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स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर बगीचा में आयुर्वेद चिकित्सक के कार्य हेतु आदेश, अनुपस्थित आयुष चिकित्सक को नोटिस पंचकर्म विशेषज्ञ की नियमित पदस्थापना का प्रस्ताव राज्य शासन को प्रेषित
जिला आयुष विभाग के अनुसार स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर बगीचा में 12 अक्टूबर 2022 से विशेषज्ञ चिकित्सक (एम.डी. पंचकर्म) का पद रिक्त है। इस कारण पंचकर्म चिकित्सा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए अन्य आयुर्वेद चिकित्सक के माध्यम से संस्था का संचालन कराया जा रहा है।
आयुष अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में एक अन्य आयुर्वेद चिकित्सक को सप्ताह में तीन दिन सेवाएं देने के लिए आदेशित किया गया है। वहीं, पूर्व में पदस्थ आयुष चिकित्सक के लगातार अनुपस्थित रहने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला जशपुर के लिए कुल तीन पंचकर्म विशेषज्ञ चिकित्सक के पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक जिला चिकित्सालय आयुष विंग जशपुर में पदस्थ है और एक स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर पत्थलगांव में कार्यरत है। जिला मुख्यालय में एम.डी. पंचकर्म विशेषज्ञ एवं अन्य चिकित्सक अतिशेष या संलग्न नहीं हैं। स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर बगीचा में एक पद रिक्त है, जिसकी नियमित पदस्थापना हेतु संचालनालय आयुष रायपुर को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय खरीदी, प्रशासनिक सुधार, आवास योजनाओं में नई व्यवस्था और क्रिकेट स्टेडियम के संचालन पर बड़े फैसले।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें किसानों से समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीद, विभागीय संरचना में सुधार, धान खरीदी हेतु वित्तीय प्रत्याभूति, आवास योजनाओं में नए प्रावधान और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन से जुड़े निर्णय शामिल हैं।
दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रखने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PSS) के तहत दलहन-तिलहन फसलों की पूर्ववत उपार्जन व्यवस्था जारी रखने का निर्णय लिया। इसके तहत खरीफ में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी में चना, सरसों और मसूर का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाएगा। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन
कैबिनेट ने सुशासन को बढ़ावा देने और 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' के सिद्धांत को लागू करने के उद्देश्य से सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में विलय करने की मंजूरी दी।
धान खरीदी हेतु शासकीय प्रत्याभूति का पुनर्वेधीकरण
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू रखने के लिए मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत 15 हजार करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति को आगामी वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने और विपणन संघ को 11,200 करोड़ रुपये अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने का निर्णय लिया।
आवास योजनाओं में नए प्रावधान
राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना और नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना में पात्रता से जुड़े नए प्रावधान जोड़कर अविक्रित भवनों के विक्रय की अनुमति दी गई।
EWS एवं LIG वर्ग के अविक्रित भवनों को तीन बार विज्ञापन के बाद किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को बेचा जा सकेगा, हालांकि उन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान नहीं मिलेगा।
Bulk Purchase की स्थिति में एकल व्यक्ति या संस्थाएं एक से अधिक भवन खरीद सकेंगी, परंतु अनुदान से वंचित रहेंगी।इन प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।
नवा रायपुर क्रिकेट स्टेडियम दीर्घकालीन लीज पर
शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन एवं विकास के लिए अनुबंध के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का निर्णय लिया गया। इससे उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आयोजन बढ़ेगा।
राज्योत्सव 2025 : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने जशपुर वन विभाग के स्टॉल में बांस से बने आभूषणों को सराहा।
जिला मुख्यालय के रणजीता स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। स्टॉल में जशपुर के वनों से प्राप्त वनौषधियों से निर्मित च्यवनप्राश, काँचपाक, शहद जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
इसके साथ ही “जशक्राफ्ट” ब्रांड के तहत वन प्रबंधन समितियों की महिलाओं द्वारा स्थानीय सामग्रियों — बांस और सवई घास — से तैयार झुमके, माला और अन्य आभूषण भी विशेष रूप से प्रदर्शित किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान वनमंडलाधिकारी शशि कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को बांस से बनी माला पहनाई। मंत्री श्री जायसवाल ने वन विभाग के इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण से जोड़ते हुए वृहद स्तर पर बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
वन विभाग के स्टॉल में हाथी-मानव द्वंद को कम करने हेतु चलाए जा रहे “गजरथ” अभियान की जानकारी भी दी गई, जो हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए ग्रामीणों में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है।
नर्सरी के जंगल में लकड़ी काटने की बात पर विवाद में हुई मारपीट, इलाज के दौरान मौत – चार आरोपी गिरफ्तार
पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम जोराडोल, सुगापारा में लकड़ी काटने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक इंदबल मांझी (40 वर्ष) ग्राम जोराडोल का निवासी था। 18 अक्टूबर को गांव के ही हृदन उर्फ हिरदन साय, डोमन साय मांझी और अशोक मांझी के साथ नर्सरी के जंगल से लकड़ी काटने को लेकर उसका विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने इंदबल मांझी के साथ हाथ-मुक्कों और लातों से मारपीट की थी। अगले दिन 19 अक्टूबर को उसी विवाद को लेकर गांव के ही नईहर साय ने भी मृतक के साथ लकड़ी की लाठी से हमला किया।
मारपीट के बाद गंभीर रूप से घायल इंदबल को खून की उल्टी होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में भर्ती कराया, जहां 20 अक्टूबर को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस को घटना की जानकारी मेडिकल कॉलेज से मिली, जिस पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। मृतक की पत्नी सुनोबाई के बयान के आधार पर पत्थलगांव पुलिस ने सभी चारों आरोपियों — हृदन उर्फ हिरदन साय (36), डोमन साय मांझी (33), अशोक मांझी (35) और नईहर साय (45), सभी निवासी ग्राम जोराडोल, सुगापारा — के खिलाफ हत्या का अपराध बीएनएस की धारा 103(1) व 3(5) के तहत पंजीबद्ध किया।
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार किया। घटना में प्रयुक्त लकड़ी की लाठी भी जप्त कर ली गई है। सबूत मिलने पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे तथा आरक्षक कमलेश्वर वर्मा, राजेंद्र रात्रे, तुलसी रात्रे, आशीषन टोप्पो और पदुम वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पत्थलगांव क्षेत्र में मारपीट के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जिसमें चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
लोगों ने जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी को सराहा राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं की दिखी झलक।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी दूसरे दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
प्रदर्शनी में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण तथा डिजिटल प्रगति को छायाचित्रों और आंकड़ों के साथ रोचक रूप में प्रदर्शित किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रसारित हो रही “सॉफ्ट स्टोरी” के माध्यम से लोग योजनाओं को सहज और सरल तरीके से समझ रहे हैं।
नयापारा राजिम से आई मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। साथ ही उनके बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह की सचिव श्रीमती संतोषी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित योजनाओं से उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।
प्रदर्शनी में पहुंची नवीन कॉलेज की छात्राएं कुमारी टीनू साहू, खुशबू साहू, पाखी सोनवानी, प्रियंका, काजल निहाल और कंचन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, भर्ती में पारदर्शिता और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना जैसी लोगों के लिए वरदान हैं। उन्होंने कहा हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है और यह जानकर अच्छा लगा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है।
राज्योत्सव घूमने आई रायपुर की पारुल चंद्राकर, सोनाली धुरंधर और विधि धुरंधर ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री अत्यंत उपयोगी है, जिससे आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिल रही है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे अन्य दर्शकों ने भी विभाग द्वारा प्रस्तुत सामग्री, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनों की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी न केवल जानकारी प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं से जुड़ने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
पुलिस प्रशासनिक अकादमी चंद्रखुरी में प्रशिक्षणरत इंद्रजीत सिंदार ने राज्योत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री न केवल जानकारीपूर्ण है, बल्कि आम जनता को योजनाओं के लाभ से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास को जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी बताया।
जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रचार सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं की विस्तृत जानकारी घर ले जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी निश्चित रूप से राज्य की उपलब्धियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था और नागरिक सहभागिता की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही है, जो “नए छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करती है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्वविजेता बनने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्वविजेता बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन, समर्पण और अदम्य जज़्बे से देश का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को “परिश्रम, आत्मविश्वास और संकल्प की जीत” बताते हुए कहा कि यह जीत देशभर में महिला खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देगी।
आंवला नवमी पर मुख्यमंत्री ने आंवला वृक्ष की पूजा कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
आंवला नवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों से युक्त माना गया है। यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति हमारी संस्कृति का आधार है और वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। वृक्षों की पूजा के साथ ही उनका संरक्षण करना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने की सौजन्य मुलाकात।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल उरांव का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से छत्तीसगढ़ में जनजातियों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने श्री उरांव को राज्य में आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने श्री उरांव को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति बहुत समृद्ध है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री उरांव ने राज्य में आदिवासी उत्थान की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव और पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय बोले – स्वदेशी से मजबूत होगा भारत फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कुनकुरी विधानसभा सम्मेलन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के प्रति जनमानस को प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोकल फॉर वोकल” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग का दृढ़ संकल्प है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और देश की पूंजी देश में ही रहती है। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया। आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते हुए भारत ने अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 लागू होने से वस्तुओं के मूल्य में कमी आई है, जिससे आमजन को राहत मिली है। वाहनों और घरेलू सामानों के दाम घटने से किसानों और उपभोक्ताओं के बजट को सहूलियत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 22 माह में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा दर ₹5500 कर दी गई है। कृषि और सिंचाई विकास हेतु ₹2800 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। गिनाबहार में 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण जारी है, वहीं रायपुर के सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से जिले में मदर-चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में लगभग ₹2000 करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। ई-ऑफिस प्रणाली और सुशासन-अभिसरण विभाग से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जा रही है। नई उद्योग नीति के तहत छत्तीसगढ़ में ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि स्वदेशी अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों के बल पर भारत ने पाकिस्तान को जवाब दिया।
विधायक गोमती साय ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी संदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तविक रूप दे रहे हैं। दीपावली के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की रिकॉर्ड बिक्री इसका प्रमाण है।
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मुख्यमंत्री की घोषणाएँ :मुख्यमंत्री साय ने मंच से कई विकास कार्यों की घोषणाएँ कीं —
तामामड़ा सामुदायिक भवन के लिए ₹20 लाख
बरहाटुकू–घोनघोषा मार्ग पर पुल निर्माण
पंडरीपानी परहाटोली में सामुदायिक भवन
गारीघाट में मिनी स्टेडियम
मुंडाडीह में ₹25 लाख की लागत से सामुदायिक भवन
सुन्दरू में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार
कोतेबीरा कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला निर्माण एवं विस्तार
पंडरीपानी, बनगांव, फरसाबहार और लकराघरा के करमा नर्तक दलों को ₹25–25 हजार की अनुदान राशि
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या विष्णुदेव साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वेदप्रकाश भगत, दुलारी सिंह, अनिता सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय और उनकी धर्मपत्नी ने अस्तांचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य,दुलदुला छठ घाट से प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला। यह पर्व लोक आस्था, पवित्रता और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दुलदुला क्षेत्रवासियों की मांग पर छठ घाट के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि अगले छठ पर्व तक घाट का कायाकल्प कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुनकुरी छठ घाट के लिए लगभग 5 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि से सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया है, जिससे श्रद्धालु महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं।
श्री साय ने कहा कि “क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से ही मैं विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री बना हूं। उनकी समस्याओं को भलीभांति समझता हूं और समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रहा हूं।”
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष रामकुमार सिंह, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसपी शशिमोहन सिंह, जनप्रतिनिधि, व्रती महिलाएं और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विशेष लेख : रानीदाह जलप्रपात- जशपुर की धरती पर प्रकृति का अनमोल उपहार।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत प्रतीक है। यह झरना जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ख़ूबसूरत सड़कों से होकर जब कोई इस स्थल तक पहुँचता है, तो सामने फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया जल और पक्षियों की आवाज़ें मिलकर एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं।
बरसात के मौसम में रानीदाह अपने पूरे वैभव पर होती है, जब पानी कई धाराओं में बँटकर ऊँची चट्टानों से नीचे गिरता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह भले थोड़ा कम हो जाए, लेकिन आसपास की प्राकृतिक शांति और वातावरण का सौंदर्य हमेशा समान रूप से मनमोहक रहता है।
रानीदाह जलप्रपात केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों के कारण भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले ओडिशा की एक राजकुमारी रानी शिरोमणि जशपुर की इन पहाड़ियों में आ पहुँची थीं।
जब उनके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ पहुँचे, तो रानी ने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगा दी और अपने प्राण त्याग दिए। उसी समय से यह झरना “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात।” झरने के पास स्थित कुछ चट्टानें “पाँच भैया” के नाम से जानी जाती हैं, जो रानी के भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं। यह कथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी और भावनात्मक पहचान देती है।
प्रकृति प्रेमियों और सैर-सपाटे के शौकीनों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक शांत, मनोरम और छायादार पिकनिक स्थल है। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल झरने की भव्यता का आनंद लेते हैं, बल्कि आसपास के गाँवों की लोकसंस्कृति, संगीत और आतिथ्य से भी प्रभावित होते हैं।
रानीदाह जलप्रपात जशपुर की आत्मा का प्रतीक है — जहाँ प्रकृति की सुंदरता, इतिहास की गहराई और लोककथाओं का आकर्षण एक साथ जीवंत हो उठता है। यदि आप कभी जशपुर आएँ, तो इस दिव्य स्थल का भ्रमण अवश्य करें और प्रकृति के इस अनुपम उपहार का अनुभव स्वयं करें।
जशपुर जिले को बड़ी सौगात, कांसाबेल–बगीचा मार्ग के निर्माण कार्य के 29 करोड़ 37 लाख रूपए की दी मंजूरी, क्षेत्र वासियों ने सीएम साय का जताया आभार.....।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। वर्ष 2025-26 के बजट में कांसाबेल–बगीचा मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क लगभग 39 किलोमीटर लंबी होगी,जिसके लिए 29 करोड़ 37 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इस मार्ग के मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुलिया निर्माण भी शामिल है।इस सड़क निर्माण से कांसाबेल, बगीचा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन की सुविधा में बड़ी राहत मिलेगी।खासकर यह मार्ग कांसाबेल विकासखंड के क्षेत्र वासियों को बगीचा तक आवागमन के लिए सुगम होगी,वहीं यह मार्ग जशपुर जिले को सरगुजा जिले को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग भी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि –“प्रदेश के हर जिले में सड़क और आधारभूत संरचना का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रदेश सरकार का संकल्प है।इस स्वीकृति के साथ जशपुर जिले के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।इस सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा छत्तीसगढ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने एक और बड़ा कदम: 5000 शिक्षक भर्ती ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।
"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों की भर्ती की सहमति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इस निर्णय से स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शिक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता दोनों है।" - वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
"शिक्षा राज्य के विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर विद्यालय में योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोहरई करमा महोत्सव में हुए शामिल ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद, प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।
सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान
सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री श्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य श्रीमती उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीपावली और गोवर्धन पूजा की दी हार्दिक शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपों का यह उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आशा का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे दीपावली को स्वदेशी भावना के साथ, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए मनाएं और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के प्रति हमारी श्रद्धा और आभार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि प्रकृति का संरक्षण ही समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली और गोवर्धन पूजा का यह पावन अवसर छत्तीसगढ़ राज्य में खुशहाली, समृद्धि और विकास की नई रोशनी लेकर आएगा तथा हर घर में आनंद, शांति और उजाला फैलाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश......।
दीपों के पर्व दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने स्थानीय बाजार पहुंचकर कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्रियों की खरीदारी की। उन्होंने मिट्टी के दीयों से अपना घर रोशन करने का संदेश दिया और कहा कि इस दीपावली हर घर में स्वदेशी दीप जलाएं।
उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों व उद्योगों को सशक्त बनाएं।
श्रीमती साय ने कहा कि दीपावली खुशियों और उमंग का पर्व है। इस अवसर पर स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है और रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और कुम्हारों, हस्तशिल्पियों व छोटे व्यापारियों की दीपावली को भी उजाला दें।
