प्रदेश

लग्जरी कार में लिखा था PRESS, गांजे और कफ सिरप की हो रही थी तस्करी, जब पुलिस ने पकड़ा तो…

जशपुर। कांसाबेल पुलिस ने पोंगरो गांव में नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां PRESS लिखी गाड़ी से गांजा और कफ सिरप की तस्करी करते हुए 2 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी क्रेटा कार से कफ सिरप लाकर छोटे वाहन में डंप करते थे। पुलिस को सूचना मिली थी, जिसके बाद दबिश दी गई और बड़ी मात्रा में कफ सिरप जब्त कर आरोपी अहमद खान और निशांत गोलू यादव को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। वहीं एक आरोपी अभी भी फरार है। नशे की सप्लाई चैन तोड़ने की मुहिम छत्तीसगढ़ का सीमावर्ती जिला जशपुर नशे की सप्लाई चेन में आता है, जिसे तोड़ने के लिए डीआईजी डी. रविशंकर,एएसपी उमेश कश्यप ने सभी पुलिस थानों,चौकी को लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दे रखे हैं। कांसाबेल थाना प्रभारी मल्लिका बनर्जी तिवारी को पुख्ता सूचना मिली कि कांसाबेल इलाके में एक छोटे वाहन में नशीली दवा रखकर बेचा जा रहा है। एसडीओपी सन्दीप मित्तल के दिशा निर्देश पर एक टीम बनाई गई और पोंगरो गांव में रेड कार्रवाई की गई। एसडीओपी सन्दीप मित्तल ने बताया कि कांसाबेल में कफ सिरप को नशे के रूप में युवाओं को बेचकर उन्हें इसका आदी बनाया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. आज की कार्रवाई में जब्त कफ सिरप ओनेरेक्स प्रतिबंधित है, जिसे पड़ोसी राज्य झारखण्ड से लाकर छत्तीसगढ़ में खपाया जाना था। पुलिस ने बताया कि कप सिरप करीब 25 हजार, गांजा की कीमत करीब 10 हजार, छोटा हाथी वाहन की कीमत करीब 75 हजार और क्रेटा कार की कीमत 13 लाख 31 हजार आंकी गई है। 14 लाख 3100 रुपये का कुल मशरूका जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ है कि सप्लाई करने वाला कुनकुरी निवासी निशांत गोलू यादव है, जो अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार में प्रेस लिखकर नशे का कारोबार करता है। पत्रकारिता की आड़ में अपराध करने वालों पर पुलिस की नजर कई दिनों से थी। फिलहाल जशपुर जिले में नशे के कारोबार का पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है। अभी और भी कई नशे के सौदागर पुलिस के हत्थे चढ़ेंगे।
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नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जावे -- न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा

बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट बिलासपुर/ दिनांक 09 सितम्बर, 2023 को आयोजित होने वाली आगामी नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्री-लिटिगेशन एवं लंबित मामलों को अधिक से अधिक संख्या का निराकृत किये जाने पर विशेष जोर दिया जावे, इसके अलावा क्षतिपूर्ति, लेबर, स्थायी लोक अदालत के साथ साथ राजस्व के मामलो को अधिक से अधिक संख्या में निराकृत कर का प्रयास किया जावे, उक्त निर्देश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश, एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने समस्त जिलों के जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, सचिव, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीशों, स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन, सीजेएम, लेबर कोर्ट जज को उच्च न्यायालय से सालसा के माननीय कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की विशिष्ट उपस्थिति में आयोजित विडियो कान्फ्रेसिंग परिचर्चा बैठक में दी। उक्त विडियो कान्फ्रेसिंग परिचर्चा में सालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने न्यायाधीशों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछली लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के मामलों में अच्छे परिणाम आये है, अतः प्रीलिटिगेशन के मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निराकरण को और बढ़ाया जाये और स्थायी लोक अदालत से संबंधित मामलों में पक्षकारों को उनके निवास स्थल पर ही मोबाईल वैन का उपयोग कर मामलों का निराकरण करने का प्रयास किया जावे। इसके अलावा लोक अदालत की नोटिस पक्षकारों को समय पर जारी करने एवं उसकी तामिली सुनिश्चित किये जाने हेतु भी विशिष्ट दिशा निर्देश दिये गये। उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल ने कहा कि धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण एवं नालसा की गाईडलाईन के अनुसार संबंधित मामलों को लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में निराकृत करने का प्रयास किया जावे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के द्वारा वर्ष 2023 हेतु निर्धारित कैलेण्डर एवं दिये गये दिशा-निर्देशानुसार सभी स्तरों के न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन के राजीनामा योग्य मामलों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किये जाने हेतु निर्देशित किये गये हैं, जिसमें वर्ष 2023 में प्रथम नेशनल लोक अदालत दिनांक 11-2-2023 को आयोजित की गई थी, जिसमें 39,062 लंबित मामलों तथा 2,72,545 प्री-लिटिगेशन के मामले तथा दिनांक 13-5-2023 को आयोजित द्वितीय नेशनल लोक अदालत में 39,123 लंबित एवं 3,55,450 प्री-लिटिगेशन के मामले निराकृत किये गये थे। अवगत हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन कोर्ट की परिभाषा में आने वाले सभी न्यायालयों यथा उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय, फैमिली कोर्ट, फोरम, ट्रिब्यूनल के साथ साथ राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित किये जाते हैं तथा आागामी नेशनल लोक अदालत 09 सितम्बर 2023 को होनी है।
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शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाले में सरकार का बड़ा एक्शन : 2 हजार से ज्यादा पोस्टिंग निरस्त किए गए

रायपुर। शिक्षक पोस्टिंग घोटाले में स्कूल शिक्षा विभाग ने 2 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पोस्टिंग निरस्त कर दिया है। मंत्रालयीन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अनुमोदन के बाद विभाग ने ये फैसला लिया है। प्रदेश में शिक्षकों की पोस्टिंग और प्रमोशन के लिए पैसे लेकर उनकी मनचाही जगह नियुक्ति का खुलासा हुआ था। जिसमें कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी इसमें तय सिस्टम को दरकिनार कर अधिकारियों ने अपनी ही नई व्यवस्था बना ली थी, जिसके बाद अब सरकार इस मामलें में कड़ी कार्रवाई करते हुए 2 हजार से ज्यादा ट्रांसफर पोस्टिंग को निरस्त कर दिया गया है। इससे पहले प्रदेश के 11 अफसरों को भी इस मामले में निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक शिक्षकों की पोस्टिंग को निरस्त करने के लिए 7 पेज का ऐसा आदेश तैयार किया गया है कि शिक्षकों को कानूनी राहत की गुंजाइश नहीं के बराबर होगी। आदेश में पूरा विवरण लिखा है कि किस तरह अधिकार न होने के बाद भी ज्वाइंट डायरेक्टरों ने ट्रांसफर प्रतिबंधित होने के बाद भी ट्रांसफर कर दिया। इसमें पांचों कमिश्ररों की जांच का हवाला दिया है, जिसमें सभी ने भ्रष्टाचार की पुष्टि की है। विभाग ने शिक्षकों से कहा है कि 10 दिन के भीतर पूर्व पोस्टिंग वाले स्कूलों में ज्वाईन करें, वरना उनका प्रमोशन निरस्त कर दिया जाएगा। इन अधिकारियों को किया जा चुका है निलंबित छत्तीसगढ़ में शिक्षक पोस्टिंग घोटाले में राज्य सरकार ने एक्शन लेते हुए पहले 10 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। जिनमें से 3 संयुक्त संचालक भी हैं। इसके बाद 1 डीईओ को भी निलंबित किया गया है। के कुमार-तत्कालीन संयुक्त संचालक (शिक्षा) रायपुर, सीएस ध्रुव, जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा, सहायक संचालक डीएस ध्रुव- संभागीय शिक्षा कार्यालय रायपुर, सहायक संचालक शैल सिन्हा, सहायक संचालक उषा किरण खलखो समेत कई अधिकारी को निलंबित किया गया है। इसके बाद रायपुर संभाग के अलावा सरगुजा संभाग के हेमंत उपाध्याय- प्रभारी संयुक्त संचालक सरगुजा को भी निलंबित किया गया है और फिर गरियाबंद के प्रभारी डीईओ डीएस चौहान को भी ट्रांसफर पोस्टिंग घोटाले में सस्पेंड किया गया।
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दोस्त के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता की हत्या

बेतिया। बिहार के बेतिया में सोमवार सुबह दोस्त के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने चाकू से दोनों दोस्तों पर हमला कर दिया। इससे भाजपा नेता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए बेतिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोडवा टोला गांव का है। मिली जानकारी के अनुसार, घर से 200 मीटर के समीप अज्ञात बदमाशों ने मॉर्निंग वॉक के दौरान दो युवकों पर चाकू से हमला कर दिया। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन फानन में स्थानीय लोग दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक एक की मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान भाजपा नेता 32 वर्षीय सोनू कुमार, पिता बृज किशोर साह के रूप में हुई। वहीं गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान 28 वर्षीय सुजीत कुमार, पिता सुरेन्द्र साह गोडवा टोला निवासी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि, ये लोग रोज टहलने के लिए जाते थे। आज भी 4 बजे सुबह निकले थे, इसी बीच कुछ लोगों ने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया। एक जो घायल है वो तो किसी तरह जान बचा कर भाग निकले, लेकिन पूर्व पार्षद के बेटे सोनू की उन लोगों ने चाकू से मारकर हत्या कर दी। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने बताया कि घायल का इलाज बेतिया जीएमसीएच में कराया जा रहा है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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मंदिर के बाहर शराब के नशे में हंगामा करने वाला आरक्षक निलंबित

रायपुर। आरक्षक ने नशे में मंदिर के बाहर हंगामा किया। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। एसएसपी ने कार्रवाई करते आरक्षक को सस्पेंड किया है। सस्पेंड आदेश में लिखा है कि थाना सरस्वती नगर में पदस्थ प्रआर. क. 1050 कुलभूषण सिंह विडियो फूटेज में वर्दी धारण किए हुए शराब सेवन कर नशे में होना प्रतीत हो रहा है व नशे की हालत में एक मंदिर के बाहर अशोभनीय कृत्य करते हुए विडियो फुटेज में दिखाई पड़ रहा है। प्रभार. क. 1050 कुलभूषण सिंह का उक्त कृत्य पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के फलस्वरूप प्रआर.क. 1050 कुलभूषण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केन्द्र रायपुर संबद्ध किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
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छत्तीसगढ़ में शराब पीने के बाद दो सगे भाई समेत तीन की मौत

जांजगीर-चांपा। अकलतरा के परसाही गांव में शराब पीने के बाद दो सगे भाई समेत 3 लोगों की मौत हो गई है। तीनों की शराब पीने के बाद तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां तीनों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार परसाही गांव में संजय सांडे, संतकुमार सांडे और जितेंद्र सांडे ने शराब पी थी, जिसके बाद तीनों की तबियत बिगड़ गई और अकलतरा अस्पताल ले जाने पर 2 सगे भाई संजय सांडे और जितेंद्र सांडे को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, वहीं तीसरे व्यक्ति जितेंद्र सांडे को बिलासपुर रेफर किया गया था, जहां उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। अकलतरा पुलिस मौक़े पर पहुंच मामले की जांच कर रही है।
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5 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पर्व हलषष्ठी

रायपुर। संतान की लंबी उम्र के लिए 5 सितंबर मंगलवार को माताएं हलषष्ठी का व्रत रखेंगी। माताएं संतान की लंबी आयु के साथ परिवार के सुखमय जीवन के लिए व्रत रखेंगी। वहीं पूजा करने के स्थान पर सगरी खोदकर पूजन करेंगी। कमरछठ की तैयारी को लेकर बाजार में खासी भीड़ आज से ही देखी जा रही है। छह तरह की भाजियां, पसहर चावल, काशी के फूल, महुआ के पत्ते, धान की लाई सहित पूजा की कई छोटी-बड़ी पूजन की सामाग्री भगवान शिव को अर्पित कर संतान के दीर्घायु जीवन की कामना की जाएगी । सुबह से निर्जला व्रत कर महिलाओं ने दोपहर को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर कमरछठ की कहानी सुनेगी छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों में से एक कमरछठ को हलछठ या हलषष्ठी भी कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में कमरछठ का महत्व है जो संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए किया जाता है. शहर से लेकर गांव हर गली मोहल्लों में माताएं इस व्रत को उत्साह के साथ करती है। छत्तीसगढ़ तरह तरह की भाजियों के लिए प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ में कमरछठ में भी भाजियों का अपना महत्व है. इस व्रत में छह तरह की ऐसी भाजियों का उपयोग किया जाता है. जिसमें हल का उपयोग ना किया हो. बाजार में भी लोग अलग-अलग तरह की छह भाजियां लेकर पहुंंचे. जिसमें चरोटा भाजी, खट्टा भाजी, चेंच भाजी, मुनगा भाजी, कुम्हड़ा भाजी, लाल भाजी, चौलाई भाजी शामिल है। हलषष्ठी पर्व पर माताएं पूजा करने के स्थान पर सगरी खोदकर भगवान शंकर व गौरी, गणेश को पसहर चावल, भैंस का दूध, दही, घी, बेल पत्ती, कांशी, खमार, बांटी, भौरा सहित अन्य सामग्रियां अर्पित करती हैं। पूजन पश्चात माताएं घर पर बिना हल के जुते हुए अनाज पसहर चावल, छह प्रकार की भाजी को पकाकर प्रसाद के रूप में वितरण कर अपना उपवास तोड़ेंगी । 6 अंक का होता है महत्व कमरछठ में 6 अंक का काफी महत्व है, सगरी में 6-6 बार पानी डाला जाता है। साथ ही 6 खिलौने, 6 लाई के दोने और 6 चुकिया यानि मिट्टी के छोटे घड़े भी चढ़ाए जाते हैं। 6 प्रकार के छोटे कपड़े सगरी के जल में डुबोए जाते हैं और संतान की कमर पर उन्हीं कपड़ों से 6 बार थपकी दी जाती है, जिसे पोती मारना कहते हैं ।
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5 लाख से अधिक की कीमत के गांजे की फसल के साथ किसान गिरफ्तार

जगदलपुर। बस्तर के सीमावर्ती उड़ीसा राज्य में गांजे की अच्छी खासी पैदावार होती है और इसके अवैध कारोबार का दायरा अन्य राज्यों तक भी फैला हुआ है। यहीं बात किसान मंगरु राम को जम गई और उसने गांजे की फसल लगाने का फैसला किया। इसके बाद किसान ने अपनी ही बाड़ी में गांजे की खेती कर डाली। किसान की थोड़ी सी मेहनत से ही बाड़ी में 5 लाख से अधिक की कीमत के गांजे की फसल पककर तैयार हो गई। जब इसे बेचने की कोशिश की गई तो पुलिस को भनक लगी और पुलिस ने किसान के घर पहुंच कर फसल के पौधे उखाड़ लिए और किसान को गिरफ्तार कर लिया। गांजे के बड़े पौधे किसान के साथ थाने लाए गए जहां किसान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
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महादेव एप बंद नहीं होने पर सीएम बघेल ने उठाए सवाल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश ने केंद्रीय गृह मंत्री से प्रश्न किया कि महादेव सट्टा एप वालों पर कार्रवाई हमने की, पैसे भी जब्त किए, गैजेट, मोबाइल, लैपटाप और टैबलेट भी जब्त किए और आप क्या कर रहे हैं ?, हमने लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। आप कहते हैं कि कौशल उन्नयन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में सट्टा खिला रहे हैं, आप तो 28 प्रतिशत जुएं में जीएसटी लगा रहे हैं। महादेव एप को अब तक बंद क्यों नहीं किया गया ? महादेव एप बंद कौन करेगा? राज्य सरकार करेगी या केंद्र सरकार ? गृहमंत्री जवाब दें कि इस एप को बंद नहीं कर रहे हैं तो कारण क्या है ? आरोप पत्र पर कसा तंज- भाजपा के आरोप पत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने आरोप पत्र जारी किया। स्थिति यह थी कि बाहर ईडी लगाई गई थी, भाजपा के नेताओं को जवाब देने का औचित्य नहीं है। मैंने सोचा थाा कि आरोप पत्र पढ़ लूंगा, फिर जवाब दूंगा। पर आरोप पत्र पर भाजपा के कार्यकर्ताओं को विश्वास नहीं है। जनता को विश्वास कैसे दिला पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. मनसुख मांडविया कार्यालय आए फिर गुजरात जाकर आए। यहां उनकी जबान भी बिगड़ रही है। रमन सिंह आरोप पत्र को घोषणा पत्र कह रहे हैं। इन्हें खुद पर विश्वास नहीं है, कार्यकर्ता भी विश्वास नहीं कर रहे हैं। जनता तो विश्वास भी नहीं करती।
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शहर में घुसा भालू, सुबह टहलने निकले लोग देख वापस भागे घर…

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के शहर में सोमवार सुबह एक भालू घूमता दिखा। भालू को देख सुबह टहलने निकले लोग डर के वापस अपने घर के अंदर जा घुसे। वहीं रिहायसी इलाके में भालू के पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल हैं। मामला कांकेर वन परिक्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, कांकेर शहर के एकता नगर वार्ड की गलियों में आज सुबह-सुबह एक भालू घूमता नजर आया है। सुबह घर से टहलने निकलने वाले लोगों की नजर जैसे ही भालू पर पड़ी, लोग वापस अपने घरों में घुस गए। इस दौरान भालू बिजली विभाग के दफ्तर सहित जनरल हॉस्टल के आसपास काफी देर तक घूमता रहा।
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हनुमान रुपी जनता को ठगने में सफल नहीं हो पायेंगें कालनेमि रुपी भूपेश -बृजमोहन

पूर्व मंत्री और रायपुर दक्षिण के वरिष्ठ भाजपा विधायक के कांग्रेस द्वारा दो दिन पहले भाजपा के खिलाफ जारी काले चिट्ठे पर जोरदार हमला बोला है। उन्होने कहा कि काले चिट्ठे के 82 और 83 बिन्दु से कांग्रेस का हिन्दू विरोधी चेहरा सामने आ गया है। काले चिट्ठे में राम मंदिर के खिलाफ कही गयी बातें और छत्तीसगढ़ में कौशल्या माता और रामवन गमन पथ की उनकी बातें कांग्रेस और भूपेश बघेल के कालनेमि रुपी चरित्र को दर्शाती हैं।
उन्होने एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार-वार्ता में कहा कि भूपेश बघेल जी के डीएनए में जिनका खून है, उसे छत्तीसगढ़ की जनता बखूबी जानती-पहचानती है कि उनके पिता ने माता सीता और भगवान प्रभु राम के लिए किन अपशब्दों का प्रयोग किया है ।अब ऐसे भूपेश बघेल जी कालनेमि के रुप में हमारे सामने आए हैं, जैसे कालनेमि ने राम-राम बोलकर हनुमान जी को भरमाने की कोशिश की थी, वैसे ही भूपेश बघेल, मां कौशल्या की धरती जहां के प्रभु राम भांजे हैं, वहां के लोगों को भरमाने के लिए कालनेमि राक्षस का रुप धारण कर भरमाने का काम कर रहे हैं।
भाजपा के खिलाफ जारी काले चिट्ठे के 82 और 83 बिन्दु में कहा गया कि क्या राममंदिर बन जाने से युवाओं को नौकरी मिल जाएगी और बेटियों की सुरक्षा हो जाएगी ।इससे ये बात साबित होती है कि छत्तीसगढ़ और केन्द्र की कांग्रेस पार्टी के इशारे पर जो प्रभु राम के वनगमन पथ की बात करते हैं, इनका लगाव ना माता कौशल्या की जन्मभूमि के प्रति है और ना ही प्रभु राम के प्रति है, एक वर्ग के वोट को हासिल करने के लिए ये राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस का ऐसे सवाल पूछना देश के बहुसंख्यक समाज, देश के जन-जन में बसे राम, गांव-गांव की आत्मा में बसे राम, जिनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा हम युवा पीढ़ी को देते हैं, उससे भूपेश बघेल जी का ताड़का रुपी दानवी चेहरा सामने आ गया है।
उन्होने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही राम के प्रति घृणा से भरा हुआ है, ये वही कांग्रेस है जिसने वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर राम, सीता, हनुमान और वाल्मीकि को काल्पनिक पात्र बताते हुए कहा था कि रामसेतु का कोई धार्मिक महत्व नहीं माना जा सकता है। कांग्रेस की नेता ने संसद पर प्रदर्शन करने जा रहे नागा साधुओं पर जनरल डायर की तरह गोलियां चलवाकर भून दिया था। सुप्रीम कोर्ट में राममंदिर के मुद्दे की सुनवाई के लिए 2019 तक टालने का काम कांग्रेस के नेता जो वकील हैं, ने किया था। कांग्रेस के नेता सुशील शिंदे ने मुस्लिम आतंकवाद से ध्यान हटाने के लिए हिन्दू आतंकवाद शब्द इजाद किया था। दिग्विजय सिंह ने मुम्बई हमले के लिए हिन्दू संगठनों को जिम्मेदार ठहराया था। आजादी के समय से चले आ रहे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दू शब्द पर कांग्रेस ने आपत्ति की थी । सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कांग्रेस ने विरोध किया था। हज पर सब्सिडी और अमरनाथ यात्रियों पर टैक्स कांग्रेस ने लगाया था। भारत माता के दो टुकड़े कांग्रेस ने किये थे, सिक्खों का कत्लेआम कांग्रेस ने कराया, कश्मीरी पंडितों को घर से निकलवाया, सेना के पराक्रम के सबूत मांगें। सेना को मासूमों का कातिल बताया। नेहरु जी ने फैजाबाद के डीएम को आदेश देकर विवादित स्थल से रामलला की मूर्तियों को हटवाया।
श्री अग्रवाल ने चुनौती दी कि अगर भूपेश बघेल औऱ कांग्रेसियों में दम है तो खुलकर क्यों सामने नहीं आते हैं, हिन्दू विरोधी बातें पर्दे के पीछे रहकर क्यों करते हैं। जब सामने भाषण देते हैं तो प्रभु राम को अपना भांजा बताते हैं और माता कौशल्या को अपनी महतारी बताते हैं, लेकिन जब काला चिट्ठा जारी करते हैं तो राममंदिर का विरोध करते हैं। अगर भूपेश बघेल राम विरोधी नहीं हैं तो छत्तीसगढ़ में धर्मान्तरण का जो खेल चल रहा है, उसे रोकने के लिए अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। अगर ये राम और हिन्दू विरोधी नहीं हैं तो  वीआईपी रोड का नाम प्रभुराम के नाम पर या राममंदिर मार्ग ना रख कर राजीव गांधी मार्ग रखना क्यों तय किया गया।
उन्होने कहा कि हम इसकी घोर निंदा करते हैं। रामचरित मानस की चौपाई ....कालनेमि कलि कपट निधानू, नाम सुमरति समरथ हनुमानू, उधरहिं अंत न होइ निबाहू, कालनेमि जिमि रावन राहू।....को उद्धृत करते हुए कहा कि कलयुग में कपटी काल कालनेमि रावण और राहु की भांति कपट से भेष बनाकर ठगने वाले बहुत होंगें, लेकिन नामरुपी हनुमान जी से उनकी पोल खुल जाने से उनका निबाह नहीं होगा। इसी प्रकार भूपेश बघेल भी कालनेमि के रुप में, राहु के रुप में छत्तीसगढ़ की हनुमानजी रुपी जनता को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। परन्तु वो उनको ठग नहीं पायेंगें और हनुमान जी रुपी जनता की विजय होगी।
उन्होने एक सवाल के जवाब में कहा कि हां हम धर्म की राजनीति करते हैं। धर्म का अर्थ है सत्य, धर्म का अर्थ है जिसे अपनाया जाए, धर्म का अर्थ है जिसे अपनाकर सुख,शांति औऱ समृद्धि आए ।धर्म का अर्थ सिर्फ हिन्दू धर्म नहीं होता है। धर्म का अर्थ होता है जिसे आप अपना सकते हैं। कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं को धर्म का अर्थ नहीं मालूम नहीं है ,तभी वो भाजपा पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाते हैं। इनके नेता राहुल गांधी ने 2014 में मंदिर जाने वालों पर लड़कियां छेड़ने तक का आरोप लगाया था।
बृजमोहन के कांग्रेस से सवाल ---
1.अयोध्या में भगवान प्रभु राम का मंदिर बनना चाहिए या नहीं ।अयोध्या में भव्य धाम बनने से तीर्थयात्रियों के आने से लाखों लोगों को जो रोजगार मिल रहा है ,वो मिलना चाहिए या नहीं
2. काशी विश्वनाथ के भव्य स्वरुप के बनने से तीर्थयात्रियों की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है और उससे वहां के लोगों को जो रोजगार मिला है वो मिलना चाहिए या नहीं।
3.महाकाल के विकास के बाद जो रोजगार के अवसरों में कई गुना वृद्धि हुई है, वो होना चाहिए या नहीं।
उन्होने कहा कि भूपेश बघेल चाहे कितने भी चेहरे लगा लें, उनकी पार्टी और उनकी पार्टी का हिन्दू द्रोही और पाप की राजनीति का आकंठ तक डूबा स्वरुप सबके सामने आ चुका है।

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मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय का चेंबर स्वागत करता है:– पारवानी

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि चेंबर द्वारा प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से नगरी निकाय क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक इकाइयों पर लगने वाले दोहरे  कराधान को समाप्त करने मांग की गई थी जिसपर मुख्यमंत्री जी ने कल मंत्रीपरिषद की बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए दोहरे कराधान को पूर्ण रूप से समाप्त करने की घोषणा की जिसका छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स स्वागत करता है।

चेंबर अध्यक्ष श्री अमर पारवानी जी ने बताया कि कल माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आहुत हुई जिसमें नगरीय निकाय क्षेत्र में उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक इकाई एवं वे औद्योगिक इकाइयां जो अब नगरीय निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत आते है उनपर से संपत्ति कर में छूट दिये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया जिसका चेंबर स्वागत करता है। 

श्री पारवानी जी ने आगे कहा कि पूर्व में नगरी निकाय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक इकाइयों पर सीएसआईडीसी एवं नगरी निकाय द्वारा करारोपण किया जाता था जो औद्योगिक इकाइयों पर अतिरिक्त भार था जिसे हटाने हेतु चेंबर लगातार इसकी मांग करता आया है।
सीएसआईडीसी द्वारा उद्योगों से मेंटेनेस चार्ज के साथ ही नगर निगम के द्वारा संपत्ति कर की मांग दोहरा करारोपण के समान था जिसे मुख्यमंत्री जी के घोषणा अनुसार समाप्त कर दिया गया है।
औद्योगिक विकास हेतु लिए गए इस निर्णय से मध्य एवं सूक्ष्म उद्योगों में नई ऊर्जा का संचार होगा एवं प्रदेश में व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार में वृद्धि होगी जो प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

श्री पारवानी इस ऐतिहासिक निर्णय हेतु  माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के साथ समस्त मंत्रिपरिषद का प्रदेश के उद्योग एवं व्यापार जगत की ओर से आभार व्यक्त किया।

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छत्तीसगढ़ में पेंशनर्स अधिकारी-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का आदेश जारी

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के पेंशनर्स अधिकारी-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग ने इसके लिए आज आदेश जारी कर दिया है। सातवें वेतनमान में मूल पेंशन/परिवार पेंशन के लिए महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह लाभ इसी जुलाई महीने की पहली तारीख से मिलेगा। इस वृद्धि के पश्चात अब महंगाई राहत 42 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही छठवें वेतनमान के मूल पेंशन/ परिवार पेंशन पाने वाले पेंशनर्स के महंगाई भत्ते में 9 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह लाभ भी इसी साल के जुलाई महीने की पहली तारीख से मिलेगा। इस वृद्धि के साथ ही महंगाई राहत में कुल वृद्धि 221 प्रतिशत हो गई है। उल्लेखनीय है कि पेंशनर्स की महंगाई राहत के संबंध में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों की स्वीकृति आवश्यक होती है। इस संबंध में स्वीकृति जल्द प्रदान करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था। इसके बाद जैसे ही स्वीकृति प्राप्त हुई। महंगाई राहत में वृद्धि का लाभ पेंशनर्स को प्रदान करने का अविलंब निर्णय लिया गया।
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रायपुर समेत छग के कई जिलों में झमाझम बारिश ,मौसम विभाग ने 5 और 6 सितंबर के लिए जारी किया येलो अलर्ट

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में आज सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है। रायपुर में बीते शनिवार को देर शाम बारिश हुई। इसके बाद रात में भी छीटें पड़ी। आज सुबह से ही राजधानी में बादल छाए हुए हैं। इसके साथ ही झमझाम बारिश भी हो रही है। दो दिनों की बारिश से निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सुबह से ही तेज धूप था। लोग उमस और गर्मी से परेशान थे। इसके बाद देर शाम को राजधानी में मौसम का मिजाज बदला और मौसम सुहावना हो गया है। शाम को हल्की मध्यम बारिश हुई। कल प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई है। आज भी प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश, तो कहीं झमाझम बारिश होने की संभावना है। कुछ दिनों तक मौसम में कोई बदलाव की संभावना नहीं मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में कोई बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद प्रदेशभर में झमाझम बारिश हो सकती है। बीते कुछ दिनों से मानसून पर ब्रेक लग गया था। इससे तापमान बढ़ने लगा था और लोग उमस और गर्मी से परेशान थे। बीते दिनों देर शाम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट हो सकता है। प्रदेशभर के कई इलाकों में गरज चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।
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*भगवान के नाम का चंदा चोरी, जमीन दलाली, नफ़रत, हिंसा उन्माद भाजपाइयों का आसुरी चरित्र है - कांग्रेस

*भगवान के नाम का चंदा चोरी, जमीन दलाली, नफ़रत, हिंसा उन्माद भाजपाइयों का आसुरी चरित्र है* *रामसेतु के अस्तित्व को पहली बार अटल सरकार ने और आखिरी बार मोदी सरकार ने नकारा है, राजनैतिक लाभ के लिये झूठ बोल रहे भाजपा* *कर्नाटक में भाजपाईयों को हनुमान की गदा पड़ी, अब छत्तीसगढ़ में बारी है* रायपुर/03 सितंबर 2023। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भगवान राम के अस्तित्व को, रामसेतु के अस्तित्व को पहली बार अटल सरकार ने नकारा और आखरी बार हाल ही में दिसंबर 2022 में देश के उच्च सदन राज्यसभा के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने, अब चुनावी लाभ के लिए छत्तीसगढ़ के भाजपाई झूठ बोल रहे हैं। ऐतिहासिक तथ्य की कांग्रेस की नरसिम्हा राव सरकार ने 1993 में नासा के माध्यम से स्पेस टेक्नोलॉजी की मदद से तमिलनाडु के पंपम द्वीप (रामेश्वरम) से श्रीलंका की मन्नारद्वीप के बीच की श्रृंखला का पुरातात्विक और धार्मिक मान्यता को रेखांकित किया। कांग्रेस की सरकार ने यह स्थापित करवाया कि रामेश्वरम से लंका तक स्थित ढांचा श्रीराम सेतु का अस्तित्व है। इतिहास गवाह है कि श्रीराम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा ने ही रामसेतु के अस्तित्व को नकारा है। सबसे पहले भाजपा की अटल बिहारी की सरकार ने ही सेतु समुद्रम परियोजना को तोड़ने मंजूरी दी और श्री राम सेतु को तोड़ने के लिए 2004 में 3500 करोड रुपए का बजट प्रावधान किया था। अटल सरकार में जहाजरानी मंत्री रही टी.आर. बालू ने भी श्रीराम सेतु को नकारा था, हलफनामा दिया था। विगत शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने संसद में भाजपा सांसद कार्तिकेय शर्मा के एक प्रश्न के जवाब में भगवान श्री रामसेतु के अस्तित्व को नकार दिया है उन्होंने कहा कि कुछ पत्थरों के अवशेष मिले हैं. लेकिन कह नहीं सकते कि वह राम सेतु है। दरअसल भाजपा का मूल चरित्र ही धर्म विरोधी है। धर्म को अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिये उपयोग करती है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 15 साल सरकार में रहने के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को छत्तीसगढ़ में न राम वन गमन पथ याद आया ना माता कौशल्या याद आई। गाय, गोबर और गंगाजल भाजपा के लिए केवल चुनावी है। रमन राज में गौसेवा के नाम पर 1766 करोड़ का अनुदान खा गए, गाएं मार दी गई, शगुन गौशाला, मयूरी गौशाला, सेठ फूलचंद गौशाला जैसे अनेकों मामले है। राम काज तो छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार कर रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 1990 के दशक में भी विश्व हिंदू परिषद ने 1400 करोड़ के चंदा चोरी का आरोप भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर लगाया था जिस पर भाजपाई आज तक मौन है। हाल ही में अयोध्या जमीन अधिग्रहण घोटाला भी सर्वविदित है। चंपत राय के साथ मिलकर के साथ मिलकर भाजपाइयों ने अयोध्या में जमीन के घोटाले किए। छत्तीसगढ़ में भी भाजपाइयों पर चंदाचोरी के बिलासपुर और मंदिर हसौद थाने में एफआईआर दर्ज हुए। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति में प्रभु श्री राम के भाषा स्वरूप को पूरी दुनिया के सामने रेखांकित किया है। अयोध्या में राम मंदिर का ताला कांग्रेस के शासनकाल में खुला, नियमित पूजा राजीव गांधी के विशेष प्रयास से आरंभ हुआ लेकिन कभी श्रेय नहीं लिए। धर्म के नाम पर उन्माद फैलाने वाले, हिंसा और नफरत फैलाने वाले भाजपाई किस नैतिकता से कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं? आसुरी चरित्र कालनेमि चरित्र तो भाजपाइयों का उजागर हुआ है।
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*रेल रुको आंदोलन 12 सितंबर को*

*रेल रुको आंदोलन 12 सितंबर को* *यात्री ट्रेनों के लगातार निरस्तीकरण एवं रेलों के अनियमित संचालन के विरोध में नागरिक सुरक्षा मंच का एक्शन* नागरिक सुरक्षा मंच द्वारा 12 सितंबर को रेल रोको आन्दोलन किया जाएगा | बिलासपुर : बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक अमित तिवारी और जिला युवक कांग्रेस के अध्यक्ष राजू यादव ने उक्त बातें कहीं | उन्होंने कहा कि पिछले 02 वर्षों से यात्री गाडियों के बार बार निरस्त होने एवम घंटो लेट-लतीफ से परेशान होकर यह निर्णय लिया गया है तथा आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है| बिलासपुर : रेल प्रशासन द्वारा छत्तीसगढ़ के निवासियों के साथ किए जा रहे भेदभाव पूर्वक बर्ताव सेनाग्रिकों में रोष व्याप्त है, रेल प्रबंधन द्वारा पिछले 02 वर्षो से कई यात्री गाड़ियों को निरस्त कर रखा है एवं अन्य कई रेलों को कभी भी रद्द करने की घोषणा कभी भी कर दी जाती है जिससे यात्रा करने वाले महिला पुरुष एवं बुजुर्गों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है| वही जो गाडियां चल रही है वह भी बहुत ज्यादा लेट लतीफ चल रही है। जिस पर नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक अमित तिवारी एवम जिला युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजू यादव ने आज बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित कर रेल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की जानकारी दी | पत्रकारों को जानकारी देते हुए अमित तिवारी एवं राजू यादव ने बताया कि विगत 21 सितम्बर 2022 को नागरिक सुरक्षा मंच द्वारा जनता की इन कठिनाईयों को संज्ञान में लेते हुए रेलवे महा प्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया था। इस दौरान रेल प्रशासन ने प्रतिनिधि मंडल को चर्चा के लिये आमंत्रित किया। रेल्वे के उच्चाधिकारी ने चर्चा के दौरान इन अनियमितताओं को स्वीकार किया तथा एक माह के अन्दर इन समस्याओं के निराकरण किये जाने का आश्वासन दिया गया था। परन्तु आज पूरे 01 माह बीत जाने के बाद भी रेल प्रशासन ने ट्रेनों के संचालन में कोई सुधार नहीं किया। अब जबकि रेल्वे द्वारा आम जन की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। तब बिलासपुर की जनता को बड़े आन्दोलनों का निर्णय लेना पड़ सकता है। रेल आम जनता के लिए सर्वाधिक किफायती एवं सुविधा जनक यातायात माध्यम है, जिसे रेल्वे अपनी आय बढ़ाने और चंद व्यवसाईयों को लाभ पहुंचाने की नियत से माल बुलाई को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा हे, कोयला लदान वाली गाड़ियों का पटरियों पर बेखौफ दौड़ना इस बात की पुष्टि करता है। माल गाड़ी को क्लीयरेंस देने के लिये यात्री गाडियों को घंटो घंटो एक स्थान पर रोक दिया जाता है, जो कि रेल यात्रियों के लिये परेशानी का सबब बन जाता है। वर्तमान में बिलासपुर जोन की सैकड़ों गाडियाँ निरस्त हैं, और जो चल रही है वो भी अनिश्चित कालीन विलम्ब से चल रही है। लोकल गाड़ियाँ पूर्णतया निरस्त है जिसके चलते स्थानीय एवं छोटे-छोटे स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार में लोकर गाड़ियाँ स्थगित होने के कारण बहनें अपने भाई को राखी तक नहीं बांध पाई। आम जनता की इन्ही परेशानियों को महसूस करते हुए नागरिक सुरक्षा मंच एवं जिला युवक कांग्रेस ने रेल प्रशासन का विरोध करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत् दिनांक 12-09-2023 को अपरान्ह 12.00 बजे रेल रोको आन्दोलन किया जायेगा। इस आन्दोलन को सामाजिक संगठनों,राजनीतिक संगठनों, व्यापारी, छात्र संगठन सहित बिलासपुर, कोरबा, चाँपा- जांजगीर, अकलतरा, सक्ती, खरसिया, बिल्हा सहित रेल रूट के आने वाले सभी रेल्वे स्टेशनों के नागरिकों का समर्थन प्राप्त है। नागरिक सुरक्षा मंच द्वारा 12 सितंबर को अपरान्ह 12 बजे उसलापुर रेल्वे स्टेशन के निकट ट्रेन रोकी जायेगी। इसके बाद भी रेल प्रशासन के रवैये में सुधार नहीं आया तो एक साथ 12 स्टेशनों पर रेल रोको आन्दोलन किया जायेगा, जिसके लिये रेल प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। cg24news.in
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