राशिफल
गणपति को मोदक इतना प्रिय क्यों है, जानें रोचक कथा.
जब परशुराम जी के वार से गणपति का दांत टूट गया तो उन्हें भोजन ग्रहण करने में कापी दिक्कत आने लगी. तब माता पार्वती ने उनकी इस परेशानी को दूर करने के लिए मुलायम मोदक बनाए. मोदक खाने से गणपति बहुत खुश हुए, तभी से ये उनका प्रिय व्यंजन हो गया.
एक बार गणपति परिवार संग अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया के घर गए. गणेश जी ने अपना सारा भोजन खत्म कर लिया, भंडार भी खाली हो गए लेकिन फिर भी उनका पेट नहीं भरा तो माता अनुसूइया ने उन्हें मीठे-मीठे मोदक परोसे. इसे खाने के बाद गणपति बहुत खुश हुए और उनका पेट भी भर गया. इस कारण गणपति को मोदक पसंद है.
मोद का अर्थ खुशी होता है. गणपति जी सदा प्रसन्न रहने वाले देवता माने गए हैं. यही वजह है बप्पा की पूजा में मोदक जरुर चढ़ाया जाता है.
हरतालिका तीज में रात्रि जागरण क्यों है जरूरी
हरतालिका तीज एक ऐसा महान व्रत है जिसका इंतजार हर महिला को साल भर रहता है. इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है.
हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण व्रत माना जाने वाला हरतालिका तीज, हर वर्ष भादों के महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए 24 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं. पुराणों के मुताबिक, इस व्रत को रखने से पति की उम्र लंबी होती है और वो स्वस्थ रहते हैं. इस दिन पूरे विधि-विधान से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है.
हरतालिका तीज के दिन रात्री जागरण की भी परंपरा सदियों से चली आ रही है. व्रत के दिन रात में महिलाएं रात्री जागरण कर भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा करती हैं. सनातन धर्म के पुराणों के अनुसार, तीज के दिन जागरण करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है और व्रत का सम्पूर्ण फल मिलता है. अगर इस दिन महिलाएं दिन भर उपवास रख कर रात में भगवान को प्रसन्न करने के लिए जागरण और मंत्रोच्चारण करती हैं तो उनका व्रत सफल माना जाता है.
रात्रि जागरण का महत्व
किसी भी देवी-देवता को खुश करना आसान नहीं होता, इसलिए लोग भजन- कीर्तन करते हैं ताकि भगवान उनकी प्रार्थना सुन लें. ऐसे में हरतालिका तीज में भी रात्रि जागरण की परंपरा है ताकी व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो. हरतालिका तीज के व्रत की रात अगर महिलाएं जागरण करती हैं तो उनकी पूजा सफल हो जाती है. इसलिए तीज में रात्री जागरण जरूर करें. इस दिन जागरण के साथ भोलेनाथ और मां पार्वती के मंत्रों का जाप भी करें. ऐसा करने से आपको भगवान की असीम कृपा प्राप्त होगी और विशेष लाभ प्राप्त होगा.
Stree 2 Box Office Collection: 'स्त्री 2' की कामयाबी के आगे 'एनिमल' भी पस्त, चंद दिनों में कमाए इतने करोड़
Stree 2 Box Office Collection Day 19: अमर कौशिक की हॉरर-कॉमेडी 'स्त्री 2' ने इतिहास रच दिया है, क्योंकि इस फिल्म ने ब्लॉकबस्टर फिल्म 'एनिमल' के लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ दिया है। तीसरे वीकेंड भी 'स्त्री 2' का कलेक्शन शानदार रहा है।
एनिमल को भी पछाड़ा
इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, तीसरे वीकेंड के बाद सोमवार को इस फिल्म ने 6.5 करोड़ रुपये की कमाई की। ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार, फिल्म की 19 दिन की कुल कमाई अब 508 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। वहीं, संदीप रेड्डी वांगा की एनिमल का लाइफटाइम कलेक्शन 505 करोड़ रुपये है।
साल की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म
ग्लोबल लेवन पर, 'स्त्री 2' ने 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है, जो कल्कि 2898 एडी के बाद साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है, जिसने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी।
जल्द तोड़ेगी इन फिल्मों का रिकॉर्ड
स्त्री 2 अगर ऐसी ही रफ्तार में चलती रही तो यह और भी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। आने वाले दिनों में यह एसएस राजामौली की 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' को भी पीछे छोड़ सकती है, जिसका लाइफटाइम कलेक्शन 511 करोड़ था। यह नहीं, 'स्त्री 2' अगले वीकेंड तक दो बड़ी फिल्मों शाहरुख खान की पठान (524.53 करोड़ रुपये) और गदर 2 (525 करोड़ रुपये) को पीछे छोड़ने का दम रखती है।
इस वजह से हुआ फायदा
आपको बता दें शाहरुख खान की जवान इस वक्त 584 करोड़ रुपये के साथ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म है। पूरे महीने कोई बड़ी रिलीज नहीं होने के कारण इस फिल्म को काफी ज्यादा बज मिला है। करीना कपूर की 'द बकिंघम मर्डर्स' और सिद्धांत चतुर्वेदी की युध्रा दो फिल्में हैं जो रिलीज के लिए तैयार हैं।
Film Bro Code की सक्सेस पार्टी में Shafeeq ur Rahman ने अगली परियोजनाओं का किया खुलासा
दीपिका पादुकोण ने करवाया प्रेग्नेंसी फोटोशूट, बेबी बंप को यूं किया फ्लॉन्ट, देखें तस्वीरें
बॉलीवुड के पावर कपल और जल्दी ही माता-पिता बनने वाले रणवीर सिंह और दीपिका ने अपने फैंस को अपने खूबसूरत प्रेगनेंसी फोटो शूट से खुश कर दिया है. यह सारी खूबसूरत फोटोज ने हम सभी के फीड्स को खूबसूरत तस्वीरों से भर दिया है. अपनी खूबसूरत केमिस्ट्री दिखाते हुए दीपिका जो अपने प्रेगनेंसी के ग्लो के साथ और भी खूबसूरत लग रही हैं वह हमेशा की तरह बेहद खूबसूरत लग रही हैं.
उनकी खुशी से साफ पता चल रहा है कि वह एक पिता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को लेने के लिए बेकरार हैं. रणवीर की प्यार भरी नजर और सपोर्टिव प्रेसेंस इस कपल के मजबूत रिश्ते को दर्शाती है. क्योंकि वे एक साथ इस एक्साइटिंग और बेहद खूबसूरत सफर की शुरुआत कर रहे हैं.इन तस्वीरों ने फैंस और फॉलोवर्स के बीच में बहुत एक्साइटमेंट पैदा कर दी है. रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के बेबी का आना बॉलीवुड के सबसे मच अवेटेड पलों में से एक है. जहां एक तरफ यह कपल पैरेंटहुड की खुशी में डूबा हुआ है वहीं दूसरी तरफ उनके पोस्ट को सोशल मीडिया पर खूब प्यार और बधाई मिल रही हैं.
इस खूबसूरत कपल की मशहूर लव स्टोरी में उनकी फैमिली का बढ़ना एक नए चैप्टर को जोड़ रहा है. यह पल उनके लिए बेहद खास है. इस कपल ने पहले ही दिखा दिया है कि वे पेरेंट्स के रूप में कितने शानदार होंगे. कई तस्वीरें और वीडियो यह साबित करते हैं और इस तरह से अब फैंस बच्चे के साथ उनकी एक तस्वीर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
पेंशन प्रकरण के संबंध में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न
पुरानी पेंशन योजना लागू होने पर मृत्यु/आशक्ता के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में जिला कोषालय द्वारा आज लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में जिले के समस्त विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला कोषालय के अधिकारियों द्वारा विभागों में लंबित ईडब्ल्यूआर के प्रकरणों में शासकीय सेवकों द्वारा ओपीएस का विकल्प चयन करने के उपरान्त पेंशन भुगतान हेतु वित्त निर्देश 10/2023 अनुसार कार्यवाही करने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में ईआरएम की आवश्यकता क्यों है, ईआरएम की प्रक्रिया और ईआरएम के संबंधित आवेदनों की कार्यवाही, ईडब्ल्यूआर की आवश्यकता, चालान सत्यापन हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश से अवगत कराया गया। पेंशन से संबंधित अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। कार्यशाला में जिला कोषालाय अधिकारी श्री राघवेन्द्र सहित समस्त विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारी उपस्थित थे।
पोला स्पेशल रेसिपी छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से इसे तीज के त्यौहार पर मिठाई के रूप में उपयोग किया जाता है खुरमी ठेठरी
खुर्मी; ठेठरी; नमकीन पारा; सेवई; खीर; मिर्ची के पकौड़े · धनिया टमाटर की चटनी · पालक पुलाव; पूरी; हरे प्याज की दाल · बेसन की कढ़ी ...
यह एक छत्तीसगढ़ी व्यंजन (मिठाई) है, जो मुख्य रूप से तीज के अवसर पर बनाई जाती है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से आटा, चीनी या गुड़, सूजी, तिल आदि सामग्रियों की आवश्यकता होती है. और इसे वनस्पति तेल में तलकर बनया जाता है।
बनाने की विधि :-
सबसे पहले एक बर्तन में आटा लेते हैं। आटे में थोड़ी मात्रा में सूजी मिलाते हैं जिससे खुरमी खस्ता बनता है। एक बर्तन में चीनी को घोलकर उसका घोल तैयार कर लिया जाता है। आटे और सूजी के मिश्रण में मोअन के रूप में तेल या घी का उपयोग किया जाता है जिससे आटे का पेस्ट मुलायम रहें। फिर आटे और सूजी के मिश्रण में चीनी के घोल को मिलाकर उसे अच्छी तरह से गूंदकर एक पेस्ट तैयार किया जाता है। उस पेस्ट को खुरमी का आकार देने के लिए उसे पहले बेलन से मोटी रोटी की तरह बेला जाता है, फिर उसे अपने इच्छा के अनुसार किसी भी आकार में काट लिया जाता है। उसके बाद एक बर्तन में वनस्पति तेल गरम किया जाता है, इसके बाद काटे गए आटे के टुकड़ों को धीमी आंच पर भूरा होने तक तलते हैं।
छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से इसे तीज के त्यौहार पर मिठाई के रूप में उपयोग किया जाता है
पोला पर्व पर किसान बैलों की खास तौर से पूजा करते हैं.
पोला पर्व पर किसान बैलों की खास तौर से पूजा करते हैं. खेती किसानी में बैलों का सबसे अहम काम होता है. पोला पर्व पर किसान बैलों की पूजा कर उनके प्रति सम्मान जताते हैं. इस साल पोला का पर्व 2 सितंबर 2024 को भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाएगा.
''पोला पर्व को बड़े उत्सव के रूप में छत्तीसगढ़ में मनाया जाता है
पोला तिहार एक महत्वपूर्ण पारंपरिक लोक उत्सव है, जो मुख्य रूप से कृषि से जुड़ा हुआ है। यह त्योहार भाद्रपद मास की अमावस्या को मनाया जाता है, जो इस साल 2 सितंबर को है। पोला तिहार को खास तौर पर खेती के काम के पूरा होने के बाद मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन अन्नमाता गर्भवती होती हैं और धान के पौधों में दूध भर जाता है, इसलिए इस दिन खेतों में जाने की मनाही होती है।
यह पर्व गांवों और शहरों में इस दिन बाजारों में मिट्टी के बने खिलौने, विशेष रूप से बैल और पौला-जाटा खिलौने, बिकते हैं। मिट्टी से बने बैल की पूजा इस त्योहार का मुख्य आकर्षण होती है। बाजारों में त्योहार की रौनक देखते ही बनती है, और लोग इन खिलौनों की खरीदारी के लिए उमड़ते हैं।
इस त्योहार का नाम ‘पोला’ कैसे पड़ा, इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में पृथ्वी पर जन्म लिया, तो उनके चाचा कंस ने उन्हें मारने के लिए कई राक्षस भेजे थे। इन्हीं में से एक राक्षस का नाम पोलासुर था, जिसे बालक कृष्ण ने अपनी लीला से मार दिया। यह घटना भाद्रपद मास की अमावस्या को हुई थी, और तभी से इस दिन को ‘पोला’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन को बाल दिवस भी माना जाता है, और बच्चों को विशेष रूप से प्यार और दुलार दिया जाता है।
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मिर्ची वड़े का स्वाद अपने घर पर ही लेना चाहते हैं तो हमारी बताई रेसिपी आपके काफी काम आ सकती है.
मिर्ची वड़ा राजस्थान की फेमस फूड डिश है. भारतीय नाश्ते के तौर पर समोसा, कचौड़ी की तरह ही मिर्ची वड़ा भी अपनी अलग पहचान रखता है. मिर्ची वड़ा बनाने के लिए इसमें आलू की स्टफिंग भरकर फ्राई किया जाता है. सुबह कुछ स्वाद से भरा हुआ चटपटा नाश्ता करने का मन हो तो मिर्ची वड़ा बनाकर खाया जा सकता है. हरे धनिये की चटनी के साथ मिर्ची वड़ा का स्वाद काफी बढ़ जाता है. आप भी अगर इस फूड डिश को पसंद करते हैं और राजस्थानी
स्टाइल के मिर्ची वड़े का स्वाद अपने घर पर ही लेना चाहते हैं तो हमारी बताई रेसिपी आपके काफी काम आ सकती है.
मिर्ची वड़ा बनाने के लिए मिर्च के अलावा, बेसन, आलू और मसालों का प्रयोग किया जाता है. ये रेसिपी मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. इसे खाने के साथ भी सर्व किया जा सकता है. मिर्ची वड़ा बनाना भी काफी सरल होता है.
मिर्ची वड़ा बनाने के लिए सामग्री
मिर्ची (लंबी, मोटी, पीले रंग वाली) – 5-6
बेसन – 1 कप
आलू उबले – 2-3
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
गरम मसाला – 1 टी स्पून
अमचूर – 1/2 टी स्पून
तेल – तलने के लिए
नमक – स्वादानुसार
मिर्ची वड़ा बनाने की विधि
राजस्थानी स्टाइल मिर्ची वड़ा बनाने के लिए सबसे पहले आलू को उबालकर उनके छिलके उतार लें और एक मिक्सिंग बाउल में डालकर अच्छी तरह से मैश कर लें. अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, अमचूर और स्वादानुसार नमक डालकर सभी को अच्छे से मिला लें. अब मिर्ची लें और सभी में बीच में से चीरा लगा दें. ध्यान रखें कि उन्हें पूरी तरह से नहीं काटना है. इसके बाद मिर्ची के अंदर के बीजों को भी निकालकर अलग कर दें. इससे अगर मिर्ची में थोड़ा तीखापन भी हो तो वह भी खत्म हो जाएगा.
अब एक कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. जब तक तेल गर्म हो रहा है उस दौरान मिर्ची के अंदर खाली जगह पर तैयार किया गया आलू का मसाला भर दें. इसके बाद एक बाउल में बेसन डालकर उसमें पानी डालें और उसका गाढ़ा घोल तैयार कर लें. इसके बाद स्टफिंग भरी मिर्ची को बेसन में डालकर अच्छी तरह से डिप करें. फिर गरम तेल में मिर्ची डालें. इसी तरह एक-एक कर सारी मिर्ची बेसन में लपेटकर डीप फ्राई करने के लिए कड़ाही में डाल दें. मिर्ची को तब तक तलें जब तक कि उनका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए. इसके बाद गैस बंद मिर्ची को एक प्लेट में निकाल लें. स्वादिष्ट राजस्थानी स्टाइल की मिर्ची को हरी चटनी या टमाटर कैचप के साथ सर्व करें.
आज हम आपको गुजराती कढ़ी बनाने की आसान रेसिपी बता रहे हैं
आप भी अगर गुजराती कढ़ी के स्वाद को पसंद करते हैं लेकिन अब तक इस रेसिपी को घर पर ट्राई नहीं किया है तो कोई बात नहीं. आज हम आपको गुजराती कढ़ी बनाने की आसान रेसिपी बता रहे हैं. इसकी मदद से आप स्वाद से भरपूर गुजराती कढ़ी का मजा ले सकते हैं.
गुजराती कढ़ी के लिए सामग्री
दही – 2 कप
बेसन – 2-3 टेबलस्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
दालचीनी पाउडर – 1/4 टी स्पून
चीनी – 2 टेबल स्पून
हींग – 1 चुटकी
राई – 2 टी स्पून
कढ़ी पत्ता – 8-10
खड़ी लाल मिर्च – 3
हरा धनिया कटा – 2 टेबलस्पून
तेल – 2 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार
गुजराती कढ़ी बनाने की विधि
गुजराती कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले दही लें और उसे एक बर्तन में डालकर पहले अच्छी तरह से फेंट लें. इसके बाद दही में बेसन डालकर दोबारा फेंटते हुए मिक्स करें. इसे तब तक फेंटे जब तक इस मिश्रण की गांठें पूरी तरह से खत्म न हो जाएं. इसके बाद दही-बेसन के इस घोल में लाल मिर्च पाउडर, चीनी, दालचीनी पाउडर, स्वादानुसार नमक और 3-4 कप पानी डालकर मिलाएं.
अब एक कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें राई और खड़ी लाल मिर्च डालकर कुछ सेकंड्स तक भूनें. फिर इसमें कढ़ी पत्ते डालकर फ्राई करें. जब मसाले चटकने लग जाएं तो इसमें बेसन-दही का मिश्रण डालकर पकाएं. इसके बाद कढ़ी को ढककर पकाएं और बीच-बीच में चलाते जाएं.
जब कढ़ी में पहला उबाल आए तो गैस की फ्लेम धीमी कर दें और कड़ाही को ढककर 15-20 मिनट तक पकने दें. इसके बाद गैस बंद कर दें. आपकी गुजराती स्वाद से भरपूर कढ़ी बनकर तैयार हो गई है. इसे हरी धनिया पत्ती डालकर गार्निश करें और चावल के साथ सर्व करें.
खानपान जितना हेल्दी और पौष्टिक होगा, सेहत भी उतनी ही दुरुस्त होती है.
खानपान जितना हेल्दी और पौष्टिक होगा, सेहत भी उतनी ही दुरुस्त होती है. हालांकि आप हर दिन जो कुछ भी खा रहे हैं, क्या उससे शरीर को हर वो जरूरी पोषक तत्व मिल रहे हैं, जिनकी जरूरत है. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में पिछले कुछ सालों में विटामिन सप्लीमेंट्स की मांग काफी तेजी से बढ़ गई है. इसका साफ मतलब है कि आहार को सुधारने की जरूरत है. इसी को लेकर एक अध्ययन की गई. जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि शाकाहारी भोजन करने वालों में ओमेगा-3 (Omega 3) पोषक तत्व की कमी ज्यादा रहती है, जिससे कई बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है.
माजून सिंधी फेमस मिठाई सिंधी रेसिपी: पारंपरिक स्वाद और सर्दियों के विशेष व्यंजन
सामग्री
कुकिंग निर्देश
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1
पहले खोबरा बारीक कट करके पीस लें।खजूर भी बारीक पीस लें। दोनोको मिलाके रखें।
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2
काजू,बादाम,अखरोट छोटे टुकड़ो मे कट करे।
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3
250ग्राम बादाम,पिस्ता लंबे मे कट करे और पतला कट करे।
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4
ईलाईची मे थोडी शक्कर डाल कर पीस लें।
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5
पहले एक बड़े,जाडे बरतन में घी गरम करे। उसमे मावा को भूने उबाल आने पर दुध डाले।दुध को भी अच्छेसे उबाल आने पर शक्कर डाले।शक्कर कि कच्ची चाशनी बनाए।
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6
अभी ईस चाशनी में खोबरा और खजूर ka मिश्रण डाले।ईलायची,खसखस,काजू,बादाम,अखरोट डाले।अच्छेसे मिक्स करे।अभी गरम माजून को जिसमे डालना है उसमे डालकर बादाम और पिस्ता से सजाए ।हल्के हाथ से दबाए।
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जैसे मैने यहाँ दीखाया है।ऐसे भर सकते हैं देने के हिसाब से ।यातो बड़े थाल में डालकर चौकोर आकार मे कट कर सकते हैं ।
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8
तैयार है आपके लिए प्यार भरी सिंधी फ़ेमस मी
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अनिरुद्धाचार्य ने क्यों ठुकराया Bigg Boss 18 का ऑफर? कथा में बताई वजह
बिग बॉस को लेकर इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी बज बना हुआ है। शो भले ही सितंबर के आखिरी में शुरू होने की खबर हो लेकिन मेकर्स सेलेब्स को लगातार अप्रोच कर रहे हैं। इस बीच जब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को लेकर खबर आई कि उन्हें बिग बॉस 18 में शामिल होने का ऑफर दिया गया है तो फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अनिरुद्धाचार्य ने शो में जाने से साफ इनकार कर दिया। साथ ही करोड़ों रुपये के ऑफर को एक झटके में ठुकरा दिया। कथावाचक ने सलमान खान के शो का हिस्सा बनने से क्यों मना किया इस बात का खुलासा उन्होंने अपनी कथा के दौरान खुद किया है।जाहिर है कि सलमान खान का शो बिग बॉस टीवी पर लोगों की सबसे ज्यादा अटेंशन ग्रैब करता है। ऐसे में अगर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य शो का हिस्सा बनते तो टीआरपी काफी ज्यादा बूस्ट होती। हालांकि शो में आने से उन्होंने साफ मना कर दिया। अपनी कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने बताया कि उन्हें शो का ऑफर आया था लेकिन ये शो उनके संस्कारों और उनकी संस्कृति के साफ खिलाफ है।अनिरुद्धाचार्य ने कहा, ‘बिग बॉस की तरफ से मुझे ऑफर आया था कि गुरुजी आप आइए। करोड़ों रुपये का ऑफर भी दिया गया लेकिन मैंने उसे ठुकरा दिया। मैंने एक्सेप्ट नहीं किया। मुझे लगता है कि बिग बॉस अच्छे लोगों की जगह नहीं है। वहां सिर्फ गाली-गलौज करने वाले हिस्सा लेते हैं। मेरे लिए पैसा मायने नहीं रखता है। मेरे लिए मेरे संस्कार मायने रखते हैं। वो शो मेरे संस्कार और संस्कृति से बिल्कुल मैच नहीं करता है।’
बिग बॉस गाली-गलौज का शो
कथावाचक ने आगे कहा कि ‘बिग बॉस जो प्रोग्राम है, वहां गाली-गलौज करने वाले लोग रहते हैं। वो संस्कारी लोगों के लिए नहीं है। मेरा वहां जाना सही नहीं हो सकता ऐसा मुझे लगता है। इसलिए मैंने शो का ऑफर आते ही ठुकरा दिया। अगर मुझे पैसों का लालच होता तो करोड़ों का ऑफर बिल्कुल नहीं ठुकराता। लेकिन मेरा धर्म, संस्कृति और मेरे संस्कार पैसों से बहुत आगे हैं।’
श्री कृष्ण को भोग में चढ़ाएं धनिया पंजीरी, बेहद आसान है बनाने का तरीका
धनियां पंजीरी प्रसाद (Dhaniya Panjiri Prasad) फलाहार व्रत में ये ही खाई जाती है. सामान्य पंजीरी आटे की होने के कारण फलाहार व्रत में प्रसाद के रूप में नहीं ली जाती, व्रत करने वाले लोग व्रत खोलते समय सबसे पहले इस पंजीरी को खाकर ही अपना व्रत खोलते हैं.
धनियां पंजीरी (Dhania panjiri) विशेष रूप से जन्माष्टमी के दिन फलाहार व्रत खोलने में भी खाई जाती है. वैसे आप धनियां की पंजीरी कभी भी बनाकर खा सकते हैं ये बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक है.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Dhania Panjiri Prasad
- धनियां पाउडर- 100 ग्राम (एक कप)
- देशी घी - 3 टेबल स्पून
- मखाने - आधा कप
- पिसी चीनी या बूरा - आधा कप
- पका नारियल - आधा कप (कद्दूकस किया हुआ)
- काजू ,बादाम - 10 - 10
- चिरोंजी - एक चम्मच
कढ़ाई में 1 टेबल स्पून घी डालिये और बारीक पिसे धनिये को अच्छी सुगन्ध आने तक भून लिजिये कुछ लोग साबुत धनियां लेकर पहले उसे भून लेते हैं और बाद में बारीक पीस लेते हैं लेकिन मुझे पिसे धनियां को पीस कर पंजीरी बनान ज्यादा आसान और अच्छा लगता है.
मखाने को काट कर चार टुकड़े कर लीजिये और बचा हुआ घी डाल कर घी में तल कर निकाल लीजिये. भुने मखाने को बेलन या किसी भारी चीज से दरदरा कर लीजिये.

काजू और बादाम छोटे छोटे काट लीजिये.
भुना हुआ धनियां पाउडर, दरदरे मखाने, कद्दूकस किया नारियल, बूरा और मेवे मिला कर पंजीरी बना लीजिये.
धनियां की पंजीरी (Dhaniya Panjiri) तैयार है. ये धनियां की पंजीरी आप अपने लड्डू गोपाल को खिलाइये और आप खाइये.

