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BREAKING : एसपी ने 2 TI, 2 SI, और 2 ASI समेत सैकड़ों पुलिसकर्मियों का किया तबादला, देखिए पूरी लिस्ट
महासमुंद : सक्ती के बाद अब महासमुंद जिले के पुलिस विभाग बंपर तबादला हुआ है. पुलिस अधीक्षक ने दो थाना प्रभारी, दो एसआई, दो एएसआई और कई आरक्षकों का ट्रांसफर किया है, जारी आदेश में 125 पुलिस कर्मचारियों का नाम शामिल है, जिनका ट्रांसफर किया गया है.
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छत्तीसगढ़ : शादी के 48 घंटे के बाद युवक ने फांसी लगाकर दी जान...जाने क्या है पूरा मामला
केशकाल। शहर के फरगांव थाना क्षेत्र के ग्रामबरकई में एक युवक ने शादी के 48 घंटे बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सूचना पर मौके में पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मामले को जांच में लिया है।
बता दें कि मृतक युवक ने शादी के 2 दिन बाद ही फांसी लगाकर आत्महत्या की है। बताया जाता है कि युवक ने बीती रात घर से थो़ड़ी ही दूर खेत में पेड़ पर फांसी लगाई है। सुबह ग्रामीणों ने देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को पेड़ से नीचे उतारा और मामले को गंभीरता से लेते हुआ मर्ग कायम कर जांच में ली है। जिसमें पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। वहीं आशंका जता रही है कि लव ट्राइंगल का मामला हो सकता है।
किरण देव ने कहा : छत्तीसगढ़ को करों की हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त राशि इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री मोदी और छत्तीसगढ़ का नाता बहुत गहरा है और छत्तीसगढ़ की जनता भी इस नाते को निभाएगी
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कर हस्तांतरण प्रक्रिया में प्रदेश को 4,842 करोड़ रुपए की किश्त जारी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति प्रदेश इकाई और प्रदेशवासियों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित की है। श्री देव ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि निश्चित ही यह राशि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगी। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल में अब तक कर की हिस्सेदारी और योजनाओं के तहत 4,842 करोड़ रुपए की इस राशि को मिलाकर प्रदेश को 3.70 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ तब केंद्र में एक लम्बे समय तक केंद्र में कांग्रेसनीत यूपीए की सरकार 10 वर्षों तक काबिज थी। प्रदेश में तब डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व में भाजपा की सरकार थी और तब केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार को कोई उल्लेखनीय आर्थिक मदद नहीं मिल पाती थी, लेकिन जबसे केंद्र में प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सरकार गठित हुई है, 2014 से 2024 तक के 10 वर्षों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को 3.70 लाख करोड़ रुपए प्रदेश के विकास के लिए करों की हिस्सेदारी और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दिए गए हैं। श्री देव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के छत्तीसगढ़ के प्रति आत्मीय लगाव, प्रेम और छत्तीसगढ़ के लोगों के विकास के लिए चिंता और संवेदनशीलता का परिचायक है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ को करों की हिस्सेदारी के रूप में 4,842 करोड़ रुपए की जो राशि प्राप्त हुई है, वह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और छत्तीसगढ़ का नाता बहुत गहरा है और छत्तीसगढ़ की जनता भी इस नाते को निभाएगी।
अन्नदान महादान : स्कूली बच्चों को ‘न्योता भोजन’ में मिलेगा पौष्टिक आहार
छत्तीसगढ़ में दानवीर लोगों की कमी नहीं है। वैसी भी दान देने की परम्परा हमारे समाज में प्राचीन काल से चली आ रही है। यहां नई फसल की खुशी में छेरछेरा पर्व में दान देने की परंपरा है। यह हमारे समाज की दानशीलता का उदाहरण है। हमारे शास्त्रों में भी अन्नदान को महादान की संज्ञा दी गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए समाज की इसी परम्परा का सहारा ले रही है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना में समुदाय की भागीदारी जोड़ते हुए न्योता भोजन की अनूठी पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया में आश्रम शाला के बच्चों को अपने जन्मदिवस पर न्योता भोजन कराते हुए इस योजना की शुरूआत की है।
छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों को अब नियमित रूप से मिल रहे भोजन के अलावा समाज के अग्रणी और सक्षम लोगों के जरिए न्योता भोजन में पौष्टिक और रूचिकर खाद्य सामग्री मिलेगी। ‘न्योता भोजन’ तीन प्रकार के हो सकते हैं - पूर्ण भोजन (शाला की सभी कक्षाओं हेतु), आंशिक पूर्ण भोजन (शाला के किसी कक्षा विशेष हेतु), अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री।
दान-दाताओं द्वारा प्रदान किया जाने वाला खाद्य पदार्थ अथवा सामग्री उस क्षेत्र के खान-पान की आदत (फुड हैबिट) के अनुसार होनी चाहिए। पूर्ण भोजन की स्थिति में नियमित रूप से दिये जाने वाले भोजन के समान बच्चों को दाल, सब्जी और चावल सभी दिया जाना है। फल, दूध, मिठाई, बिस्किट्स, हलवा, चिक्की, अंकुरित खाद्य पदार्थ जैसे सामग्री, जो बच्चों को पसंद हो का चुनाव अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है। पौष्टिक एवं स्वादिष्ट मौसमी फलों का चयन भी पूरक पोषण सामग्री के रूप में किया जा सकता है।
न्योता भोजन का उद्देश्य समुदाय के बीच अपनेपन की भावना का विकास, भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि तथा सभी समुदाय वर्ग के बच्चों में समानता की भावना विकसित करना है। इस योजना में समाज के अग्रणी और सक्षम लोगों के अलावा कोई भी सामाजिक संगठन, स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं अथवा अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं। यह स्कूल में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं होगा, बल्कि यह विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन का पूरक होगा।
न्योता भोजन समुदाय के सक्षम लोग भी विवाह के वर्षगांठ, जन्मदिन, राष्ट्रीय पर्व आदि विशेष अवसरों पर भी स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोज्य पदार्थ उपलब्ध करा सकेंगे। यह पूर्ण रूप से ऐच्छिक होगा। दानदाता स्कूली बच्चों को मौसमी फल, दूध, मिठाई, बिस्किट, हलवा, अंकुरित खाद्य पदार्थ आदि वितरित कर सकते हैं। न्यौता भोजन के लिए बच्चों की रूचि के अनुरूप दानदाता खाद्य पदार्थ का चयन कर सकते हैं।
‘न्योता भोजन’ में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना से लाभांवित हो रहे बच्चों को अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदाय किया जा सकेगा। इस योजना के संचालन के लिए शाला विकास समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति समुदाय में ऐसे दान दाताओं की पहचान करेगी, जो रोटेशन में माह में कम से कम एक दिन शाला में ‘न्योता भोजन’ करा सके। दान दाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें शाला की प्रार्थना सभा अथवा वार्षिक दिवस में सम्मानित भी किया जाएगा।
श्रम मंत्री सह अध्यक्ष देवांगन ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना का किया शुभारंभ
श्रम मंत्री सह अध्यक्ष लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने आज नवा रायपुर मण्डल मुख्यालय कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। इसके पश्चात उन्होने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप श्रमिकों के हित एवं उनके बेहतर जीवन यापन हेतु सरकार के मंशाअनुरूप निर्माण श्रमिकों के पंेंशन योजना का शुभांरभ किया। जिसमें पात्र निर्माण श्रमिकों को पेंशन राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरण आज योजना प्रारंभ कर किया गया है।
मंडल द्वारा संचालित ‘‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना’’ के तहत् ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिनकी आयु 60 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन श्रमिकों को जीवन पर्यन्त प्रतिमाह राशि 1500 रूपए पेंशन दिया जाना प्रावधानित है, अगर ऐसे पेंशनधारी निर्माण श्रमिक जिनकी मृत्यु हो जाती है उन परिस्थिति में निर्माण श्रमिक के आश्रित (पति/पत्नी) को राशि 750 रूपए मासिक पेशन दिये जाने का प्रावधान है।
इसी प्रकार निर्माण श्रमिकों के बच्चो हेतु “मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना” के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिक के स्वयं अथवा उनके आश्रित संतानों को व्यापम, पीएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड, एसएससी आदि द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये योजना का शुभांरभ किया जाकर आज अनुबंध किया गया हैै । अब प्रदेश के किसी भी निर्माण के बच्चो को शिक्षा एवं रोजगार में कमी नही होगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्रीमती सविता मिश्रा, अपर श्रमायुक्त, एस.एल.जांगड़े, उप श्रमायुक्त डी.पी.तिवारी, उप श्रमायुक्त, एस.एस.पैकरा, उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तोषण साहू, वरिष्ठ लेखाधिकारी, रामगोपाल जायसवाल, कोरबा नगर निगम के पार्षद नरेन्द्र देवांगन, प्रफुल्ल तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार सहित कर्मकार कल्याण मंडल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
शिल्पकला का उत्कृष्ट नमूना है राजिम का सबसे प्राचीन श्रीरामचंद्र मंदिर
राजिम में स्थित श्री रामचंद्र मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। मंदिर में लगे शिलालेखों तथा पुरातत्व विभाग द्वारा लगे सूचना बोर्ड से ज्ञात होता है कि इस मंदिर का निर्माण कल्चुरि सामंतो द्वारा ग्यारहवीं शताब्दीं में किया गया था। इस मंदिर में भगवान गणेश जी की एक नृत्य करती हुई मूर्ति है जो पुरातत्ववेत्ता के अनुसार काफी पुरानी है जिसे पुरातत्व विभाग द्वारा विशेष संरक्षण प्राप्त है।
मंदिर के गर्भगृह में पाषाण स्तंभो पर उकेरा गया शिल्प बहुत ही मनमोहक है जो कल्चुरि कालीन संस्कृति और सभ्यता दर्शाती है। मंदिर के दरवाजे पर शिल्प की उत्कृष्ट कला के मूर्तिया शिल्पी है। राजिम का यह राम मंदिर का सबसे प्राचीन मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर को पुरातत्व विभाग द्वारा अपने अधीनस्थ रखते हुए संरक्षित किया गया तथा इस मंदिर का जीर्णाद्धारात्मक मरम्मत कराया जा रहा है। ताकि मंदिर को प्राचीनता स्पष्ट दिखाई दें।
ज्ञात हो कि भू निर्दशांक के अनुसार 200 57’ 48’’ उत्तरी अक्षांश एवं 810 52’ 43’’ पूर्वी देशांतर पर बसे राजिम का पूर्वामुखी रामचन्द्र मंदिर अति प्राचीन है। मंदिर के गर्भगृह में बने पाषाण स्तंभो की शिल्प इस मंदिर की प्राचीनता को दर्शाती है। मंदिर के एकाश्मक स्तम्भों पर उकेरी गई देवी देवताओं की प्रतिमा सहित कला का उत्कृष्ट नमूना देखने को मिलता है। एक शिलालेख के अनुसार यह मंदिर 8वीं 9वीं शताब्दी ईश्वी की है। मंदिर का निर्माण 11वी शताब्दी में कल्चुरी सामंतो के प्रमुख जगतपाल देव द्वारा किए जाने की पुष्टि करती है।
BREAKING : कपड़ा व्यवसायी के यहां GST ने मारा छापा, व्यवसायियों में मचा हडकंप
जशपुर : जिले में इन दिनों जीएसटी की टीम लगातार छापामार करवाई करती नजर आ रही है, बुधवार को पत्थलगांव के बगीचा के दो व्यवसाईयो के यहा छापामार कारवाई करने के दुसरे दिन गुरुवार को जशपुर जिले के व्यावसायिक नगरी कहे जाने वाले पत्थलगांव शहर में जीएसटी की टीम ने छापामार करवाई करते हुवे जिले के व्यवसायियों में हडकंप मचा दिया है।
गुरुवार की दोपहर को आधा दर्जन वाहनों के साथ जीएसटी के अधिकारी पत्थलगांव पहुंचकर कपड़ा व्यवसायी के यहां छापेमारी की। देर शाम तक जीएसटी की छापेमारी जारी रही। खबर है की जिले में जीएसटी की टीम को जीएसटी चोरी की लगातार शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद जिले में छापा मारा गया है। पत्थलगांव में रामनिवास जिंदल एंड संस के अम्बेडकर नगर स्थित गोदाम में एक टीम और दूसरी टीम ने अंबिकापुर रोड स्थित दूकान में टीम ने छापा मारा है जहां उनके कागजों की जांच पड़ताल की जा रही है। 2 अलग अलग टीम द्वारा इस कारवाई को अंजाम दिया जा रहा है।
बता दें कि प्रतिदिन लाखो रूपये की बिक्री वाले दुकानदारों द्वारा टेक्स बचाने नये नये हथकंडे अपनाकर स्टाक में गड़बड़ी और फर्जी बिलों के जरिए व्यापार करने की बात सामने आते रहती है। बताया जा रहा है की बगीचा और पत्थलगांव में हुवे छापामार कारवाई के दौरान जीएसटी की टीम ने तमाम अभिलेखों को खंगाला जिसमे मिलने वाले संदिग्ध कागजातों को राजधानी स्थित कार्यालय ले जाकर प्रपत्रों की जांच के बाद टैक्स जमा कराने की कार्रवाई करेगी। पत्थलगांव में कपडा व्यवसायी के यहा छापेमारी के दौरान क्षेत्र के व्यवसायियों में चर्चा रही। अन्य व्यवसायी लगातार टीम की लोकेशन लेते नजर आए। साथ ही कार्रवाई किस स्तर पर पहुंची, इसको लेकर भी एक दूसरे को फोन करते रहे।
*मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने देर रात तक सुनी महिलाओं की समस्याएं - रेडी-टू-ईट का काम महिला समूहों को
भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों की मनमानी
भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की मनमानी
मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं अनिंबान दास गुप्ता
भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स के द्वारा व्यापारियों की लीज नवीनीकरण संबंधो समस्या के निराकरण के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र मिलाई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष कई पत्र लिखे गए कई बार बैठकों का दौरा हुआ सांसद, विधायक, मंत्री सहित मिलाई प्रवास पर आने वाले इस्पात मंत्री ने भी समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी को आदेशित किया उसके बाद भी पिछले 10-12 वर्षों से इस समस्या का हल नहीं निकल जाते से शहर के व्यापारी शारीरिक आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहे हैं। स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मिलाई ने आज आपके समक्ष पत्र वार्ता के माध्यम से अपने विचारों को रखा है और राज्य शासन के मुखिया मुख्यमंत्री , देश के प्रधानमंत्री से आग्रह करता है कि जिस भूमि का बाजार मूल्य भिलाई इस्पात संयंत्र ने लीज अनुबंध के समय व्यापारियों से ले लिया है उन सभी व्यापारियों के प्रकरण अनुबंध की शर्तों के मुताबिक ग्राउंड ट्रेड एवं सर्विस चार्ज में 50% की वृद्धि कर इसका निराकरण किया जाना चाहिए बाजार मूल्य की राशि अनुबंध की शर्तों के मुताबिक दो 30/33 वर्षों के अंतराल में दो बार रिन्यूअल किए जाने का अनुबंध पत्र में उल्लेख है उसके बाद भी मिलाई इस्पात संयंत्र और भारतीय इस्पात प्राधिकरण के हठ धर्मिता समझ के बाहर है। भिलाई इस्पात संयंत्र अनुबंध के मुताबिक कार्य न करके लीज अवधि पूरी होने पर एकरण को उनके स्वयं के संपदा न्यायालय में प्रस्तुत करता है स्वयं उनके अधिकारी मजिस्ट्रेट बनकर एक तरफा निर्णय करते हैं लंबे समय तक प्रकरण को न्यायालय में लंबित रखते हैं और मानसिक प्रताड़ना देते हुए विद्युत कनेक्शन काटे जाने और चक्रवृद्धि ब्याज दर से व्याज जोड जोड़ कर लाखों रुपए की मांग करते हैं जो न्याय संगत नजर नहीं आती व्यापारियों के पतिनिधि मंडल को इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्पात मंत्री वीरेंद्र सिंह ने मिलाई प्रवास के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनिंबान दास गुप्ता को आदेशित भी किया लेकिन अब तक प्रकरण का निराकरण नहीं होना दुखद विषय है । समय समय पर विद्युत कनेक्शन काटे जाने का आदेश देकर डर और भय का वातावरण निर्मित करता है शहर का व्यापार इनकी गलत नीतियों के कारण चौपट हो रहा है व्यापारियों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो रही है और पूरे टाउनशिप के व्यापार को सुनियोजित तरीके से समाप्त करने से की योजना मिलाई इस्पात मेन बना रहा है। प्रदेश के सम्माननीय मुख्यमंत्री से भी हमारा आग्रह है कि हमारे द्वारा भेजे गए दस्तावेजों का विशेषज्ञ अधिकारियों से अवलोकन कराये और संबंधित मंत्रियों सहित प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से हमारी समस्या का निराकरण कराया जावे । उपरोक्त संदर्भ में तत्कालीन कलेक्टर अंकित आनन्द, नरेन्द्र सर्वेश्वर भुरे सहति लोकसभा सांसद विजय बघेल दुर्ग, लोकसभा के रायपुर सांसद रमेश बैस, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तत्कालीन राजस्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन प्रेम प्रकाश पांडेय, मिलाई विधायक देवेंद्र यादव, नगर पालिका निगम मिलाई के महापौर नीरज पाल ने भी उपरोक्त संदर्भ में समय-समय पर कलेक्टर दुर्ग के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों की बैठक ली मिनट्स बनाए गए सहमति बनी लेकिन समस्या का हाल ना होना शहर के 10000 व्यापारियों के परिवारों के लिए एक दुखद विषय बना हुआ है, रायपुर प्रेस क्लब के माध्यम से अधिकारियों और राजनेताओं के समक्ष रख रहे हैं।
भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स मिलाई की और से अध्याक्ष ज्ञानचंद जैन, महासचिव दिनेश सिंघल, सलाहकार सदस्य रामकुमार गुप्ता, ज्ञानचंद बाकलीवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश रतनानी, न्यू सिविक सेंटर रेजिडेट्स एसोसिएशन के राजेश दोढी, वेदप्रकाश गुप्ता, बीएसपी मार्केट रिसाली से गुरनाम सिंह सेक्टर 5 व्यापारी संघ के अध्यक्ष अजय कनौजिया सहित अनेक व्यापारी संघ के प्रतिनिधि आपके समक्ष उपस्थित है।
BREAKING : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 79 पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट
रायपुर। राज्य शासन के विधि एवं विधाई कार्य विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में शासन की ओर से पैरवी करने के लिए 79 पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है। विभाग द्वारा नियुक्त इन पैनल अधिवक्ताओं का कार्यकाल दो वर्ष का होगा।
नवनियुक्त पैनल अधिवक्ताओं की सूची

BIG NEWS : रायपुर में आंखों की नकली दवाइयों का हुआ भंडाफोड़...पढ़िए पूरी खबर
रायपुर। राजधानी में आंखों के इंफेक्शन की नकली दवा (Fake Eye Drop) बनाने और बेचने वालों पर खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने रायपुर में नकली दवाओं के सप्लायर के साथ एक मेडिकल स्टोर पर दबिश देकर भारी मात्रा में नकली आइ ड्राप जब्त किया है। मिलावटी दवा की री पैकिंग कर ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा था।
सहायक औषधि नियंत्रक बसंत कुमार कौशिक ने बताया कि तेलीबांधा में संचालित एक मेडिकल स्टोर्स से नकली आइ ड्राप की बेची जा रही थी। इस जानकारी मिलने पर टीम ने दबिश देकर मेडिकल स्टोर से नकली आइ ड्राप को जब्त किया है। इसके बाद टीम ने नकली दवाइयों के सप्लायर शकुंतला डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां कार्रवाई कर भारी मात्रा में नकली आइ ड्राप जब्त की है।
सहायक औषधि नियंत्रक ने जानकारी देते हुए बताया कि छापे के दौरान शकुंतला डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों से भारी मात्रा में प्रिंट मटेरियल जब्त किया गया है। शकुंतला डिस्ट्रीब्यूटर्स का संचालक पंडरी के एआर प्रिंटर्स से नकली प्रिंट मटेरियल छपवाता था और दूसरी कंपनी की आइ ड्रॉप्स पर चिपकाकर बिक्री करता था। 10 रुपए की दवा में 100, 50 और 200 रुपए का स्टीकर लगाकर मुनाफाखोरी की जा रही थी।
इस मामले में नकली दवाओं की बिक्री के कारोबार में संलिप्त सप्लायर के खिलाफ कार्रवाई जारी है। सहायक औषधि नियंत्रक ने बताया कि नकली दवाओं के कारोबार में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है।
बिग ब्रेकिंग : सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी ने खुद को मारी गोली...जानिए क्या है पूरा मामला
कवर्धा : जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल के सुरक्षाकर्मी कृष्ण कुमार साहू ने अपने सर्विस गन से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. कृष्ण कुमार साहू छठवीं बटालियन के जवान थे. जवान रात में सीईओ संदीप अग्रवाल के पास ड्यूटी में तैनात था,सूचना पर पुलिस जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल के निवास पहुंची. मृतक जवान बिलासपुर जिले के सीपत का रहने वाला बताया जा रहा है. जो कि 1 साल से ड्यूटी पर तैनात था. वहीं दुर्ग से फॉरेंसिक टीम भी पहुंच चुकी है. पूरा मामला कवर्धा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है.

सुकमा जिले 50 विद्यार्थियों को शैक्षणिक कार्य हेतु सोलर होम लाइट संयंत्र वितरित
कोयलीबेड़ा नक्सली मुठभेड़ के लिए कांग्रेस ने बनाई 7 सदस्यीय जांच कमेटी, 3 दिनों में सौपेंगे रिपोर्ट
कांकेर। जिले के कोयलीबेड़ा में नक्सली मुठभेड़ में हुई 3 ग्रामीणों की हुई मौत मामले की जांच के लिए कांग्रेस पार्टी ने समिति का गठन किया है। प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी के नेतृत्व में 7 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति घटनास्थल पर जाकर वहां की स्थिति की पूरी जानकारी लेकर पीसीसी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
ये हैं समिति के सदस्य
जांच समिति में पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी संयोजक, पूर्व विधायक संतराम नेताम सदस्य, पूर्व विधायक शंकरलाल ध्रुव सदस्य, प्रदेश उपाध्यक्ष बीरेश ठाकुर सदस्य, प्रदेश महामंत्री नरेश ठाकुर सदस्य, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रूपसिंह पोटाई सदस्य और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभद्रा सलाम सदस्य हैं।
जांच समिति के सदस्यों से कहा गया है कि वे मौके पर जाएं और मृत ग्रामीणों के परिजनों से मुलाकात करें। घटनास्थल का जायजा और परिजनों से बातचीत के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर 3 दिन के भीतर इसे जमा करने के लिए कहा गया है।
ये है पूरा मामला
25 फरवरी को जवानों और नक्सलियों के बीच थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्रांतर्गत ग्राम भोमरा, हुरतराई, मिच्चेबेड़ा और उसके आसपास के क्षेत्र में नक्सल कंपनी नंबर-05 के साथ मुठभेड़ हुई थी। इसमें 3 नक्सलियों के मारे जाने का दावा पुलिस ने किया था। पुलिस के इस दावे को ग्रामीणों और परिजनों ने झूठा बताया है। उन्होंने इसे सीधे हत्या बताया है। परिजनों और ग्रामीणों ने साक्ष्य के तौर पर बैंक पास बुक, आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड जैसे दस्तावेज भी पेश किए हैं।
वाह गुरु जी वाह : शिक्षा के मंदिर को बनाया मयखाना...स्कूल में शराब पीते शिक्षक का वीडियो वायरल...देखे वीडियो
बिलासपुर । शिक्षा के मंदिर में खुलेआम दिन के उजाले में शराब पीने का एक वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल किया जा रहा है। जिस कक्ष में बच्चों के शिक्षण का कार्य होना था, उसी कमरे में शराब पीने-पिलाने का काम किया जा रहा है। ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामने आया है जहा सरकारी स्कूल के शिक्षक खुलेआम शराब पीते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं महिला शिक्षकों के सामने पैग भी बना रहे हैं।
देखें video
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जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो, मस्तूरी विकासखंड के मचहा जनपद प्राथमिक शाला का है. वीडियो में देखा जा सकता है उन्होंने अपने जेब में शराब शीशी रखी है. जब उनसे पूछा गया आप ऐसे पीके बैठते हो . तो उन्होंने क़हा “हमारी मर्जी हम कुछ भी करें, मैं रोज पीता हुआ हूं, आपको कोई दिक्कत? इतना ही नहीं चखना दिखाते हुए कहते हैं ये है शीशी मेरे पास सबकुछ है। बच्चे देखते हैं तो देखने दो. घर की टेंशन की वजह से स्कूल में शराब पी रहा हूं.सोशल मिडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद डीईओ ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया और कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया। बता दें शिक्षक का नाम संतोष केंवट है जो सहायक शिक्षक के तौर पर पदस्थ है।
मासूम बच्चे के सामने पत्नी को पेचकस घोंपकर उतारा मौत के घाट...जानिए क्यों दिया खौफनाक वारदात को अंजाम
गरियाबंद। जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के डोंगरी गांव में रहने वाले एक शख्स ने दरिंदगी की हद पार करते हुए अपने दो साल के मासूम बच्चे के सामने पत्नी की बर्फ तोड़ने वाला पेचकस घोंपकर हत्या कर दी. इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद थाने पहुंचकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इस घटना की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर मृतिका का शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच में जुट गई है.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी का नाम नुमेश साहू (उम्र 30 साल) है जो कि कोतवाली क्षेत्र के डोंगरी गांव का रहने वाला है और बर्फ गोला बेचने का काम करता है. आज दोपहर करीब 2 बजे भैंसतरा के जंगल में अपनी पत्नी फूलेश्वरी की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद जब आरोपी पति दो साल के मासूम बेटे को लेकर मैनपुर थाना सरेंडर करने पहुंचा तो हड़कंप मच गया. घटना गरियाबंद के कोतवाली क्षेत्र में हुई थी, लिहाजा मैनपुर पुलिस ने मामले की सूचना उच्च अधिकारी को दी. जिसके बाद गरियाबंद पुलिस आरोपी के साथ घटना स्थल पर पहुंची और शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लेकर आ गई.
घरेलू विवाद में दिया हत्या को अंजाम
एडिशनल एसपी डीसी पटेल के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को अपने बयान में बताया कि साल भर पहले किसी घरेलू विवाद के चलते उसका उसकी पत्नी फूलेश्वरी के साथ झगड़ा हो गया था. जिसके बाद मामला गरियाबंद सिविल कोर्ट में चल रहा था. जबकि फूलेश्वरी अपने मायके बेनकुरा में रह रही थी. आज कोर्ट में मामले की सुनवाई थी. मामले में वकील ने दोनों को आपस में राजीनामा कर मामले को खत्म करने की सलाह दी थी.
आरोपी ने पुलिस को बताया कि कई दफा समझाने के बाद फूलेश्वरी राजीनामा के लिए तैयार हुई लेकिन वह इसके एवज में पैसों की मांग कर रही थी. इसके बाद आरोपी उसे मानाने के लिए जंगल घुमाने भी ले गया लेकिन बात नहीं बनी. इस दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया और तैश में आकर उसने अपनी बाइक की डिक्की में रखा बर्फ तोड़ने वाला पेचकस निकाला और फूलेश्वरी के गर्दन पर वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया. इस दौरान मृतिका ने अपने दो साल के मासूम बेटे के सामने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया.
