देश विदेश
*हमने बनाया है हम ही संवारेंगे -
*25 दिसंबर को किसानों को 2 साल के बकाया बोनस का भुगतान- विष्णुदेव साय*
विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री के रूप में संभालेंगे प्रदेश की कमान
छत्तीसगढ़ के सीएम पर सस्पेंस आज होगा खत्म !
आबकारी विभाग द्वारा होटल-ढाबों में किया जा रहा विशेष चेकिंग की कार्यवाही -
दुर्ग, 09 दिसम्बर 2023/ जिला आबकारी विभाग द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 8 दिसम्बर 2023 को जांच के दौरान जिले के मुख्य मार्गों एवं जिले से लगे हुए जिलों/राज्यों से लगी सड़कों एवं मार्गों के आस-पास अव्यवस्थित होटल-ढाबों में शराब के अवैध संग्रहण एवं अवैध विक्रय की जांच की कार्यवाही की गई। सहायक आयुक्त आबकारी राजेश जायसवाल से प्राप्त जानकारी अनुसार जांच में गब्बर ढाबा, अल लजीज ढाबा, अमन ढाबा, अपना ढाबा, अर्जुन दा ढाबा, क्रॉस रोड होटल, मिश्रा ढाबा, छत्तीसगढ़ ढाबा एवं अन्य होटल ढाबों की सघन जांच की कार्यवाही की गई। सभी होटल ढाबा मालिकों को होटल ढाबा परिसर में मदिरा पान नहीं करवाये जाने तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता ना होने संबंधी सख्त निर्देश दिए गए। विशेष चेकिंग अभियान में सहायक जिला आबकारी अधिकारी अशोक अग्रवाल, पंकज कुजुर, आबकारी उप निरीक्षक हरिश पटेल, मुख्य आरक्ष संतोष दुबे, भोजराम रत्नाकर, फागू राम टण्डन, आरक्षक लोकनाथ इंदौरिया, अशोक वर्मा एवं वाहन चालक दीपक राजू, प्रकाश राव का सहयोग रहा।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मुख्यमंत्री का ऐलान
अरुण साव हो सकते हैं छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री!
सांसद एवं विधायक अरुण साव हो सकते हैं अगले मुख्यमंत्री!
अरुण साव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद भी माने जाते हैं |
सांसद एवं विधायक अरुण साव हो सकते हैं अगले मुख्यमंत्री! अरुण साव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद भी माने जाते हैं | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुण साव को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर शायद यह जिम्मेदारी सौंपी थी कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार वापस लाने हर संभव प्रयास करें | प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद सांसद अरुण साव लगातार पूरे प्रदेश में दौरा करते रहे, संगठन को एकजुट करने में उन्होंने न दिन देखा ना रात | संगठन के लोगों से चर्चा कर हर के कारणों की समीक्षा की, कर्मियों को ढूंढ कर उन्हें दूर करने का रास्ता खोजा, कार्यकर्ताओं में जोश भरा, पदाधिकारी को जिम्मेदारियां सौंपी, समय-समय पर फीडबैक लेकर प्रदेश प्रभारियों को दिया| प्रदेश प्रभारियों के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के कार्यकर्ताओं और जनता से संवाद किया उनके विचारों को जाना और केंद्रीय नेतृत्व से सलाह मशवरा कर योजनाओं की जानकारी घर घर तक पहुंचाकर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनो को साकार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई| सांसद एवं छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव की मेहनत रंग लाई और सबके प्रयासों से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को छत्तीसगढ में भाजपा का परचम लहरा कर तोहफे के रूप में देकर बता दिया कि आज भी मोदी की गारंटी पर सबको भरोसा है | छत्तीसगढ में भाजपा की यह जीत अब तक की सबसे बड़ी जीत है | सांसद एवं छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को उनकी मेहनत का फल मुख्यमंत्री के रूप में मिल सकता है | हम बता दें कि अरूण साव बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक, 1990 से 1995 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे, उन्होंने नगर अध्यक्ष, विभाग प्रमुख, संभाग प्रमुख प्रदेश सहमंत्री, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश पदाधिकारी, राष्ट्रीय कार्यसमिति में होने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में बूथ स्तर के कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनैतिक जीवन का आरंभ कर कार्यकर्ताओ के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया । भारतीय जनता युवा मोर्चा में मण्डल अध्यक्ष, जिला महामंत्री, जिला उपाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष तत्पश्चात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य बनाए गए तथा भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप के सदस्य एवं प्रदेश चुनाव समिति के सदस्य नियुक्त हुए गए | 9 अगस्त 2022 को अरुण साव को भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। सत्रहवीं लोकसभा में बिलासपुर लोकसभा सीट से पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया, 1,41,000 के रिकॉर्ड मतों से अपने प्रतिद्वंदी को हरा कर भाजपा की उम्मीदों पर खरा उतरकर भरोसा कायम रखा | अरुण साव साहू समाज से आते हैं समाज के विभिन्न पदों पर रहकर कार्य कर चुके हैं। पेशा वर्ष 1996 में सिविल न्यायालय मुंगेली में वकालत प्रारंभ किये तत्पश्चात बिलासपुर में उच्च न्यायालय स्थापित होने के बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में वकालत प्रारंभ किये। एक कुशल अधिवक्ता के रूप में अपनी विशेष पहचान बनाते हुए छतीसगढ़ उच्च न्यायालय मे उप शासकीय अधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता तथा उप महाधिवक्ता भी रहे हैं। इन्ही सब कारणों से अरुण साव छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं |सुख | डा. रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल एवं आदिवासी चेहरे के तौर पर केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, विष्णुदेव साय - रामविचार नेताम पर भी PM नरेंद्र मोदी मुहर लगा सकते हैं|
*छत्तीसगढ़ को कांग्रेस के ग्रहण से मुक्त करने वाली जनता को नमन- साव*
छत्तीसगढ़ में 6 प्रत्याशियों की जीत की हुई घोषणा
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में अब अप्रत्याशित उलट फेर : तमाम एग्जिट पोल हुए फेल
छत्तीसगढ़ का एग्जिट पोल 2018 में क्या था ? और क्या आया था रिजल्ट ?
52 यात्री रेल गाड़ियां 02 दिसम्बर,2023 से 14 दिसम्बर तक होंगी प्रभावित
T20 क्रिकेट मैच पर संशय की तलवार : मैच रोके जाने राज्यपाल को ज्ञापन
T 20 क्रिकेट मैच रोके जाने से संबंधित एक ज्ञापन आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल चोपड़ा ने राज्यपाल को दिया है| आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने अपने ज्ञापन में मांग की है की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की देखरेख का 3 करोड़ 18 लाख रुपया बकाया है जो कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ जो की एक निजी संस्था है द्वारा भुगतान नहीं किया गया है मांग की है कि 1 दिसंबर को होने वाले T20 क्रिकेट मैच को रोका जाए या फिर 3 करोड़ 18 लाख का भुगतान करवाया जाए |
कुणाल शुक्ला ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ पर आरोप लगाया है कि वह टिकटों की बात कालाबाजारी कर रहे हैं अन्य प्रदेशों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में आयोजित T20 क्रिकेट मैच की टिकटोक का दाम 4 गुना ज्यादा रखा गया है जो कि छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के साथ अन्याय है | अब देखने वाली बात यह है कि राजभवन से कल होने वाले T20 क्रिकेट मैच को रोकने का आदेश जारी किया जाता है या फिर 3 करोड़ 18 लख रुपए का भुगतान करवाया जाता है साथ ही टिकटों के दाम में कमी करवाई जाती है या नहीं ? प्रति, महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ रायपुर, जिला रायपुर छत्तीसगढ़ विषय: 1 दिसंबर 2023 को आयोजित होने वाले क्रिकेट टी 20 को अनुमति नहीं दिए जाने बाबत संदर्भ: 3 करोड़ 18 लाख का बकाया बिजली बिल, तथा मैच की टिकिट ब्लैक में बेचे जाने के संदर्भ में। महोदय, यह कि दिनांक 1 दिसंबर को शहीद वीर नारायण क्रिकेट स्टेडियम में भारत ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच का आयोजन किया जाना है। स्टेडियम का बिजली बिल 3 करोड़ 18 लाख रु का बकाया है। यह की छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को स्टेडियम के रखरखाव का जिम्मा सौंपा जा चुका है जो कि एक निजी संस्था है। यह कि बरर्सी से स्टेडियम का बिजली बिल 3 करोड़ 18 लाख रु बकाया है जिसकी वसूली क्रिकेट संघ से करने के उपरांत ही मैच आयोजित किये जाने की अनुमति प्रदान की जाय। यह कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ द्वारा मैच की टिकिटों को ब्लैक में बेच कर गैरकानूनी रूप से मुनाफा कमाया जा रहा है। निवेदन है मेरे इस आवेदन पर तत्काल उचित कार्यवाही की जाय। आवेदक 30/11/23 पता कुणाल शुक्ला सी 20 शैलेंद्र नगर रायपुर 9926555050 9827151166
श्री गुरु नानक देव जी की जयंती 27 नवंबर को : प्रकाश पर्व धूमधाम से मनायेगा सिक्ख समाज
कार्तिक पूर्णिमा को श्री गुरु नानक देव जी की जयंती धूमधाम से मनाई जाती है, इसे प्रकाश पर्व या गुरु पूरब के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व सिख समुदाय के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इस दिन सिख समुदाय की स्थापना करने वाला गुरु नानक देव का जन्म हुआ था.गुरु नानक देव सिख समुदाय के पहले गुरु थे.
ऐसे में हर साल श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर गुरुद्वारे में अखंड पाठ, नगर कीर्तन आदि जैसे अनुष्ठान होते हैं. भक्त उनकी बताई गई बातों पर अमल करने का प्रण लेते हैं. जानें श्री गुरु नानक जयंती की डेट, इतिहास और खास बातें.
श्री गुरु नानक देव जी की जयंती 2023
श्री गुर नानक देव का जन्म साल 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था. इस साल 554वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी. पूर्णिमा तिथि 26 नवंबर 2023 को दोपहर 03.53 से शुरू होगी और अगले दिन 27 नवंबर 2023 दोपहर 02.45 तक रहेगी.
श्री गुरु नानक जी का इतिहास (Guru Nanak Ji History)
श्री गुरु नानक देव जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. उनका जन्म लाहौर से 64 किलोमीटर दूर आज के पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के तलवंडी में हुआ था. गुरु नानक देव जी की माता का नाम तृप्ता और पिता का नाम कल्याणचंद था. सिख धर्म के पहले गुरु होने के साथ-साथ उन्हें एक महान दार्शनिक, समाज सुधारक, धर्म सुधारक, सच्चा देशभक्त और योगी के रूप में आज भी याद किया जाता है. ईश्वर के प्रति श्री गुरु नानक देव जी का समर्पण काफी ज्यादा था, लोगों को उनके बचपन में ही कई तरह के चमत्कार देखने को मिले हैं. माना जाता है कि कि ईश्वर ने नानक को कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया था.
श्री गुरु नानक देव जी ने भारत के अलावा अफगानिस्तान, ईरान और अरब देशों में भी उपदेश दिए हैं. उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी 16 साल की उम्र में सुलक्खनी से शादी हुई. उनके दो बेटे श्रीचंद और लखमीदास हुए. गुरु पर्व का त्योहार उनके जीवन, उपलब्धियों और विरासत का सम्मान करता है.
श्री गुरु नानक देव जी की 3 बड़ी सीख
1. नाम जपना की असली पूजा - गुरु नानक देव जी के अनुसार जप से चित्त एकाग्र हो जाता है और आध्यात्मिक-मानसिक शक्ति मिलती है. मनुष्य का तेज बढ़ जाता है. ‘सोचै सोचि न होवई, जो सोची लखवार। चुपै चुपि न होवई, जे लाई रहालिवतार।’ यानी ईश्वर के प्रति आस्था सिर्फ सोचने से नहीं होती, इसलिए नाम जपे. अच्छी संगत में या एकांत में भी ईश्वर का नाम लेना असली पूजा कहलाती है.
2. किरत करो - ईमानदारी से मेहनत कर जीवन यापन करना. गुरु नानक जी न कहा था कि मेहनत के अर्जित किया धन अमीर की गुलामी से कई गुना बेहतर है.
3. वंड छको- शाब्दिक रूप से इसका अर्थ है अपनी कमाई का कुछ हिस्सा दान में या दूसरे की भलाई के लिए खर्च करना. सिख इसी आधार पर आय का दसवां हिस्सा साझा करते हैं, जिसे दसवंध कहते हैं. इसी से लंगर चलता है
गुरु नानक जयंती पर नगर कीर्तन 24 नवंबर को
गुरु नानक जयंती कब ? जानें डेट, इसे प्रकाश पर्व या गुरु पूरब के नाम से भी जाना जाता है.
कार्तिक पूर्णिमा को गुरु नानक जयंती मनाई जाती है, इसे प्रकाश पर्व या गुरु पूरब के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व सिख समुदाय के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इस दिन सिख समुदाय की स्थापना करने वाला गुरु नानक देव का जन्म हुआ था.गुरु नानक देव सिख समुदाय के पहले गुरु थे.
ऐसे में हर साल गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारे में अखंड पाठ, नगर कीर्तन आदि जैसे अनुष्ठान होते हैं. भक्त उनकी बताई गई बातों पर अमल करने का प्रण लेते हैं. जानें गुरु नानक जयंती की डेट, इतिहास और खास बातें.
गुरु नानक जयंती 2023 डेट (Guru Nanak Jayanti 2023 Date)
इस साल गुरु नानक जयंती 27 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी. गुर नानक देव का जन्म साल 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था. इस साल 554वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी. पूर्णिमा तिथि 26 नवंबर 2023 को दोपहर 03.53 से शुरू होगी और अगले दिन 27 नवंबर 2023 दोपहर 02.45 तक रहेगी.
गुरु नानक जी का इतिहास (Guru Nanak Ji History)
गुरु नानक जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. उनका जन्म लाहौर से 64 किलोमीटर दूर आज के पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के तलवंडी में हुआ था. गुरु नानक जी की माता का नाम तृप्ता और पिता का नाम कल्याणचंद था. सिख धर्म के पहले गुरु होने के साथ-साथ उन्हें एक महान दार्शनिक, समाज सुधारक, धर्म सुधारक, सच्चा देशभक्त और योगी के रूप में आज भी याद किया जाता है. ईश्वर के प्रति गुरु नानक का समर्पण काफी ज्यादा था, लोगों को उनके बचपन में ही कई तरह के चमत्कार देखने को मिले हैं. माना जाता है कि कि ईश्वर ने नानक को कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया था.
गुरु नानक देव जी ने भारत के अलावा अफगानिस्तान, ईरान और अरब देशों में भी उपदेश दिए हैं. उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी 16 साल की उम्र में सुलक्खनी से शादी हुई. उनके दो बेटे श्रीचंद और लखमीदास हुए. गुरु पर्व का त्योहार उनके जीवन, उपलब्धियों और विरासत का सम्मान करता है.
गुरु नानक जी की 3 बड़ी सीख (Guru Nanak Ji Lessons)
नाम जपना की असली पूजा - गुरु नानक जी के अनुसार जप से चित्त एकाग्र हो जाता है और आध्यात्मिक-मानसिक शक्ति मिलती है. मनुष्य का तेज बढ़ जाता है. ‘सोचै सोचि न होवई, जो सोची लखवार। चुपै चुपि न होवई, जे लाई रहालिवतार।’ यानी ईश्वर के प्रति आस्था सिर्फ सोचने से नहीं होती, इसलिए नाम जपे. अच्छी संगत में या एकांत में भी ईश्वर का नाम लेना असली पूजा कहलाती है.
किरत करो - ईमानदारी से मेहनत कर जीवन यापन करना. गुरु नानक जी न कहा था कि मेहनत के अर्जित किया धन अमीर की गुलामी से कई गुना बेहतर है.
वंड छको- शाब्दिक रूप से इसका अर्थ है अपनी कमाई का कुछ हिस्सा दान में या दूसरे की भलाई के लिए खर्च करना. सिख इसी आधार पर आय का दसवां हिस्सा साझा करते हैं, जिसे दसवंध कहते हैं. इसी से लंगर चलता है.
