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आज से तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर अमित शाह, रायपुर और बस्तर के कार्यक्रमों में होंगे शामिल गृह मंत्री
रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के लिए देर रात रायपुर पहुंचे। उनके रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही सीएम साय, डिप्टी सीएम साव, डिप्टी सीएम शर्मा ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, डीजीपी अशोक जुनेजा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसपी लाल उम्मेद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
गृह मंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा, जानिए क्या होगा कार्यक्रम
गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि वे आज रात नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बीच जवानों के साथ रुकेंगे। यह कदम सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने और नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में उनके समर्थन को दर्शाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच गहरी उत्सुकता है, और इससे छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।
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गुजरात :- गुजरात के पोरबंदर की एक स्थानीय अदालत ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 1997 के हिरासत में प्रताड़ना मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असमर्थ रहा कि भट्ट ने अपराध किया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने मामले में सबूतों की कमी को आधार बनाते हुए भट्ट को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह मामला एक व्यक्ति, नरन जादव, द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद दर्ज हुआ था कि भट्ट ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया था।
भट्ट का विवादों से गहरा नाता
पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है। वह पहले से ही 1990 के हिरासत में मौत के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 1996 में राजस्थान के एक वकील को फंसाने के लिए ड्रग्स प्लांट करने के आरोप में उन्हें 20 साल की सजा दी गई थी। इसके अलावा, उनका नाम 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े एक मामले में भी आया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आरोप लगाए थे, लेकिन विशेष जांच दल ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था।
1997 का हिरासत में प्रताड़ना मामला
1997 में यह मामला उस समय सामने आया जब एक आरोपी, नरन जादव, ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया। जादव का कहना था कि पुलिस ने उसे भट्ट के घर पर ले जाकर बिजली के झटके दिए और इस दौरान उनके बेटे को भी प्रताड़ित किया गया। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।
अदालत का निर्णय
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि प्रताड़ना के आरोप सही थे। इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण था कि उस समय संजीव भट्ट सार्वजनिक सेवा में थे, और अभियोजन के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। अदालत ने इसे एक गंभीर चूक मानते हुए मामले को संदेह के आधार पर खारिज कर दिया।
संजीव भट्ट के खिलाफ अन्य मामले
संजीव भट्ट का नाम कई अन्य विवादों में भी शामिल रहा है। 1990 के दंगों में हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, 1996 में ड्रग्स प्लांट करने और 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े आरोपों में भी उनका नाम था। 2015 में उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
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रोजमर्रा की वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती, 21 दिसंबर को GST परिषद की बैठक में होगा अहम फैसला
GST Council Meeting : 21 दिसंबर 2024 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर चर्चा की जाएगी, जो न सिर्फ व्यापारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करेंगे। इस बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा।
जीएसटी परिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी का हो सकता है। वर्तमान में इन उत्पादों पर 28% जीएसटी लिया जा रहा है, लेकिन बैठक में इसे बढ़ाकर 35% करने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह निर्णय तंबाकू और सिगरेट उत्पादों पर कर दर को और सख्त करने के उद्देश्य से लिया जा सकता है।
जीएसटी दर में कमी की भी संभावना
साथ ही, जीएसटी परिषद कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर दर में कमी का भी प्रस्ताव कर सकती है। इसमें पैकेज्ड पानी, साइकिल, और छोटे मूल्य वाले उत्पादों पर जीएसटी दर को घटाकर 5% करने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है, खासकर उन वस्तुओं के लिए जिनका दैनिक जीवन में अधिक इस्तेमाल होता है।
केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री मिलकर जीएसटी से संबंधित नीति फैसले लेंगे। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर सस्ती कीमतों का लाभ मिल सकता है, और व्यापारियों के लिए भी व्यवसाय करने में राहत मिल सकती है।
सार्वजनिक ध्यान
बैठक के बाद जीएसटी दरों में इन बदलावों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आएगी। यह निर्णय आम जनता के लिए महत्वपूर्ण होंगे, खासकर जो रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। जीएसटी परिषद के इस फैसले का स्वागत किया जा सकता है, लेकिन इससे जुड़ी औपचारिक घोषणाएं और जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होंगी।
इस प्रकार, जीएसटी परिषद की 21 दिसंबर की बैठक में लिए जाने वाले फैसले उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं।
नक्सल क्षेत्र की बेटी बनी नायब तहसीलदार, सुकमा की बदलती तस्वीर की पहचान बनी चंदा
माओवाद प्रभावित क्षेत्र से अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी चंदा नाग
प्रशासनिक क्षेत्र में जाने का सपना हुआ साकार
सुकमा : माओवाद प्रभावित सुकमा जिले की चंदा नाग ने नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होकर क्षेत्र और समाज का मान बढ़ाया। चन्दा ने अपने लगन, कठिन परिश्रम और परिवार के समर्थन से यह मुकाम हासिल किया है। चंदा का कहना है कि उनकी सफलता सुकमा जैसे माओवाद प्रभावित जिलों के युवाओं को यह विश्वास दिलाएगी कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत और समर्पण से अपने सभी सपने पूरे किए जा सकते हैं। चन्दा नाग की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवारजन बल्कि पूरे सुकमा जिले के युवाओं में गर्व का माहौल है। उनका संघर्ष और सफलता आने वाली युवा प्रतिभागियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
गंगाराम नाग और कुसुम नाग की पुत्री चंदा नाग ग्राम पाकेला, तहसील छिन्दगढ़, जिला सुकमा की निवासी हैं। उनके पिता शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शुरू से ही चंदा पढ़ने में मेधावी रही हैं। चन्दा की प्राथमिक शिक्षा बालक आश्रम पाकेला और माध्यमिक शिक्षा छिंदगढ़ में हुई है। हाई स्कूल की पढ़ाई उन्होंने छिंदगढ़ से पूरी की और दसवीं से बारहवीं तक की शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर कंगोली, जगदलपुर में प्राप्त की। इसके बाद, चन्दा ने श्री रावतपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कुम्हारी, दुर्ग से बैचलर ऑफ फार्मेसी की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के पश्चात उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी का निर्णय लिया और 2015 में दिल्ली जाकर दृष्टि आई.ए.एस. कोचिंग से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कई प्रयासों के बाद संघ लोक सेवा आयोग में सफलता नहीं मिलने और कोविड के प्रभाव के कारण उन्होंने वापस अपने राज्य लौटने का निर्णय लिया।
सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता
दिल्ली से लौटने के बाद चन्दा ने बिलासपुर में रहकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की तैयारी की। उन्होंने बताया कि सेल्फ स्टडी और आत्मनिर्भरता की बदौलत पहले प्रयास में ही उन्होंने मुख्य परीक्षा तक का सफर तय किया। हालांकि, सफलता के शिखर तक पहुँचने में उन्हें चार प्रयास लगे। उन्होंने बताया कि असफलता से मैंने अपनी कमजोरियों को पहचाना और फिर से बेहतर तैयारी के लिए नई ऊर्जा के साथ परीक्षा की तैयारी में भिड़ जाती थी। कठिन मेहनत और लगन से तैयारी करके मेरा सीजीपीएससी 2023 में नायब तहसीलदार के पद पर उनका चयन हुआ।
प्रशासनिक क्षेत्र में जाने का सपना हुआ साकार
चन्दा ने बताया कि प्रशासनिक सेवा में जाना मेरा सपना था। माओवाद प्रभावित क्षेत्र से होकर प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय करने से चंदा अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।
मेरी सफलता में परिवार जनों और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान
इस सफलता के सफर में चन्दा को अपने परिवार, शिक्षकों और मित्रों का भरपूर सहयोग मिला। विशेष रूप से उनके चाचा गंगाराम नाग और भाई पारस कुमार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। चन्दा ने सुकमा के प्रशासनिक अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के नि:शुल्क गाइडेंस और शिक्षा प्रयासों ने उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित किया।
दुल्हन बनेंगी स्टार शटलर PV Sindhu, कौन होगा दुल्हा? जानिए कब-कहां होगी शादी
Breaking पीवी सिंधु शादी करने जा रही हैं
रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा आयोजित
भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। पीवी सिंधु 22 दिसंबर को राजस्थान के उदयपुर में शादी करने जा रही हैं। उनकी शादी के पलों में उनके साथ होंगे वेंकट दत्ता साईं, जो एक वरिष्ठ आईटी पेशेवर और पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं।
सिंधु के पिता ने दी जानकारी
पीवी सिंधु के पिता, पीवी रमना ने इस शादी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों परिवार पहले से एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन रिश्ता एक महीने पहले ही तय हुआ था। उन्होंने बताया, “जनवरी से सिंधु का बैडमिंटन शेड्यूल बहुत व्यस्त रहेगा, इसलिए दिसंबर का समय शादी के लिए सबसे उपयुक्त था। शादी 22 दिसंबर को उदयपुर में होगी और रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में आयोजित होगा। इसके बाद सिंधु अपने ट्रेनिंग में लौट जाएंगी, क्योंकि अगला सीजन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
वेंकट दत्ता साईं कौन हैं?
वेंकट दत्ता साईं, जिनसे सिंधु शादी करने जा रही हैं, पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं। उनके पिता, जी.टी. वेंकटेश्वर राव, इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और पहले भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में अधिकारी रह चुके थे। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में पीवी सिंधु ने इस कंपनी का नया लोगो लॉन्च किया था।
वेंकट दत्ता साईं का प्रोफेशनल करियर
वेंकट दत्ता साईं का करियर आईटी क्षेत्र में काफी मजबूत रहा है। उन्होंने जेएसडब्ल्यू और सौर एप्पल एसेट मैनेजमेंट जैसी कंपनियों में काम किया है। दिसंबर 2019 से वे पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यरत हैं, जहां उनका प्रमुख काम बड़े बैंकों, जैसे एचडीएफसी और आईसीआईसीआई के लिए समाधान तैयार करना है। इनमें लोन प्रोसेसिंग को तेज करना और क्रेडिट स्कोर मैचिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।
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झारखंड में फिर से ‘अबुआ सरकार’, हेमंत सोरेन ने चौथी बार CM पद की ली शपथ
Jharkhand Hemant Soren Oath Ceremony : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन ने गुरुवार को चौथी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड के गवर्नर संतोष गंगवार ने शपथ दिलाई। इस बार हेमंत अकेले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि उनके मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 10 प्रमुख दलों के 18 बड़े नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस के राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
Priyanka Gandhi Oath : संसद सत्र का आज तीसरा दिन, संविधान की प्रति हाथ में लेकर प्रियंका ने ली शपथ
Priyanka Gandhi Oath : संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है, और इस दिन कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। यह उनका संसद में पहला प्रवेश था, जहां उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर शपथ ली। प्रियंका गांधी वायनाड सीट से हाल ही में उपचुनाव जीत कर संसद पहुंची हैं।
प्रियंका के साथ उनके माता-पिता, सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा सांसद हैं, और सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं। साथ ही, प्रियंका के साथ नांदेड़ लोकसभा उपचुनाव में जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अडाणी समूह से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध किया, साथ ही उत्तर प्रदेश के संभल में हाल की हिंसा का भी मुद्दा उठाया और सरकार से इसका जवाब मांगा।
राहुल गांधी ने बुधवार को संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अडाणी पर अमेरिका में 2,000 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि अडाणी को जेल में होना चाहिए, और मोदी सरकार उन्हें बचा रही है। इस बयान के साथ ही अडाणी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अपनी जंग तेज कर दी है।
