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सावधान! गर्मियों में ठंडा पानी पीना हो सकता है खतरनाक, तुरंत हो जाएंगे इन बीमारियों के शिकार
गर्मी का मौसम आते ही हम सबकी हालत खराब हो जाती है। सूरज की तपती धूप की मार सहना हम सबके लिए किसी सजा से कम नहीं होती। ऐसे में इस मौसम में ठंडा पानी ही लोगों का सहारा बनता है। चिलचिलाती धूप में पसीने से भीगे हुए ऑफिस, स्कूल या फिर कॉलेज से जब हम घर पहुंचते हैं तो बिना सोचे समझे ठंडा पानी पी लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ठंडा पानी आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इस मौसम में ज़्यादा ठंडा पानी पीने से हमे कई सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। चलिए आपको उन परेशानियों के बारे में बताते हैं।
- दिल की धड़कन करता है प्रभावित: ठंडा पानी आपकी धड़कन की गति को बहुत ही गंभीर तरीके से प्रभावित करता है। ठंडा पानी हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम का बैलेंस बिगाड़ देता है। जिस वजह से हमारी धड़कन की गति स्लो हो जाती है।
- मोटापा बढाए: मोटापे के पीछे एक सबसे बड़ी वजह हमारी अनियमित जीवनशैली है। अगर आप खाने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीते है तो इससे आपको मोटापे की संभावना कई गुना बढ़ हो जाती है। यही कारण है कि डाइटिशियन खाने के तुरंत बाद पानी पीने से मना करते हैं।
- सर्दी और खांसी हो सकती है: इस मौसम में ठंडा पानी पीने से लोग सर्दी और खांसी की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए खाने के बाद ठन्डे पानी की बजाय आपको नॉर्मल पानी पीना चाहिए।दरअसल, ठंडा पानी हमारे शरीर में बहुत ज़्यादा मात्रा में म्यूकस पैदा करता है जिस वजह से बॉडी में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- पाचन क्रिया होती है कमजोर: बहुत ठंडा पानी या कोई भी ड्रिंक आपकी ब्लड सेल्स को प्रभावित करता है, जिसका सीधा असर हमारी पाचन क्रिया पर पड़ता है। ठंडे पानी का सेवन पाचन क्रिया कमजोर कर देता है। इसलिए ठन्डे पानी से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य ले)
कांग्रेस के भरोसा सम्मेलन पर धरमलाल कौशिक का तंज - भरोसे को ही पता नहीं है, भरोसे का पता
सिखों के नौंवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का प्रकाश पर्व 11 अप्रैल को
श्री गुरु तेग बहादुर जी को हिंद की चादर भी कहा जाता है
हिंदू धर्म की रक्षा के लिए प्राणों को कर दिया न्यौछावर
इस वर्ष 11 अप्रैल 2023, मंगलवार को सिख समाज अपने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाने जा रहा है, सभी गुरुद्वारों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश के साथ ही कथा कीर्तन का दौर शुरू हो जाएगा, सिख समाज के स्त्री, पुरुष, बच्चे बुजुर्ग गुरुद्वारों में मत्था टेक कर कथा कीर्तन का श्रवण कर मिलकर अरदास करेंगे | श्री गुरु तेग बहादुर जी को हिंद की चादर भी कहा जाता है | तत्कालीन शासक औरंगजेब द्वारा कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था औरंगजेब की प्रताड़ना से तंग होकर कश्मीरी पंडितों ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को अपनी पीड़ा बताते हुए औरंगजेब की क्रूरता से बचाने का आग्रह किया था | जिस समय कश्मीरी पंडित श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को अपनी व्यथा व्यक्त कर रहे थे उस समय श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बेटे श्री गोविंद राय जो मात्र 8 वर्ष के थे उन्होंने अपने पिता को औरंगजेब की क्रूरता से इन्हें बचाने सामने आने को कहा | जिस पर श्री गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों से कह दिया कि जाकर औरंगजेब को कह दो कि अगर गुरु तेग बहादुर जी धर्म परिवर्तन कर लेंगे तो हम सब भी आपके कहे अनुसार धर्म परिवर्तन करने को तैयार हैं | औरंगजेब की तमाम कोशिशों के बावजूद भी जब श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो औरंगजेब ने दिल्ली के चांदनी चौक में उनका सिर धड़ से अलग कर कत्ल कर दिया यह वही जगह है जहां आज गुरुद्वारा सीस गंज साहिब स्थापित है | श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए कश्मीरी पंडितों के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया परंतु धर्म परिवर्तन नहीं किया यही कारण है कि आज उन्हें हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर के नाम से जाना जाता है | श्री गुरु तेग बहादुर जी को क्रांतिकारी युग पुरुष कहा जाता है। विश्व इतिहास में धर्म, मानवीय मूल्यों, आदर्शों तथा सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय है। उन्होंने अपनी जान दे दी लेकिन वे झुके नहीं। वैशाख कृष्ण पंचमी को उनका प्रकाश पर्व मनाया जाता है, वे सिखों के नौंवें गुरु थे। उनका बचपन का नाम त्यागमल था और पिता का नाम श्रीगुरु हरगोबिंद साहेब था। श्री गुरु हरगोबिंद साहिब सिखों के नौवें गुरु हैं | मीरी-पीरी के मालिक पिता गुरु हरिगोबिंद साहिब की छत्र छाया में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। इसी समय तेग बहादुर जी ने गुरुबाणी, धर्मग्रंथ तथा शस्त्रों और घुड़सवारी आदि की शिक्षा प्राप्त की। सिखों के 8वें गुरु हरिकृष्ण जी के ज्योति ज्योत सामने के बाद श्री गुरु तेग बहादुर जी को सिक्खों के नौवें गुरु बने।
राजधानी में डबल मर्डर: रिटायर्ड वाइस प्रिंसिपल और उनकी पत्नी की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
नई दिल्ली। दिल्ली के गोकुलपुरी में डबल मर्डर का मामला सामने आया है। कहा जा रहा है कि बदमाशों ने लूट के मकसद से हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतकों की शिनाख्ती राधे श्याम वर्मा और उनकी पत्नी का नाम वीणा देवीरूप में हुई है। राधे श्याम वर्मा वाइस प्रिंसिपल एक सरकारी स्कूल से रिटायर हुए थे। हत्यारों ने बुजुर्ग राधे श्याम वर्मा का गला काटा और पत्नी वीणा देवी का गले रेतने के अलावा, सिर पर तेज हथियार से वार किया।
दोनों के शव घर में ही ग्राउंड फ्लोर में स्थित बेडरूम से बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में लूटपाट की वजह से हत्या का मामला लग रहा है। जांच के दौरान घर में काफी तोड़फोड़ और जबरदस्ती प्रवेश जैसे सबूत मिले हैं। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधानसभा में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं....
रायपुर, 8 अप्रैल 2023
भेंट-मुलाकात : वैशाली नगर विधानसभा, दुर्ग जिला
1. वैशाली नगर विधानसभा के सभी वार्डो में 50 लाख रूपये तक के सीमेंटीकरण, पाथवे, पुलिया संधारण एवं अन्य निर्माण कार्य कराये जायेंगे।
2. वैशाली नगर विधानसभा के सड़को का मरम्मत एवं नवीनीकरण कराया जायेगा।
3. वार्ड 07 रानी अवंतीबाई सरोवर का सौंदर्यीकरण कार्य कराया जायेगा।
4. नेहरू नगर एवं हाउसिंग बोर्ड में सीवरेज लाइन संधारण एवं नवीनीकरण कराया जायेगा।
5. हाउसिंग बोर्ड एवं अन्य कॉलोनी जो नगर निगम को हस्तांतरित हुई उनका आंतरिक विकास कार्य कराया जायेगा।
6. जवाहर नगर स्पोर्टस् कॉम्पलेक्स में बॉक्सिंग, टेबल टेनिस एवं वॉलीबॉल एकेडमी प्रारंभ की जायेगी।
7. संजय नगर तालाब का सौंदर्यीकरण कार्य कराया जायेगा।
8. विभिन्न स्थानों पर डोम शेड निर्माण कार्य कराया जायेगा।
9. वैशाली नगर क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापना एवं सौंदर्यीकरण कार्य कराया जायेगा।
10. राधिका नगर मैदान का सौंदर्यीकरण कार्य कराया जायेगा।
11. शा. उ. मा. शाला केंप का स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के रूप में संचालन किया जायेगा।
बैगा समुदाय की महिलाओं ने देखा दिल्ली का अमृत उद्यान - राष्ट्रपति से की मुलाकात
दुनिया में सबसे ऊंचा रेलवे पुल भारत में
दुनिया में सबसे ऊंचा रेलवे पुल Chenab Bridge
चट्टान-सा मजबूत चिनाब ब्रिज तेज हवा, भूकंप और ब्लास्ट सब बर्दाश्त कर लेगा -
दुनिया में सबसे ऊंचा रेलवे पुल Chenab Bridge : जम्मू-कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनकर तैयार हो गया है. खास बात है कि चिनाब ब्रिज पेरिस में स्थित एफिल टॉवर से भी ऊंचा है. उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट के दिसंबर 2023 या जनवरी 2024 तक पूरा होने के बाद चिनाब ब्रिज पर रेल यातायात शुरू हो जाएगा. जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनकर तैयार हो गया है. नदी के तल से इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर यानी 1178 फीट है. ये एक आर्क ब्रिज है और एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है | जम्मू-कश्मीर में बने चिनाब ब्रिज की लंबाई 1,315 मीटर है और इसकी निर्माण लागत 1,400 करोड़ रुपये है. खास बात है कि यह पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा को झेलने में सक्षम होगा. इसके लिए टेस्ट किए जा चुके हैं. इसकी उम्र 120 साल होगी |
इस ब्रिज को स्ट्रक्चरल स्टील से बनाया गया है और यह माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को झेलने में सक्षम होगा. चिनाब ब्रिज देश में पहला ऐसा पुल है ब्लास्ट लोड के लिए डिजाइन किया गया है. यह आर्क ब्रिज रिएक्टर स्कैल पर 8 तीव्रता के भूकंप का सामना करने में सक्षम होगा और 30 किलोग्राम विस्फोटकों से होने वाले ब्लास्ट का सामना कर सकता है. (RailMinIndia Tweet
चिनाब ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (USBRL) का हिस्सा है, जो जम्मू-कश्मीर में रेलवे यातायात को बढ़ाने के लिए ₹35000 करोड़ का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है. खास बात है कि चिनाब ब्रिज जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट को 2003 में यानी 20 साल पहले मंजूरी मिल गई थी. लेकिन इसके निर्माण के लिए लोगों को 2 दशकों का लंबा इंतजार करना पड़ा. दरअसल सुरक्षा कारणों की आशंकाओं के चलते इसमें देरी हुई. (RailMinIndia Tweet भूकंप और ब्लास्ट सब बर्दाश्त कर लेगा,
दुनिया में सबसे ऊंचा रेलवे पुल Chenab Bridge : जम्मू-कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनकर तैयार हो गया है. खास बात है कि चिनाब ब्रिज पेरिस में स्थित एफिल टॉवर से भी ऊंचा है. उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट के दिसंबर 2023 या जनवरी 2024 तक पूरा होने के बाद चिनाब ब्रिज पर रेल यातायात शुरू हो जाएगा. Chenab Bridge : जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनकर तैयार हो गया है. नदी के तल से इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर यानी 1178 फीट है. ये एक आर्क ब्रिज है और एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है. (Image- Twitter @RailMinIndia) 1 6 Chenab Bridge : जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनकर तैयार हो गया है. नदी के तल से इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर यानी 1178 फीट है. ये एक आर्क ब्रिज है और एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है. (Image- Twitter @RailMinIndia) जम्मू-कश्मीर में बने चिनाब ब्रिज की लंबाई 1,315 मीटर है और इसकी निर्माण लागत 1,400 करोड़ रुपये है. खास बात है कि यह पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा को झेलने में सक्षम होगा. इसके लिए टेस्ट किए जा चुके हैं. इसकी उम्र 120 साल होगी. 2 6 जम्मू-कश्मीर में बने चिनाब ब्रिज की लंबाई 1,315 मीटर है और इसकी निर्माण लागत 1,400 करोड़ रुपये है. खास बात है कि यह पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा को झेलने में सक्षम होगा. इसके लिए टेस्ट किए जा चुके हैं. इसकी उम्र 120 साल होगी. इस ब्रिज को स्ट्रक्चरल स्टील से बनाया गया है और यह माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को झेलने में सक्षम होगा. 3 6 इस ब्रिज को स्ट्रक्चरल स्टील से बनाया गया है और यह माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को झेलने में सक्षम होगा. चिनाब ब्रिज देश में पहला ऐसा पुल है ब्लास्ट लोड के लिए डिजाइन किया गया है. यह आर्क ब्रिज रिएक्टर स्कैल पर 8 तीव्रता के भूकंप का सामना करने में सक्षम होगा और 30 किलोग्राम विस्फोटकों से होने वाले ब्लास्ट का सामना कर सकता है.
(RailMinIndia Tweet) 4 6 चिनाब ब्रिज देश में पहला ऐसा पुल है ब्लास्ट लोड के लिए डिजाइन किया गया है. यह आर्क ब्रिज रिएक्टर स्कैल पर 8 तीव्रता के भूकंप का सामना करने में सक्षम होगा और 30 किलोग्राम विस्फोटकों से होने वाले ब्लास्ट का सामना कर सकता है.
(RailMinIndia Tweet) चिनाब ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (USBRL) का हिस्सा है, जो जम्मू-कश्मीर में रेलवे यातायात को बढ़ाने के लिए ₹35000 करोड़ का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है. 5 6 चिनाब ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (USBRL) का हिस्सा है, जो जम्मू-कश्मीर में रेलवे यातायात को बढ़ाने के लिए ₹35000 करोड़ का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है. खास बात है कि चिनाब ब्रिज जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट को 2003 में यानी 20 साल पहले मंजूरी मिल गई थी. लेकिन इसके निर्माण के लिए लोगों को 2 दशकों का लंबा इंतजार करना पड़ा. दरअसल सुरक्षा कारणों की आशंकाओं के चलते इसमें देरी हुई. (RailMinIndia Tweet) 6 6 खास बात है कि चिनाब ब्रिज जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट को 2003 में यानी 20 साल पहले मंजूरी मिल गई थी. लेकिन इसके निर्माण के लिए लोगों को 2 दशकों का लंबा इंतजार करना पड़ा. दरअसल सुरक्षा कारणों की आशंकाओं के चलते इसमें देरी हुई |
खांसी में जहर के समान हैं इन फलों का सेवन बढ़ा सकता है कफ और कंजेशन की समस्या
मौसम बदल रहा है और इस समय वायरल और कोराना का भी प्रकोप देखा जा रहा है। ऐसी स्थिति में डाइट का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। खास कर उन चीजों का जिनका सेवन खांसी में बलगम बढ़ा सकता है और सीने में कंजेशन पैदा कर सकता है। ऐसे ही कुछ फल हैं जिनका सेवन खांसी में जहर के समान काम कर सकता है। तो, जानते हैं इन फलों के बारे में विस्तार से।
खांसी में कौन सा फल नहीं खाना चाहिए-fruits avoid in cough in hindi
1. एवोकाडो-Avocado
एवोकाडो, खांसी जुकाम की समस्या में खाने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए कि ये हिस्टामाइन (histamines) से भरपूर होते हैं और ये खांसी को ट्रिगर कर सकते हैं। साथ ही ये फल शरीर के लिए ठंडा होता है जिसे खाने से कफ बढ़ सकता है और आपको सीने में कंजेशन की समस्या हो सकती है।
2. स्ट्रॉबेरी-Strawberry
स्ट्रॉबेरी का सेवन, यूं तो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। लेकिन, खांसी में इसके सेवन से बचना चाहिए। दरअसल, इसके कुछ तत्व जैसे कि कई बार विटामिन सी ही खांसी को ट्रिगर करता है और बलगम बढ़ाने वाला हो सकता है। इससे सीने में कंजेशन की समस्या महसूस हो सकती है।
3. नारियल पानी-Coconut water
नारियल पानी पीना खांसी की समस्या में जहर का काम कर सकता है। ये आपके शरीर में कफ तत्व को बढ़ा सकता है, ठंडक पैदा कर सकता है और खांसी का कारण बन सकता है। इससे न चाहते हुए भी आपको लंबे समय तक के लिए खांसी परेशान कर सकती है।
4. अंगूर-Grapes
अंगूर खाना, कफ की समस्या और खांसी को बढ़ा सकता है। अंगूर खाने की वजह से आपको रह-रह कर खांसी परेशान कर सकती है। इसलिए, अगर आपको खांसी हो रही है तो थोड़े दिन अंगूर का सेवन करने से बचें। साथ ही इन फलों की जगह गर्म चीजों का सेवन करें जो कि खांसी-जुकाम को कम करने में आपकी मदद करे।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
