगे। भुगतान के तुरंत बाद डिजिटल रसीद भी प्राप्त होगी।
नगर पालिका जशपुर में लागू प्रॉपर्टी टैक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम एक आधुनिक आईसीटी आधारित व्यवस्था है, जिसके माध्यम से लगभग 4600 हाउसहोल्ड—आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को जोड़ा गया है। यह प्रणाली राजस्व संग्रहण को पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाएगी।
इस पहल से नागरिकों को समय और श्रम की बचत होगी, वहीं नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। डिजिटल भुगतान से राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी और नगरीय प्रशासन और अधिक सशक्त होगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद कुमार भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक के रीजनल मैनेजर सराफत अली और शाखा प्रबंधक दीपक दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का किया शुभारंभ, जशपुर में घर बैठे टैक्स भुगतान की सुविधा शुरू।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत अब जशपुर नगर पालिका क्षेत्र के नागरिक घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर जल कर, संपत्ति कर और दुकान कर का भुगतान आसानी से कर सकेंगे।
यह सुविधा HDFC Bank के सहयोग से शुरू की गई है। इसके अंतर्गत नगर पालिका जशपुर के प्रत्येक घर के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड तैयार किए गए हैं, जिन्हें घर-घर चस्पा किया जा रहा है। इस क्यूआर कोड में मकान मालिक का नाम, मकान नंबर, मोबाइल नंबर और बकाया कर की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।
नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर डी.डी.एन नंबर, मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से अपनी देय राशि देख सकेंगे और यूटीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए सुरक्षित भुगतान कर पाएंगे। भुगतान के तुरंत बाद डिजिटल रसीद भी प्राप्त होगी।
नगर पालिका जशपुर में लागू प्रॉपर्टी टैक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम एक आधुनिक आईसीटी आधारित व्यवस्था है, जिसके माध्यम से लगभग 4600 हाउसहोल्ड—आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को जोड़ा गया है। यह प्रणाली राजस्व संग्रहण को पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाएगी।
इस पहल से नागरिकों को समय और श्रम की बचत होगी, वहीं नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। डिजिटल भुगतान से राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी और नगरीय प्रशासन और अधिक सशक्त होगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद कुमार भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक के रीजनल मैनेजर सराफत अली और शाखा प्रबंधक दीपक दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
जल संरक्षण का कोरिया मॉडल,प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना,जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- विष्णु देव साय
कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के *मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान* के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है।
इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं।
पृष्ठभूमि
कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।
कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा
“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत संरचनाएं बनाईं गईं।
सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय
महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।
2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण)
जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235 (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और 1800 से अधिक ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।)
भूजल स्तर में सुधार
CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
2026 में प्रगति
20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं।
कलेक्टर का वक्तव्य
जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा—
“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”
कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी, वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।
अफवाहों से बचें, पेट्रोल-डीजल व गैस की कोई कमी नहीं : कलेक्टर रोहित व्यास,दिक्कत हो तो इन नंबरों पर करें कॉल।
कलेक्टर रोहित व्यास ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि जशपुर जिले में पेट्रोल, डीजल, घरेलू गैस सिलेंडर एवं उर्वरक की किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिक किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें फैलाएं।
कलेक्टर ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक लेकर जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए थे। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित रूप से सप्लाई हो रही है और घरेलू गैस की बुकिंग भी शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में जारी है। साथ ही गैस का भंडारण भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें, जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है।
आम उपभोक्ताओं को यदि पेट्रोल, डीजल या घरेलू गैस की प्राप्ति में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे राज्य स्तर पर खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 अथवा 1967 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0771-2511975 भी जारी किया गया है।
जिला स्तर पर भी कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका संपर्क नंबर 9244011192 है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह से बचें और आवश्यक होने पर ही संबंधित सेवाओं का उपयोग करें।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह में 240 नव दम्पतियों को मुख्यमंत्री देंगे अपना आशीर्वाद,जशपुर के रणजीता स्टेडियम में भव्य आयोजन।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अन्तर्गत 28 मार्च को जिले के 240 जोड़ो का विवाह रणजीता स्टेडियम जशपुर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नव दम्पतियों को अपना आशीर्वाद देंगे।
विवाह से पूर्व कन्याओं को मेंहदी एवं हल्दी और संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया इसके साथ ही बेटियों का मयाली नेचर कैंप में प्री वेडिंग सूटिंग का आयोजन किया गया है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा को 50 हजार की राशि का प्रावधान इसमें 35 हजार का चेक दिया जाता है और 7 हजार की वैवाहिक सामग्री इसके साथ ही 8 हजार का वैवाहिक आयोजन में खर्च किया जाता है।
मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब.......।
चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में आयोजित चार दिवसीय श्री रामनवमी महायज्ञ का आज बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा मुख्यमंत्री निवास बगिया से प्रारंभ होकर नदी तट तक निकली तथा पुनः यज्ञ स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। वहीं, कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।आयोजन को लेकर बगिया सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के भाई जयप्रकाश साय सह पत्नी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही है।कार्यक्रम के तहत आज मूर्ति स्थापना के साथ पूजा, हवन, आरती, लीला एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। आगामी दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला जारी रहेगी—26 मार्च: पूजन, हवन, आरती, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन,27 मार्च: विशेष पूजन, नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति एवं रात्रि में भव्य लीला,28 मार्च: सहस्त्रधारा स्नान, आशीर्वाद, मूर्ति विसर्जन एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा।
यह भव्य आयोजन ग्राम बगिया के यज्ञ स्थल पर किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।पूरे कार्यक्रम का संचालन धर्म संस्थापक परम पूज्य स्वामी धनपति पण्डा जी महाराज (गुरुधाम मुंडियापानी, लैलूंगा, रायगढ़) के आशीर्वाद में किया जा रहा है।श्रीमती कौशल्या साय ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र नवरात्रि में यह महायज्ञ वर्ष 1993 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में भक्ति संगीत, कथा-प्रवचन और विविध धार्मिक अनुष्ठानों से बगिया पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।
अंत्योदय का संकल्प: 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ की सौगात देंगे सीएम विष्णुदेव साय,25 मार्च को होगा भव्य कार्यक्रम।
छत्तीसगढ़ सरकार भूमिहीन कृषि मजदूरों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को लगभग 500 करोड़ रुपये की राशि अंतरित करेंगे।
यह सहायता ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के अंतर्गत दी जाएगी, जिसके तहत इस वर्ष 4,95,965 हितग्राहियों को प्रति व्यक्ति 10,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये का प्रावधान किया है।
इस योजना का लाभ 22,028 बैगा और गुनिया परिवारों को भी मिलेगा, जो राज्य की पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण संरक्षक माने जाते हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में भी इस योजना के तहत 5,62,112 हितग्राहियों को 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए थे, जो सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सरकार का उद्देश्य भूमिहीन मजदूर परिवारों को सालाना आर्थिक सहायता देकर उनकी बुनियादी जरूरतों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक खर्च—को पूरा करने में मदद करना है। पहले दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।
यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम है, बल्कि ‘अंत्योदय’ के संकल्प को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का प्रयास भी है।
तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर, मुख्यमंत्री साय ने किसान मेले का किया शुभारंभ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर किसानों को दी जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपए में धान खरीदी कर रही है और अंतर की राशि का भुगतान एकमुश्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से किए हर वादे को पूरा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने तिलहन उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देश वर्तमान में अपनी जरूरत का केवल 57 प्रतिशत तिलहन ही उत्पादन कर पा रहा है, जबकि 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य में तिलहन विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिकों के सुझाव अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की अपील की। साथ ही तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की जानकारी भी दी।
उन्होंने किसानों को आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसाय अपनाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जीएसटी में सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान का उल्लेख करते हुए दलहन एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि राज्य में किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा कृषि महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से हर वर्ष हजारों किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
ग्रामीण विकास की नई दिशा: ‘VB-G-RAM-G’ से बदलेगा भारत का भविष्य गणेश शंकर मिश्रा।
भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रायपुर द्वारा कवर्धा में ‘विबी-जी-राम-जी (VB-G-RAM-G): ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव’ विषय पर एक दिवसीय ‘वार्तालाप’ (मीडिया कार्यशाला) का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गणेश शंकर मिश्रा (उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में गोपाल वर्मा (कलेक्टर, कबीरधाम) उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री मिश्रा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ‘VB-G-RAM-G’ केवल रोजगार देने की योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के संपूर्ण आजीविका तंत्र को मजबूत करने वाली एक परिवर्तनकारी पहल है। उन्होंने बताया कि योजना में 60 दिनों का विशेष ‘ब्लॉक’ रखा गया है, ताकि कृषि कार्यों विशेषकर फसल कटाई के दौरान किसानों की आजीविका प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत की लगभग 73% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, ऐसे में यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। श्री मिश्रा ने इसे विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर गोपाल वर्मा ने योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होगा।
यह कार्यशाला मीडिया प्रतिनिधियों के लिए योजना की समझ बढ़ाने और उसके प्रभावी प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इसका लाभ उठा सकें।
सीएम साय की बड़ी घोषणा: बैगाओं को आर्थिक सहायता, अखरा विकास हेतु ₹15–25 लाख का प्रावधान; सरहुल महोत्सव में शामिल हुए।
जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित सरहुल महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गांव के बैगाओं को प्रतिवर्ष ₹5000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी, वहीं पारंपरिक अखरा के विकास के लिए ₹15 से ₹25 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल जनजातीय समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में सहायक होगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की। पारंपरिक रीति के अनुसार बैगा द्वारा उनके कान में सरई (साल फूल) खोंचकर शुभ रस्म निभाई गई।
महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं और सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की थाप पर पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने सभी को सरहुल पर्व एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सरहुल महोत्सव के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध परंपरा, प्रकृति प्रेम और सामूहिक जीवन की झलक देखने को मिली, जिसने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
नववर्ष पर CM विष्णु देव साय का संदेश: नव ऊर्जा, नव संकल्प के साथ आगे बढ़े छत्तीसगढ़।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी दिन से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जिसे पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी के विविध स्वरूप प्रदेश की आस्था और संस्कृति में गहराई से रचे-बसे हैं। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को और मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना जहां आध्यात्मिक ऊर्जा देती है, वहीं सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच का भी संचार करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और हर परिवार में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में लिखी जा रही है विकास की नई गाथा।

BY जशपुर जंक्शन ON 17-MAR-2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुखी सोच के अनुरूप जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार ठोस पहल की जा रही है इसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में जिला विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बीते दो वर्षों से अधिक के कार्यकाल में आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने लगा है। जिले के गांवों से लेकर शहरों तक सड़कों, पुलों और पुलियों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे आवागमन सुविधाजनक और सुरक्षित बन रहा है।
इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 42 नई सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों का निर्माण 126 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान में सभी सड़कों की निविदा प्रक्रिया जारी कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। स्वीकृत सड़कों में जशपुर विकासखंड में 5 सड़कें, मनोरा विकासखंड में 7 सड़कें, दुलदुला विकासखंड में 7 सड़कें, कुनकुरी विकासखंड में 13 सड़कें तथा फरसाबहार विकासखंड में 10 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
*मुख्यमंत्री नेतृत्व में सड़कों और पुल-पुलिया के निर्माण से बदल रही है जिले की तस्वीर*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुँच रही है। लगातार सड़कों, पुलों और पुलियाओं को मिल रही स्वीकृति तथा उनके निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण कृषि उत्पादों का परिवहन आसान हो रहा है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद समय पर बाजार तक पहुँचाने में सुविधा मिल रही है। साथ ही निर्माण कार्यों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुँचना अधिक सरल हो रहा है। बेहतर संपर्क मार्गों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक भी लोगों की पहुँच आसान हो रही है और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुँचाने में मदद मिल रही है। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को भी इन सड़कों से विशेष लाभ मिल रहा है। सड़कों के निर्माण से इन समुदायों का संपर्क विद्यालयों, स्वास्थ्य सेवाओं, मंडियों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से सुदृढ़ हो रहा है। इससे उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
*ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार*
जिले में सड़कों के व्यापक विस्तार से न केवल आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हुआ है, बल्कि इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। इन विकास कार्यों के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है और इसका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आज आयोजित जनदर्शन में कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।
ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
“मरीजों की सेहत से समझौता नहीं” - स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया।
सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुएमुख्यमंत्री विष्णु देव साय बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
साइबर ठगों से बचने के लिए विद्युत उपभोक्ता रहे सतर्क, सतर्कता ही समझदारी मोर बिजली मोबाइल एप केवल Play Store या App Store से ही डाउनलोड करें।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के पंजीयन अथवा किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, मेल अथवा एसएमएस पर क्लिक करने से बचें । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए कभी भी कोई एपीके पाइल अथवा कोई वेब लिंक नहीं भेजती है।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी से के एमडी श्री भीम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना को आम उपभोक्ता तक पहुँचाने पॉवर कंपनी मैदानी स्तर पर शिविर का करेगी। उपभोक्ता अपना कोई भी भुगतान सिर्फ मोर बिजली एप, कंपनी की वेबसाइट, एटीपी सेंटर अथवा नजदीकी कार्यालय में ही करें, किसी मैदानी कर्मचारी को भी नकद भुगतान न करने की सलाह दी गई है। पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध कराई गई है। बिजली बिल भुगतान हो या कोई अन्य सूचना पॉवर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को संदेश सिर्फ CSPDCL-S सेंडर ID से ही भेजती है।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना अथवा विद्युत सेवा से संबंधित किसी अन्य जानकारी के लिए पॉवर कंपनी की केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता कॉल कर सकते हैं, अथवा नजदीकी सीएसपीडीसीएल के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 शुरू, 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ की राहत।
विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय के सभागार से योजना का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई परिवार समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज बढ़ जाता है। इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यह समाधान योजना शुरू की है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी अंतरित की। उन्होंने बताया कि इस योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि बढ़ रही है और अब तक करीब 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे लंबे समय से अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है और सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया बढ़ गया था। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए समाधान योजना लागू की है।
योजना के तहत 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इनमें अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान रखा गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि किस्तों में जमा की जा सकेगी। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित थे।
नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित किए जाने हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली दिनांक 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम संबंधित स्थानीय निकाय के क्षेत्र, वार्ड अथवा पंचायत से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में दर्ज होंगे, वही मतदाता स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे।
जारी कार्यक्रम के अनुसार दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 तक जिन मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा निर्वाचक नामावली में दर्ज होंगे, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थानीय निकाय की निर्वाचक नामावली में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।
नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष के कुल 02 पद, क्रमशः नगरपालिका परिषद सारंगढ़ (जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा (जिला-कोरिया) में रिक्त हैं, साथ ही पार्षदों के 15 पद भी रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नवगठित चार निकायों—नगर पंचायत घुमका (जिला-राजनांदगांव), नगर पंचायत बम्हनीडीह (जिला-जांजगीर-चांपा), नगर पंचायत शिवनंदनपुर (जिला-सूरजपुर) तथा नगर पंचायत पलारी (जिला-बलौद)—में अध्यक्ष के 04 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं।
इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 08 पद, सरपंच के 78 पद तथा पंच के 1056 पद रिक्त हैं। इस प्रकार प्रदेश के 33 जिलों में कुल 1142 पद रिक्त हैं, जिनका निर्वाचन कराया जाना है।
निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा प्राधिकृत अधिकारियों का प्रशिक्षण 24 मार्च 2026 तक कराया जाएगा तथा निर्वाचक नामावली का मुद्रण 09 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्रारूप क-1 में दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 होगी। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा दावे-आपत्तियों के निराकरण के आदेश के विरुद्ध अपील ऐसा आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष की जा सकेगी। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा।
आम में मैंगो हॉपर का प्रकोप और नियंत्रण के उपाय
मैंगो हॉपर आम के पेड़ों में लगने वाला एक प्रमुख कीट है। यह खासकर फूल आने के समय-मंजर आने पर ज्यादा नुकसान करता है। यह कीट पत्तियों और मंजरियों का रस चूसता है जिससे फल बनने की क्षमता कम हो जाती है।
उद्यान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंजरियों और नई पत्तियों पर छोटे-छोटे हरे व भूरे कीट दिखाई देते हैं यही इसकी पहचान होती है। पत्तियां और मंजरियां चिपचिपी हो जाती हैं। उस पर काली फफूंदी जम जाती है। फूल झड़ जाते हैं और फल कम बनते हैं।
इसके प्रभावी समाधान के लिये कृषकों सुबह या शाम के समय एजाडिरेक्टिन 10000 पीपीएम में 01 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए। नीम तेल का 0.5 से 1 प्रतिशत 05 से 10 एमएल लीटर पानी के साथ छिड़काव करना चाहिए।
यदि प्रकोप ज्यादा हो तो इनमें से किसी एक दवा का छिड़काव करें कीटनाशक का नाम मात्रा छिड़काव किया जा सकता है। इनमें प्रति लीटर पानी के साथ इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मिली प्रति लीटर पानी थियामेथोक्सम 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी लैम्ब्डा-साइहेलोथिन 1.0 मिली प्रति लीटर पानी 10-15 दिन के अन्तराल में 2-3 बार छिड़काव करने से अच्छा नियंत्रण मिलता है।
इसके साथ ही पेडों की घनी टहनियों को काटें ताकि धूप और हवा अंदर तक जा सके, जिससे हॉपर का पनपना कम हो, बाग की नियमित सफाई करें। जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू करें और नमी बनाए रखें।
विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11,470 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित जीएसटी 2.0 से जनता को राहत।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसमें वित्त विभाग के लिए 9,630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 1,247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।
चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
आवास और नवा रायपुर विकास पर जोर
मंत्री चौधरी ने बताया कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 3,219 संपत्तियां अविक्रित थीं और मंडल पर 735 करोड़ रुपए का ऋण था। राज्य सरकार ने एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया है।
वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत अब तक 1,410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपए में विक्रय किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 27 जिलों में 3,069 करोड़ रुपए के 78 नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए हैं, जिनके तहत 16,782 संपत्तियों का निर्माण लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण निगरानी के लिए नई तकनीक
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार ने फ्लाई ऐश परिवहन के लिए एसओपी लागू की है। साथ ही औद्योगिक अपशिष्ट की निगरानी के लिए आईडब्ल्यूएमएमएस सिस्टम विकसित किया गया है।
राज्य में CG Nigrani पोर्टल के माध्यम से 124 उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण स्तर की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है।
नवा रायपुर बनेगा शिक्षा का बड़ा केंद्र
मंत्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में पहले से Indian Institute of Management Raipur, International Institute of Information Technology Naya Raipur और Hidayatullah National Law University जैसे संस्थान संचालित हैं।
इसके अलावा National Institute of Fashion Technology, National Institute of Electronics and Information Technology और National Forensic Sciences University जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी यहां स्थापित किए जाएंगे।
जीएसटी 2.0 से जनता को राहत
मंत्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी 2.0 के तहत कई वस्तुओं पर कर दरें कम की गई हैं। कपड़ों पर टैक्स 12% से घटाकर 5% और सीमेंट पर 28% से घटाकर 18% किया गया है।
इसके अलावा मोटरसाइकिल, कार, फ्रिज, टीवी और एसी पर भी टैक्स कम होने से उपभोक्ताओं को हजारों रुपये की बचत होगी।
पंजीयन विभाग में बड़े सुधार
पंजीयन विभाग में नागरिक सुविधा के लिए स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय शुरू किए जा रहे हैं। पारिवारिक दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारा नामे की रजिस्ट्री फीस घटाकर मात्र 500 रुपये कर दी गई है।
वित्तीय स्थिरता के लिए नई पहल
राज्य सरकार ने दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड का गठन किया है। वर्तमान में इसमें 50 करोड़ रुपये निवेशित हैं और अगले वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।
कुनकुरी में सूने मकान में चोरी का खुलासा, चोर और जेवर खरीदने वाला गिरफ्तार
जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी चोर और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला कुनकुरी के रेमते रोड मोहल्ले का है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 9 मार्च 2026 को प्रार्थी राकेश कुमार साव (38 वर्ष) निवासी रेमते रोड कुनकुरी ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिता रामबिलास प्रसाद का मकान उनके घर के पास ही है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ रहते थे। करीब छह महीने पहले पत्नी के इलाज के लिए वे रांची चले गए थे और मकान की देखरेख की जिम्मेदारी प्रार्थी को दी थी। इस बीच 19 जनवरी को उनकी बड़ी मां का निधन हो गया था, जिसके कारण प्रार्थी भी क्रियाकर्म में शामिल होने रांची चला गया था।
9 मार्च को रांची से लौटने पर प्रार्थी ने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और अंदर अलमारी खुली पड़ी है तथा सामान बिखरा हुआ है। जब इस बारे में रामबिलास प्रसाद को जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि अलमारी में रखे सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल, पांच नग चांदी की साठी और करीब डेढ़ हजार रुपए चोरी हो गए हैं।
रिपोर्ट के आधार पर थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(क) और 317(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि तुरी बस्ती निवासी साहिल चौहान उर्फ मंटू अचानक अधिक पैसे खर्च कर रहा है।
संदेह के आधार पर पुलिस ने साहिल चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने ही रामबिलास प्रसाद के घर में चोरी की थी और सोने-चांदी के आभूषणों को कुनकुरी के बजरंग नगर निवासी दिवाकर ताम्रकार को 20 हजार रुपए में बेच दिया था।
इसके बाद पुलिस ने खरीदार दिवाकर ताम्रकार को भी हिरासत में लेकर उसके कब्जे से चोरी के सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल और पांच नग चांदी की साठी बरामद कर ली। वहीं आरोपी की निशानदेही पर घर और अलमारी का ताला तोड़ने में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी जब्त की गई।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी साहिल चौहान (22 वर्ष) निवासी तुरी बस्ती कुनकुरी और दिवाकर ताम्रकार (28 वर्ष) निवासी बजरंग नगर कुनकुरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर वारले, प्रधान आरक्षक ढलेश्वर यादव, नंदलाल यादव और लियोन कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई।
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.28518 किलोग्राम गांजा एवं एक ट्रक जब्त।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा तथा एक 14 चक्का ट्रक जब्त किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएच-53 स्थित बैतारी के पास वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान आबकारी उपनिरीक्षक श्री मिर्जा जफर बैग, श्री हृदय कुमार त्रिपुड़े, श्री नीरज कुमार साह तथा श्री अनिल कुमार झरिया की संयुक्त टीम ने एक 14 चक्का ट्रक को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रक में सवार आरोपी ईरफान गौरी के पास से 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (पप) (सी) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आबकारी विभाग द्वारा आरोपी को रिमांड पर लेकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
आईजी दीपक झा ने किया जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण, रक्षित केंद्र में ली परेड की सलामी।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने मंगलवार को जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रक्षित केंद्र जशपुर पहुंचकर परेड की सलामी ली तथा पुलिस बल के अनुशासन, वेश-भूषा और कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उत्कृष्ट वेश-भूषा और अनुशासन का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उन्होंने पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने रक्षित केंद्र में उपलब्ध शासकीय वाहनों का निरीक्षण करते हुए उनके उचित रख-रखाव और नियमित देखरेख के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन शाखा, कैश शाखा, स्टोर शाखा और पुलिस कैंटीन सहित विभिन्न शाखाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसके बाद आयोजित पुलिस दरबार में आईजी श्री झा ने जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को हमेशा अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उत्तम गणवेश में रहने और सख्त अनुशासन का पालन करने की बात कही। साथ ही आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों को देखते हुए कंप्यूटर का ज्ञान रखना भी आवश्यक बताया, ताकि कार्यालयीन और तकनीकी कार्य बेहतर ढंग से किए जा सकें।
आईजी ने पुलिस बल को नशे से दूर रहने और भ्रष्टाचार से बचने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच एक ईमानदार और जिम्मेदार संस्था के रूप में बनी रहनी चाहिए। किसी भी आपराधिक गतिविधि में पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिटी कोतवाली जशपुर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण कर लंबित प्रकरणों की जानकारी ली तथा उन्हें शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक कुंजराम चौहान, उप पुलिस अधीक्षक (अ.जा.क.) भावेश समरथ, उप पुलिस अधीक्षक आशा तिर्की, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
