प्रदेश

पीएम सूर्यघर योजना के हितग्राहियों को बड़ा तोहफा: अब अतिरिक्त सोलर बिजली भी खरीदेगी सरकार, बिजली बिल में मिलेगा सीधा लाभ

 

 

 

 प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब घरों में जरूरत से अधिक उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में भेजने पर सरकार निर्धारित दर पर उसकी खरीद करेगी। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा और उसकी राशि आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाएगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित बायबैक दर को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के पास भेजा गया है। आयोग की स्वीकृति मिलते ही उपभोक्ताओं को अधिशेष बिजली का लाभ सीधे बिजली बिलों में दिखाई देगा।

नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत सोलर संयंत्र से बनने वाली बिजली का पहले उपभोक्ता की घरेलू खपत में समायोजन किया जाता है। इसके बाद बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसका वर्ष के अंत में निर्धारित दर पर बायबैक किया जाता है। इस राशि को उपभोक्ता के खाते में जमा कर अगले बिजली बिलों में समायोजित किया जाएगा।

पावर कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिटों का लेखा-जोखा शून्य से शुरू होता है। इसलिए पिछले वर्ष की अतिरिक्त यूनिट नए बिल में दिखाई नहीं देतीं, लेकिन उनकी राशि सुरक्षित रहती है और आगामी बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित कर दी जाती है।

राज्य सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपनाई गई यह पारदर्शी व्यवस्था हजारों सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से लाभान्वित करेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।

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बारिश के बीच घर पर गिरी मौत बनकर बिजली, 12 वर्षीय मासूम की मौत, एक ही परिवार के 6 सदस्य घायल।

 

 

 

जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र के कप्तुरापाठ गांव में सोमवार रात करीब 8 बजे आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर के भीतर मौजूद 12 वर्षीय प्रमोद राम की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के छह अन्य सदस्य घायल हो गए।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के अंदर थे। अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने से पूरा परिवार इसकी चपेट में आ गया। हादसे में प्रमोद राम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि छह अन्य सदस्य घायल हो गए।

घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्ना पहुंचाया गया। घायलों में मृतक की मां बंधनी बाई भी शामिल हैं, जिन्हें अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के त्वरित उपचार से उनकी हालत में सुधार हुआ।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी घायल अब खतरे से बाहर हैं और उनका उपचार जारी है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्ना के चिकित्सक डॉ. नितीश सोनवानी ने बताया कि बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि खराब मौसम, तेज गर्जना और बिजली चमकने के दौरान घर या सुरक्षित स्थान पर रहें तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

इस हृदयविदारक घटना से कप्तुरापाठ गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतक बालक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘‘ योजना के तहत् किशोरी बालिकाओं का सिकल सेल-हीमोग्लोबिन परीक्षण शिविर का किया गया आयोजन

 

 

 

 

 

 

 

कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार महिला बाल विकास विभाग द्वारा 18 जून को संगम चौक स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय सभाकक्ष में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया   

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केंद्र मिशन शक्ति हब द्वारा किशोरी बालिकाओं का सिकल सेल एनीमिया एवं हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। शिविर का उद्देश्य बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित करना था।

 सिकली सेल संगवारी टीम जिला चिकित्सालय ने 60 बालिकाओं की स्क्रीनिंग की, जिसमें 4 पॉजिटिव पाई गईं। इन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगे जांच व उपचार हेतु चिन्हित किया गया। साथ ही इस दौरान स्वास्थ्य व करियर पर मार्गदर्शन दिया। एकीकृत बाल सेवा परियोजना के श्री योगेश भगत ने पोषण, स्वास्थ्य व माहवारी स्वच्छता पर जानकारी दी। संरक्षण अधिकारी श्रीमती शिखा शर्मा ने घरेलू हिंसा, सखी वन स्टॉप सेंटर-181 व महिला हेल्पलाइन पर बताया।

मिशन हब समन्वयक सुश्री नेहा नायक ने मासिक धर्म स्वच्छता समझाई। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल विवाह, बाल श्रम व मोबाइल दुरुपयोग पर अंजना देवी ने जानकारी दी। कार्यक्रम में अधिकारी, परियोजना समन्वयक, संगवारी टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका सहित कुल 130 प्रतिभागी शामिल रहे।

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कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी जनदर्शन में 55 आवेदन प्राप्त हुए

 

 

 

 

 कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 55 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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मुख्य सचिव ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की अधिकारियों से ली जानकारी।

 

 

 

 छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होगा। अभियान के तहत शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा प्रत्येक पात्र परिवारों को पहुंचाया जाएगा। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में इस संबंध में अधिकारियों से की जा रही व्यापक तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल है। जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा सभी पात्र परिवारों को दिया जाएगा। योजना के फायदें से कोई वंचित न रहें इसके लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ के तहत अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त।

 

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा के अवैध दोहन तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी कड़ी में संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी श्री रजत बंसल के निर्देशन में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और संबंधित जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में विभिन्न स्थानों पर खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त कुल सात वाहनों को जप्त किया गया।

जांच के दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरबसपुर क्षेत्र में निम्न श्रेणी चूना पत्थर से लदे दो हाइवा, सूरजपुर जिले के लटोरी में रेत से भरा एक हाइवा तथा खड़गवां में एक टिप्पर पकड़ा गया। वहीं सरगुजा जिले के सकालो और अंबिकापुर क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे तीन टिप्परों पर कार्रवाई की गई। सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत जप्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है।

कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक गंभीर घटना भी सामने आई। जांच कर रही टीम के साथ वाहन मालिक, चालक और उनके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच और धमकी दी गई तथा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

खनिज विभाग ने दोहराया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने, अधिकारियों को धमकाने अथवा अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य शासन का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रवर्तन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में संयुक्त निरीक्षण, निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 

 

 

 

 

 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" वर्तमान समय की आवश्यकता को दर्शाती है। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया 21 जून को उत्साहपूर्वक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में अत्यंत प्रभावी है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी इसकी उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है। उन्होंने महर्षि पतंजलि और भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार योग के विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों और कॉलेजों तक पहुंचाकर स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी तक योग से नहीं जुड़े हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि ब्रह्ममुहूर्त में योगाभ्यास सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

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जशपुर में मनाया गया 12वां विश्व योग दिवस, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल बोले- करें योग, रहें निरोग

 

 

 

12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में जिला स्तरीय योग दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। योग प्रशिक्षक डमरूधर स्वर्णकार और स्मिता जैन के मार्गदर्शन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

इस अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

सामूहिक योगाभ्यास के दौरान ताड़ासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, अर्धचक्रासन और शवासन सहित विभिन्न योगासन तथा अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि राजेश अग्रवाल ने सभी को विश्व योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और दुनिया के अनेक देशों ने इसे अपनाया है। उन्होंने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की निरंतर साधना है। "करें योग, रहें निरोग" का संदेश देते हुए उन्होंने विभिन्न आसनों का अभ्यास किया और उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।

जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन प्रसन्न और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों के समय से चली आ रही यह परंपरा अनेक बीमारियों से बचाव में सहायक है।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज पूरा विश्व योग को अपना रहा है। उन्होंने योग को जीवन की आत्मा और साधना बताते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत ने भी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने की अपील की। कार्यक्रम के माध्यम से जिलेवासियों को निरोगी जीवन, मानसिक शांति और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग अपनाने का संदेश दिया गया।

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आमाकोनी को मिली 28 लाख के विकास कार्यों की सौगात, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने किया लोकार्पण।

 

 

 

 

 

 

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा अपने जिला प्रवास के दौरान रविवार को तहसील सुहेला के ग्राम आमाकोनी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों को बड़ी सौगात देते हुए 10 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवन तथा 18 लाख रुपए की लागत से तैयार प्रार्थना शेड एवं अहाता निर्माण का लोकार्पण किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सुहेला क्षेत्र में अब विकास के कार्य लगातार गति पकड़ रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की जो भी समस्याएं हैं, उन सभी का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाएगा।

*समग्र विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित*

राजस्व मंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह कृत संकल्पित है। हमने जनता से की गई 'मोदी की गारंटी' के सभी प्रमुख वादों को पूरा कर दिया है।

*3 से 4 वर्षों में हर परिवार को मिलेगा पक्का आशियाना*

 ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा देते हुए श्री वर्मा ने बताया कि वर्तमान में आमाकोनी ग्राम में 51 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण तेजी से चल रहा है और आने वाले समय में और भी आवास स्वीकृत किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि अगले 3 से 4 साल के भीतर क्षेत्र में कोई भी घर कच्चा नहीं रहेगा। सरकार हर घर में शुद्ध पेयजल, बिजली और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है। पात्र लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने से हर परिवार में खुशहाली आएगी। 

उन्होंने ग्रामीणों से आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ रहकर गांव के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

लोकार्पण समारोह के इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य,जनपद सदस्य, सरपंच सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामवासी

उपस्थित थे।

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आसमान में उड़ता ड्रोन और सुधरती तकदीर सारंगढ़ की सुनीता पटेल ऐसे बनीं 'लखपति ड्रोन दीदी'

 

 

कहते हैं कि अगर हौसलों को सही तकनीक और अवसरों के पंख मिल जाएं, तो ग्रामीण परिवेश की साधारण सी दिखने वाली महिलाएं भी कामयाबी की नई उड़ान भर सकती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के एक छोटे से गांव खोरीगांव की रहने वाली सुनीता पटेल की। सुनीता आज सिर्फ अपने घर की दहलीज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आसमान में ड्रोन उड़ाकर अपने खेतों को समृद्ध बना रही हैं और खुद 'लखपति दीदी' बनकर ग्रामीण सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

*शुरुआत एक सपने की, जिसने बदली जिंदगी*

इस बदलाव की नींव तब पड़ी जब 15 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने "नमो ड्रोन दीदी" योजना की घोषणा की थी। इस योजना का मकसद देश की ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़कर उनकी सालाना आय को 1 लाख रुपये से ऊपर ले जाना था। सुनीता पटेल ने इस सुनहरे मौके को हाथ से जाने नहीं दिया।

दिसंबर 2023 में वे अपने सपनों की पोटली बांधकर 15 दिनों के कड़े प्रशिक्षण के लिए ग्वालियर गईं। वहां उन्होंने न सिर्फ ड्रोन उड़ाने की बारीकियां सीखीं, बल्कि खेतों में कीटनाशकों और नैनो उर्वरकों के सही इस्तेमाल का तकनीकी ज्ञान भी हासिल किया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जब उन्हें उर्वरक कंपनी 'इफको' (IFFCO) की ओर से कृषि ड्रोन मिला, तो मानो उनकी आजीविका को नए पंख मिल गए।

*खेतों में तकनीक की क्रांति और 2 लाख रुपए तक की आय*

साल 2024 से शुरू हुआ सुनीता का यह सफर आज 2026 में सफलता के शिखर पर है। सुनीता अब हर साल खेतों में दवा और खाद का छिड़काव करके 1 से 2 लाख रुपये की सम्मानजनक वार्षिक आय कमा रही हैं। सबसे खूबसूरत बात यह है कि सुनीता अपने काम को सिर्फ एक व्यवसाय नहीं मानतीं। ग्रामीण परिवेश से जुड़ी होने के कारण वे अमीर-गरीब का भेद किए बिना, पैसों की परवाह किए बगैर हर किसान के खेत में उतनी ही शिद्दत से काम करती हैं।

शनिवार को सारंगढ़ मंडी प्रांगण में जब 'खेती बचाओं अभियान' और 'प्राकृतिक खेती कार्यशाला' का आयोजन हुआ, तो सुनीता के हुनर को देखने भारी भीड़ उमड़ी। वहां मौजूद प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सामने जब सुनीता ने पानी से भरे भारी-भरकम ड्रोन को रिमोट के जरिए आसमान में उड़ाया और मैदान में छिड़काव का सजीव प्रदर्शन किया, तो पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा। मंत्री जी ने भी उनके इस जज्बे और तकनीकी कुशलता की जमकर सराहना की।

*कैसे काम करती है यह योजना और आप कैसे उठा सकते हैं लाभ?*

 सुनीता की यह सफलता दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की ताकत को दर्शाती है। इस योजना के तहत देश की सात प्रमुख उर्वरक कंपनियां महिलाओं को ट्रेनिंग और ड्रोन सप्लाई में मदद कर रही हैं।

अगर गांव की कोई भी अन्य महिला सुनीता की तरह 'ड्रोन दीदी' बनना चाहती है, तो उसकी प्रक्रिया बेहद सरल है। इसके लिए महिला की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, वह कम से कम 10वीं पास हो और किसी पंजीकृत स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य हो। चयन होने के बाद नजदीकी रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) में 15 दिनों की मुफ्त पायलट और असिस्टेंट ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके बाद DGCA द्वारा आधिकारिक 'रिमोट पायलट सर्टिफिकेट' मिलता है। ड्रोन खरीदने के लिए सरकार की तरफ से 80 प्रतिशत या अधिकतम 8 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी दी जाती है। बाकी बची रकम पर भी एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के जरिए महज 3 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर लोन मिल जाता है।

*प्रेरणा की नई मिसाल*

 आज सुनीता पटेल सिर्फ अपने गांव की नहीं, बल्कि पूरे जिले और पड़ोसी राज्यों की महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बन चुकी हैं। शासकीय कार्यक्रमों में जब वे अपने ड्रोन के साथ पहुंचती हैं, तो उन्हें देखकर सैकड़ों अन्य ग्रामीण महिलाओं की आंखों में भी आत्मनिर्भर बनने के सपने तैरने लगते हैं। सुनीता ने साबित कर दिया है कि भारत के गांवों की तरक्की का रास्ता अब खेतों से होते हुए आसमान की तरफ जाता है। यदि योजना के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो इसकी आधिकारिक वेबसाइट https://namodronedidi.da.gov.in/ पर जाकर जानकारी ले सकते हैं।

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जशपुर में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त हुए पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश बंसल, अधिकारियों को दिए समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

 

 

 

 

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल ने जशपुर जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयावधि में पूरे किए जाएं।

सचिव मुकेश बंसल ने 18 एवं 19 जून को रानीबहार बगीचा मार्ग, बगीचा चराईडांड़ मार्ग तथा नवीन मेडिकल कॉलेज जशपुर के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग का निरीक्षण किया।

 मेडिकल कॉलेज तक बेहतर आवागमन के लिए फोरलेन सड़क निर्माण के प्रस्ताव के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस दौरान उन्होंने जशपुर पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद जशपुर और पत्थलगांव में विभाग के अधीन चल रहे सभी निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें नई और अधूरी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।

बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, प्रमुख अभियंता बीके भट्टवर्मा, मुख्य अभियंता सरगुजा परिक्षेत्र बीएल उपाध्याय, मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ज्ञानेश्वर कश्यप, मुख्य अभियंता विद्युत, यांत्रिकी एवं सेतु निर्माण जीएस मंडावी समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पीडब्ल्यूडी सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और तय समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण कराया जाए।

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बस्तर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 17 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में विधायक किरण सिंह देव ने नव विवाहितों को दिया आशीर्वाद

 

 

 

 

 

 मुख्यमंत्री कन्या विवाह' राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक कल्याणकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब, निराश्रित, और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना मुख्य रूप से सामूहिक विवाह के माध्यम से सम्पन्न होती है, जिससे गरीब परिवारों पर विवाह का भारी आर्थिक बोझ कम हो सके और फिजूलखर्ची पर रोक लगे।

जगदलपुर स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में सोमवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत एक भव्य और गरिमामय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच कुल 17 जोड़े सदा-सदा के लिए एक-दूसरे के साथ दाम्पत्य सूत्र में बंध गए। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने नवविवाहित जोड़ों के ऊपर अक्षत और पुष्प वर्षा कर उन्हें सुखी और समृद्ध दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। 

*दो पुनर्वासित जोड़ों ने भी गृहस्थ जीवन को अपनाया*

इस विवाह समारोह की सबसे अनूठी और गौरवशाली विशेषता यह रही कि इसमें पुनर्वासित 2 विशेष जोड़े भी शामिल हुए। नारायणपुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले इन पूर्व नक्सली दंपत्तियों में पिलसाय सलाम संग सिरबत्ती और पतिराम संग मनाय कश्यप शामिल हैं, जिन्होंने गृहस्थ जीवन अपनाकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। विधायक श्री किरण सिंह देव ने इन जोड़ों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत ऐसे कदमों से बस्तर में शांति और खुशहाली के एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

*बेटियों का सम्मानपूर्ण विवाह समाज का सबसे पुनीत कार्य*

विवाह समारोह को संबोधित करते हुए जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि बेटियो का विवाह सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है। हमारी संवेदनशील सरकार के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े जी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत विवाह हो रहा है। इस योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्ण विवाह कराना समाज का सबसे पुनीत कार्य है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है। 

*आर्थिक बोझ कम कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा लाभ*

विधायक श्री देव ने कहा कि आज विवाह के बंधन में बंधे सभी 17 जोड़े एक सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में अपनी सहभागिता देंगे। इसके साथ ही यह योजना गरीब बेटियों के विवाह में होने वाले आर्थिक बोझ को कम कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि विगत दिनों प्रदेश के विधायक बेमेतरा ने मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना में विवाह कर सभी को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरणा दी।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन, जनपद अध्यक्ष श्री पदलाम नाग, उपाध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम कश्यप, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, नवविवाहित जोड़ों के परिजन तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वर-वधू को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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सीएम साय के प्रयासों से जशपुर को मिली ऐतिहासिक सौगात।

 

 

 

 

 

 

 जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। इसके साथ ही पहली बार जशपुर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

करीब 291.881 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से प्रारंभ होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक विकसित की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह परियोजना प्रभावशील हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना के तहत लंबे समय से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग को बड़ी सफलता मिली है। दशकों से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे जशपुरवासियों के लिए यह उपलब्धि किसी ऐतिहासिक सौगात से कम नहीं है।

नई रेल लाइन से जिले की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में भी आसानी होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ने की संभावना है।

परियोजना से पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। जशपुर के प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की पहुंच भी पहले की अपेक्षा अधिक सुगम हो सकेगी।

परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन क्षेत्र के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगी।

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प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर को दी बड़ी सौगात, वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल का 80 लाख रुपए की लागत से होगा जीर्णोद्धार.....।

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल करते हुए जशपुर नगरवासियों को एक बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नगर पालिका परिषद जशपुरनगर के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अधोसंरचना मद से 80 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है।इस स्वीकृति के तहत वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल, जशपुरनगर के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 80 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। लंबे समय से हॉल के उन्नयन की मांग की जा रही थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए अपनी घोषणा के अनुरूप स्वीकृति दी है।

इस कार्य के पूर्ण होने से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा नगरवासियों को आधुनिक और सुसज्जित कम्युनिटी हॉल का लाभ मिलेगा।

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सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा

 

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

*राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

*प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश*

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

*किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें*

मुख्यमंत्री श्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।

*महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस*

बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

*स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा*

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।

*शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल*

मुख्यमंत्री ने पीएम श्री स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।

पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर श्री एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।

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जंगल के बीच क्रिकेट का मैदान और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हाथ में बैट बदलते बस्तर की खुशनुमा तस्वीर

 

 

 

सुकमा के जंगलों के बीच मैदान में युवाओं को क्रिकेट खेलते देख उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव खुद को रोक न सके। उन्होंने गाड़ी रुकवाई, खिलाड़ियों के बीच मैदान में पहुंचे और क्रीज पर जाकर बैट थाम लिया। टूर्नामेंट खेल रहे कुशल गेंदबाजों की गेंदों पर कुछ करारे शॉट भी लगाए। यह बदलते बस्तर की खुशनुमा तस्वीर है।

किरंदुल से सुकमा के रास्ते का यह मुनगा गांव था जहां श्री साव ने मैदान में बल्ला भांजा। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत कोर्रा का आश्रित गांव है यह। मैदान पर खेलने के लिए जुटे युवाओं से पता चला कि यहां 7 जून से क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है जिसमें आसपास के गांवों की 16 टीमों ने भाग लिया है। मैदान के एक छोर पर खिलाड़ियों का झुंड तो दूसरे छोर पर दर्शकों का झुंड था।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कुछ गेंदे खेलने के बाद पिच पर ही खिलाड़ियों से अपने सहज-सरल अंदाज में बातचीत शुरू की, जिससे इस टूर्नामेंट की जानकारी मिली। उन्होंने खिलाड़ियों के मांगे बिना ही सभी 16 टीमों को क्रिकेट किट देने का वादा किया, जिससे वे पूरे साजो-सामान के साथ अपने खेल का आनंद ले सकें। श्री साव से चर्चा के बीच खिलाड़ियों ने खेल मैदान की कमी की बात रखी, जिस पर उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित कर समुचित व्यवस्था का आश्वासन दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव इन दिनों चार दिनों के बस्तर प्रवास पर हैं। वे रोज दिनभर निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही अधिकारियों की बैठक लेकर इनकी प्रगति की समीक्षा भी कर रहे हैं। बस्तर संभाग के प्रगतिरत काम जल्दी कैसे पूरे हों... अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कर कैसे तेजी से अंजाम तक पहुंचाएं, इन पर बैठकों में मंथन भी कर रहे हैं।

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