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CG : जोताई करने समय कीचड़ में फसा ट्रेक्टर, निकालने के दौरान पलटने से नीचे दबा चालक, हुई मौत

रायगढ़ : जिले में सोमवार की सुबह खेत जोताई करने समय कीचड़ में फंसे ट्रेक्टर को निकालने का प्रयास करते समय चालक की ट्रेक्टर के नीचे ही दबकर मौत हो जाने का मामला सामने आया है। उक्त घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवागढ़ निवासी गजानंद निषाद पिता दिलीप निषाद 30 साल जो कि ट्रेक्टर चलाने का काम करता था

सोमवार की सुबह 10 बजे वह ट्रेक्टर लेकर अपने ही खेत को जोतने पहुंचा था। इस दौरान खेत में कीचड़ ज्यादा होने की वजह से ट्रेक्टर कीचड़ में फंस गया था। इस दौरान गजानंद ट्रैक्टर को कीचड से निकालने कि कोशिश कर रहा था तभी अचानक वही ट्रेक्टर अनियंत्रित होकर गजानंद निषाद के ऊपर ही पलट गई।

अचानक घटी इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह गजानंद को ट्रेक्टर के नीचे से बाहर निकालकर घायल अवस्था में घरघोडा सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां मौके पर मौजूद चिकित्सक ने प्रारंभिक जांच में ही उसे मृत घोषित कर दिया। बहरहाल ट्रैक्टर चालक की मौत हो जाने के बाद घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए पूरे प्रकरण को जांच में ले लिया है। 

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CG : गणतंत्र दिवस को लेकर दिशा निर्देश जारी, रायपुर के पुलिस लाइन में राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण,

रायपुर : प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस समारोह पूरे प्रदेश में गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह का आयोजन होगा। राज्यपाल रमेन डेका इस गरियामय समारोह में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज एक परिपत्र जारी कर गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन के लिए समस्त विभाग, समस्त संभागायुक्त, समस्त कलेक्टर एवं समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को पूर्व के वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्कूली बच्चों के कार्यक्रम तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य स्तरीय आयोजन में राज्यपाल द्वारा ध्वजारोहण एवं परेड की सलामी के पश्चात उनका उद्बोधन होगा। इसके अलावा समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों/संस्थानों द्वारा चलित झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा और पदक अलंकरण समारोह भी होगा। समारोह स्थल में रंगीन गुब्बारे भी उड़ाए जाएंगे। राज्य स्तर पर होने वाले परेड में सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, डीएफ, जेल पुलिस बल, होमगार्ड, एसटीएफ कमांडो, बीएसएफ, आईटीबीटी एवं अन्य सशस्त्र बल की टुकड़ियां भी शामिल होंगी।

जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा विनिर्दिष्ट मंत्रीगण द्वारा ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली जाएगी एवं मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि केवल जिला मुख्यालयों को छोड़कर अन्य किसी भी स्थान में परेड नहीं होगी। यहां के परेड में सेना (जहां उपलब्ध हो), पुलिस, नगर सेना, जेल प्रहरी की टुकड़ियां भाग लेंगी। समारोह में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम गरिमामय एवं रूचिपूर्ण हों।

साथ ही जनपद पंचायत या तहसील स्तर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष द्वारा एवं ऐसी नगर पालिका/नगर पंचायत जिनका मुख्यालय ब्लॉक मुख्यालय पर नहीं है, उनमें नगर पालिका/नगर पंचायत के अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। पंचायत मुख्यालयों में सरपंच द्वारा एवं बड़े गांवों में, गांवों के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण किया जाकर, सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश की राजधानी रायपुर और अन्य जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा, इसे देखते हुए रायपुर व अन्य जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय कार्यालयों में ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रातः 9 बजे से पूर्व सम्पन्न कर लिया जाए, ताकि इन कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारीगण जिले के मुख्य समारोह में भाग ले सकें।

विभाग और कार्यालय प्रमुख द्वारा उनके शासकीय कार्यालयों में ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित कर सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया जाएगा। शासकीय और सार्वजनिक भवनों में ध्वजारोहण किया जाएगा और 26 जनवरी की रात्रि में रोशनी की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ की जेलों में क्यूआरटी का गठन: अपराध रोकथाम की दिशा में सशक्त पहल

मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर छत्तीसगढ़ राज्य में जेलों की सुरक्षा और व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जेल मुख्यालय के निर्देश पर सभी जेलों में क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है। यह टीम किसी भी अप्रिय घटना के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य जेलों के भीतर होने वाली आपराधिक घटनाओं को रोकना और आपातकालीन स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देना है। **मॉक ड्रिल और रिहर्सल से तैयार हो रही क्यूआरटी** क्यूआरटी के गठन के बाद, जेल प्रशासन नियमित रूप से मॉक ड्रिल और रिहर्सल आयोजित कर रहा है। इन अभ्यासों के जरिए टीम को वास्तविक स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। **कैदियों की व्यवहार प्रोफाइलिंग** जेलों में कैदियों के बीच आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उनकी व्यवहार प्रोफाइलिंग तैयार की जा रही है। इसमें कैदियों की आपराधिक समूहों से संबद्धता, उनके इतिहास और अन्य गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। **शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण** कैदियों को हिंसक प्रवृत्तियों से दूर रखने और उन्हें रचनात्मक दिशा देने के लिए शैक्षणिक और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसमें जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल और अन्य उपयोगी पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन प्रयासों से कैदियों के तनाव में कमी आई है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। **मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और परामर्श** कैदियों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, थेरेपी और परामर्श प्रदान किए जा रहे हैं। इन सेवाओं का उद्देश्य अपराध के सामाजिक-आर्थिक कारणों को संबोधित करना और कैदियों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को सुधारना है। इसके साथ ही, उनके परिवारों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। **मनोरंजन और खेल गतिविधियां** बंदियों के बीच टीमवर्क और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए जेल प्रशासन ने मनोरंजन और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके साथ ही, योग और ध्यान जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो कैदियों को मानसिक शांति प्रदान करने में मदद कर रहे हैं। **आधुनिक तकनीक का उपयोग** जेलों में सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी प्रणाली को सशक्त किया गया है। इसके अलावा, आसूचना तंत्र को भी मजबूत बनाया गया है ताकि किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि की समय पर जानकारी प्राप्त हो सके। **जेल कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश** जेल प्रशासन ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जेल नियमावली का पालन करें और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी, मेहनत और लगन से निभाएं। **बिलासपुर सर्कल में क्यूआरटी का गठन** केन्द्रीय जेल, बिलासपुर के अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निर्देश पर बिलासपुर सर्कल की सभी जेलों में क्यूआरटी का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य निर्देशों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जा रहा है। **सुधार और पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम** जेल प्रशासन के ये प्रयास न केवल जेल के भीतर की व्यवस्था को सुधारने में सहायक हैं, बल्कि कैदियों के जीवन में सुधार और पुनर्वास की दिशा में भी एक सशक्त पहल हैं। इन योजनाओं से कैदियों के पुनर्वास की संभावनाएं बढ़ी हैं और उनकी आपराधिक जीवन में वापसी की संभावना कम हो रही है। छत्तीसगढ़ की जेलों में इन सुधारात्मक उपायों और तकनीकी नवाचारों से जेल व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह पहल राज्य की जेल प्रणाली को एक नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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विकास कार्यों के नाम पर बंदरबांट, फाइलों में काम को पूरा बताकर किया करोड़ों का भुगतान…

गरियाबंद :-  जिले के देवभोग जनपद की पंचायतों में 15वें वित्त आयोग के फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. कार्यकाल फरवरी 2025 में खत्म होने वाला है, ऐसे में आचार संहिता लगने से पहले ही 50 पंचायतों ने महज 15 दिनों में 2.43 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया. मूडागांव पंचायत में ग्रामीणों की शिकायत के बाद अन्य पंचायतों की गड़बड़ियों का भी खुलासा हुआ है.

मूडागांव पंचायत के पंचों और ग्रामीणों ने सरपंच सचिव के खिलाफ 15वें वित्त योजना के कार्य के साथ अन्य योजना में मनमानी का आरोप लगा कलेक्टर व सीईओ जिला पंचायत से शिकायत किया है.

मूडागांव पंचायत के उपसरपंच और पंचों ने सरपंच व सचिव पर योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर व सीईओ से शिकायत की है. ग्रामीणों ने बताया कि बिना प्रस्ताव पास किए फर्जी कार्य योजनाएं बनाई गई और 10 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया. गांव में कूड़ेदान, सफाई और हैंडपंप जैसे कार्य जमीन पर नहीं दिखे, जबकि उनके लिए भुगतान हो चुका था. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच के पति अगला चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, इसलिए सरकारी फंड का उपयोग मतदाताओं को लुभाने में किया जा रहा है.

50 पंचायतों ने 2.17 करोड़ रुपये निकाले

शिकायत में बताया कि 8 से 26 दिसंबर के बीच 50 पंचायतों ने 2.17 करोड़ रुपये निकाले. इनमें 15 पंचायतों ने 5 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया. कई पंचायतों में कार्य केवल कागजों पर ही पूरे दिखाए गए. शिकायत के बाद जांच के लिए अधिकारी गांव पहुंचे तो कई फर्जी भुगतान उजागर हुए.

जानकारी मुताबिक, 5 लाख से ज्यादा का आहरण करने वाले पंचायत में ग्रा पं बाड़ीगांव 5,96,888 रु, ग्रा पं बरबहली 7,40,324 रु, ग्रा पं धौराकोट 6,15,682 रु, ग्रा पं डोहल 5,88,800 रु, ग्रा पं डूमरबहाल 13,85,590रु, ग्रा पं गंगाराजपुर 7,49,900 रु, ग्रा पं झाखरपारा 5,71,100रु, ग्रापं केटपदर 10,58,870 रु, ग्रा पं करचिया 7,76,492रु, ग्रापं लाटापारा 5,17,478रु,ग्रा पंच मुड़ागांव 9,51,580,ग्रा पं नवागुड़ 54,300रु, ग्रा पंच निष्टीगुड़ 4,96,020रु, ग्रा पं सुकलीभाटा 7,18,930रु, ग्रा पंच सितलीज़ोर 10,65,000 रु, ग्रा पं उसरीपानी 7,46,080रु का आहरण किया है.

15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग के लिए पंचायतों को प्रस्ताव पारित कर कार्य योजना बनानी होती है. नियमों के अनुसार, कार्य शुरू होने से पहले एडवांस में 30%, प्रगति पर 30% और कार्य पूरा होने पर 40% भुगतान किया जाता है. लेकिन इन नियमों को दरकिनार कर फंड का दुरुपयोग किया गया.

सीईओ करेंगे मामले की जांच

देवभोग जनपद के सीईओ रवि कुमार सोनवानी ने कहा कि मूडागांव मामले की जांच वे स्वयं करेंगे. बाकी पंचायतों की जांच भी की जाएगी और गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. पंचायतों में फर्जी बिलों के जरिए विकास कार्य दिखाकर फंड का दुरुपयोग किया गया. ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी जताई और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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CG : ईंट-भट्ठे में पति-पत्नी की तंबू के भीतर संदिग्ध हालत में मिली लाश...जाँच में जुटी पुलिस…!!

सरगुजा :- सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत अवैध रूप से संचालित गमला ईंट-भट्ठे में पति-पत्नी की तंबू के भीतर संदिग्ध हालत में लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। दोनों भट्ठे में मजदूरी करते थे। पति-पत्नी की अपने 2 मासूम पुत्रों को घर पर छोडक़र भट्ठे में गए थे। सुबह जब बच्चे उनसे मिलने भट्ठे पर पहुंचे तो बिस्तर पर पड़ी उनकी लाश मिली। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बरामद कर पीएम पश्चात परिजन को सौंप दिया। दोनों की मौत कैसे हुई? पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।

दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम पलगढ़ी निवासी कलिंदर अगरिया पिता जयपाल अगरिया 30 वर्ष अपनी पत्नी सुंदरी अगरिया 25 वर्ष के साथ गांव में अवैध रूप से संचालित गमला ईंट-भट्ठा में ईंट (Husband-wife died) बनाने का काम करते थे। पति-पत्नी अपने दोनों पुत्र 12 वर्षीय हीरालाल व 8 वर्षीय मोतीलाल को घर पर छोडक़र ईंट-भट्ठे में सोने गए थे।

दोनों भट्ठे में ही बने तिरपाल के तंबू के भीतर आग जलाकर सो गए थे। रविवार की सुबह दोनों बेटे माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। यहां उन्होंने आवाज लगाकर दोनों को जगाया तो शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। दोनों की मौत (Husband-wife died) हो चुकी थी।माता-पिता को मृत अवस्था (Husband-wife died) में देख बच्चे दौडक़र घर पहुंचे और परिजनों को ये बात बताई। इसके बाद परिजन भट्ठे पर पहुंचे और सरपंच को सूचना दी। सरपंच की सूचना पर लखनपुर व दरिमा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पश्चात शवों को बरामद कर अस्पताल भिजवाया। 
पीएम पश्चात पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। दोनों की मौत कैसे हुई? इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। दरिमा पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।

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CG ACCIDENT : तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार तीन युवकों की मौत

राजनांदगांव : जिले से हादसे की बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां घुमका थाना क्षेत्र अंतर्गत एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार तीन लोगों की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार आज रविवार की शाम लगभग 04:30 बजे घुमका क्षेत्र के ग्राम मुरमुंदा तिराहा के पास बेमेतरा की ओर से आ रही ट्रक के चालक ने ग्राम मुरमुंदा की ओर से आ रहे मोटर साइकिल सवार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मोटर साइकिल में सवार 30 वर्षीय भुवन यादव, 26 वर्षीय तुलेश्वर यादव और 30 वर्षीय नारद यादव की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक पर कार्रवाई की है।

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CG : फिर विवाद में फिल्म पुष्पा-2, छत्तीसगढ़ में विरोध, जानिए पूरा मामला

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की मुश्किलें इन दिनों कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फिल्म के रिलीज होने के बाद इसमें दिखाए गए कई दृश्यों, शब्दों और किरदारों को लेकर कई आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। इस बीच अब छत्तीसगढ़ में फिल्म में दिखाए गए एक सीन को लेकर श्रीराम सेना के अध्यक्ष महर्षि गौतम ने आपत्ति जताते हुए इसे पुलिस का अपमान बताया है और गृह मंत्री अमित शाह से सेंसर बोर्ड, फिल्म डायरेक्टर और अभिनेता अल्लू अर्जुन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन पत्र सौंपा है।

बता दें कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रहने वाले श्रीराम सेना के अध्यक्ष महर्षि गौतम ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि फिल्म पुष्पा-2 में एक IPS अधिकारी को बहुत ही गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो कि IPS जैसे पद की गरिमा और उनकी छवि को धूमिल कर रहा है। यही नहीं, फिल्म में IPS अधिकारी को स्विमिंग पूल में गिराकर उसमें पेशाब करने जैसे दृश्यों का इस्तेमाल किया गया है, जो कि बेहद आपत्तिजनक है।

श्रीराम सेना के अध्यक्ष ने दी ये चेतावनी

गृह मंत्री से शिकायत करते हुए श्रीराम सेना के अध्यक्ष ने मांग की है कि सेंसर बोर्ड और फिल्म के हीरो व डायरेक्टर के खिलाफ कार्यवाही की जाए। इस संबंध में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत आवेदन दिया गया है और फिल्म के हीरो, डायरेक्टर और सेंसर बोर्ड के खिलाफ पेंड्रा थाने में तत्काल अपराध दर्ज करने की मांग की गई है। श्रीराम सेना के अध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी सेंसर बोर्ड को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि फिल्म के डायरेक्टर, हीरो और सेंसर बोर्ड के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया गया, तो वह न्यायालय की शरण में जाएंगे।

हैदराबाद भगदड़ मामले में अल्लू की हो चुकी है गिरफ्तारी

गौरतलब है कि 4 दिसंबर को वे हैदराबाद में पुष्पा-2 के प्रीमियर के दौरान संध्या थिएटर में बिना बताए पहुंचे थे। इससे वहां भीड़ जमा हुई और भगदड़ मच गई थी। एक महिला की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में अल्लू करीब 18 घंटे तक पुलिस की कस्टडी में रहे थे, जिसके बाद उन्हें रिहाई दी गई। हालांकि, इसके बावजुद अल्लू और फिल्म कास्ट को कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा रहा है।

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*लोक निर्माण विभाग ने 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को किया अद्यतन, ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम होगा कम*

*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सड़क एवं सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची का किया विमोचन* *लोक निर्माण विभाग ने 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को किया अद्यतन, ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम होगा कम* *1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगा नया एसओआर* *सड़कों के संधारण के लिए राज्य में पी.बी.एम.सी./ओ.पी.आर.एम.सी. होगा लागू, विभाग जल्द शुरू करेगा पायलेट प्रोजेक्ट* रायपुर. 29 दिसम्बर 2024. उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज सड़क एवं सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची (SOR) का विमोचन किया। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को अद्यतन किया गया है। नए एसओआर में नई मशीनरी और निर्माण की नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इनसे गुणवत्तापूर्ण कार्यों के साथ ही ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम कम होगा। राज्य में 1 जनवरी 2025 से नया एसओआर लागू होगा। सड़कों के प्रभावी संधारण के लिए छत्तीसगढ़ में भी पी.बी.एम.सी./ओ.पी.आर.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract/Output and Performance Based Maintenance Contract) लागू किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा जल्दी ही पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए एसओआर के विमोचन के मौके पर आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नए एसओआर के लागू होने के बाद इनमें और आसानी होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रचलित एसओआर 1 जनवरी 2015 से लागू है। उस समय इसमें 2014 में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्री की दर एवं मशीनरी की दर शामिल की गई थी, जिनमें अब दस वर्षों के बाद बहुत अधिक परिवर्तन आ चुका है। नवीन दर अनुसूची वर्तमान में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्रियों की दर एवं मशीनरी की दर के आधार पर तैयार किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि वर्ष-2015 में जारी की गई दर अनुसूची उस समय प्रचलित सभी टैक्सेस (Taxes) को समावेशित करते हुये तैयार की गई थी। नए एसओआर में देश में 1 जुलाई 2017 से लागू जी.एस.टी. को समाहित किया गया है। ठेकेदार अपनी निविदा दर जी.एस.टी. सहित देंगे जिससे ठेकेदार को पृथक से जी.एस.टी. का भुगतान नहीं करना होगा, परन्तु कार्य की लागत में जी.एस. टी. का प्रभाव सम्मिलित रहेगा। दरों को जी.एस.टी. के प्रभाव के बिना रखे जाने से समय-समय पर जी.एस.टी. की दरों में होने वाले परिवर्तन के कारण ठेकेदार को कार्य करने में जोखिम नहीं रहता है। जी.एस.टी. का प्रभाव सम्मिलित प्रचलित जी.एस.टी. की दरों को प्राक्कलन में जोड़ा जाएगा। ऐसा करने से ठेकेदारों पर वित्तीय जोखिम नहीं आएगा। श्री साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि विगत 10 वर्षों में कई नवीन तकनीक (New technology), नए मटेरियल एवं आई.आर.सी. द्वारा विभिन्न कार्यों की कार्यविधि में परिवर्तन किया गया है। इन नवीन तकनीकों और मटेरियल्स के उपयोग का प्रावधान भी नवीन एस.ओ.आर. में किया गया है। इनमें सीमेंट एवं केमिकल से स्वाइल स्टेबलाईजेशन, पेव्हमेंट व्हाइट टॉपिंग, रोड साइनेज में एल्युमिनियम कम्पोजिट मटेरियल शीटिंग का उपयोग, प्रीकास्ट आर.सी.सी. ड्रेन, प्रीकास्ट बाक्स कल्वर्ट, फाउंडेशन कार्य में आर.सी.सी. के उच्च ग्रेड एम-40, एम-45, एम-50 का उपयोग, सब-स्ट्रक्चर कार्य में प्री-स्ट्रेसिंग, बम्बू क्रैश बैरियर और नॉइज बैरियर जैसी नई चीजें शामिल हैं। श्री साव ने बताया कि नवीन दर अनुसूची लागू होने से निर्माण कार्यों के डी.पी.आर./ प्राक्कलन में कार्य लागत का आंकलन वास्तविक होगा एवं कार्यों हेतु प्रशासकीय स्वीकृति की जाने वाली राशि कार्य करते समय पुनरीक्षित स्वीकृति की आवश्यकता कम होगी। कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने में सार्थक परिणाम मिलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि सड़कों के संधारण के लिए वर्तमान पद्धति में सड़क के वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त होने की संभावना के अनुसार पूर्वानुमान लगाकर निविदाएं आमंत्रित कर ठेकेदारों का चयन कर संधारण कार्य किया जाता है। कई बार ऐसी स्थिति होती है कि सड़क खराब रहती है, परन्तु संधारण हेतु एजेंसी उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़कों के गड्ढे भरने एवं संधारण में विलम्ब होता है। कई बार एजेंसी निर्धारित होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा संधारण कार्य समय पर नहीं करने के कारण भी सड़कें गड्ढायुक्त एवं क्षतिग्रस्त रहती हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा कई राज्यों के लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के संधारण हेतु पी.बी.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract)/ओ.पी.आर.एम.सी. (Output and Performance Based Maintenance Contract) पद्धति से सड़कों का संधारण कार्य किया जा रहा है। इसके संधारण हेतु सड़कों का चयन कर 5 वर्ष से 7 वर्ष तक लगातार संधारण हेतु एक ही एजेंसी निर्धारित की जाती है एवं सड़क खराब होने पर या आकस्मिक किसी तरह का सुधार/अति क्षति होने पर सुधार कार्य हेतु निर्धारित एजेंसी द्वारा अनुबंधित निर्धारित समय-सीमा में सड़क का सुधार कार्य किया जाता है। सड़क का नियमित संधारण भी ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में किया जाता है। यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा में सड़क सतह सुधार का कार्य नहीं करते हैं तो प्रत्येक दिन विलम्ब हेतु पेनाल्टी का भी प्रावधान है। इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग ऑनलाइन भी की जाती है, जिससे सड़क कहां-कहां पर अच्छी या खराब स्थिति में है, यह कंट्रोल रूम में बैठकर ही देखा जा सकता है। छत्तीसगढ़ में भी इस पद्धति से कार्य करने का निर्णय लोक निर्माण विभाग द्वारा लिया गया है। जल्दी ही पायलेट आधार पर कुछ जिले चयनित कर इसे लागू किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट्स के सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने पर पूरे राज्य में सड़कों के संधारण के लिए इसे लागू किया जाएगा।
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CG NEWS : तेज रफ्तार बस ने खड़ी ट्रक को मारी ठोकर, चक्के के नीचे दबने से महिला की मौत

रायगढ़ : जिले से हादसे की खबर सामने आ रही है, यहां सितारा बस ने खड़ी ट्रक को ठोंकर मार दी, हादसे में चक्के में दबकर महिला की मौत हो गई है, घटना पूँजीपथरा थाना क्षेत्र की है।

मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह रायगढ़ से सुबह 6 बजे कुनकुरी के लिये सितारा बस निकली, जो समारुमा के पास खड़ी ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी, बस का शीशा सामने से तोड़ते हुए सामने बैठी महिला बस के नीचे आ गई, चक्के में दबने से मौत हो गई है। पूंजीपथरा पुलिस मौके पर पहुंच कर आगे कि कार्यवाही में जुट है।

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CG : पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, दो लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत, दो की हालत गंभीर

दुर्ग : जिले में बड़ा हादसा हुआ है, यहां नंदिनी थाना क्षेत्र के ग्राम मेडेसरा पॉवर ग्रिड के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। इस घटना में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई वहीं दो लोग हालत गंभीर बताई जा रही है। पेड़ से टकराने के बाद कार में आग लग गई और आग से कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई।

नंदिनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि कार दुर्ग से धमधा की ओर जा रहा था इसी दौरान मेडेसरा के पास सड़क किनारे पेड़ से टकराई। जिसके मौके पर दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पीछे बैठे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  कार में चार लोग दुर्ग से धमधा की तरफ जा रहे थे। मेडेसरा के पास बने पावर ग्रिड के पास कार पहुंची कि अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। कार काफी तेज रफ्तार में थी और जैसे ही पेड़ से टकराई उसमें आग लग गई। कार टकराने से कार चालक अमित ताम्रकार (30 साल) निवासी वार्ड 12 तमेरपारा दुर्ग और आदित्य कसेर (33 साल) निवासी वार्ड 13 धमधा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार के पीछे बैठे उनके साथी अनीश ताम्रकार और सुधांशु ताम्रकार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर कार के अंदर से चारों लोगों को बाहर निकाला।

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Chhattisgarh : NIA की छापेमारी कार्रवाई, 11 ठिकानों पर NIA ने दी दबिश, संदिग्धों के ठिकानों से नक्सली पर्चे, डिजिटल डिवाइस समेत आपत्तिजनक सामग्री जब्त..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ED के साथ ही NIA की भी रेड मारी है। जानकारी मिली है कि NIA की टीम ने गरियाबंद और धमतरी जिले में छापेमार कार्रवाई की है। धमतरी और गरियाबंद जिले के संवेदनशील माओवादी प्रभावित इलाके के रावनडिग्गी, सेमरा, मैनपुर, घोरागांव, केराबाहरा समेत अन्य गांवों में 11 संदिग्धों के कई ठिकानों पर दबिश दी है। एनआईए ने तलाशी के दौरान नक्सली पर्चे/बुकलेट, मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस, 1.5 लाख रुपए नकद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।

बताया जा रहा कि साल 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान और सुरक्षा दल पर नक्सली हमले के सिलसिले में टीम ने दबिश दी है। विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ेगोबरा गांव से मतदान के बाद लौट रहे मतदान दल और सुरक्षाकर्मियों पर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में आइटीबीपी एडहॉक 615 बटालियन के हेड कांस्टेबल की हत्या करने वाले आइईडी विस्फोट के पीछे मैनपुर-नुआपाड़ा डिवीजन का हाथ सामने आने के बाद NIA मामले की जांच कर रही है। NIA 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश कर चुकी है।

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छत्तीसगढ़ के इस जिले में देवी माँ को नारियल, फूल, मिठाई नहीं बल्कि प्रसाद के रूप में चढ़ते हैं कंकड़ और पत्थर

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऐसे कई मंदिर हैं, जिसकी मान्यता काफी खास है। बिलासपुर में भी देवी का एक अनोखा मंदिर है, जहां माता को नारियल, फूल, पूजा सामग्री का चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि यहां प्रसाद के रूप में कंकड़ व पत्थर का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। इस अनोखी परंपरा का पालन सदियों से किया जा रहा है। आईए देखते हैं इस मंदिर की पूरी कहानी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के खमतराई क्षेत्र में स्थित बगदाई मंदिर, जिसे वनदेवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, एक अनोखी धार्मिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भक्तजन देवी मां को प्रसन्न करने के लिए फूल, नारियल, या मिठाई जैसे पारंपरिक चढ़ावे नहीं चढ़ाते, बल्कि पत्थर चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है।

मंदिर में वनदेवी को विशेष प्रकार के पत्थर, जिन्हें चमर गोटा पत्थर कहा जाता है, मां को अर्पित किए जाते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार, खेतों में पाए जाने वाले इन पत्थरों को देवी मां अत्यंत प्रिय मानती हैं। यहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी मां के चरणों में पांच पत्थर चढ़ाते हैं। ऐसा माना जाता है कि वनदेवी इन चढ़ावों से प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करती हैं।

सदियों पुरानी इस परंपरा का पालन आज भी पूरे भक्ति भाव से किया जाता है। यह मंदिर न केवल आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का केंद्र है। खमतराई का यह मंदिर देवी मां के प्रति अनूठी भक्ति और विश्वास का प्रतीक है, जहां भक्तजन अपने विश्वास और श्रद्धा के साथ पत्थरों को अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

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BREAKING : कलेक्टर ने की बड़ी कार्रवाई, धान सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली करने वाले पटवारी को किया निलंबित, जानिए पूरा मामला…!!

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही। जिले के ग्राम ठेंगाडांड़, हल्का खोडरी तहसील पेंड्रारोड में पटवारी मुकेश्वर नाथ साहू द्वारा किसानों से धान का सत्यापन करने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया था। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर रीना कमलेश मंडावी ने आरोपी पटवारी को निलंबित कर दिया है।

कलेक्टर कार्यालय गौरेला पेण्ड्रा मरवाही द्वारा जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, पटवारी के खिलाफ मामले की जांच में रिश्वत लेने के आरोप सत्य पाए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। पटवारी मुकेश्वर नाथ साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और उन्हें मुख्यालय भू-अभिलेख शाखा जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

देखें आदेश....

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CG -दर्दनाक सड़क हादसा...ट्रक-कार की टक्कर से लगी भीषण आग, जिंदा जले 2 युवक.....

अंबिकापुर। सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शहर के भट्ठी रोड निवासी कार सवार 2 युवकों की ट्रक की टक्कर से लगी आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। दरअसल दोनों युवक कार से बिलासपुर की ओर जा रहे थे। वे कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे पर चोटिया से आगे पहुंचे ही थे कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सडक़ के नीचे जा गिरी और उसमें आग लग गई। इधर ट्रक भी कार के ऊपर चढ़ गया। इससे वह भी आग की चपेट में आ गया।

अंबिकापुर के भट्ठी रोड गणेश दादा गली निवासी शिवम सिंह पिता स्व. ईश्वर सिंह 25 वर्ष अपने दोस्त गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चठिरमा निवासी विकास भगत के साथ कार क्रमांक सीजी 15 डीयू 2747 से बिलासपुर जाने निकला था। विकास भगत का चठिरमा में पेट्रोल पंप है। दोनों दोपहर अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे पर कोरबा थाना क्षेत्र के चोटिया को पार हुए थे।

इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सडक़ से उतरकर खेत में गिर गई और उसमें आग लग गई। इसी बीच ट्रक भी कार के ऊपर जा चढ़ा। इससे ट्रक भी जलने लगा। हादसे में शिवम सिंह समेत दोनों युवकों की जलकर मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

 
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ईडी केंद्रीय जाँच एजेंसी इनपुट के आधार पर जाँच करती है - केदारनाथ गुप्ता

ईडी केंद्रीय जाँच एजेंसी इनपुट के आधार पर जाँच करती है - केदारनाथ गुप्ता

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा के ठिकानों पर बस्तर से लेकर रायपुर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शनिवार को मारे गए छापों के मद्देनजर कहा है कि ईडी की जो कार्रवाई हुई है, वह इनपुट के आधार पर है। श्री गुप्ता ने कहा कि चूँकि लखमा मंत्री भी रहे हैं और कुछ भ्रष्टाचार के मामले भी बस्तर क्षेत्र के सामने आए हैं, इसलिए ऐसा प्रतीत हैं रहा है कि कहीं-न-कहीं कुछ-न-कुछ दाल में कुछ काला तो जरूर है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने कहा कि कवासी लखमा भूपेश सरकार में आबकारी मंत्री रहे हैं और इस दौरान प्रदेश में 2200 करोड़ रुपए का शराब घोटाला भी हुआ है। यह चर्चा का विषय है कि कवासी लखमा का पूरा परिवार राजनीतिक रहा है और लखमा परिवार लगातार कुछ-न-कुछ मामलों में जनता के बीच चर्चा का विषय रहता है, अखबारों में आता है। श्री गुप्ता ने कहा कि झीरम घाटी नक्सली हमले के समय भी जनता में चर्चा का विषय था कि लखमा अकेले कैसे बच निकले? उन्हें मोटर साइकिल कैसे मिल गई? यह हमारा आरोप नहीं है, जनता कहती है।

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राज्यपाल रमेन डेका से कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नेताम ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल  रमेन डेका से आज राजभवन में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने विभागीय कार्यों से राज्यपाल को अवगत कराया।

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