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बस्तर के विकास की दिशा में एक और अहम कदम,मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुलाकात

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ की जल संसाधन परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर अंचल की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।

इससे 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई, 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बस्तर की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि बस्तर अब नक्सल प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हो चुका है, और वहां विकास के लिए अनुकूल वातावरण बन चुका है।

वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है कि यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में आए। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की दिशा में आवश्यक पहल करे। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए परियोजना के प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र मूर्त रूप लेगी और बस्तर की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का सशक्त आधार बनेगी।

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विद्यार्थियों के जीवन में एक नई दिशा और चेतना का आरंभ है ज्ञानदीक्षा संस्कार - डॉ चिन्मय पण्ड्या

कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को किया दीक्षित

हरिद्वार 22 जुलाई

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुज में मंगलवार को 45वां ज्ञान दीक्षा संस्कार समारोह अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ यूपीईएस के कुलाधिपति डॉ सुनील राय, कुलपति श्री शरद पारधी एवं प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। ज्ञानदीक्षा समारोह में बिहार, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, गुजरात, केरल, उप्र, उत्तराखण्ड, राजस्थान आदि राज्यों तथा नेपाल सहित कई देशों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।  

समारोह के मुख्य अतिथि बाबा मस्तनाथ विवि रोहतक के कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी ने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और अध्यात्म को समान रूप से महत्व दिया जाता है। यहाँ का वातावरण विद्यार्थियों को समग्र विकास की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि यह समय नये युग के लिए कदम बढ़ाने का अवसर है। यहाँ प्राप्त सद्ज्ञान के प्रकाश तथा भारत के वैभव, संस्कृति को विश्व भर में फैलायेंगे, ऐसा विश्वास है। श्री योगी व्यक्ति के जीवन का मूल मंत्र को जानने, समझने के लिए विविध उपाय सुझाया।

युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि ज्ञान दीक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में एक नई दिशा और चेतना का आरंभ है। यह संस्कार उन्हें विश्वविद्यालय के आदर्शों, अनुशासन और सेवा परंपरा से जोड़ता है। युवा आइकॉन ने कहा कि जीवन में जब भगवान आते हैं, तो सौभाग्य का अवतरण होता है और जो भगवान के सहयोगी बनते हैं, उनका नाम ही अमर होता है। कबीर, सुरदास, पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी आदि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है। पेट्रोलियम एवं उर्जा अध्ययन विवि के कुलाधिपति डॉ सुनील राय ने श्रद्धा, प्रसन्नता और रूपरेखा को मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया।  इससे पूर्व कुलपति श्री शरद पारधी ने समारोह में उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगीगण का स्वागत किया।

इस अवसर पर देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या स्नातक, परास्तानक एवं पीएचडी के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं से वर्चुअल जुड़े और वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधिपूर्वक ज्ञान दीक्षा प्रदान की।

समारोह की शुरुआत वैदिक मंगलाचरण के साथ प्रज्ञागीत से हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया। दीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों, सेवा-भावना एवं भारतीय संस्कृति के आदर्शों का बोध कराया गया। इस दौरान युवा आइकॉन डॉ चिन्मय पण्ड्या ने अतिथियों को गायत्री मंत्र चादर, युगसाहित्य एवं विवि के प्रतीक चिह्न आदि भेंटकर सम्मानित किया। अतिथियों ने रेनांसा, अनाहद पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, अभिभावक तथा छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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पूरी मानवता के लिए नवचेतना का सूर्योदय : डॉ. चिन्मय पण्ड्या,शांतिकुंज की टीम भारत सहित 25 देशों में चलाएगी सघन जनसंपर्क अभियान

हरिद्वार, 20 जुलाई।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक नवचेतना के सूर्योदय का संकेत दे रहा है। जैसे मुर्गा भोर की सूचना देता है, वैसे ही हमें समाज में आशा, प्रेरणा और जागरूकता का संदेश फैलाना है।

वे माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा अखण्ड दीपक प्रकाट्य के शताब्दी वर्ष (2026) के अंतर्गत योजनाओं की जानकारी हेतु आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। इस ऑनलाइन बैठक में भारत सहित इटली, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा, फिजी, मॉरिशस समेत 25 देशों के गायत्री परिजनों ने भाग लिया।

डॉ. पण्ड्या ने बताया कि जन्मशताब्दी वर्ष का प्रथम आयोजन जनवरी 2026 में तथा द्वितीय आयोजन नवंबर 2026 में शांतिकुंज, हरिद्वार में होगा। इसके साथ-साथ वर्ष 2030 तक प्रतिवर्ष आयोजन किए जाएंगे।

इस उपलक्ष्य में देश-विदेश में जन्मशताब्दी ज्योति कलश यात्राएँ निकाली जा रही हैं। भारत के अलावा दुबई, सिंगापुर, इंग्लैंड, कनाडा, लिथुआनिया, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से ये कलश यात्राएँ जनवरी 2026 में हरिद्वार लौटेंगी। इसके बाद वियतनाम, हांगकांग जैसे देशों में भी यात्राएँ भेजी जाएंगी, जहाँ अब तक यह संदेश नहीं पहुँच सका है।

डॉ. पण्ड्या ने अखण्ड ज्योति के प्रतिनिधियों के रूप में प्रत्येक गायत्री परिजन से समाज में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान समय की माँग के अनुसार व्यवस्थित, संगठित और समर्पित प्रयास करने होंगे।

कार्यक्रम विभाग के समन्वयक श्री श्याम बिहारी दुबे ने जानकारी दी कि शांतिकुंज से जल्द ही 52 जनसंपर्क टोलियाँ भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जाएंगी। प्रत्येक टोली में 3-4 प्रतिनिधि होंगे, जो घर-घर जाकर जन्मशताब्दी वर्ष के संदेश को पहुँचाएँगे।

विदेशों के लिए कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात सहित 25 देशों हेतु अलग टीमें गठित की गई हैं, जो भारतीय संस्कृति एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ जन्मशताब्दी वर्ष की ज्योति वहाँ तक पहुँचाएँगी।

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*पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने किया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन*

साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे जागरूकता कैंप

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने किया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने के लिए राजधानी के सभी स्कूलों में कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं को सभी तरह के साइबर क्राइम से बचाने, मोबाइल के सुरक्षित उपयोग की जानकारी के माध्यम से जागरूक कर ठगी से बचने और साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने कैंप लगाकर इस अभियान की शुरुआत कर रहा है |

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा साइबर क्राइम जागरूकता अभियान का एक पोस्टर जारी किया गया है जिसका विमोचन रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरीश कुमार मिश्रा ने किया | इस जन जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र- छात्राओं को साइबर क्राइम से बचने की जानकारी देकर उन्हें अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों के साथ-साथ अपने जान पहचान वालों, मोहल्ले के दुकानदारों, सब्जी वालों तक ठगों की जानकारी पहुंचाकर उन्हें साइबर ठगी से बचाने में सहयोगी बनने की भूमिका के लिए तैयार करना है। । छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा ने बताया कि हर सप्ताह शहर के प्रमुख स्कूलों में साइबर क्राइम जागरूकता कैंप लगाया जाएगा, जिसके तहत 3 जनवरी को खालसा स्कूल में इस साइबर क्राइम जागरूकता कैंप की शुरुआत की जा रही है| *इस साइबर क्राइम जागरूकता अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस का भी रहेगा योगदान |* छत्तीसगढ़ सिख समाज के साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन करते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का यह अभियान सराहनीय है, छत्तीसगढ़ पुलिस आपके इस अभियान में आपके साथ है | साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर विमोचन के दौरान छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम सिंह मक्कड़ और सुरजीत सिंह छाबड़ा उपस्थित रहे | सुखबीर सिंह सिंघोत्रा प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज मो. 9301094242

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पनीर ना खरीदे - सेहत खराब हो जाएगी

निमोरा पुल के पास रायपुर मे नकली पनीर फैक्ट्री में छापा, 4000 किग्रा नकली पनीर एवं पैकेजिंग सामग्री जप्त कार्यलय खाद्य एवम औषधि प्रशासन को यह सूचना मिली थी कि निमोरा पुल के पास रायपुर में बिना दूध का प्रयोग किये हुए अन्य इनग्रेडिएंट्स डालकर गंदगी में नकली पनीर का निर्माण कराकर पैक किया जा रहा था जिसमे खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने निमोरा पुल के पास रायपुर की एस जे मिल्क प्रोडक्ट्स रायपुर मलिक आकाश बंसल में छापा मार कार्यवाही की जिसमे मौके में संचालक के द्वारा डुप्लीकेट पनीर बनाते हुए पनीर का 4000 kg पनीर का स्टॉक पकड़ा , मौके में किसी भी प्रकार के दस्तावेज जैसे स्टॉक रजिस्टर , किट रहित प्रणाम पत्र , पोषणकारी मान जैसे प्रोटीन की मात्रा आदि की जानकारी भी नही देकर गलत जानकारी दी गई थी साथ ही साथ जो पानी से पनीर बनाया जा रहा था वह गंदा है पनीर का कुल लागत लगभग 918750 रुपया है पूरी कार्यवाही में खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक चंदन कुमार के निर्देशन में की गई टीम में सहायक आयुक्त मोहित बेहरा , नितेश मिश्रा , खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी ठाकुर , साधना चंद्राकर,सिद्धार्थ पांडे , अजित बघेल , संतीश राज mftl स्टाफ आदि शामिल थे
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कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ 420 सहित अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज

कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, पार्क की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों से स्कूल भवन निर्माण Krishna Public School : भिलाई। सुपेला थाना अंतर्गत नेहरू नगर स्थित कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रबंधन) के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। केपीएस प्रबंधन पर आरोप है कि स्कूल से लगी पार्क की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे स्कूल भवन का निर्माण कराया गया। इसके लिए निगम के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से न सिर्फ भवन अनुज्ञा ले ली बल्कि भवन पूर्णता प्रमाण पत्र भी दे दिया। अब इस मामले में आवेदक वैशाली नगर निवासी रवि शर्मा की शिकायत पर कृष्णा एजुकेशन सोसायटी के अधयक्ष एमएम त्रिपाठी, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, वास्तुविद आरके पटेल व नगरनिगम भिलाई के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अपनी शिकायत में रवि शर्मा ने बताया कि कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरू नगर भिलाई व्दारा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों ने मिलीभगत कर खसरा नंबर बदलकर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उद्यान व पौधरोपण के लिए आबंटित भूमि पटवारी हल्का नंबर 15 खसरा नंबर 836/837 आवंटित भूमि 22910/73089 कुल रकबा 95999 वर्गफुट भूमि का खसरा नंबर 306 लिखकर फर्जी दस्तावेज बनाए। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियो से मिलिभगत भवन अनुज्ञा ले ली और भवन निर्माण कराया गया। खसरा नंबर बदलकर उद्यान की जमीन पर कराया निर्माण रवि शर्मा ने बताया कि कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरु नगर भिलाई को स्कूल भवन के लिए तत्कालिक मध्यप्रदेश सरकार व्दारा वर्ष 1986 में 60000 वर्गफीट भूमि का आबंटन किया गया। जिसका खसरा नंबर 306 है। छत्तीसगढ़ शासन व्दारा वर्ष 2005 में कृष्णा पब्लिक स्कूल से लगी 95999 वर्गफीट भूमि खसरा नंबर 836-837 विशेष शर्तों पर उद्यान व पौधरोपण के लिए आबंटित किया गया। वर्ष 2007 कृष्णा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष एमएम त्रिपाठी, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, वास्तुविद आरके पटेल तथा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों से मिलीभगत एवं षड़यंत्र कर तथा कूटरचित दस्तावेज के आधार पर खसरा नंबर 836-837 को बदलकर उसे उनकी जमीन का खसरा नंबर 306 दिखा दिया। यही नहीं इसके बाद पौधरोपण के लिए आरक्षित भूमि में शाला भवन निर्माण के लिए पहले वर्ष 2007 में भवन अनुज्ञा ली और एक साल बाद वर्ष 2008 में भवन पूर्णता प्रमाण पत्र भी ले लिया। इसके बाद वर्ष 2012 में नगर निगम के अधिकारियों से मिलिभगत कर नियमतिकरण भी करवा लिया गया किन्तु इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। रवि शर्मा ने बताया कि *उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार पार्क व उद्यान हेतु आरक्षित भूमि में निर्माण कार्य एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।* रवि शर्मा द्वारा इस मामले में 27 अगस्त 2018 को सुपेला थाना प्रभारी के पास शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के बाद अब इस मामले में कृष्णा एजूकेशन सोसायटी के अध्यक्ष एमएम त्रिपाठी, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, वास्तुविद आरके पटेल तथा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों पर अपराध दर्ज किया गया।
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पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह के निधन पर छत्तीसगढ़ सिख समाज की श्रद्धांजलि , की अरदास

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह के निधन पर छत्तीसगढ़ सिख समाज ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वाहेगुरु से उन्हें अपने चरणों में स्थान देने की अरदास की है | देश के पहले सिख प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह सिख समाज के एकमात्र ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्ति थे जो देश के सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय सरदार मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को हुआ था पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर, कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डी फ़िल, अर्थशास्त्र के अध्यापक संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन सचिवालय में सलाहकार जिनेवा में साउथ कमीशन के दो बार सचिव भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार वित्त मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार योजना आयोग के उपाध्यक्ष रिजर्व बैंक के गवर्नर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भारत के 5 सालों तक वित्त मंत्री के बाद 2004 से 2014 तक लगातार दो बार के प्रधानमंत्री रहे | उच्च शिक्षा प्राप्त भारत के प्रशासनिक और राजनीतिक महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होने वाले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह ने देश की जिम्मेदारियां के रूप में सिख समाज का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया | पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह द्वारा 1984 के सिख काट ले आम पर माफी मांग कर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की गलतियों को स्वीकार कर यह साबित कर दिया था कि जो सच है उसे वह नकार नहीं रहे हैं | देश के पहले सिख प्रधानमंत्री सिख समाज के विद्वान उच्च शिक्षा प्राप्त देश के अनेक प्रशासनिक जिम्मेदारियां सहित देश के सर्वोच्च पद पर 10 वर्षों तक आसीन रहकर सिख समाज का नाम रोशन करने वाले सरदार मनमोहन सिंह की श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह सैनी उर्फ़ गग्गी, समाज के इंद्रवीर सिंह कोहली, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम जीत सिंह मक्कड़, बॉबी चावला स्वर्ण सिंह भूतनी ज्ञानी बाज सिंह, मनजीत सिंह, सुखदेव सिंह मेहरा, गुरदीप सिंह टुटेजा, बलजीत भाटिया, मनदीप सिंह उर्फ बिट्टू सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे |
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श्री गुरु गोविंद सिंह के वीर साहिबजादों के अमर बलिदान की कहानी छत्तीसगढ़ के स्कूली पाठ्यक्रम में होगी शामिल

वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा - साहिबजादों के बलिदान की कहानी युवा पीढ़ी को साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी

मुख्यमंत्री वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल

रायपुर, 26 दिसम्बर 2024

मुख्यमंत्री वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल

गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अमर बलिदान की कहानी अब छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को पढ़ाई जाएगी। वीर साहिबजादों के वीरता की यह कहानी देश के युवाओं को साहस के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वीर बाल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह और वीर साहिबजादों का पुण्य स्मरण कर कहा कि हमें उनकी शिक्षाओं को अपनाना चाहिए और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वीर साहिबजादों के जीवनी पर आधारित एनिमेटेड फिल्म भी देखी।

            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की रक्षा के लिए सिख गुरुओं के त्याग की महान सिख परंपरा की याद दिलाता है। हमें ऐसे महान वीर सपूतों की प्रेरक कहानियां अपने बच्चों और समाज को बतानी चाहिए। उन्होंने श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया। श्री साय ने कहा कि भारत की प्रत्येक पीढ़ी गुरु गोविंद सिंह जी एवं उनके साहेबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगी। देश के लिए जीना और देश के लिए जरुरत पड़ने पर अपने प्राणों की आहुति देने की प्रेरणा हमें वीर बाल दिवस से मिलती है। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की एकता और अखंडता का भी स्मरण कराता है।

            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को तोड़ने वाली ताकतें हर दौर में सक्रिय रहती हैं। लेकिन श्री गुरुगोविंद सिंह और उनके साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जैसे वीर जिस धरती पर जन्म लेंगे उसकी ओर कोई आंख उठाकर भी नहीं देख सकता। उन्होंने कहा कि बाबा जोरावार सिंह जी और बाबा फतेह सिंह किसी एक धर्म या पंथ के लिए प्रेरणास्रोत नहीं हैं। वह संपूर्ण भारत के लिए अनुकरणीय हैं। श्री साय ने कहा कि भारत का चरित्र मूल रूप से सामाजिक समरसता का रहा है। हमारे देश में कट्टरता और उन्माद को कभी जगह नहीं मिली। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ उसका सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। हमने विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया है। यह संकल्प सामाजिक समरसता से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तो देशभर में अपनी सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द्र के लिए जाना जाता है। इसकी जड़ों को और गहरा करना होगा।

          वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता श्री प्रेम शंकर सिदार ने कहा कि भारत एक धर्म प्राण देश है। जब देश मे अन्याय बढ़ता है तो यहां के महापुरुष रक्षा के लिए खड़े हो जाते हैं। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी दुनिया के सबसे कम उम्र के बलिदानी हैं। वे मृत्यु के सामने भी धर्म पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि भारत की जीवनी शक्ति इसकी आत्मा है। देश के महापुरुषों से प्रेरणा मिलती है कि हमें देश को संभाल के रखना है। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को उनकी माता ने उनके बुजुर्गों के बलिदान की कहानी सुनाई थी। मृत्यु भी जीत है ये सन्देश इन बच्चों ने अपने बलिदान से दिया। श्री सिदार ने कहा कि भारत के घर-घर में इन प्रसंगों की चर्चा होनी चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी को इनसे प्रेरणा मिले।

          इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री पवन साय, श्री परमिन्दर सिंह भाटिया, ज्ञानी बाज सिंह जी, श्री भूपेश सवन्नी, सिख समाज के अनुयायी, प्रबुद्ध नागरिकगण और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ की पाठ्य पुस्तकों में शामिल होगा चार साहेबजादो के बलिदान का इतिहास

वीर बाल दिवस पर राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल में वीर बाल दिवस का आयोजन हुआ, कार्यक्रम में वीर बच्चों का सम्मान किया गया, इस अवसर पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को वजीर खान द्वारा दीवारों में चुने की जो सजा दी गई थी और तीन दिनों तक गिरफ्तार कर ठंडा बुर्ज में रखा गया था उसकी पूरी सचित्र प्रदर्शनी भी खालसा स्कूल में लगाई गई थी जिसके माध्यम से सभी बच्चों सहित बड़ों को भी उनकी धर्म के प्रति देश के प्रति कुर्बानी को समझाया जा सके | इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने की, विशिष्ट अतिथि रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह सवन्नी विशेष रूप से उपस्थित हुए खालसा एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष राज सिंह ग्रेवाल, पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह घुम्मन, प्रीतम सिंह खालसा, छत्तीसगढ़ सिख ऑफीसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक जीएस भामरा सहित स्कूल के विद्यार्थियों सहित स्कूल के प्रिंसिपल एवं समाज व शहर के लोग उपस्थित रहे | रायपुर लोकसभा सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे के साथ वीरपाल दिवस के महत्व और छोटे साहबजादे को नमन करते हुए वीर बाल दिवस के महत्व के बारे में बताया उन्होंने कहा कि सिख समाज का इतिहास बलिदानों से भरा पड़ा है हिंदू धर्म की रक्षा के लिए छोटे साहेबजादों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता उनके बलिदान से हमें प्रेरणा मिलती है बृजमोहन अग्रवाल ने साहब जड़ों के बलिदान पर पंपलेट पोस्टर बनाकर जन-जन तक पहुंचाने का सुझाव रखा | पूर्व राज्यपाल रमेश बेस बैस ने वीर बाल दिवस के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा की छोटे साहबजादे ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया | छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने वीर बाल दिवस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि चार साहिब जड़ों के बलिदान का इतिहास अभी तक सामने नहीं लाया गया था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित कर सिख समाज के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के सर्वंश बलिदान की कहानी को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है डॉ रमन सिंह ने इस अवसर पर घोषणा की कि चार साहिबजादों के बलिदान की विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक में शामिल की जानी चाहिए | उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर शीघ्र पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात की |
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कौन है चार साहबजादे? क्यों मनाया जाता है वीर बाल दिवस ? सभी का जानना आवश्यक

*क्यों मनाया जाता है वीर बाल दिवस ?* *कौन हैं चार साहबजादे ?* *क्या है 22 से 27 दिसंबर का रहस्य ?* आप लोगों को याद है 22 से 27 दिसंबर तक क्या हुआ था ? दिसंबर1705 में दिसंबर को इन्हीं तारीखों में चार साहबजादों की शहीदी हुई थी| श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का पूरा परिवार बलिदान हुआ था| पुराने समय में चार साहबजादों की शहीदी के गम में लोग जमीन पर सोते थे, शोक मनाते थे, आज के लोगों को साहबजादों की कुर्बानी याद नहीं, माता गुजरी की कुर्बानी याद नहीं, चारों साहबजादों की शहीदी का कारण सबको जानना चाहिए, छोटे साहबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को उनकी दादी माता गुजरी के आंचल से निकाल कर उनके सामने ही मुगल शासक वजीर खान ने दीवारों में चुनवा दिया था, छोटे साहबजादों के बलिदान को सहन न कर पाने के कारण दादी माता गुजरी ने भी अपने प्राण त्याग दिए क्योंकि वह इस गम को सह नहीं पाई | फतेहगढ़ साहिब का ठंडा बुर्ज आज भी वजीर खान के जुल्मों की कहानी बयां कर रहा है, गंगू तेली की गद्दारी के कारण ही माता गुजरी और दोनों छोटे साहबजादे सरहिंद के नवाब वजीर खान के जुल्मों के शिकार हुए, गंगू तेली के विश्वासघात से वजीर खान ने माता गुजरी और साहबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह को भयंकर ठंड के बावजूद ठंडे बुर्ज में बिना कंबल चादर के तीन दिनों तक रखा | गुरु को मानने वाले मोतीराम मेहरा नामक सैनिक ने एक मुस्लिम सैनिक को रिश्वत देकर दोनों छोटे साहबजादों के लिए गर्म दूध की व्यवस्था की ताकि ठंड से उन्हें कुछ राहत मिल सके | मोतीराम मेहरा ने दो दिनों तक तो छोटे साहबजादे को दूध पिलाया परंतु तीसरे दिन वह पकड़ा गया और चोरी से दूध पिलाने की सजा मोतीराम मेहरा उसकी पत्नी और उसके बच्चों को यह मिली कि वजीर खान ने उन्हें कोल्हू में डालकर पिसवा दिया, उनके बलिदान को भी आज के लोगों को याद कराना जरूरी है | क्रूर शासक वजीर खान द्वारा छोटे साहबजादों को दीवाल में चुनवा कर मौत के घाट उतार दिए जाने के बाद उनके दाह संस्कार के लिए टोडरमल नामक गुरु गोविंद सिंह के भक्त ने जब बहुत मिन्नत की तो वजीर खान ने शर्त रखी की टोडरमल जितनी जगह पर तूं सोने की मोहरी रखेगा उतनी जगह ही संस्कार करने के लिए दी जाएगी, टोडरमल ने संस्कार लायक जगह के लिए अपने पास रखी तमाम सोने की मोहरें जमीन पर बिछा दीं, वजीर खान को यह नागवार गुजरा वह फिर बेईमान हो गया, उसने टोडरमल से कहा कि सोने की मोहरी बिछाना नहीं है बल्कि खड़ी करना है और जितनी जगह पर यह खड़ी होगी उतनी जगह ही मिलेगी | वजीर खान के इस फरमान से परेशान टोडरमल अपनी सारी संपत्ति खेत - मकान बेचकर और मोहरें लाकर जमीन पर खड़ी कर संस्कार लायक जमीन की व्यवस्था कर पाया और भारी मन से उसने माता गुजरी और छोटे साहबजादों को कंधे पर उठाकर उनका दाह संस्कार किया | *दुनिया की सबसे महंगी जमीन पर छोटे साहबजादों और माता गुजरी का हुआ दाह संस्कार* कहा जाता है कि दुनिया में आज तक कहीं भी किसी ने भी इतनी महंगी जमीन नहीं खरीदी जितनी कि टोडरमल ने माता गुजरी और छोटे साहबजादों के संस्कार के लिए खरीदी, यह दुनिया का सबसे महंगा जमीन का सौदा था, दाह संस्कार के बाद वजीर खान ने टोडरमल को भी जीवित नहीं रहने दिया उसके पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया, यह भी दुनिया को जानना जरूरी है | सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी जिन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपना सरवंश बलिदान कर दिया, ऐसे गुरु गोविंद सिंह जी, गुरु तेग बहादुर जी, माता गुजरी जी और चार साहबजादों के बारे में आज की युवा पीढ़ी सहित छोटे बच्चों उनके माता-पिता को जानना जरूरी है ताकि वह सिख धर्म सिखों के बलिदान के साथ-साथ भारत की रक्षा, देश प्रेम को समझ सके, हिंदू धर्म को समझ सके, मुगल शासको के आतंक को समझ सके, उनकी क्रूरता को समझ सके | चार साहबजादों उनके बलिदान को वीर बाल दिवस के रूप में हर साल 26 दिसंबर को मनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है | शासन स्तर पर भी इस दिन सभी स्कूलों के अलावा बड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक साहबजादों की वीरता और बलिदान का वर्णन किया जाता है बच्चों को प्रेरित किया जाता है | सुखबीर सिंघोत्रा माता गुजरी, मोती लाल मेहरा, टोडरमल और गंगू तेली : चार साहिबजादों की शहादत से जुड़े अनमोल पात्र चार साहिबजादों की शहादत की गाथा में माता गुजरी जी, मोती लाल मेहरा, टोडरमल और गंगू तेली के विश्वासघात का जिक्र उनके बलिदान और धर्म के प्रति अडिग विश्वास को और भी गहराई से दर्शाता है। माता गुजरी जी: बलिदान और साहस की प्रतीक माता गुजरी जी, गुरु गोबिंद सिंह जी की माता थीं। जब गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके परिवार को आनंदपुर साहिब छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, तो माता गुजरी जी अपने छोटे पोतों, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह, के साथ अलग हो गईं। सरहिंद के नवाब वजीर खान के सैनिकों ने उन्हें गंगू तेली की गद्दारी के कारण गिरफ्तार कर लिया। वजीर खान ने उन्हें कैद कर ठंडे बुर्ज (एक बर्फीली जेल) में रखा। यह जेल कठोर सर्दी के दिनों में भीषण यातना का प्रतीक थी। इसके बावजूद माता गुजरी जी ने अपने पोतों को धर्म और साहस पर अडिग रहने के लिए प्रेरित किया। 26 दिसंबर 1704 को, जब उनके पोतों को निर्दयता से दीवार में जिंदा चुनवाया गया, उसी दिन माता गुजरी जी ने अपनी आत्मा त्याग दी। उनकी इस असीम सहनशीलता और धर्मनिष्ठा का इतिहास सिख समुदाय के लिए अमर प्रेरणा है। गंगू तेली: गद्दारी का प्रतीक गंगू तेली (गंगाराम कश्यप) गुरु गोबिंद सिंह जी का पूर्व सेवक था। जब आनंदपुर साहिब छोड़ने के बाद माता गुजरी जी और साहिबजादे उसके घर पहुंचे, तो उसने पहले उन्हें शरण दी। लेकिन लालचवश गंगू ने उनकी अमानत (स्वर्ण मुद्राओं) को हड़प लिया और उनका विश्वासघात करते हुए सरहिंद के नवाब वजीर खान को सूचना दे दी। गंगू की इस गद्दारी ने माता गुजरी जी और साहिबजादों की गिरफ्तारी का मार्ग प्रशस्त किया। सिख इतिहास में गंगू तेली को विश्वासघात का प्रतीक माना जाता है। टोडरमल: धर्म के प्रति सेवा का अनुपम उदाहरण दीवार में जिंदा चुनवाने के बाद साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह के शवों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति नवाब वजीर खान ने केवल जमीन खरीदने की शर्त पर दी। यह जमीन सोने की ईंटों के बराबर माप के बाद ही उपलब्ध हो सकती थी। सरहिंद के एक धनी व्यापारी और धर्मनिष्ठ हिंदू टोडरमल ने साहिबजादों के अंतिम संस्कार के लिए अपनी पूरी संपत्ति लगा दी। उन्होंने जमीन खरीदने के लिए सोने की ईंटें दान कीं और साहिबजादों व माता गुजरी जी का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया। टोडरमल का यह कृत्य मानवता और धर्म के प्रति निस्वार्थ सेवा का अद्भुत उदाहरण है। उनके इस बलिदान को सिख इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है, और उनके प्रति आज भी सिख समुदाय गहरी श्रद्धा रखता है। --- इतिहास का संदेश माता गुजरी जी का बलिदान, गंगू तेली की गद्दारी और टोडरमल की सेवा हमें जीवन में धर्म, सत्य और कर्तव्य के महत्व को समझाते हैं। यह गाथा न केवल सिख धर्म का गौरव है, बल्कि पूरे विश्व को मानवता और साहस की प्रेरणा देती है।
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प्रधानमंत्री 26 दिसंबर को नई दिल्ली में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे

प्रधानमंत्री 26 दिसंबर को नई दिल्ली में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे


प्रधानमंत्री 'सुपोषित पंचायत अभियान' का शुभारंभ करेंगे

Posted On: 25 DEC 2024 1:58PM by PIB Delhi
 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 26 दिसंबर 2024 को दोपहर करीब 12 बजे को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में बच्चों को देश के भविष्य की नींव के रूप में सम्मानित करने वाले एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम, वीर बाल दिवस में शामिल होंगे। इस मौके पर, वो उपस्थित लोगो को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री 'सुपोषित पंचायत अभियानका शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य पोषण संबंधी सेवाओं के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करके और सक्रिय सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करके पोषण संबंधी परिणामों और कल्याण में सुधार करना है।

युवा लोगो को जोड़नेइस दिन के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्र के प्रति साहस और समर्पण की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए देशभर में कई पहलें भी शुरू की जाएंगी। माईगव और माई भारत पोर्टल के जरीये इंटरैक्टिव क्विज़ सहित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। विद्यालयोंबाल देखभाल संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कहानी सुनानारचनात्मक लेखनपोस्टर बनाना जैसी दिलचस्प गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) के पुरस्कार विजेता भी मौजूद रहेंगे।

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चार साहेबजादों की शहीदी को समर्पित समाज की साइकिल यात्रा

तेरा सेवादल द्वारा हर साल चार साहेब जादों की शहादत कि याद में श्री गुरुद्वारा स्टेशन रोङ रायपुर से दुर्ग श्री गुरुद्वारा धन धन बाबा दिप सिंग जी गुरुद्वारा साहेब तक सायकल यात्रा निकाली गई

सुबह 8•30 हेङग्रंथी दया सिंग द्वारा अरदास कर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंग छाबङा व तेरा तेरा सेवादल के अध्यक्ष बलविंदर सिंग कलसी तेजिंदर सिंग होरा इंदरजीत सिंग छाबङा ने झंङी दिखा कर यात्रा को रवाना किया जिसमें 8 साल के बच्चों से लेकर बङे लोग भी सामिल थे यात्रा के आगे ट्रक में ङिजे में चार साहेब जादों कि याद में शहीदी के शबद के सांथ लगभग 250 बच्चों ने हिस्सा लिया यात्रा 4•30 को दुर्ग शिवनाथ नदी गुरुद्वारा श्री बाबा दिप सिंग पहुंचकर समाप्त हुई व वापसी ट्रकों से हुई

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साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे कैंप

युवक - युवतियों सहित परिवारों को स्वास्थ्य, पढ़ाई, व्यापार, नौकरी के साथ-साथ निशुल्क कानूनी हेल्प साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे जागरुकता कैंप छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की एक आवश्यक बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में सिक्ख समाज के सभी जरूरतमंद युवक -यूतियों, बच्चों - बुजुर्गों सहित जरूरतमंद परिवारों को जिन्हें जिस तरह की भी सहायता की आवश्यकता है वह छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज से संपर्क करें । छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज जरूरतमंद सभी सिक्खों की आवश्यकताओं जरूरतों को पूरा करेगा, उन्हें पग - पग पर हर तरह की मदद करेगा, समाज के युवक - युवतियों सहित परिवारों को स्वास्थ्य, पढ़ाई, व्यापार, नौकरी के साथ-साथ कानूनी हेल्प भी करेगा। बच्चों को सिक्ख इतिहास, गुरुओं के बलिदान की भी जानकारी देकर देश धर्म सहित देश प्रेम के प्रति जागरूक करेगा। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों से आग्रह किया है कि उनके दुख परेशानियों और बच्चों के भविष्य के लिए समाज हमेशा तत्पर रहेगा, किसी भी परेशानी, आवश्यकता के लिए जरूरतमंद 9301094242 - Email : sukhbir94242@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे कैंप छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने के लिए राजधानी के सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाने, मोबाइल के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देकर जागरूक करने कैंप लगाए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राएं इसकी जानकारी अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों के साथ-साथ अपने जान पहचान वालों, मोहल्ले के दुकानदारों, सब्जी वालों को भी देकर उन्हें साइबर ठगी से बचाने में सहयोगी बनने की भूमिका के लिए तैयार करेगा। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा, इंदरवीर सिंह कोहली, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम सिंह मक्कड़, बलविंदर सिंह सैनी, सुखदेव सिंह मेहरा, जसपाल सिंह नागर, सनी नागर के अलावा समाज के महान कीर्तनकार बाज सिंह, ज्ञानी बलविंदर सिंह उपस्थित रहे।

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आईपीएस जीपी सिंह ने दी ज्वाइनिंग : सिनियारिटी का मिलेगा लाभ

डीजीपी की रेस हो गई रोमांचक

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपनी सेवा पुनः प्रारंभ की 

केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी होने के बाद उन्होंने यह ज्वाइनिंग दी है।

IPS जीपी सिंह का बहाली आदेश केंद्र सरकार के बाद अब एडीजी जीपी सिंह को राज्य सरकार ने भी बहाल कर दिया है

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाद राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी करने के बाद एक दिन बाद आईपीएस जीपी सिंह ने ज्वाइनिंग दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश में डीजीपी की रेस भी रोमांचक हो गई है। तमाम बाधाओं के बावजूद इस रेस में एक बार फिर से जीपी सिंह शामिल हो गए हैं। हालांकि, आखिरी निर्णय राज्य सरकार का होगा। कल जारी हुआ था IPS जीपी सिंह का बहाली आदेश केंद्र सरकार के बाद अब एडीजी जीपी सिंह को राज्य सरकार ने भी बहाल कर दिया है। गुरुवार को गृह विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया। जीपी सिंह पर आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग केस में कार्रवाई की गई थी। नौकरी मिलते ही जीपी सिंह डीजी की रेस में भी शामिल हो गए हैं। इससे पहले 12 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के निर्णय के आधार पर दिया था। 20 जुलाई 2023 को जारी निलंबन आदेश को रद्द करते हुए उन्हें उसी दिनांक से फिर से उनके पद पर बहाल किया था। 

 छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह ने  पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपनी सेवा पुनः प्रारंभ की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी होने के बाद, उन्होंने यह ज्वाइनिंग दी है। उनकी पुनः नियुक्ति के साथ ही, प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (DGP) पद की दौड़ में एक नया मोड़ आ गया है, और जीपी सिंह इस पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल हो गए हैं। हालांकि अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। इस घटनाक्रम से प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावनाएं बढ़ गई हैं, और  उच्च पदों पर नियुक्तियों में अनेक बदलाव होने की संभावनाएं है |

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बूढ़ा तालाब में तीन एजेंसियों ने किया घोटाला : सदन में मंत्री जवाब नहीं दे पाए

बूढ़ा तालाब में अनेक तरह के सुंदरीकरण विकास के साथ मनोरंजन के नाम पर खर्च की गई राशि को लेकर विधानसभा में विधायक अजय चंद्राकर और राजेश मूणत ने मंत्री को घेरा, अपने ही विधायकों के सवालों का जवाब देने में मंत्री बदले झांकने लगे अधिकारियों की पर्ची आने लगी जिसे पढ़-पढ़ कर मंत्री जवाब देते रहे और आखिरकार जवाब तो नहीं मिला बाद में विधायकों को स्थिति से अवगत कराने की बात की गई | यहां सवाल यह उठता है कि विधायक अजय चंद्राकर और विधायक राजेश मूणत प्ले राजधानी के विवेकानंद सरोवर पर अनियमित खर्च की गई राशि के घोटाले को लेकर सवाल तो सही उठाए हैं अब यहां इंतजार है कि मंत्री सदन में तो जवाब नहीं दे पाए बाद में जांच कर क्या जवाब देंगे यह तो मामले को टालने वाली बात है |
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अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से नक्सलियों में खलबली, 25 लाख के इनामी 5 सरेंडर, बस्तर में 9 गिरफ्तार

रायपुर :- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड मैदान में पुलिस संगठनों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ सम्मान प्रदान किया गया। अमित शाह कल जगदलपुर में नक्सल प्रभावित इलाको में जाएंगे और जवानों का हौंसला बढ़ाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर है। इस बीच, सुकमा से बड़ी खबर है। अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले 9 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

जानकारी के मुताबिक, जवान जब सर्चिंग पर निकले थे, तभी इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। एसपी किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, एक नक्सली दम्पति समेत 5 हार्डकोर नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें एक महिला व एक पुरुष नक्सली पर 8-8 लाख का इनाम घोषित है। कुल 25 लाख के इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति का निशान
इस बीच, अपने दौरे के पहले दिन रविवार को अमित शाह ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड मैदान में ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ प्रदान किया। सशस्त्र बलों और पुलिस संगठनों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए मिलने वाला ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ देश का सर्वोच्च सम्मान है।

हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस को यह गौरव प्रदान किया गया है। यह सम्मान राज्य पुलिस के उन अद्वितीय प्रयासों और उपलब्धियों को मान्यता देता है, जो उन्होंने नक्सलवाद और अन्य चुनौतियों से निपटने में हासिल की हैं।

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