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बड़ी खबरः कवर्धा में नोटों से भरी गाड़ी पकड़ाई, 1 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद
कवर्धा। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को कवर्धा से एक बड़ी खबर आयी है। नोटों से भरी गाड़ी पकड़ायी है। कार में 1 करोड़ रुपये मिले हैं। हालांकि इस पैसे का कहां और कैसे इस्तेमाल किया जाना था, इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस को ये कामयाबी चिल्फी पुलिस चेक पोस्ट पर जांच के दौरान मिली है।
जानकारी के मुताबिक रकम ज्यादा भी हो सकती है। फिलहाल नोटों की गिनती जारी है। पुलिस इस मामले में जांच के बाद ही कुछ बताने की बात कह रही है। आईपीएस अभिषेक पल्लव ने कहा है कि… चिल्फी चेकपोस्ट में 1 करोड़ रुपए कैश पकड़ाए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा निवासी निशांत वैद्य, राहुल रावत, दिल्ली निवासी नरेंद्र कुमार सहाय, विपिन सिंह शामिल हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी कैश को फरीदाबाद से ओडिशा ले जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर चिल्फी चेक पोस्ट पर आरोपी धरे गए। एक करोड़ कैश का कोई दस्तावेज संदिग्धों के पास मौजूद नहीं थे।फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जल्द खुलासा हो सकता है।
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3 दिन छुट्टी : स्थानीय अवकाश घोषित...जानिए किन तीन दिन रहेगी छुट्टियां... देखें आदेश....
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले के कलेक्टर संजीव कुमार झा ने तीन स्थानीय अवकाश घोषित किया है। ये तीन स्थानीय अवकाश गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली में रहेगा। पढ़ें आदेश
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राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रमोद शर्मा के कांग्रेस प्रवेश को लेकर अटकलें तेज, कई बड़े चेहरों की पार्टी में हो सकती है एंट्री
रायपुर। वायनाड सांसद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को रायपुर पहुंचे रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी नवा रायपुर में युवा संवाद को संबोधित करेंगे। इस बीच राहुल गांधी की मौजूदगी में बलौदा बाजार के जेसीसी विधायक प्रमोद शर्मा सहित जोगी कांग्रेस के कई चेहरे कांग्रेस में प्रवेश ले सकते हैं।
बता दें शुक्रवार को महासमुंद जिले के सरायपाली विधानसभा से भाजपा पूर्व विधायक प्रत्याशी श्याम तांडी ने अपने सैकड़ों कार्यकताओं के साथ कांग्रेस में प्रवेश कर लिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सभी को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
बता दें कि बलौदाबाजार के विधायक प्रमोद शर्मा के कांग्रेस प्रवेश को लेकर पहले ही अटकले लगती रही हैं। हालांकि उनका ये भी कहना है कि सब मीडिया में चल रहा है। मेरे कार्यकर्ताओं के साथ तिल्दा और सुहेला में बैठक हुई है और तीसरी बैठक बलौदाबाजार में है, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि हाल ही में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने बलौदाबाजार का दौरा कर विधायक प्रमोद शर्मा के कांग्रेस प्रवेश को लेकर पार्टी के नेताओं से चर्चा की थी। जिसके बाद से ही सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि विधायक प्रमोद शर्मा रायपुर में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस प्रवेश करने का ऐलान कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि उनके साथ सैकड़ों की संख्या में जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
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भाजपा को बड़ा झटका, टिकट न मिलने से नाराज ये नेता हुए कांग्रेस में शामिल
रायपुर। विधानसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ के राजनितिक गलियारों में काफी राजनीतिक गलियारे में घमासान मचा हुआ है। इस बीच खबर आ रही है कि टिकट के न मिलने से नाराज भाजपा पूर्व विधायक प्रत्याशी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
बता दें कि यह बड़ा झटका पार्टी को उस वक्त लगा है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए हालही में 21 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी। जिसमें सरला कोसरिया को सरायपाली विधानसभा से टिकट दिया गया है। तब से श्याम टांडी पार्टी से नाराज चल रहे हैं।गांडा समाज को टिकट नहीं मिलने पर श्याम तांडी ने अपनी नाराजगी जताई और अपने समर्थकों के साथ अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया।
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पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की धारदार हथियार से युवक की हत्या
सुकमा। जिले में नक्सलियों ने पुलिस की मुखबिरी करने के शक में युवक की हत्या कर दी है। वारदात के बाद उसके शव को जंगल में फेंक दिया। शव के पास पर्चे भी फेंके गए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम को मौके पर पहुंच गई। मामला चिंतागुफा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, युवक कोर्सा कोसा सिलगेर का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि, नक्सलियों ने उसका अपहरण कर लिया था। फिर उसे अपने साथ जंगल लेकर गए। जहां उस पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया और हत्या कर दी। जिसके बाद शव को सुकमा जिले के मिनपा गांव के जंगल में फेंक दिया था। ग्रामीणों ने शव को देखकर इसकी जानकारी पुलिस को दी।
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राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत: सरकार ने बढ़ाई ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख, ये है नई डेड लाइन
भारत सरकार के निर्देश पर ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्रवाई की अंतिम तारीख आज 31 अगस्त थी। इस तारीख को अब आगे बढ़ा दिया गया है। अब राशनकार्ड के सदस्यों को 30 सितंबर तक का मौका दिया गया है।
इस वजह से हो रही ई-केवाईसी
वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है। राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने और आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है।
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*कांग्रेस ने जारी किया भाजपा का काला चिट्ठा*
*कांग्रेस ने जारी किया भाजपा का काला चिट्ठा*
*प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, ऑब्जर्वर प्रीतम सिंह की उपस्थिति में जारी हुआ भाजपा का काला चिट्ठा*
*एआईसीसी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि*
आज हम छत्तीसगढ़ की कांग्रेस पार्टी की ओर से भारतीय जनता पार्टी के करतूतों का कुशासन का उनकी केंद्र की मोदी सरकार की वायदा खिलाफी, भ्रष्टाचार, कुशासन और छत्तीसगढ़ में 15 साल तक भाजपा की सरकार थी, 15 साल के भाजपा के शासन का दौर छत्तीसगढ़ के लिये काला अध्याय था। भाजपा के जन विरोधी आचरण के खिलाफ भाजपा का काला चिट्ठा जारी कर रहे है
इसमें 9 साल की मोदी सरकार की वायदा खिलाफी
15 साल के रमन राज में छत्तीसगढ़ का शोषण, भ्रष्टाचार वायदा खिलाफी
भाजपा का चरित्र आदिवासी विरोधी अनुसूचित जाति विरोधी
हमारे द्वारा प्रस्तुत भाजपा के काला चिट्ठा में कुल 212 बिंदु है
मोदी सरकार का काला चिट्ठा-85 बिंदु
मोदी के कुशासन जनविरोधी फैसले - 26 बिन्दु
रमन उनके मंत्री मंडली सहयोगियों के घोटाले-34 बिंदु
रमन राज के 15 साल में छत्तीसगढ़ शोषण -54 बिंदु
भाजपा का आदिवासी विरोधी चरित्र-8 बिंदु
भाजपा किसान विरोधी - 4 बिंदु
भाजपा चरित्र आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं गरीब विरोधी-1 बिंदु
देश में महंगाई चरम पर है केंद्र सरकार मुनाफाखोर बनी हुई है। पांच राज्यों के चुनाव सिर पर देख कर रसोई गैस के दामों में 200 रू. कटौती की गयी, 400 का सिलेंडर तीन गुना 1200 कर दिया, अब 200 की कटौती कर घड़ियाली आंसू बहा रहे। डीजल, पेट्रोल, राशन सामाग्री सभी के दाम बेतहाशा बढ़ गये है। आम आदमी के घर का बजट बढ़ गया। मोदी जुमलों पर सरकार चला रहे है।
कल्पनाओं में और बयानों में खुद को सबसे ईमानदार बताते है न खाऊंगा न खाने दूंगा का नारा देते है लेकिन अडानी के घोटालों पर मौन साध लेते है, संसद में जवाब नहीं देते है।
विपक्षी दलों के सरकारों के खिलाफ ईडी, आईटी, सीबीआई की जांच करवाते है, धमकियां दी जाती है। गलत कार्यवाहियां करवाई जाती है, केंद्र सरकार के खिलाफ अमित शाह के गृह मंत्रालय के खिलाफ 1.25 लाख शिकायतें लंबित है उसकी जांच क्यों नहीं करवाई जाती, सारी कार्यवाही गैर भाजपा शासित राज्यों के खिलाफ ही क्यों? प्रधानमंत्री जवाब दें जिन नेताओं के खिलाफ भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है जब वे भाजपा प्रवेश कर लेते है तो उनके खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्यवाही बंद क्यों हो जाती है?
*मोदी के कुशासन एवं जन विरोधी फैसले*
1 देश के 14 प्रधानमंत्रियों के कुल मिलाकर 67 साल में कुल 55 लाख करोड़ कर्ज लिया था। पिछले 9 साल में नरेन्द्र मोदी ने देश पर कर्जा 3 गुना कर दिया। 100 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज केवल मोदी ने लिया है। 2014 में देश पर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ था जो अब बढ़कर 155 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।
2 डीजल पर सेंट्रल एक्साइज 2014 में 3.54 पैसा था जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर 31 रू. तक पहुंचा दिया। 410 का सिलेंडर 1100 के पार केवल पेट्रोलियम उत्पाद से 30 लाख करोड़ से अधिक अतिरिक्त मुनाफाखोरी। केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज के रूप में देश की आम जनता की जेब से 30 लाख करोड़ की डकैती की।
3 रूपये का सर्वाधिक अमूल्यन मोदी राज में हुआ। एक डॉलर की कीमत 2014 में 59 रू. थी जो आज बढ़कर 83 रू. हो गया है। अर्थात 41 प्रतिशत अमूल्यन केवल मोदी राज में। मोदी जी कहते थे रुपये का मूल्य जितना गिरता है उतना केंद्र की सरकार भ्रष्ट होती है।
4 चंद पूंजीपति मित्रों के 18 लाख करोड़ से अधिक का लोन राईट ऑफ कर दिये लेकिन किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी-2 फार्मूले पर 50 प्रतिशत लाभ का वादा करके भूल गये।
5 सेंट्रल एक्साइज जैसे केंद्रीय करो में कमी कर उसी अनुपात में सेस लगाया ताकि राज्यों को उसका हिस्सा न देना पड़े मोदी सरकार की नीतियां सहकारी संघवाद और राज्यों के आर्थिक हितों के खिलाफ।
6 अडानी की कंपनी ने लगाये गये फर्जी सेल कंपनियों के 20 हजार करोड़ किसके है?
7 किसके दबाव में कंपनी एलआईसी और एसबीआई का पैसा अडानी की डूबती कंपनी में लगाया।
8 तमाम केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश कम करके राज्यांश बढ़ाया अर्थात राज्यों में अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया।
9 छत्तीसगढ़ उत्पादक राज्य है। जीएसटी लागू होने के बाद उत्पादक राज्यों को होने वाली क्षतिपूर्ति की भरपाई 30 जून 2022 से बंद कर दी गयी। लेकिन क्षतिपूर्ति की भरपाई के लिये वसूला जाने वाला जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक वसूलेगी। उत्पादक राज्यों की उपेक्षा क्यों?
10 केंद्र की मोदी सरकार ने पहले नोटबंदी फिर गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) फिर कोविड मिस मैनेजमेंट से पूरे देश की अर्थव्यवस्था का बंटाधार कर दिया।
11 केंद्र की मोदी सरकार ने अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिये देश के अन्नदाता किसानों पर कृषि के 3 काले कानूनों को थोपने का प्रयास किया। देश के किसान 1 साल से ज्यादा समय तक सड़कों पर आंदोलन करते रहे, कभी उन्हें अरबन नक्सली, आतंकवादी और पाकिस्तानी जैसे शब्दों से संबोधित कर अपमान किया गया। जब देश के 750 किसान परिवारों ने अपने परिवार के 1 सदस्य को खोया तब जाकर केंद्र की मोदी सरकार नींद से जागी।
12 वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को शिथिल कर आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन से वंचित करने केंद्र की मोदी सरकार षड़यंत्र रच रही है।
13 केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण भारत देश भूखमरी इंडेक्स में पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका से भी पिछड़ चुका है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता शिखर पर पहुंच चुका है।
14 यूपीए सरकार में देश के 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आये। जबकि केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण 23 करोड़ लोग मध्यम वर्ग से गरीबी रेखा के नीचे चले गये।
15 दैनिक उपभोग की वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाकर आम जनता से बेरहमी से कर वसूली करके कुल कर संग्रहण तो 3 गुना बढ़ा लिये लेकिन उसका लाभ और सुविधायें न राज्यों को, न ही आम जनता को।
16 10 दिन के भीतर अडानी की कंपनियों में निवेशकों के 15 लाख करोड़ की अधिक की राशि कैसे लूट गये? किसके संरक्षण में अडानी की कंपनियों एसेट बढ़ाकर बताये गये।
17 अपने पूंजीपतियों मित्रों के लाभ के लिये पहली बार देश में कमर्शियल माइनिंग मोदी सरकार ने प्रारंभ किया। कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल जैसे सरकारी कंपनियों और नवरत्न कंपनियों में खनन का काम अडानी को किसके दबाव में दिया गया।
18 भूपेश सरकार ने 27 जुलाई 2022 को हसदेव अरण्य के पांच कोल ब्लॉक आवंटन निरस्त करने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र की मोदी सरकार को भेजा है। विगत एक वर्ष से मोदी सरकार खामोश क्यों है?
19 यूपीए के समय तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य और तमोर पिंगला को अति जैव विविधता महत्वपूर्ण क्षेत्र मानते हुये नो गो एरिया घोषित कर खनन गतिविधियां प्रतिबंधित की गयी थी। जिसे मोदी सरकार ने संकुचित कर माइनिंग शुरू कराया।
20 कोरोना महामारी के समय अपने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने श्रम विरोधी दर्जनों कानून सदन में बिना चर्चा के ही पारित कर दिये।
21 02 दिसंबर 2022 से 76 प्रतिशत आरक्षण विधेयक विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर राजभवन भेजा गया है, 9 माह से आखिर किसके इशारे पर और किसके दबाव में रोका गया है?
22 सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार द्वारका एक्सप्रेसवे 18 करोड़ रुपये प्रति किमी की लागत से बनना था, लेकिन मोदी सरकार ने इसकी लागत बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये प्रति किमी कर दी।
23 भारत माला प्रोजेक्ट के तहत 75 हजार किमी सड़क बन रही है। ये सड़क 15 करोड़ प्रति किमी की लागत से बननी थी,लेकिन मोदी सरकार ने लागत 15 से 25 करोड़ रुपये प्रति किमी बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये का घोटाला किया और अधिकांश काम अडाणी की कंपनियों को दे दिया।
24 जनवरी 2015 से मार्च 2022 के बीच स्वदेश दर्शन योजना का ऑडिट किया था, जिसकी रिपोर्ट बुधवार को संसद में पेश की गई और कहा गया कि छह राज्यों की छह परियोजनाओं में ठेकेदारों को 19.73 करोड रुपये का गलत तरीके से लाभ दिया गया। अयोध्या स्वदेश दर्शन योजना के तहत रामायण सर्किट का हिस्सा है। इसके लिए 27 सितंबर 2017 को 127 करोड़ 21 लाख का बजट मंजूर हुआ था। इसमें से 115 करोड़ रुपये अभी तक जारी किए जा चुके हैं।
25 एनएमडीसी द्वारा निर्मित नगरनार स्टील प्लांट जिससे बस्तर के लोगों की सीधी भावनायें जुड़ी हुई है उसे केंद्र सरकार अपने मित्र अडानी को सौप कर निजीकरण करने की साजिश कर रही है। इसके अलावा एसईसीएल की 80 प्रतिशत से अधिक खदानों को पूंजीपति मित्र अडानी को सौपने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
26 छत्तीसगढ़ में केंद्र की मोदी सरकार अपने मुनाफे और पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिये यात्री ट्रेनों के बजाय कोयले परिवहन को प्राथमिकता देते हुये लगातार बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के ट्रेनों को लगातार रद्द कर रही है। भाजपा के नौ लोकसभा सांसद केंद्र की मोदी सरकार के सामने छत्तीसगढ़ की हकों की बात करने में पूरी तरह असमर्थ है।
*प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि*
आज हम भाजपा की जनविरोधी सोच का काला चिट्ठा जारी कर रहे है। भाजपा ने 15 साल में छत्तीसगढ़ का शोषण किया। भाजपा के राज में प्रदेश में आम आदमी के संवैधानिक अधिकारों को बंधक बना कर रखा गया था। आदिवासी, किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं सभी असुरक्षित थी। किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत नहीं मिलती थी। आदिवासी असुरक्षित थे। नक्सलवादी गतिविधियां जोरों पर थी। महिलायें, बच्चियां असुरक्षित, झलियामारी और आमाडोला जैसी घटनाएं प्रदेश की पहचान बन गयी थी। नान घोटाला, चिटफंड घोटाला, ओडीएफ घोटाला, पनामा पेपर, डीकेएस जैसे घोटालों से प्रदेश की छवि खराब हुई थी। भाजपा की मोदी सरकार वादाखिलाफी का पर्याय बन गयी है। किसानों, युवाओं, गृहणियों किसी से किया वादा मोदी ने पूरा नहीं किया।
*भाजपा का चरित्र आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग गरीब विरोधी*
कांग्रेस सरकार ने राज्य के हर वर्ग के लोगों को उनका अधिकार देने विधानसभा में सर्वसम्मति से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा है। भाजपा ने षड़यंत्रपूर्वक उस विधेयक को राजभवन में रोके रखा है। विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगो को भी 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 76 प्रतिशत का आरक्षण सभी वर्गो की आबादी के अनुसार निर्णय लिया है। यह विधेयक यदि कानून का रूप लेगा तो हर वर्ग के लोग संतुष्ट होंगे। सभी वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने सामाजिक न्याय को लागू करने यह विधेयक बनाया गया है।
*भाजपा आदिवासी विरोधी*
ऽ वन अधिकार पट्टों के लिये प्राप्त 4 लाख आवेदनों को बिना किसी परीक्षण के निरस्त कर दिया।
(कांग्रेस सरकार ने 4,55,586 वन अधिकार बांटे। )
ऽ भाजपा सरकार द्वारा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार नहीं दिए गये।
( कांग्रेस सरकार ने 50 लाख से अधिक सामुदायिक वन संसाधन )
ऽ सैकड़ो निर्दोष आदिवासी को जेल लंबी अवधि तक कैद रखा।
(विगत चार वर्षो में 1314 निर्दोष आदिवासी को कांग्रेस सरकार ने रिहा किया)
ऽ भाजपा के शासनकाल में आदिवासियों की हजारों एकड़ भूमि पर जबरदस्ती कब्जा किया गया।
( कांग्रेस की सरकार में बस्तर की लोहांडीगुड़ा क्षेत्र के 10 गांव में निजी इस्पात संयंत्र के लिये अधिग्रहित की गई 1707 किसानों की 4200 एकड़ से अधिक भूमि उन्हें वापस की)
ऽ भाजपा शासनकाल में केवल 7 प्रकार के वनोपज की खरीदी की जाती थी। लघु वनोपज की न्यूनतम मूल्य पर संग्रहण का कोई प्रयास नहीं किया गया। संग्राहको को बिचौलियों को वनोपज औने-पौने दामों पर बेचना पड़ता था।
( कांग्रेस राज में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 65 की।)
ऽ पेसा कानून को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
(कांग्रेस पेसा कानून के नियम बनाया)
ऽ आदिवासियों को रोजगार, स्व रोजगार और उनकी आय में वृद्धि को लेकर कोई प्रयास नहीं किया गया।
ऽ सुपोषण अभियान को लेकर प्रभावशील कार्य नहीं किया गया। वनांचल सुदूर क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगो तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया।
ऽ फर्जी चिटफंड कंपनियों को आश्रय दिया गया। इन कंपनियों ने आम जनता से उनके खून पसीने की कमाई के करोड़ो रूपए ठगे।
*भाजपा किसान विरोधी*
1. भाजपा ने 2013 के विधानसभा चुनाव में किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने, 2100 रू प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने तथा 300 रू प्रति क्विंटल बोनस भी देने का वादा किया था। वह वादा छलावा मात्र सिद्ध हुआ।
वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सर्वप्रथम यह निर्णय किया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा कोई भी अतिरिक्त राशि नहीं दी जायेगी। केंद्र सरकार के दबाव का ही परिणाम था कि किसानों से एक-एक दाना धान क्रय करने का वादा करने वाली रमन सरकार ने 2014 में ही यह घोषणा की कि किसानों से प्रति एकड़ मात्र 10 क्विंटल धान मात्र का संग्रहण न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाये। कांग्रेस के उग्र विरोध एवं किसानों के आंदोलित होने से दबाव में आकर प्रति एकड़ 10 क्विंटल धान खरीदी की सीमा बढ़ाकर 15 क्विंटल की गयी।
2. मोदी सरकार ने वर्ष 2016 में घोषणा की थी कि आगामी 6 वर्षों में अर्थात वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी हो जायेगी। किसानों की आय में वृद्धि होने के बदले आय कम हो गयी। इस घोषणा पर भी भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है।
3. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसा अनुसार धान के एम.एस.पी. के निर्धारण करने के वादे से पलटना।
4. मोदी सरकार ने वर्ष 2020 में 3 कृषि कानूनों को लाया गया। जिसका उद्देश्य एम.एस.पी. एवं पी.डी.एस. की व्यवस्था को समाप्त कर खेती का कार्पोरेटीकरण करना था। पूरे देश के किसानों ने मोदी सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया था। भाजपा के केन्द्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता पूरे देश में घूम-घूम कर यह समझाने का प्रयास करते रहे कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में लागू किये जा रहे है तथा किसान नासमझी के कारण इनका विरोध कर रहे है। तीनों काले कानूनों का विरोध करते-करते 750 किसानों को अपनी जान की कुर्बानी देनी पड़ी। उसके बाद भी हठधर्मिता के कारण भाजपा नेताओं का दिल नहीं पसीजा। कुछ राज्यों के चुनाव निकट आने पर राजनीतिक हानि से बचने के लिये तीनों कानूनों को मजबूरी में वापस लेना पड़ा। लेकिन इससे भाजपा के किसान हितैषी बनने के ढोंग का पर्दाफाश हो गया ।
*”कथित डबल इंजन की सरकार का विचार“, भाजपा का छत्तीसगढ़ के लोगो को फिर से ठगने का षडयंत्र मात्र*
1. केन्द्र में मई 2014 में भाजपा की सरकार बनी। वर्ष 2013 में भाजपा ने किसानों से धान खरीदी पर 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का वादा किया था किन्तु जून 2014 में मोदी सरकार ने धान खरीदी पर बोनस दिए जाने पर प्रतिबंध लगाया। 2100 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का प्रस्ताव ठुकराया। राज्य की लाचार भाजपा सरकार न चाहते हुये भी कुछ न कर सकी। राज्य की जनता से विश्वासघात किया।
2. 2013 में किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदने का वादा करने के बाद खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में किसानों से धान खरीदी की अधिकतम सीमा प्रति एकड़ 10 क्विंटल निर्धारित की गयी। कांग्रेस के उग्र विरोध के बाद उसे प्रति एकड़ 15 क्विंटल किया गया।
3. रमन सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में सबसे अधिक धान 2013-14 में खरीदा गया, 80 लाख टन। तब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद राज्य में 2018 तक प्रतिवर्ष मात्र 63 लाख टन, 59.29 लाख टन, 69.59 लाख टन तथा 56.89 लाख टन धान खरीदा गया। डबल इंजन सरकार में धान खरीदी इतनी कम क्यों? मोदी ने रमन सिंह को पैसे क्यों नही दिए?
4. सभी केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केन्द्रांश कम होता गया, राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ता रहा। राज्य के मुख्यमंत्री एवं अन्य भाजपा नेता कुछ न कर सके। (सूची संलग्न)
वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद अनेक महत्वपूर्ण केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केंद्रान्श कम कर के राज्यांश की राशि बढ़ा दी गयी, जिससे राज्यों के वित्तीय भार में वृद्धि हुई।
क्र. योजना का नाम वर्ष 2013-14 तक के केंद्रांश और राज्यांश का प्रतिशत वर्ष 2014-15 तक के केंद्रांश और राज्यांश का प्रतिशत
केन्द्रांश : राज्यांश केन्द्रांश : राज्यांश
1 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 75 : 25 60 : 40
2 सर्व शिक्षा अभियान 75 : 25 60 : 40
3 मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम 65 : 35 60 : 40
4 प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 100 : 00 60 : 40
5 नरेगा 90 : 10 75 : 25
6 राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम 75 : 25 50 : 50
7 राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान 65 : 35 60 : 40
8 एकीकृत बाल विकास योजना 85 : 15 57 : 43
5. वर्ष 2017 में राज्य के हितों के विपरीत जी.एस.टी. की व्यवस्था लागू की गयी। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य को वर्ष 2022 के बाद प्रतिवर्ष हजारों करोड़ का नुकसान होना तय था। राज्य के भाजपा नेता केंद्र सरकार के दबाव के सामने लाचार थे. तथा राज्य की जनता के साथ हो रहे ऐतिहासिक अन्याय का जरा भी विरोध न कर सके। राज्य की जनता कभी भी भाजपा द्वारा किये गये अन्याय को माफ नहीं करेगी। वर्ष 2023-24 से छत्तीसगढ़ को 7,000 करोड़ से अधिक क्षति होना निश्चित हैं।
6. चिटफंड कंपनियां राज्य के लाखों गरीब परिवारों की खून पसीने की कमाई लेकर चंपत हो गयी। केंद्र एवं राज्य सरकार के संरक्षण में उन कंपनियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गयी।
7. कोयला रॉयल्टी की बकाया 4,400 करोड़ की राशि रमन राज में केंद्र ने रोकी।
8. सितंबर 2018 की रिजर्व बैंक ऑफ इन्डिया की रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक गरीबों का प्रतिशत छत्तीसगढ़ में मोदी और रमन ने जमकर लूटा ।
9. देश के सर्वाधिक 100 पिछड़े जिलों में 10 जिले छत्तीसगढ़ में उनमें रमन सिंह का जिला राजनांदगांव भी शामिल।
10. किसानों की ऋण माफी की भाजपा एवं राज्य की केंद्र सरकार विरोधी। किसान कर्ज में भूबे।
11. रमन परिवार की संपत्ति 2008 से 2018 के बीच 15 गुना बढ़ी।
12. नक्सल समस्या चरम पर आदिवासियों की फर्जी एनकाउंटर के नाम पर हत्या। सैकड़ों निर्दोष आदिवासियों को नक्सली होने के नाम पर जेल में ठूसा गया।
13. अडानी को अनेक कोयला एवं आयरन और ब्लॉक बिना किसी लागत लगाये सौंपे गये।
14. आदिवासियों की 1 लाख एकड़ भूमि जबरन अधिग्रहित । आदिवासी दर-दर भटकने हेतु मजबूर।
15. 15 आदिवासी लघु वनोपज बिचौलियों को बेचने हेतु विवश एम.एस.पी. पर क्रय की कोई व्यवस्था नहीं।
16. राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की जन्मभूमि, रामायण मंडलियां, छत्तीसगढ़ी संस्कृति - घोर उपेक्षा। क्योंकि असली सत्ता राज्य के बाहर के लोगों के हाथ में थी। जिन्हें छत्तीसगढ़ की संस्कृति से कोई लगाव नहीं था।
17. बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करके उनसे विश्वासघात ।
18. मोदी सरकार ने नंदराज पर्वत को अडानी को सौंपने का षड्यंत्र कर रही है।
19. छत्तीसगढ़ को रमन सिंह सरकार के समय ओडीएफ राज्य घोषित कर दिया गया था। लेकिन राज्य की 24 प्रतिशत आबादी खुले में शौच को जाती है। इस तरह छत्तीसगढ़ में पूर्ण ओडीएफ घोषित कर 1500 करोड़ का घोटाला किया गया।
उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि 15 वर्षों के कार्यकाल में रमन सरकार ने राज्य के गरीबों, आदिवासियों, किसानों, बेरोजगारों तथा अन्य नागरिकों को सिर्फ लूटने का काम किया गया। केंद्र में 2014 में मोदी सरकार के गठन के बाद गरीबों के लूट की प्रक्रिया और तेज हो गयी थी। रमन परिवार, उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों तथा भाजपा पदाधिकारियों की संपत्तियां कई गुना बढ़ गयी। दो-पहिया वाहनों में चलने वाले तथा सामान्य रहन-सहन वाले भाजपा महंगे चार पहिया वाहनों एवं आलीशान मकानों के मालिक बन गये। साढ़े चार साल तक शर्म के मारे भाजपाई घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मोदी एवं अमित शाह की फटकार के बाद फिर से झूठ एवं फरेब के माध्यम से सत्ता हथियाना चाहते हैं। राज्य की जनता केंद्र की भाजपा सरकार एवं राज्य भाजपा के नेताओं के विश्वासघात से बुरी तरह आहत है। वह भाजपा के किसी भी हथकंडे से प्रभावित नहीं होगी।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रभारी महामंत्री प्रशासन एवं संगठन मलकीत सिंह गैंदू, वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह, धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, सुरेंद्र वर्मा, प्रवक्ता नितिन भंसाली, वंदना राजपूत, अजय गंगवानी, अजय साहू उपस्थित थे।
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सड़क दुर्घटना में मृत्यु के प्रकरण में सहायता राशि स्वीकृत
सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर प्रतीक जैन द्वारा मृतक के परिजनों के लिए 25-25 हजार रूपये की सहायता स्वीकृत किया गया है। भानुप्रतापपुर तहसील के ग्राम तरान्दुल निवासी अघन हुपेण्डी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के प्रकरण में उनके पिता फूलसिंह हुपेण्डी के लिए 25 हजार रूपये, दुर्गूकांदल निवासी विक्रम तोप्पा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके पिता अन्नुराम तोप्पा के लिए 25 हजार रूपये तथा दुर्गूकांदल तहसील के ग्राम मेड़ो निवासी अभिषेक ठाकुर की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी माता श्रीमती भुनेश्वरी ठाकुर के लिए 25 रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किया गया है।
गदर 2 फेम अमीषा पटेल आएंगी रायपुर, 5 सितंबर को फिल्म फेस्टिवल में होंगी शामिल
रायपुर। गदर 2 फेम 5 सितंबर को राजधानी रायपुर आ रही है। राजधानी में आयोजित आर्ट, लिट्रेचर एंड फिल्म फेस्टिवल आयोजन 3 सितंबर से 5 सिंतबर तक होना है। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ की संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग कर रही है। फिल्म फेस्टिवल का यह दूसरा साल माना जा रहा है। फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर कुणाल शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम समापन के आखिरी दिन (5 सितंबर) को गदर 2 की अभिनेत्री अमीषा पटेल आएगी। इस दौरान समापन के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उपस्थित रहेंगे।
कुणाल शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संवारने और सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से सराहनीय पहल किया जा रहा है। सरकार के इस सराहनीय कदम से प्रदेश के स्थानीय कलाकरों को बॉलीवुड में काम मिलने में मदद मिल रहा है। शुक्ला ने बताया कि, सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में कलाकरों को फिल्म जगत में काम करने का अवसर मिलेगा।
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नॉन इंटरलोकिंग कार्य के चलते 11 सितम्बर से ये ट्रेनें रहेगी रद्द, इन ट्रेनों का किया गया मार्ग परिवर्तित
बिलासपुर। अधोसंरचना विकास हेतु उत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अंतर्गत वाराणसी रेलवे स्टेशन के यार्ड का आधुनिकरण का कार्य किया जायेगा । इस कार्य के लिए नॉन इंटरलोकिंग कार्य किया जाएगा । यह कार्य दिनांक 02 सितम्बर से 14 अक्टूब , 2023 तक किया जायेगा । इस कार्य होने कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली कुछ गाड़ियो का परिचालन प्रभावित रहेगा ।
इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा । जिसका विवरण इस प्रकार है.
रद्द होने वाली गाड़ी :-
दिनांक 11 सितम्बर से 15 अक्टूबर, 2023 तक बरौनी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15231 बरौनी –गोंदिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
दिनांक 12 सितम्बर से 16 अक्टूबर, 2023 तक गोंदिया से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15232 गोंदिया -बरौनी एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाडियाँ :-
दिनांक 01, 06, 08, 13, 15, 20, 22, 27, 29 सितम्बर, 04, 06, 11 एवं 13 अक्टूबर, 2023 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18201 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जंक्शन-सुल्तानपुर- अयोध्या कैंट-अयोध्या-नौतनवा होकर रवाना होगी ।
दिनांक 01, 03, 08, 10, 15, 17, 22, 24 एवं 29 सितम्बर, 01, 06, 08 एवं 13 अक्टूबर, 2023 को नौतनवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18202 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग नौतनवा-अयोध्या-अयोध्या कैंट- सुल्तानपुर- प्रयागराज जंक्शन होकर रवाना होगी ।
दिनांक 01, 20 सितम्बर से 15 अक्टूबर, 2023 तक छपरा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जंक्शन-प्रयागराज रामबाग-वाराणसी-वाराणसी शहर होकर रवाना होगी ।
दिनांक 19 सितम्बर से 14 अक्टूबर, 2023 तक दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जंक्शन-प्रयागराज रामबाग-वाराणसी-वाराणसी शहर होकर रवाना होगी ।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने काफिला रुकवाकर बच्चों को बांटी चॉकलेट, GGU के कन्वोकेशन में हुई शामिल
बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज बिलासपुर जिले के दौरे में पहुंची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्टूडेंट्स को देखकर बीच सड़क अपना काफिला रुकवाकर बच्चों को चॉकलेट बांटी। उसके बाद उन्होंने कुछ देर तक उनसे बात की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज जीजीयू के दसवें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थी। समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रपति ने 28 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 76 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए।
76 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2021-22 की कई परीक्षाओं और मेरिट में आने वाले छात्र शामिल हुए। 28 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 76 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिए गए। 76 में से 72 छात्रों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक दिया गया। हर साल की तरह इस बार भी स्वर्ण पदक में छात्राओं ने अपना दबदबा बरकरार रखा है। इस बार 45 छात्राओं को स्वर्ण पदक मिले हैं।
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जमानत की शर्तों में मिले छूट, अमन सिंह ने हाईकोर्ट में लगाई अर्जी
रायपुर। भाजपा शासन काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के मुख्य सचिव रह चुके अमन सिंह ने हाई कोर्ट में अब एक नई याचिका दायर की है। उन्होंने इस याचिका के जरिए जमानत की शर्तों में छूट दिए जाने मांग की है।
बता दें कि अधिवक्ता अभिषेक सिंह और विवेक शर्मा के माध्यम से दायर इस याचिका की सुनवाई 28 सितंबर को होगी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) ने समाजिक कार्यकर्ता उचित शर्मा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। मामले में उनकी पत्नी यास्मीन सिंह के खिलाफ भी अपराध दर्ज है।
वर्तमान में हाई कोर्ट से अमन सिंह को जमानत मिली हुई है, जिसमें उन्हें आवश्यकता अनुसार एसीबी के सामने पेश होकर जांच में सहयोग करने, राज्य से बाहर नहीं जाने और पासपोर्ट जमा करने की शर्त रखी गई है। बता दें कि प्रारंभिक सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतो दास ने पैरवी की।
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गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, 10वें दीक्षांत समारोह में हुईं शामिल
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर प्रवास पर हैं। वे यहां गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में आयोजित 10वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचीं हैं। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे पर राष्ट्रपति मुर्मू का भव्य स्वागत किया गया। दीक्षांत समारोह में शोभायात्रा के साथ राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रपति सहित अन्य अतिथियों ने माँ सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी और गुरु घासीदास के छायाचित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में सत्र 2021-22 की विभिन्न परीक्षाओं स्नातक, स्नातकोत्तर, पत्रोपाधि आदि में उत्तीर्ण 2 हजार 9 सौ 46 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि, आज उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं, उनके माता-पिता को भी मैं बहुत-बहुत बधाई। विद्यार्थियों की सफलता में योगदान देने के लिए प्राध्यापकों तथा विश्वविद्यालय टीम के सदस्यों की मैं सराहना करती हूं। मुझे यह देखकर बहुत प्रसन्नता हुई है कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 76 प्रतिशत विद्यार्थियों में छात्रों की संख्या 45 है, जो लगभग 60% हैं। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों में भी छात्राओं की संख्या लगभग 47% है। छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन के पीछे उनकी अपनी प्रतिभा लगन के साथ-साथ उनके परिवार जनों के साथ ही विश्वविद्यालय की टीम का योगदान भी है। मैं सभी सफलता के लिए उनको बहुत-बहुत बधाई देती हूं।
उन्होंने कहा कि, हमारे देश की कुल आबादी में महिलाओं की संख्या लगभग आधी है। मुझे बताया गया है कि, इस विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ समाज सेवा के कार्य भी किए जाते हैं। मैं आशा करती हूं कि, ऐसे कार्यों के अच्छे परिणाम सामने आए। शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में अधिक योगदान होना चाहिए। हमारे देश के कुल आबादी में महिलाओं की आबादी आधी है। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ समाज सेवा के कार्य भी किए जा रहे हैं, ये अच्छी बात है। विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्र में आदिवासी समुदाय काफी है। राज्य की एक तिहाई आबादी जनजातीय है। जनजातीय समुदाय के प्रति संवेदनशीलता और महिलाओं की भागीदारी जैसे विषय बहुत महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय की ओर से इस संबंध में अच्छा कार्य किया जा रहा है, जो देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी को अपनाने में आगे रहेंगे, वे ज्यादा तरक्की करेंगे। इस विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही है। मैं आशा करती हूं कि, उपयोगी अनुसंधान के माध्यम से अपनी पहचान विश्वविद्यालय दुनिया में स्थापित करें।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने माँ महामाया देवी के दर्शन कर की देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना …
बिलासपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी रतनपुर के आदिशक्ति माँ महामाया देवी मंदिर पहुँची. यहाँ उन्होंने माँ महामाया देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. ऐसा पहली बार देश के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु माँ महामाया देवी के दर्शन के लिए पहुंचे हैं. इस अवसर पर माँ महामाया देवी का राजसी श्रृंगार किया गया है । इस अवसर पर राज्यपाल श्रीविश्व भूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, केंद्रीय जनजाति विकास राज्यमंत्री रेणुका सिंह सहित मंदिर समिति के सदस्यगण उपस्थित थे.
विधिवत पूजा- अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रगति की कामना की
ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी रतनपुर का गौरवशाली इतिहास है. कलचुरी वंश के शासक रत्नदेव प्रथम ने रतनपुर को अपनी राजधानी बनाया. उनके द्वारा आदिशक्ति माँ महामाया देवी मंदिर का निर्माण 11वी शताब्दी में कराया गया था. माँ महामाया रतनपुर शाखा के कलचुरी राजाओ की कुलदेवी थी. यहाँ पर दोनों नवरात्रियों में मेला लगता है.
विधिवत पूजा- अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रगति की कामना की
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अवैध रूप से संचालित एवं चोरी के सामान खपाने वाले 44 कबाड़ दुकानें सील
भिलाई। पुलिस ने 14 थानेदारों के नेतत्व में डेढ़ सौ से अधिक जवानों के साथ नगर के 44 कबाडिय़ों के यहां छापा मारकार बड़ी मात्रा में अवैध कबाड को जब्त कर नामी कबाडिय़ों नदीम, ललित, शाकिर, पाल कबाड़ी, राजू मंडले सहित दर्जनों कबाडियों के गोदाम को सील कर दी है। पुलिस अधीक्षक दुर्ग शलभ सिन्हा को आम जनता एवं विभिन्न औद्योगिक एनसीलरी एसोसिएसन के पदाधिकारियों से लगातार अवैध कबाड़ के व्यापार के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही थी।
उक्त शिकायतों को अत्यन्त गंभीरता से लेते हुए उनके द्वारा पूर्व में भी कार्यवाही की गई थीं। उक्त कारोबारियों पर लगातार प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देश प्राप्त होने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) संजय ध्रुव (रा.पु.से.), के मार्गदर्शन में राजपत्रित अधिकारीयों के साथ ए.सी.सी.यू प्रभारी एवं जिले के समस्त शहरी थानो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों जिसमें करीबन 22 टीम जिसमे 14 निरीक्षक, 20 उप निरीक्षक, 25 सहायक उप निरीक्षक एवं 80 से अधिक प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों की संयुक्त टीम गठित कर टीम को कार्यवाही हेतु लगाया गया। छापे के दौरान पुलिस को जहाँ इनके ठिकानों में भारी मात्रा में लोहे के अवैध कबाड़ वाहनों को काटकर उनके कलपूर्जो को अलग कर भण्डारण कर के रखना, सेंटरिंग प्लेट, बीएसपी का सरिया, लोहा, ऐंगल,कुछ कवाडियों के यहाँ औद्योगिक स्क्रैब भी बरामद हुआ।
44 कबाडिय़ों के गोदामों पर एक साथ दबिश दी गयी
उक्त अधिकारी / कर्मचारियों को योजना बनाकर अलग-अलग 35 टीमों में विभक्त कर पूर्व से सूचीबद्ध जिले के शहरी थाना क्षेत्रांतर्गत अवैध कबाड़ के संचालकों के ठिकानों पर वरिष्ट अधिकारियों के मार्गदर्शन में रेड कार्यवाही हेतु भेजा गया। जिसके परिणाम स्वरूप जिले के शहरी थाना क्षेत्रों के कुल 44 कबाडिय़ों के गोदामों पर एक साथ दबिश दी गयी, जहाँ इनके ठिकानों में भारी मात्रा में लोहे के अवैध कबाड़ वाहनों को काटकर उनके कलपूर्जो को अलग कर भण्डारण कर के रखना, सेंटरिंग प्लेट, बीएसपी का सरिया, लोहा, ऐंगल,कुछ कवाडियों के यहाँ औद्योगिक स्क्रैब भी बरामद हुआ।
कवाडियों के यहाँ औद्योगिक स्क्रैब भी बरामद
जामुल थाना में राजू मंडले कबाड़ी दुकान से 1 ट्रक स्क्रैप जप्त कर राजू मंडले को हिरासत में लिया गया। टीम द्वारा मौके पर ही अवैध कबाड़ के संचालनकर्ताओं को नोटिस देकर कार्यवाही किया गया। जिसमें विरूद्ध मौके पर ही धारा 41 ( 1+4 ) की कार्यवाही की गयी है। एवं इनके गोदामों को सील किया गया है। 15 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, शेष के विरूद्ध के कार्यवाही जारी है, फरार आरोपियों की पता तलाश जारी है। जिले के कबाड़ी जिसमे नदीम, ललित, शाकिर, पाल कबाड़ी, राजू मंडले सहित दर्जनों कबाडखानों को सील किया गया, सील करने के बाद सभी अवैध कबाड़ संचालकों को प्रतिबंधित करते हुए बाउंडओवर कराने की तैयारी की जा रही है।
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10 माह के बच्चे को घुमाने के बहाने जंगल में ले जाकर फांसी पर लटकाया कलयुगी पिता
गरियाबंद। गिरयाबंद जिले में एक कलयुगी पिता का खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसने अपने ही 10 माह के मासूम बच्चे को घुमाने के बहाने सुनसान जगह पर लेजाकर पेड़ में फांसी के फंदे पर लटका दिया। यह हृदयविदारक घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गनियारी गांव का है जहां सुबह एक 10 माह के मासूम का शव पेड़ से लटका मिला। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. मामले की सूचना मिलते ही फिंगेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. वहीं पुलिस ने हत्या मामले में बच्चे के पिता को गिरफ्तार कर लिया है। वह मानसिक रोगी बताया जा रहा है।
फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के गनियारी गांव के जंगल में आज सुबह 10 माह के मासूम का शव एक पेड़ से लटका मिला। पीठ के बल उल्टे बच्चे के शव को फटे हुए जींस पेंट से गले को लपेटा गया था। फिंगेश्वर निवासी दौलत बंजारे के बेटे ऋषभ के रूप में इसकी पहचान हुई है। घटना की सूचना के बाद मौके पर फिंगेश्वर पुलिस ने पहुंचकर शव का पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया है। यह मामला प्रथम दृष्टिया हत्या का लग रहा था, इसलिए पुलिस ने पिता दौलत बंजारे को हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है कि दौलत बंजारे शाम को अपने बेटे को लेकर घर से निकला था जो घर लौटा ही नहीं। पुलिस पिता से पूछताछ कर रही है। एसडीओपी पुष्पेंद्र नायक ने बताया कि मामला हत्या का है, पिता शक के दायरे में है इसलिए पूछताछ की जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पिता के दिमाग का लम्बे समय से इलाज चल रहा था। गुरुवार को भी दवा लेने आरंग गया था। शाम 5 बजे घर आया, फिर अपने बेटे को टहलाने के बहाने घर से ले गया। 6 बजे से जब बेटे को घर से लेकर निकला तो बाहर से मकान को ताला लगा दिया था। परिवार वाले परेशान थे 10 बजे रात घर अकेले लौटा लेकिन उसके साथ बच्चा नहीं था। जब उससे पूछा गया तो उसने बताया की बेटे को फेक दिया है। तब तक हत्या करना नहीं बताया था. रात को ही परिवार वाले मासूम को जगह जगह ढूंढते रहे और बेटे के गुम होने की मौखिक सूचना पुलिस को दे दिए थे। वहीँ आज सुबह गनियारी के ग्रामीणों ने शव को देखा तो पुलिस के माध्यम से परिजनों को इसकी सूचना मिली। गिरफ्तार के बाद कलयुगी पिता ने हत्या की बात कबूल किया. उसने गला घोट कर हत्या करना बताया. यह भी कहा की वह उसे तीन माह से हत्या करना चाह रहा था. फ़िलहाल आरोपी ने हत्या की वजह का खुलासा नहीं किया है।
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