राशिफल
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं:
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं:
- शनिवार को स्नान-ध्यान के बाद गंगाजल में काले तिल मिलाकर पीपल के पेड़ में अर्घ्य दें.
- पीपल के पेड़ की तीन बार परिक्रमा करें और कम से कम पांच बार उठक-बैठक करें.
- शनिदेव को तिल और सरसों के तेल से अभिषेक करें.
- शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें तीन लौंग डालें.
- अगर आपके घर के पास पीपल का पेड़ नहीं है, तो बाती को पूरी तरह जलने के बाद दीपक को अगले दिन पीपल के पेड़ के पास रख दें.
- शनिवार के दिन बजरंगबली की पूजा करें और उनपर सिंदूर चढ़ाएं.
- हनुमान जी पर चमेली का तेल अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- शनिवार के दिन श्वान यानी काले कुत्ते की सेवा करें.
- शनिवार के दिन गरीबों और असहाय लोगों की सेवा करें और भोजन कराएं.
- शनिवार के दिन दान करें.
- शनिवार के दिन शनि यंत्र की पूजा करें.
- शनिवार के दिन जीवन की विघ्न-बाधाओं को दूर करने के लिए
पौष्टिकता से भरपूर बाजरा खिचड़ी स्वाद में भी लाजवाब होती है.
सर्दियों की शुरुआत होते ही बाजरा खिचड़ी खाने की चाहत बढ़ जाती है. पौष्टिकता से भरपूर बाजरा खिचड़ी स्वाद में भी लाजवाब होती है. दही या रायते के साथ परोसने पर बाजरा खिचड़ी एक तरह से संपूर्ण आहार भी बन जाती है. विंटर में शरीर की गर्माहट बरकरार रखने में भी बाजरा खिचड़ी काफी मददगार होती है. राजस्थान में खासतौर पर बाजरा खिचड़ी बनाने का चलन है और यहां बनने वाली खिचड़ी का स्वाद भी लाजवाब होता है. आप भी अगर बाजरा खिचड़ी पसंद करते हैं और राजस्थानी स्वाद चाहते हैं तो हमारी बताई रेसिपी आपके काफी काम आ सकती है.
बाजरा खिचड़ी बनाने के लिए बाजरा के साथ ही पीली मूंग दाल, देसी घी और मसालों का उपयोग किया जाता है. आपने अगर अब तक बाजरा खिचड़ी को घर पर नहीं बनाया है तो हमारी बताई रेसिपी आपके लिए मददगार हो सकती है.
बाजरा खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
बाजरा – 1/2 कप
मूंग दाल पीली – 1/2 कप
देसी घी – 1 टेबलस्पून
हींग – 1 चुटकी
जीरा – 1 टी स्पून
हल्दी – 1/4 टी स्पून
नमक – स्वादानुसार
बाजरा खिचड़ी बनाने की विधि
स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर बाजरे की खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहले बाजरा को साफ कर उसे पानी में 8-9 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. तय समय के बाद बाजरा का अतिरिक्त पानी छन्नी की मदद से निकाल दें. अब एक प्रेशर कुकर में भिगोया बाजरा, मूंग दाल और थोड़ा सा नमक डालें. इसके बाद कुकर में 2 कप पानी डालकर 4 सीटियां आने तक इन्हें पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और कुकर का प्रेशर अपने आप रिलीज होने दें.
अब एक गहरे तले वाला नॉनस्टिक पैन लें और उसमें घी डालकर मीडियम आंच पर गर्म करें. जब घी गर्म होकर पिघल जाए तो उसमें जीरा डालें और कुछ सेकंड तक भूनें. जब जीरा चटकने लगे तो उसमें एक चुटकी हींग और हल्दी डालकर करछी की मदद से अच्छे से मिलाएं और भूनें. मसाले जब भुन जाएं तो उसमें उबला हुआ बाजरा मूंग दाल का मिश्रण डालें और अच्छी तरह से मिक्स कर दें. इसके बाद खिचड़ी में स्वादानुसार नमक डालकर अच्छे से मिक्स करें. खिचड़ी को 2-3 मिनट तक और पकने दें, इसके बाद गैस बंद कर दें. स्वाद से भरपूर बाजार खिचड़ी बनकर तैयार है. इसे गर्मागर्म ही सर्व करें.
क्या है ब्लैक फ्राइडे? ब्लैक फ्राइडे कहां मनाया जाता है?
क्या है ब्लैक फ्राइडे?| What Is Black Friday?
ब्लैक फ्राइडे का दिन मनाने की शुरुआत अमेरिका से ही हुई. यहां ये दिन हर साल मनाया जाता था. इस दिन क थैंक्स गिविंग के बाद आने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है. इस लिहाज से इस बार ब्लैक फ्राइडे 29 नवंबर को मनाया जा रहा है.
माना जाता है कि इसी दिन से क्रिसमस की शॉपिंग की शुरुआत होती है. इसी मौके को ज्यादा से ज्यादा फायदे वाला अवसर बनाने के लिए शॉपिंग साइट्स भारी डिस्काउंट ऑफर करती हैं. पहले ये दिन केवल अमेरिका में ही मनाया जाता था लेकिन बीते कुछ सालों में दूसरे देशों में भी इसका क्रेज बढ़ा है. और, ई कॉमर्स वेबसाइट इस क्रेज का पूरा पूरा फायदा उठा रही हैं. जिसकी वजह से ये दिन बाकी देशों में भी मनाया जाने लगा है.
ब्लैक फ्राइडे से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
बात करें ब्लैक फ्राइडे से जुड़े कुछ और रोचक तथ्यों की. तो, ये तो हम आपको बता ही चुके हैं कि ये दिन थैंक्स गिविंग डे के बाद आने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है.
इस दिन की शुरुआत का इतिहास काफी पुराना है. बताया जाता है कि साल 1960 से 1970 के बीच ब्लैक फ्राइडे मनाने का सिलसिला शुरू हो गया था.
इस दिन को फिलाडेल्फिया की पुलिस ने ब्लैक फ्राइडे नाम दिया था.
इस दिन के साथ अमेरिका और कुछ अन्य देशों में क्रिसमस की शॉपिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है.
क्यों पड़ा नाम ब्लैक फ्राइडे?
ब्लैक फ्राइडे नाम सुनकर लगता है कि ये कोई बुरा या मनहूस दिन होगा. लेकिन इस दिन ऑफर्स और भारी डिस्काउंट को देखकर ऐसा लगता नहीं है. लेकिन जब ये नाम रखा गया था. तब वाकई इसे ब्लैक दिवस मानकर ही इसका नामकरण हुआ था. असल में इस दिन के साथ क्रिसमस का जश्न शुरू हो जाता है और लोग जमकर खरीदारी करते हैं औऱ जश्न मनाते हैं. पूरे देश में फेस्टिवल का माहौल होता है. लेकिन लोगों की भीड़ को संभालने के लिए और शहर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को जिम्मेदार और मुस्तैद रहना पड़ता है. जिसे देखते हुए साठ से सत्तर के दशक के बीच फिलाडेल्फिया पुलिस ने इसे ब्लैक फ्राइडे कहना शुरू कर दिया. असल में इस दिन सब अपने परिवार के साथ होते थे और उन्हें परिवार को छोड़ कर क्रिसमस की व्यवस्था में जुटना पड़ता था. इसलिए उन्होंने इसे ब्लैक फ्राइडे कहना शुरू कर दिया.
नाम बदलने की कोशिश
इसे निगेटिव मानकर कई बार ब्लैक फ्राइडे को बिग फ्राइडे का नाम देने की कोशिश भी की गई. लेकिन ब्लैक फ्राइडे नाम इतना प्रचलन में आ गया कि अब दुनिया भर में इसे ब्लैक फ्राइडे ही कहा जाता है. और, पुराने इतिहास को कायम रखने के लिए इस दिन अमेरिका के बाजारों में खूब ऑफर्स और डिस्काउंट देखने को मिलते हैं. जिसे फॉलो करते हुए कई अन्य देशों में ऑन लाइन शॉपिंग कराने वाली वेबसाइट्स इसे ब्लैक फ्राइडे सेल के नाम से प्रचलित करने लगी हैं और भारी डिस्काउंट पर शॉपिंग कराने लगी हैं.
घर पर रेस्टोरेंट स्टाइल वेजिटेबल पुलाव किस तरह बना सकते हैं, जो खाने में तो स्वादिष्ट हो ही, सेहत के लिए भी काफी अच्छा हो.
कभी कभी मन होता है कि नॉर्मल भोजन से हटकर किचन में कुछ नया ट्राई किया जाए. खासतौर पर लंच टाइम में एक ही तरह का खाना बनाते बनाते उकताहट हो जाती है. ऐसे में अगर आप चावल की कुछ नई रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं तो वेज पुलाव एक अच्छा विकल्प है. आप इसमें अपने पसंद की हर तरह की सब्जी को इस्तेमाल कर सकते हैं और इसे पोषण से भरपूर बना सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि आप घर पर रेस्टोरेंट स्टाइल वेजिटेबल पुलाव किस तरह बना सकते हैं, जो खाने में तो स्वादिष्ट हो ही, सेहत के लिए भी काफी अच्छा हो.
पुलाव बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
2 कप बासमती चावल
¼ गाजर
¼ शिमला मिर्च
⅛ गोभी
½ कप मटर
2 बड़ा चम्म्च देसी घी
½ चम्मच जीरा
2 तेजपत्ता
2 हरी इलायची
2 काली इलायची
4 लौंग
8 काजू
नमक स्वादानुसार
½ चम्मच चीनी
1 चम्मच घी
चुटकी भर इलायची का पाउडर
हरी धनिया पत्ती
पुलाव बनाने की विधि
सबसे पहले 2 कप बासमती चावल लें और उसे अच्छी तरह धो लें. इसे पानी में डालकर 10 मिनट के लिए रख दें. अब एक कढ़ाई लें और उसे गैस पर चढ़ाकर मीडियम आंच पर बर्नर ऑन करें. अब इसमें एक चम्मच देसी घी डालें.जब घी गर्म हो जाए तो गैस को कम करें और इसमें जीरा, तेजपत्ता, हरी इलायची, काली इलायची, लौंग और काजू डालें और भूनें. जब तड़का अच्छे से चटक जाए तब इसमें चार कप पानी डाल दें. अब इसमें आधा चम्मच नमक और आधा चम्मच चीनी डालें और उबलने के लिए छोड़ दें. अब इसमें धुली चावल डालें और 10 मिनट के लिए धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दें. बीच-बीच में चलाते रहें जिससे चावल जले नहीं. अगर पानी कम हो जाए तो आप इसमें थोड़ा सा पानी डाल सकते हैं. जब चावल 80% पर्सेंट पक जाए तो चावल को छान लें और इसे पंखें के नीचे ठंडा होने के लिए छोड़ दें.धर एक अन्य कढ़ाही में घी डालें और उसमें जीरा का तड़का लगाएं. अब इसमें सभी सब्जियों को डालें और मिलाएं. जल्दी पकने वाली सब्जियों को अंत में डालें. उधर चावल में रंग देने के लिए आप केसर डाल सकते हैं. अब चावल को सब्जियों के साथ डालें और इसमें इलाइची पाउडर मिलाएं. ढंककर 5 मिनट छोड़ दें. पुलाव तैयार है. आप इसे दही पुदीने की चटनी के साथ गर्मागर्म सर्व करें.
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सुबह नाश्ते के लिए आलू का पराठा सबसे बेहतरीन ऑप्शन है. ये एक ऐसी डिश है, जिसे हर कोई पसंद करता है.
सुबह नाश्ते के लिए आलू का पराठा सबसे बेहतरीन ऑप्शन है. ये एक ऐसी डिश है, जिसे हर कोई पसंद करता है. खासतौर पर बच्चे. आलू का पराठा आसानी से और जल्दी बनने वाली रेसिपी है. यही वजह है कि इसे कभी भी बनाकर खाया जा सकता है. कई लोग आलू पराठा का स्वाद लेने होटल या ढावे पर जाते हैं. लेकिन यहां बताई गई विधि से आप घर पर ही आसानी से आलू का पराठा बना सकते हैं. आइए जानते हैं आलू पराठा को बनाने का आसान तरीका-
आलू पराठा बनाने के लिए सामग्री
आलू- 500 ग्राम
आटा- 250 ग्राम
प्याज- 100 ग्राम
घी-ऑयल- 100 ग्राम
नमक- स्वादानुसार
हरी मिर्च- 5-6
धनिया पाउडर- 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच
गरम मसाला- 1/2 चम्मच
हरा धनिया- 50 ग्राम
आलू का पराठा बनाने के लिए सबसे पहले आप आलू अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में उबाल लें. इसके बाद आलू निकालकर छीलें और बर्तन में रख लें. फिर आलू मैश करके कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें. अब प्याज और हरी मिर्च को बारीक काट लें. इसके बाद फ्रिज से आलू निकालकर इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और गरम मसाला डालकर मिक्स कर लें. आप हरा धनिया काटकर इस मिक्सचर में मिलाएं और इसे कुछ देर के लिए रख दें.
इतनी देर में आप आटा गूंथकर तैयार कर लें. आटा थोड़ा सॉफ्ट होना चाहिए, ताकि उसमें आलू का मिक्सचर भरा जा सके. इसके बाद आप तवे को गैस पर रखकर गर्म कर लें. अब आटे की लोई बनाएं और उसे बेलकर गोलाकार बना लें. अब इसके साइज के हिसाब से आलू का मिक्सचर डालें और फिर इसे चारों तरफ से कवर कर लोई जैसा बना लें. अब इसे धीरे-धीरे बेलकर तैयार कर लें. बेलन पर ज्यादा प्रेशर न डालें और हल्के हाथों से बेलकर तैयार कर लें. फिर इसे धीरे से गर्म तवे पर डालें.
जब एक तरफ पराठा सिक जाए, तब इसे पलटें और चम्मच से घी या रिफाइंड इस पर लगाएं. फिर दूसरी तरफ घी लगाएं और करारा होने तक सिकने दें. जब दोनों तरफ अच्छी तरह सिक जाए. अब आप इसे चटनी, सॉस या दही के साथ सर्व कर सकते हैं.
क्या आपका कभी कभी तीखा खाने का मन करता है? आईये आज हम बेसन की भरवां मिर्च बनायें.
क्या आपका कभी कभी तीखा खाने का मन करता है? भरवां मिर्ची का साथ आपके खाने का स्वाद दोगुना कर देता है. आईये आज हम बेसन की भरवां मिर्च (Besan Bhari Hari Mirch) बनायें. बेसन की भरवां मिर्च, एक हफ्ते तक, फ्रिज में रख कर खाई जा सकती हैं.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Besan Stuffed Mirch
- हरी मोटी वाली मिर्च - 125 ग्राम (10 मिर्च)
- बेसन - 1/4 कप
- तेल - 4 टेबिल स्पून
- हींग - 2 पिंच
- जीरा - 1/2 छोटी चम्मच
- हल्दी पाउडर --1/2 छोटी चम्मच
- धनियां पाउडर - 2 छोटी चम्मच
- सोंफ पाउडर - छोटी चम्मच
- गरम मसाला - 1/4- 1/2 छोटी चम्मच
- अमचूर पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच
- नमक - स्वादानुसार ( 3/4 छोटी चम्मच )
विधि - How to make Besan Stuffed Hari Mirch
मिर्चों को धो कर डंठल तोड़ लीजिये. मिर्च को लम्बाई में एक साइड से लम्बाई में इस तरह काट लीजिये, कि दूसरी ओर जुड़ी रहे, सारी मिर्च काट कर तैयार कर लीजिये.
कढ़ाई में 2 टेबल स्पून तेल डालकर गरम कीजिये. हींग, जीरा डाल दीजिये. जीरा ब्राउन होने के बाद, हल्दी पाउडर और बेसन डाल कर धीमी गैस पर हल्का ब्राउन होने तक भूनिये, धनियां पाउडर, सोंफ पाउडर डालकर और थोड़ा सा भून लीजिये, गैस बन्द कर दीजिये, मसाले में अमचूर पाउडर, गरम मसाला और नमक मिलायें. मिर्च में भरने के लिये मसाला तैयार है, स्टफिंग तैयार है.
कटी हुई मिर्चों में मसाला भर लीजिये. एक मिर्च को हाथ में उठायें कटे हुये भाग से खोलिये और चम्मच से मसाला भर कर दबाकर रख लीजिये, सारी मिर्च भरकर तैयार कर लीजिये.
कढ़ाई में बचा हुआ तेल डाल कर गरम कीजिये. मसाले भरी मिर्चें तेल में लगा कर रखें और ढककर 2-3 मिनिट धीमी गैस पर पकाइये. ढक्कन खोलिये और मिर्च को पलट दीजिये, बीच में रखी हुई मिर्चें जल्दी सिक जाती हैं. उन्है चिमटे की सहायता से पलट कर सेकें, और निकाल कर प्लेट में रख लें. बची हुई मिर्चों को बीच में कर दें, अलट पलट कर सेकें और प्लेट में निकाल कर रख लें ( मिर्चों को भूरी होने तक सेंके ). लीजिये आपकी बेसन की भरवां मिर्च (Besan ki Hari Mirchi ) तैयार हैं. अब आप गरम गरम खाने के साथ तीखी मसाले दार मिर्च खाइये और सभी को खिलाइये.
गमले में धनिया उगाना बेहद आसान है, इसके लिये घर की छत पर गमले, ग्रो बैग्स (Grow Bangs) या कंटेनर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.
मिर्च और धनिया के बीजों को गमले में बोया जाता है और नियमित रूप से पानी दिया जाता है. बीजों को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोने के बाद, उन्हें 1/2 इंच गहराई तक गीली मिट्टी में बोएं. बीजों को मिट्टी से ढक दें और हल्के से दबाएं. गमले को गर्म और धूप वाली जगह पर रखें
गमले में धनिया बीज और पौधे दोनों तरीके से लगाया जा सकता है. अगर पौधे से लगाना है तो बाजार से जड़ वाला धनिया खरीद लें और उसे गमले में लगा दें. वहीं बीज से लगाने के लिए धनिया के बीजों को गमले में डाल दें. धनिया के पौधे में रोजाना दिन में एक बार पानी जरूर डालें और हर 15 दिन के अंतराल से जैविक खाद डालें.
कंबल-रजाई वाली सर्दी की दस्तक! रात और सुबह के साथ ही अब दिनभर ठंड लगने लगी है।
छत्तीसगढ़ के कड़ाके आउटर इलाकों में अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंडी हवाओं की वजह से ठंड बढ़ गई है। रात और सुबह के साथ ही अब दिनभर ठंड लगने लगी है। लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की वजह से प्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है। नवंबर माह के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। वहीं प्रदेश में हवा की दिशा बदल रही है, जिसके वजह से प्रदेश में मौसम में आगामी कुछ दिनों तक बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
त्योहार और खास मौकों पर बना सकते हैं गाजर का हलवा
यह एक ऐसी इंडियन डिश है जो खासतौर से सर्दियों में ही पसंद की जाती है। त्योहारों के मौकों पर मिठाई की दुकान पर भी आपको गाजर का हलवा खूब दिखाई देगा। इसे आप त्योहार और खास मौकों पर बना सकते हैं। तो आइए बनाते हैं गाजर, चीनी, दूध और ड्राई फ्रूट्स से बनी ये लजीजदार स्वीट डिश जिसे खाने के बाद हर कोई खुश हो जाता है।
गाजर का हलवा की सामग्री
- 1 kg गाजर
- 1 ½ लीटर दूध
- 8 हरी इलायची
- 5-7 टेबल स्पून घी
- 5-7 टेबल स्पून चीनी
- 2 टी स्पून किशमिश
- 1 टेबल स्पून बादाम, गुच्छा
- 2 टेबल स्पून खजूर, टुकड़ों में कटा हुआ
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गाजर का हलवा बनाने की विधि
1.गाजर को पहले अच्छी तरह छीलकर कस लें।2.इसके बाद इलायची डालकर दूध को हल्की आंच पर उबालें।3.भारी कढ़ाही में घी को गर्म करें और उसमें कसी हुई गाजर और दूध मिलाएं। हल्की आंच पर कढ़ीब 10-15 मिनट के लिए रखकर छोड़ दें।4.फिर इसमें चीनी मिलाकर हल्वे को तब तक पकाएं जब तक इसका रंग गाड़े लाल रंग का न हो जाए।5.अच्छे से पक जाने के बाद इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स को मिक्स करें।6.गर्मा-गर्म सर्व करें।
घर पर आसानी से बनाएं स्वादिष्ट गाजर मूली का अचार, यहां देखें रेसिपी
टेस्टी और हेल्दी अचार को बनाएं और पूरे साल इसके शानदार टेस्ट को इंजॉय करें.
घर पर गाजर मूली का अचार बनाने के लिए इन स्टेप को फॉलो करेंः
स्टेप 1 - गाजर और मूली की समान मात्रा लें, धो लें, छील लें और उन्हें स्ट्रिप्स में काट लें.
स्टेप 2 - लगभग 2 घंटे सूखने के लिए गाजर और मूली को धूप में रखें.
स्टेप 3 - मिक्सी के जार में, सौंफ के बीज, सरसों और भुनी हुई मेथी के दाने डालें. मोटा पाउडर बनाने के लिए पीस लें.
स्टेप 4 - अब पिसे हुए मिश्रण में लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला पाउडर, नमक और हल्दी पाउडर डालें.
स्टेप 5 - गाजर और मूली में थोड़ा सा सरसों का तेल डालें और अच्छी तरह मिलाएं. पिसा हुआ मसाला भी डालें.
स्टेप 6 - स्लिट हरी मिर्च और सिरका डालें. सब कुछ अच्छी तरह से मिलाएं.
स्टेप 7 - इसे एक सूखी और साफ एयर टाइट कंटेनर में डालें, इसे धूप में 1-2 दिनों के लिए बाहर रखें.
जूही पाल (Joohi Pal) नोएडा से भारतीय टेलीविजन और फिल्म उद्योग में स्टारडम तक"
जूही पाल, एक प्रतिभाशाली भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री, आगरा में पैदा हुई थीं और अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहती थीं। वर्तमान में मुंबई, महाराष्ट्र में रह रही हैं, जूही का असली नाम श्रद्धा पाल है। वह एक सहायक परिवार से आती हैं, माता-पिता लक्ष्मी और महेश पाल के साथ, उनकी दो बड़ी बहनें और एक भाई हैं।
जूही ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में की और बाद में उत्तम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने दिल्ली के डोन थिएटर में अपने अभिनय कौशल को और निखारा
मनोरंजन उद्योग में उनकी यात्रा 2019 में शुरू हुई। उन्होंने राधा कृष्ण (2021) के साथ अपना टेलीविज़न डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने मित्रविंदा का किरदार निभाया। उनके करियर को लोकप्रिय दंगल टीवी शो ज्योति - उम्मीदों से सजी (2023) में किरण की भूमिका से गति मिली, जिसमें उनकी बहुमुखी प्रतिभा और अभिनय कौशल का प्रदर्शन हुआ।
टीवी सीरीज़ में अभिनय के अलावा, जूही कई अन्य शो में भी नज़र आ चुकी हैं। फैंटा और हरिलाल स्वीट्स जैसे ब्रांड के विज्ञापनों में काम करके उन्होंने मनोरंजन उद्योग में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है। उनकी लगन और प्रतिभा ने उन्हें पहचान और प्रशंसा दिलाना जारी रखा है
जूही पाल ने उमेश पुंज द्वारा गाए गए एक भावपूर्ण गीत "बेवफा बेहया" के संगीत वीडियो में मुख्य भूमिका निभाई है। वह अपने भावपूर्ण अभिनय से भावनात्मक कहानी को जीवंत करती हैं, गलत हो चुके प्यार के दर्द और पीड़ा को व्यक्त करती हैं। मुख्य महिला के रूप में, उन्होंने SMW प्रोडक्शन का एक संगीत वीडियो "हर हर हर महादेव" भी किया है। जूही का ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व संगीत वीडियो में दिखाया गया है, जो मनोरंजन उद्योग में उनके बढ़ते काम का एक हिस्सा है
शुक्रवार का व्रत करने के लिए, इन बातों का ध्यान रखें:
- शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़ कपड़े पहनें.
- घर की सफ़ाई करें.
- घर के किसी पवित्र स्थान पर मां लक्ष्मी या मां संतोषी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.
- मां लक्ष्मी या मां संतोषी की पूजा करें.
- व्रत का संकल्प लें.
- व्रत कथा सुनें.
- दिन में नमक न खाएं, सिर्फ़ फलाहार करें.
- शाम के समय एक बार फिर से शुद्ध होकर भगवान के सामने बैठ जाएं.
- शाम के समय फल, दूध, गुड़, और हलवा खाएं.
- व्रत की पूर्णता पर उद्यापन करें.
- इस दिन किसी का अपमान न करें और न ही किसी से लड़ाई-झगड़ा करें.
- शुक्रवार के दिन चांदी और चीनी का दान न करें.
- इस दिन किसी से पैसों का लेन-देन न करें.
- शुक्रवार के व्रत में खट्टी चीज़ें न खाएं.
- तामसिक चीज़ें जैसे, प्याज, लहसुन, शराब, मांस आदि को हाथ न लगाएं.
सर्दियों में खतरनाक बीमारियों से बचने के उपाय
सर्दियां दस्तक देने लगी हैं. कुछ ही दिनों में कड़ाके की ठंड भी पड़ सकती है. बहुत से लोगों को ये मौसम काफी पसंद आता है. इस मौसम में सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. चूंकि ठंड का मौसम वायरस और बैक्टीरिया के अनुकूल होता है. इस मौसम में वे काफी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं.
धूप कम निकलने की वजह से शरीर में विटामिन D की कमी रहती है. इससे इम्यून सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको बीमार बना सकती है. इस मौसम में कई तरह की खतरनाक और जानलेवा बीमारियों का भी खतरा रहता है. जानें इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए...
1. निमोनिया (Pneumonia)
सर्दियों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है. यह फेफड़ों की गंभीर बीमारी है, जो जानलेवा हो सकती है. इस मौसम में वायरल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन, धूम्रपा और प्रदूषण की वजह से इसका खतरा रहता है. इसके लक्षण नजर आने पर बिना देर किए डॉक्टर से मिलना चाहिए. बच्चों को इसका खतरा ज्यादा रहता है.
2. हार्ट डिजीज (Deart Disease)
सर्दियों में दिल की बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. ठंड की वजह से रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं, जिसकी वजह से हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में जरा सी लापरवाही से भी हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट फेलियर की समस्या हो सकती है. ये सभी जानलेवा बीमारियां हैं.
3. अस्थमा (Asthma)
ठंड में अस्थमा के मरीजों को अधिक परेशानी होती है. इसमें सांस लेने में परेशानियां आ सकती हैं. अस्थमा से छाती में दर्द, खांसी, थकान और कमजोरी, हार्ट रेट में बदलाव हो सकता है, जो बेहद खतरनाक कंडीशन हैं.
4. डेंगू (Dengue)
बारिश के बाद भी ठंड में डेंगू के मच्छर टिके रहते हैं, जिससे डेंगू का खतरा भी बढ़ सकता है. अगर इस बीमारी में लापरवाही की जाए तो प्लेटलेट्स काफी नीचे गिर सकता है, जिससे ब्लीडिंग हो सकती है, जो जानलेवा है.
सर्दियों में खतरनाक बीमारियों से बचने के उपाय
1. सर्दी के मौसम में वैक्सीनेशन से कई खतरनाक बीमारियों का खतरा टल सकता है.
2. ठंड में साफ-सफाई रखकर बीमारियों को रेक सकते हैं.
3. सर्दियों में गर्म कपड़े पहनें और गर्म तारीस वाली चीजें ही खाएं.
4. एक्सरसाइज से शरीर को गर्म रख सकते हैं.
5. किसी बीमारी से जूझ रहे लोग डॉक्टर की बताई दवाईयां समय पर लेते रहें.
सर्दियों में बनाएं पंजाबी स्टाइल का गोभी पनीर पराठा
सर्दियों के मौसम में गोभी पनीर पराठा आपके दिन को एक बेहतरीन शुरुआत दे सकता है. फूलगोभी और पनीर पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, ऐसे में गोभी पनीर से बना पराठा आपको बेहतरीन स्वाद के साथ ही अच्छी सेहत भी दे सकता है. आप अगर रोज-रोज एक जैसा नाश्ता कर करके बोर हो गए हैं और इसमें कुछ बदलाव लाना चाहते हैं तो गोभी पनीर पराठा एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. गोभी पनीर पराठा को ब्रेकफास्ट के अलावा लंच या डिनर मे भी बनाया जा सकता है.
गोभी पनीर पराठा स्वाद से भरपूर होता है और इसे बच्चे भी काफी पसंद करते हैं. ऐसे में गोभी पनीर पराठा बच्चों के टिफिन में भी रखा जा सकता है. आप अगर गोभी पनीर पराठा की रेसिपी जानना चाहते हैं तो इस आसान विधि से इसे तैयार कर सकते हैं.
गोभी पनीर पराठा बनाने के लिए सामग्री
मैदा – 2 कप
गेहूं आटा – 2 कप
प्याज – 1
टमाटर – 2
फूलगोभी कद्दूकस – 1 कप
पनीर कद्दूकस – 3/4 कप
अजवाइन – 1 टी स्पून
जीरा – 1/2 टी स्पून
कसूरी मेथी – 1 टी स्पून
हल्दी – 1/2 टी स्पून
अदरक कद्दूकस – 1/2 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
लहसुन – 4-5 कलियां
बेसन – 1 टी स्पून
हरा धनिया पत्ती – 2 टेबलस्पून
हरी मिर्च – 1-2
तेल – जरूरत के मुताबिक
नमक – स्वादानुसार
गोभी पनीर पराठा बनाने की विधि
गोभी पनीर पराठा बनाने के लिए सबसे पहले फूलगोभी और पनीर को कद्दूकस कर लें. इसके बाद अदरक को बारीक काट लें या कद्दूकस करें. फिर प्याज, टमाटर, लहसुन, हरी मिर्च, हरा धनिया बारीक-बारीक काटें. अब एक कड़ाही में 1 चम्मच तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें जीरा, हरी मिर्च डाल दें. जब जीरा तड़कना शुरू कर दें तो इसमें कद्दूकस अदरक, लहसुन डालकर 1 मिनट तक भून लें.
इसके बाद मसाले में बारीक कटा प्याज डालकर हल्का गुलाबी होने तक भूनें. इसके बाद इसमें कटे टमाटर डालें और उन्हें नरम होने तक पकाएं. अब इसमें कद्दूकस फूलगोभी डालें और धीमी आंच पर 2 मिनट तक पकने दें. इसके बाद कद्दूकस पनीर डालें और करछी से चलाते हुए भूनें. 1-2 मिनट तक पकाने के बाद इसमें सारे सूखे मसाले डालकर अच्छे से मिलाएं. फिर बेसन और स्वादानुसार नमक डाल दें.
तय समय के बाद दोबारा आटा एक बार गूंथे और उसकी लोइयां बना लें. इसके बाद एक नॉनस्टिक पैन/तवा मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. इस दौरान एक लोई लेकर बेलें. इसके बीच में स्टफिंग रखें और फिर चारों ओर से मुंह बंद कर इसका पराठा बेल लें. पराठे को तवे पर डालकर सेकें. इसके ऊपर की ओर तेल लगाने के बाद पलट दें और फिर दूसरी तरफ तेल लगाकर सेकें.
पराठे को दोनों ओर से तब तक सेकना है जब तक कि ये सुनहरा होकर क्रिस्पी न हो जाए. इसके बाद पराठे को एक प्लेट में उतार लें. इसकी तरह सारे मसाले से एक-एक कर गोभी पनीर के पराठे तैयार कर लें. नाश्ते के लिए स्वादिष्ट गोभी पनीर पराठा बनकर तैयार हो चुका है. इसे हरी चटनी, टमाटर सॉस या दही के साथ सर्व करें.
घर पर तैयार करें कुरकुरी आलू टिक्की, जानें इसे बनाने का सरल तरीका
भारत देश अपने खान-पान की वजह से पूरे विश्व में फेमस हैं। यहां हर राज्य अपने अलग खाने की वजह से जाना जाता है। तमाम तरह के पकवानों में आलू की टिक्की भी शामिल है। आलू की टिक्की एक ऐसी डिश है, जो भारत के हर कोने में आसानी से मिल जाती है।
चाहे शादी-विवाह हो, या फिर कोई छोटे-मोटे कार्यक्रम, हर जगह दावत में आलू की टिक्की जरूर मिल जाती है। बाजार में मिलने वाली टिक्की खाने में तो काफी स्वादिष्ट होती है, लेकिन ज्यादातर लोग बाजार में मिलावट वाले खाने की वजह से खाने से डरते हैं।
अगर आपको भी बाहर का खाना खाने से डर लगता है तो शाम की छोटी भूख के लिए आप घर पर ही आलू की टिक्की बनाकर खुद भी खा सकते हैं और अपने घरवालों को भी खिला सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान है, और इसे खाकर हर कोई आपकी तारीफ करेगा।
- आलू - 4 मीडियम साइज़ के
- हरी मिर्च - 2-3
- धनिया पत्ती - 2 टेबलस्पून
- लहसुन का पेस्ट - 1 छोटा चम्मच
- अदरक का पेस्ट - 1 छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
- जीरा पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
- गरम मसाला पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
- नमक - स्वाद के अनुसार
- तेल - तलने के लिए
- आलुओं की टिक्की बनाने के लिए सबसे पहले आलू को धोकर उबाल लें, फिर उनको छील लें। सही से आलू छीलने के बाद इसे कद्दूकस कर लें। कद्दूकस किए हुए आलू को सही से एक बार मैश कर लें। इसके बाद एक बड़े बाउल में कद्दूकस किए हुए आलू, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, लहसुन का पेस्ट, अदरक का पेस्ट, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, हल्दी पाउडर, गरम मसाला पाउडर और नमक डालें। सभी चीजें एक साथ डालने के बाद इसे सही तरह से मिलाएं। आलुओं में मसाला सही तरह से मिल जाना चाहिए।इसके बाद इस मिश्रण से आलू की टिक्की बनाएं और उन्हें हल्के तेल में सेक लें। दोनों तरफ से सुनहरा होने के बाद एक प्लेट पर निकाल लें। नैपकिन की मदद से इसका अतिरिक्त तेल निकाल दें। आलू टिक्की को गर्मागर्म कैचअप और धनिए की चटनी के साथ परोसें।
घर पर बनाएं बाजार जैसे चटपटे सूजी के गोलगप्पे, उंगली चाटता रह जाएगा हर कोई
पानीपुरी का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। पानीपुरी को अलग-अलग जगह अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। कहीं गोलगप्पे का जाता है, कहीं पानी पूरी, कहीं बताशे तो कहीं पुचका नाम से पुकारा जाता है। गोलगप्पे खाने से पूरा मुंह का स्वाद बदल जाता है। यह हर गली मोहल्ले गांव शहरों में मिलता है। गोलगप्पे कई फ्लेवर के पानी के साथ खाया जाता है और हर फ्लेवर का पानी मजेदार होता है। गोलगप्पे आटे और सूजी से बनाए जाते हैं। इसे घर पर बनाना भी काफी आसान है। अगर आपके घर कोई गेस्ट जाएं तो आप फटाफट इसे घर पर बना कर मेहमानों का मूड बदल सकते हैं। आप घर पर ही बाजार जैसे स्टाइल में टेस्टी गोलगप्पे बन सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में।
ऐसे तैयार करें सूजी के गोलगप्पे
सूजी के गोलगप्पे बनाने के लिए सबसे पहले सूजी को गूंथ कर तैयार कर लें। इसके लिए बारीक सूजी का उपयोग किया जाता है। सूजी को एक बड़े प्याले में निकाल लीजिए। तेल डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिए। सूजी में हल्का गुनगुना पानी थोडी़-थोड़ी मात्रा में डालते हुए आटे की तरह गूंथ लें। गूंथे हुये आटे को थोड़ी देर के लिए ढककर रख दें। थोड़ी देर में सूजी का आटा अच्छे से फूलकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद कढा़ई में तेल गर्म होने के लिए गैस पर रख दे। गूंथे आटे को थोड़ा सा लेकर रोटी की तरह छोटा बेल लें। तेल को अच्चे से गर्म हो जाने के बाद बेली हुई पूरी इसमें डाल लें। पूरी फूल जाएगी। फिर तैयार पूरीयों को प्लेट के ऊपर रखी जाली वाली डलिया में निकाल कर रख लें।
ऐसे करें चटपटा पानी तैयार
चटपाना पानी बनाने के लिए जरूरत के मुताबिक पानी लें। पुदीना और धनिया के पत्ते, हरी मिर्च और अदरक को अच्छे से पीस लें और इसे पानी में मिलाएं। भुना हुआ जीरा पाउडर, आमचूर पाउडर, नमक और लाल मिर्च पाउडर मिलाकर पानी को अच्छी तरह से मिला ले। बस आपका गोलगप्पा खाने के लिए तैयार हैं।
“द साबरमती रिपोर्ट”, छत्तीसगढ़ में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म मुख्यमंत्री साय ने किया ऐलान
रायपुर। CG BREAKING : बीते दिनों फिल्म द साबरमती रिपोर्ट सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इस फिल्म को दर्शकों के काफी अच्छे रिव्यूज मिल रहे हैं. बता दें, फिल्म गोधरा कांड पर आधारित है. हाल ही में फिल्म की प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) और गृहमंत्री अमित शाह ने जमकर तारीफ की थी. जिसके बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फिल्म को टैक्स फ्री करने का ऐलान कर दिया है।
‘पुष्पा 2’ की एडवांस बुकिंग में तहलका, रिलीज से पहले ही करोड़ों की कमाई कर रचा इतिहास !
Entertainment: सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पुष्पा 2’ ने रिलीज से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर दी है। अमेरिका में फिल्म की एडवांस बुकिंग इतनी तेजी से हो रही है कि यह सबसे तेज़ प्री-सेल करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है। ‘पुष्पा 2’ की प्री-सेल कमाई ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और यह बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने के लिए तैयार है।
मेकर्स ने आज, 19 नवंबर को पुष्पा 2 की एडवांस बुकिंग के बारे में अपडेट साझा किया है. सोशल मीडिया पर फिल्म का नया पोस्टर जारी करते हुए मेकर्स ने कैप्शन में लिखा है, ‘पुष्पा राज का दबदबा बॉक्स ऑफिस को एक नए आयाम के साथ फिर से परिभाषित कर रहा है. एक और दिन, एक और रिकॉर्ड और एक और उपलब्धि इतिहास की पन्नों में दर्ज हो गई. यूएस बॉक्स ऑफिस पर 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा प्री-सेल तक पहुंचने वाली सबसे तेज भारतीय फिल्म बनी’. पोस्टर में ‘पुष्पा राज’ को नोटों की गड्डी पर बैठे हुए दिखाया गया है.
इससे पहले फिल्म ने एक और खिताब अपने नाम किया था. ‘पुष्पा 2 द रूल’ ने रिकॉर्ड तोड़ 750 हजार से ज्यादा यूएसए प्रीमियर प्री सेल्स और 27 हजार से ज्यादा टिकटे बेची थी. वहीं, अब 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा प्री-सेल करने वाली सबसे तेज भारतीय फिल्म बनकर उभरी है.
17 नवंबर को मेकर्स ने पुष्पा 2 का ट्रेलर लॉन्च किया था. यह इवेंट पटना में होस्ट किया गया था. प्री-सेलिंग के साथ-साथ फिल्म के ट्रेलर ने भी इतिहास रचा और 24 घंटे में 40 मिलियन व्यूज का रिकॉर्ड अपने नाम किया.
फिल्म का रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला यहीं नहीं थमा. पुष्पा 2 के ट्रेलर 100 मिलियन से अधिक व्यूज पाने वाला सबसे तेज भारतीय फिल्म का ट्रेलर बना. वहीं, मेकर्स के नए अपडेट के मुताबिक, पुष्पा 2 द रूल का ट्रेलर 120 मिलियन प्लस व्यूज और 2.3 मिलियन लाइक्स के साथ यूट्यूब के टॉप पर है.
सुकुमार की निर्देशित फिल्म पुष्पा 2 द रूल 5 दिसंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म में अल्लू अर्जुन, रश्मिका मंदाना और फहद फासिल अहम रोल में हैं.
दहाड़ें और तेज़ होगी -भारत एक ऐसे हरित भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। जहाँ मनुष्य और जानवर सद्भावनापूर्वक सहवास कर सकें।
।।दहाड़ें और तेज़ होगी।।
जैसे-जैसे भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर छू रहा है, हमने छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
भारत एक ऐसे हरित भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। जहाँ मनुष्य और जानवर सद्भावनापूर्वक सहवास कर सकें।जैसे-जैसे भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर छू रहा है vedio
दिलजीत दोसांझ का खुला चैलेंज; क्या आपने देखा उनका ये VIDEO?
जारी नोटिस में उन गानों के नाम भी शामिल था, जिनमें 'पंज तारा' और 'पटियाला पैग' जैसे गानों का जिक्र था. इसको लेकर दिलजीत दोसांझ ने अपने गुस्सा भी जाहिर किया था और कॉन्सर्ट के दौरान अपने कई गानों के लिरिक्स में बदलाव भी किए. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इसी बीच उनका एक और वीडियो उनके फैंस का ध्यान खींच रहा है, जिनमें दिलजीत दोसांझ भारत में शराब बैन को लेकर एक खुला चैलेंज देते नजर आ रहे हैं. साथ ही वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है. दिलजीत ने सरकार पर कसा तंज वायरल हो रहे वीडियो में दिलजीत सरकार पर तंज करते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा, 'एक खुशखबरी ये है कि आज मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है'. ये सुनकर उनके फैंस हूटिंग करने लगे. फिर दिलजीत कहते हैं, 'एक और बड़ी खुशखबरी है. वो ये कि आज भी मैं शराब पर कोई गाना नहीं गाऊंगा'. फिर उन्होंने पूछा, 'क्या तुम लोग जानते हो, क्यों नहीं गाऊंगा? इसलिए नहीं गाऊंगा क्योंकि गुजरात ड्राई स्टेट है. वैसे, मैंने डिवोशनल गाने भी कई गाए हैं. पिछले 10 दिनों में मैंने दो गाने गाए, एक शिव बाबा पर और दूसरा गुरुनानक बाबा पर'.
टीआरपी लिस्ट में पीछे हुआ टीवी शो अनुपमा, जानिये किस शो ने किया नंबर 1 की पोजिशन पर कब्ज़ा ?
‘अनुपमा’ की लीड एक्ट्रेस रुपाली गांगुली इस समय अपनी सौतेली बेटी ईशा वर्मा को लेकर कंट्रोवर्सी में हैं। वही अब रुपाली गांगुली का शो अनुपमा अब टीआरपी लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। लंबे समय से टॉप पर कायम यह शो इस बार 2.2 टीआरपी के साथ पीछे रह गया है, और इसकी जगह ये रिश्ता क्या कहलाता है ने ले ली है. ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में समृद्धि शुक्ला और रोहित पुरोहित की केमिस्ट्री छाई हुई है. शो की इमोशनल स्टोरीलाइन और इंटेंस फैमिली ड्रामा ने लोगों का ध्यान बांधे रखा है. लोगों को अभीरा और रुही की प्रेग्नेंसी स्टोरीलाइन पसंद आ रही है. तभी तो शो 2.3 मिलियन इंप्रेशंस के साथ ‘अनुपमा’ को नंबर 1 की पोजिशन से हटाने में कामयाब हुआ है.
पब्लिक रिएक्शन में देखा गया है कि लीप के बाद ‘अनुपमा’ की टीआरपी घटी है. दर्शकों को भी शो में खास इंटरेस्ट नहीं आ रहा है. बार-बार लीप के कॉन्सेप्ट से लगता है वे पक चुके हैं. पुरानी कास्ट की जगह नए सितारे आए हैं. रुपाली को छोड़कर सभी नए कलाकारों की एंट्री हुई है. 4 साल से नंबर 1 रहा ये शो पहली बार सेकंड नंबर पर खिसका है. इससे साफ है दर्शकों को अब शो में मजा नहीं आ रहा है. रुपाली के शो को 2.2 मिलियन इंप्रेशंस मिले हैं. वैसे ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ से इस फिगर को किया जाए तो दोनों के नंबर्स में ज्यादा अंतर नहीं है. लेकिन 4 साल में पहली बार नंबर 1 की बादशाहत छिनना बड़ी बात है.
कसीम हैदर कसीम और हरमन नज़ीम के गाने की हुई रिकॉर्डिंग जल्द ही होगी शूटिंग .
कहते हैं कि इंसान की हसरतों का कोई अंत नहीं होता है, और इन्हीं हसरतों के कारण कई मुश्किलें आसान भी साबित हुई हैं। इंसानों के मन मे कई बार हसरतें कुछ कर गुजरने की भी होती हैं और इन्हीं हसरतों के कारण इंसान शोहरतों की बुलंदियों पर भी पहुंच जाता है । कुछ इन्हीं प्रकार की हसरतों को पाले मॉडल अभिनेता और सॉन्ग राइटर कसीम हैदर कसीम द्वारा लिखित और गायक हरमन नज़ीम द्वारा गाये हुए गाने हसरत की रिकॉर्डिंग मुम्बई के स्टूडियो 504 में बीती शाम को की गई है । हसरत नाम के इस एल्बम के वीडियो में भी कसीम हैदर कसीम नज़र आएंगे जबकि अभी महिला कलाकार का इस गाने के लिए चुना जाना बाकी है । इस गाने की शूटिंग भी मुम्बई में ही कि जाएगी ।
बीबी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रहे इस हसरत नाम के वीडियो एलबम के निर्माता हैं एनके मूसवी । इस हसरत का संगीत दिया है शाहजहां शेख ने , इसकी रिकॉर्डिंग किया है राहुल शर्मा ने , जबकि इसके साउंड इंजीनियर हैं समीर धरप । हसरत के डायरेक्टर हैं शादाब सिद्दीक़ी । इस हसरत को अगले महीने ही रिलीज करने की प्लानिंग है जिसकी जानकारी भी शीघ्र ही साझा की जाएगी
कानूनी पचड़े में फंसे कपिल शर्मा, ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ नोटिस, जानिए पूरा
कॉमेडी किंग कपिल शर्मा का विवादों से पुराना नाता है. एक बार फिर कॉमेडियन कानूनी पचड़े में फंस गये हैं. कपिल शर्मा के शो ”द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो” को नोटिस जारी हुआ है. शो पर नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को धूमिल करने और सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है.
बीबीएमएफ) के अध्यक्ष डॉ मंडल ने अपने कानूनी सलाहकार नृपेंद्र कृष्ण रॉय के जरिये 1 नवंबर को ही कपिल शर्मा के शो को कानूनी नोटिस भेजा है. लेकिन इसकी जानकारी करीब 13 दिन बाद सामने आ रही है. नोटिस में कहा गया है कि द ग्रेट इंडियन कपिल शो में महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर की विरासट को धूमिल करने का प्रयास किया है, जो कि काफी अपमानजनक है. शो पर सांस्कृतिक पहलुओं को गलत तरीके से पेश किया है. बता दें कि नेटफ्लिक्स पर आने से पहले ”द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो” को सलमान खान प्रोड्यूस कर रहे थे. सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस एसकेटीवी को कानूनी नोटिस मिलने की अफवाहों के बीच, कंपनी ने बयान जारी कर नेटफ्लिक्स शो के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है. जारी बयान में कहा गया है कि सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस का नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने वाले शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ से कोई संबंध नहीं है. एक प्रतिनिधि ने कहा कि मीडिया में खबर चल रही है कि सलमान खान/एसकेटीवी को भी नोटिस मिला है, यह गलत है. क्योंकि हम नेटफ्लिक्स पर “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” से जुड़े नहीं हैं. बता दें कि कपिल शर्मा द्वारा होस्ट और प्रोड्यूस “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” अपने दूसरे सीजन के साथ वापस आ गया है. इसका प्रीमियर इस साल 21 सितंबर को हुआ था
फिल्म डायरेक्टर दुष्यंत प्रताप की पुस्तक 'सात्यकि द्वापर का अजेय योद्धा' जल्द होगी रिलीज, 8लाख वर्षों पूर्व द्वापर के महान योद्धा की गाथा
हिंदू धर्म के शास्त्रों में वर्णित चार युगों में से द्वापर युग तीसरे स्थान पर है। ऐसा माना जाता है कि यह युग आज से करीब आठ लाख वर्ष पहले था, जिसमें भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया और अत्याचारियों का विनाश किया। श्री कृष्ण के इस युग के कई धर्मयुद्धों में एक प्रमुख साथी थे सात्यकि, जो हर युद्ध में उनके साये की तरह उनके साथ खड़े रहे। हालांकि, श्री कृष्ण की कई गाथाओं में सात्यकि का नाम उल्लेखनीय नहीं है, परंतु उनका योगदान अनमोल रहा है।
हाल ही में, बॉलीवुड के प्रतिष्ठित निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह का एक असाधारण अनुभव हुआ। उनका साक्षात्कार स्वयं सात्यकि से हुआ, जिसमें सात्यकि ने अपने जीवन और युद्धों की पूरी कथा उन्हें सुनाई। इसके बाद, दुष्यंत प्रताप सिंह ने सात्यकि के इसी अनुभव पर आधारित पुस्तक लिखने का निर्णय लिया। इस पुस्तक का नाम है "Satyaki Dwapar Ka Ajey Yodha" जो 32 अध्यायों की महाकाव्य जैसी गाथा है, जिसमें इतिहास के अनसुने और अनजाने पहलुओं को विस्तार से दर्शाया गया है।
किताब के टीज़र का दर्शकों का अद्भुत अनुभव
हाल ही में, "सात्यकि: द्वापर का अजेय योद्धा" का टीज़र यूट्यूब और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जारी किया गया। टीज़र को अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने देखा और इस पुस्तक की प्रतीक्षा को लेकर उत्साह जताया। प्रोजेक्ट के मीडिया प्रभारी, सागर जोशी ने कहा कि यह रोमांचक कहानी पाठकों के मन में एक गहरा प्रभाव छोड़ेगी। इसके साथ ही, इस पुस्तक का ऑडियो संस्करण भी जल्द ही लॉन्च करने की योजना है, ताकि श्रोता इसे सुनकर इस अद्भुत गाथा का अनुभव कर सकें।
जाट समुदाय से जुड़ी रोचक जानकारियाँ
दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि इस पुस्तक में जाट जाति से जुड़े कई तथ्य और सांस्कृतिक रहस्यों का भी वर्णन किया गया है। यह पुस्तक जाटों के वास्तविक परिचय और उनकी संघ संरचनाओं से संबंधित दिलचस्प जानकारी भी प्रस्तुत करेगी, जो आज तक अनछुए रहे हैं।
Satyaki Dwapar Ka Ajey Yodha की अद्वितीयता और इसका ऐतिहासिक महत्व देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सात्यकि पुस्तक के रूप में पाठकों को न केवल इतिहास का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करेगी, बल्कि उन अनकहे किस्सों को भी उजागर करेगी जो समय की धारा में कहीं खो गए थे।
महिमा चौधरी और डॉ संजीव श्रीवास्तव ने IIT बॉम्बे में 4D ओमिक्स इनोवेशंस का अनावरण किया, कैंसर डायग्नोस्टिक्स में होगा क्रांतिकारी बदलाव
12 नवंबर, 2024 को IIT बॉम्बे में "पायनियरिंग द फ्यूचर ऑफ हेल्थकेयर एंड डायग्नोस्टिक्स यूज़िंग 4D ओमिक्स" नामक एक कॉन्फ्रेंस और इवेंट का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रोटिओमिक्स लैब, बायोसाइंसेज और बायोइंजीनियरिंग (BSBE) विभाग द्वारा किया गया, जिसमें 4D-प्रोटिओमिक्स और 4D ओमिक्स में नए विकासों को प्रस्तुत किया गया। ये क्षेत्र डायग्नोस्टिक्स और पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।
इस खास मौके पर अभिनेत्री महिमा चौधरी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए, महिमा ने बताया कि कैंसर डायग्नोस्टिक्स के इस विषय से उनका गहरा जुड़ाव है। खुद एक ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर होने के नाते, उन्होंने कैंसर मरीजों के लिए इस अत्याधुनिक तकनीक के महत्व पर जोर दिया। महिमा ने कहा, "कैंसर मेरे दिल के बेहद करीब का विषय है, और यहां इस प्रभावशाली तकनीक का उद्घाटन देखना मेरे लिए गर्व की बात है। 4D ओमिक्स प्लेटफॉर्म, खासकर इसके कैंसर डायग्नोस्टिक्स में इस्तेमाल, उन अनगिनत लोगों के लिए आशा की किरण है, जिनका जीवन इस बीमारी से प्रभावित हुआ है।"
इस कार्यक्रम के संयोजक और प्रोटिओमिक्स विशेषज्ञ प्रोफेसर संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक्स में 4D ओमिक्स टेक्नोलॉजी का महत्व खासकर कैंसर और क्रॉनिक बीमारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "4D ओमिक्स रिसर्च में एक टाइम बेस्ड डाइमेंशन जोड़ता है। इसमें जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, ट्रांसक्रिप्टोमिक्स, और मेटाबोलोमिक्स को समय-संवेदनशील एनालिसिस के साथ जोड़ा जाता है, जिससे बीमारियों की प्रगति और थेरेपी के प्रभाव का अनूठा दृष्टिकोण प्राप्त होता है। इस संगोष्ठी और इंडिया के पहले timsTOF 4D-प्रोटिओमिक्स सेटअप का लॉन्च, हेल्थकेयर के परिणामों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"
कॉन्फ्रेंस में प्रमुख अतिथियों में से एक थे डॉ. बलराम भार्गव, पूर्व महानिदेशक, ICMR, और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की डॉ. जूडिथ स्टीन। डॉ. भार्गव ने 4D ओमिक्स तकनीक की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा, "मल्टी-डाइमेंशनल ओमिक्स डेटा का इंटीग्रेशन पर्सनलाइज्ड मेडिसिन के नए रास्ते खोलता है। यह कैंसर डायग्नोस्टिक्स और मैटरनल और चाइल्ड हेल्थकेयर में क्रांतिकारी बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएगा।"
इसके साथ ही इस कार्यक्रम में भारत का पहला timsTOF 4D-प्रोटिओमिक्स सेटअप का आधिकारिक लॉन्च हुआ, जिसे प्रोफेसर श्रीवास्तव और IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र डॉ. अर्घ्य बनर्जी द्वारा स्थापित प्रोटिओमिका इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत किया गया। यह अत्याधुनिक इक्विपमेंट, सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (SINE) के सहयोग से विकसित किया गया है, और भारत में हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स को नए आयाम देने में सक्षम होगा।
कैंसर डायग्नोस्टिक्स के अलावा, इस इवेंट ने मैटरनल और चाइल्ड हेल्थ में 4D ओमिक्स के रोल और प्रिवेंटिव वेलनेस में इसकी भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया। यह मल्टी-लेयर्ड अप्रोच समय के साथ मोलेक्यूलर बदलावों का ट्रैक रखकर बीमारियों के मैकेनिज्म, प्रोग्रेस और थेरेप्यूटिक रिस्पॉन्स का गहन अध्ययन प्रदान करेगी।
महिमा चौधरी ने IIT बॉम्बे और इस पहल में शामिल वैज्ञानिकों के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की, "4D ओमिक्स तकनीक की क्षमता अद्भुत है। मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि भारत में, IIT बॉम्बे में इतने महत्वपूर्ण आविष्कार हो रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह तकनीक हेल्थकेयर को, न केवल कैंसर पेशेंट्स के लिए बल्कि सभी के लिए, पूरी तरह से बदलने की शक्ति रखती है।"
इस इवेंट में शोधकर्ताओं, क्लिनिशियंस, और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स का एक विविध समूह उपस्थित था, जो व्यक्तिगत दवा और लक्षित उपचार के भविष्य के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहां आए थे। अधिक जानकारी के लिए, कृपया 4D ओमिक्स संगोष्ठी की वेबसाइट www.4domics.in पर जाएं।
तुलसी विवाह और पूजा के बाद बांटे पंचामृत प्रसाद पंचामृत प्रसाद बनाने की विधि
पंचामृत प्रसाद बनाने के लिए सामग्री
आधा कप दूध
आधा कप दही
1 चम्मच शहद
1 चम्मच चीनी या बूरा
1 चम्मच घी
1 तुलसी पत्ता
ड्राई फ्रूट्स
पंचामृत प्रसाद बनाने की विधि
पंचामृत प्रसाद (Panchamrit Prasad) बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में दही लें और उसे अच्छे से फेंट लें. इसके बाद इसमें दूध डालें. अब इसमें शहद, बूरा और देसी घी मिला दें. आप चाहें तो इसमें गुलाब जल और बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स भी डाल सकते हैं. तैयार हो चुके पंचामृत प्रसाद में तुलसी का एक पत्ता डाल दें और सबसे पहले इसे पूजा में शामिल कर इससे पहले भगवान जी को भोग लगाएं और पूजा के समापन के बाद प्रसाद के रूप में खुद भी ग्रहण करें और बाकि लोगों को भी बांटें.
तुलसी विवाह के दिन क्या करें.. आइए जानते हैं इस दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए.
तुलसी विवाह के दिन पालन करने योग्य नियम
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तुलसी का पौधा
- तुलसी के पौधे को अच्छी तरह से साफ करें और उसकी पूजा करें.
- तुलसी के पौधे को गंगाजल से स्नान कराएं.
- तुलसी के पौधे को फूलों और रोली से सजाएं.
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शालिग्राम शिला
- शालिग्राम शिला को भी अच्छी तरह से साफ करें और उसकी पूजा करें.
- शालिग्राम शिला को भी गंगाजल से स्नान कराएं.
- शालिग्राम शिला को फूलों और रोली से सजाएं.
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विवाह मंडप
- तुलसी और शालिग्राम के विवाह के लिए एक छोटा सा मंडप सजाएं.
- मंडप को फूलों और रंगोली से सजाएं.
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पूजा विधि
- विधि-विधान से तुलसी और शालिग्राम का विवाह संपन्न करें.
- विवाह के दौरान मंत्रों का जाप करें.
- विवाह के बाद तुलसी और शालिग्राम को प्रसाद चढ़ाएं.
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व्रत
- तुलसी विवाह के दिन व्रत रखना शुभ माना जाता है.
- व्रत रखने से मन शुद्ध होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
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दान
- तुलसी विवाह के दिन दान करना बहुत पुण्यदायी होता है.
- आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी भी चीज का दान कर सकते हैं.
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कथा सुनें
- तुलसी विवाह की कथा सुनने से मन शांत होता है और आत्मिक शक्ति मिलती है.
विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपाय
- तुलसी का पत्ता: तुलसी के पत्ते को गंगाजल में मिलाकर पीने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.
- तुलसी का तेल: तुलसी के तेल की एक बूंद माथे पर लगाने से भी लाभ होता है.
- तुलसी का माला: तुलसी की माला को धारण करने से भी लाभ होता है.
तुलसी विवाह के दिन क्या करें?
- तुलसी विवाह के दिन पूजा से पहले तुलसी के पौधे को अच्छे से धोना चाहिए. तुलसी के पत्तों को निकालकर साफ पानी से धो लें.
- फिर तुलसी को हल्दी, केसर और चंदन से सजाएं.
- शालिग्राम पत्थर को गंगा जल से धोकर साफ करें और तुलसी के पत्तों से सजाएं.
- तुलसी विवाह के लिए एक छोटा मंडप तैयार करें और सजाएं. मंडप को फूलों से सजाएं और तुलसी के पौधे के पास सुंदर मग से सजाएं.
- पूजा के लिए जरूरी सभी चीजें जैसे दीपक, अगरबत्ती, धूपबत्ती, चावल, फूल, फल आदि इकट्ठा कर लें.
- विवाह के दौरान मंत्रों का जाप करें. पूजा की विधि और कथा पढ़ने के लिए पंडितों को बुलाया जा सकता है.
- विवाह के बाद तुलसी का दान शुभ माना जाता है. गरीबों को भोजन या कपड़े का दान करना शुभ होता है.
तुलसी विवाह के दिन क्या न करें?
- तुलसी विवाह के दिन तुलसी दल नहीं ले जाना चाहिए.
- तुलसी के पौधे के विवाह के दिन मांस, मछली, अंडा और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए.
- इस दिन शुद्ध सात्विक भोजन करना चाहिए.
- किसी से झगड़ा न करें. किसी से भी बहस करने से बचें.
- शादी के दिन नकारात्मक विचारों से बचें. पूरी श्रद्धा से पूजा करें.
तुलसी विवाह का महत्व
तुलसी को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है. वह धन, समृद्धि, सुख और शांति की देवी हैं. घर में तुलसी का पौधा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है. शालिग्राम शिला को विष्णु का अवतार माना जाता है. विष्णु सभी देवताओं के मुखिया हैं. तुलसी विवाह के दिन इन दोनों की पूजा करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है. मान्यता के अनुसार तुलसी के पौधे का विवाह करने से घर में धन की वृद्धि होती है.
अक्षय नवमी के दिन पूर्व की ओर मुख करके ॐ धात्र्ये नमः मंत्र का जप करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अक्षय नवमी के दिन आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना करने का विधान है. इस दिन आंवला के वृक्ष पर दूध अर्पित करें और और पूर्व की ओर मुख करके ॐ धात्र्ये नमः मंत्र का जप करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है.इसके अलावा कुछ ऐसे उपाय हैं जिन्हें करके हमें श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त होगी और हमारे जीवन से हर तरह की समस्या का समापन होगा, आइये ऐसे कुछ उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
अक्षय नवमी की पूजा के समय शुभ मुहूर्त में आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करें.
अक्षय नवमी का पावन पर्व हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाते हैं. इस साल अक्षय नवमी के दिन रवि योग बन रहा है, पूरे दिन पंचक रहेगा. अक्षय नवमी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं. अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं, इसलिए इसे आंवला नवमी भी कहा जाता है. इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करने और भोजन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से जानते हैं कि अक्षय नवमी कब है? अक्षय नवमी की पूजा का मुहूर्त, रवि योग और महत्व क्या है?
अक्षय नवमी 2024 तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि का शुभारंभ 9 नवंबर शनिवार को रात 10 बजकर 45 मिनट से हो रहा है. यह तिथि अगले दिन 10 नवंबर रविवार को रात 9 बजकर 01 मिनट पर खत्म होगी. उदयातिथि के आधार पर अक्षय नवमी यानी आंवला नवमी का पर्व 10 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा.
अक्षय नवमी पूजा नियम
अक्षय नवमी की पूजा के समय शुभ मुहूर्त में आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करें. भगवान विष्णु को आंवले का भोग लगाते हैं. उसके बाद आंवले के पेड़ की जड़ में जल और कच्चा दूध चढ़ाएं. उसके बाद पेड़ पर अक्षत्, चंदन, फूल, फल आदि अर्पित करें. फिर रक्षा सूत्र या कच्चा सूत पेड़ में लपेटें. इसे कम से कम 8 बार और अधिक से अधिक 108 बार लपेटना है. पूजा खत्म होने के बाद परिवार के साथ आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाना चाहिए.
अक्षय नवमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ से अमृत की बूंदें टपकती हैं, जो सेहत के लिए उत्तम मानी जाती हैं. इस वजह से लोग उस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठते हैं और पूजा करते हैं. भगवान विष्णु की पूजा करने से कष्ट दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी.
अक्षय नवमी 2024 मुहूर्त
इस साल अक्षय नवमी की पूजा के लिए आपको 5 घंटे 25 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा. अक्षय नवमी की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक है. अक्षय नवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:55 ए एम से 05:47 ए एम तक है. उस दिन का शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक है.
आदिमजाति विभाग की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रशंसा
अटल नगर नवा रायपुर स्थित पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर में आयोजित 24 वां राज्योत्सव में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा है। राज्योत्सव प्रारंभ होने के साथ ही लोगों की भारी भीड़ आदिम जाति विकास विभाग की स्टॉल पर देखने को मिला। वहीं दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी विभागीय स्टॉल का अवलोकन कर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने स्टॉल में बनाए गए सेल्फी जोन में परिवार संग एक फोटो भी खिचवाई। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने उनका अभिवादन करते हुए उन्हें प्रदर्शनी के थीम के बारे में विस्तार से बताया।
उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश के अनुसार इस बार की झांकी ’’जनजातीय गौरव शौर्य और संस्कृति का बखान’’ थीम पर बनाई गई थी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा स्वयं पूरे स्टॉल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। स्टॉल की खूबसूरती, जनजातीय शौर्य एवं जनजातीय संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थें।
स्टॉल में स्वतंत्रता काल के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए जनजातीय विद्रोहों की एक झलक दिखाई गई है, जो कि जनजातीय शौर्य को दर्शाती है। साथ ही जनजातीय समृद्ध संस्कृति को भी झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जनजातियों के परंपरागत आभूषणों एवं विभागीय योजनाओं को भी फ्लैक्स के माध्यम से बखूबी प्रदर्शित किया गया। साथ ही आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय क्षेत्र में किए गए शोध प्रकाशन को भी अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया गया। आमजन को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की जानकारी देने के लिए विभागीय योजनाओं का ब्रोशर भी स्टॉल से उपलब्ध कराया गया। स्टॉल पर जनजातीय गौरव दिवस तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सेल्फी जोन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में आने वाले लोग उक्त सेल्फी जोन अंतर्गत लिखी हुई जानकारी से जहां उक्त अभियान की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेल्फी जोन में जाकर फोटो खिंचवाकर इस पल को यादगार बना रहे हैं।
सलमान खान के बाद अब शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी, जानिए क्या है पूरा मामला ?
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से बड़ी खबर निकल कर आ रही है जहाँ सलमान खान के बाद अब बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान को कथित तौर पर फैजान खान नामक एक व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। महाराष्ट्र के बांद्रा पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार, रायपुर के आरोपी ने अभिनेता से भारी फिरौती की मांग की है। जिसके बाद मुंबई पुलिस राजधानी रायपुर पहुंची है, और रायपुर पुलिस से कांटेक्ट करके मामले की जाँच कर रही है.
रामायण की रिलीज डेट का हुआ ऐलान, दो पार्ट में इस इस दिन रिलीज होगी रणबीर कपूर-साई पल्लवी की फिल्म
नई दिल्ली : इतिहास के साक्षी बनने के लिए तैयार हो जाइए! जाने माने फिल्म मेकर नितेश तिवारी द्वारा डायरेक्टेड, नमित मल्होत्रा की मच अवेटेड महाकाव्य रामायण इंडियन सिनेमा को पहले से कहीं ज्यादा बदलने के लिए तैयार है. यह एपिक अडैप्टेशन भारत की सबसे प्रिय कहानियों में से एक को जबरदस्त स्केल और क्रिएटिव स्टोरी टेलिंग के साथ जिंदा कर है. प्राइम फोकस स्टूडियोज के विजनरी लीडर के तौर पर, नमित मल्होत्रा ने हॉलीवुड के कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया है जैसे ड्यून और इंसेप्शन, और हालिया हिट द गारफील्ड मूवी भी इसमें शामिल है. उन्होंने एंग्री बर्ड्स 3 का भी अनाउंसमेंट किया है. नमित मल्होत्रा की विजुअल स्टोरीटेलिंग की गहरी समझ उन्हें हॉलीवुड के सबसे खास इंडियंस में से एक बनाती है.
नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर रिलीज करते हुए लिखा है, “एक दशक से ज्यादा समय पहले, मैंने इस महाकाव्य को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश शुरू की जिसने 5000 साल से भी ज्यादा वक्त तक अरबों दिलों पर राज किया है और आज मुझे इसे खूबसूरती से आकार लेते हुए देखकर खुशी हो रही है. क्योंकि हमारी टीमें एक ही उद्देश्य के साथ मेहनत कर रही हैं. हमारी "रामायण" का मकसद सबसे सच्चा, पवित्र और अद्भुत रूप दुनिया भर के लोगों के सामने लाना है जो हमारे इतिहास, हमारी सच्चाई और हमारी संस्कृति को दर्शाता है.
सलमान को मिली फिर से लॉरेंस के नाम से धमकी, मुंबई कंट्रोल रूम में आया कॉल
bollywood news : सलमान खान को मंगलवार सुबह फिर एक्टर को लॉरेंस के नाम से धमकी मिली है। मुंबई कंट्रोल रूम में आए कॉल में कहा गया है कि अगर सलमान खान काले हिरण का शिकार करने पर बिश्नोई समाज की मंदिर जाकर माफी नहीं मांगते या 5 करोड़ रुपए नहीं चुकाते तो उनकी जान जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई पुलिस ट्रैफिक कंट्रोल रूम के पास सोमवार को एक मैसेज आया था। आधी रात को एक अधिकारी की नजर उस मैसेज पर गई। मैसेज में लिखा गया था, ‘अगर सलमान जिंदा सलमान खान जिंदा रहना चाहता है तो उसे हमारे मंदिर जाकर माफी मांगनी पड़ेगी या 5 करोड़ रुपए देने होंगे। हमारी गैंग आज भी एक्टिव है।
*राजेश अवस्थी सहित 9 सदस्यीय फिल्म विकास निगम एडवाइजरी बोर्ड गठित*
24 अक्टूबर यानी आज गुरु पुष्य नक्षत्र सोना-चांदी सहित अन्य चीजों की खरीदारी करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
दीपावली से 7 दिन पहले 24 अक्तूबर को गुरुवार के दिन यह नक्षत्र रहेगा. जब भी गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र होता है तो इसे गुरु पुष्य की संज्ञा दी जाती है.
इस दिन सोना-चांदी और अचल संपत्ति खरीदने से बहुत लाभ मिलता है. माना जाता है कि, इस नक्षत्र में आप जो भी चीज खरीदते हैं वो बरकत देती है. उससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पारिवारिक जीवन सुखमय बना रहता है.
पुष्य नक्षत्र में इनकी खरीदी स्थायी लाभ
- अचल संपत्ति - मकान, प्लॉट, फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्ति।
- चल संपत्ति - आभूषणों में सोना, चांदी, हीरा, प्लेटिनम के आभूषण।
- ऑटोमोबाइल (चार पहिया वाहन, दोपहिया वाहन),
- इलेक्ट्रिक दोपहिया-चार पहिया वाहन
- इलेक्ट्राॅनिक सामान में फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, लैपटॉप, माइक्रोवेव ओवन आदि।
लक्ष्मी-नारायण की पूजा से समृद्धि
गुरु पुष्य योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन माता लक्ष्मी को खीर, दूध से बनी मिठाई और भगवान विष्णु को तुलसी दल, पंचामृत, गुड़ आदि का भोग लगाने का विधान है. कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. लक्ष्मी-नारायण की कृपा से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है.
बृहस्पति और शनि देव की बरसेगी कृपा
वहीं, गुरु पुष्य योग को आभूषण, गाड़ी, भूमि, भवन, गृह सामग्री फ्रिज, टीवी आदि खरीदना शुभ साबित होगी. अपने पसंदीदा सामान की इस दौरान खरीदारी कर घरों में खुशियां ला सकते हैं. शनि काे काल पुरुष की ऊर्जा और पुरुषार्थ की प्रेरणा का कारक माना जाता है, बृहस्पति को आध्यात्म, शिक्षा, ज्ञान और त्याग का कारक बताया गया है. पुष्य नक्षत्र के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी है. ऐसे में हर प्रकार के कार्य सिद्ध माने गए हैं. इसलिए सुख-सुविधा को देखते हुए खरीदी करने की मान्यता है.
नक्षत्रों का राजा है पुष्य नक्षत्र
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर गुरुवार होने से यह ‘गुरु पुष्य’ नक्षत्र कहलाएगा. धन की देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. गुरु पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों के समूह में राजा कहा जाता है. ज्योतिष गणना में पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति है.
करवा चौथ वाले दिन महिलाओं को अपनी राशि के रंग के अनुसार साड़ियां पहननी चाहिए. ऐसा करने से उन्हें शुभ फल की प्राप्ति होगी.
- मेष राशि की महिलाएं करवा चौथ के दिन गोल्डन रंग की साड़ी, लहंगा या सूटकर पूजा करें.
- वृषभ राशि की महिलाओं का सिल्वर रंग के वस्त्र धारण करना शुभ रहेगा.
- करवा चौथ के दिन मिथुन राशि की महिलाएं हरे रंग के वस्त्र धारण करें.
- कर्क राशि के लिए करवा चौथ के दिन शुभ रंग लाल है.
- सिंह राशि वालों के लिए लाल, ऑरेंज या गोल्डन रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं.
- करवा चौथ के दिन कन्या राशि की महिलाएं लाल, हरी या गोल्डन रंग की साड़ी पहनें.
- तुला राशि की महिलाएं लाल, गोल्डन या सिल्वर रंग के वस्त्र धारण करें.
- वृश्चिक राशि की महिलाओं के लिए लाल रंग सबसे उत्तम माना जाता है. इस दिन आप महरून या गोल्डन रंग के कपड़े पहनकर पूजा कर सकती हैं.
- धनु राशि की महिलाओं को आसमानी या पीले रंग के वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है.
- मकर राशि वालों के लिए नीला रंग शुभ माना जाता है.
- कुंभ राशि की महिलाएं नीले रंग या सिल्वर कलर के वस्त्र धारण कर सकती हैं.
- मीन राशि की महिलाएं पीले या गोल्डन कलर के कपड़े पहनकर पूजा करें. मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
श्रेया कुलकर्णी: 'लाई अवदतेस तू माला' में मीनल को जीवंत करना
मराठी टेलीविजन पर नवीनतम ड्रामा 'लाई अवदतेस तू माला' के साथ एक नाटकीय बदलाव देखने को मिलने वाला है, जिसे वर्तमान में नासिक के सुरम्य शहर में फिल्माया जा रहा है। इस रोमांचक प्रोजेक्ट की कमान प्रतिभाशाली अभिनेत्री श्रेया कुलकर्णी के हाथों में है, जो निराश और असंतुष्ट गृहिणी मीनल की जटिल भूमिका निभा रही हैं।
श्रेया कुलकर्णी नासिक में अपने आउटडोर शूट के अनुभव का भरपूर आनंद ले रही हैं, शहर के सुहाने मौसम और तरोताज़ा माहौल की तारीफ़ कर रही हैं। उन्होंने कहा, "यहाँ का मौसम बहुत अच्छा और ठंडा है, जो इसे शूटिंग के लंबे दिन के लिए एकदम सही बनाता है।" अपने ऐतिहासिक त्र्यंबकेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध नासिक, शो के हल्के-फुल्के लेकिन आकर्षक पारिवारिक कथानक के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि प्रदान करता है।
'लाई अवदतेस तू माला' में श्रेया कुलकर्णी मीनल का किरदार निभाती हैं, जो उच्च उम्मीदों वाली एक बहुमुखी किरदार है और कुछ हद तक ग्रे शेडेड व्यक्तित्व वाली है। अपने पति के वित्तीय संघर्षों और खुद की फिजूलखर्ची की आदतों से मीनल का असंतुष्ट होना तनाव पैदा करता है, जिससे कहानी को आकर्षक बनाया जा सकता है। श्रेया ने कबूल किया, "मैं नकारात्मक भूमिकाएँ निभाने में बहुत बेहतर हूँ; जटिल किरदारों को जीवंत करने में मेरी अभिनय क्षमता निखर कर आती है।"
'लाई अवदेस तू माला' श्रेया कुलकर्णी का 17वाँ धारावाहिक है, जिसमें उनकी प्रभावशाली रेंज और अनुभव को दिखाया गया है। मुंबई में लगभग एक दशक की यात्रा के साथ, उन्होंने टीवी शो, वेब सीरीज़ और गानों में विभिन्न भूमिकाएँ निभाते हुए, उद्योग में आसानी से काम किया है। उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा अविश्वसनीय रही है, और मैं अवसरों के लिए आभारी हूँ।"
श्रेया कुलकर्णी ने जसवंद प्रोडक्शंस की प्रशंसा की, टीम के व्यावसायिकता और सहायक माहौल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "टीम शानदार है, जिसने इस आउटडोर शूट को एक सुखद अनुभव बना दिया।" 'श्रेया कुलकर्णी: लाई अवदतेस तू माला में मीनल को जीवंत करना'
मराठी टेलीविजन पर नवीनतम ड्रामा 'लाई अवदतेस तू माला' के साथ एक नाटकीय बदलाव देखने को मिलने वाला है, जिसे वर्तमान में नासिक के सुरम्य शहर में फिल्माया जा रहा है। इस रोमांचक परियोजना की कमान प्रतिभाशाली अभिनेत्री श्रेया कुलकर्णी के हाथों में है, जो निराश और असंतुष्ट गृहिणी मीनल की जटिल भूमिका निभा रही हैं।
श्रेया कुलकर्णी नासिक में अपने आउटडोर शूट के अनुभव का भरपूर आनंद ले रही हैं, शहर के सुहाने मौसम और तरोताज़ा माहौल की तारीफ़ कर रही हैं। उन्होंने कहा, "यहाँ का मौसम बहुत अच्छा और ठंडा है, जो इसे शूटिंग के लंबे दिन के लिए एकदम सही बनाता है।" अपने ऐतिहासिक त्र्यंबकेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध नासिक, शो के हल्के-फुल्के लेकिन आकर्षक पारिवारिक कथानक के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि प्रदान करता है।
'लाई अवदतेस तू माला' में श्रेया कुलकर्णी मीनल का किरदार निभाती हैं, जो उच्च उम्मीदों वाली एक बहुमुखी किरदार है और कुछ हद तक ग्रे शेडेड व्यक्तित्व वाली है। अपने पति के आर्थिक संघर्षों और खुद की फिजूलखर्ची की आदतों से मीनल का असंतुष्ट होना तनाव पैदा करता है, जिससे कहानी को आकर्षक बनाया जा सकता है। श्रेया ने कबूल किया, "मैं नकारात्मक भूमिकाएँ निभाने में बहुत बेहतर हूँ; जटिल किरदारों को जीवंत करने में मेरी अभिनय क्षमता निखर कर आती है।"
'लाई अवदेस तू माला' श्रेया कुलकर्णी का 17वाँ धारावाहिक है, जिसमें उनकी प्रभावशाली रेंज और अनुभव को दिखाया गया है। मुंबई में लगभग एक दशक की यात्रा के साथ, उन्होंने टीवी शो, वेब सीरीज़ और गानों में विभिन्न भूमिकाएँ निभाते हुए, उद्योग में आसानी से काम किया है। उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा अविश्वसनीय रही है, और मैं अवसरों के लिए आभारी हूँ।"
श्रेया कुलकर्णी ने जसवंद प्रोडक्शंस की प्रशंसा की, टीम के व्यावसायिकता और सहायक माहौल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "टीम शानदार है, जिससे यह आउटडोर शूट एक सुखद अनुभव बन गया है।"
'लाई अवदेस तू माला' मराठी दर्शकों को लुभाने के लिए तैयार है, श्रेया कुलकर्णी द्वारा मीनल का किरदार निभाना एक बेहतरीन प्रदर्शन होने का वादा करता है। जटिल किरदार निभाने में उनकी विशेषज्ञता के साथ, यह भूमिका एक स्थायी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। श्रेया कलर्स मराठी के साथ दूसरी बार काम करेंगी, क्योंकि पहली बार उन्होंने धारावाहिक “जय जय स्वामी समर्थ” के साथ काम किया था।
विशेष अपडेट के लिए सोशल मीडिया पर श्रेया कुलकर्णी को फॉलो करें' मराठी दर्शकों को लुभाने के लिए तैयार, मीनल का किरदार निभाने वाली श्रेया कुलकर्णी का प्रदर्शन एक बेहतरीन प्रदर्शन होने का वादा करता है। जटिल किरदार निभाने में उनकी विशेषज्ञता के साथ, यह भूमिका एक स्थायी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। श्रेया कलर्स मराठी के साथ दूसरी बार काम करेंगी, क्योंकि पहली बार उन्होंने धारावाहिक “जय जय स्वामी समर्थ” के साथ काम किया था।
हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग बहुत पसंद है. ऐसा माना जाता है कि इससे घर में शांति आती है और मंगल दोष मिटता है.
- गुड़ और चना: हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग बहुत पसंद है. ऐसा माना जाता है कि इससे घर में शांति आती है और मंगल दोष मिटता है.
- बूंदी: हनुमान जी को बूंदी और बूंदी से बने लड्डू का भोग लगाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि बूंदी का भोग लगाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
- इमरती: हनुमान जी को इमरती का भोग भी बहुत पसंद है. ऐसा माना जाता है कि इमरती का भोग लगाने से भक्त को हनुमान जी के साथ-साथ सभी देवी-देवताओं की प्राप्ति होती है.
- पान का बीड़ा: हनुमान जी को मीठा पान का भोग लगाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इससे काम बनते हैं और दुश्मन से छुटकारा मिलता है.
- केला: हनुमान जी को केला बहुत पसंद है. इसके छिलके को उनकी शक्ति और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है.
- रतालू की सब्ज़ी: हनुमान जी को रतालू की सब्ज़ी भी पसंद है.
- तुलसी के पत्ते: हनुमान जी को तुलसी के पत्ते भी चढ़ाए जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे उनकी विशेष कृपा बरसती है [
दशहरे पर बेहद शुभ है इस पक्षी का दिखना
दशहरा पर नीलकंठ को देखने का धार्मिक महत्वपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे के दिन यदि किसी को नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो जाएं तो यह बेहद शुभ माना जाता है. भाग्योदय होता है. घर से दरिद्रता दूर हो सकती है. यदि आप भी चाहते हैं कि आपको नीलकंठ पक्षी दिख जाए तो आप अपने आंगन, घर की छत पर जाकर आसमान में देख सकते हैं.
इस दुर्गा पूजा इन 10 टेस्टी बंगाली पकवानों को मिस करना नहीं चाहेंगे आप! यहां देखें
क्या है दुर्गा पूजा का अर्थ
दुर्गा पूजा का अर्थ है पंडाल सजाना, संगीत, नए कपड़े पहनना, करीबी दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ गपशप और ढेर सारा अच्छा खाना। किसी भी बंगाली के लिए, दुर्गा पूजा एक सपने की तरह होता है जिसे वे पूरी तरह से खुशी, हंसी, सकारात्मक ऊर्जा, गर्मजोशी और प्यार के साथ मनाते हैं। इस दुर्गा पूजा में फूड हमेशा से एक प्रमुख हिस्सा रहा है, इस दस दिनों में भोजन क्या और कैसा होना चाहिए इसको लेकर कोई सख्त नियम नहीं है, आप जब भी किसी पंडाल में दुर्गा मां के दर्शन करने जाते है तो अक्सर आपकी नजर खाने पर गई होगी, पंडाल में शाकाहारी व्यंजन, मांसाहारी व्यंजन, स्नैक्स, मिठाइयाँ और कई अन्य खानों का मजा लिया होगा।आमतौर पर, दुर्गा पूजा में पश्चिम बंगाल के लोग घर पर ज्यादा खाना नहीं बनाते हैं जबकि बंगाली रेस्तरां में बंगाली खाना खाना पसंद करते हैं। लेकिन जो लोग राज्य के बाहर रह रहे हैं या ऐसे स्थान पर जहां बंगाली रेस्तरां आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, वे पारंपरिक बंगाली भोजन, विशेष रूप से लोकप्रिय दुर्गा पूजा व्यंजनों को घर पर पकाना पसंद करते हैं।
कोरोना महामारी के कारण इस बार दुर्गा पूजा उत्सव बिल्कुल अलग होने जा रहा है। हालांकि उत्सव का तरीका थोड़ा बदल जाएगा, लेकिन यह महामारी हमें इन सुनहरे दिनों में खुश रहने से नहीं रोक सकती है। इसी को देखते हुए आज हम पेश कर रहे है आपकी दुर्गा पूजा को खास बनाने के लिए कुछ टेस्टी फेड जो खासकर दुर्गा पूजा के अवसर पर खाए और बनाए जाते है।
1. बसंती पुलाव
बसंती पुलाव एक शुद्ध बंगाली व्यंजन है और पूर्वी भारत में सबसे प्रसिद्ध पुलाव चावल की रेसिपी में से एक है। यह एक सुगंधित मीठे चावल का व्यंजन है जिसे मिष्टी पुलाव के नाम से भी जाना जाता है। यह दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों द्वारा सबसे अधिक बार तैयार की जाने वाली पुलाव रेसिपी में से एक है। इसे आप दुर्गा पूजा के अवसर पर जरूर टेस्ट करें। बसंती पुलाव कुछ साबुत मसालों, पिसे हुए मसाले, अदरक के पेस्ट और सूखे मेवों के साथ चावल में मिलाकर तैयार किया जाता है। इसे ज्यादातर चिकन करी या मटन करी के साथ परोसा जाता है।
2. दोई इलिश
दोई इलिश एक बंगाली मछली डिश है जिसका स्वाद काफी टेस्टी होता है। इसमें हिल्सा मछली के टुकड़ों को दही-सरसों की चटनी में कुछ हरी मिर्च और सरसों के तेल के साथ स्टीम किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि यह स्वादिष्ट व्यंजन बहुत जल्दी और आसानी से बनने वाली रेसिपी है। इस स्वाद वाली फिश करी को गरमा गरम बासमती चावल के साथ परोसा जाता है। हिल्सा बंगालियों में सबसे लोकप्रिय मछली है। इसलिए, दोई इलिश दुर्गा पूजा के भोजन को एक बार तो तो टेस्ट करना बनात ही है।
3. आलू दिए मुरगीर झोले
आलू दिए मुर्गीर झोल उर्फ होमस्टाइल चिकन करी एक रसीला और टेस्टी चिकन करी रेसिपी है। एक बंगाली के लिए, चिकन करी में आलू के बड़े टुकड़े डालना बहुत जरूरी होता है। इस व्यंजन में चिकन के टुकड़ों की हड्डी को मसालेदार प्याज-टमाटर की ग्रेवी में पकाया जाता है। हर बंगाली घर में, इसे दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान कम से कम एक बार तैयार किया जाता है। आलू दिए मुर्गीर झोल को ज्यादातर सादे चावल या बंगाली मिष्टी पुलाव के साथ खाया जाता है।
4. आलू पोस्टो
आलू पोस्टो एक शुद्ध बंगाली व्यंजन है और सबसे मनोरम बंगाली शाकाहारी व्यंजनों में से एक है। बंगालियों को पोस्टो रेसिपी से अटूट लगाव है। आलू पोस्टो इसका बेहतरीन उदाहरण है।इसमें पोस्ता के पेस्ट, हरी मिर्च और कुछ मसालों के साथ आलू का मिश्रण शामिल होता है। यह बंगालियों के बीच बेहद लोकप्रिय शुद्ध शाकाहारी व्यंजन है और दुर्गा पूजा के अवसर पर इस डिश को जरूर आजमाना चाहिए। यह ज्यादातर सादा बासमती चावल या रोटी, पराठे के साथ परोसा जाता है।
5. रसगुल्ला
रसगुल्ला या रसगुल्ला बंगाल में सबसे प्रसिद्ध और शानदार मिठाइयों में से एक है। कट्टर बंगाली के लिए कोई भी आयोजन, त्योहार या अवसर विशेष रूप से दुर्गा पूजा रसगुल्ला के बिना अधूरी है। यह एक स्वादिष्ट नरम, स्पंजी और रसदार मिठाई है जहाँ छेना बॉल्स (भारतीय कॉटेज चीज़ बॉल्स) को हल्की चीनी की चाशनी में पकाया जाता है। रसगुल्ला के बारे में बात करते समय हर बंगाली हमेशा खुशी महसूस करता है।
6. चनार कोरमा
चनार कोरमा एक शुद्ध बंगाली व्यंजन है। इस रेसिपी में होममेड इंडियन कॉटेज चीज़ नगेट्स को नारियल-काजू के पेस्ट में मटर, व्हीप्ड दही और कुछ मसालों के साथ पकाया जाता है। यह एक शुद्ध शाकाहारी बिना प्याज-लहसुन की रेसिपी है और पूजा के दिनों के लिए एकदम सही है। बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान इस रसीले व्यंजन को ज्यादातर बसंती पुलाव के साथ खाया जाता है।
7. रुई माचेर कालिया
रुई माचेर कालिया या मछली कालिया मछली का एक अनूठा बंगाली नुस्खा है जो बंगाल और पूर्वी भारत के उपमहाद्वीपों में बेहद लोकप्रिय है। कोई भी बंगाली शादी समारोह या विशेष त्योहार मछली कालिया के बिना अधूरा है। यह अपनी समृद्ध बनावट, अनूठे स्वाद और असाधारण स्वाद के लिए जाना जाता है। इस व्यंजन में तली हुई रोहू मछली के टुकड़ों को मसालेदार प्याज-टमाटर और दही की ग्रेवी में उबाला जाता है। यह स्वादिष्ट स्वाद ज्यादातर उबले हुए बासमती चावल के साथ खाया जाता है।
8. बरिशाली इलिश
बरिशली इलिश एक रसीला बंगाली मछली करी है जो पश्चिम बंगाल में बेहद लोकप्रिय है। यह बंगालियों के बीच सबसे पसंदीदा हिलसा मछली व्यंजनों में से एक है जहां नारियल और दही-सरसों की चटनी में हिल्सा के टुकड़े उबाले जाते हैं। बरिशली इलिश ने कई प्रसिद्ध रेस्तरां के मेनू कार्ड में बहुत मंहगा बिकता है। यह एक असाधारण स्वाद वाला बंगाली माचर झोल है और इसे हमेशा सादे चावल के साथ खाया जाता है। यह सबसे लोकप्रिय दुर्गा पूजा व्यंजनों में से एक है जिसे हर बंगाली पूजा के दिनों में अपने दोपहर के भोजन में पसंद करता है।
9. बंगाली सब्जी चॉप
वेजिटेबल चॉप एक बेहद लोकप्रिय बंगाली स्नैक रेसिपी है जो बंगाल के लगभग हर कोने में बेची जाती है, जिसमें स्ट्रीट फूड वेंडर से लेकर लोकप्रिय रेस्तरां तक शामिल हैं। यह बिना प्याज के लहसुन की रेसिपी है और इसलिए पूजा के दिनों में अत्यधिक मांग वाले स्नैक व्यंजनों में से एक है। वेजिटेबल चॉप रेसिपी में चुकंदर, गाजर, उबले हुए आलू, भाजा मसाला के साथ कुछ मसालों का मिश्रण होता है। इस क्रिस्पी डिप को हमेशा प्याज-ककड़ी सलाद और टोमैटो केचप के साथ नाश्ते के रूप में परोसा जाता है।
10. मुरी घोंटो
मुरी घोंटो एक बेहद स्वादिष्ट बंगाली रेसिपी है। इस रेसिपी में, क्रिस्पी फ्राइड फिश हेड को सुगंधित चावल और कुछ विशिष्ट मसालों में आलू के साथ पकाया जाता है। 'मुरी' शब्द मछली के सिर के लिए है और 'घोंटो' का अर्थ है भावपूर्ण करी। यह मछली के सिर के साथ एक क्लासिक बंगाली रेसिपी है और दुर्गा पूजा रेसिपी को भी ज़रूर ट्राई करें। गरमा गरम स्टीम्ड राइस के साथ यह एक आदर्श पक्ष है। मुरी घोंटो अपने आप में एक बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन है।
नवरात्रि में कर लें ये अचूक उपाय, माता रानी हर परेशानी से दिलाएंगी छुटकारा
अगर आपको संतान प्राप्ति नहीं हो रही है, तो आज आप लौंग और कपूर में अनार के दाने मिला कर मां दुर्गा को आहुति देने से संतान सुख की प्राप्ति होगी। आहुति से पहले सामग्री पर पांच माला बाधा निवारण मंत्र जरूर पढ़ें। मंत्र है- सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।
. अगर आपका कारोबार ठीक से नहीं चल रहा है तो आज आप लौंग और कपूर में अमलताश के फूल मिलाये, अगर अमलताश नहीं है तो कोई भी पीला फूल मिलाये। फिर मां दुर्गा को आहुति दें। आहुति से पहले सामग्री पर बाधा निवारण मंत्र की एक माला जप करें। मंत्र है- सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।
अगर आपके परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो तो 152 लौंग और 42 कपूर के टुकड़े लें इसमे नारियल की गिरी सहद और मिश्री मिला लें और इससे हवन करें। बता दूँ किआहुति से पहले सामग्री पर बाधा निवारण मंत्र की पांच माला जप करें। मंत्र है- सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।
उपवास के दौरान बनाने के लिए कुछ स्वादिष्ट नवरात्रि व्यंजन
साबूदाना खिचड़ी
साबूदाना या टैपिओका मोतियों से बनी साबूदाना खिचड़ी एक बहुत लोकप्रिय उपवास में इस्तेमाल किया जाने वाला खाद्य पदार्थ है। यह पचने में आसान है और एनर्जी का अच्छा स्रोत है। आलू, मूंगफली, घी, हरी मिर्च के साथ स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी की एक प्लेट बनाएं। पौष्टिक नाश्ते या दोपहर के भोजन के लिए मसालेदार छाछ के साथ लें।
साबूदाने की खिचड़ी
कद्दू की सब्जी
स्वादिष्ट स्वाद के लिए नवरात्रि के दौरान दोपहर के भोजन या रात के खाने में कद्दू की सब्जी बनाएं। यह एक मीठी और मसालेदार करी से पहले कद्दू को साफ करें और क्यूब्स में काट लें। कुकर में तेल गरम करें और साबुत मसाले जैसे जीरा, लाल मिर्च पाउडर आदि भून लें, फिर कद्दू को भून लें, पानी डालें और प्रेशर कुकर बंद कर दें। पकने के बाद, डिश में नमक और मसाला पाउडर डालें और इसे मैश करके स्वादिष्ट प्यूरी जैसी करी बना लें। राजगिरा, कुट्टू आदि आटे से बनी पूरियों के साथ इसका आनंद लें।
कद्दू की सब्जी
अरबी करी
अरबी करी बनाने के लिए तारो या अरबी को साफ किया जाता है, उबाला जाता है और लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, जीरा आदि जैसे मसालों के साथ पकाया जाता है। इसके बाद हरी मिर्च और अदरक के साथ टमाटर का पेस्ट बनाया जाता है जिसे दोपहर के भोजन या रात के खाने में पूड़ी या परांठे के साथ खाया जा सकता है। यह एक काफी ज्यादा स्वादिष्ट करी है।
अरूई की सब्जी
कढ़ी और समा चावल
कढ़ी एक स्वादिष्ट दही आधारित व्यंजन है जो हरी मिर्च, हल्दी पाउडर, जीरा और सरसों के बीज से बनाया जाता है। कढ़ी को अक्सर तले हुए पकौड़े या वड़े या पकौड़े के साथ परोसा जाता है। कढ़ी को पूड़ी या चावल के साथ भी खाया जा सकता है। हालाँकि, चावल का सेवन नवरात्रि के दौरान नहीं किया जा सकता है, इसलिए समा के चावल इसका एक अच्छा विकल्प है, जिसे कढ़ी के साथ खाया जा सकता है।
कढ़ी और समा चावल
साबूदाना वड़ा
साबूदाना वड़ा शाम का उत्तम नाश्ता है। इसका मीठा और नमकीन स्वाद और कुरकुरा बनावट का आनंददायक व्यंजन है। साबूदाना , मसले हुए आलू और मूंगफली से बनाया जाता है। साबूदाना वड़ा का सेवन केचप या पुदीना चटनी के साथ किया जा सकता है।
साबूदाना वड़ा
कुट्टू का पराठा
कुट्टू का पराठा एक मोटी फ्लैटब्रेड है जो उपवास का प्रमुख व्यंजन है। अधिकांश आटे का उपयोग व्रत के दौरान नहीं किया जा सकता है, केवल कुछ चुनिंदा आटे जैसे कुट्टू और अमरनाथ का उपयोग पूड़ी या परांठे जैसे फ्लैटब्रेड बनाने के लिए किया जाता है। यह फ्लैटब्रेड कुट्टू के आटे या कुट्टू के आटे से बनाई जाती है और यह नाश्ते या दोपहर के भोजन के लिए एक बढ़िया व्यंजन है।
कुट्टू का पराठा
आलू पनीर कोफ्ता
सबसे पसंदीदा ऐपेटाइजर में से एक, पनीर कोफ्ता को नवरात्रि के दौरान उपवास के लिए बनाया जा सकता है। कॉर्नफ्लोर के बजाय, अमरनाथ या कुट्टू के आटे के साथ पनीर, लाल मिर्च पाउडर, उबले आलू, काली मिर्च पाउडर, ताजा धनिया पत्ती आदि का उपयोग करें। सभी सामग्री को एक साथ अच्छी तरह मिलाकर आटा गूंथ लें। इसके बाद गेंद के आकार की मात्रा लें और उन्हें कोफ्ते का आकार दें। कुरकुरे और स्वादिष्ट व्यंजन के लिए डीप-फ्राई करें।
आलू पनीर कोफ्ता
केला कबाब
केला कबाब एक तला हुआ नाश्ता है, जो आपके पेट को भर सकता है। केले के कबाब हरी मिर्च, ताजा धनिया पत्ती, छिलके वाले केले, सेंधा नमक, अदरक, एक प्रकार का अनाज का आटा, नींबू का रस और घी के साथ बनाए जाते हैं। आटा बनाने के लिए उबले हुए केले को अन्य सभी सामग्रियों के साथ मिलाया जाता है। इस आटे का उपयोग कबाब बनाने के लिए किया जाता है जिसे बाद में एक शानदार नाश्ते के लिए घी में तल लिया जाता है।
केला-कबाब
सामा चावल की खीर
सामा या बार्नयार्ड बाजरा, नवरात्रि के दौरान पकाए गए चावल का एक लोकप्रिय विकल्प है क्योंकि इसमें सफेद चावल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। समा चावल की खीर चीनी, इलायची, केसर और सूखे मेवों से बनाई जाती है। इस आसानी से बनने वाली रेसिपी को बनाने में केवल 30 मिनट का समय लगता है और यह पूरी तरह से ग्लूटेन-मुक्त है जिससे इसे पचाना भी आसान हो जाता है।
सामा चावल की खीर
नितेश तिवारी ने इज़हार-ए-इश्क के साथ 2024 CMA अवार्ड्स में अपनी चमक बिखेरी
उत्सव और सम्मान से भरी रात में, नितेश तिवारी अपने असाधारण एल्बम इज़हार-ए-इश्क के लिए प्रतिष्ठित 2024 CMA अवार्ड्स में एक असाधारण विजेता के रूप में उभरे। तिवारी की उल्लेखनीय कलात्मकता को दो प्रमुख श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जिसमें सर्वश्रेष्ठ एल्बम और ग़ज़ल श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ संगीतकार दोनों का पुरस्कार जीता, जिससे भारतीय संगीत उद्योग में एक अग्रणी रचनात्मक शक्ति के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई।
CMA अवार्ड्स में अपनी जीत पर तिवारी की प्रतिक्रिया कृतज्ञता और भावना से भरी हुई थी। उन्होंने अपने करियर में सम्मान के महत्व को व्यक्त करते हुए अपनी हार्दिक प्रतिक्रिया साझा करने के लिए अपने सोशल मीडिया चैनलों का सहारा लिया। उन्होंने कहा, "गज़ल श्रेणी में इज़हार-ए-इश्क के लिए सर्वश्रेष्ठ एल्बम और सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार प्राप्त करना वास्तव में विनम्र है।" "यह मान्यता एक संगीत निर्देशक के रूप में मेरे काम में मेरे जुनून और समर्पण की पुष्टि करती है। मैं अपने परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों का दिल से आभारी हूँ जो मेरी यात्रा का हिस्सा रहे हैं। खास तौर पर मेरी टीम और सभी खूबसूरत गायक जिन्होंने इस एल्बम में अपनी मधुर आवाज़ दी है। यह पुरस्कार हम सभी का है और मैं इस खूबसूरत संगीत यात्रा को साथ-साथ जारी रखने के लिए उत्सुक हूँ।” अपने स्वीकृति भाषण में, तिवारी ने अपने एल्बम की सहयोगी प्रकृति पर प्रकाश डाला, इज़हार-ए-इश्क की सफलता का श्रेय गायकों की प्रतिभाशाली लाइनअप और एल्बम की नौ आकर्षक ग़ज़लों के पीछे गीतकार एस. फ़हीम अहमद की काव्य प्रतिभा को दिया। एल्बम में हर योगदानकर्ता की भूमिका के लिए उनकी स्वीकृति तिवारी की विनम्रता और संगीत सृजन की कला के प्रति सम्मान को दर्शाती है। इज़हार-ए-इश्क एक सम्मोहक एल्बम है जो ग़ज़ल शैली की कालातीत अपील का एक वसीयतनामा है। अपनी गहरी गीतात्मक सामग्री और समृद्ध संगीत व्यवस्था के साथ, एल्बम समकालीन बारीकियों के साथ शास्त्रीय तत्वों को बुनने की तिवारी की क्षमता को दर्शाता है। संग्रह की प्रत्येक ग़ज़ल एक अनूठी कथा प्रस्तुत करती है, जो प्रेम, लालसा और दिल टूटने के विषयों की खोज करती है - सार्वभौमिक भावनाएँ जो श्रोताओं के साथ गहराई से जुड़ती हैं।
तिवारी ने गायकों के एक शानदार समूह के साथ सहयोग किया, जिसमें जैज़िम शर्मा, हेमंत बृजवासी, अभय जोधपुरकर, मीनल जैन, पृथ्वी गंधर्व, हरमन नाज़िम और **शहज़ाद अली शामिल हैं। इन कलाकारों ने अपनी विशिष्ट गायन शैली को इस परियोजना में लाया, जिससे इसकी विविध ध्वनि और भावनात्मक गहराई में वृद्धि हुई। प्रत्येक ट्रैक अपने आप में एक यात्रा है, जो ग़ज़ल परंपरा की विशेषता वाले राग और कविता के जटिल मिश्रण को दर्शाती है।
सीएमए अवार्ड्स में एल्बम की सफलता न केवल एक संगीतकार के रूप में तिवारी की भूमिका को स्वीकार करती है, बल्कि समकालीन भारत में ग़ज़ल संगीत की सुंदरता पर भी प्रकाश डालती है। इज़हार-ए-इश्क के साथ, तिवारी इस क्लासिक शैली में रुचि को पुनर्जीवित करने में कामयाब रहे हैं, जिससे यह अपने पारंपरिक सार को संरक्षित करते हुए युवा दर्शकों के लिए सुलभ हो गया है।
रेडियोएंडम्यूजिक डॉट कॉम द्वारा आयोजित सीएमए अवार्ड्स ने 2024 में अपना चौथा संस्करण मनाया, जिसमें जून 2023 से जून 2024 की अवधि में भारतीय संगीत उद्योग में उपलब्धियों का सम्मान किया गया। स्वतंत्रता और विश्वसनीयता की प्रतिष्ठा के साथ, सीएमए अवार्ड्स संगीत में सर्वश्रेष्ठ को पहचानने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गए हैं, जिसमें 50 से अधिक श्रेणियां शामिल हैं जिनमें कलाकार, गीतकार, संगीतकार और बैंड जैसी विभिन्न शैलियाँ और भूमिकाएँ शामिल हैं।
पुरस्कार समारोह एक स्टार-स्टडेड इवेंट था, जिसमें संगीत उद्योग की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किए, जिसमें भारतीय संगीत की प्रतिभा और विविधता को दिखाया गया। CMA अवार्ड्स केवल उत्कृष्टता की मान्यता से कहीं अधिक हैं - वे उन कलाकारों के साहस, रचनात्मकता और लचीलेपन का प्रतिनिधित्व करते हैं जो सीमाओं को लांघ रहे हैं और संगीत के परिदृश्य को बदल रहे हैं।
2024 CMA अवार्ड्स में नितेश तिवारी की जीत न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि ग़ज़ल संगीत की पूरी शैली की जीत भी है। पॉप और बॉलीवुड संगीत के वर्चस्व वाले युग में, तिवारी का इज़हार-ए-इश्क ग़ज़लों की चिरस्थायी सुंदरता की याद दिलाता है। अपनी रचनाओं के माध्यम से, तिवारी ने एक ऐसी शैली में नई जान फूंकी है जो भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है, फिर भी मुख्यधारा के संगीत में अक्सर इसे अनदेखा कर दिया जाता है। एस. फहीम अहमद द्वारा प्रदान की गई गीतात्मक गहराई प्रत्येक रचना में अर्थ की परतें जोड़ती है, जिससे इज़हार-ए-इश्क एक चिंतनशील और भावनात्मक रूप से समृद्ध एल्बम बन जाता है। तिवारी का संगीत, अहमद की भावपूर्ण कविता के साथ मिलकर एक ऐसा सुनने का अनुभव बनाता है जो सुखदायक और विचारोत्तेजक दोनों है। एल्बम की सफलता इस बात का प्रमाण है कि तेजी से बदलते संगीत उद्योग में भी, कलात्मकता और परंपरा के लिए अभी भी जगह है। इज़हार-ए-इश्क की सफलता के साथ, नितेश तिवारी ने ग़ज़ल शैली में गुणवत्ता और रचनात्मकता के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है। परंपरा और नवीनता के बीच संतुलन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें उद्योग में एक सम्मानित व्यक्ति बना दिया है, और एक संगीतकार के रूप में उनकी यात्रा ऐसी है जिसे संगीत प्रेमी करीब से देखेंगे। प्रशंसक और आलोचक दोनों ही यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि तिवारी आगे क्या बनाते हैं। क्या वह ग़ज़ल की दुनिया में आगे बढ़ना जारी रखेंगे, या वे नई विधाओं और विषयों में कदम रखेंगे? वह जो भी रास्ता चुनें, एक बात तो तय है - तिवारी का समर्पण
बॉलीवुड एक्टर गोविंदा को लगी गोली, हालात गंभीर, अस्पताल में इलाज जारी
GOVINDA : बॉलीवुड एक्टर गोविंदा से जुड़ी बुरी खबर सामने आई है। एक्टर को गोली लग गई है। बताया जा रहा है कि उनकी ही बंदूक से पैर में गोली लगी है। सुबह 4.45 बजे की घटना बताई जा रही है। सुबह कही जाने के लिए एक्टर घर से निकल रहे थे उसी समय गलती से मिस फायर हुआ और वो घायल हो गए। इसके तुरंत बाद उन्हें आनन-फानन में क्रिटी केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक गोली चलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि गोविंदा की बंदूक को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल गोविंदा के पैर से काफी खून बह गया है, जिससे उनकी हालत खराब बताई जा रही है। बिगड़ी हालत को देखते हुए फिलहाल उन्हें अंधेरी के क्रिटी केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल ऑपरेशन कर के गोली निकाल दी गई है और एक्टर अभी भी ICU में हैं।
जल्द ही आ रहा है: हमरे बियाह के दिया - प्यार और संस्कृति का उत्सव!
प्रोडक्शन कंपनी: हाईफ़ी हाय क्रिएशन
निर्माता: पी एन ए वी एस
निर्देशक: मनोहर भोसले
फोटोग्राफी निर्देशक (डीओपी): विकास पांडे
कास्टिंग डायरेक्टर: कमलेश गौतम
फिल्म का शीर्षक: हमरे बियाह के दिया
शैली: भोजपुरी फिल्म
पूरे भारत में रिलीज़ की तारीख: मार्च 2025
कलाकारों में शामिल हैं:
- पलक पांडे
- गुलशन पांडे
- नीलम पांडे
- प्रमोद टेक्सास
- ज्योति पटेल
- अजित विक्रांत
शूटिंग स्थान:
फिल्म की शूटिंग विभिन्न स्थानों पर की गई है, जिनमें शामिल हैं:
- लखनऊ
- नोएडा
- दिल्ली
- झारखंड
- गोरखपुर
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हमरे बियाह के दिया भोजपुरी फिल्म उद्योग में एक आकर्षक अतिरिक्त होने के लिए तैयार है, जो जीवंत संस्कृति और समृद्ध इस क्षेत्र में निहित कहानी कहने की कला। मनोहर भोसले द्वारा निर्देशित और हाईफ़ी हाय क्रिएशन बैनर के तहत पी एन ए वी एस द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म एक आकर्षक कहानी पेश करने का वादा करती है, जिसे प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा पूरक बनाया गया है। मार्च 2025 में अखिल भारतीय रिलीज़ के साथ, दर्शक एक रोमांचक सिनेमाई अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं
भारत के पहले सर्विस प्रोवाइडर ऐप "मल्टीप्लेक्स प्ले ओटीटी" के नए कार्यालय का मुम्बई में भव्य उद्घाटन
एडवोकेट शैलेश दूबे, ऎक्टर आनंद बलराज, अली खान, राजा कॉपसॆ सहित कई हस्तियां हुईं शामिल
इंडिया के ऐसे पहले ओटीटी "मल्टीप्लेक्स प्ले" की ऑफिस का मुम्बई के रिलायबल बिजनस सेंटर में उद्घाटन किया गया जो सर्विस प्रोवाइडर है। इसके संस्थापक रेहान अली बिहार के मोतिहारी जिला के रहने वाले हैं। वह इंजीनियर हैं लेकिन तकनीकी क्षेत्र में माहिर होने और फिल्मों का शौक होने की वजह से वह बॉलीवुड इंडस्ट्री में आ गए। मल्टीप्लेक्स प्ले एप्प के नए कार्यालय की ओपनिंग के शुभ अवसर पर एडवोकेट शैलेश दूबे, आनंद बलराज ऎक्टर, अली खान, राजा कॉपसॆ, ताहिर कमाल खान, सनी चार्ल्स, निर्माता निर्देशक डॉ कृष्णा चौहान, कृष्ण शर्मा सहित कई हस्तियां मेहमान के रूप में हाज़िर रहीं। एडवोकेट शैलेश दूबे के शुभ हाथों से फीता काटकर ऑफिस का शुभारंभ किया गया।
इस शुद्ध देसी ओटीटी ऐप के संचालन के लिए फाउंडर रेहान अली ने शाहनवाज़ खान, सिकन्दर खान, ज़ुबैर सिद्दीकी, मुश्ताक खान, नूर अली अंसारी, दीपक राज का विशेष आभार जताया।
संस्थापक रेहान अली ने
तीन चार साल के अध्ययन, रिसर्च और मेहनत के बाद मल्टीप्लेक्स प्ले ओटीटी लांच किया है, जो अपनी तरह का भारत का पहला सर्विस प्रोवाइडर ऐप है जो मेक इन इंडिया के अभियान को बुलंदी देता है।
बॉलीवुड के लिजेंड्री ऎक्टर अली खान ने इस अवसर पर रेहान अली को बधाई देते हुए कहा कि मल्टीप्लेक्स प्ले एक देसी एप है जो लोगो को एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। मैं रेहान अली को मुबारकबाद देता हूं कि उन्होंने ऐसा नया ऐप अविष्कार किया है जो कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक वरदान साबित होगा। इनका नया ऑफिस भी बहुत सुंदर है और मुम्बई की फ़िल्म इंडस्ट्री के केंद्र में स्थित है।
इस ओटीटी ऐप पर हिंदी, मराठी इंग्लिश सहित कई भाषाओं के कंटेंट्स का समावेश है। उच्च तकनिकी संसाधनों से सुसज्जित होने के कारण इस पर प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रम अच्छी गुणवत्ता के साथ दिखाई देंगे।
रेहान अली का कहना है कि इस ऐप पर शानदार फिल्मे, वेब सीरीज, कंटेंट्स दिखाए जाएंगे जो दर्शकों के लिए एक नया अनुभव होगा। तकनीकी रूप से काफी विकसित इस ऐप से निर्माता निर्देशक एक्टर्स कंटेंट क्रिएटर्स डायरेक्ट लाभ ले सकते हैं।
रश्मि उपाध्याय की साईं लीला फाउंडेशन के माध्यम से गोरेगांव गणेश दर्शन स्पर्धा 2024 का आयोजन किया गया
जिसमे अस्सी से ज्यादा मंडलों ने बहुत उत्साह से हिस्सा लिया। सभी मंडलों में शीर्ष सात गणेश मंडलों को अलग-अलग पैमानों पर चुना गया और समाज की वरिष्ठ हस्तियों से सभी मंडलों को ट्रॉफी दिलवाई गई।
आदर्श उत्कृष्ट मंडल (मोती लाल नगर गोरेगांव (प.) जिसके अध्यक्ष योगेन्द्र कदम और तुषार पटेल हैं , इनकी अध्यक्षता में 250 किलो की मिट्टी की गणेश प्रतिमा, पूरी तरह से इको फ्रेंडली थी और सजावट स्थानिक निवासियों द्वारा हाथ से बनाई गई थी।इस मंडल को ट्रॉफी द्वारा सम्मानित, साईं लीला फाउंडेशन की संस्थापक और गोरेगांव गणेश दर्शन स्पर्धा की सर्वे सर्वा रश्मि उपाध्याय जी ने किया।
न्यू फाइव स्टार सेवा मंडल वालभट्ट रोड, गोरेगांव पूर्व) के श्री अमित शर्मा और जय प्रकाश त्रिपाठी जी की अध्यक्षता में श्री बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई।गोरेगांवकरों में श्री बद्रीनाथ धाम के दर्शन का उत्साह देखते ही बनता था।मण्डल को सम्मानित करने और टीम साईं लीला फाउंडेशन को प्रोत्साहित करने भाजपा के मुंबई सचिव श्री अभिजीत राणे जी उपस्थित रहे।
राणे जी ने जय अंबे मित्र मंडल,जवाहर नगर रोड नंबर गोरेगांव (प) के गणेश पंडाल को भी, साई लीला फाउंडेशन द्वारा अमृत मंथन के चल चित्र की वजह से सम्मानित किया। मण्डल के अध्यक्ष संजय जयसवाल एवं विनोद जयसवाल भी उपस्थित रहे।
जवाहर नगर चा राजा (जवाहर नगर गोरेगांव पश्चिम) की थीम पानी के अंदर रहने वाली प्रजातियों को बचाने का संदेश देने की थी। मण्डल के अध्यक्ष श्री संजय साल्वी और नरेश शेट्टी और विपुल रांका जी को ट्रॉफी; ड्रग्स माफ़ियाओं के करदन काल श्री समीर वानखेड़े जी द्वारा दी गई ।
शरद मित्र मंडल भगत सिंह नगर, गोरेगांव पश्चिम की थीम प्रकृति बचाएं रही , इनके अध्यक्ष सुरेंद्र गावड़े और दशरथ चौहान को बॉलीवुड अभिनेता श्री रमेश गोयल जी द्वारा दी गई ट्रॉफी।
निर्माण मलाड चिंचोली बंदर, बंसी वाडापाव वाला के पास थीम चंद्रयान रही आधुनिकता, संस्कृति, विज्ञान का मेल करने वाले इस मंडल को ट्रॉफी वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता श्री अनिल गलगली जी द्वारा दी गई । मण्डल के अध्यक्ष अनिकेत पवार और कमलेश कनौजिया ट्रॉफी पाकर काफ़ी उत्साहित नज़र आए। उन्होंने बताया कि उनके मण्डल को तेरह साल हुए हैं और इस तरह की स्पर्धा पहली बार हुई है।
श्री राम भक्त युवा फाउंडेशन प्रेम नगर को सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए ट्रॉफी ख़ुद इस स्पर्धा की सर्वे सर्वा रश्मी उपाध्याय जी ने दी । मण्डल के अध्यक्ष श्री सत्या तिवारी अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे।
मनोज ओझा और ईगल भोजपुरी मूवीज ने मनाया ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ फुल मूवी का दस मिलियन व्यूज का जश्न
भोजपुरी सिनेमा जगत में अहम योगदान देने वाले फ़िल्म मेकर व निर्देशक मनोज ओझा ने म्यूजिक
कंपनी ईगल भोजपुरी मूवीज के साथ मिलकर भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ फुल मूवी को यूट्यूब पर दस मिलियन व्यूज पार होने का जश्न मनाया है। बता दें कि मनोज ओझा के कुशल निर्देशन में बनी साफ-सुथरी सार्थक रिलेशनशिप की बुनियाद को मजबूत करने वाली तथा सास बहू और फैमिली ड्रामा से भरपूर भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ फुल मूवी ने ईगल भोजपुरी मूवीज के यूट्यूब चैनल पर काफी वायरल हो गई है और देखते ही देखते दस मिलियन व्यूज पार कर लिया है। प्रिंस सिंह राजपूत, पायस पंडित और डिम्पल सिंह स्टारर यह फ़िल्म हर किसी को खूब पसंद आ रही है।
पॉपुलर म्यूजिक कंपनी ईगल भोजपुरी मूवीज के निदेशक सुरेन्द्र सुनेजा ने इतनी बड़ी उपलब्धि पर मनोज ओझा को बधाई दीं और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मनोज जी और भी अच्छी अच्छी फिल्में बनाते रहें आगे उन्होंने यह भी कहा कि मनोज जी के निर्देशन में बहुत सारी फिल्में हम बनाते रहेंगे। इस पर मनोज ओझा ने सुरेन्द्र सुनेजा का आभार व्यक्त किया है। साथ ही मनोज ओझा ने सभी को तहेदिल से धन्यवाद दिया है।
उल्लेखनीय है कि कमला फिल्म्स क्रिएशन्स, डिजिटेक प्रोडक्शन के बैनर तले बिग लेबल पर निर्मित की गई भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ के निर्माता गौतम कुमार, मनु भाई शाह, लोकेश मिश्रा हैं। निर्देशक मनोज ओझा हैं। लेखक सभा वर्मा हैं। गीतकार प्रकाश बारूद, संगीतकार प्रकाश बारूद, सर्विन्द मल्हार, डीओपी फ़िरोज़ खान, डांस मास्टर कानू मुखर्जी, आर्ट डायरेक्टर सतीश गिरी, एडीटर गोविन्द दूबे, कलरिस्ट गजानन वादवे हैं। पब्लिसिटी डिजाईन एवं वीएफएक्स सुमित ओझा ने किया है। इस फिल्म की मार्केटिंग ‘मेक योर फ़िल्म इंडिया’ कंपनी ने किया है।
धन संबंधी समस्याओं से परेशान तो आज शुक्रवार को करें ये काम
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं. माना जाता है कि शुक्रवार के दिन किए गए कुछ खास उपायों से मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसती है. अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो शुक्रवार के दिन कुछ खास उपाय जरूर करें. इससे घर में मां लक्ष्मी पधारती हैं.
शुक्रवार के दिन करें ये काम
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- मां लक्ष्मी का लाल और सफेद रंग अति प्रिय है. शुक्रवार के दिन लाल या सफेद रंग के कपड़े पहन कर ही उनकी पूजा करनी चाहिए. इससे मां लक्ष्मी जल्द कृपा बरसती है. मां लक्ष्मी का पूजन करते समय हाथ में चांदी की अंगूठी या छल्ला पहनना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
- अगर आप धन-धान्य की समस्या से जूझ रहे हैं तो मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार के दिन लक्ष्मी नारायण का पाठ जरूर करें. पाठ पूरा होने के बाद खीर का भोग अवश्य लगाएं.
एक्शन, रोमांच और ट्विस्ट से भरपूर है धाक (Dhaaak)
कास्ट: सलीम मुल्लानवर, प्रदीप रावत, शीना शाहाबादी
डायरेक्टर: अनीस बारूदवाले
शैली: ऐक्शन रोमांटिक
पर्दे पर : 20 सितंबर 2024
रेटिंग ; 4 स्टार्स
मोहम्मद सलीम मुल्लानवर स्टारर निर्देशक अनीस बारूदवाले की एक्शन रोमांटिक फिल्म "धाक" 20 सितंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में "गजनी" फेम ऎक्टर प्रदीप रावत मुख्य खलनायक हैं जबकि सलीम के अपोजिट इसमें शीना शाहाबादी हीरोइन हैं। आई एम किंग्स फिल्म्स इंटरनेशनल के बैनर तले बनी इस फ़िल्म में अविनाश वाधवन और रुसलान मुमताज जैसे मंझे हुए एक्टर्स भी हैं।
अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म धाक को लेकर बहुत उत्साहित सलीम मुल्लानावर कहते हैं "मैं बॉलीवुड में सलमान खान और साउथ स्टार पुनीत राजकुमार का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। मुझे बचपन से ही फिल्मों का बहुत शौक था और मैं हीरो बनने का ख्वाब देखता था। लेकिन हालात ने उस ख्वाब को पूरा करने से रोक रखा था। मैंने सबसे पहले अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए काम किया क्योंकि जीवन में पैसा बहुत जरूरी है। जब व्यवसाय स्थापित हो गया तो मैं फिल्मों में आने के अपने सपने को पूरा करना चाहता था। जब पुनीत राजकुमार का निधन हुआ तो मैंने उसी दिन तय कर लिया कि अब मैं बॉलीवुड में जाऊंगा। फिर मैं निर्देशक अनीस बारुदवाले से मिला, उन्हें धाक का कॉन्सेप्ट बताया और उन्हें यह पसंद आया। उसी कॉन्सेप्ट को स्क्रीनप्ले में बदला गया और काफी मेहनत के बाद यह फिल्म बनी।"
फिल्म में "गजनी" फेम ऎक्टर प्रदीप रावत की एंट्री के बारे में सलीम मुल्लानावर ने बताया कि बड़ी मुश्किल से उनसे मिलने का हमें अपॉइंटमेंट मिला। निर्देशक अनीस जी ने अपनी शख्शियत और बात करने के अंदाज़ से प्रदीप रावत को इतना प्रभावित कर दिया कि वह फ़िल्म की कहानी और अपना किरदार सुनने को तैयार हो गए। जब उन्होंने स्टोरी सुनी तो वह तुरंत यह रोल करने को राजी हो गए। वह बेहतरीन ऎक्टर और कमाल के इंसान हैं। उनके साथ शूटिंग का अनुभव यादगार रहा।"
कई हिट फिल्में डायरेक्ट कर चुके निर्देशक अनीस बारूदवाले का कहना है कि जब मेरी फिल्म 3 श्याने रिलीज हुई थी, तब सलीम ने मुझसे कहा कि आपके साथ काम करना है। धाक का कॉन्सेप्ट सलीम जी का है, स्क्रीनप्ले मैंने लिखा, निसार अख्तर ने डायलॉग लिखे हैं। 30 दिनों की शूटिंग महाबलेश्वर, पंचगनी, मुम्बई में की गई। सलीम ने बहुत मेहनत से काम किया है, अच्छी परफॉर्मेंस दी है। बेहतरीन तरीके से डायलॉग अदा किया है। इस एक्शन लव स्टोरी में एक युवक हक और इंसाफ के लिए लड़ जाता है। समाज मे जो गलत होता है वो उसके खिलाफ आवाज़ उठाता है। दर्शकों को लगेगा कि यह उनके घर की कहानी है, वह स्टोरी से जुड़ जाएंगे। 80 और 90 के दशक में जिस तरह के किरदार हुआ करते थे इस फ़िल्म में वैसे किरदार नज़र आएंगे।"
गजनी के विलेन प्रदीप रावत के संदर्भ में निर्देशक अनीस ने कहा कि वह बहुत अच्छे इंसान हैं, उनका एक ऑरा है, बिना संवाद के भी वह अपने चेहरे के हावभाव से प्रभाव छोड़ जाते हैं।
फ़िल्म की हिरोइन शीना शाहाबादी के बारे में अनीस बारुदवाले ने कहा कि साउथ की 30 फिल्में कर चुकी शीना शाहाबादी को बॉलीवुड में सतीश कौशिक ने तेरे संग में लांच किया था। सलीम के साथ उनकी अच्छी केमिस्ट्री पर्दे पर नजर आएगी। उस फिल्म में रुसलान मुमताज हीरो थे मगर धाक में वह निगेटिव रोल में हैं।"
फ़िल्म धाक में रियल एक्शन फिल्माया गया है। फ़िल्म के पांचों गाने अलग अलग सिचुएशन के हैं। जयकारा ऑलरेडी हिट हो गया है जिसको मशहूर डांस डायरेक्टर लॉलीपॉप ने कोरियोग्राफ किया है। एक रोमांटिक सॉन्ग भी बड़ा प्यारा है।
निर्देशक अनीस बारुदवाले का कहना है कि आर्टिस्ट जब मेकअप करता है तो किरदार में ढल जाता है। जब उसका मेकअप उतरता है तब उसकी परेशानी नजर आती है। आर्टिस्ट तारीफ का भूखा होता है, मेरी सभी से अपील है कि धाक सिनेमाघरों में देखें। लोग फिल्में देखेंगे तो ही कलाकार ज़िंदा रहेंगे।"
अनीस बारुदवाले ने फार्च्यून लाइफलाइन मीडिया एंड एंटरटेनमेंट का बहुत आभार जताया उन्होंने कहा कि कंपनी के चेयरमैन शब्बीर शेख ने ट्रेन बस होर्डिंस से लेकर तमाम तरह के खूब प्रोमोशन किए हैं।
सलीम मुल्लानावर को इस फ़िल्म से बेहद उम्मीदें हैं, उनका कहना है कि आज समाज में कई जगह अन्याय हो रहा है, ऐसे माहौल में ऐसे युवाओं की जरूरत है जो अन्याय को न देख सकें। सूर्या ऐसे ही आदर्शवादी युवाओं में से एक है जो समाज सेवा के लिए तैयार है और न्याय के लिए लड़ता है। यही धाक की कहानी है और मैं सूर्या का किरदार निभा रहा हूँ।
फिल्म धाक में सलीम को कई अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला, उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा इस पर सलीम खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। उन्हें पहले दिन अविनाश वाधवान जैसे सीनियर एक्टर के साथ शूटिंग करनी थी, वह काफी नर्वस थे, लेकिन अविनाश इतने अच्छे इंसान हैं कि उन्होंने उनका पूरा साथ दिया।
सलीम मुल्लानावर एक जुनूनी सिनेमा प्रेमी हैं और ऐसी फिल्में बनाना चाहते हैं, जिनमें मनोरंजन के साथ-साथ समाज के लिए कुछ संदेश भी हो। धाक के जरिए वह बतौर एक्टर और प्रोड्यूसर बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर फिल्म धाक के बारे में काफी चर्चा हो रही है। इसके प्रमोशन के बारे में सलीम मुल्लानावर ने कहा कि इसके लिए मैं सारा क्रेडिट शब्बीर शेख को देना चाहूंगा, जिन्होंने फिल्म के वितरण के अलावा इसके प्रमोशन, पब्लिसिटी और मार्केटिंग में भी बड़ी भूमिका निभाई है। वे फॉर्च्यून लाइफलाइन मीडिया एंड एंटरटेनमेंट के संस्थापक और चेयरमैन हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में अपना करियर मीना कुमारी के साथ शुरू किया था और आज वे फिल्मों के पब्लिसिटी मार्केटिंग प्रमोशन के सबसे बेहतरीन प्रोफेशनल्स में से एक माने जाते हैं।
बैनर,: आई एम किंग फिल्म्स इंटरनेशनल निर्माता: मोहम्मद सलीम मुल्लानावर निर्देशक: अनीस बारुदवाले
कहानी पटकथा अनीस बारुदवाले, संवाद निसार अख्तर गीत: साहिल सुल्तानपुरी, अहमद सिद्दीकी, ऋषि आज़ाद, संगीत: वरदान सिंह, मीत हांडा, साजन शेख (सागर) स्टार कास्ट: मोहम्मद सलीम मुल्लानावर, शीना शाहाबादी, प्रदीप सिंह रावत, रुस्लान मुमताज, अविनाश वाधवान, नीलोफर गेसावत, पृथ्वी अज़ान, वैष्णवी मैकडोनाल्ड, हेमंत चौधरी
अवधि : 128 मिनट
