राशिफल
रश्मि उपाध्याय की साईं लीला फाउंडेशन के माध्यम से गोरेगांव गणेश दर्शन स्पर्धा 2024 का आयोजन किया गया
जिसमे अस्सी से ज्यादा मंडलों ने बहुत उत्साह से हिस्सा लिया। सभी मंडलों में शीर्ष सात गणेश मंडलों को अलग-अलग पैमानों पर चुना गया और समाज की वरिष्ठ हस्तियों से सभी मंडलों को ट्रॉफी दिलवाई गई।
आदर्श उत्कृष्ट मंडल (मोती लाल नगर गोरेगांव (प.) जिसके अध्यक्ष योगेन्द्र कदम और तुषार पटेल हैं , इनकी अध्यक्षता में 250 किलो की मिट्टी की गणेश प्रतिमा, पूरी तरह से इको फ्रेंडली थी और सजावट स्थानिक निवासियों द्वारा हाथ से बनाई गई थी।इस मंडल को ट्रॉफी द्वारा सम्मानित, साईं लीला फाउंडेशन की संस्थापक और गोरेगांव गणेश दर्शन स्पर्धा की सर्वे सर्वा रश्मि उपाध्याय जी ने किया।
न्यू फाइव स्टार सेवा मंडल वालभट्ट रोड, गोरेगांव पूर्व) के श्री अमित शर्मा और जय प्रकाश त्रिपाठी जी की अध्यक्षता में श्री बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई।गोरेगांवकरों में श्री बद्रीनाथ धाम के दर्शन का उत्साह देखते ही बनता था।मण्डल को सम्मानित करने और टीम साईं लीला फाउंडेशन को प्रोत्साहित करने भाजपा के मुंबई सचिव श्री अभिजीत राणे जी उपस्थित रहे।
राणे जी ने जय अंबे मित्र मंडल,जवाहर नगर रोड नंबर गोरेगांव (प) के गणेश पंडाल को भी, साई लीला फाउंडेशन द्वारा अमृत मंथन के चल चित्र की वजह से सम्मानित किया। मण्डल के अध्यक्ष संजय जयसवाल एवं विनोद जयसवाल भी उपस्थित रहे।
जवाहर नगर चा राजा (जवाहर नगर गोरेगांव पश्चिम) की थीम पानी के अंदर रहने वाली प्रजातियों को बचाने का संदेश देने की थी। मण्डल के अध्यक्ष श्री संजय साल्वी और नरेश शेट्टी और विपुल रांका जी को ट्रॉफी; ड्रग्स माफ़ियाओं के करदन काल श्री समीर वानखेड़े जी द्वारा दी गई ।
शरद मित्र मंडल भगत सिंह नगर, गोरेगांव पश्चिम की थीम प्रकृति बचाएं रही , इनके अध्यक्ष सुरेंद्र गावड़े और दशरथ चौहान को बॉलीवुड अभिनेता श्री रमेश गोयल जी द्वारा दी गई ट्रॉफी।
निर्माण मलाड चिंचोली बंदर, बंसी वाडापाव वाला के पास थीम चंद्रयान रही आधुनिकता, संस्कृति, विज्ञान का मेल करने वाले इस मंडल को ट्रॉफी वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता श्री अनिल गलगली जी द्वारा दी गई । मण्डल के अध्यक्ष अनिकेत पवार और कमलेश कनौजिया ट्रॉफी पाकर काफ़ी उत्साहित नज़र आए। उन्होंने बताया कि उनके मण्डल को तेरह साल हुए हैं और इस तरह की स्पर्धा पहली बार हुई है।
श्री राम भक्त युवा फाउंडेशन प्रेम नगर को सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए ट्रॉफी ख़ुद इस स्पर्धा की सर्वे सर्वा रश्मी उपाध्याय जी ने दी । मण्डल के अध्यक्ष श्री सत्या तिवारी अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे।
मनोज ओझा और ईगल भोजपुरी मूवीज ने मनाया ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ फुल मूवी का दस मिलियन व्यूज का जश्न
भोजपुरी सिनेमा जगत में अहम योगदान देने वाले फ़िल्म मेकर व निर्देशक मनोज ओझा ने म्यूजिक
कंपनी ईगल भोजपुरी मूवीज के साथ मिलकर भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ फुल मूवी को यूट्यूब पर दस मिलियन व्यूज पार होने का जश्न मनाया है। बता दें कि मनोज ओझा के कुशल निर्देशन में बनी साफ-सुथरी सार्थक रिलेशनशिप की बुनियाद को मजबूत करने वाली तथा सास बहू और फैमिली ड्रामा से भरपूर भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ फुल मूवी ने ईगल भोजपुरी मूवीज के यूट्यूब चैनल पर काफी वायरल हो गई है और देखते ही देखते दस मिलियन व्यूज पार कर लिया है। प्रिंस सिंह राजपूत, पायस पंडित और डिम्पल सिंह स्टारर यह फ़िल्म हर किसी को खूब पसंद आ रही है।
पॉपुलर म्यूजिक कंपनी ईगल भोजपुरी मूवीज के निदेशक सुरेन्द्र सुनेजा ने इतनी बड़ी उपलब्धि पर मनोज ओझा को बधाई दीं और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मनोज जी और भी अच्छी अच्छी फिल्में बनाते रहें आगे उन्होंने यह भी कहा कि मनोज जी के निर्देशन में बहुत सारी फिल्में हम बनाते रहेंगे। इस पर मनोज ओझा ने सुरेन्द्र सुनेजा का आभार व्यक्त किया है। साथ ही मनोज ओझा ने सभी को तहेदिल से धन्यवाद दिया है।
उल्लेखनीय है कि कमला फिल्म्स क्रिएशन्स, डिजिटेक प्रोडक्शन के बैनर तले बिग लेबल पर निर्मित की गई भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ के निर्माता गौतम कुमार, मनु भाई शाह, लोकेश मिश्रा हैं। निर्देशक मनोज ओझा हैं। लेखक सभा वर्मा हैं। गीतकार प्रकाश बारूद, संगीतकार प्रकाश बारूद, सर्विन्द मल्हार, डीओपी फ़िरोज़ खान, डांस मास्टर कानू मुखर्जी, आर्ट डायरेक्टर सतीश गिरी, एडीटर गोविन्द दूबे, कलरिस्ट गजानन वादवे हैं। पब्लिसिटी डिजाईन एवं वीएफएक्स सुमित ओझा ने किया है। इस फिल्म की मार्केटिंग ‘मेक योर फ़िल्म इंडिया’ कंपनी ने किया है।
धन संबंधी समस्याओं से परेशान तो आज शुक्रवार को करें ये काम
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं. माना जाता है कि शुक्रवार के दिन किए गए कुछ खास उपायों से मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसती है. अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो शुक्रवार के दिन कुछ खास उपाय जरूर करें. इससे घर में मां लक्ष्मी पधारती हैं.
शुक्रवार के दिन करें ये काम
-
- मां लक्ष्मी का लाल और सफेद रंग अति प्रिय है. शुक्रवार के दिन लाल या सफेद रंग के कपड़े पहन कर ही उनकी पूजा करनी चाहिए. इससे मां लक्ष्मी जल्द कृपा बरसती है. मां लक्ष्मी का पूजन करते समय हाथ में चांदी की अंगूठी या छल्ला पहनना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
- अगर आप धन-धान्य की समस्या से जूझ रहे हैं तो मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार के दिन लक्ष्मी नारायण का पाठ जरूर करें. पाठ पूरा होने के बाद खीर का भोग अवश्य लगाएं.
एक्शन, रोमांच और ट्विस्ट से भरपूर है धाक (Dhaaak)
कास्ट: सलीम मुल्लानवर, प्रदीप रावत, शीना शाहाबादी
डायरेक्टर: अनीस बारूदवाले
शैली: ऐक्शन रोमांटिक
पर्दे पर : 20 सितंबर 2024
रेटिंग ; 4 स्टार्स
मोहम्मद सलीम मुल्लानवर स्टारर निर्देशक अनीस बारूदवाले की एक्शन रोमांटिक फिल्म "धाक" 20 सितंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में "गजनी" फेम ऎक्टर प्रदीप रावत मुख्य खलनायक हैं जबकि सलीम के अपोजिट इसमें शीना शाहाबादी हीरोइन हैं। आई एम किंग्स फिल्म्स इंटरनेशनल के बैनर तले बनी इस फ़िल्म में अविनाश वाधवन और रुसलान मुमताज जैसे मंझे हुए एक्टर्स भी हैं।
अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म धाक को लेकर बहुत उत्साहित सलीम मुल्लानावर कहते हैं "मैं बॉलीवुड में सलमान खान और साउथ स्टार पुनीत राजकुमार का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। मुझे बचपन से ही फिल्मों का बहुत शौक था और मैं हीरो बनने का ख्वाब देखता था। लेकिन हालात ने उस ख्वाब को पूरा करने से रोक रखा था। मैंने सबसे पहले अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए काम किया क्योंकि जीवन में पैसा बहुत जरूरी है। जब व्यवसाय स्थापित हो गया तो मैं फिल्मों में आने के अपने सपने को पूरा करना चाहता था। जब पुनीत राजकुमार का निधन हुआ तो मैंने उसी दिन तय कर लिया कि अब मैं बॉलीवुड में जाऊंगा। फिर मैं निर्देशक अनीस बारुदवाले से मिला, उन्हें धाक का कॉन्सेप्ट बताया और उन्हें यह पसंद आया। उसी कॉन्सेप्ट को स्क्रीनप्ले में बदला गया और काफी मेहनत के बाद यह फिल्म बनी।"
फिल्म में "गजनी" फेम ऎक्टर प्रदीप रावत की एंट्री के बारे में सलीम मुल्लानावर ने बताया कि बड़ी मुश्किल से उनसे मिलने का हमें अपॉइंटमेंट मिला। निर्देशक अनीस जी ने अपनी शख्शियत और बात करने के अंदाज़ से प्रदीप रावत को इतना प्रभावित कर दिया कि वह फ़िल्म की कहानी और अपना किरदार सुनने को तैयार हो गए। जब उन्होंने स्टोरी सुनी तो वह तुरंत यह रोल करने को राजी हो गए। वह बेहतरीन ऎक्टर और कमाल के इंसान हैं। उनके साथ शूटिंग का अनुभव यादगार रहा।"
कई हिट फिल्में डायरेक्ट कर चुके निर्देशक अनीस बारूदवाले का कहना है कि जब मेरी फिल्म 3 श्याने रिलीज हुई थी, तब सलीम ने मुझसे कहा कि आपके साथ काम करना है। धाक का कॉन्सेप्ट सलीम जी का है, स्क्रीनप्ले मैंने लिखा, निसार अख्तर ने डायलॉग लिखे हैं। 30 दिनों की शूटिंग महाबलेश्वर, पंचगनी, मुम्बई में की गई। सलीम ने बहुत मेहनत से काम किया है, अच्छी परफॉर्मेंस दी है। बेहतरीन तरीके से डायलॉग अदा किया है। इस एक्शन लव स्टोरी में एक युवक हक और इंसाफ के लिए लड़ जाता है। समाज मे जो गलत होता है वो उसके खिलाफ आवाज़ उठाता है। दर्शकों को लगेगा कि यह उनके घर की कहानी है, वह स्टोरी से जुड़ जाएंगे। 80 और 90 के दशक में जिस तरह के किरदार हुआ करते थे इस फ़िल्म में वैसे किरदार नज़र आएंगे।"
गजनी के विलेन प्रदीप रावत के संदर्भ में निर्देशक अनीस ने कहा कि वह बहुत अच्छे इंसान हैं, उनका एक ऑरा है, बिना संवाद के भी वह अपने चेहरे के हावभाव से प्रभाव छोड़ जाते हैं।
फ़िल्म की हिरोइन शीना शाहाबादी के बारे में अनीस बारुदवाले ने कहा कि साउथ की 30 फिल्में कर चुकी शीना शाहाबादी को बॉलीवुड में सतीश कौशिक ने तेरे संग में लांच किया था। सलीम के साथ उनकी अच्छी केमिस्ट्री पर्दे पर नजर आएगी। उस फिल्म में रुसलान मुमताज हीरो थे मगर धाक में वह निगेटिव रोल में हैं।"
फ़िल्म धाक में रियल एक्शन फिल्माया गया है। फ़िल्म के पांचों गाने अलग अलग सिचुएशन के हैं। जयकारा ऑलरेडी हिट हो गया है जिसको मशहूर डांस डायरेक्टर लॉलीपॉप ने कोरियोग्राफ किया है। एक रोमांटिक सॉन्ग भी बड़ा प्यारा है।
निर्देशक अनीस बारुदवाले का कहना है कि आर्टिस्ट जब मेकअप करता है तो किरदार में ढल जाता है। जब उसका मेकअप उतरता है तब उसकी परेशानी नजर आती है। आर्टिस्ट तारीफ का भूखा होता है, मेरी सभी से अपील है कि धाक सिनेमाघरों में देखें। लोग फिल्में देखेंगे तो ही कलाकार ज़िंदा रहेंगे।"
अनीस बारुदवाले ने फार्च्यून लाइफलाइन मीडिया एंड एंटरटेनमेंट का बहुत आभार जताया उन्होंने कहा कि कंपनी के चेयरमैन शब्बीर शेख ने ट्रेन बस होर्डिंस से लेकर तमाम तरह के खूब प्रोमोशन किए हैं।
सलीम मुल्लानावर को इस फ़िल्म से बेहद उम्मीदें हैं, उनका कहना है कि आज समाज में कई जगह अन्याय हो रहा है, ऐसे माहौल में ऐसे युवाओं की जरूरत है जो अन्याय को न देख सकें। सूर्या ऐसे ही आदर्शवादी युवाओं में से एक है जो समाज सेवा के लिए तैयार है और न्याय के लिए लड़ता है। यही धाक की कहानी है और मैं सूर्या का किरदार निभा रहा हूँ।
फिल्म धाक में सलीम को कई अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला, उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा इस पर सलीम खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। उन्हें पहले दिन अविनाश वाधवान जैसे सीनियर एक्टर के साथ शूटिंग करनी थी, वह काफी नर्वस थे, लेकिन अविनाश इतने अच्छे इंसान हैं कि उन्होंने उनका पूरा साथ दिया।
सलीम मुल्लानावर एक जुनूनी सिनेमा प्रेमी हैं और ऐसी फिल्में बनाना चाहते हैं, जिनमें मनोरंजन के साथ-साथ समाज के लिए कुछ संदेश भी हो। धाक के जरिए वह बतौर एक्टर और प्रोड्यूसर बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर फिल्म धाक के बारे में काफी चर्चा हो रही है। इसके प्रमोशन के बारे में सलीम मुल्लानावर ने कहा कि इसके लिए मैं सारा क्रेडिट शब्बीर शेख को देना चाहूंगा, जिन्होंने फिल्म के वितरण के अलावा इसके प्रमोशन, पब्लिसिटी और मार्केटिंग में भी बड़ी भूमिका निभाई है। वे फॉर्च्यून लाइफलाइन मीडिया एंड एंटरटेनमेंट के संस्थापक और चेयरमैन हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में अपना करियर मीना कुमारी के साथ शुरू किया था और आज वे फिल्मों के पब्लिसिटी मार्केटिंग प्रमोशन के सबसे बेहतरीन प्रोफेशनल्स में से एक माने जाते हैं।
बैनर,: आई एम किंग फिल्म्स इंटरनेशनल निर्माता: मोहम्मद सलीम मुल्लानावर निर्देशक: अनीस बारुदवाले
कहानी पटकथा अनीस बारुदवाले, संवाद निसार अख्तर गीत: साहिल सुल्तानपुरी, अहमद सिद्दीकी, ऋषि आज़ाद, संगीत: वरदान सिंह, मीत हांडा, साजन शेख (सागर) स्टार कास्ट: मोहम्मद सलीम मुल्लानावर, शीना शाहाबादी, प्रदीप सिंह रावत, रुस्लान मुमताज, अविनाश वाधवान, नीलोफर गेसावत, पृथ्वी अज़ान, वैष्णवी मैकडोनाल्ड, हेमंत चौधरी
अवधि : 128 मिनट
पितृ पक्ष में भोजन बनाते समय ध्यान रखें ये बातें
पितृ पक्ष के दौरान पितरों को भोजन कराना उन्हें सम्मान देने का प्रतीक होता है। भोजन पकाना और पितरों को तर्पण करना केवल एक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक पवित्र कर्तव्य भी है। ज्योतिष और हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, भोजन बनाते और चढ़ाते समय विशिष्ट दिशानिर्देशों का पालन करने से पूर्वज उस भोजन को ख़ुशी से स्वीकार करते हैं और ग्रहण भी करते हैं।
हिंदू धर्म में, यह माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पूर्वज अपने वंशजों से प्रसाद प्राप्त करने के लिए पृथ्वी पर आते हैं। भोजन अर्पित करने का कार्य, जिसे श्राद्ध के रूप में जाना जाता है, पूर्वजों के आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करने और उनके वंशजों द्वारा की गई किसी भी गलती के लिए क्षमा मांगने का एक तरीका होता है। ऐसा कहा जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों को अर्पित किए गए भोजन से दिवंगत आत्माओं को शांति मिलती है, जिससे उन्हें मुक्ति या मोक्ष प्राप्त होता है। बदले में, पूर्वज अपने वंशजों को समृद्धि, खुशी और बाधाओं से सुरक्षा का आशीर्वाद देते हैं।
भोजन बनाते और पूर्वजों को अर्पित करते समय नियमों का पालन जरूरी क्यों है
ज्योतिष के अनुसार श्राद्ध पक्ष के दौरान भोजन बनाना और उस भोजन को पूर्वजों को श्रद्धा से अर्पित करना एक विशेष अनुष्ठान माना जाता है। इन अनुष्ठानों को करने में असफल होने या श्राद्ध कर्म न करने से घर में पितृ दोष हो सकता है और आपके बनते काम बिगड़ सकते हैं।
यदि पूर्वजों को सही तरीके से भोजन नहीं अर्पित किया जाता है तो वो रुष्ट हो सकते हैं और इसका परिणाम आपके जीवन में पितृ दोष के रूप में दिखाई दे सकता है जिसकी वजह से कई स्वास्थ्य समस्याएं, करियर में परेशानियां, पारिवारिक विवाद या विवाह में देरी जैसी परेशानियां होने लगती हैं। इसी वजह से श्रद्धापूर्वक और सही नियम का पालन करते हुए श्राद्ध कर्म करने की सलाह दी जाती है।
- ज्योतिष शास्त्र में पितरों को भोजन देने का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। श्राद्ध अनुष्ठान करने और भोजन अर्पित करने का आदर्श समय दोपहर का होता है, जब सूर्य अपने चरम पर होता है। इस मुहूर्त को अभिजीत मुहूर्त कहा जाता है और इसे पितरों के श्राद्ध कर्म के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। ज्योतिष में, सूर्य आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है और इस दौरान इसकी ऊर्जा सबसे मजबूत होती है, जिससे यह दिवंगत आत्माओं से जुड़ने के लिए सबसे शुभ अवधि बन जाती है।
- श्राद्ध पक्ष का भोजन सबसे पहले पितरों को अर्पित किया जाता है। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पितरों को ब्राह्मणों के माध्यम से भोजन प्राप्त होता है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
- भोजन अर्पित करते समय आप सबसे पहले भोजन के तीन अंश निकालें। जिसमें पहला हिस्सा पितरों के लिए, दूसरा कुत्ते के लिए और तीसरा कौवे के लिए निकाला जाता है। इन तीनों को भोजन अर्पित करना शुभ माना जाता है।
- भोजन अर्पित करने के लिए घर के दक्षिण दिशा में एक साफ और पवित्र स्थान का चुनाव करें।
- भोजन अर्पित करते समय आपको पितरों को प्रसन्न करने के लिए भोजन अर्पण करते समय मंत्र उच्चारण भी करना चाहिए।
- पितरों का भोजन तैयार करके साफ और पवित्र स्थान पर रखें और उसके पास दीपक जलाएं।
- पितरों को भोजन अर्पित करते समय संकल्प लें कि यह भोजन उनकी आत्मा को तृप्त करने के लिए समर्पित है।
सलमान खान ने पहनी इतने करोड़ की घड़ी जिसमें जड़े हैं 700 से अधिक हीरे
सलमान खान का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में सलमान हीरे से जड़ी घड़ी ट्राई करते हुए दिखाई दे रहे हैं जिसकी कीमत 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 167 करोड़ रुपये है।
लग्जरी घड़ी और जूलरी ब्रांड के फाउंडर अराबो ने सोशल मीडिया पर एक क्लिप शेयर की है जिसमें वह सलमान की कलाई पर यह शानदार घड़ी पहनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में सलमान हीरे की बेशकीमती ये घड़ी पहनने के बाद वो अपनी कलाई भी दिखाते भी नजर आ रहे हैं जो काफी चमक रही। जैकब के इस पोस्ट पर कैप्शन में उन्होंने सलमान की तारीफ की है। उन्होंने पोस्ट किया है और सलमान की तारीफें भी की हैं।उन्होंने पोस्ट में लिखा है, ‘मैंने कभी किसी को अपना बिलियनेयर पहनने नहीं दिया है , लेकिन सलमान खान इस मामले में अपवाद हैं।’ बता दें कि यह घड़ी एक्सक्लूसिव ‘बिलियनेयर’ कलेक्शन का हिस्सा है जो अपनी भव्यता और रिकॉर्ड-तोड़ कीमत के लिए जानी जाती है। इस पोस्ट पर सलमान के फैन्स ने लिखा है- इसे सलमान ने पहन ली तो समझिए ये घड़ी बेशकीमती हो गई।
700 से अधिक पन्ना-कट हीरे
जैसा कि इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर बताया गया है कि ये घड़ी 700 से अधिक पन्ना-कट हीरे से सजी है। ये भी बताया गया है कि इस घड़ी को काफी लिमिटेड नंबर्स में तैयार किया गया है और इनके कुछ ही पीस बनाए गए हैं। वेबसाइट इस घड़ी की डीटेल में ये बताया गया है कि इसने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और इसकी अनोखी डिज़ाइन, हीरों की संख्या की वजह से ये लग्जरी घड़ी कलेक्शन में शामिल है।
'भूल भुलैया 3' और 'सिंघम अगेन' का बॉक्स ऑफिस पर होगा क्लैश, दीवाली पर इन सितारों के बीच होगा महामुकाबला
राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी की अपकमिंग फिल्म 'विक्की विद्या का वो वाला वीडियो' के ट्रेलर लॉन्च पर टी-सीरीज के प्रमुख भूषण कुमार ने उनके प्रोडक्शन की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'भूल भुलैया 3' की रिलीज डेट का एलान कर दिया है, जिसमें कार्तिक आर्यन, तृप्ति डिमरी, विद्या बालन और माधुरी दीक्षित नजर आने वाले हैं। 'भूल भुलैया 3' दिवाली के खास मौके 1 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसी बीच एक निराशाजनक खबर सामने आई है कि साल 2024 के अंत में दो बड़ी फिल्में एक साथ रिलीज होनी हैं, जिनकी वजह से बीच बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त टक्कर देखने को मिलने वाली है।
भूल भुलैया 3 और सिंघम अगेन में होगी टक्कर
भूषण कुमार की 'भूल भुलैया 3' और रोहित शेट्टी की 'सिंघम अगेन' के बीच बॉक्स ऑफिस पर क्लैश होने वाला है। जब रोहित शेट्टी की 'सिंघम अगेन' के साथ फिल्म के क्लैश के बारे में पूछा गया, जिसमें अजय देवगन, अक्षय कुमार, करीना कपूर, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, टाइगर श्रॉफ और अर्जुन कपूर जैसे स्टार कलाकार हैं तो भूषण कुमार ने सिर्फ इतना कहा, 'हम 1 नवंबर को भूल भुलैया 3 लेकर आ रहे हैं। यह तय है।'
विक्की विद्या का वो वाला वीडियो 2 होगी शूट
इसके अलावा भूषण कुमार ने 'विक्की विद्या का वो वाला वीडियो' के सीक्वल की ओर इशारा करते हुए कहा, 'आज हम केवल विक्की विद्या का वो वाला वीडियो के ट्रेलर के बारे में बात करेंगे। मैं बस इतना कह सकता हूं कि हम 1 नवंबर को भूल भुलैया 3 लेकर आ रहे हैं। यह पक्का है, लेकिन हम इसका राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी की इस फिल्म का दूसरा पार्ट भी बनाएंगे। 'भुल भुलैया 3' में कार्तिक आर्यन के साथ तृप्ति डिमरी, माधुरी दीक्षित और विद्या बालन भी नजर आएंगी।
कार्तिक आर्यन-अजय देवगन में होगा महामुकाबला
'भूल भुलैया 3' रोहित शेट्टी की 'सिंघम अगेन' से क्लैश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जून में अजय देवगन ने अपने सोशल हैंडल पर घोषणा की थी कि फिल्म दिवाली पर रिलीज़ होगी। अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया कि रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित यह फिल्म अब इस साल दिवाली पर सिनेमाघरों में आएगी। उन्होंने फिल्म का एक पोस्टर पोस्ट करते हुए लिखा, '#सिंघम अगेन इस दिवाली 2024 में धूम मचाएगा।'
इस गणेश चतुर्थी में घर पर बनाकर लगाएं मोदक का भोग, भगवान गणेश होंगे प्रसन्न
पूरे भारत देश में हर साल की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी बड़े धूमधाम से मनाई जाएगी. इस दिन को खास बनाने के लिए भगवान गणेश के प्रिय मोदक को कम समय में घर पर बना सकते हैं. मान्यता है कि मोदक का भोग लगाने वाले भक्तों पर गणपति की असीम कृपा होती है. इस गणेश चतुर्थी पर बाजार से खरीद कर लाने की बजाए घर पर ही बनाए टेस्टी मोदक.
चॉकलेट मोदक बनाने की सामग्री
कंडेंस्ड मिल्क 50 ग्राम
डार्क चॉकलेट 250 ग्राम
पिस्ता 2 चम्मच
काजू 3 चम्मच (कतरन)
बादाम 3 चम्मच (कतरन)
नारियल का बुरादा 100 ग्राम
घी 1 चम्मच
बनाने की विधि
सबसे पहले डार्क चॉकलेट ले और उसे पिघलाएं, चॉकलेट को पिघलाने के लिए फ्राई पैन में पानी डालकर ऊपर से कटोरी रखकर चॉकलेट पिघलाएं, अब एक पैन में घी डालकर काजू बादाम पिस्ता और नारियल डालकर थोड़ी देर भूनें, फिर इसमें कंडेंस्ड मिल्क मिलाएं और इसका मिश्रण तैयार करें. मिश्रण तैयार होने के बाद इसमें पिघली हुई चॉकलेट मिलाएं और थोड़ी देर ठंडा होने दे अंत में इसे सांचे में डालकर मोदक का शेप दें. इस तरह आप चॉकलेट मोदक तैयार कर सकते हैं.
पनीर के मोदक बनाने के लिए सामग्री
पनीर 1 कप होममेड पनीर
चीनी 1/2 कप पिसी हुई चीनी
काजू बादाम पाउडर 1/4 कप काजू बादाम पाउडर घी 2 चम्मच देसी घी
इलायची पाउडर 1
केसर 4-5 धागे
बनाने की विधि
कढ़ाई में घी गर्म करके उसमें पनीर डालकर अच्छी तरह भून ले. अब उसमें चीनी डालकर उसे मिक्स करें फिर उसमें काजू बादाम और इलायची का पाउडर डालकर भूनें इसमें केसर डालकर अच्छी तरह से मिलाएं मिश्रण ठंडा होने पर मोदक को सांचे में डालकर शेप दें. इस तरह पनीर के मोदक घर पर बना सकते हैं.
मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा के छत से कूद कर आत्महत्या करने की खबर सामने आ रही है
मलाइका अरोड़ा से जुड़ी दुखद खबर आ रही है. दरअसल एक्ट्रेस के पिता की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा ने बांद्रा में अपने घर की छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली है .ये घटना सुबह 9 बजे के करीब की बताई जा रही है. वहीं इस खबर के बाद मलाइका अरोड़ा का परिवार और जानने वाले सदमे में हैं. एक्ट्रेस भी पिता के निधन की खबर मिलते ही पुणे से मुंबई के लिए रवाना हो गई है
टेस्ट में बेस्ट धनिया-पुदीना चटनी बनाने की विधि
धनिया-पुदीना चटनी बनाने के लिए सामग्री
हरी धनिया पत्ती कटी – 1 कप
पुदीना पत्ती कटी – 1 कप
कढ़ी पत्ते – 1/2 कप
मूंगफली दाने – 1/4 कप
अदरक कटा – 1 टेबलस्पून
हरी मिर्च कटी – 2-3
नींबू – 1
चीनी – 1 टी स्पून
नमक – स्वादानुसार
धनिया-पुदीना चटनी बनाने की विधि
टेस्ट में बेस्ट धनिया-पुदीना चटनी बनाने के लिए सबसे पहले धनिया और पुदीना पत्तियों को साफ कर धोएं. इन्हें कुछ देर सुखाने के बाद पत्तियां तोड़कर मोटे डंठलों को अलग कर दें. अब अदरक और हरी मिर्च के भी बारीक-बारीक टुकड़े काट लें. अब मिक्सर जार में कटी हुई धनिया पत्ती, पुदीना पत्ती, अदरक और हरी मिर्च डाल दें. इसके बाद जार में कढ़ी पत्ते, एक चम्मच चीनी और कुटे हुए मूंगफली के दाने डाल दें.
सारी सामग्रियों को जार में डालने के इसमें दो-तीन टेबल स्पून पानी (जरुरत के मुताबिक) डालें और सभी चीजों को ग्राइंड करें. एक-दो मिनट तक ग्राइंड करने पर धनिया-पुदीना चटनी तैयार हो जाएगी. आप चाहें तो इसे दरदरा पीस सकते हैं और चाहें तो स्मूद पेस्ट तैयार कर सकते हैं. इसके बाद मिक्सर जार से हरी चटनी को एक बड़ी बाउल में ट्रांसफर कर लें. स्वाद और पोषण से भरपूर धनिया-पुदीना की हरी चटनी तैयार है. इसे चटपटे स्नैक्स के साथ सर्व करें.
आप अगर पंजाबी खान-पान के शौकीन हैं तोपंजाबी छोले की सब्जी को ट्राई कर सकते हैं.
वीकएंड पर अगर आप अपने लंच या डिनर को स्पेशल बनाना चाहते हैं तो पंजाबी छोले की सब्जी को ट्राई कर सकते हैं. पंजाबी ज़ायके से भरी ये सब्जी काफी पसंद की जाती है. आप अगर पंजाबी खान-पान के शौकीन हैं तो इस सब्जी का लुत्फ जरूर उठाया होगा. किसी पार्टी, फंक्शन में अक्सर पंजाबी छोले की सब्जी को बनाया जाता है. मानसून के दौरान कई बार चटपटा और मसालेदार खाने की इच्छा होती है, ऐसे में पंजाबी छोले का स्वाद परफेक्ट हो सकता है.
आप अगर पंजाबी छोले खाना पसंद करते हैं, लेकिन इस सब्जी को घर पर कभी नहीं बनाया है, तो हमारी रेसिपी आपके काफी काम आ सकती है. आसानी से तैयार होने वाले पंजाबी छोले की जानते हैं रेसिपी.
पंजाबी छोले बनाने के लिए सामग्री
काबुली चना (छोले) – 250 ग्राम
टमाटर पेस्ट – 1/2 कप
प्याज बारीक कटे – 2
दालचीनी – 1 टुकड़ा
चायपत्ती – 1 टी स्पून
अदरक – 1 इंच टुकड़ा
हरी मिर्च – 2-3
मीठा सोडा – 1/2 टी स्पून
अमचूर – 3 टी स्पून
काली मर्च – 1/2 टी स्पून
लौंग -4-5
राई – 2 टी स्पून
जीरा – 2 टी स्पून
मेथी दाना – 2 टी स्पून
सौंफ – 1/2 टी स्पून
तेजपत्ता – 2
सूखी लाल मिर्च – 2-3
तेल – 2 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार
पंजाबी छोले बनाने की विधि
पंजाबी स्टाइल के छोले बनाने के लिए एक बर्तन में पानी लेकर उसमें मीठा सोडा डालें. अब इस पानी में काबुली चने डालकर उन्हें 7-8 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. पानी मे भिगोने से काबुली चने नरम होकर फूल जाएंगे. अब एक कड़ाही में जीरा, मेथी दाना सौंफ सहित अन्य सभी सूखे मसाले डालकर उन्हें धीमी आंच पर ड्राई रोस्ट करें. मसाले भुनने के बाद उन्हें एक बाउल में निकालकर ठंडे होने दें. इसके बाद मिक्सर की मदद से सारे मसाले बारीक पीस लें.
इसके बाद कुकर में भीगे छोले डालें और उसमें जरूरत के मुताबिक पानी डालें. अब एक चम्मच चायपत्ती को कपड़े में बांधकर पोटली बनाएं और कुकर में डाल दें. इसके बाद कुकर का ढक्कन लगाकर 5-6 सीटियां आने तक छोले उबालें. इसके बाद कुकर को ठंडा होने दें, फिर ढक्कन खोलकर चाय की पोटली निकालकर अलग कर दें.
अब अदरक, हरी मिर्च, काली मिर्च, दालचीनी और लौंग को मिक्सर में डालकर बारीक पीसें और पेस्ट तैयार करें. अब इस तैयार पेस्ट को उबले हुए छोलों में डालकर मिक्स कर दें. अब एक कड़ाही पिसा सूखा मसाला डालकर कुछ देर भूनें. इसमें टमाटर पेस्ट, अमचूर, काली मिर्च पाउडर डालें और छोले का पानी डालकर गाढ़ा होने तक पकाएं. कुछ देर बाद उबले हुए छोले भी इसमें मिलाकर अच्छी तरह पकाएं.
अब एक अन्य कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें. उसमें बारीक कटी प्याज डालें और सुनहरी होने तक भूनें. फिर तैयार किए छोले डालकर कड़ाही ढककर 15 मिनट तक पकने दें. जरूरत के मुताबिक थोड़ा सा पानी भी उपयोग कर सकते हैं. इसके बाद छोले के ऊपर बारीक कटी हरी धनिया डालें और गैस बंद कर दें. आखिर में प्याज के छल्लों और टमाटर स्लाइस से पंजाबी छोले की सब्जी को सजाएं और सर्व करें.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नंबर वन राज्य बने छत्तीसगढ़ : अभिनेत्री हेमा मालिनी
मथुरा की सांसद प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री श्रीमती हेमा मालिनी ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नंबर वन राज्य बने छत्तीसगढ़।
https://youtube.com/shorts/lEJO0MPlHq4?si=i8fh2MoW5Cco5kiy
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तारीफ़ करते हिये कहा कि छत्तीसगढ़ श्री साय के नेतृत्व में बहुत आगे बढ़ेगा। हेमा ने कहा हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए नहीं होगी कभी फण्ड की कमी। उन्होंने कहा श्री साय के नेतृत्व में आदिवासियों, किसानों और महिलाओं की बेहतरी के लिए बहुत अच्छा काम कर रही है सरकार।उन्होंने कहा पहले नक्सल समस्या के कारण लोग यहाँ आने में हिचकिचाते थे लेकिन अब श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्थिति बदल गई है। #संवर_रहा_छत्तीसगढ़ #chhattisgarh #vishnukasushasan #hemamalini
दीपिका पादुकोण को लेकर अस्पताल पहुंचे रणवीर सिंह,जल्द आ सकती है खुशखबरी!
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण और उनके पति रणवीर सिंह शनिवार को मुंबई के एच.एन रिलायंस हॉस्पिटल पहुंचे. प्रेग्नेंट दीपिका की गाड़ी जैसे ही अस्पताल पहुंची उनके मां बनने और खुशखबरी आने की चर्चा ने ज़ोर पकड़ लिया.
दीपिका पादुकोण की डिलीवरी सितंबर में ही होनी है. इसकी जानकारी खुद दीपिका पादुकोण ने ही इंस्टाग्राम के जरिए दी थी. एक्ट्रेस ने इसी साल 28 फरवरी को एक इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए अपनी प्रेग्नेंसी का ऐलान किया था. बच्चों के कपड़ों और खिलौनों से भरे एक कार्ड में दीपिका रणवीर का नाम लिखा हुआ था। साथ में लिखा था- “सितंबर 2024.”दीपिका पादुकोण आज ही मां बन सकती हैं. ऐसी उम्मीद इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि रणवीर सिंह की मां अंजु भवानी और बहन रितिका भवानी भी अस्पताल पहुंच गई हैं। रणवीर-दीपिका के पहुंचने के कुछ देर बाद अंजु और रितिका की गाड़ी अस्पताल के बाहर स्पॉट की गई।
क्या कह रहे लोग?
सोशल मीडिया पोस्ट पर एक शख्स ने लिखा, “जो भी हो, गणेश चतुर्थी के दिन जनम ले रहा है। इससे बड़ी खुशखबरी और क्या हो सकती है.” एक फैन ने लिखा, “हमारी दीपिका कितनी मजबूत है. कल ही ये परफेक्टली चल रही थी और और लेबर पैन.” एक ने तो नाम रखने पर भी अपनी राय ज़ाहिर कर दी. यूज़र ने सवाल किया, “गणेश चतुर्थी के दिन खुशखबरी है तो क्या नाम रखना चाहिए बच्चे का?”
सिद्धिविनायक में दीपिका-रणवीर
बीते रोज़ दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे थे. इस दौरान दोनों के परिवारवाले भी उनके साथ मौजूर थे. दीपिका इस मौके पर हरे रंग की साड़ी में नज़र आई थीं. जबकि रणवीर सिंह कुर्ता-पजामा में दिखाई दिए थे. रणवीर, दीपिका को संभालते भी दिखे थे. दोनों ही नंगे पैर सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे थे. दीपिका की ये तस्वीरें कल से ही सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं.वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में दीपिका पादुकोण ने कल्कि 2898 एडी के ज़रिए एक ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर दी है. दीपिका पादुकोण ने प्रेग्नेंसी के दौरान ही इस फिल्म की शूटिंग प्रमोशन किया. कल्कि ने वर्ल्डवाइड 1041.65 करोड़ रुपये की दमदार कमाई की है. इसके अलावा फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 645.8 करोड़ रुपये का बंपर कलेक्शन किया है
Hartalika Teej : 24 घंटे का निर्जला व्रत खोलने के बाद अचानक ज्यादा पानी न पिएं
व्रत खोलने के बाद किसी तरह का ऑयली फूड खाने से भी बचें. अचानक ज्यादा पानी न पिएं. उपवास खोलने के बाद एक गिलास पानी पिएं और फिर एक घंटे बाद पानी पी सकते हैं. कोशिश करें कि व्रत खोलने के बाद अगले 2 से तीन दिन तक बाहर का कुछ भी न खाएं.
पतिनियाँ अपने पतियों की लंबी आयु की कामना के लिए महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं. हरतालिका तीज पर महिलाओं को 24 घंटे का उपवास रखना होता है. लेकिन क्या 24 घंटे तक बिना पानी और भोजन के शरीर को नुकसान हो सकता है? इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? किसी डाइट लेनी चाहिए ?
इस तीज व्रत में जरूर बनाएं तीखुर बर्फी |
सामग्री
- 100 ग्राम तीखुर का आटा
- 50 ग्राम शक्कर
- 1 कप दूध
- आवश्यकता अनुसार कुछ टूटी फ्रूटी
- आवश्यकता अनुसार नारियल का चूरा
- आवश्यकता अनुसार कुछ किशमिश
- आवश्यकता अनुसार कुछ बादाम सजाने के लिए
कुकिंग निर्देश
-
1
सबसे पहले तीखुर का आटा ले और उसे पानी में भिगो कर 5 से 10 मिनट रख दे जब जब पानी ऊपर रह जाए तो ऊपर का पानी फेक कर दुबारा पानी डाल कर फिर से यर क्रिया अपनाये 2 से 3 बार ये करे... फिर जब तीसरे बार का पानी ले कर उसे अच्छे से तोड़ लीजिये ताकि उसमे कोई गांठे ना रहे उसके बाद
-
2
एक कड़ाही लीजिये ओर उसमे चन्नी रख कर उस तीखुर के आटे को छान लीजिये जिससे उसमे कुछ गंदगी होगी वो बाहर हो जाएगी, ओर उसमे दुध शक्कर सब डाल दीजिये।
-
3
अब एक थाली या प्लेट में थोड़ा सा घी और नारियल का चूरा डाल कर रखे
-
4
अब गैस चालू कर के थोड़ा टूटी फ्रूटी किसमिश ओर बादाम ओर आधा चमच्च घी डालकर इसे चलाते रहे जब तक कि ये कड़ाही छोड़ने लगे बर्फी जैसा लगने लगेगा जब ये बन जायेगा।
-
5
अब घी लगे थाली में इसे फैला दे और ऊपर से बादाम और नारियल का चूरा डालकर सजा ले आपका तीखुर तैयार है।
तीजा से पहले करु भात यानी करेले की सब्जी और चावल खाया जाता है।
करू भात का तात्पर्य है कि करेले की सब्जी बनाकर उस दिन भोजन किया जाता है. इससे यह होता है कि दूसरे दिन जब निर्जला व्रत रखा जाता है उस दिन कड़वा करेला शरीर में एक प्रकार से तरल पदार्थ को उत्सर्जित करती है. इससे प्यास नहीं लगती है, इसलिए छत्तीसगढ़ में परंपरा है कि बहन-बेटियों को करेला सब्जी बना करके भोजन कराया जाता है.
करु भात से तीजा व्रत शुरू, आज पति के लिए करेंगी शिव-पार्वती की पूजा

