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छ.ग. राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बगीचा में कृषक संगोष्ठी का आयोजन।
छत्तीसगढ़ शासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कृषि विभाग बगीचा द्वारा शासन के निर्देशानुसार विकासखण्ड स्तरीय रजत जयंती वर्ष कृषक संगोष्ठी का आयोजन बगीचा में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीडीसी गेंद बिहारी सिंह, प्रभात सिडाम अध्यक्ष नगर पंचायत बगीचा व पार्षद एलआर चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुधन विकास तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।
संगोष्ठी में विकासखण्ड बगीचा के विभिन्न ग्राम पंचायतों से कृषक उपस्थित हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्ष की विकास यात्रा एवं कृषकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी किसानोंतक पहुंचाना था।
इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लालसाय केरकेट्टा सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना तथा पीएम आशा योजना की विस्तृत जानकारी दी।
साथ ही फसलों में लगने वाले कीट एवं रोग नियंत्रण, रबी मौसम में अधिक से अधिक दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने तथा पंजीयन कराने के लिए किसानों को मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम में सैकड़ों कृषक समेत जनप्रतिनिधि व कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू 01 नवंबर को पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे।
अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा।
विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है।
राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने जनदर्शन में सुनी आम जनता की समस्याएं अधिकारियों को दिए निर्देश।
अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनका समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। जनदर्शन के दौरान आज लगभग 32 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका संबंधी और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती धान खरीदी, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सख्त निर्देश — कहा, जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में 9 घंटे चली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में शासन की योजनाओं, जनहित कार्यों और सुशासन पर मंथन हुआ। बैठक की शुरुआत समय से पहले करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया — “जनहित के कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की नीतियों का अंतिम उद्देश्य जनता तक योजनाओं का पारदर्शी लाभ पहुँचाना है। उन्होंने जिलों में परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने और केवल रिपोर्ट आधारित कार्य से बचने की नसीहत दी।
धान खरीदी पर सख्त चेतावनी
धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी, इसके लिए सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अनियमितता पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में अवैध धान आवाजाही रोकने और निगरानी हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के उपयोग के निर्देश दिए।
शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए 100 प्रतिशत प्रसव संस्थागत कराने, टीकाकरण की फील्ड वेरिफिकेशन और मैटरनल डेथ ऑडिट अनिवार्य करने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग को ड्रॉपआउट शून्य करने, 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और आधार आधारित APAR ID पंजीयन पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए।
जनजातीय विकास और योजनाओं की गति पर बल
‘धरती आबा अभियान’ और ‘पीएम जनमन योजना’ के अंतर्गत 2026 तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय इलाकों में सभी विभाग समन्वय से कार्य करें, ताकि गाँव आत्मनिर्भर बन सकें।
स्वच्छता, पेयजल और आवास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-1.0 के शेष मकान 31 दिसंबर तक पूर्ण किए जाएँ और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। उन्होंने चेताया कि “केवल कागज़ी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी, फील्ड विज़िट अनिवार्य हैं।”
कौशल विकास और रोजगार पर नई दिशा
मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा विभाग को युवाओं के लिए राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित करने और प्रत्येक जिले में स्किल गैप एनालिसिस कर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए।
ई-सेवाएं और जवाबदेही पर सख्ती
लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत सभी सेवाओं का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने और सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए गए।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा
“प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल योजनाओं के निष्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, संवाद और जवाबदेही का विषय भी है। सुशासन का अर्थ है — जनता का विश्वास।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती, जनहित योजनाओं में पारदर्शिता और सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में रविवार को आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में मुख्य सचिव, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य जनता तक लाभ पहुँचाना है और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल रिपोर्टों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वास्तविक परिणाम जनता तक दिखाई देने चाहिए।
धान खरीदी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य 15 नवंबर से शुरू होगा और सभी तैयारियाँ समय पर पूरी की जाएँ। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे और प्रत्येक केंद्र की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए पंजीयन और शिविरों के माध्यम से लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि बस्तर और सरगुजा संभाग में योजना की प्रगति की सतत समीक्षा की जाए। ऊर्जा विभाग के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचना चाहिए और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक फाइनेंस सुविधा सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उन्होंने जोर दिया कि सभी अस्पतालों में 100 प्रतिशत प्रसव सुनिश्चित हों और टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए। मैटरनल डेथ ऑडिट अनिवार्य किया जाएगा और एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित व प्रभावी होना चाहिए। वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया और हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने कहा। शिक्षा विभाग के संदर्भ में उन्होंने ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया। शिक्षण सामग्री कक्षा में उपयोग हो और छात्रों की उपस्थिति नियमित मॉनिटर की जाए।
बीजापुर जिले में स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ने और ड्रॉपआउट घटने की सराहना करते हुए उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए ताकि छात्रवृत्ति, गणवेश और किताबें वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाने की भी घोषणा की, जिसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग की जाएगी और परीक्षा परिणाम सुधार के लिए ठोस योजना बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री से मिला फेडरेशन व संघ का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल, संवाद कार्यालय में अभद्रता और तोड़फोड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय, नवा रायपुर में विभागीय अपर संचालक संजीव तिवारी के साथ हुई अभद्रता, झूमाझटकी, गाली-गलौज और कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के विरोध में आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह घटना केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की संस्थागत गरिमा और अनुशासन पर सीधा प्रहार है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि पत्रकारिता की आड़ में भयादोहन और ब्लैकमेलिंग की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जो लोकतंत्र और वास्तविक पत्रकारिता दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य में शासकीय सेवकों की सुरक्षा हेतु एक सशक्त कानून बनाने की मांग की, ताकि अधिकारी-कर्मचारी भयमुक्त होकर जनहित के कार्य कर सकें और दोषियों को कठोर दंड मिले।
उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि सभी शासकीय कार्यालयों, विशेषकर इंद्रावती भवन में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाए तथा प्रवेश द्वारों पर आधुनिक सुरक्षा जांच उपकरण लगाए जाएँ।
छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रवक्ता एवं जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा कि किसी भी शासकीय कार्यालय में घुसकर हिंसक व्यवहार करना, गाली-गलौज करना और अधिकारी को घर जाकर धमकाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। ऐसी घटनाएँ न केवल भय और असुरक्षा का वातावरण बनाती हैं, बल्कि शासन की कार्यकुशलता और मनोबल को भी प्रभावित करती हैं।
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है, जो शासन की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अतः इस विभाग के अधिकारी पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों और शासन की गरिमा पर सीधा प्रहार है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि अभद्रता करने वाले तत्वों पर पूर्व में भी दंडात्मक कार्रवाई की गई है, किंतु वे पत्रकारिता की आड़ में पुनः अधिकारियों को धमका रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि “दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार इस प्रकार की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।”
मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक जे.एल. दरियो, उमेश मिश्रा, संयुक्त संचालक पवन गुप्ता, उपसंचालक घनश्याम केशरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर बागबहार को मिला आधुनिक मिनी स्टेडियम और इंडोर हॉल का तोहफा, 4 करोड़ 67 लाख की स्वीकृति, क्षेत्र में खुशी की लहर....।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। शासन की प्राथमिकताओं में अब खेल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण भी प्रमुख रूप से शामिल है। इसी कड़ी में बागबहार क्षेत्र के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए बड़ी सौगात के रूप में राज्य शासन द्वारा 4 करोड़ 67 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से बागबहार में आधुनिक मिनी स्टेडियम और इंडोर हॉल का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए सुसज्जित मंच मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुछ समय पूर्व बागबहार में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन समारोह में पहुंचकर यह घोषणा की थी। स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया था, और अब शासन द्वारा उसकी औपचारिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस निर्णय से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह देखा जा रहा है।नवनिर्मित मिनी स्टेडियम और इंडोर हॉल में फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, सहित कई खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल ग्रामीण अंचल के खेल प्रतिभाओं को जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगी।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि जशपुर की धरती में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल उचित अवसर और सुविधाओं की आवश्यकता है। सरकार का उद्देश्य है कि हर गांव और हर ब्लॉक से खिलाड़ी आगे बढ़ें और प्रदेश व देश का नाम रोशन करें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का क्षेत्र वासियों ने जताया आभार
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा के पूरा होने पर आभार जताया है। क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। बागबहार निवासी खेलप्रेमी युवाओं ने कहा कि अब उन्हें अपने गांव में ही उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के आयोजन का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जशपुर जिला न केवल सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि अब खेल और संस्कृति के क्षेत्र में भी एक नया इतिहास लिख रहा है।
आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभ - वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने ली ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक।
नवा रायपुर में आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य के नागरिकों को जीएसटी की घटी दरों का त्वरित लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुँचना चाहिए, ताकि हर परिवार को वास्तविक बचत और व्यापारियों को राहत मिल सके।
वित्त मंत्री चौधरी ने बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जीएसटी 2.0” के अंतर्गत दरों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को राहत देना और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इस सुधार का लाभ समयबद्ध और ईमानदारीपूर्वक जनता तक पहुँचे।
गौरतलब है कि आम उपयोग की वस्तुओं की दरों में व्यापक कमी की गई है — लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाई गई हैं। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी बचत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर 60,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की बचत संभव हुई है। वहीं, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आमजन का वार्षिक खर्च काफी घटेगा।
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आम भारतीय परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना है। इन सुधारों के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम अब जीएसटी मुक्त हैं, जिससे परिवारों को सालाना हजारों रुपये की बचत होगी. अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी दर 12% से 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाइयाँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं। इन सुधारों से न केवल आम नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिली है, बल्कि घरेलू बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ा है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा की वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए। यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ और वस्तुएँ केवल नई दरों पर ही बेची जाएँ, ताकि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके।
यह बैठक वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी, वित्त सचिव मुकेश बंसल तथा आयुक्त, राज्य कर पुष्पेन्द्र मीणा की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ एवं क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत के पैरा-एथलीट्स ने रचा नया इतिहास 2025 में जीते 22 पदक कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प से गूँजा भारत का परचम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के पैरा-एथलीट्स ने अदम्य जज़्बे और अथक परिश्रम के बल पर विश्व पटल पर नया इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भारतीय पैरा-एथलीट्स के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प अडिग हो और मेहनत निरंतर, तब कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती। यह प्रदर्शन न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता “नए भारत की नई उड़ान” का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को अपने पैरा-एथलीट्स पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया के सामने भारतीय जज़्बे की नई परिभाषा लिखी है।
डबरी ने खोले समृद्धि के द्वार, दुलार सिंह का सपना हुआ साकार
जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत जाटा के बहेराडीह के दुलार सिंह खेत में एक डबरी बनाने से ही खेती और पशुपालन में होने वाली बढ़ौत्तरी का सजीव उदाहरण बन गए हैं। दुलार सिंह ने यह डबरी भी मनरेगा योजना के माध्यम से बनवाई है। ग्रामीण जीवन का आधार सदैव कृषि और पशुपालन रहा है, परंतु इन दोनों ही कार्यों की आत्मा जल है । यदि जल की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वयं सशक्त हो जाती है। इसी सोच को श्री दुलार सिंह ने साकार रूप दिया है।
डबरी निर्माण होने से पूर्व श्री दुलार सिंह को अपने खेतों की सिंचाई हेतु जल की कमी रहती थी, जिससे सीमित फसल ही ले पाते थे। इसके अलावा बतख पालन, मछली पालन एवं धान की खेती की सिंचाई करने के लिए हमेशा पानी की कमी को महसूस करते आ रहे थे, ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्राम पंचायत जाटा में श्री दुलार सिंह के खेत पर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह द्वारा अपनी निजी भूमि पर डबरी निर्माण कार्य कराया गया। इस कार्य के लिए 2.14 लाख की प्रशासकीय राशि स्वीकृत की गई इसका कार्य प्रारंभ हुआ और जून 2024 को पूर्ण हुआ। इसमें कुल 380 मानव दिवसों के सृजन से 37 श्रमिक परिवारों को 92,577 की मजदूरी प्राप्त हुई। इससे न केवल रोजगार सृजन हुआ बल्कि जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई। अब डबरी में वर्षा जल का संचयन होने से वर्षभर खेतों की सिंचाई सुचारू रूप से हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य पालन एवं पशुपालन शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी बना।
श्री दुलार सिंह बताते हैं कि मनरेगा योजना के अंतर्गत डबरी निर्माण से अब मेरी खेती सिंचित हो रही है। इससे धान के साथ-साथ मेढ़ पर सब्ज़ियाँ भी उगा पा रहा हूँ। डबरी में रोहू एवं पंगास मछली 2 कि.ग्रा. मछली के बीज डाले गये है। आगामी माह में मछली 01 किलो होने के बाद इन्होने बाजार में बिक्री करेंगे, जिससे आमदनी प्राप्त होगी। श्री दुलार सिंह अपने निर्मित डबरी के मेंड़ पार पर हल्दी एवं तिल का फसल लगाया हुआ है, जिसे वह हल्दी एवं तिल को अपने घर के लिये उपयोग करेंगे। मत्स्य पालन और पशुपालन से घर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ग्राम पंचायत सरपंच एवं रोजगार सहायक ने बताया कि इस कार्य से गांव के अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली है। ग्रामीण अब अपनी भूमि पर जल संरक्षण संरचनाएँ बनवाने हेतु आगे आ रहे हैं। इस डबरी निर्माण कार्य ने न केवल श्री दुलार सिंह के जीवन में स्थायी आजीविका का आधार तैयार किया है, बल्कि यह मनरेगा के उद्देश्य रोजगार के साथ स्थायी संपत्ति निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।
नौसेना के नए पोतों का नामकरण होगा छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर, प्रदेश में सेना भर्ती रैली का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की राह आसान बना रहा है नव संकल्प शिक्षण संस्थान युवा कर रहे परीक्षाओं की तैयारी।
कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए नई राह और नई उम्मीद लेकर आया है। यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है, बल्कि कई युवाओं ने यहां से तैयारी कर सरकारी नौकरियों में सफलता भी हासिल की है।
संस्थान में प्रशिक्षण के साथ आवास एवं भोजन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में यहां सीजीपीएससी, एसएससी जनरल ड्यूटी और व्यापम की प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इनमें 60 छात्र-छात्राएं सीजीपीएससी, 50 एसएससी जनरल ड्यूटी और 90 व्यापम परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
संस्थान में प्रतियोगी छात्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए साप्ताहिक टेस्ट का आयोजन कर उन्हें लगातार आंका और सुधार किया जाता है। सीजीपीएससी परीक्षार्थियों के लिए मुख्य परीक्षा की तैयारी पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही यूपीएससी एवं पीएससी से चयनित जिला स्तरीय अधिकारी समय-समय पर यहां आकर मार्गदर्शन देते हैं, जिससे विद्यार्थियों को प्रेरणा और दिशा मिल सके।
संस्थान में पुस्तकालय सह पठन कक्ष की भी व्यस्था किया जा रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर हो सके। इसके अलावा डबल लर्निंग क्लासेस संचालित किया जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राएं अतिरिक्त अभ्यास कर सफलता की राह पर और मजबूती से आगे बढ़ सकें।
खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बना देश का आदर्श राज्य।
रायपुर, 06 अक्टूबर 2025
खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है।
छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है।
वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है।
संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है।
खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है।
गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में हुए शामिल।
रायपुर 06 अक्टूबर 2025
शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है।
उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है।
इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व में,गणेश विसर्जन हादसे के पीड़ितों को मिली त्वरित राहत राशि, 32 लाख की सहायता राशि वितरित।
जशपुर/बगीचा,04 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर गणेश विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मृत चार लोगों एवं 24 घायलों के परिजनों को कुल ₹32 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई।
प्रशासनिक अमले और भाजपा जनप्रतिनिधियों ने आज जूरूडाड पहुँचकर पीड़ित परिवारों के घर-घर जाकर राशि वितरण किया। यह कार्यवाही सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक बनी।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार मृतक परिवारों को ₹5 लाख प्रति परिवार तथा घायलों को ₹50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इस त्वरित राहत कार्य में तहसीलदार श्री महेश्वर उईके, नायब तहसीलदार श्री मिश्रा, तहसील स्टाफ एवं स्थानीय प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
भाजपा जनप्रतिनिधियों ने कहा
“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा की सरकार केवल सत्ता में नहीं, बल्कि जनता के दिलों में है। यह सरकार हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़ी रहती है।”
मुकेश शर्मा, जिला महामंत्री, भाजपा
“यह सहायता राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक है। संकट के समय भाजपा सरकार मौन नहीं, मैदान में उतरती है।”
अरविंद गुप्ता, जनपद उपाध्यक्ष
पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री श्री साय जी, जिला प्रशासन एवं भाजपा संगठन के प्रति आभार जताते हुए कहा
“यह सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि समय पर हर वादा निभाती है — यही है ‘जनता की सरकार, जनता के लिए।"
आदि कर्मयोगी अभियान : ग्राम पंचायतों में मिल रहा है अपार जनसहयोग
जशपुर, 3 अक्टूबर 2025
जिले में प्रारंभ हुए “आदि कर्मयोगी अभियान” को लेकर ग्राम सभाओं में व्यापक तैयारी और उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिल रही है। इस अभियान के तहत सभी 417 ग्राम पंचायतों में विलेज एक्शन प्लान पारित किए जा रहे हैं, जिसमें प्रत्येक ग्राम की अलग-अलग तिथियाँ तय की गई हैं।
ग्रामसभाओं में किए गए ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी जरूरतें, समस्याएँ और प्राथमिकताओं को प्रत्यक्ष रूप से चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार की है। इस अभियान में लगभग 4000 आदि साथी और 6000 आदि सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो गाँव-गाँव जाकर जागरूकता और सहभागिता का संदेश पहुँचा रहे हैं।
जशपुर ज़िले के कलेक्टर रोहित व्यास ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि हर ग्रामसभा में पारित होने वाली योजनाएँ पारदर्शी हों और जनता की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्व दिया जाए।
ग्रामसभाओं का आयोजन उत्सव जैसा माहौल लिए हो रहा है। ग्रामीण उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा कर रहे हैं और कार्ययोजना निर्माण में सहयोग दे रहे हैं।
यह अभियान यह संदेश दे रहा है कि शासन की कोई भी योजना तभी सफल हो सकती है जब उसे आम जनता का सहयोग और नेतृत्व प्राप्त हो। ग्रामसभाओं में पारित विलेज एक्शन प्लान भविष्य की विकास यात्रा का रोडमैप बनेगा।
जिले में प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान आने वाले समय में आदर्श मॉडल सिद्ध हो सकता है। यह पहल न केवल ग्रामीण विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी बल्कि स्थानीय लोगों को अपने गाँव की प्रगति से जोड़ने का मजबूत अवसर भी प्रदान करेगी।
