देश विदेश

आज से तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर अमित शाह, रायपुर और बस्तर के कार्यक्रमों में होंगे शामिल गृह मंत्री

रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के लिए देर रात रायपुर पहुंचे। उनके रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही सीएम साय, डिप्टी सीएम साव, डिप्टी सीएम शर्मा ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, डीजीपी अशोक जुनेजा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसपी लाल उम्मेद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।

गृह मंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा, जानिए क्या होगा कार्यक्रम

गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि वे आज रात नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बीच जवानों के साथ रुकेंगे। यह कदम सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने और नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में उनके समर्थन को दर्शाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच गहरी उत्सुकता है, और इससे छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।

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GP सिंह के खिलाफ दर्ज सभी प्रकार की FIR को हाई कोर्ट ने किया रद्द

रायपुर के निलंबित आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह, भ्रष्टाचार और ब्लैकमेलिंग जैसे सभी मामलों की एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने पाया कि इन मामलों में जीपी सिंह के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने यह फैसला सुनाया। यह मामला 2021 में शुरू हुआ था, जब एसीबी और ईओडब्ल्यू ने जीपी सिंह के परिसरों पर छापेमारी की थी और भारी संपत्ति व आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे। इसके बाद उन पर राजद्रोह और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए। जीपी सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना भी करना पड़ा था। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने पहले ही उनके सेवा में बहाली का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने अब समर्थन दिया है। यह फैसला उनके वर्दी में वापस लौटने का रास्ता साफ करता है, और उनकी सेवा पुनः प्रारंभ होने की संभावना है।
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जनादेश परब मनाएगी CG की विष्णुदेव साय सरकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सरकार के एक साल के कार्यकाल को कहा जनादेश परब छत्तीसगढ़ में सरकार को 1 साल पूरे होने पर जारी किया रिपोर्ट कार्ड कल साल की सफलता के साथ विकास के लिए समर्पित रहा है दिसंबर को हमारे सरकार में शपथ ली थी और इसमें 12 महीना में विकास के आने को आयाम स्थापित की है इस साल को विकास का साल घोषित किया है कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को ही खतरे में डाल दिया था छत्तीसगढ़ की जनता को धन्यवाद करने पूरा मंत्रिमंडल मौजूद है *सरकार द्वारा जो भी वादे किए थे उसे हमने पूरे कर रहे हैं| प्रदेश में सुशासन स्थापित करेंगे, और प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तर्पता के साथ कार्रवाई हो रही है मोदी की गारंटी में जो वादा था धान खरीदी, महतारी वनदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, तेंदूपत्ता के तहत रकम बड़ाई गई, नई शिक्षा नीति की शुरुआत की जा रही है, 13 नगरी निकायो में हाई टेक्नोलॉजी लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है अब तक कुल 1750 तक सलीम मारे गए और गिरफ्तारी की गई है राजस्थान में लगातार सुरक्षा कैंप खुला जा रहे हैं, और उसके 5 किलोमीटर के दायरे में सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का काम किया जा रहा है शिक्षा चिकित्सा को दुरुस्त करने में हमारी सरकार सफल हुई है नए मेडिकल कॉलेज के लिए 120 करोड़ स्वीकृत किया गया है, 31000 करोड़ का सड़क योजना का स्वीकृत किया गया है, पिछले 1 साल में नई रेल लाइन की स्वीकृति मिली हुई है दक्षिण उप चुनाव में अभी हमें सफलता मिली है, छत्तीसगढ़ की जनता ने मोदी की गारंटी पर और सरकार ने विकास के लिए काम किया है जीएसपी को 10 लाख करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है | cg24news.in
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विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग

*प्रदेश के पर्यटन को मिली नई पहचान : मधेश्वर पहाड़ को मिला शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति होने का गौरव* *’लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग’ के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ* रायपुर 11 दिसंबर 2024 /छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नया आयाम बताया। गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि श्रीमती हेमल शर्मा और श्री अमित सोनी ने मुख्यमंत्री श्री साय से आज मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन वेबसाईट https://www.easemytrip.com में जशपुर जिले को शामिल किया गया है। इसके बाद जिले के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इस वेबसाइट में शामिल होने वाला जशपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, इससे पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी तथा पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। *मधेश्वर पहाड़ : प्रकृति और आस्था का संगम* जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से 35 किलोमीटर दूर स्थित मधेश्वर पहाड़, शिवलिंग के आकार की अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में पूजते हैं। *पर्यटन और रोमांच का केंद्र* मधेश्वर पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव करते हैं। जशपुर जिले में पर्यटन और रोमांचक खेलों के विकास की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं। cg24news.in
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*पुलिस अधिकारियों - सिपाहियों के अत्याचार, तानाशाही, रिश्वतखोरी और बुराइयों पर गुस्सा जरूर दिखाइए*

*पुलिस की कार्यप्रणाली और उन पर लगने वाले आरोपों पर विशेष लेख* *पुलिस अधिकारियों सिपाहियों के अत्याचार तानाशाही रिश्वतखोरी और बुराइयों पर गुस्सा जरूर दिखाइए* *परंतु कभी पुलिस विभाग के अच्छे अधिकारियों कर्मचारियों की अच्छाइयों और उनकी ड्यूटी के बारे में भी गौर अवश्य करिए |* *समस्याओं का समाधान पुलिस ही करती है, असामाजिक तत्वों, अपराधियों से बचाने मुश्किल समय में हर किसी का सहयोग पुलिस ही करती है|* *पांचो उंगलियां बराबर नहीं होती, उसी प्रकार पुलिस विभाग में भी अच्छे - बुरे अधिकारी और कर्मचारी हैं |* पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यशैली पर विचार पुलिस विभाग समाज का एक अभिन्न अंग है, जो कानून और व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा का उत्तरदायित्व निभाता है। पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों और कठिन कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्य का दायरा अत्यंत व्यापक है, जो समाज में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने से लेकर अपराधों की रोकथाम और जांच तक फैला हुआ है। लेकिन इसके साथ-साथ पुलिस अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और सख्त व्यवहार के आरोप भी लगते रहे हैं। यह आवश्यक है कि इन पहलुओं पर चर्चा की जाए ताकि सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकें। *पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और मेहनत* पुलिस अधिकारियों का काम चुनौतीपूर्ण और कभी-कभी खतरनाक भी होता है। उन्हें दिन-रात समाज की सेवा में जुटे रहना होता है। चाहे त्योहार हो, आपदा हो, या किसी अप्रत्याशित घटना का सामना करना हो, पुलिस अधिकारी हमेशा तैनात रहते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखना। पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि समाज में शांति बनी रहे और कोई भी असामाजिक तत्व नागरिकों की सुरक्षा को खतरा न पहुंचाए। *अपराधों की रोकथाम और जांच* पुलिस का प्राथमिक कार्य अपराधों को रोकना और उनके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाना है। इसके लिए उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी काम करना पड़ता है। *सामुदायिक सहायता* पुलिस समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता भी करती है। आपदा राहत, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश, और सड़क दुर्घटनाओं में सहायता जैसे कार्य उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा हैं। *रिश्वतखोरी और सख्त व्यवहार के आरोप* पुलिस अधिकारियों की छवि पर सबसे बड़ा धब्बा रिश्वतखोरी के आरोप हैं। कई बार जनता को लगता है कि कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करके निजी लाभ के लिए रिश्वत लेते हैं। इसके अलावा, कई पुलिसकर्मियों का सख्त और कभी-कभी अमानवीय व्यवहार भी आलोचना का कारण बनता है। यह न केवल नागरिकों का पुलिस पर विश्वास कम करता है, बल्कि पूरे विभाग की साख को भी नुकसान पहुंचाता है। *इस समस्या के कारण* *अत्यधिक कार्यभार* पुलिस अधिकारियों पर काम का अत्यधिक दबाव होता है। कई बार यह दबाव उनके व्यवहार में चिड़चिड़ापन और असंवेदनशीलता ला सकता है। *प्रशिक्षण में कमी* कई पुलिसकर्मी व्यवहारिक कौशल और मानवता के आधार पर उचित प्रशिक्षण प्राप्त नहीं करते, जिससे उनका दृष्टिकोण केवल अनुशासन तक सीमित रह जाता है। *सिस्टम की खामियां* भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को खत्म करने के लिए विभागीय स्तर पर कड़ी निगरानी और पारदर्शिता का अभाव है। *सुधार के उपाय* *पुलिस अधिकारियों के व्यवहार और छवि को सुधारने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं* *बेहतर प्रशिक्षण* पुलिस अधिकारियों को न केवल कानूनी और तकनीकी कौशल में बल्कि नैतिकता और संवेदनशीलता के क्षेत्र में भी प्रशिक्षण देना चाहिए। *कार्यबल का संतुलन* अधिकारियों के कार्यभार को संतुलित करने और उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। नियमित काउंसलिंग और मनोरंजन गतिविधियों का आयोजन इस दिशा में सहायक हो सकता है। *पारदर्शी तंत्र* रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए तकनीक आधारित निगरानी और नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधाएं सरल और प्रभावी बनाई जानी चाहिए। *सामुदायिक जुड़ाव* पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए सामुदायिक कार्यक्रम और जनसंवाद आवश्यक हैं। इससे पुलिस की छवि सुधरेगी और नागरिक भी उनकी जिम्मेदारियों को समझ पाएंगे। निष्कर्ष पुलिस अधिकारी समाज के रक्षक होते हैं, और उनकी मेहनत और समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन पर लगने वाले रिश्वतखोरी और सख्त व्यवहार के आरोप चिंता का विषय हैं। पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि वे आत्ममंथन करें और अपने व्यवहार में सुधार लाने का प्रयास करें। नागरिकों और समाज को भी पुलिस के योगदान को समझते हुए उनके साथ सहयोग करना चाहिए। पुलिस और समाज के बीच पारस्परिक सम्मान और विश्वास का रिश्ता ही एक सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव रख सकता है।  वैसे देखा जाए तो पुलिस विभाग समाज का एक आवश्यक अंग है, पुलिस की हर जगह जरूरत पड़ती है और पुलिस ही है जो हर जगह हर विभाग और जनता के बीच सहयोगी की भूमिका में हमेशा तत्पर रहती है |  जैसे देश की सीमाओं पर देश के जवान, सैनिक देश की रक्षा करते हैं उसी प्रकार देश के अंदर गुंडों - बदमाशों डकैतो सहित हर तरह के अपराधियों से नागरिकों की सुरक्षा पुलिस करती है | नागरिकों सहित हर समाज को भी चाहिए कि पुलिस विभाग की बुराइयों के साथ-साथ उनकी अच्छाइयों उनके द्वारा किए गए समाज हित के कार्यों के लिए अधिकारियों सिपाहियों और कर्मचारियों की प्रशंसा भी करें उनको प्रोत्साहित करें क्योंकि वह भी इंसान है अगर गलती करते हैं तो आपकी प्रशंसा उनकी गलतियों पर रोक लगा सकती है | सुखबीर सिंह सिंघोत्रा का पुलिस अधिकारियों , नागरिकों व समाज के बीच आपसी सदभाव बढ़ाने का प्रयास
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27 साल बाद कोर्ट से इस पूर्व IPS को मिली बड़ी राहत...जानें पूरा मामला..!!

गुजरात :- गुजरात के पोरबंदर की एक स्थानीय अदालत ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 1997 के हिरासत में प्रताड़ना मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असमर्थ रहा कि भट्ट ने अपराध किया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने मामले में सबूतों की कमी को आधार बनाते हुए भट्ट को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह मामला एक व्यक्ति, नरन जादव, द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद दर्ज हुआ था कि भट्ट ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया था।

भट्ट का विवादों से गहरा नाता

पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है। वह पहले से ही 1990 के हिरासत में मौत के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 1996 में राजस्थान के एक वकील को फंसाने के लिए ड्रग्स प्लांट करने के आरोप में उन्हें 20 साल की सजा दी गई थी। इसके अलावा, उनका नाम 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े एक मामले में भी आया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आरोप लगाए थे, लेकिन विशेष जांच दल ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था।

1997 का हिरासत में प्रताड़ना मामला

1997 में यह मामला उस समय सामने आया जब एक आरोपी, नरन जादव, ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया। जादव का कहना था कि पुलिस ने उसे भट्ट के घर पर ले जाकर बिजली के झटके दिए और इस दौरान उनके बेटे को भी प्रताड़ित किया गया। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।

अदालत का निर्णय

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि प्रताड़ना के आरोप सही थे। इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण था कि उस समय संजीव भट्ट सार्वजनिक सेवा में थे, और अभियोजन के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। अदालत ने इसे एक गंभीर चूक मानते हुए मामले को संदेह के आधार पर खारिज कर दिया।

संजीव भट्ट के खिलाफ अन्य मामले

संजीव भट्ट का नाम कई अन्य विवादों में भी शामिल रहा है। 1990 के दंगों में हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, 1996 में ड्रग्स प्लांट करने और 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े आरोपों में भी उनका नाम था। 2015 में उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

 
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चोरी का माल खरीदने वाले 3 ज्वेलर्स गिरफ्तार : 25 चोरियों का आईजी ने किया खुलासा

*लगातार लाखो रूपये कीमत के सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम चोरी के 02 दर्जन से अधिक प्रकरणों को अंजाम देने वाले गैंती गैंग का हुआ पर्दाफाश* *शातिर नकबजन सृजन शर्मा उर्फ स्वराज एवं 02 आरोपी सहित कुल 03 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार* *थाना मुजगहन, विधानसभा, तिल्दा नेवरा एवं मंदिर हसौद के आवासीय कॉलोनियों के सुने मकानों को बनाये थे निशाना* * आरोपियों द्वारा थाना मुजगहन, विधानसभा, तिल्दा नेवरा एवं मंदिर हसौद क्षेत्रांतर्गत 25 चोरी के प्रकरणों को दिया गया है अंजाम।* * आरोपियों द्वारा गिरोह बनाकर देते थे सभी चोरी की घटनओं को अंजाम।* * लाखो रूपये कीमत के सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम की किये थे चोरी।* * प्रकरण में संलिप्त आरोपी सृजन शर्मा मूलतः बिलासपुर एवं आरोपी उमेश उपाध्याय एवं मोह. सफीक मूलत मुगेली के है निवासी।* * गैंती गैंग का मुख्य आरोपी एवं योजनाकर्ता है शातिर नकबजन सृजन शर्मा उर्फ स्वराज।* * आरोपी सृजन शर्मा उर्फ स्वराज के विरूद्ध जिला बिलासपुर में 01 दर्जन से अधिक चोरी/नकबजनी के प्रकरण दर्ज है जिसमें आरोपी रह चुका है जेल निरूद्ध।* * आरोपी सृजन शर्मा है दोपहिया वाहनों का शौकीन जो चोरी से प्राप्त रकम से बार-बार क्रय-विक्रय करता था दोपहिया वाहनों को।* * आरोपियों द्वारा चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को दे देते थे अपने परिचित के माल खपाने वाले सहआरोपियों कों।* * प्रकरण मंे संलिप्त माल खपाने वाले सहआरोपी, चोरी के आरोपियों से प्राप्त सोने चांदी के जेवरात को गलाकर बिक्री करते थे ज्वेलर्स को।* * आरोपियों द्वारा चोरी के सोने चांदी के जेवरातो को फाईनेंस कम्पनियों में गिरवी रखकर प्राप्त करते थे नगदी रकम, फाईनेंस कम्पनियों को नोटिस देकर की जा रही है अग्रिम कार्यवाही।* * आरोपी सृजन शर्मा द्वारा जिन व्यक्त्यिों से वाहन क्रय किया गया है उनकी भी पतासाजी की जा कर, की जावेगी अग्रिम कार्यवाही।* * आरोपियान जिन-जिन मकान में किराये से निवासरत् थे, उन मकान मालिकों को पुलिस को इस संबंध में सूचना नही देने पर जारी की जा रही है नोटिस।* * पुलिस द्वारा निर्देशित सुरक्षा इंतजाम की अव्हेलना किये जाने पर संबंधित आवासीय कॉलानियों को भी जारी की जा रह है नोटिस।* * आरोपियो के निशानदेही पर कब्जे से सोना 316 ग्राम, चांदी 02 किलो 900 ग्राम, घटना में प्रयुक्त 05 नग मोबाईल फोन, 02 नग दोपहिया वाहन, लाल गैती, पेचकस एवं अन्य आलाजरब किया गया है जप्त।* * जप्त मशरूका की कुल कीमत है लगभग 35,00,000/- रूपये।* * आरोपियों के विरूद्ध धारा 331(4), 305, 3(5) बी.एन.एस. के तहत की जावेगी कार्यवाही।* * प्रकरण में संलिप्त माल खपाने वाले सहआरोपी एवं ज्वेलर्स को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध संगठित अपराध की धारा 111 एवं 317 बी.एन.एस के तहत की जा रही है कार्यवाही।* * इस गिरोह का मुव्हमेंट जिला दुर्ग, कोरबा, अम्बिकापुर एवं बिलासपुर में होना पाया गया है।* विवरण - जिला रायपुर के ग्रामीण क्षेत्र से प्राप्त हो रही आवासीय कॉलोनियों के सुने मकानों में चोरी की घटनाओं की शिकायतों को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र रायपुर महोदय श्री अमरेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. संतोष सिंह द्वारा गम्भीरता से लेते हुए चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने व अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की 30 सदस्यीय टीम का विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थलों का निरीक्षण कर प्रार्थियों से विस्तृत पूछताछ करते हुए आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों की पतासाजी हेतु रात्रि में गश्त करने के साथ-साथ सभी घटनास्थलों के सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने के साथ ही आरोपियों की पतासाजी हेतु प्रकरण में मुखबीर भी लगाये गये। टीम के सदस्यों द्वारा सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया गया। जिसमें एक गिरोह द्वारा जो हाथ में गैंती लेकर आवासीय कॉलोनियों में सुने मकानों में रात्रि में अकस्मात चोरी की घटना को अंजाम देना पाया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा उक्त गिरोह को फोकस कर लगातार पतासाजी किया जाने लगा। इसी दौरान टीम के सदस्यों को प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के संबंध में तकनीकी विश्लेषण से महत्पूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, कि प्राप्त जानकारी के आधार पर टीम के सदस्यों द्वारा प्रकरण में संलिप्त सृजन शर्मा, सफीक मोहम्मद एवं उमेश उपाध्याय की पतासाजी करते हुए उनके छिपने के अलग-अलग ठिकानों में टीम के सदस्यों द्वारा एक साथ दबिश देकर पकड़ा गया। घटना के संबंध में आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर पाया गया कि आरोपी सृजन शर्मा, जो शातिर नकबजन है जिसके विरूद्ध जिला बिलासपुर में चोरी/नकबजनी के 01 दर्जन से अधिम मामले में जेल निरूद्ध रह चुका है कि मुलाकात उमेश उपाध्याय एवं सफीक मोहम्मद से हुई जिनके साथ मिलकर उसके द्वारा थाना मुजगहन, विधानसभा, तिल्दा नेवरा एवं मंदिर हसौद के विभिन्न आवासीय कॉलोनियों के सुने मकानों में मिलकर 02 दर्जन से अधिक चोरी की घटनाओं अंजाम देना स्वीकार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी के सोने चांदी के जेवरातों के संबंध में पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को अपने परिचित ज्वेलर्स दुकान के कारिगरों एवं वर्कर हर्ष कुमार बंजारे उर्फ गोविन्दा, मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी, मेवालाल कश्यप, हेमंत कश्यप, कमलजीत कश्यप उर्फ जीतू एवं जय कुमार सोनी के पास सोने एवं चांदी के जेवरातों को देना बताया गया, जिनके द्वारा आरोपियों से प्राप्त चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को गलाकर ज्वेलर्स दुकान के मालिक बिलासपुर निवासी राजेश कुमार सोनी एवं उरला निवासी भूषण कुमार देवांगन को बिक्री करना बताया गया। साथ ही चोरी की नगदी रकम से दोपहिया वाहन क्रय किया गया है जिसका उपयोग घटना को अंजाम देने में बताया गया है। *अन्य घटनाओं में प्रयुक्त दोपहिया वाहनों की जानकारी प्राप्त की जा रही है एवं जिनसे आरोपी द्वारा वाहन क्रय किया गया है उनकी पतासाजी कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।* *आरोपियों द्वारा सोने चंदी के जेवरातों को फायनेंस कम्पनियों में गिरवी भी रख कर नगदी रकम प्राप्त की गई है जिसमें संबंधित कम्पनियों को नोटिस देकर विधिवत कार्यवाही की जा रही है।* *आरोपियान जिन-जिन मकानों में किराये से निवासरत् रहे है, उनके मकान मालिकों द्वारा इस संबंध में पुलिस को सूचना नही दिये जाने पर नोटिस जारी किया जाता है।* *आरोपियों द्वारा जिन-जिन आवासीय कॉलोनियों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है उन कॉलोनियों द्वारा पुलिस द्वारा निर्देशित सुरक्षा इंतेजामों का अव्हेलना किया जाना पाये जाने पर उन्हें भी नोटिस जारी किया जाता है।* जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा सभी माल खपाने वाले सहआरोपी एवं ज्वेलर्स दुकान के मालिकों की भी पतासाजी कर गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध संगठित अपराध की धारा 111 एवं 317 बी.एन.एस के तहत कार्यवाही किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर उनके *कब्जे से 316 ग्राम सोना, 02 किलो 900 ग्राम चांदी घटना प्रयुक्त 05 नग मोबाईल फोन, 02 नग दोपहिया वाहन तथा घटना में प्रयुक्त गैंती, पेचकस एवं अन्य आलाजरब जुमला कीमती लगभग 35,00,000/- रूपये जप्त* कर आरोपियों के विरूद्ध धारा 331(4), 305, 3(5) बी.एन.एस. के तहत कार्यवाही किया गया है। *आरोपी सृजन शर्मा उर्फ स्वराज आपराधिक प्रवृत्ति का जिसके विरूद्ध जिला बिलासपुर के अलग-अलग थानों में कुल 21 अपराध है पंजीबद्ध जिसमें आरोपी है जेल निरूद्ध।* *निकाल किये गये चोरी के प्रकरण-* 1- थाना मुजगहन - अप.क्र 151/24 2- थाना मुजगहन - अप.क्र 162/24 3- थाना मुजगहन - अप.क्र 188/24 4- थाना मुजगहन - अप.क्र 207/24 5- थाना मुजगहन - अप.क्र 211/24 6- थाना मुजगहन - अप.क्र 224/24 7- थाना मुजगहन - अप.क्र 229/24 8- थाना मुजगहन - अप.क्र 242/24 9- थाना मुजगहन - अप.क्र 254/24 10- थाना मुजगहन - अप.क्र 257/24 11- थाना मुजगहन - अप.क्र 273/24 12- थाना मुजगहन - अप.क्र 275/24 13- थाना विधानसभा - अप.क्र. 300/24 14- थाना विधानसभा - अप.क्र. 331/24 15- थाना विधानसभा - अप.क्र. 332/24 16- थाना विधानसभा - अप.क्र. 335/24 17- थाना विधानसभा - अप.क्र. 337/24 18- थाना विधानसभा - अप.क्र. 369/24 19- थाना विधानसभा - अप.क्र. 370/24 20- थाना विधानसभा - अप.क्र. 379/24 21- थाना विधानसभा 22- थाना मंदिर हसौद - अप.क्र. 388/24 23- थाना मंदिर हसौद - अप.क्र. 175/24 24- थाना तिल्दा नेवरा - अप.क्र. 187/24 25- थाना तिल्दा नेवरा - अप.क्र 217/24 *गिरफ्तार आरोपी-* *चोरी के आरोपी* *01. सृजन शर्मा पिता प्रभु शर्मा उम्र 29 साल स्थाई पता मकान नंबर 54 हाउसिंग बोर्ड कालोनी सरकंडा खमतराई बिलासपुर।* *02. उमेश उपाध्याय पिता स्व. वीरेंद्र उपाध्याय उम्र 26 वर्ष निवासी कालीमाई वार्ड हर्रीपारा जिला मुंगेली* *03. सफीक मोहम्मद पिता नासिर मोहम्मद उम्र 25 वर्ष निवासी कालीमाई वार्ड हर्रीपारा जिला मुंगेली।* *प्रकरण में संलिप्त माल खपाने वाले सहआरोपी* *04. हर्ष कुमार बंजारे उर्फ गोविंदा पिता शिव कुमार बंजारे उम्र 18 साल निवासी विनोबा भावे नगर जैतखाम थाना मुंगेली बिलासपुर।* *05. मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी पिता जावेद अहमद सिद्दीकी उम्र 40 सालनिवासी बशीर खान वार्ड पंडरिया रोड मुंगेली बिलासपुर।* *06. मेवा लाल कश्यप पिता दुर्गा प्रसाद कश्यप उम्र 43 सालनिवासी कपसिया कला थाना कोटा जिला बिलासपुर।* *07. हेमंत कश्यप पिता तुलसीराम कश्यप उम्र 33 साल निवासी परसा कांपा थाना तखतपुर जिला बिलासपुर।* *08. कमलजीत कश्यप उर्फ जीतू पिता स्व. दिनेश कश्यप उम्र 30 साल निवासी निकारबंद थाना तखतपुर जिला बिलासपुर।* *प्रकरण में संलिप्त ज्वेलर्स* *09. जय कुमार सोनी पिता स्व. राजकुमार सोनी उम्र 42 साल निवासी महामाई वार्ड सोनारपाड़ा मुंगेली थाना मुंगेली बिलासपुर।* *10. राजेश कुमार सोनी पिता शिव कुमार सोनी उम्र 35 साल निवासी तखतपुर भाटापारा थाना तखतपुर जिला बिलासपुर।* *11. भूषण कुमार देवांगन पिता राम कल्याण देवांगन उम्र 35 साल निवासी डाकेश किराना स्टोर दुर्गा मंदिर के पास गाजी नगर बिरगांव थाना उरला रायपुर।*
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रोजमर्रा की वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती, 21 दिसंबर को GST परिषद की बैठक में होगा अहम फैसला

 GST Council Meeting : 21 दिसंबर 2024 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर चर्चा की जाएगी, जो न सिर्फ व्यापारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करेंगे। इस बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा।

जीएसटी परिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी का हो सकता है। वर्तमान में इन उत्पादों पर 28% जीएसटी लिया जा रहा है, लेकिन बैठक में इसे बढ़ाकर 35% करने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह निर्णय तंबाकू और सिगरेट उत्पादों पर कर दर को और सख्त करने के उद्देश्य से लिया जा सकता है।

जीएसटी दर में कमी की भी संभावना

साथ ही, जीएसटी परिषद कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर दर में कमी का भी प्रस्ताव कर सकती है। इसमें पैकेज्ड पानी, साइकिल, और छोटे मूल्य वाले उत्पादों पर जीएसटी दर को घटाकर 5% करने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है, खासकर उन वस्तुओं के लिए जिनका दैनिक जीवन में अधिक इस्तेमाल होता है।

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री मिलकर जीएसटी से संबंधित नीति फैसले लेंगे। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर सस्ती कीमतों का लाभ मिल सकता है, और व्यापारियों के लिए भी व्यवसाय करने में राहत मिल सकती है।

सार्वजनिक ध्यान

बैठक के बाद जीएसटी दरों में इन बदलावों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आएगी। यह निर्णय आम जनता के लिए महत्वपूर्ण होंगे, खासकर जो रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। जीएसटी परिषद के इस फैसले का स्वागत किया जा सकता है, लेकिन इससे जुड़ी औपचारिक घोषणाएं और जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होंगी।

इस प्रकार, जीएसटी परिषद की 21 दिसंबर की बैठक में लिए जाने वाले फैसले उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं।

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नक्सल क्षेत्र की बेटी बनी नायब तहसीलदार, सुकमा की बदलती तस्वीर की पहचान बनी चंदा

माओवाद प्रभावित क्षेत्र से अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी चंदा नाग

प्रशासनिक क्षेत्र में जाने का सपना हुआ साकार

सुकमा : माओवाद प्रभावित सुकमा जिले की चंदा नाग ने नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होकर क्षेत्र और समाज का मान बढ़ाया। चन्दा ने अपने लगन, कठिन परिश्रम और परिवार के समर्थन से यह मुकाम हासिल किया है। चंदा का कहना है कि उनकी सफलता सुकमा जैसे माओवाद प्रभावित जिलों के युवाओं को यह विश्वास दिलाएगी कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत और समर्पण से अपने सभी सपने पूरे किए जा सकते हैं। चन्दा नाग की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवारजन बल्कि पूरे सुकमा जिले के युवाओं में गर्व का माहौल है। उनका संघर्ष और सफलता आने वाली युवा प्रतिभागियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

गंगाराम नाग और कुसुम नाग की पुत्री चंदा नाग ग्राम पाकेला, तहसील छिन्दगढ़, जिला सुकमा की निवासी हैं। उनके पिता शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शुरू से ही चंदा पढ़ने में मेधावी रही हैं। चन्दा की प्राथमिक शिक्षा बालक आश्रम पाकेला और माध्यमिक शिक्षा छिंदगढ़ में हुई है। हाई स्कूल की पढ़ाई उन्होंने छिंदगढ़ से पूरी की और दसवीं से बारहवीं तक की शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर कंगोली, जगदलपुर में प्राप्त की। इसके बाद, चन्दा ने श्री रावतपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कुम्हारी, दुर्ग से बैचलर ऑफ फार्मेसी की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के पश्चात उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी का निर्णय लिया और 2015 में दिल्ली जाकर दृष्टि आई.ए.एस. कोचिंग से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कई प्रयासों के बाद संघ लोक सेवा आयोग में सफलता नहीं मिलने और कोविड के प्रभाव के कारण उन्होंने वापस अपने राज्य लौटने का निर्णय लिया।

सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता

दिल्ली से लौटने के बाद चन्दा ने बिलासपुर में रहकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की तैयारी की। उन्होंने बताया कि सेल्फ स्टडी और आत्मनिर्भरता की बदौलत पहले प्रयास में ही उन्होंने मुख्य परीक्षा तक का सफर तय किया। हालांकि, सफलता के शिखर तक पहुँचने में उन्हें चार प्रयास लगे। उन्होंने बताया कि असफलता से मैंने अपनी कमजोरियों को पहचाना और फिर से बेहतर तैयारी के लिए नई ऊर्जा के साथ परीक्षा की तैयारी में भिड़ जाती थी। कठिन मेहनत और लगन से तैयारी करके मेरा सीजीपीएससी 2023 में नायब तहसीलदार के पद पर उनका चयन हुआ।

प्रशासनिक क्षेत्र में जाने का सपना हुआ साकार

चन्दा ने बताया कि प्रशासनिक सेवा में जाना मेरा सपना था। माओवाद प्रभावित क्षेत्र से होकर प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय करने से चंदा अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।

मेरी सफलता में परिवार जनों और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान

इस सफलता के सफर में चन्दा को अपने परिवार, शिक्षकों और मित्रों का भरपूर सहयोग मिला। विशेष रूप से उनके चाचा गंगाराम नाग और भाई पारस कुमार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। चन्दा ने सुकमा के प्रशासनिक अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के नि:शुल्क गाइडेंस और शिक्षा प्रयासों ने उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित किया।

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दुल्हन बनेंगी स्टार शटलर PV Sindhu, कौन होगा दुल्हा? जानिए कब-कहां होगी शादी

Breaking पीवी सिंधु शादी करने जा रही हैं 

रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा आयोजित 

भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। पीवी सिंधु 22 दिसंबर को राजस्थान के उदयपुर में शादी करने जा रही हैं। उनकी शादी के पलों में उनके साथ होंगे वेंकट दत्ता साईं, जो एक वरिष्ठ आईटी पेशेवर और पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं।

सिंधु के पिता ने दी जानकारी

पीवी सिंधु के पिता, पीवी रमना ने इस शादी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों परिवार पहले से एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन रिश्ता एक महीने पहले ही तय हुआ था। उन्होंने बताया, “जनवरी से सिंधु का बैडमिंटन शेड्यूल बहुत व्यस्त रहेगा, इसलिए दिसंबर का समय शादी के लिए सबसे उपयुक्त था। शादी 22 दिसंबर को उदयपुर में होगी और रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में आयोजित होगा। इसके बाद सिंधु अपने ट्रेनिंग में लौट जाएंगी, क्योंकि अगला सीजन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”

वेंकट दत्ता साईं कौन हैं?

वेंकट दत्ता साईं, जिनसे सिंधु शादी करने जा रही हैं, पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं। उनके पिता, जी.टी. वेंकटेश्वर राव, इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और पहले भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में अधिकारी रह चुके थे। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में पीवी सिंधु ने इस कंपनी का नया लोगो लॉन्च किया था।

वेंकट दत्ता साईं का प्रोफेशनल करियर

वेंकट दत्ता साईं का करियर आईटी क्षेत्र में काफी मजबूत रहा है। उन्होंने जेएसडब्ल्यू और सौर एप्पल एसेट मैनेजमेंट जैसी कंपनियों में काम किया है। दिसंबर 2019 से वे पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यरत हैं, जहां उनका प्रमुख काम बड़े बैंकों, जैसे एचडीएफसी और आईसीआईसीआई के लिए समाधान तैयार करना है। इनमें लोन प्रोसेसिंग को तेज करना और क्रेडिट स्कोर मैचिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।

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सुखबीर बादल तनखैया घोषित - संगत के झूठे बर्तन और बाथरूम साफ करने की मिली सजा

अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को "तनखैया" घोषित करते हुए धार्मिक सजा सुनाई है। यह सजा 2007 से 2017 तक अकाली सरकार के दौरान डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को माफी दिए जाने जैसे विवादित फैसलों से संबंधित है। सजा का विवरण: 1. तख्ती और बरछा लेकर सेवा: सुखबीर सिंह बादल को विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सेवादार के रूप में तैनात रहना होगा। उन्हें गले में तख्ती पहननी होगी और हाथ में बरछा लेकर सेवा देनी होगी। 2. लंगर घर में काम: उन्हें हर दिन एक घंटे संगत के जूठे बर्तन धोने और लंगर सेवा में भाग लेना होगा। 3. कीर्तन और पाठ: हर दिन श्री सुखमणि साहिब का पाठ और कीर्तन सुनने का निर्देश दिया गया है। 4. *विशेष सेवा: श्री दरबार साहिब के बाहर साफ-सफाई और अन्य सेवाएं देनी होंगी, जिनमें बाथरूम साफ करना भी शामिल है।* 5. सम्मान वापसी: पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से फख्र-ए-कौम सम्मान वापस लिया जाएगा। इसके अलावा, अकाल तख्त ने आदेश दिया है कि सुखबीर सिंह बादल और उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य 15 दिनों के भीतर अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर अपने कार्यों के लिए माफी मांगें। जब तक ऐसा नहीं होता, वे "तनखैया" बने रहेंगे। यह सजा सिख धर्म में धार्मिक अनुशासन को बनाए रखने और अतीत की गलतियों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास है।
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झारखंड में फिर से ‘अबुआ सरकार’, हेमंत सोरेन ने चौथी बार CM पद की ली शपथ

Jharkhand Hemant Soren Oath Ceremony : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन ने गुरुवार को चौथी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड के गवर्नर संतोष गंगवार ने शपथ दिलाई। इस बार हेमंत अकेले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि उनके मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 10 प्रमुख दलों के 18 बड़े नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस के राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

हेमंत सोरेन ने शपथ से पहले अपने पिता और JMM प्रमुख शिबू सोरेन को मंच तक हाथ पकड़कर पहुंचाया। इस भावुक पल के दौरान हेमंत ने कहा, “आज का दिन ऐतिहासिक है। हमारी एकता हमारा सबसे बड़ा हथियार है। हमें न तो विभाजित किया जा सकता है, न ही शांत किया जा सकता है। हम झारखंडी हैं, और झारखंडी कभी नहीं झुकते।”

23 नवंबर को आए चुनावी नतीजों में JMM के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने झारखंड विधानसभा की 81 सीटों में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की। इसमें JMM को 34, कांग्रेस को 16, राजद को 4 और माले को 2 सीटें मिलीं। इस जीत के साथ ही हेमंत सोरेन ने एक बार फिर राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है।

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Priyanka Gandhi Oath : संसद सत्र का आज तीसरा दिन, संविधान की प्रति हाथ में लेकर प्रियंका ने ली शपथ

Priyanka Gandhi Oath : संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है, और इस दिन कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। यह उनका संसद में पहला प्रवेश था, जहां उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर शपथ ली। प्रियंका गांधी वायनाड सीट से हाल ही में उपचुनाव जीत कर संसद पहुंची हैं।

प्रियंका के साथ उनके माता-पिता, सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा सांसद हैं, और सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं। साथ ही, प्रियंका के साथ नांदेड़ लोकसभा उपचुनाव में जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली।

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अडाणी समूह से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध किया, साथ ही उत्तर प्रदेश के संभल में हाल की हिंसा का भी मुद्दा उठाया और सरकार से इसका जवाब मांगा।

राहुल गांधी ने बुधवार को संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अडाणी पर अमेरिका में 2,000 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि अडाणी को जेल में होना चाहिए, और मोदी सरकार उन्हें बचा रही है। इस बयान के साथ ही अडाणी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अपनी जंग तेज कर दी है।

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भारी मतों से जीते सुनील सोनी

रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में मतों की गिनती जारी है, 15 राउंड की गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील सोनी कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा से 46167 मतों से भारी जीत दर्ज की है भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी की जीत इस बात की सूचक है कि रायपुर दक्षिण विधानसभा भारतीय जनता पार्टी का एक अजेय किला है जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को क्षेत्रवासी दिलो जान से चाहते हैं, और यह जीत एक प्रकार से बृजमोहन अग्रवाल की नौवीं जीत या यू कहें लगातार दसवीं जीत है | रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में रायपुर के पूर्व सांसद सुनील सोनी की जीत के बाद लगभग यह भी माना जा सकता है कि उनके मंत्री बना भी तय है | बहरहाल बृजमोहन अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी संगठन को एहसास कर दिया कि उनका चुनावी प्रबंधन और जनता के बीच उनका प्यार स्नेह और विकास के कार्य करने की शैली का कोई तोड़ नहीं है | सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने कांग्रेस द्वारा आकाश शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कहा था कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र मैं कांग्रेसी पर्यटन के लिए आते हैं और चुनाव में घूम फिर कर चले जाते हैं और अगले चुनाव तक फिर नहीं आते अर्थात क्यों कहा जाए कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसी हर 5 साल में पिकनिक मनाने आते हैं | कल 19 राउंड की गिनती में सुनील सोनी ने कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा को 46167 मतों से पराजित कर जीत हासिल की | सुनील सोनी की जीत की खुशी में भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल रहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जीत की इस खुशी में शामिल हुए और उन्होंने कार्यकर्ताओं सहित पार्टी के लिए कार्य करने वाले नेताओं को भी बधाई दी |
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सुनील सोनी की जीत का फासला लगातार बढ़ रहा

रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में मतों की गिनती जारी है, 15 राउंड की गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील सोनी कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा से 35133 मतों से आगे चल रहे हैं मतों का यह अंतर अभी और बढ़ने की संभावना है | भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी की जीत इस बात की सूचक है कि रायपुर दक्षिण विधानसभा भारतीय जनता पार्टी का एक अजय किला है जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को क्षेत्रवासी दिलो जान से चाहते हैं, और यह जीत एक प्रकार से बृजमोहन अग्रवाल की नौवीं जीत या यू कहें लगातार दसवीं जीत है | रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में रायपुर के पूर्व सांसद सुनील सोनी की जीत के बाद लगभग यह भी माना जा सकता है कि उनके मंत्री बना भी तय है | बहरहाल बृजमोहन अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी संगठन को एहसास कर दिया कि उनका चुनावी प्रबंधन और जनता के बीच उनका प्यार स्नेह और विकास के कार्य करने की शैली का कोई तोड़ नहीं है | सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने कांग्रेस द्वारा आकाश शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कहा था कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र मैं कांग्रेसी पर्यटन के लिए आते हैं और चुनाव में घूम फिर कर चले जाते हैं और अगले चुनाव तक फिर नहीं आते अर्थात क्यों कहा जाए कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसी हर 5 साल में पिकनिक मनाने आते हैं | *रायपुर (दक्षिण) विधानसभा उप-चुनाव* अठारह चरण के बाद बीजेपी: 84371 कांग्रेस: 40433 कुल बढ़त: 43938 (बीजेपी) अंतिम चरण की काउंटिंग बाकी।
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*रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में सुनील का होगा आकाश या फिर आकाश का होगा प्रकाश फैसला कल*

*रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में सुनील का होगा आकाश या फिर आकाश का होगा प्रकाश फैसला कल* रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के नतीजें कल सबके सामने होंगे जिसमें यह तय हो जाएगा कि इस विधानसभा सीट से लगातार आठ बार जीत हासिल करने वाले बृजमोहन अग्रवाल के उत्तराधिकारी के रूप में पूर्व सांसद सुनील सोनी भाजपा के गढ़ में अपना परचम लहराते हैं या कांग्रेस के प्रत्याशी आकाश शर्मा शनिवार सुबह से ही मतगणना प्रारंभ हो जाएगी दोपहर तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि दक्षिण का सारथी कौन होगा ?
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