राशिफल

सलमान खान के बाद अब शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी, जानिए क्या है पूरा मामला ?

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से बड़ी खबर निकल कर आ रही है जहाँ सलमान खान के बाद अब बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान को कथित तौर पर फैजान खान नामक एक व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। महाराष्ट्र के बांद्रा पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार, रायपुर के आरोपी ने अभिनेता से भारी फिरौती की मांग की है। जिसके बाद मुंबई पुलिस राजधानी रायपुर पहुंची है, और रायपुर पुलिस से कांटेक्ट करके मामले की जाँच कर रही है.

 
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रामायण की रिलीज डेट का हुआ ऐलान, दो पार्ट में इस इस दिन रिलीज होगी रणबीर कपूर-साई पल्लवी की फिल्म

नई दिल्ली : इतिहास के साक्षी बनने के लिए तैयार हो जाइए! जाने माने फिल्म मेकर नितेश तिवारी द्वारा डायरेक्टेड, नमित मल्होत्रा की मच अवेटेड महाकाव्य रामायण इंडियन सिनेमा को पहले से कहीं ज्यादा बदलने के लिए तैयार है. यह एपिक अडैप्टेशन भारत की सबसे प्रिय कहानियों में से एक को जबरदस्त स्केल और क्रिएटिव स्टोरी टेलिंग के साथ जिंदा कर है. प्राइम फोकस स्टूडियोज के विजनरी लीडर के तौर पर, नमित मल्होत्रा ने हॉलीवुड के कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया है जैसे ड्यून और इंसेप्शन, और हालिया हिट द गारफील्ड मूवी भी इसमें शामिल है. उन्होंने एंग्री बर्ड्स 3 का भी अनाउंसमेंट किया है. नमित मल्होत्रा की विजुअल स्टोरीटेलिंग की गहरी समझ उन्हें हॉलीवुड के सबसे खास इंडियंस में से एक बनाती है.

नमित मल्होत्रा ​​ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर रिलीज करते हुए लिखा है, “एक दशक से ज्यादा समय पहले, मैंने इस महाकाव्य को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश शुरू की जिसने 5000 साल से भी ज्यादा वक्त तक अरबों दिलों पर राज किया है और आज मुझे इसे खूबसूरती से आकार लेते हुए देखकर खुशी हो रही है. क्योंकि हमारी टीमें एक ही उद्देश्य के साथ मेहनत कर रही हैं. हमारी "रामायण" का मकसद सबसे सच्चा, पवित्र और अद्भुत रूप दुनिया भर के लोगों के सामने लाना है जो हमारे इतिहास, हमारी सच्चाई और हमारी संस्कृति को दर्शाता है.

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सलमान को मिली फिर से लॉरेंस के नाम से धमकी, मुंबई कंट्रोल रूम में आया कॉल

bollywood news : सलमान खान को मंगलवार सुबह फिर एक्टर को लॉरेंस के नाम से धमकी मिली है। मुंबई कंट्रोल रूम में आए कॉल में कहा गया है कि अगर सलमान खान काले हिरण का शिकार करने पर बिश्नोई समाज की मंदिर जाकर माफी नहीं मांगते या 5 करोड़ रुपए नहीं चुकाते तो उनकी जान जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई पुलिस ट्रैफिक कंट्रोल रूम के पास सोमवार को एक मैसेज आया था। आधी रात को एक अधिकारी की नजर उस मैसेज पर गई। मैसेज में लिखा गया था, ‘अगर सलमान जिंदा सलमान खान जिंदा रहना चाहता है तो उसे हमारे मंदिर जाकर माफी मांगनी पड़ेगी या 5 करोड़ रुपए देने होंगे। हमारी गैंग आज भी एक्टिव है।

 
 
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*राजेश अवस्थी सहित 9 सदस्यीय फिल्म विकास निगम एडवाइजरी बोर्ड गठित*

*राजेश अवस्थी सहित 9 सदस्यीय फिल्म विकास निगम एडवाइजरी बोर्ड गठित* *रायपुर।* छत्तीसगढ़ शासन ने लम्बे समय से छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माताओं की मांग को देखते हुए फिल्म विकास निगम के अध्यक्ष की घोषणा से पहले एक एडवाइजरी कमेटी बनाई है, जिसमें भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक, फिल्म अभिनेता एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष राजेश अवस्थी को इस बोर्ड में सदस्य बनाया गया है। डॉ. रमन सिंह के तृतीय कार्यकाल में राजेश अवस्थी को अंतिम महीने में फिल्म विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया था। उसके बाद भूपेश बघेल की सरकार में इसमें नियुक्ति नहीं हुई थी। फिल्म निर्माताओं द्वारा लम्बे समय से पुनः मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस पर विचार कर नई नीति निर्धारण करने हेतु राजेश अवस्थी सहित 9 सदस्यों की यह कमेटी बनाई है। यह कमेटी फिल्म इंडस्ट्री के लिए जो आवश्यक सुविधाएँ होनी चाहिए, इस पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर सरकार को देगी। इसके बाद सरकार नए सुझावों को फिल्म नीति में लागू कर फिल्म विकास निगम के कार्यों को आगे बढ़ाने हेतु कार्य करेगी। राजेश अवस्थी छत्तीसगढ़ी एवं बॉलीवुड की फिल्मों में काफी लम्बे समय से सक्रिय हैं एवं उन्होंने बतौर अभिनेता एवं लाइन प्रोड्यूसर बहुत-सी फिल्मों, धारावाहिकों एवं वेब सीरीज में काम किया है। अन्य सदस्यों के अनुभव को देखते हुए यह निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है, कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार द्वारा प्रस्ताव मांगे जाने पर में फिल्म सिटी एवं नया रायपुर के लिए विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव लेकर संस्कृत विभाग के संचालक एवं पर्यटन के एमडी विवेक आचार्य गए थे। इस पर भी जल्द काम होने की संभावना है जिससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड फिल्मों की भी छत्तीसगढ़ में शूटिंग होने की संभावना है।
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24 अक्टूबर यानी आज गुरु पुष्य नक्षत्र सोना-चांदी सहित अन्य चीजों की खरीदारी करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।

दीपावली से 7 दिन पहले 24 अक्तूबर को गुरुवार के दिन यह नक्षत्र रहेगा. जब भी गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र होता है तो इसे गुरु पुष्य की संज्ञा दी जाती है.

इस दिन सोना-चांदी और अचल संपत्ति खरीदने से बहुत लाभ मिलता है. माना जाता है कि, इस नक्षत्र में आप जो भी चीज खरीदते हैं वो बरकत देती है. उससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पारिवारिक जीवन सुखमय बना रहता है.

पुष्य नक्षत्र में इनकी खरीदी स्थायी लाभ

  • अचल संपत्ति - मकान, प्लॉट, फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्ति।
  • चल संपत्ति - आभूषणों में सोना, चांदी, हीरा, प्लेटिनम के आभूषण।
  • ऑटोमोबाइल (चार पहिया वाहन, दोपहिया वाहन),
  • इलेक्ट्रिक दोपहिया-चार पहिया वाहन
  • इलेक्ट्राॅनिक सामान में फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, लैपटॉप, माइक्रोवेव ओवन आदि।

लक्ष्मी-नारायण की पूजा से समृद्धि

गुरु पुष्य योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन माता लक्ष्मी को खीर, दूध से बनी मिठाई और भगवान विष्णु को तुलसी दल, पंचामृत, गुड़ आदि का भोग लगाने का विधान है. कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. लक्ष्मी-नारायण की कृपा से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है.

बृहस्पति और शनि देव की बरसेगी कृपा

वहीं, गुरु पुष्य योग को आभूषण, गाड़ी, भूमि, भवन, गृह सामग्री फ्रिज, टीवी आदि खरीदना शुभ साबित होगी. अपने पसंदीदा सामान की इस दौरान खरीदारी कर घरों में खुशियां ला सकते हैं. शनि काे काल पुरुष की ऊर्जा और पुरुषार्थ की प्रेरणा का कारक माना जाता है, बृहस्पति को आध्यात्म, शिक्षा, ज्ञान और त्याग का कारक बताया गया है. पुष्य नक्षत्र के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी है. ऐसे में हर प्रकार के कार्य सिद्ध माने गए हैं. इसलिए सुख-सुविधा को देखते हुए खरीदी करने की मान्यता है.

नक्षत्रों का राजा है पुष्य नक्षत्र

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर गुरुवार होने से यह ‘गुरु पुष्य’ नक्षत्र कहलाएगा. धन की देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. गुरु पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों के समूह में राजा कहा जाता है. ज्योतिष गणना में पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति है.

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करवा चौथ वाले दिन महिलाओं को अपनी राशि के रंग के अनुसार साड़ियां पहननी चाहिए. ऐसा करने से उन्हें शुभ फल की प्राप्ति होगी.

  • मेष राशि की महिलाएं करवा चौथ के दिन गोल्डन रंग की साड़ी, लहंगा या सूटकर पूजा करें.
  • वृषभ राशि की महिलाओं का सिल्वर रंग के वस्त्र धारण करना शुभ रहेगा.
  • करवा चौथ के दिन मिथुन राशि की महिलाएं हरे रंग के वस्त्र धारण करें.
  • कर्क राशि के लिए करवा चौथ के दिन शुभ रंग लाल है.
  • सिंह राशि वालों के लिए लाल, ऑरेंज या गोल्डन रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं.
  • करवा चौथ के दिन कन्या राशि की महिलाएं लाल, हरी या गोल्डन रंग की साड़ी पहनें.
  • तुला राशि की महिलाएं लाल, गोल्डन या सिल्वर रंग के वस्त्र धारण करें.
  • वृश्चिक राशि की महिलाओं के लिए लाल रंग सबसे उत्तम माना जाता है. इस दिन आप महरून या गोल्डन रंग के कपड़े पहनकर पूजा कर सकती हैं.
  • धनु राशि की महिलाओं को आसमानी या पीले रंग के वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है.
  • मकर राशि वालों के लिए नीला रंग शुभ माना जाता है.
  • कुंभ राशि की महिलाएं नीले रंग या सिल्वर कलर के वस्त्र धारण कर सकती हैं.
  • मीन राशि की महिलाएं पीले या गोल्डन कलर के कपड़े पहनकर पूजा करें. मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
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श्रेया कुलकर्णी: 'लाई अवदतेस तू माला' में मीनल को जीवंत करना

मराठी टेलीविजन पर नवीनतम ड्रामा 'लाई अवदतेस तू माला' के साथ एक नाटकीय बदलाव देखने को मिलने वाला है, जिसे वर्तमान में नासिक के सुरम्य शहर में फिल्माया जा रहा है। इस रोमांचक प्रोजेक्ट की कमान प्रतिभाशाली अभिनेत्री श्रेया कुलकर्णी के हाथों में है, जो निराश और असंतुष्ट गृहिणी मीनल की जटिल भूमिका निभा रही हैं।

श्रेया कुलकर्णी नासिक में अपने आउटडोर शूट के अनुभव का भरपूर आनंद ले रही हैं, शहर के सुहाने मौसम और तरोताज़ा माहौल की तारीफ़ कर रही हैं। उन्होंने कहा, "यहाँ का मौसम बहुत अच्छा और ठंडा है, जो इसे शूटिंग के लंबे दिन के लिए एकदम सही बनाता है।" अपने ऐतिहासिक त्र्यंबकेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध नासिक, शो के हल्के-फुल्के लेकिन आकर्षक पारिवारिक कथानक के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि प्रदान करता है।

'लाई अवदतेस तू माला' में श्रेया कुलकर्णी मीनल का किरदार निभाती हैं, जो उच्च उम्मीदों वाली एक बहुमुखी किरदार है और कुछ हद तक ग्रे शेडेड व्यक्तित्व वाली है।  अपने पति के वित्तीय संघर्षों और खुद की फिजूलखर्ची की आदतों से मीनल का असंतुष्ट होना तनाव पैदा करता है, जिससे कहानी को आकर्षक बनाया जा सकता है। श्रेया ने कबूल किया, "मैं नकारात्मक भूमिकाएँ निभाने में बहुत बेहतर हूँ; जटिल किरदारों को जीवंत करने में मेरी अभिनय क्षमता निखर कर आती है।"

'लाई अवदेस तू माला' श्रेया कुलकर्णी का 17वाँ धारावाहिक है, जिसमें उनकी प्रभावशाली रेंज और अनुभव को दिखाया गया है। मुंबई में लगभग एक दशक की यात्रा के साथ, उन्होंने टीवी शो, वेब सीरीज़ और गानों में विभिन्न भूमिकाएँ निभाते हुए, उद्योग में आसानी से काम किया है। उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा अविश्वसनीय रही है, और मैं अवसरों के लिए आभारी हूँ।"

श्रेया कुलकर्णी ने जसवंद प्रोडक्शंस की प्रशंसा की, टीम के व्यावसायिकता और सहायक माहौल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "टीम शानदार है, जिसने इस आउटडोर शूट को एक सुखद अनुभव बना दिया।"  'श्रेया कुलकर्णी: लाई अवदतेस तू माला में मीनल को जीवंत करना'

मराठी टेलीविजन पर नवीनतम ड्रामा 'लाई अवदतेस तू माला' के साथ एक नाटकीय बदलाव देखने को मिलने वाला है, जिसे वर्तमान में नासिक के सुरम्य शहर में फिल्माया जा रहा है। इस रोमांचक परियोजना की कमान प्रतिभाशाली अभिनेत्री श्रेया कुलकर्णी के हाथों में है, जो निराश और असंतुष्ट गृहिणी मीनल की जटिल भूमिका निभा रही हैं।

श्रेया कुलकर्णी नासिक में अपने आउटडोर शूट के अनुभव का भरपूर आनंद ले रही हैं, शहर के सुहाने मौसम और तरोताज़ा माहौल की तारीफ़ कर रही हैं। उन्होंने कहा, "यहाँ का मौसम बहुत अच्छा और ठंडा है, जो इसे शूटिंग के लंबे दिन के लिए एकदम सही बनाता है।" अपने ऐतिहासिक त्र्यंबकेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध नासिक, शो के हल्के-फुल्के लेकिन आकर्षक पारिवारिक कथानक के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि प्रदान करता है।

'लाई अवदतेस तू माला' में श्रेया कुलकर्णी मीनल का किरदार निभाती हैं, जो उच्च उम्मीदों वाली एक बहुमुखी किरदार है और कुछ हद तक ग्रे शेडेड व्यक्तित्व वाली है।  अपने पति के आर्थिक संघर्षों और खुद की फिजूलखर्ची की आदतों से मीनल का असंतुष्ट होना तनाव पैदा करता है, जिससे कहानी को आकर्षक बनाया जा सकता है। श्रेया ने कबूल किया, "मैं नकारात्मक भूमिकाएँ निभाने में बहुत बेहतर हूँ; जटिल किरदारों को जीवंत करने में मेरी अभिनय क्षमता निखर कर आती है।"

'लाई अवदेस तू माला' श्रेया कुलकर्णी का 17वाँ धारावाहिक है, जिसमें उनकी प्रभावशाली रेंज और अनुभव को दिखाया गया है। मुंबई में लगभग एक दशक की यात्रा के साथ, उन्होंने टीवी शो, वेब सीरीज़ और गानों में विभिन्न भूमिकाएँ निभाते हुए, उद्योग में आसानी से काम किया है। उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा अविश्वसनीय रही है, और मैं अवसरों के लिए आभारी हूँ।"

श्रेया कुलकर्णी ने जसवंद प्रोडक्शंस की प्रशंसा की, टीम के व्यावसायिकता और सहायक माहौल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "टीम शानदार है, जिससे यह आउटडोर शूट एक सुखद अनुभव बन गया है।"

'लाई अवदेस तू माला' मराठी दर्शकों को लुभाने के लिए तैयार है, श्रेया कुलकर्णी द्वारा मीनल का किरदार निभाना एक बेहतरीन प्रदर्शन होने का वादा करता है।  जटिल किरदार निभाने में उनकी विशेषज्ञता के साथ, यह भूमिका एक स्थायी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। श्रेया कलर्स मराठी के साथ दूसरी बार काम करेंगी, क्योंकि पहली बार उन्होंने धारावाहिक “जय जय स्वामी समर्थ” के साथ काम किया था।

विशेष अपडेट के लिए सोशल मीडिया पर श्रेया कुलकर्णी को फॉलो करें' मराठी दर्शकों को लुभाने के लिए तैयार, मीनल का किरदार निभाने वाली श्रेया कुलकर्णी का प्रदर्शन एक बेहतरीन प्रदर्शन होने का वादा करता है। जटिल किरदार निभाने में उनकी विशेषज्ञता के साथ, यह भूमिका एक स्थायी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। श्रेया कलर्स मराठी के साथ दूसरी बार काम करेंगी, क्योंकि पहली बार उन्होंने धारावाहिक “जय जय स्वामी समर्थ” के साथ काम किया था।

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हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग बहुत पसंद है. ऐसा माना जाता है कि इससे घर में शांति आती है और मंगल दोष मिटता है.

  • गुड़ और चना: हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग बहुत पसंद है. ऐसा माना जाता है कि इससे घर में शांति आती है और मंगल दोष मिटता है. 
     
     
  • बूंदी: हनुमान जी को बूंदी और बूंदी से बने लड्डू का भोग लगाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि बूंदी का भोग लगाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. 
     
     
  • इमरती: हनुमान जी को इमरती का भोग भी बहुत पसंद है. ऐसा माना जाता है कि इमरती का भोग लगाने से भक्त को हनुमान जी के साथ-साथ सभी देवी-देवताओं की प्राप्ति होती है. 
     
     
  • पान का बीड़ा: हनुमान जी को मीठा पान का भोग लगाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इससे काम बनते हैं और दुश्मन से छुटकारा मिलता है. 
     
     
  • केला: हनुमान जी को केला बहुत पसंद है. इसके छिलके को उनकी शक्ति और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है. 
     
     
  • रतालू की सब्ज़ी: हनुमान जी को रतालू की सब्ज़ी भी पसंद है. 
     
     
  • तुलसी के पत्ते: हनुमान जी को तुलसी के पत्ते भी चढ़ाए जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे उनकी विशेष कृपा बरसती है [ 
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दशहरे पर बेहद शुभ है इस पक्षी का दिखना

दशहरा पर नीलकंठ को देखने का धार्मिक महत्वपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे के दिन यदि किसी को नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो जाएं तो यह बेहद शुभ माना जाता है. भाग्योदय होता है. घर से दरिद्रता दूर हो सकती है. यदि आप भी चाहते हैं कि आपको नीलकंठ पक्षी दिख जाए तो आप अपने आंगन, घर की छत पर जाकर आसमान में देख सकते हैं.

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इस दुर्गा पूजा इन 10 टेस्टी बंगाली पकवानों को मिस करना नहीं चाहेंगे आप! यहां देखें

क्या है दुर्गा पूजा का अर्थ

दुर्गा पूजा का अर्थ है पंडाल सजाना, संगीत, नए कपड़े पहनना, करीबी दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ गपशप और ढेर सारा अच्छा खाना। किसी भी बंगाली के लिए, दुर्गा पूजा एक सपने की तरह होता है जिसे वे पूरी तरह से खुशी, हंसी, सकारात्मक ऊर्जा, गर्मजोशी और प्यार के साथ मनाते हैं। इस दुर्गा पूजा में फूड हमेशा से एक प्रमुख हिस्सा रहा है, इस दस दिनों में भोजन क्या और कैसा होना चाहिए इसको लेकर कोई सख्त नियम नहीं है, आप जब भी किसी पंडाल में दुर्गा मां के दर्शन करने जाते है तो अक्सर आपकी नजर खाने पर गई होगी, पंडाल में शाकाहारी व्यंजन, मांसाहारी व्यंजन, स्नैक्स, मिठाइयाँ और कई अन्य खानों का मजा लिया होगा।आमतौर पर, दुर्गा पूजा में पश्चिम बंगाल के लोग घर पर ज्यादा खाना नहीं बनाते हैं जबकि बंगाली रेस्तरां में बंगाली खाना खाना पसंद करते हैं। लेकिन जो लोग राज्य के बाहर रह रहे हैं या ऐसे स्थान पर जहां बंगाली रेस्तरां आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, वे पारंपरिक बंगाली भोजन, विशेष रूप से लोकप्रिय दुर्गा पूजा व्यंजनों को घर पर पकाना पसंद करते हैं। 

 

कोरोना महामारी के कारण इस बार दुर्गा पूजा उत्सव बिल्कुल अलग होने जा रहा है। हालांकि उत्सव का तरीका थोड़ा बदल जाएगा, लेकिन यह महामारी हमें इन सुनहरे दिनों में खुश रहने से नहीं रोक सकती है। इसी को देखते हुए आज हम पेश कर रहे है आपकी दुर्गा पूजा को खास बनाने के लिए कुछ टेस्टी फेड जो खासकर दुर्गा पूजा के अवसर पर खाए और बनाए जाते है।

1. बसंती पुलाव

बसंती पुलाव एक शुद्ध बंगाली व्यंजन है और पूर्वी भारत में सबसे प्रसिद्ध पुलाव चावल की रेसिपी में से एक है। यह एक सुगंधित मीठे चावल का व्यंजन है जिसे मिष्टी पुलाव के नाम से भी जाना जाता है। यह दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों द्वारा सबसे अधिक बार तैयार की जाने वाली पुलाव रेसिपी में से एक है। इसे आप दुर्गा पूजा के अवसर पर जरूर टेस्ट करें। बसंती पुलाव कुछ साबुत मसालों, पिसे हुए मसाले, अदरक के पेस्ट और सूखे मेवों के साथ चावल में मिलाकर तैयार किया जाता है। इसे ज्यादातर चिकन करी या मटन करी के साथ परोसा जाता है। 

2. दोई इलिश

 

दोई इलिश एक बंगाली मछली डिश है जिसका स्वाद काफी टेस्टी होता है। इसमें हिल्सा मछली के टुकड़ों को दही-सरसों की चटनी में कुछ हरी मिर्च और सरसों के तेल के साथ स्टीम किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि यह स्वादिष्ट व्यंजन बहुत जल्दी और आसानी से बनने वाली रेसिपी है। इस स्वाद वाली फिश करी को गरमा गरम बासमती चावल के साथ परोसा जाता है। हिल्सा बंगालियों में सबसे लोकप्रिय मछली है। इसलिए, दोई इलिश  दुर्गा पूजा के भोजन को एक बार तो तो टेस्ट करना बनात ही है।

3. आलू दिए मुरगीर झोले

आलू दिए मुर्गीर झोल उर्फ होमस्टाइल चिकन करी एक रसीला और टेस्टी चिकन करी रेसिपी है। एक बंगाली के लिए, चिकन करी में आलू के बड़े टुकड़े डालना बहुत जरूरी होता है। इस व्यंजन में चिकन के टुकड़ों की हड्डी को मसालेदार प्याज-टमाटर की ग्रेवी में पकाया जाता है। हर बंगाली घर में, इसे दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान कम से कम एक बार तैयार किया जाता है। आलू दिए मुर्गीर झोल को ज्यादातर सादे चावल या बंगाली मिष्टी पुलाव के साथ खाया जाता है। 

4. आलू पोस्टो

आलू पोस्टो एक शुद्ध बंगाली व्यंजन है और सबसे मनोरम बंगाली शाकाहारी व्यंजनों में से एक है। बंगालियों को पोस्‍टो रेसिपी से अटूट लगाव है। आलू पोस्टो इसका बेहतरीन उदाहरण है।इसमें पोस्ता के पेस्ट, हरी मिर्च और कुछ मसालों के साथ आलू का मिश्रण शामिल होता है। यह बंगालियों के बीच बेहद लोकप्रिय शुद्ध शाकाहारी व्यंजन है और दुर्गा पूजा के अवसर पर इस डिश को जरूर आजमाना चाहिए। यह ज्यादातर सादा बासमती चावल या रोटी, पराठे के साथ परोसा जाता है।  

5. रसगुल्ला

रसगुल्ला या रसगुल्ला बंगाल में सबसे प्रसिद्ध और शानदार मिठाइयों में से एक है। कट्टर बंगाली के लिए कोई भी आयोजन, त्योहार या अवसर विशेष रूप से दुर्गा पूजा रसगुल्ला के बिना अधूरी है। यह एक स्वादिष्ट नरम, स्पंजी और रसदार मिठाई है जहाँ छेना बॉल्स (भारतीय कॉटेज चीज़ बॉल्स) को हल्की चीनी की चाशनी में पकाया जाता है। रसगुल्ला के बारे में बात करते समय हर बंगाली हमेशा खुशी महसूस करता है। 

6. चनार कोरमा

चनार कोरमा एक शुद्ध बंगाली व्यंजन है। इस रेसिपी में होममेड इंडियन कॉटेज चीज़ नगेट्स को नारियल-काजू के पेस्ट में मटर, व्हीप्ड दही और कुछ मसालों के साथ पकाया जाता है। यह एक शुद्ध शाकाहारी बिना प्याज-लहसुन की रेसिपी है और पूजा के दिनों के लिए एकदम सही है। बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान इस रसीले व्यंजन को ज्यादातर बसंती पुलाव के साथ खाया जाता है। 

7. रुई माचेर कालिया

रुई माचेर कालिया या मछली कालिया मछली का एक अनूठा बंगाली नुस्खा है जो बंगाल और पूर्वी भारत के उपमहाद्वीपों में बेहद लोकप्रिय है। कोई भी बंगाली शादी समारोह या विशेष त्योहार मछली कालिया के बिना अधूरा है। यह अपनी समृद्ध बनावट, अनूठे स्वाद और असाधारण स्वाद के लिए जाना जाता है। इस व्यंजन में तली हुई रोहू मछली के टुकड़ों को मसालेदार प्याज-टमाटर और दही की ग्रेवी में उबाला जाता है। यह स्वादिष्ट स्वाद ज्यादातर उबले हुए बासमती चावल के साथ खाया जाता है। 

8. बरिशाली इलिश

बरिशली इलिश एक रसीला बंगाली मछली करी है जो पश्चिम बंगाल में बेहद लोकप्रिय है। यह बंगालियों के बीच सबसे पसंदीदा हिलसा मछली व्यंजनों में से एक है जहां नारियल और दही-सरसों की चटनी में  हिल्सा के टुकड़े उबाले जाते हैं। बरिशली इलिश ने कई प्रसिद्ध रेस्तरां के मेनू कार्ड में बहुत मंहगा बिकता है। यह एक असाधारण स्वाद वाला बंगाली माचर झोल है और इसे हमेशा सादे चावल के साथ खाया जाता है। यह सबसे लोकप्रिय  दुर्गा पूजा व्यंजनों में से एक है जिसे हर बंगाली पूजा के दिनों में अपने दोपहर के भोजन में पसंद करता है। 

9. बंगाली सब्जी चॉप

वेजिटेबल चॉप एक बेहद लोकप्रिय बंगाली स्नैक रेसिपी है जो बंगाल के लगभग हर कोने में बेची जाती है, जिसमें स्ट्रीट फूड वेंडर से लेकर लोकप्रिय रेस्तरां तक शामिल हैं। यह बिना प्याज के लहसुन की रेसिपी है और इसलिए पूजा के दिनों में अत्यधिक मांग वाले स्नैक व्यंजनों में से एक है। वेजिटेबल चॉप रेसिपी में चुकंदर, गाजर, उबले हुए आलू, भाजा मसाला के साथ कुछ मसालों का मिश्रण होता है। इस क्रिस्पी डिप को हमेशा प्याज-ककड़ी सलाद और  टोमैटो केचप के साथ नाश्ते के रूप में परोसा जाता है। 

10. मुरी घोंटो

मुरी घोंटो एक बेहद स्वादिष्ट बंगाली रेसिपी है। इस रेसिपी में, क्रिस्पी फ्राइड फिश हेड को सुगंधित चावल और कुछ विशिष्ट मसालों में आलू के साथ पकाया जाता है। 'मुरी' शब्द मछली के सिर के लिए है और 'घोंटो' का अर्थ है भावपूर्ण करी। यह मछली के सिर के साथ एक क्लासिक बंगाली रेसिपी है और दुर्गा पूजा रेसिपी को भी ज़रूर ट्राई करें। गरमा गरम स्टीम्ड राइस के साथ यह एक आदर्श पक्ष है। मुरी घोंटो अपने आप में एक बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन है। 

 

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नवरात्रि में कर लें ये अचूक उपाय, माता रानी हर परेशानी से दिलाएंगी छुटकारा

अगर आपको संतान प्राप्ति नहीं हो रही है, तो आज आप लौंग और कपूर में अनार के दाने मिला कर मां दुर्गा को आहुति देने से संतान सुख की प्राप्ति होगी। आहुति से पहले सामग्री पर पांच माला बाधा निवारण मंत्र जरूर पढ़ें। मंत्र है- सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।

अगर आपका कारोबार ठीक से नहीं चल रहा है तो आज आप लौंग और कपूर में अमलताश के फूल मिलाये, अगर अमलताश नहीं है तो कोई भी पीला फूल मिलाये। फिर मां दुर्गा को आहुति दें। आहुति से पहले सामग्री पर बाधा निवारण मंत्र की एक माला जप करें। मंत्र है- सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।

अगर आपके परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो तो 152 लौंग और 42 कपूर के टुकड़े लें इसमे नारियल की गिरी सहद और मिश्री मिला लें और इससे हवन करें। बता दूँ किआहुति से पहले सामग्री पर बाधा निवारण मंत्र की पांच माला जप करें। मंत्र है- सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।

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उपवास के दौरान बनाने के लिए कुछ स्वादिष्ट नवरात्रि व्यंजन

साबूदाना खिचड़ी

साबूदाना या टैपिओका मोतियों से बनी साबूदाना खिचड़ी एक बहुत लोकप्रिय उपवास में इस्तेमाल किया जाने वाला खाद्य पदार्थ है। यह पचने में आसान है और एनर्जी का अच्छा स्रोत है। आलू, मूंगफली, घी, हरी मिर्च के साथ स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी की एक प्लेट बनाएं। पौष्टिक नाश्ते या दोपहर के भोजन के लिए मसालेदार छाछ के साथ लें।

 

 

साबूदाने की खिचड़ी

साबूदाने की खिचड़ी

 

 

कद्दू की सब्जी

स्वादिष्ट स्वाद के लिए नवरात्रि के दौरान दोपहर के भोजन या रात के खाने में कद्दू की सब्जी बनाएं। यह एक मीठी और मसालेदार करी से पहले कद्दू को साफ करें और क्यूब्स में काट लें। कुकर में तेल गरम करें और साबुत मसाले जैसे जीरा, लाल मिर्च पाउडर आदि भून लें, फिर कद्दू को भून लें, पानी डालें और प्रेशर कुकर बंद कर दें। पकने के बाद, डिश में नमक और मसाला पाउडर डालें और इसे मैश करके स्वादिष्ट प्यूरी जैसी करी बना लें। राजगिरा, कुट्टू आदि आटे से बनी पूरियों के साथ इसका आनंद लें।

कद्दू की सब्जी

कद्दू की सब्जी

 

अरबी करी

अरबी करी बनाने के लिए तारो या अरबी को साफ किया जाता है, उबाला जाता है और लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, जीरा आदि जैसे मसालों के साथ पकाया जाता है। इसके बाद हरी मिर्च और अदरक के साथ टमाटर का पेस्ट बनाया जाता है जिसे दोपहर के भोजन या रात के खाने में पूड़ी या परांठे के साथ खाया जा सकता है। यह एक काफी ज्यादा स्वादिष्ट करी है।

अरूई की सब्जी

अरूई की सब्जी

 

कढ़ी और समा चावल

कढ़ी एक स्वादिष्ट दही आधारित व्यंजन है जो हरी मिर्च, हल्दी पाउडर, जीरा और सरसों के बीज से बनाया जाता है। कढ़ी को अक्सर तले हुए पकौड़े या वड़े या पकौड़े के साथ परोसा जाता है। कढ़ी को पूड़ी या चावल के साथ भी खाया जा सकता है। हालाँकि, चावल का सेवन नवरात्रि के दौरान नहीं किया जा सकता है, इसलिए समा के चावल इसका एक अच्छा विकल्प है, जिसे कढ़ी के साथ खाया जा सकता है।

कढ़ी और समा चावल

कढ़ी और समा चावल

 

साबूदाना वड़ा

साबूदाना वड़ा शाम का उत्तम नाश्ता है। इसका मीठा और नमकीन स्वाद और कुरकुरा बनावट का आनंददायक व्यंजन है। साबूदाना , मसले हुए आलू और मूंगफली से बनाया जाता है। साबूदाना वड़ा का सेवन केचप या पुदीना चटनी के साथ किया जा सकता है।

 

साबूदाना वड़ा

साबूदाना वड़ा

 

कुट्टू का पराठा

कुट्टू का पराठा एक मोटी फ्लैटब्रेड है जो उपवास का प्रमुख व्यंजन है। अधिकांश आटे का उपयोग व्रत के दौरान नहीं किया जा सकता है, केवल कुछ चुनिंदा आटे जैसे कुट्टू और अमरनाथ का उपयोग पूड़ी या परांठे जैसे फ्लैटब्रेड बनाने के लिए किया जाता है। यह फ्लैटब्रेड कुट्टू के आटे या कुट्टू के आटे से बनाई जाती है और यह नाश्ते या दोपहर के भोजन के लिए एक बढ़िया व्यंजन है।

 

 

कुट्टू का पराठा

कुट्टू का पराठा

 

आलू पनीर कोफ्ता

सबसे पसंदीदा ऐपेटाइजर में से एक, पनीर कोफ्ता को नवरात्रि के दौरान उपवास के लिए बनाया जा सकता है। कॉर्नफ्लोर के बजाय, अमरनाथ या कुट्टू के आटे के साथ पनीर, लाल मिर्च पाउडर, उबले आलू, काली मिर्च पाउडर, ताजा धनिया पत्ती आदि का उपयोग करें। सभी सामग्री को एक साथ अच्छी तरह मिलाकर आटा गूंथ लें। इसके बाद गेंद के आकार की मात्रा लें और उन्हें कोफ्ते का आकार दें। कुरकुरे और स्वादिष्ट व्यंजन के लिए डीप-फ्राई करें।

 

आलू पनीर कोफ्ता

आलू पनीर कोफ्ता

 

केला कबाब

केला कबाब एक तला हुआ नाश्ता है, जो आपके पेट को भर सकता है। केले के कबाब हरी मिर्च, ताजा धनिया पत्ती, छिलके वाले केले, सेंधा नमक, अदरक, एक प्रकार का अनाज का आटा, नींबू का रस और घी के साथ बनाए जाते हैं। आटा बनाने के लिए उबले हुए केले को अन्य सभी सामग्रियों के साथ मिलाया जाता है। इस आटे का उपयोग कबाब बनाने के लिए किया जाता है जिसे बाद में एक शानदार नाश्ते के लिए घी में तल लिया जाता है।

केला-कबाब

केला-कबाब

 

सामा चावल की खीर

सामा या बार्नयार्ड बाजरा, नवरात्रि के दौरान पकाए गए चावल का एक लोकप्रिय विकल्प है क्योंकि इसमें सफेद चावल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। समा चावल की खीर चीनी, इलायची, केसर और सूखे मेवों से बनाई जाती है। इस आसानी से बनने वाली रेसिपी को बनाने में केवल 30 मिनट का समय लगता है और यह पूरी तरह से ग्लूटेन-मुक्त है जिससे इसे पचाना भी आसान हो जाता है।

 

सामा चावल की खीर

सामा चावल की खीर

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नितेश तिवारी ने इज़हार-ए-इश्क के साथ 2024 CMA अवार्ड्स में अपनी चमक बिखेरी

उत्सव और सम्मान से भरी रात में, नितेश तिवारी अपने असाधारण एल्बम इज़हार-ए-इश्क के लिए प्रतिष्ठित 2024 CMA अवार्ड्स में एक असाधारण विजेता के रूप में उभरे। तिवारी की उल्लेखनीय कलात्मकता को दो प्रमुख श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जिसमें सर्वश्रेष्ठ एल्बम और ग़ज़ल श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ संगीतकार दोनों का पुरस्कार जीता, जिससे भारतीय संगीत उद्योग में एक अग्रणी रचनात्मक शक्ति के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई।

CMA अवार्ड्स में अपनी जीत पर तिवारी की प्रतिक्रिया कृतज्ञता और भावना से भरी हुई थी। उन्होंने अपने करियर में सम्मान के महत्व को व्यक्त करते हुए अपनी हार्दिक प्रतिक्रिया साझा करने के लिए अपने सोशल मीडिया चैनलों का सहारा लिया। उन्होंने कहा, "गज़ल श्रेणी में इज़हार-ए-इश्क के लिए सर्वश्रेष्ठ एल्बम और सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार प्राप्त करना वास्तव में विनम्र है।" "यह मान्यता एक संगीत निर्देशक के रूप में मेरे काम में मेरे जुनून और समर्पण की पुष्टि करती है। मैं अपने परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों का दिल से आभारी हूँ जो मेरी यात्रा का हिस्सा रहे हैं। खास तौर पर मेरी टीम और सभी खूबसूरत गायक जिन्होंने इस एल्बम में अपनी मधुर आवाज़ दी है। यह पुरस्कार हम सभी का है और मैं इस खूबसूरत संगीत यात्रा को साथ-साथ जारी रखने के लिए उत्सुक हूँ।” अपने स्वीकृति भाषण में, तिवारी ने अपने एल्बम की सहयोगी प्रकृति पर प्रकाश डाला, इज़हार-ए-इश्क की सफलता का श्रेय गायकों की प्रतिभाशाली लाइनअप और एल्बम की नौ आकर्षक ग़ज़लों के पीछे गीतकार एस. फ़हीम अहमद की काव्य प्रतिभा को दिया। एल्बम में हर योगदानकर्ता की भूमिका के लिए उनकी स्वीकृति तिवारी की विनम्रता और संगीत सृजन की कला के प्रति सम्मान को दर्शाती है। इज़हार-ए-इश्क एक सम्मोहक एल्बम है जो ग़ज़ल शैली की कालातीत अपील का एक वसीयतनामा है। अपनी गहरी गीतात्मक सामग्री और समृद्ध संगीत व्यवस्था के साथ, एल्बम समकालीन बारीकियों के साथ शास्त्रीय तत्वों को बुनने की तिवारी की क्षमता को दर्शाता है। संग्रह की प्रत्येक ग़ज़ल एक अनूठी कथा प्रस्तुत करती है, जो प्रेम, लालसा और दिल टूटने के विषयों की खोज करती है - सार्वभौमिक भावनाएँ जो श्रोताओं के साथ गहराई से जुड़ती हैं।

तिवारी ने गायकों के एक शानदार समूह के साथ सहयोग किया, जिसमें जैज़िम शर्मा, हेमंत बृजवासी, अभय जोधपुरकर, मीनल जैन, पृथ्वी गंधर्व, हरमन नाज़िम और **शहज़ाद अली शामिल हैं। इन कलाकारों ने अपनी विशिष्ट गायन शैली को इस परियोजना में लाया, जिससे इसकी विविध ध्वनि और भावनात्मक गहराई में वृद्धि हुई। प्रत्येक ट्रैक अपने आप में एक यात्रा है, जो ग़ज़ल परंपरा की विशेषता वाले राग और कविता के जटिल मिश्रण को दर्शाती है।

सीएमए अवार्ड्स में एल्बम की सफलता न केवल एक संगीतकार के रूप में तिवारी की भूमिका को स्वीकार करती है, बल्कि समकालीन भारत में ग़ज़ल संगीत की सुंदरता पर भी प्रकाश डालती है। इज़हार-ए-इश्क के साथ, तिवारी इस क्लासिक शैली में रुचि को पुनर्जीवित करने में कामयाब रहे हैं, जिससे यह अपने पारंपरिक सार को संरक्षित करते हुए युवा दर्शकों के लिए सुलभ हो गया है।

रेडियोएंडम्यूजिक डॉट कॉम द्वारा आयोजित सीएमए अवार्ड्स ने 2024 में अपना चौथा संस्करण मनाया, जिसमें जून 2023 से जून 2024 की अवधि में भारतीय संगीत उद्योग में उपलब्धियों का सम्मान किया गया। स्वतंत्रता और विश्वसनीयता की प्रतिष्ठा के साथ, सीएमए अवार्ड्स संगीत में सर्वश्रेष्ठ को पहचानने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गए हैं, जिसमें 50 से अधिक श्रेणियां शामिल हैं जिनमें कलाकार, गीतकार, संगीतकार और बैंड जैसी विभिन्न शैलियाँ और भूमिकाएँ शामिल हैं।

पुरस्कार समारोह एक स्टार-स्टडेड इवेंट था, जिसमें संगीत उद्योग की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किए, जिसमें भारतीय संगीत की प्रतिभा और विविधता को दिखाया गया। CMA अवार्ड्स केवल उत्कृष्टता की मान्यता से कहीं अधिक हैं - वे उन कलाकारों के साहस, रचनात्मकता और लचीलेपन का प्रतिनिधित्व करते हैं जो सीमाओं को लांघ रहे हैं और संगीत के परिदृश्य को बदल रहे हैं।

2024 CMA अवार्ड्स में नितेश तिवारी की जीत न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि ग़ज़ल संगीत की पूरी शैली की जीत भी है। पॉप और बॉलीवुड संगीत के वर्चस्व वाले युग में, तिवारी का इज़हार-ए-इश्क ग़ज़लों की चिरस्थायी सुंदरता की याद दिलाता है। अपनी रचनाओं के माध्यम से, तिवारी ने एक ऐसी शैली में नई जान फूंकी है जो भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है, फिर भी मुख्यधारा के संगीत में अक्सर इसे अनदेखा कर दिया जाता है। एस. फहीम अहमद द्वारा प्रदान की गई गीतात्मक गहराई प्रत्येक रचना में अर्थ की परतें जोड़ती है, जिससे इज़हार-ए-इश्क एक चिंतनशील और भावनात्मक रूप से समृद्ध एल्बम बन जाता है। तिवारी का संगीत, अहमद की भावपूर्ण कविता के साथ मिलकर एक ऐसा सुनने का अनुभव बनाता है जो सुखदायक और विचारोत्तेजक दोनों है। एल्बम की सफलता इस बात का प्रमाण है कि तेजी से बदलते संगीत उद्योग में भी, कलात्मकता और परंपरा के लिए अभी भी जगह है। इज़हार-ए-इश्क की सफलता के साथ, नितेश तिवारी ने ग़ज़ल शैली में गुणवत्ता और रचनात्मकता के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है। परंपरा और नवीनता के बीच संतुलन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें उद्योग में एक सम्मानित व्यक्ति बना दिया है, और एक संगीतकार के रूप में उनकी यात्रा ऐसी है जिसे संगीत प्रेमी करीब से देखेंगे। प्रशंसक और आलोचक दोनों ही यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि तिवारी आगे क्या बनाते हैं। क्या वह ग़ज़ल की दुनिया में आगे बढ़ना जारी रखेंगे, या वे नई विधाओं और विषयों में कदम रखेंगे? वह जो भी रास्ता चुनें, एक बात तो तय है - तिवारी का समर्पण

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बॉलीवुड एक्टर गोविंदा को लगी गोली, हालात गंभीर, अस्पताल में इलाज जारी

GOVINDA :  बॉलीवुड एक्टर गोविंदा से जुड़ी बुरी खबर सामने आई है। एक्टर को गोली लग गई है। बताया जा रहा है कि उनकी ही बंदूक से पैर में गोली लगी है। सुबह 4.45 बजे की घटना बताई जा रही है। सुबह कही जाने के लिए एक्टर घर से निकल रहे थे उसी समय गलती से मिस फायर हुआ और वो घायल हो गए। इसके तुरंत बाद उन्हें आनन-फानन में क्रिटी केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक गोली चलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि गोविंदा की बंदूक को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल गोविंदा के पैर से काफी खून बह गया है, जिससे उनकी हालत खराब बताई जा रही है। बिगड़ी हालत को देखते हुए फिलहाल उन्हें अंधेरी के क्रिटी केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल ऑपरेशन कर के गोली निकाल दी गई है और एक्टर अभी भी ICU में हैं।

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जल्द ही आ रहा है: हमरे बियाह के दिया - प्यार और संस्कृति का उत्सव!

प्रोडक्शन कंपनी: हाईफ़ी हाय क्रिएशन

निर्माता: पी एन ए वी एस
निर्देशक: मनोहर भोसले
फोटोग्राफी निर्देशक (डीओपी): विकास पांडे
कास्टिंग डायरेक्टर: कमलेश गौतम
फिल्म का शीर्षक: हमरे बियाह के दिया 

शैली: भोजपुरी फिल्म
पूरे भारत में रिलीज़ की तारीख: मार्च 2025
कलाकारों में शामिल हैं:
- पलक पांडे
- गुलशन पांडे
- नीलम पांडे
- प्रमोद टेक्सास
- ज्योति पटेल
- अजित विक्रांत
शूटिंग स्थान:
फिल्म की शूटिंग विभिन्न स्थानों पर की गई है, जिनमें शामिल हैं:
- लखनऊ
- नोएडा
- दिल्ली
- झारखंड
- गोरखपुर

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हमरे बियाह के दिया भोजपुरी फिल्म उद्योग में एक आकर्षक अतिरिक्त होने के लिए तैयार है, जो जीवंत संस्कृति और समृद्ध इस क्षेत्र में निहित कहानी कहने की कला। मनोहर भोसले द्वारा निर्देशित और हाईफ़ी हाय क्रिएशन बैनर के तहत पी एन ए वी एस द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म एक आकर्षक कहानी पेश करने का वादा करती है, जिसे प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा पूरक बनाया गया है। मार्च 2025 में अखिल भारतीय रिलीज़ के साथ, दर्शक एक रोमांचक सिनेमाई अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं

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भारत के पहले सर्विस प्रोवाइडर ऐप "मल्टीप्लेक्स प्ले ओटीटी" के नए कार्यालय का मुम्बई में भव्य उद्घाटन

एडवोकेट शैलेश दूबे, ऎक्टर आनंद बलराज, अली खान, राजा कॉपसॆ सहित कई हस्तियां हुईं शामिल 

इंडिया के ऐसे पहले ओटीटी "मल्टीप्लेक्स प्ले" की ऑफिस का मुम्बई के रिलायबल बिजनस सेंटर में उद्घाटन किया गया जो सर्विस प्रोवाइडर है। इसके संस्थापक रेहान अली बिहार के मोतिहारी जिला के रहने वाले हैं। वह इंजीनियर हैं लेकिन तकनीकी क्षेत्र में माहिर होने और फिल्मों का शौक होने की वजह से वह बॉलीवुड इंडस्ट्री में आ गए। मल्टीप्लेक्स प्ले एप्प के नए कार्यालय की ओपनिंग के शुभ अवसर पर एडवोकेट शैलेश दूबे, आनंद बलराज ऎक्टर, अली खान, राजा कॉपसॆ, ताहिर कमाल खान, सनी चार्ल्स, निर्माता निर्देशक डॉ कृष्णा चौहान, कृष्ण शर्मा सहित कई हस्तियां मेहमान के रूप में हाज़िर रहीं। एडवोकेट शैलेश दूबे के शुभ हाथों से फीता काटकर ऑफिस का शुभारंभ किया गया।

इस शुद्ध देसी ओटीटी ऐप के संचालन के लिए फाउंडर रेहान अली ने शाहनवाज़ खान, सिकन्दर खान, ज़ुबैर सिद्दीकी, मुश्ताक खान, नूर अली अंसारी, दीपक राज का विशेष आभार जताया।

संस्थापक रेहान अली ने 
तीन चार साल के अध्ययन, रिसर्च और मेहनत के बाद मल्टीप्लेक्स प्ले ओटीटी लांच किया है, जो अपनी तरह का भारत का पहला सर्विस प्रोवाइडर ऐप है जो मेक इन इंडिया के अभियान को बुलंदी देता है।

बॉलीवुड के लिजेंड्री ऎक्टर अली खान ने इस अवसर पर रेहान अली को बधाई देते हुए कहा कि मल्टीप्लेक्स प्ले एक देसी एप है जो लोगो को एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। मैं रेहान अली को मुबारकबाद देता हूं कि उन्होंने ऐसा नया ऐप अविष्कार किया है जो कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक वरदान साबित होगा। इनका नया ऑफिस भी बहुत सुंदर है और मुम्बई की फ़िल्म इंडस्ट्री के केंद्र में स्थित है।

इस ओटीटी ऐप पर हिंदी, मराठी इंग्लिश सहित कई भाषाओं के कंटेंट्स का समावेश है। उच्च तकनिकी संसाधनों से सुसज्जित होने के कारण इस पर प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रम अच्छी गुणवत्ता के साथ दिखाई देंगे। 

रेहान अली का कहना है कि इस ऐप पर शानदार फिल्मे, वेब सीरीज, कंटेंट्स दिखाए जाएंगे जो दर्शकों के लिए एक नया अनुभव होगा। तकनीकी रूप से काफी विकसित इस ऐप से निर्माता निर्देशक एक्टर्स  कंटेंट क्रिएटर्स डायरेक्ट लाभ ले सकते हैं।

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