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महतारी वंदन योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु हेल्प डेस्क नं. किया गया जारी

महतारी वंदन योजना के लिए कार्यशाला का आयोजन रायपुर - कलेक्टर डॉक्टर गौरव सिंह की अध्यक्षता मे रेडक्रास भवन में महतारी वंदन योजना की बैठक सह कार्यशाला आयोजित हुई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) द्वारा योजना एवं इसके क्रियान्वयन के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। योजना के तहत 21 वर्ष से अधिक उम्र की विवाहित/विधवा/तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला को प्रत्येक माह 1000 रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त होगी। योजना संचालन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करेगा। योजना के लिए ग्राम पंचायत/आंगनबाड़ी केन्द्र/नगरीय क्षेत्र में वार्ड स्तर पर के साथ ही परियोजना कार्यालय (मबावि) में फार्म उपलब्ध होगा। फार्म आॅनलाईन एवं आफलाईन दोनों तरह से भरे जा सकेंगे। इसके लिए शासन स्तर Portal-https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा मोबाईल एप्प जारी किया गया है। जिस पर हितग्राही स्वयं आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। योजना हेतु आवेदन दिनांक 05 फरवरी 2024 से प्राप्त किया जाएगा। योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु हेल्प डेस्क नं. 724775312 जारी किया गया है। बैठक में नगर पालिक निगम रायपुर एवं बीरगांव के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, बृजेश सिंह श्रत्रिय, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वदीप सिंह जिले के सभी अनुविभागीय अधिकार (रा.) सभी जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिले के सभी तहसीलदार, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, सभी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिक/नगर पंचायत के साथ ही महिला एवं बाल विकास के मैदानी अमलों के लोग उपस्थित थे।
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*महतारी वंदन योजना की तिथि हुई घोषित - फटाफट भरें फार्म

*महतारी वंदन योजना के लिए 01 मार्च 2024 से होगी लागू* *पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम होगा भुगतान* *कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिले में योजना क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक निर्देश* *आवेदन पत्र भरने की संपूर्ण प्रक्रिया होगी निःशुल्क* *योजना के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दी गई जिम्मेंदारी* रायपुर 03 फरवरी 2024/राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना को बढ़ावा देने के पूरे प्रदेश के साथ जिले में क्रियान्वित की जाएगी। यह योजना महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव द्वारा लिए गए आज वीडियो कॉफ्रेसिंग के परिपालन में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में कहा कि यह महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लागू की जा रही है। इसके लिए कार्य योजना बनाकर कार्य करें। योजना के क्रियान्वयन के लिए 03 फरवरी से सुबह 10 बजे रेडक्रॉस भवन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन की ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदारी के लिए श्री विश्वद्वीप, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायपुर एवं जिले के समस्त नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, रायपुर नोडल अधिकारी होंगे एवं जिला प्रशासन से श्री आशुतोष देवांगन, डिप्टी कलेक्टर समन्वयकर्ता अधिकारी होंगे। प्रथम चरण अंतर्गत आवेदन पत्रों के पंजीयन 05 फरवरी से लेकर 08 मार्च 2024 तक की अवधि में संपादित होने वाले विभिन्न कार्य एवं गतिविधियों की निगरानी, पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन हेतु अधिकारियों को रायपुर सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किये गये है। रायपुर शहरी 1 एवं 2 धरसीवां के लिए 1 एवं 2 एडीएम श्री देवेन्द्र पटेल, मंदिर हसौद के लिए एडीएम श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, आरंग के लिए एडीएम श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, अभनपुर के लिए एडीएम श्री नवीन ठाकुर, तिल्दा के लिए एडीएम श्री प्रकाश टण्डन को जिम्मेदारी दी गई है। योजना का क्रियान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्थानीय निकायों के सहयोग से किया जाएगा। हितग्राहियों के चिन्हांकन, सत्यापन एवं भुगतान की स्वीकृति हेतु ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एवं परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा नगर निगम क्षेत्र में आयुक्त नगर निगम तथा नगर पालिका एवं नगर परिषद क्षेत्र हेतु संबंधित सीएमओ नगरीय निकाय एवं परियोजना अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी संयुक्त रूप से सक्षम अधिकारी होंगे। योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी एवं विवाहित महिला पात्र होगें। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है, उस वर्ष की 1 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होंगी। योजनांतर्गत पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को 1000 रूपए से कम पेंशन राशि प्राप्त होने से शेष अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। महतारी वंदन योजना अंतर्गत 5 फरवरी 2024 को ऑनलाईन व ऑफ लाईन आवेदन का पंजीयन प्रारंभ होगा। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 हैं। अनन्तिम सूची 21 फरवरी 2024 को जारी की जाएगी। अनन्तिम सूची पर आपत्ति 21 से 25 फरवरी 2024 तक की जा सकती है। आपत्ति का निराकरण 26 से 29 फरवरी 2024 तक किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 1 मार्च 2024 को होगा एवं स्वीकृति पत्र 5 मार्च 2024 को जारी होगा तथा पात्र महिला हितग्राही को राशि का अंतरण 8 मार्च 2024 को किया जाएगा। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए स्व सत्यापित स्वयं की पासपोर्ट साईज फोटो, स्थानीय निवासी के संबंध में निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दस्तावेज, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड, यदि हो तो स्वयं का एवं पति का पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा जारी, वार्ड, ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। जन्म प्रमाण पत्र कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकसूची या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा स्व-घोषणा पत्र, शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाईन पोर्टल https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा मोबाईल एप के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। महतारी वंदन योजनांतर्गत जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो अपात्र होंगी। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग, उपक्रम, मण्डल, स्थानीय निकाय में स्थायी, अस्थायी, संविदा पदों पर कार्यरत प्रथम वर्ग, द्वितीय वर्ग एवं तृतीय वर्ग के अधिकारी व कर्मचारी योजनांतर्गत अपात्र होंगी। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद व विधायक तथा जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, मण्डल के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष व उपाध्यक्ष हो वही भी योजनांतर्गत अपात्र होंगी। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाईन पोर्टल तथा मोबाईल एप के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत सचिव (ग्राम प्रभारी), बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड प्रभारी के लॉगिन आईडी से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन पत्र भरने की सम्पूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क होगी। आवेदन प्रपत्र ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, परियोजना कार्यालय तथा जिले द्वारा आयोजित विशेष कैम्प में उपलब्ध होंगे। निर्धारित तिथि तक आवेदन प्राप्त होने के पश्चात अनंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। आपत्तियों को प्राप्त एवं आपत्ति निराकरण समितियों द्वारा आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार एवं परियोजना अधिकारी की समिति होगी। नगरीय क्षेत्रों हेतु तहसीलदार, सीएमओ एवं परियोजना अधिकारी की समिति होगी। नगर निगम क्षेत्र हेतु आयुक्त नगर निगम अथवा उनके प्रतिनिधि व परियोजना अधिकारी, शहरी विकास प्राधिकरण एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी की समिति होगी। आपत्तियों का निराकरण पश्चात अंतिम सूची जारी किया जाएगा। अपात्र हितग्राहियों की पृथक सूची भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। पात्र हितग्राही को स्वीकृति पत्र ग्राम सचिव व वार्ड प्रभारी द्वारा जारी किया जाएगा। यह सूची पोर्टल पर प्रदर्शित भी होगी। हितग्राही को राशि का भुगतान पात्र हितग्राही को राशि का भुगतान उनके आधार लिंक्ड डीबीटी आधारित बैंक खाते में किया जाएगा। आपत्ति निराकरण समिति द्वारा भविष्य में हितग्राही के संबंध में कोई आपत्ति प्राप्त होती है, तो उसकी जांच की जाएगी। जांच में अपात्र होने की दशा में संबंधित हितग्राही का नाम सूची से विलोपन की कार्रवाई की जाएगी। भुगतान की गयी राशि की वसूली की कार्रवाई किया जाएगा। मृतक हितग्राहियों के नाम भी समय-समय पर जानकारी प्राप्त होने पर सत्यापन पश्चात अंतिम सूची से विलोपित किया जाएगा। नाम विलोपन की कार्रवाई ग्राम पंचायत सचिव व वार्ड प्रभारी द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तर पर समीक्षा एवं निगरानी हेतु संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग में राज्य निगरानी एवं क्रियान्वयन प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। जिला स्तर पर समीक्षा एवं निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि तथा जिला ई-गवर्नेंस मैनेजर सदस्य होंगे तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सदस्य सचिव रहेंगे, योजना के सघन क्रियान्वयन हेतु सतत समीक्षा करेगी। राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल विभाग रहेगी।
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देश के चार स्तंभ - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू

भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज देश की दोनों संसद को संबोधित करते हुए कहा कि देश के चार मुख्य स्तंभ है, युवा शक्ति नारी शक्ति किसान और गरीब
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छत्तीसगढ़ में फिर नक्सली हमला : कहां है अमित शाह का रोड मैप

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बार-बार कहते रहे कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनाओ हम नक्सलवाद समाप्त कर देंगे - इससे पहले भी 2018 के चुनाव के समय भी अमित शाह ने ऐसे दावे किए थे परंतु सरकार बदलने के बाद शायद कांग्रेस की सरकार के कारण केंद्र सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सहयोग नहीं किया होगा, होगा का मतलब आप समझ लीजिए हम सिर्फ अंदेशा व्यक्त कर सकते हैं | छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल समस्या को लेकर बयान जारी किया था कि हम नक्सल समस्या समाप्त कर देंगे अब 2 महीने की सरकार को लेकर अमित शाह का सकते हैं कि हम अभी सत्ता में आए हैं डबल इंजन की सरकार बनी है धीरे-धीरे सब ठीक होगा परंतु क्या अमित शाह यह बता सकते हैं कि पिछले 15 साल के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान 5 साल डबल इंजन की सरकार रही थी तब छत्तीसगढ़ से नक्सल समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ ? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद कब-कब कैसे छत्तीसगढ़ से चरणबद्ध नक्सल समस्या समाप्त होगी या समस्या को समाप्त करने के लिए हर साल हर महीने क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे ? नक्सलियों ने टेकुलगुडम कैम्प पर किया हमला,11 जवान घायल, एक गंभीर* *घायल जवानों को चॉपर से किया गया जगदलपुर रेफर* *कोबरा बटालियन और DRG के जवानों के साथ अब भी जारी है मुठभेड़* टेकलगुड़ेम मुठभेड़ Update दिनांक 30 जनवरी, 2024 जिला सुकमा/बीजापुर* 03 जवान शाहिद हुये तथा 14 जवान घायल हुये। जिला सुकमा/बीजापुर की सीमावर्ती क्षेत्र टेकलगुड़ेम गांव में (थाना जगरगुण्डा, जिला सुकमा) नक्सल गतिविधि के ऊपर अंकुल लगाते हुये क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधा से लाभान्वित करने हेतु आज दिनांक 30 जनवरी, 2024 को नवीव सुरक्षा कैम्प स्थापित की गई।* • *कैम्प स्थापना के पश्चात् जोनागुड़ा-अलीगुड़ा क्षेत्र में गस्त सर्चिंग कर रही कोबरा/एसटीएफ/डीआरजी बल के ऊपर माओवादी द्वारा फायरिंग की गई। सुरक्षा बल द्वारा भी माओवादी फायरिंग का मूंहतोड़ जवाब देते हुये जवाबी कार्यवाही किया गया। सुरक्षा बल के बढ़ते दबाव को देखकर माओवादी जंगल का आड़ लेकर भाग गये। उक्त मुठभेड़ में 03 जवान शाहिद हुये & गोली लगी तथा 14 जवान घायल हुये। घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर है तथा ईलाज हेतु रायपुर भेजा जा रहा है।* • वर्ष 2021 में टेकलगुड़ेम के जंगल में हुये पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 23 जवानों की शहादत हुई थी l
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कोयला और शराब के बाद अब चावल और डीएमएफ की बारी, एसीबी ने दोनों मामलों में दर्ज की FIR

रायपुर. कोयला और शराब घोटाले के बाद एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने चावल और डीएमएफ घोटाले में FIR दर्ज की है. एजेंसी ने 16 और 17 जनवरी को अपराध दर्ज किया है. जिसमें अधिकारी नेताओं और कारोबारियों को आरोपी बनाया गया है.

डीएमएफ फंड घोटाले में एफआईआर नंबर 01/2024 में धारा- 120-B-IPC, 409-IPC, 13(2)-PRE, 13(1)(a)-PRE और चावल घोटाले में 02/2024 में धारा 120-B-IPC, 420-IPC, 12-PRE के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

बता दें कि कुछ महीने पहले ईडी ने दावा किया था कि छत्तीसगढ़ ‘मार्कफेड’ के पूर्व प्रबंध निदेशक और एक स्थानीय चावल मिल मालिक एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने ‘ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के फायदे’ के लिए 175 करोड़ रुपये की रिश्वत जुटाई थी.

क्या था चावल घोटाला ?

आरोप था कि छत्तीसगढ़ राज्य राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ लिमिटेड (मार्कफेड) के अधिकारियों के साथ मिलीभगत की और विशेष प्रोत्साहन का दुरुपयोग करने और रिश्वत में करोड़ों कमाने की साजिश रची. ईडी की जांच में यह भी पता चला कि विशेष भत्ता 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल करने के बाद 500 करोड़ रुपये के भुगतान जारी किए गए. जिससे 175 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली, जिसे रोशन चंद्राकर ने एमडी मार्कफेड की सक्रिय सहायता से एकत्र किया था.

डीएमएफ घोटाला

साल 2020 में प्रस्ताव तैयार कर 5050 हेक्टेयर भूमि में मक्के की फसल को प्रोत्साहित करने के नाम पर 26 अक्टूबर को एक करोड़ 99 लाख 97 हजार रुपये का हाइब्रिड मक्का बीज क्रय किया गया था. इसी तरह 2021 में फिर से उतने ही रकबे के लिए मक्का बीज खरीदे गए थे. कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इतने रकबे में मक्का लगाया ही नहीं गया था. वहीं नागरिक आपूर्ति निगम और मंडी के भी आंकड़े बताते हैं कि मक्का खरीदी पिछले दो सालों में नहीं हुई थी.

2018 में मक्के की खरीदी नागरकि आपूर्ति निगम के माध्यम से जिले में शुरू की गई थी. दो से तीन साल मक्का खरीदा गया. इसमें अधिकतम 800 हैक्टेयर में उत्पादित मक्का खरीदा गया था. इसकी धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र से खरीदी की गई थी. लेकिन हाईब्रिड मक्का बीज क्रय कर उसे पूरे नौ तहसील में बांटने की बात कही जा रही थी.

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FIR में ‘‘एवं कांग्रेस के पदाधिकारीगण’’ लिखना भाजपा की साजिश को उजागर करता है - कांग्रेस

ईओडब्ल्यू में एफआईआर भाजपा का राजनैतिक षड़यंत्र - कांग्रेस
  • एफआईआर में ‘‘एवं कांग्रेस के पदाधिकारीगण’’ लिखना भाजपा की साजिश को उजागर करता है

रायपुर/27 जनवरी 2024। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा ईडी के आवेदन पर तथाकथित शराब और कोल घोटाले में किया गया एफआईआर भाजपा का राजनैतिक षड़यंत्र है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब इन दोनों ही मामलों की पिछले तीन वर्षो से ईडी जांच कर रही थी फिर इस मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इन दोनों ही एफआईआर में 105 लोगों के नाम शामिल है उसके बाद एफआईआर में यह लिखना ‘‘एवं कांग्रेस के पदाधिकारीगण’’ इस बात का प्रमाण है यह एफआईआर कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश है तथा कांग्रेस नेताओं की छवि खराब करने की सोची समझी साजिश है। कुछ लोगों के नाम एफआईआर में शामिल करने के बाद पूरी पार्टी को कटघरे में खड़ा किये जाने का प्रयास भाजपा सरकार की हताशा है और फासीवादी चरित्र है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि झूठे वादों और ईवीएम के सहारे सरकार में आई भाजपा कांग्रेस का राजनैतिक रूप से मुकाबला नहीं कर पा रही इसलिये पार्टी के सभी पदाधिकारियों पर दबाव डालने की कोशिश की जा रही है। भाजपा भुलावे में है कि इस प्रकार के फर्जी एफआईआर से पार्टी के कार्यकर्ताओं को डरा लेगी, कांग्रेस का कार्यकर्ता भाजपा के इन हथकंडों से डरने वाला नहीं है। भाजपा की केंद्र सरकार और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता संघर्ष करता रहेगा। मोदी और साय सरकार की वायदा खिलाफी को लेकर कांग्रेस का कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव में जनता के बीच जायेगा और बेनकाब करेगा।
 
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राज्य में महतारी वन्दन योजना हेतु अनाधिकृत आवेदन पत्र भराये जाने के संबंध में - तुलिका प्रजापति, संचालक महिला एवं बाल विकास

फर्जी वेबसाइट के लिंक वायरल

छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए मिलेंगे 

महतारी वन्दन योजना अभी लागू नहीं की गयी है - लागू किए जाने की प्रक्रिया निर्णयाधीन है - संचालक महिला एवं बाल विकास

 

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना लागू नहीं हुई है, मगर इससे पहले ही महिलाओं से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। फॉर्म के नाम पर औरतों से पैसे भी लिए जा रहे हैं। महिलाओं की निजी जानकारी ली जा रही है, जिसके गलत इस्तेमाल होने का खतरा बना हुआ है। इस तरह के मामले बढ़ने की वजह से विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। कलेक्टर्स को कार्रवाई करने कहा गया है।
 
अनाधिकृत तरीके से फॉर्म भरवाए जाने की शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंची तो अब महिला एवं बाल विकास संचालनालय हरकत में आया है। विभाग की ओर से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि महतारी वंदन योजना शुरू नहीं हुई है।
 
महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक तूलिका प्रजापति के आदेश से यह निर्देश सभी कलेक्टर को भेजे गए हैं। महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है।

संचालनालय
 
महिला एवं बाल विकास, छत्तीसगढ़ इन्द्रावती, भवन, ब्लाक-1, द्वितीय तल, नवा रायपुर, अटल नगर दूरभाष क्रमांक 0771-2234192, 2234188(Fax) email: dirwcd.cg@nic.in क्रमांक /1020/मबावि/23-24
 
प्रति,
 
1. कलेक्टर जिला- समस्त (छ.ग.)
 
रायपुर, दिनांक 23/01/2024 कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास दिनार (1)
 
24 JAN 2024
 
2. जिला कार्यक्रम अधिकारी / जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला - समस्त, (छ०ग०)
 
जिला कार्यक्रम अधिकारी
 
विषयः- राज्य में महतारी वन्दन योजना हेतु अनाधिकृत आवेदन पत्र भराये जाने के संबंध में।
 
विषयांतर्गत लेख है कि प्रदेश में महतारी वन्दन योजना लागू किए जाने की घोषणा की गयी है, जिसके अंतर्गत पात्र / चयनित विवाहित महिलाओं को रू. 1000/- प्रतिमाह आर्थिक सहायता दिया जाना प्रस्तावित है। इस संबंध में अवगत होना चाहेंगे कि अभी महतारी वन्दन योजना लागू नहीं की गयी है तथा लागू किए जाने की प्रक्रिया निर्णयाधीन है। योजना लागू किए जाने की स्थिति में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विकसित किए गए वेब पोर्टल में विभाग के अमलो के माध्यम से ही फार्म भरे जाएगे तथा लाभ दिए जाने की कार्यवाही की जायेंगी। ऐसे अनेक प्रकरण प्रकाश में आए है, जिसमें अनाधिकृत लोगो के द्वारा महिलाओं से सम्पर्क कर महतारी वन्दन योजना से लाभ दिलाए जाने के फार्म उपलब्ध कराए जा रहे है एवं लाभ दिलाए जाने हेतु राशि ली जा रही है, जो कि पूर्णतः धोखाधड़ी का प्रकरण है।
 
अतः ऐसे प्रकरण संज्ञान में आते है तो तत्काल नियमानुसार विधिसम्मत कार्यवाही किए जाने का कष्ट करें तथा प्रत्येक स्तर पर यह सुनिश्चित करने का अनुरोध है कि आम जन को यह ज्ञात हो जाए कि विभाग द्वारा योजना को लागू किए जाने की स्थिति में निःशुल्क लाभ दिया जाएगा एवं इस हेतु पैसे लिए जाने के प्रकरण में, वे नियमानुसार विधिसम्मत कार्यवाही करें।
 
(तुलिका प्रजापति) Prajapath. 23.1.24
 
संचालक महिला एवं बाल विकास
 
रायपुर, दिनांक 23/01/2024
 
पृ. क्र. //021/मवावि/2023-24 प्रतिलिपि :-
 
1. सचिव, छ०ग० शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, छ०ग० की ओर सूचनार्थ प्रेषित।
 
2. पुलिस अधीक्षक, जिला- समस्त, छत्तीसगढ़ की ओर सूचनार्थ।।
 
संचालक prajapan.
 
महिला एवं बाल विकास नवा रायपुर, अटल नगर, (छ०ग०)
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*छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक मंच पर दो संतों का मिलन*

*छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज एक मंच पर दो संतों का हुआ मिलन* बागेश्वर धाम पीठ के पंडित धीरेंद्र शास्त्री भागवत कथा कर रहे गौरी गोपाल धाम के अनिरूद्ध आचार्य के कथा स्थल पहुंच गए |

 

रायपुर के गुढ़ियारी में पंडित अनिरुद्ध आचार्य पिछले 5 दिनों से भागवत कथा कर रहे हैं आज उनकी कथा का अंतिम दिन है अंतिम दिन भागवत कथा की समाप्ति के समय बागेश्वर सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जब कथा स्थल पहुंचे तो पंडित अनिरुद्ध आचार्य ने उनका अभिवादन किया दोनों संतों का आपस में मिलन कथा सुनाने आए भक्त जनों के लिए एक सुनहरा पल बन गया| 1 मंच पर दोनों संतों का मिलन देखकर भक्ति भाव विभोर होते पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पंडित अनिरुद्ध आचार्य के भागवत कथा स्थल पर कथा सुनने पहुंची भक्तों की भीड़ को संबोधित करते हुए झूमने पर मजबूर कर दिया पंडाल के अंदर और बाहर जहां भी भक्त थे सबने भक्ति भाव से तालियां बजाकर दोनों संतों के मिलन का स्वागत किया | इस अवसर पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पंडित अनिरुद्ध आचार्य को नारियल शाल देकर सम्मानित किया तो वहीं भागवत कथा वाचक पंडित अनिरुद्ध आचार्य ने भी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का हाथ जोड़कर फूल माला पहनकर स्वागत किया |

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बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा हिंदू समाज अब जाग गया है हिंदू राज्य के लिए सब शपथ लें

रायपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आज राजधानी रायपुर के कोटा में मीडिया से चर्चा की। उन्होंने अपनी बातें साझा करते हुए तमाम सवालों के जवाब अपने विशेष अंदाज में प्रदान किए। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि 1 मार्च से 8 मार्च तक बागेश्वर धाम में महाकुंभ आयोजित होने जा रहा है। इस महोत्सव में 108 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन इंडियन आर्मी के लिए किया जा रहा है, ताकि उनके बल को और बढ़ावा मिल सके। साथ ही, 151 निर्धन कन्याओं का विवाह सम्पन्न किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़वासी भी शामिल हैं।

पंडित शास्त्री ने देश में जनगणना को जातिगत नहीं, समस्यागत होना चाहिए, ताकि वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, और गरीबी और समस्याओं का समाधान सभी की जिम्मेदारी है।

शास्त्री जी ने बताया कि हमारे संस्कारों में माता-पिता और गुरुजनों की आज्ञा का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों को यह सिखाया कि खुद को निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन अशीलता की दिशा में किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए।

वे कहते हैं कि हिंदू समाज अब जाग रहा है और इसे आगे बढ़ने के लिए एकता और हिंदुत्व की शपथ लेनी चाहिए। कथा लगातार होनी चाहिए, जो न केवल कथाओं का सार्थक हो, बल्कि उसमें हिंदू धर्म और सांस्कृतिक जागरूकता का भी संवेदनशीलता हो।

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प्राण प्रतिष्ठा के बाद भगवान श्री राम की पहली तस्वीर

अयोध्या राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान उनकी पहली झलक देखें उनका दिव्य रूप नव भव दिव्य मंदिर में भगवान श्री राम के बाल रूप की पहली तस्वीर
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राम लला की एक झलक देशभर के राम भक्तों को बस उस पल का इंतजार है जब ... जब राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर ली गई है जब राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और भगवान राम के दर्शन हो सकेंगे. इससे पहले गुरुवार 18 जनवरी को गर्भगृह में प्रतिमा को स्थापित किया... .. राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान रामलला की पहली तस्वीर आई सामने, अरुण योगीराज ने तैयार की है प्रतिमा
देशभर के राम भक्तों को बस उस पल का इंतजार है जब ... जब राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और भगवान राम के दर्शन हो सकेंगे.  

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आज सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी का 357वां प्रकाश पर्व है.. गुरु गोबिंद सिंह जयंती आज, जानें इनके जीवन की 5 अहम बातें

गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था. तभी से हर साल इस तिथि पर इनकी जयंती मनाई जाती है. इस दिन गुरुद्वारों में भव्य आयोजन कराए जाते हैं. अरदास लगती है और विशास लंगर लगाए जाते हैं. 

1. पांच ककार
गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंत की रक्षा के लिए कई बार मुगलों से टकराए थे. सिखों को बाल, कड़ा, कच्छा, कृपाण और कंघा धारण करने का आदेश गुरु ... 

2. पटना साहिब गुरुद्वारा
गुरु गोबिंद सिंह ने अपने जीवन में जिन चीजों को इस्तेमाल किया, उन्हें आज भी बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारे में सुरक्षित रखा गय... 

3. खालसा सैनिकों के नियम
गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा योद्धाओं के लिए कुछ विशेष नियम बनाए थे. उन्होंने तम्बाकू, शराब, हलाल मांस का त्याग और कर्तव्यों ... 

4. अनेक भाषाओं का ज्ञान
गुरु गोबिंद सिंह जी अपने ज्ञान और सैन्य ताकत की वजह से काफी प्रसिद्ध थे. ऐसा कहा जाता है कि गुरु गोबिंद सिंह को संस्कृत, फारसी... 

5. संत सिपाही
गुरु गोबिंद सिंह विद्वानों के संरक्षक थे. इसलिए उन्हें 'संत सिपाही' भी कहा जाता था. उनके दरबार में हमेशा 52 कवियों और लेखकों की उपस्थिति... 

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सवा लाख से एक लड़ाऊँ, तभै गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ : गुरु गोबिंद सिंह जंयती 17 जनवरी 2024 को

गुरु गोबिंद सिंह जयंती का महत्व

सरवंश दानी, हिंदू धर्म रक्षक, चार साहिब जादों के पिता, श्री गुरु तेग बहादुर जी के पुत्र, खालसा पंथ के संस्थापक, गुरु परंपरा समाप्त करने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती 

गुरु गोबिंद सिंह को मुगल शासकों के खिलाफ उठने और आक्रमणकारियों से लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए जाना जाता है। वह एक परोपकारी व्यक्ति थे जिन्होंने सभी के लिए न्याय, शांति और समानता का उपदेश दिया। उन्होंने एक संत का जीवन जीया और अपने लेखों से लाखों सिखों को प्रेरित किया, जो उनके जीवन जीने के तरीके को दर्शाते हैं। उनके सख्त सिद्धांत थे, जिनका वे और उनके अनुयायी पालन करते थे और अब भी धार्मिक रूप से पालन करते हैं। बुनियादी मानदंडों में प्रचलित जाति व्यवस्था और अंधविश्वासों के प्रति बाध्य न होना शामिल था, वे एक ईश्वर में विश्वास करते थे, और वे "5 के" का पालन करते थे - कंघा (कंघी), केश (बिना कटे बाल), कछैरा (अंडरगारमेंट), कड़ा (कंगन), और कृपाण (तलवार)।

ज्योति ज्योत समाने से पहले, गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों से श्रीगुरु ग्रंथ साहिब जी को ही गुरु मानने के लिए कहा। गुरु गोबिंद सिंह की शिक्षाओं ने कई लोगों को प्रेरित किया। लुटेरे मुगलों के खिलाफ उनकी आजीवन लड़ाई ने सिख धर्म के अस्तित्व को सुनिश्चित किया।

तेरी दया पर चलती जिन्‍दगी मेरी 
जब भी आए कोई मुश्किल, 
तू ही दिखाए मुझको मंजिल
हैप्‍पी गुरु गोविंद सिंह जयंती 2024

सवा लाख से एक लड़ाऊँ,
चिड़ियों सों मैं बाज तड़ऊँ,
तबे गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ
गुरु गोविंद सिंह जयंती की शुभकामनाएं

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साय सरकार ने RBI से मांगा दो हजार करोड़ का कर्ज, पहले से है इतना लोन

रायपुर। अगले माह अपना पहला बजट पेश करने जा रही भाजपा सरकार इस वर्ष के लिए अंतिम कर्ज लेने जा रही है। अपनी प्रतिभूतियों को नीलाम कर साय सरकार करीब दो हजार करोड़ रूपए जुटाना चाहती है । इसके लिए वित्त विभाग ने आरबीआई को डिमांड नोट भेज दिया है। इसके मुताबिक सरकार एक-एक हजार करोड़ की दो किश्तें, 8 और 9 वर्ष में वापसी योग्य शर्त पर लेने जा रही है। वैसे छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त देश के 8 अन्य राज्यों ने कुल 19200 करोड़ का कर्ज मांगा है। आरबीआई कल मंगलवार को ईकुबेर के जरिए लोन टेंडर खोलेगी।

हमने (छत्तीसगढ़) चुनाव पहले ही नवंबर अंत में प्रमुखता से बताया था कि  चुनाव बाद जो भी सरकार बनेगी, उसे कर्ज के भारी बोझ से दबा हुआ खजाना मिलेगा। छत्तीसगढ़ पर इस समय 88 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज चढ़ा हुआ है। और यह बोझ कम होने के आसार बहुत कम दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि भाजपा ने चुनाव  घोषणापत्र जारी किए हैं, उनमें खर्च बढ़ाने वाली घोषणाएं ही हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा मेंं बता चुके हैं कि जनवरी 2023 तक राज्य सरकार पर 82.125 हजार करोड़ रुपए का ऋण था। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल 17 दिसंबर, 2018 में मुख्यमंत्री बने थे। उनके पहले भाजपा के रमन सिंह सीएम थे। जब उन्होंने कुर्सी छोड़ी थी तो राज्य की सरकार पर 41 हजार 695 करोड़ रुपए का कर्ज छोड़ गए थे था। यानी, बघेल के पांच साल में कर्ज का बोझ दोगुना हो गया।

 
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रायपुर ब्रेकिंग-छत्तीसगढ़ स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री  अरूण साव ने  पुरस्कार ग्रहण किया l


छत्तीसगढ़ स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने तीसरे स्थान राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त किया है

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह में 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने  पुरस्कार ग्रहण किया

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बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म - सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार का फैसला पलटा

पीटीआई, नई दिल्ली। बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले और 2002 के गुजरात दंगों के दौरान उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के 11 दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने संबंधी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दोषियों को समय से पहले रिहा करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार का फैसला पलटा

सोमवार को इस मामले में न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्‍ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की विशेष पीठ ने फैसला सुनाया। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी दोषियों की सजा में मिली छूट को रद्द कर दिया। गुजरात सरकार ने पिछले साल मामले में 11 दोषियों को रिहा किया था। अब कोर्ट के फैसले के बाद सभी 11 दोषियों को वापस जेल जाना होगा। पीठ ने गुजरात सरकार के फैसले को पलटते हुए कहा कि गुजरात राज्य द्वारा शक्ति का प्रयोग सत्ता पर कब्जा और सत्ता के दुरुपयोग का एक उदाहरण है। 

दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों को रिपोर्ट करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी 11 दोषियों को दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। साथ ही पीठ ने कहा कि यह इस अदालत का कर्तव्य है कि वह मनमाने आदेशों को जल्द से जल्द सही करे और जनता के विश्वास की नींव को बरकरार रखे।

गुजरात सरकार को लेकर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्लेटो ने कहा था कि सजा प्रतिशोध के लिए नहीं, बल्कि सुधार के लिए है। क्यूरेटिव थ्योरी के में सजा की तुलना दवा से की जाती है, अगर किसी अपराधी का इलाज संभव है, तो उसे मुक्त कर दिया जाना चाहिए। यह सुधारात्मक सिद्धांत का आधार है। लेकिन पीड़ित के अधिकार भी महत्वपूर्ण हैं। नारी सम्मान की पात्र है। क्या महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में छूट दी जा सकती है? ये वो मुद्दे हैं जो उठते हैं।

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "हम योग्यता और स्थिरता दोनों के आधार पर रिट याचिकाओं पर विचार करने के लिए आगे बढ़ते हैं। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद ये बातें सामने आती हैं: 1. क्या पीड़िता द्वारा धारा 32 के तहत दायर याचिका सुनवाई योग्य है? 2. क्या छूट के आदेश पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिकाएं मानने योग्य हैं।? 3. क्या गुजरात सरकार छूट आदेश पारित करने में सक्षम थी? 4. क्या दोषियों को छूट का आदेश कानून के अनुसार दिया गया?

शीर्ष अदालत ने माना कि 13 मई, 2022 का फैसला (जिसने गुजरात सरकार को दोषियों को माफ करने पर विचार करने का निर्देश दिया था) अदालत के साथ "धोखाधड़ी करके" और भौतिक तथ्यों को छिपाकर प्राप्त किया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोषियों ने साफ हाथों से अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया था। यह देखते हुए कि राज्य (जहां अपराधी पर मुकदमा चलाया जाता है और सजा सुनाई जाती है) दोषियों की माफी याचिका पर फैसला करने में सक्षम है। शीर्ष अदालत ने कहा कि गुजरात ऐसा करने में सक्षम नहीं है।

न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने 11 दिन की सुनवाई के बाद दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने संबंधी याचिकाओं पर पिछले साल 12 अक्टूबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए केंद्र और गुजरात सरकार को 16 अक्टूबर तक 11 दोषियों की सजा में छूट संबंधी मूल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने पिछले साल सितंबर में मामले की सुनवाई करते हुए पूछा था कि क्या दोषियों को माफी मांगने का मौलिक अधिकार है।

बानो केस में गुजरात सरकार को लेकर SC की टिप्पणी

शीर्ष अदालत ने पहले की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार से कहा था कि राज्य सरकारों को दोषियों को सजा में छूट देने में ‘‘चयनात्मक रवैया’’ नहीं अपनाना चाहिए और प्रत्येक कैदी को सुधार तथा समाज के साथ फिर से जुड़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।

इस मामले में बिलकिस की याचिका के साथ ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता सुभाषिनी अली, स्वतंत्र पत्रकार रेवती लाल और लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा समेत अन्य ने जनहित याचिकाएं दायर कर सजा में छूट को चुनौती दी है। तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने भी दोषियों की सजा में छूट और समय से पहले रिहाई के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है।

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