राशिफल
तू मेरा दिल, तू मेरी जान ओ आई लव यू डैडी'..... फादर्स डे पर पापा के लिए कुछ स्पेशल बनाएं
फादर्स डे पर पापा के लिए कुछ स्पेशल बनाएं
फादर्स डे को सेलिब्रेट करने के लिए आप फटाफट चॉकलेट केक बना सकते हैं। साइंस के अनुसार चॉकलेट का एक टुकड़ा खाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं चॉकलेट आपको ऊर्जा से भर देती है, दिल को स्वस्थ रखती है और यह तनाव व वजन कम करने का अच्छा विकल्प है।
वड़ा पाव सबसे पॉपुलर इंडियन स्ट्रीट फूड है। वड़ा पाव में तेल और फैट की मात्रा इडली से ज्यादा होती है, जो एक हेल्दी ऑप्शन है। आलू कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं, जबकि बेसन में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। हालांकि वड़े को तलते वक्त पोषक तत्व कम हो जाते हैं, इसलिए घर में इसे फ्राई नहीं बल्कि बेक करने की कोशिश करें।
वैसे तो लेकिन मोमोज़ एक चाइनीज़ डिश है लेकिन अपने स्वाद के चलते है यह भारत में भी प्रसिद्ध हो गई है।
वैसे तो लेकिन मोमोज़ एक चाइनीज़ डिश है लेकिन अपने स्वाद के चलते है यह भारत में भी प्रसिद्ध हो गई है। यह एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है जिसे कई तरह से बनाया जा सकता है। बस, आपको इसकी तकनीक में मास्टर होने की जरूरत है।
वेजिटेबल मोमोज बनाने के लिए सामग्री : मैदा, नमक, बेकिंग पाउडर, लहसुन, सोया सॉस, नमक, सिरका, काली मिर्च के अलावा पत्तागोभी, गाजर को कद्दूकस करके इसमें भरा जाता है। इसके बाद मोमोज को स्टीम किया जाता है।
वेजिटेबल मोमोज को कैसे सर्व करें : सब्जियों के अलावा मोमोज़ में चिकन और पनीर की स्टफिंग भी की जाती है। स्टीम्ड मोमोज के साथ तंदूरी मोमोज भी बेहद लोकप्रिय है। मोमोज को सॉस और मेयोनीज़ के साथ सर्व किया जाता है।
वेजिटेबल मोमोज़ की सामग्री
- लोई के लिए
- 2 कप मैदा
- 1/2 टी स्पून नमक
- 1/2 टी स्पून बेकिंग पाउडर
- भरावन के लिए
- 1 कप गाजर, कद्दूकस
- 1 कप पत्तागोभी, कद्दूकस
- 1 टेबल स्पून तेल
- 1/2 कप प्याज़, बारीक कटा हुआ
- 1 टी स्पून लहसुन, टुकड़ों में कटा हुआ
- 1 टी स्पून सोया सॉस
- नमक
- ¼ टी स्पून सिरका
- ¼ टी स्पून काली मिर्च
वेजिटेबल मोमोज़ बनाने की विधि
अब हम आपको बेहद आसान तरीके से बेसन के पकोड़े बनाने की रेसिपी बता रहे है।
बेसन के पकोड़े बनाने के लिए जरुरी सामान एक कप बेसन, आधा चम्मच खाने वाला सोडा, चौथाई चम्मच हल्दी, जरुरत के अनुसार तेल, स्वादनुसार नमक बेसन के पकोड़े बनाने का तरीका बेसन के पकोड़े बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में बेसन को छान लें। फिर बेसन में थोड़ा थोड़ा पानी डालकर हल्का गाढ़ा घोल बना लें। फिर बाउल में हल्दी पॉउडर, खाने वाला सोडा और स्वादनुसार नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें। उसके बाद बेसन को अच्छी तरह से फैंट लें, बेसन जितना ज्यादा फिटेगा पकोड़े उतने ही सॉफ्ट बनते है। बेसन पकोड़ो के लिए तैयार हो गया है या नहीं इसे चेक करने के लिए एक कटोरी में पानी लें लें। फिर घोल में से एक बूँद पानी में डाल दें। अगर बेसन पानी के ऊपर आ जाता है तो बेसन पकोड़ो के लिए तैयार हो गया है। अगर बेसन ऊपर नहीं आता है तो अभी आपको और फेंटने की जरुरत है। एक कड़ाही में पकोड़े तलने के लिए तेल डाल दें।
जब तेल गर्म हो जाएं तब घोल में से थोड़ा थोड़ा मिश्रण लेकर गर्म तेल में डाल दें। करछी की मदद से पकोड़ो को अलट पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक सेक लें। जब पकोड़े अच्छी तरह से सिक जाएं तब उन्हें एक प्लेट में निकाल लें। बस बेसन के पकोड़े बनकर तैयार है।
बेसन का हलवा खाने का मन है तो नोट करें ये रेसिपी,
बेसन का हलवा एक ऐसी स्वीट डिश है, जिसका नाम सुनते ही सभी के मुंह में पानी आना शुरू हो जाता है। यदि गरमा-गर्म बेसन का हलवा मिल जाए, तो खाने का मजा और भी बढ़ जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है, कि इसे बनाने में बहुत समय नहीं लगता है। यदि आप बाहर से थके हारे आए हो तो भी आप बेसन का हलवा बनाकर खा सकते हैं। तो आइए आज हम आपको बेसन का हलवा बनाने का आसान तरीका बताते हैं।
हलवा बेसन का हलवा बनाने की आवश्यक सामग्री
- 1 कप बेसन (भुना हुआ)
- 1/2 कप घी
- 1/2 से 3/4 कप चीनी
- 2 कप दूध
- 1 कप पानी
- 1/3 टेबलस्पून इलायची पाउडर
- 2 टेबलस्पून बदाम
- 2 टेबलस्पून पिस्ता
बेसन का हलवा बनाने की विधि
1. परफेक्ट बेसन का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले आप एक पैन में चीनी, पानी और दूध डालकर उसे गैस पर उबालें। आप चाहे तो इसमें कलर लाने के लिए केसर भी डाल सकते हैं।
2. जब चीनी अच्छी तरह से मिल जाए, तो उसे गैस से उतार कर रख लें।
3. अब एक पैन में घी डालकर उसे गैस पर गर्म करें।
4. जब घी हल्का गर्म हो जाए, तो उसमें बेसन डालकर उसे धीमी आंच पर भुनें।
5. जब बेसन अच्छी तरह से भुन जाए, तो उसमें पहले से तैयार किए गए चीनी, पानी और दूध के मिश्रण को डालें।
6. अब बेसन को 4 से 5 मिनट तक धीमी आंच पर गाढ़ा होने तक पकाएं।
7. जब बेसन अच्छी तरह से गाढ़ा हो जाए, तो उसे गैस से उतार लें।
8. बाद में उसमें बादाम और पिस्ता के टुकड़े को डालकर गर्म-गर्म चाय के साथ एंजॉय करें।
मिट्टी से बने ये बर्तन न केवल सेहतमंद है बल्कि किफायती भी है.
मिट्टी से बने ये बर्तन न केवल सेहतमंद है बल्कि किफायती भी है. इसलिए इनकी मांग भी अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. आजकल बिजली से उपयोग होने वाले सामान में पानी के साथ अन्य वस्तुएं ठंडी रहती हैं, लेकिन मिट्टी से बने बर्तनों की बात ही कुछ अलग है. ऐसे इस बात को लोग भलीभांति जानते भी है, तभी सड़क के किनारे बेचे जा रहे मिट्टी के बर्तनों को देखकर इधर से गुजरने वाले राहगीर खुद इसकी ओर खिंचे चले आ रहे हैं.
गर्मियों में जब घड़ों की डिमांड बढ़ती है तो कुम्हारों का व्यवसाय भी खूब फलने-फूलने लगता है. इस सीजन में लोग बाजारों से लगातार मटके खरीदते हैं. इस समय मटकों की कीमत 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक पहुंची हुई है. मटकों की बढ़ती डिमांड को देखकर अब ऑनलाइन सेल्स कंपनियां भी मचके बेच रहे हैं. वो कुम्हारों को ऑर्डर देकर मटके बनवाते हैं, फिर उच्च दामों में ऑनलाइन बेचते हैं.
फिरनी और खीर में क्या अंतर है?
दोनों मिठाइयों में समानताएं हैं, जैसे कि दूध, चीनी और मेवे जैसी सामग्री, और अनिवार्य रूप से चावल के हलवे का देसी संस्करण होना। इनका स्वादिष्ट और मलाईदार बनावट लाजवाब है और मेवों के कुरकुरेपन से भरा मीठा स्वाद स्वर्ग जैसा लगता है। ऐसी समानताओं के कारण, दोनों मिठाइयों के बीच भ्रम हो सकता है, क्योंकि दोनों के बीच कई समानताओं के बावजूद, वे एक ही व्यंजन नहीं हैं। तो, आइए कुछ प्रमुख अंतरों पर नज़र डालें जो इन क्लासिक मिठाइयों को अलग करते हैं।
चावल के प्रकार
चावल दोनों ही तैयारियों में सबसे महत्वपूर्ण सामग्री है और खीर और फिरनी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चावल का प्रकार पूरी तरह से अलग होता है, जैसा कि अंतिम उत्पाद होता है। जब खीर की बात आती है, तो इसे चावल के साबुत दानों का उपयोग करके तैयार किया जाता है, जबकि फिरनी में मोटे पिसे हुए चावल का उपयोग किया जाता है, जिसे कुछ घंटों के लिए भिगोया जाता है, आमतौर पर लगभग 2-3 घंटे।
चावल आधारित दोनों मिठाइयों की बनावट में अंतर के पीछे यही मुख्य कारण है।
खाना पकाने के समय
दोनों मिठाइयों के पकने का समय भी बहुत अलग होता है, क्योंकि कोई भी अनुभवी रसोइया आसानी से उनके पकने के समय के आधार पर खीर और फिरनी के बीच का अंतर बता सकता है। चूँकि खीर साबुत चावल का उपयोग करके बनाई जाती है, इसलिए इसे पकने में फिरनी की तुलना में बहुत अधिक समय लगता है, भले ही दोनों मिठाइयाँ कम आँच पर पकाई जाती हैं। दूसरी ओर, फिरनी में मोटे पिसे हुए चावल का उपयोग किया जाता है, जिससे खीर की तुलना में खाना पकाने की प्रक्रिया बहुत आसान और तेज़ हो जाती है।
बनावट
जैसा कि ऊपर बताया गया है, दोनों मिठाइयों में इस्तेमाल किए जाने वाले चावल का प्रकार अलग-अलग है, जो अंततः खीर और फिरनी को एक-दूसरे से अलग बनावट देता है। उन्हें पकाने का समय भी अलग-अलग होता है और यही बात उनकी बनावट में अंतर का कारण भी बनती है।
खीर, फिरनी की तुलना में अधिक गाढ़ी और स्वादिष्ट होती है, जो इसे धीमी और लंबी पकाने की प्रक्रिया के कारण मिलती है, जबकि फिरनी, खीर की तरह गाढ़ी और मलाईदार नहीं होती है, लेकिन यह भी अपने आप में एक गाढ़ी और मलाईदार मिठाई है।
गार्निशिंग और सर्विंग
दोनों मिठाइयों को परोसने के तरीके में भी काफ़ी अंतर है। खीर को आम तौर पर कटोरी में परोसा जाता है, जिस पर बादाम, काजू, पिस्ता और अन्य मेवे डाले जाते हैं, जबकि फिरनी को मटकों (मिट्टी के बर्तन) में परोसा जाता है, जिन्हें फ्रिज में ठंडा किया जाता है। फिरनी के ऊपर चांदी का वराख भी रखा जाता है।
मुंबई स्टाइल हरा मसाला कीमा हरा मसाला मटन कीमा मसालेदार मटन कीमा पाव
सामग्री
अदरक लहसुन पेस्ट के लिए
6-7 लहसुन की कलियां, लहसुन
1 इंच अदरक, छिला हुआ, कटा हुआ,
3-4 हरी मिर्च (कम तीखी और आधी टूटी हुई) हरी मिर्च
नमक स्वादअनुसार
खीमा मैरिनेशन के लिए
1 किलो मटन खीमा (हड्डियों सहित) मटन खीमा
नमक स्वादअनुसार
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
½ बड़ा चम्मच धनिया पाउडर
½ कप दही, फेंटा हुआ
तैयार किया हुआ अदरक लहसुन का पेस्ट, तैयार किया हुआ अदरक लहसुन का पेस्ट
हरे पेस्ट के लिए
3-4 हरी मिर्च, कम तीखी और आधी टूटी हुई) हरी मिर्च
½ इंच अदरक, छिला हुआ, कटा हुआ,
¼ कप पुदीना पत्ता
१ कप ताजा धनिया पत्ता
3-4 बड़े चम्मच पानी,
½ बड़ा चम्मच तेल
खीमा पकाने के लिए
2-3 बड़े चम्मच तेल
1 तेजपत्ता
१ छोटा चम्मच जीरा
मैरिनेटेड खीमा, मैरिनेटेड मटन खीमा
तड़के के लिए
2-3 बड़े चम्मच तेल
2 बड़े प्याज, कटे हुए, प्याज
तैयार हुआ हरा पेस्ट, तैयार हुआ हरा पेस्ट
¼ कप ताजा हरी मटर, ताजा हरी मटर
भूना हुआ खीमा, भूना हुआ खीमा
फिनिशिंग के लिए
1 ½ बड़ा चम्मच धनिया पत्ता, कटा हुआ, धनिया पत्ता
2-3 हरी मिर्च (कम तीखी और कटी हुई) हरी मिर्च
1 बड़ा चम्मच डिल के पत्ते, बारीक कटे हुए, सोआ के पत्ते
2-3 बड़े चम्मच मक्खन, क्यूब्स में कटा हुआ, मक्खन (परिष्करण के लिए)
अंडा फ्राई के लिए
1 छोटा चम्मच तेल
1 अंडा, अंडे
नमक स्वादअनुसार
गार्निश के लिए
धनिया पत्ता
नींबू की फांक, नींबू की फांक
प्याज, कटा हुआ, प्याज
टमाटर, कटा हुआ,
हरी मिर्च, हरी मिर्च
२ नं. लाडी पाव, लाडी पाव
प्रक्रिया
अदरक लहसुन पेस्ट
- एक खरल में लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक डालें और मोटा पेस्ट बना लें।
- आगे उपयोग के लिए अलग रखें।
-
खीमा मैरिनेशन के लिए
- एक बड़े कटोरे में मटन कीमा, स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और दही डालें।
- इसमें तैयार अदरक लहसुन का पेस्ट डालें और इसे अच्छी तरह से मैरीनेट करें। इसे 5-10 मिनट के लिए रख दें।
-
हरे पेस्ट के लिए
- एक कटोरे में हरी मिर्च, अदरक, पुदीना, धनिया, पानी और तेल डालें।
- इसे ग्राइंडर जार में डालें और पीसकर मुलायम पेस्ट बना लें।
- आगे उपयोग के लिए अलग रखें।
-
खीमा पकाने के लिए
- एक हांडी में तेल डालें, जब यह गर्म हो जाए तो इसमें तेजपत्ता, जीरा डालें और इसे अच्छी तरह से फूटने दें।
- इसमें मैरीनेट किया हुआ खीमा डालें और मध्यम आंच पर 10-15 मिनट तक भूनें।
-
तड़के के लिए
- एक गहरी हांडी या लगन में तेल गरम होने पर उसमें प्याज डालें और मध्यम आंच पर पारदर्शी होने तक भूनें।
- इसमें तैयार पेस्ट डालें और थोड़ी देर तक भूनें।
- इसमें हरी मटर और भूना खीमा डालकर मध्यम आंच पर 10-15 मिनट तक पकाएं।
- इसमें धनिया पत्ती, हरी मिर्च, डिल के पत्ते डालें और भूनें।
- इसे मक्खन के साथ खत्म करें और खीमा को कुछ देर तक अच्छी तरह से पकाएं।
- इसे एक सर्विंग डिश में डालें और धनिया, कुछ कटे हुए प्याज, टमाटर, नींबू के टुकड़े और हरी मिर्च से सजाएं।
- पाव के साथ गरमागरम परोसें।
-
अंडा फ्राई के लिए
- एक पैन में तेल डालें, जब यह गर्म हो जाए तो इसमें अंडा डालें और नमक डालें।
- आगे उपयोग के लिए अलग रखें।
गर्मी के मौसम में रूह अफजा से बनाएं लजीज रेसिपी, मिलेगी ताजगी
रूह अफजा मिल्क शेक
बच्चो से लेकर बड़ों तक सभी को रूह अफजा मिल्क शेक जरूर पसंद आने वाला है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले करीब 2 गिलास ठंडा दूध लीजिए और इसे एक मिक्सर में डालिए।अब इसमें 2 बड़े चम्मच रूह अफजा डाल दें। इसमें स्वादानुसार चीनी या शहद डालें और बर्फ डालकर मिक्सर में सभी सामग्रियों को मिला दें।इसे परोसते समय आप इस पर सब्जा के बीज भी डाल सकते हैं।
रूह अफजा नींबू पानी
अगर आप बिना मेहनत किए एक झटपट ड्रिंक बनाना चाहते हैं तो रूह अफजा नींबू पानी अच्छा रहेगा। इसे बनाने के लिए एक लंबे गिलास में पुदीने की पत्तियां और नींबू का रस डालें।अब इसमें रूह अफजा सिरप, चीनी और ठंडा पानी मिलाएं। इसे चीनी के घुल जाने तक चलाते रहें। अंत में इसमें बर्फ डालकर इसे परोसें।अगर आप रोजाना एक गिलास नींबू पानी पीते हैं तो आपको कई लाभ मिलेंगे।
रूह अफजा फिरनी
अगर आपके घर पर कुछ मीठा पकवान बनाने की फरमाइश की जा रही है तो आप रूह अफजा फिरनी या खीर बनाएं।इसके लिए सबसे पहले चावल को धोकर 30 मिनट के लिए भिगोएं। अब एक बर्तन में दूध डालकर चावल को मिला लें और आधा होने तक पकने दें। इस मिश्रण में बारीक कटे हुए सूखे मेवे मिलाएं और लगातार चलाते रहें।जब फिरनी गाढ़ी हो जाए तब उसमें रूह अफजा सिरप मिला दें।
रणबीर कपूर की पड़ोसी बनीं ‘एनिमल’ की ‘भाभी नंबर 2’ खरीदा करोड़ों का बंगला, जानिए कीमत
‘एनिमल’ में अपने ड्रीमी लुक और शानदार एक्टिंग से लाखों दर्शकों को दीवाना बना देने के बाद तृप्ति डिमरी ‘नेशनल क्रश’ का दर्जा हासिल कर चुकी हैं. एनिमल में ‘भाभी नंबर 2’ बनकर तृप्ति ने खूबू पॉपुलैरिटी बटोर ली है. यहां तक कि उनके करियर की गाड़ी भी फर्राटे के साथ दौड़ रही है
रिपोर्ट के मुताबिक तृप्ति डिमरी ने हाल ही में एक शानदार इनवेस्टमेंट किया है. दरअसल एक्ट्रेस ने मुंबई के बांद्रा में अपना सपनों का आशियाना खरीदा लिया है. तृप्ति का बंगला बांद्रा वेस्ट के प्राइम एरिया में लोकेटेड है जो काफी पॉश इलाका है. इस एरिया में शाहरुख खान , सलमान खान, रेखा जैसे बॉलीवुड सितारे रहते हैं. रणबीर कपूर और आलिया भट्ट भी इसी इलाके में रहते हैं. न्यू बंगला 2226 स्क्वायर फुट के लैंड एरिया में फैला हुआ है और इमसमें एक ग्राउंड-प्लस-दो मंजिला कंस्ट्रक्शन शामिल है. तृप्ति ने ये नया घर 14 करोड़ रुपये में खरीदा है. इसके अलावा एक्ट्रेस ने स्टांप ड्यूटी के लिए 70 लाख रुपये और रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 30,000 रुपये का एडिशनल भुगतान भी किया है. तृप्ति ने ये डील 3 जून, 2024 को फाइनल की थी.
तृप्ति डिमरी वर्क फ्रंट
तृप्ति जल्द ही ‘विक्की विद्या का वो वाला वीडियो’ में राजकुमार राव के साथ स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी।. वह अब कार्तिक आर्यन और विद्या बालन के साथ ‘भूल भुलैया 3’ की शूटिंग कर रही हैं. उनके पास विक्की कौशल और एमी विर्क के साथ करण जौहर की ‘बैड न्यूज़’ और सिद्धांत चतुवेर्दी के साथ ‘धड़क 2’ भी है.
तृप्ति ने किया था एक्टिंग करियर शुरू
बता दें कि तृप्ति उत्तराखंड के गढ़वाल की रहने वाली हैं. उन्होंने 2017 में श्रीदेवी की मॉम, सनी देओल की पोस्टर बॉयज़ जैसी फिल्मों से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. हालांकि, साजिद अली की लैला मजनू में दिखाई देने के बाद उन्हें थोड़ी पहचान मिलने लगी थी. उनकी सफल फिल्म 2020 में बुलबुल थी. इसके बाद तृप्ति ने अन्विता दत्त की ‘काला’ में अपनी परफॉर्में से पॉपुलैरिटी बटोरी
यदि शनि देव की दृष्टि किसी व्यक्ति पर बिगड़ जाए तो उसे लेने के देने पड़ जाते हैं. शनि को तुरंत खुश करने के उपाय नहीं जानते हैं तो जान लें
मान-सम्मान का नुकसान भी होता है और परिवार में क्लेश भर जाता है. वहीं किसी व्यक्ति पर शनि देवता की शुभ दृष्टि पड़ जाए तो व्यक्ति का उद्धार हो जाता है. उसकी जिन्दगी खुशियों से भर जाती है. घर में आय के रास्ते बनते हैं और व्यापार या नौकरी में अच्छे योग बनने शुरू हो जाते हैं. शनिवार के दिन प्रातः स्नान कर शनि देव की पूजा-आराधना करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं. यदि आपके जीवन में धन, नौकरी व्यापार या निजी समस्याएं चल रही हैं तो ये है कुछ उपाए जिनसे आप शनि देव को प्रसन्न कर सकते हैं. आइए जानते हैं शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय के बारे में.
शनि के उपाय (Shani Upay)
- दान-पुण्य करें
गरीबों और ज़रुरतमंदों की मदद करने वालों पर शनि देव की विशेष कृपा रहती है. अगर आप भी शनि देव की कृपा चाहते हैं तो आपको भी दान पुण्य करते रहना चाहिए. शनि देव की कृपा के पात्र बनने के लिए ज़रुरतमंदों को काले चने, काले तिल, उड़द दाल और सवच्छ कपड़े सच्चे मन से दान करते रहना चाहिए. - शनि यंत्र की पूजा
यदि आपकी जिन्दगी में धन, नौकरी या व्यापार से जुड़ी समस्याएं चल रही है तो प्रति शनिवार को आपको प्रातः स्नान करने के बाद शनि यंत्र की पूजा करनी चाहिए. इससे आपकी नौकरी और व्यापार से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी और घर परिवार में समृद्धि आएगी. - शनि मंत्र का जाप करें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी साबित होता है. शनि मंत्र का जाप करने से शनि देव काफी प्रसन्न होते हैं और जीवन में चल रही विपत्ति से छुटकारा दिलाते हैं. - कुत्तों की करें सेवा
कहते हैं कि सभी प्राणियों के प्रति सद्भाव रखना चाहिए. लेकिन शनि देव को खुश करने के लिए विशेष तौर पर कुत्तों के प्रति अधिक स्नेह रखना चाहिए. कुत्तों की सेवा और देखभाल करने वालों से शनि देवता हमेशा प्रसन्न रहते हैं. कुत्तों को खाना देने और उनकी देखभाल करने वालों पर शनि देव कभी रुष्ट नहीं होते और ऐसे लोगों पर अपनी कृपा बनायें रखते हैं. - हनुमान जी की करें अराधना
बजरंग बली और शनि देव का गहरा नाता है. दोनों के बीच मित्रवत रिश्ता है यदि कोई व्यक्ति शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करता है तो उसपर शनि देव की विशेष कृपा बनती है. - शिव जी की करें पूजा
भगवान शंकर, शनिदेव के गुरु माने जाते हैं. इसलिए जो व्यक्ति भगवान शिव की आराधना करता है, शिवलिंग पर तिल डालकर जल चढ़ाता है, शनिदेव सदैव उसका ध्यान रखते हैं.
इस मंत्र का करें जाप (Shani Mantra)
मंत्रः- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
मंत्रः- ॐ शं शनिश्चरायै नमः
आलू पराठा एक सरल रेसिपी है जो पूरे भारत में कई घरों में बनाई जाती है।
आलू पराठा रेसिपी के लिए सामग्री –
स्टफ़िंग के लिए –
आलू पराठा बनाने की विधि –
आटा गुथने का तरीका –
स्टेप 1 – एक कटोरे में गेहूं का आटा, नमक और तेल मिलाएं।
स्टेप 2 – थोड़ा-थोड़ा करके पानी डालें और आटा मिलाना शुरू करें।
स्टेप 3 – चिकना और मुलायम आटा गूंथ लें। आटा नरम होना चाहिए, अगर इसमें थोड़ा और पानी नहीं मिला है।
स्टेप 4 – आटे को ढककर 15-20 मिनिट के लिए रख दीजिए.
फिलिंग बनाने का तरीका –
स्टेप 1 – फिलिंग बनाने के लिए सबसे पहले आलू को पूरी तरह से पकने तक उबाल लें।
स्टेप 2 – आलू उबालने के बाद, छिलका छीलकर, थोड़ा ठंडा होने दें और फिर एक बाउल में निकाल लें।
स्टेप 3 – आलू को मैश करें और फिर कटी हुई हरी मिर्च, जीरा, अमचूर (सूखे आम का पाउडर), गरम मसाला, अजवायन, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, नमक और धनिया डालें।
स्टेप 4 – तब तक मिलाएं जब तक कि सब कुछ अच्छी तरह से मिल न जाए। स्वाद का परीक्षण करें और स्वाद के लिए मसाला डालें। अब पराठे के लिए स्टफिंग तैयार है।
स्टेप 5 – अब, आटे की एक लोई लें और इसे लगभग 4-5 इंच व्यास में बेल लें। बेले हुये आटे पर लगभग 1/2 छोटी चम्मच तेल लगाइये. फिर लगभग 2 बड़े चम्मच फिलिंग को बीच में रखें (आप और फिलिंग डाल सकते हैं लेकिन ज्यादा न भरें)।
स्टेप 6 – अब, सभी किनारों को एक साथ बीच में लाएं और फिर किनारों को सील करने के लिए पिंच करें।
स्टेप 7 – फिर आटे की लोई को अपने हाथों से चपटा कर लें।
स्टेप 8 – आटे को लगभग 7 से 8 इंच के व्यास में बेल लें। बेलते समय आवश्यकतानुसार सूखे आटे का प्रयोग करें। आटे की लोई को जब भी बेलना मुश्किल हो, सूखे आटे में डुबाकर दोबारा बेल लें.
स्टेप 9 – बेले हुए पराठे को गरम तवे पर निकाल लीजिए. पराठा डालने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका तवा गर्म है।
स्टेप 10 – एक या दो मिनट के लिए साइड को तब तक पकाएं जब तक कि यह आंशिक रूप से पक न जाए और फिर पलट दें। आधी पकी हुई तरफ लगभग 1/2 चम्मच तेल या घी लगाकर फिर से पलटें।
स्टेप 11 – अब दूसरी तरफ भी तेल लगाएं। परांठे को चमचे से दबा कर पराठे को दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन चित्ती आने तक सेक लीजिये।
स्टेप 12 – किनारों को दबा देना सुनिश्चित करें ताकि वे भी पक जाएं।
अब आलू के पराठे को मक्खन, अचार और एक कप चाय के साथ गरमा-गरम परोसें।
काला जामुन क्या है? काला जामुन बनाने का तरीका
काला जामुन क्या है?
यह मावा/खोया से बनी एक भारतीय मिठाई है।
काला जामुन एक भारतीय मिठाई है जिसे दूध के मावा या खोया से तैयार की जाती है। आमतौर पर गुलाब जामुन या काला जामुन को खोये से बनाया जाता है जिसे वाष्पित दूध से बनाया जाता है, लेकिन इस रेसिपी में इंस्टेंट मावा या खोया मिल्क पाउडर से तैयार किया जाता है।
काला जामुन के लिए सामग्री
काला जामुन बनाने का तरीका
स्टेप 1 – खोया और पनीर को अलग-अलग कद्दूकस कर लें और मिला लें। मैदा और कोर्नफ्लोर डालकर अच्छी तरह से चिकना होने तक गूंथ लें। पच्चीस बराबर भागों में बाँट लें।
स्टेप 2 – प्रत्येक भाग को अपनी हथेली में लें, दबाएं और इसे एक चिकनी गेंद में रोल करें। सुनिश्चित करें कि सतह पर कोई दरार नहीं है।
स्टेप 3 – चीनी और एक चौथाई कप पानी में चीनी के घुलने तक उबाल लें। दूध डालें। एक करछुल के साथ सतह पर उगने वाले मैल को इकट्ठा करें, और त्यागें।
स्टेप 4 – इलायची पाउडर डालें और चाशनी को हल्का सुनहरा होने तक पकाएं। चाशनी को गर्म रखें।
स्टेप 5 – एक नॉन-स्टिक कढ़ाई में मध्यम आँच पर पर्याप्त घी गरम करें। आधा खोया बॉल्स धीरे से स्लाइड करें। कढ़ाई को आंच से उतारें और वर्कटॉप पर रखें; इसे धीरे से घुमाएं जब तक कि गेंदें सतह पर तैरने न लगें।
स्टेप 6 – कढ़ाई को वापस आँच पर रखें और मध्यम आँच पर, धीरे-धीरे हिलाते हुए, गहरे भूरे रंग के होने तक तलना जारी रखें।
स्टेप 7 – छानकर चाशनी में डुबोएं। परोसने से पहले उन्हें कम से कम पंद्रह मिनट तक भीगने दें। सिल्वर फॉयल से सजाएं।
स्टेप 8 – गर्म या ठंडा परोसें।
काला जामुन बनाने के कुछ ख़ास टिप्स
इन्हें घर पर बनाते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।
ब्लूबेरी : उपयोग, लाभ, न्यूट्रिशनल वैल्यू और भी बहुत कुछ!
- यह एक एंटीऑक्सीडेंट का काम कर सकता है
- यह कैंसर रोधी गतिविधि कर सकता है
- इसमें शरीर के वजन को नियंत्रित करने की क्षमता हो सकती है
- यह मधुमेह के मरीजों के लिए लाभदायक हो सकता है ब्लड शुगर को कम कर सकता है
- यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है
- यह ब्लड प्रेशर के लिए अच्छा माना जाता है
अगर आप रोजाना भीगे हुए बादाम खाते हैं तो इससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहेगा और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर शरीर में बढ़ने लगते हैं.
बादाम में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
डायटीशियन मोनिका जी बताती हैं बादाम हेल्दी नट्स में से एक है. इसमें कई सारे विटामिन्स, जिंक, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और मिनरल्स पाए जाते हैं जो सिर्फ दिमाग के लिए ही नहीं बल्कि बाल और हड्डियों की मजबूती के लिए भी फायदेमंद होता है. इसलिए सभी को भीगे हुए बादाम जरूर खाना चाहिए?
आंखों के लिए
मोनिका जी बताती हैं भीगे बादाम खाने से आंखों के लिए काफी फायेमंद होता है. क्योंकि बादाम में विटामिन ई पाया जाता है, जो हमारी आंखों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है साथ ही इसमें मौजूद जिंक, रेटिना को हेल्दी रखता है. इसलिए हर किसी को सुबह उठते ही रात का भीगा हुए 4 से 5 बादाम खाना चाहिए.
पाचन के लिए
अगर आप सुबह उठते ही ब्रश करने के बाद 5 भीगे हुए बादाम खाते हैं तो इससे आपका पाचन दुरुस्त रहेगा. रोज भीगे बादाम खाने से पाचन संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है.
कोलेस्ट्रॉल में
शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के कारण कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती है. ऐसे में अगर आप रोजाना भीगे हुए बादाम खाते हैं तो इससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहेगा और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर शरीर में बढ़ने लगते हैं. जिससे हार्ट हेल्दी रहता है. इसलिए सभी को कोशिश करना चाहिए कि सुबह उठने के साथ ही भीगे हुए बादाम जरूर खाएं.
ठंडी-ठंडी रोज़ लस्सी, जानें आसान रेसिपी
बनाने का तरीका
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सामग्री
- 3 कप दही
- 1/4 कप गुलाब सिरप
- 2 चम्मच पिसी हुई चीनी
- गार्निश के लिए गुलाब की पंखुड़ियां
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विधि
- Step 1 :
सबसे पहले एक बाउल लें। इसमें दही डालकर उसे अच्छे से फैट लें। इसके बाद इसमें गुलाब सिरप डालें।
- Step 2 :
अब इस मिश्रण में चीनी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। चीनी आप अपने स्वादानुसार डाल सकते हैं।
- Step 3 :
इसके बाद इस मिश्रण में एक कप ठंडा पानी डालकर इसे अच्छे से मिक्स कर लें।
- Step 4 :
अगर आप पतली लस्सी पीना चाहते हैं तो आप इसमें बर्फ भी डाल सकती हैं। अगर गाढ़ी लस्सी पसंद है तो बर्फ का इस्तेमाल न करें।
- Step 5 :
अब तैयार लस्सी को गिलास में डालें।
- Step 6 :
इसके बाद गुलाब की पंखुड़ियों से इसे गार्निश करें।
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- गुलाब लस्सी बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल लें। इसके बाद इस बाउल में दही डालें।
- अब इस दही को अच्छे से फैट लें। जब दही एकदम स्मूद हो जाए तो इसमें चीनी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें।
- इसके बाद इस मिश्रण में ठंडा पानी और बर्फ के टुकड़े मिला लें।
- अगर आपको पतली लस्सी पसंद है जो आप बर्फ के टुकड़े का उपयोग करें, अगर आपको गाढ़ी लस्सी पसंद है तो बर्फ का इस्तेमाल न करें।
- लस्सी को मिक्स करने के बाद स्वाद और रंग के लिए इसमें गुलाब सिरप डालें।
- सिरप को अच्छे से मिक्स करें जब तक लस्सी का रंग हल्का पिंक नहीं होता है।
- अब इसके बाद लस्सी को गिलास में डालें।
- लस्सी को गुलाब की पंखुड़ियों से सजाएं।
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