प्रदेश
रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ कृषि भवन की रखी आधारशिला
गौरतलब है कि पांच मंजिला छत्तीसगढ़ कृषि भवन’ का निर्माण नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 3.14 एकड़ में किया जाएगा। कृषि भवन में कृषि से संबंधित समस्त विभाग-कृषि संचालनालय, कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, जल ग्रहण प्रबंधन, पशुधन विकास, मछली पालन के संचालनालय होंगे। भवन में कृषि मंत्री एवं कृषि उत्पादन आयुक्त का कार्यालय भी स्थापित होगा। एकीकृत कृषि भवन के निर्माण से विभाग की सहयोगी संस्थाओं के बीच आपसी सांमजस्य में वृद्धि होगी, जिससे कृषि विकास के कार्यों में गति आयेगी तथा राज्य भर से आने वाले कृषकों की समस्याओं का निपटारा एक ही छत के नीचे संभव हो सकेगा। भविष्य में कृषि भवन को कृषि क्षेत्र के विकास हेतु एक ‘समन्वित संसाधन केन्द्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
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वेंडरों की गुंडागर्दी पर IG दुर्ग ने RPF इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड
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अंबिकापुर : कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने बतौली में सामुदायिक भवन का किया भूमिपूजन, 6.50 लाख की लागत से होगा निर्मित
खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत सोमवार को विकासखण्ड बतौली में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ग्राम कुनकुरी में 6.50 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत सामुदायिक भवन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री श्री भगत ने सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही मंत्री श्री भगत ग्राम शांतिपारा के शासकीय हाईस्कूल में आयोजित सायकिल वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर 78 छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि साइकिल मिल जाने से छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी और आवागमन में समय की भी बचत होगी। इस दौरान राज्य बीज प्रमाणीकरण के सदस्य श्री अरविंद गुप्ता, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुगिया मिंज एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित छात्राएं एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
नारायणपुर : प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओं को नाश्ता प्रदाय कार्यक्रम का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा एवं अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग मंत्री श्री मोहन मरकाम ने किया प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओं को नाश्ता प्रदाय कार्यक्रम का शुभारंभ परीयना दिव्यांग आवसीय विद्यालय का शुभारंभ वीरांगना रमोतिन माड़िया के प्रतिमा का लोकार्पण और हमर लैब का मंत्रियों ने किया शुभारंभ, कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डीएमएफ फंड से नाश्ता दिया जाएगा। जिला प्रशासन की अभिनव पहल के माध्यम से जिले के नारायणपुर और ओरछा विकासखण्ड के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्कूल में प्रतिदिन नाश्ता प्रदाय किया जाएगा। नारायणपुर विकासखण्ड अंतर्गत 238 विद्यालयों के 7 हजार 71 विद्यार्थी तथा ओरछा विकासखण्ड अंतर्गत 98 प्राथमिक शालाओं के 1 हजार 478 विद्यार्थी लाभांवित होंगे। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 3 हजार 913 विद्यार्थी लाभांवित होंगे। नारायणपुर विकासखण्ड अंतर्गत 84 माध्यमिक शालाओं के 3 हजार 737 तथा ओरछा विकासखण्ड के 9 विद्यालय के 176 विद्यार्थी लाभांवित होंगे। इसी प्रकार जिले में संचालित आश्रम शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भोजन प्रदाय किया जाएगा। नारायणपुर विकासखण्ड अंतर्गत 24 आश्रमों के 689 विद्यार्थी तथा ओरछा विकासखण्ड के 25 आश्रम के 359 विद्यार्थी लाभांवित होंगे। जिले के लगभग 478 विद्यालयों में में पढ़ रहे लगभग 13 हजार 510 विद्यार्थियों को प्रातः 9.30 बजे विद्यालय प्रारंभ होने के पहले पोहा, उपमा, दलिया, फलीदाना इत्यादि दिया जाएगा। इसके लिए विद्यालय के रसाईयाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन निति आयोग और डीएमएफ फंड से किया जाएगा।
परीयना दिव्यांग आवसीय विद्यालय का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा एवं अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग मंत्री श्री मोहन मरकाम के द्वारा जिले में परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय गराजी का शुभारंभ किया गया। इस विद्यालय में वर्तमान मे 35 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिये जाने का लक्ष्य है, जिसमे 20 बालिकाओं व 15 बालक वर्ग के बच्चों का चयन किया गया है। जिसमे मुख्यतः 12 श्रवण बाधित, 2 दृष्टि बाधित, 1 मुखबधीर, 2 अस्थि बाधित, 11 अल्प दृष्टि, 8 बौनापन, 1 छात्र व छात्रा शामिल है। दिव्यांग बच्चो के अध्ययन अध्यापन मे आने वाली समस्या के निवारण हेतु साक्षत्कार के माध्यम से विशेष शिक्षक, भौतिक चिकित्सक, याक चिकित्सक, मनोचिकित्सक, संगीत शिक्षक आदि कि नियुक्ति किया गया है। दिव्यांग बच्चो के दैनिक दिनचर्या संपूर्ण देखरेख हेतु 5 बच्चो पर 1 केयर टेकर, स्वीपर रसोईयों का भी नियुक्ति किया गया है।
वीरांगना रमोतिन माड़िया के प्रतिमा का लोकार्पण
छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा एवं अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग मंत्री श्री मोहन मरकाम के द्वारा वीरांगना रमोतिन कोर्राम माड़िया कन्या महाविद्यालय में प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। राज्य के जिला नारायणपुर तहसील छोटेडोंगर के एक छोटे से गांव धुरबेड़ा में एक कोर्राम परिवार में पली-बढ़ी वीरांगना रमोतिन कोर्राम माड़िया का जन्म लगभग 1887 में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री डोंगा कोर्राम एवं माता का नाम श्रीमती वागली बाई थी। वीरांगना रमोतिन कोर्राम माड़िया के दो भाई थे, उनका नाम कोसा कोर्राम और मासा कोर्राम था। वीरांगना रमोतिन कोर्राम माड़िया की एक छोटी बहन का नाम सनोतिन कोर्राम था। वीरांगना रमोतिन कोर्राम माड़िया बचपन से ही होनहार वीरवान और बहादुर थी, सन् 1887 में ग्राम धुरबेड़ा में बांस एवं घांस फूस की झोपड़ियां हुआ करती थी। बगल में पशु-पक्षी, गाय-बैल, बकरियां-मुर्गियां रखी जाती थीं। उस समय ग्राम धुरबेड़ा में बीहड़ जंगल था, उन जंगलों में शेर, बाघ, भालू रहा करते थे। झोपड़ी में रखे गाय-बैल, बकरियों को शेर-बाघ दिन में भी और प्रतिदिन रातभर दहाड़ किया करते थे, और झोपड़ियों में रखे गाय-बैल, बकरियों को शिकार कर खा जाया करते थे। वीरांगना रमोतिन कोर्राम माड़िया ने गांव वालों को संगठित कर अंग्रेजों के विरूद्ध लड़ाई करने के लिए भुमकाल लड़ाई का गठन किया। सन् 1910 में वीरांगना रमोतिन कोर्राम माड़िया एवं कोसा कोर्राम, मासा कोर्राम ने एवं गांववालों के पास केवल धनुष-बांण था उनके पास उस समय बन्दूक नहीं था, फिर भी अंग्रेजों के अत्याचार को सहन नहीं करते हुए 1910 से 1911 में अंग्रजो के अत्याचार के विरूद्ध भुमकाल लड़ाई प्रारंभ कर दिए, इसी लड़ाई का नेतृत्व करते हुए 17 मई 1911 में भुमकाल लड़ाई के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गई।
हमर लैब का मंत्रियों ने किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा एवं अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग मंत्री श्री मोहन मरकाम के द्वारा नारायणपुर के बद्रीनाथ बघेल जिला अस्पताल में हमर लैब का शुभारंभ किया गया। हमर लैब में विभिन्न प्रकार के सुविधाएं दी जाएगी, जैसे- हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट काउंट रेटीइक्स काउंट, सी. बी. सी. टी. एल.सी., डी. एल. सी., आर. बी. सी., एम.सी. व्ही., एम.सी.एच., एम.सी.एच.सी., आर. डी. डब्लू, एम. पी. व्ही. पी. सी. व्ही. ब्लीडिंग टाइम/क्लोटिंग टाइम, रक्त समूह, आर. एच. ग्रुपिंग, कुम्ब्स टेस्ट, इ. एस.आर., सौकल सेल एनिमिया- ए.एस.एस.एस (इलेक्ट्रोफोरेसिस, साल्यूबीलिटी टेस्ट), टोटल काउंट बॉडी फ्लुइड्स टोटल काउंट बॉडी फ्लुइड्स टोटल काउंट बॉडी फ्लुइड्स, .पी.टी.आइ. एन.आर. ए.पी.टी.टी. फाइब्रोनोजन, सीमेन एनालिसिस पेरिफेरल स्मीयर, बायोकेमिस्ट्री, ग्लुकोज, यूरिया, यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन, ब्लड यूरिया नाइट्रोजन, टोटल प्रोटीन, एल्ब्यूमिन, ग्लोब्युलिन, ए.जी. रेश्यो, टोटल बिलीरूबिन, डायरेक्ट बिलीरुबिन इनडायरेक्ट बिलीरूबिन, एस.जी.ओ.टी.एस.जी.पी. टी. एल्केलाइनफास्फटेस, टोटल कोलेस्ट्रोल, टी.जी., एच.डी.एल., एल.डी.एल.व्ही. एल.डी.एल. यूरिक एसीड, कैल्सियम, मैग्नीशियम, फेरिटीन, टोटल आयरन बाइडिंग, कैपेसिटी ;ज्प्ठब्द्ध, एमाइलेज, लाइपेज,सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन ;भ्ठ।प्ब्द्ध, थायराइड, टी-3, टी-4, टी.एस. एच. फ्री टी-3 फ्री टी-4, एफ.एस.एच.एल. एथ, प्रोलैक्टीन, टेस्टोस्टेरान, प्रोजेस्टेरान, ओस्ट्राडी ओल, इन्सुलीन, ट्यूमर मार्कर, बीटा एच. सी. जी. सी. ए-125, सी. ई. ए. सी. ए-19.9. सी. ए. 15.3, पी. एस. ए., एल्फा एफ.पी., विटामिन डी, विटामिन बी-12, सी. के. एम. बी. ट्रोपोनिन-टी, प्रो. बी.एन.पी. , सीरोलॉजी एच. आई. व्ही. एच. बी. एस. ए. जी. एच. सी. व्ही. व्ही. डी. आर. एल. सी.आर.पी. आर. ए., ए.एस.ओ., विडाल, माइक्रोबायोलॉजी कल्चर और सेन्सटिविटी बॉडी फ्लुइड्स (प्लयूरल फ्लुइड, अस्सिटिक फ्लुइड, सी. एस.एफ. इत्यादि ) , कल्चर और सेन्सटिविटी पस, स्पुटम, स्टूल, थ्रोट सवाब, नेसल सवाब, यूरिन इत्यादि, कल्चर और सेन्सटिविटी रक्त, माइक्रोस्कोपी, ग्राम्स स्टैनिंग, अल्बर्ट स्टैनिंग, इंडिया इंक, स्पुटम ए.एफ.बी., मल जाँच, मूत्र जांच (माइक्रोस्कोपि एवं अन्य जाँच एल्ब्यूमिन, शुगर, बाइल साल्ट, बाइल, पिग्मेंट, एसीटोन, स्पेसिफिक ग्रेविटी, पी.एच. मान), मलेरिया, फाइलेरिया, इम्मुनोलोजी, डेंगू, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पायरोसिस, स्क्रब टयफस, हेपेटाइटिस ए. एवं ई, रुबेला, जापानीज इन्सेफेलाइटिस।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष संतराम नेताम, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, स्थानीय विधायक चंदन कश्यप, विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन, विधायक बीजापुर विक्रम मण्डावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामबती नेताम, उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी, कलेक्टर अजीत वसंत, एस.पी. पुष्कर शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
दसवें सम्भागआयुक्त जे.पी.पाठक ने संभाला कार्यभार
सम्भागआयुक्त श्री पाठक ने कार्यभार संभाला
दुर्ग 11 सितंबर 2023 : दुर्ग सम्भाग के नव पदस्थ सम्भागआयुक्त जे.पी.पाठक ने आज कमिष्नर कार्यालय दुर्ग में कार्य भार ग्रहण किया। श्री पाठक दुर्ग सम्भाग के दसवें सम्भागआयुक्त होंगे। भारतीय प्रषासनीक सेवा के वर्श 2007 बैच के अधिकारी श्री जे.पी. पाठक जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार जिला के कलेक्टर रह चुके है। वे राज्य षासन के आवास एवं पर्यावरण, आबकारी एवं अन्य महत्वपूर्ण विभागों के सचिव पद को सुषोभित कर चुके हैं। सम्भागआयुक्त श्री पाठक के दुर्ग पहुंचने पर उपायुक्त (राजस्व) अवध राम टंडन और उपायुक्त (विकास) अजय मिश्रा तथा अन्य अधिकारीयों / कर्मचारियों ने पुश्प गुच्छ भेंट कर सम्भाग आयुक्त का आत्मियता पूर्वक स्वागत किया । कार्यभार ग्रहण करने के पष्चात सम्भागआयुक्त श्री पाठक ने कार्यालय के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। और कर्मचारियों से कार्यों के संबंध में उनसे चर्चा की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगरी-सिहावा के मुकुंदपुर में राम वन गमन पर्यटन परिपथ के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण
इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, सिहावा विधायक और मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष डॉ लक्ष्मी ध्रुव, उपाध्यक्ष राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री राजकुमारी दीवान, जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड, कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कांग्रेस ने बस्तर की जनता की तरफ से अमित शाह से पूछा 9 सवाल
1. आरक्षण विधयेक कब तक लंबित होगा?
छत्तीसगढ़ की जनता के हित में भूपेश सरकार ने विधानसभा से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा है, इस विधेयक में सर्व समाज के लिये आरक्षण का प्रावधान है जिसमें आदिवासी समाज के लिये भी 32 प्रतिशत ओबीसी के लिय,े 27 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिये, 13 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के गरीबो के लिये 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। अमित जवाब दे आदिवासियों का 32 प्रतिशत आरक्षण कब तक राजभवन में लंबित रहेगा? संवैधानिक रूप से राजभवन केन्द्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करता है। अमित शाह गृहमंत्री है। अमित शाह बताये आरक्षण संशोधन विधेयक पर कब तक हस्ताक्षर होगा? आदिवासी समाज को उसकी आबादी के अनुपात में उसका हक मिलने आप और भाजपा क्यों बाधा बनी हुई है?
2. नगरनार प्लांट क्यों बेच रहे?
बस्तर का नगरनार स्टील प्लांट जो कि बस्तर वासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है जिसे केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपने उद्योगपति मित्र को फायदा पहुंचाने विनिवेश करना चाहती है जिसकी प्रक्रिया में आरंभ हो चुकी है। बस्तर विशेषकर लोगो की भावना से जुड़ा नगरनार संयत्र बेचने की कार्यवाही कब बंद होगी?
3. नंदराज पहाड़ की लीज केन्द्र रद्द क्यों नहीं कर रहा?
नंदराज पहाड़ से ग्रामीणों की आस्था जुड़ी हुई है वे उस पहाड़ को देवतुल्य मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं। बैलाडीला नन्दराज पहाड़ लौह अयस्क के दोहन हेतु रमन सरकार ने 2016-17 में अडानी को लीज पर दिया था। जिसके विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों ने लंबा संघर्ष किया। भूपेश बघेल सरकार बनते ही राज्य सरकार अडानी को दी गयी लीज खारिज कर दिया परंतु आज दिनांक तक केन्द्र ने इसके लिए किसी प्रकार की नोटिफिकेशन जारी नही किया। अमित शाह बताये अडानी का हित बड़ा है या आदिवासियों की आस्था?
4. एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?
एनएमडीसी भारत की वह नवरत्न कंपनी है जो लौह अयस्क तो बस्तर से निकालती है और उसे दुनिया भर में भेजती है परंतु अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बनाए बैठी है, पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था परंतु वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है एन एम डी सी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एन एम डी सी में रोजगार का द्वार खुल सके। अमित शाह जी बताये एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नही आ रहा?
5. दल्लीराजहरा जगदलपुर रेल लाइन क्यों शुरू नहीं हो रही?
सन् 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेगी परंतु आज दिनांक तक यह रेल लाइन का कार्य खत्म नहीं हुआ है जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है। अमित शाह बताये यह कब पूरा होगी?
6. भारतमाला परियोजना रोड को जगदलपुर से क्यों नही जोड़ा जा रहा?
भारत माला ओडीशा के नवरंगपुर से होकर जा रही है नगरनार से भारत माला की दूरी 32 किमी के आसपास है केन्द्र सरकार जगदलपुर से भारत माला तक जोड़ने पहल करे या एन एम डी सी नगरनार से भारत माला तक सड़क निर्माण कराये।
7. मोदी सरकार ने 2006 के वन अधिकार अधिनियम में संशोधन क्यों किया?
जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से स्थानीय आदिवासियों को वंचित करने और खनन माफिया अपने नीति पूंजीपति मित्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने 2006 के वन अधिकार अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों को मोदी सरकार ने शिथिल कर दिया है क्या केंद्रीय गृह मंत्री आदिवासियों से माफी मांगेंगे?
8. झीरम की फाइल एनआईए राज्य की एसआईटी को क्यों वापस नहीं कर रही?
भाजपा के शासनकाल में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला हुआ था। जिसमें कांग्रेस की प्रथम पंक्ति के नेताओं सहित 31 लोगो की हत्या हुई थी। इस मामले के हत्यारे अभी तक नहीं पकड़े गये है। एनआईए भी झीरम नरसंहार की जांच के किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। कांग्रेस की सरकार झीरम के गुनहगारों को पता लगाने एसआईटी का गठन कर चुकी है। एनआईए राज्य द्वारा गठित एसआईटी को झीरम की फाइल क्यों वापस नही कर रही है? आखिर केन्द्र क्यों नहीं चाहता राज्य की एसआईटी झीरम नरसंहार की जांच करे।
9. बस्तर की जनता से अमित शाह माफी मांगे
15 सालों तक बस्तर के आदिवासियों को छोटी-छोटी धाराओं में मासूम आदिवासियों को वर्षो तक जेल की सलाखों में बंद रखा गया था। उनकी जमीनों को कोड़ियों के दाम लूटने का षडयंत्र रचा गया। जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों के नैसर्गिक अधिकारों का हनन किया गया था। 15 सालों तक साढ़े पांच लाख से अधिक वन अधिकार पट्टों को लंबित रखा था? बस्तर में हजारों आदिवासियों को नक्सली बताकर भाजपा की सरकार ने वर्षों से जेलों में बंद रखा था, कांग्रेस की सरकार ने उनकी रिहाई शुरू करवाया। बस्तर में 400 से अधिक स्कूल भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था। बस्तर में लोग डायरिया, मलेरिया से मरते रहे, भाजपा को कभी आदिवासियों के स्वास्थ्य का ख्याल नहीं आया। आदिवासियों के संबंध में उनके अधिकारों के संबंध में कुछ भी बोलने के पहले समूची भाजपा को छत्तीसगढ़ के 32 प्रतिशत आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिये। भाजपा के 15 सालों में छत्तीसगढ़ के आदिवासी ठगे गये, उनकी प्रगति को रोकने का षड़यंत्र रचा गया था। छल, कपट कर 15 साल तक रमन सरकार निर्दोष आदिवासियों को जेल में बन्द किया जाता रहा। रमन सिंह सरकार में पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को मिले कानूनी अधिकारों को दरकिनार कर ग्राम सभा के अनुमोदन के बिना हजारों आदिवासी से जमीन छीनी गई। रमन सिंह सरकार में नक्सली बताकर आदिवासियों के मासूम बच्चों को मुठभेड़ में मारा गया। झलियामारी बालिका गृह में हुई बलात्कार की घटना, मीना खलखो, पेद्दागेल्लूर, सारकेगुड़ा की घटना, बस्तर क्षेत्र के युवाओं को सरकारी नौकरी से वंचित रखा गया आउटसोर्सिंग से भर्ती कर उनके हक अधिकार को बेचा गया। रमन सरकार के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों की लाभांश में हेराफेरी की गई, चरणपादुका खरीदने में भ्रष्टाचार किया गया, 5 लाख वनाधिकार पट्टा निरस्त किया गया था। पूर्व की रमन सरकार के दौरान निरन्तर आदिवासी वर्ग पर अत्याचार हुआ उनके अधिकारो का हनन किया गया। आदिवासी कल्याण के नाम से सरकारी योजना बनाकर बंदरबांट किया गया। इन सब के लिये भी अमित शाह, भाजपा के तत्कालीन सत्ताधीशों की जवाबदेही तय करें। 15 सालों तक रमन राज में हुये आदिवासियों के ऊपर अत्याचार शोषण, खून खराबे के लिये अमित शाह और भाजपा दोषी भाजपा नेताओं पर कार्यवाही कब करेगी? 15 सालो तक बस्तर के शोषण के लिये अमित शाह माफी मांगे।
एसडीओपी अनुज कुमार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत
गरियाबंद। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मैनपुर अनुज कुमार गुप्ता का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने पर गरियाबद के वरिष्ठ पुलिस कप्तान अमित तुकाराम कांबले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.सी.पटेल के द्वारा उनके उज्ज्वल भविष्य का कामना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दिये। इस खुशी के पल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार के पूरे परिवार भी उपस्थित रहे।
