देश विदेश

Previous12345678Next

मिशन वात्सल्य की समीक्षा: बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने कलेक्टर ने दिये निर्देश

BY जशपुर जंक्शन 01 मार्च 

 कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई तथा जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक लेकर बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक में बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बाल संप्रेषण गृह में कार्यरत परामर्शदाता, सुपरवाइजर, केस वर्कर, समन्वयक, अधीक्षक, संरक्षण अधिकारी एवं ऑपरेटरों के रिक्त एवं भरे पदों की जानकारी ली। उन्होंने रिक्त पदों की पूर्ति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में प्राप्त, निराकृत एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का समयबद्ध एवं संवेदनशील निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों के हित प्रभावित न हों। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री चंद्रशेखर यादव सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।

बाल देखरेख संस्थाओं की गतिविधियों की समीक्षा

कलेक्टर ने बाल देखरेख संस्थाओं में संरक्षित बच्चों की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डीपीओ ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार नियमित रूप से खेलकूद, रंगोली, पेंटिंग, क्राफ्ट, लेखन, संगीत, नुक्कड़ नाटक एवं भाषण जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक माह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक एवं भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के सर्वेक्षण एवं रेस्क्यू हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। चिन्हांकित बच्चों को मिशन वात्सल्य के तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। उन्होंने बच्चों के आधार कार्ड, बैंक खाते एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की भी जानकारी ली। छत्तीसगढ़ राज्य प्रवर्तकता कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री बाल उदय योजना अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा कर उसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान पर जोर

बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीपीओ ने बताया कि जिले की 444 ग्राम पंचायतों में से 285 ग्राम पंचायतों से बाल विवाह मुक्त प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। पुलिस सत्यापन के उपरांत संबंधित ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। जिले के सभी परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर एवं ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गांवों में बाल विवाह मुक्त अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बाल संरक्षण केवल विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर जिले को सुरक्षित एवं बाल हितैषी बनाने में योगदान दें।

और पढ़ें ...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट से गांव-गांव रोशन।

जशपुर जंक्शन 23 दिसंबर 2025 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इस पहल से गांव-गांव रोशन हो रहे हैं और हर गली व हर मोहल्ला प्रकाश से जगमगा उठा है। सौर स्ट्रीट लाइटों से न केवल गांवों की तस्वीर बदली है, बल्कि ग्रामीण जीवन भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है।

फरसाबहार ब्लॉक के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सुरक्षा की दृष्टि से गांवों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था किए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कैंप कार्यालय की पहल पर सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई और इसका प्रभावी क्रियान्वयन किया गया।

फरसाबहार ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम फरसाबहार, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा, गारीघाट एवं भगोरा सहित अन्य गांवों में सौर स्ट्रीट लाइट की स्थापना से स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। पहले जहां अंधेरे के कारण रात के समय आवागमन में कठिनाइयां होती थीं, अब पर्याप्त रोशनी से ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिल रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी बिना भय के रात में बाहर निकल पा रहे हैं।

स्ट्रीट लाइट लगने से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ी है। रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध होने से सतर्कता बढ़ी है और मानव–हाथी संघर्ष की घटनाओं में कमी आई है। ग्रामीणों को हाथियों की गतिविधियों का समय रहते आभास हो जाता है, जिससे जान–माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण यह पहल पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है। स्वच्छ, हरित और सतत ऊर्जा के उपयोग की दिशा में यह एक सशक्त कदम है। ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सौर स्ट्रीट लाइटों से उनके गांवों में सुरक्षा, सुविधा और विकास की नई रोशनी आई है, जिससे दैनिक जीवन अधिक सहज और सुरक्षित हुआ है।

और पढ़ें ...

ब्रेकिंग जशपुर :फर्जी सशस्त्र बल का जवान बनकर नौकरी के नाम पर ठगी, जशपुर पुलिस ने आरोपी को बिलासपुर से दबोचा।

जशपुर जंक्शन 17  दिसंबर 2025 

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का जवान बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पुलिस वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमते हुए दो महिलाओं को झांसे में लिया और एक महिला से दो लाख रुपये की ठगी की।

प्रार्थिया की शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) व 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी घटना के बाद से फरार था, जिसे तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बिलासपुर जिले के ग्राम टाडा दर्रीकापा से गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वयं को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताकर वर्दी पहनने और नौकरी लगवाने का झांसा देने की बात स्वीकार की। उसके कब्जे से नौकरी के नाम पर लिए गए शैक्षणिक व पहचान संबंधी दस्तावेज भी जप्त किए गए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

और पढ़ें ...

बिहार के युवाओं का जागरण — डॉ. चिन्मय पण्ड्या, खान सर और नित्यानंद राय की प्रेरणा से गूंज उठा बापू सभागार।

जशपुर जंक्शन,09 दिसंबर 2025  

पटना। बिहार की आध्यात्मिक और वैचारिक जागृति का इतिहास रचते हुए बापू सभागार आज युवाओं के अभूतपूर्व महाकुंभ का साक्षी बना। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ, अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित YOUTH EMPOWERMENT–2025 कार्यक्रम में 10 से 12 हजार से अधिक युवा भाई–बहन शामिल हुए, जिससे पूरा सभागार उत्साह, ऊर्जा और उमंग से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या, विशिष्ट अतिथि के रूप में लोकप्रिय शिक्षाविद् एवं युवाओं के रोल मॉडल खान सर तथा भारत सरकार के केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। मंच पर प्रदेश युवा प्रकोष्ठ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं विभिन्न ज़ोन प्रभारी भी उपस्थित रहे।

डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने अपने ओजस्वी और प्रेरणामयी उद्बोधन से सभागार में उपस्थित युवाओं के भीतर अभूतपूर्व चेतना का संचार कर दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल आयु का चरण नहीं, बल्कि चेतना की अवस्था है—जोश, सपनों, ऊर्जा और संकल्प का संगम है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, करियर और सफलता के साथ–साथ चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास, मूल्य और राष्ट्र सेवा को जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि “भारत की आत्मा उसके करोड़ों युवाओं के हृदयों में बसती है। यदि युवा अपने विचारों और कर्मों को सही दिशा दें, तो भारत विश्व नेतृत्व का ध्वजवाहक बनेगा।”

डॉ. पण्ड्या ने युवाओं को तनाव, भ्रम और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं से बाहर निकलने के उपाय बताते हुए कहा कि मन का प्रबंधन, समय का सदुपयोग और लक्ष्य का स्पष्ट निर्धारण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा—“सपनों को छोटा मत होने दो, सोच जितनी ऊँची होगी, जीवन उतना ऊँचा उठेगा।”

उन्होंने अपने उद्बोधन में “बिहार गौरव” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि बुद्ध, अशोक, चाणक्य और अनेकों महान विभूतियों की भूमि बिहार भारतीय संस्कृति, ज्ञान और अध्यात्म का स्तम्भ रहा है और समय आ गया है कि बिहार का युवा फिर से विश्व को नेतृत्व प्रदान करे। उनके इस संदेश ने सभागार में उपस्थित युवाओं के भीतर गर्व, आत्मबल और संकल्प की बिजली भर दी।

इसके बाद विशिष्ट अतिथि खान सर ने अपनी हाजिरजवाबी और दमदार शैली में युवाओं को दिशा देते हुए कहा कि लक्ष्य को पहचान लेने वाला युवा अजेय बन जाता है। उन्होंने कहा—“युवा शक्ति दुनिया को बदलने की क्षमता रखती है। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ को अपनी शक्ति का एहसास है, और कुछ को नहीं। मेरा काम है कि युवाओं को उनकी छिपी क्षमता का एहसास दिलाना।”

खान सर ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अध्ययन तकनीक पर महत्वपूर्ण बातें साझा करते हुए कहा कि 2 घंटे की एकाग्र पढ़ाई 8 घंटे की अनफ़ोकस्ड पढ़ाई से अधिक प्रभावी होती है। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के भ्रम, तुलना और मानसिक दबाव से दूर रहने तथा निरंतरता व आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

भारत सरकार के केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सुरक्षा और प्रगति युवाओं के आदर्शों, अनुशासन और संकल्प पर टिकी है। उन्होंने बिहार के युवाओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि आज का यह आयोजन उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा।

कार्यक्रम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। विशेष बात यह रही कि मंच पर प्रस्तुति देने वाले बच्चे किसी निजी विद्यालय के नहीं, बल्कि गायत्री परिवार द्वारा संचालित बाल संस्कारशाला के स्लम क्षेत्रों, श्रमिक परिवारों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से जुड़े बच्चे थे। 2007 से प्रारंभ बाल संस्कारशाला अभियान के अंतर्गत इस समय पटना की 40 जगहों पर प्रतिदिन लगभग 20 हजार बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा व संस्कार प्रदान किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित हजारों युवाओं ने नशा–मुक्ति, सकारात्मक जीवनशैली, चरित्र निर्माण, राष्ट्र सेवा और समाज परिवर्तन का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा प्रकोष्ठ के हजारों साथियों ने दिन–रात सेवा व पुरुषार्थ किया।

आज का दिन इस बात का साक्षी बना कि बिहार के युवा जाग चुके हैं, दिशा भी है और अब देश को नई ऊर्जा, नए विचार और नए नेतृत्व की प्रतीक्षा नहीं—वरन आश्वस्ति मिल चुकी है। बिहार के युवा संकल्पित हैं और भविष्य उनके हाथों में उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

और पढ़ें ...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

जशपुर जंक्शन 24 नवम्बर 2025 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जशपुर जिले के अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री भानु यादव, श्रीमती मुक्ता देवी, श्रीमती रीना बरला, श्री मिकलेश यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

और पढ़ें ...

खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की ओर जशपुर: निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास।

जशपुर जंक्शन 02 दिसंबर 2025 

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान कुंडली हरियाणा की 18 यूजी व पीजी छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने अपने प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकारण कार्यक्रम के तहत 19 से 27 नवंबर 2025 तक लगातार तीसरे वर्ष जशपुर का दौरा किया। निफ्टेम ने 2023 में जशपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि, बागवानी और वन उत्पादों विशेषकर महुआ के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी गतिविधियाँ प्रारम्भ की थी टीम ने समूह, एफ़ पी ओ और खाद्य प्रसंस्करण हितधारकों से मिलकर गुणवत्ता, सुरक्षा, विनियमन और उद्यमिता से संबंधित जानकारी साझा की

2025 : जशपुर में खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण की आधारशिला मजबूत हुई वर्तमान वर्ष में टीम ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। कुंकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में एक फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया, जहां युवाओं को मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। वीअपी टीम द्वारा स्व सहायता समूह एवं एफ पी ओ सदस्यों तथा युवाओं के लिए मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर तीन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, सुजी आधारित पास्ता निर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कुल 96 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 65 प्रतिशत महिलाएँ सम्मिलित रहीं।

जशपुर : फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार

जशपुर की जलवायु एवं भौगोलिक विविधता में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है।जहां धान, कोदो-कुटकी, रागी, सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, काजू, कटहल, अदरक, हल्दी, नींबू, चाय और महुआ जैसी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से इन अतिरिक्त उत्पादों को दीर्घ शेल्फ लाइफ, सुरक्षित प्रसंस्करण, और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों—जैसे स्नैक्स, नाश्ते के अनाज, एनर्जी बार और रेडी-टू-ईट/कुक उत्पाद—में बदला जा सकता है।

 जिला प्रशासन द्वारा सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। निफ्टेम का वी ए पी कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास प्रदान कर इस प्रयास को सशक्त बना रहा है।

*महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : निफ्टेम टीम द्वारा सराहना*

 अपने दौरे के दौरान निफ्टेम टीम ने महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जहाँ महुआ फूल से तैयार किए गए विभिन्न नवाचारपूर्ण मूल्यवर्धित उत्पादों जैसे महुआ चवनप्राश,महुआ टी, महुआ आधारित स्नैक्स तथा अन्य प्रयोगात्मक खाद्य उत्पाद के विकास कार्य को विस्तार से समझा।

 टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, संगत प्रसंस्करण विधि, पैकेजिंग की स्वच्छता एवं प्रस्तुति तथा महुआ के आधुनिक फूड-ग्रेड उपयोग की विशेष रूप से सराहना की। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रारम्भ किया गया एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण केंद्र है, जिसे वर्तमान में जय जंगल द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र जिले में कोदो, कुटकी, रागी और महुआ के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और स्थानीय महिला समूहों के लिए वास्तविक कौशल एवं आय-वृद्धि का केंद्र बन चुका है।

 वी ए पी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया उन्होंने जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एनआर ए एल एम मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद, तथा जय जंगल एफपी सी के निदेशक श्री समर्थ जैन के योगदान को रेखांकित किया।

निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने वी ए पी को छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बताते हुए इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया। 

 इस समग्र विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।

और पढ़ें ...

“बच्चों के अधिकारों पर किसी भी गलती को माफ नहीं किया जाएगा” - डॉ. वर्णिका शर्मा बाल संरक्षण आयोग एक्शन मोड में, राज्यभर की रिपोर्टों कड़ी निगरानी।

“बच्चों के अधिकारों पर किसी भी गलती को माफ नहीं किया जाएगा” - डॉ. वर्णिका शर्मा

जशपुर जंक्शन 01 दिसंबर 2025 

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रदेशभर से प्राप्त निरीक्षण रिपोर्टों और बाल-संबंधी शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को त्वरित और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।प्रेस वार्ता में हाल ही में बाल संरक्षण गृहों एवं पर्यवेक्षण गृहों में किए गए औचक निरीक्षणों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।

निरीक्षणों में स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और देखभाल से जुड़ी कई कमियां पाई गईं। कुछ संस्थानों में अव्यवस्था, बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार, सुरक्षा गार्डों की कमी और परिसर में नशीले पदार्थों की उपलब्धता जैसी गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं। आयोग ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डॉ. शर्मा ने बताया कि कोरबा प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इस दिशा में ठोस कदम निरंतर बढ़ाए जा रहे हैं।

विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की स्थितियों पर भी आयोग ने चिंता व्यक्त की। कई स्कूलों में साफ-सफाई की कमी, खेल मैदानों की जर्जर हालत और परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें सामने आईं। आयोग ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से स्कूलों में सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी समीक्षा में कई बाल संस्थानों में चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं और मेडिकल स्टाफ की कमी पाई गई। इस पर आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को सभी कमियों को पांच दिनों के भीतर दूर करने का निर्देश दिया है।

बैठक में बाल उत्पीड़न, शोषण और प्रताड़ना से जुड़े मामलों पर विशेष जोर दिया गया। आयोग ने सभी जिलों को ऐसे मामलों में तुरंत संज्ञान लेकर बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

राज्यभर में बाल अधिकारों, सुरक्षा और देखभाल को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है। स्कूलों,आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल गृहों के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

 डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। बाल संरक्षण में किसी भी प्रकार की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग नियमित निरीक्षण करता रहेगा और आवश्यक कार्रवाई तुरंत सुनिश्चित की जाएगी।

और पढ़ें ...

स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर बगीचा में आयुर्वेद चिकित्सक के कार्य हेतु आदेश, अनुपस्थित आयुष चिकित्सक को नोटिस पंचकर्म विशेषज्ञ की नियमित पदस्थापना का प्रस्ताव राज्य शासन को प्रेषित

NEWS@स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर बगीचा में आयुर्वेद चिकित्सक के कार्य हेतु आदेश

जशपुर जंक्शन 20 नवम्बर 2025 

जिला आयुष विभाग के अनुसार स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर बगीचा में 12 अक्टूबर 2022 से विशेषज्ञ चिकित्सक (एम.डी. पंचकर्म) का पद रिक्त है। इस कारण पंचकर्म चिकित्सा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए अन्य आयुर्वेद चिकित्सक के माध्यम से संस्था का संचालन कराया जा रहा है।

आयुष अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में एक अन्य आयुर्वेद चिकित्सक को सप्ताह में तीन दिन सेवाएं देने के लिए आदेशित किया गया है। वहीं, पूर्व में पदस्थ आयुष चिकित्सक के लगातार अनुपस्थित रहने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला जशपुर के लिए कुल तीन पंचकर्म विशेषज्ञ चिकित्सक के पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक जिला चिकित्सालय आयुष विंग जशपुर में पदस्थ है और एक स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर पत्थलगांव में कार्यरत है। जिला मुख्यालय में एम.डी. पंचकर्म विशेषज्ञ एवं अन्य चिकित्सक अतिशेष या संलग्न नहीं हैं। स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर बगीचा में एक पद रिक्त है, जिसकी नियमित पदस्थापना हेतु संचालनालय आयुष रायपुर को प्रस्ताव भेज दिया गया है।

और पढ़ें ...

कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय खरीदी, प्रशासनिक सुधार, आवास योजनाओं में नई व्यवस्था और क्रिकेट स्टेडियम के संचालन पर बड़े फैसले।

ब्रेकिंग न्यूज : कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय खरीदी, प्रशासनिक सुधार

जशपुर जंक्शन 20 नवम्बर 2025 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें किसानों से समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीद, विभागीय संरचना में सुधार, धान खरीदी हेतु वित्तीय प्रत्याभूति, आवास योजनाओं में नए प्रावधान और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन से जुड़े निर्णय शामिल हैं।

दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रखने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PSS) के तहत दलहन-तिलहन फसलों की पूर्ववत उपार्जन व्यवस्था जारी रखने का निर्णय लिया। इसके तहत खरीफ में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी में चना, सरसों और मसूर का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाएगा। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन

कैबिनेट ने सुशासन को बढ़ावा देने और 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' के सिद्धांत को लागू करने के उद्देश्य से सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में विलय करने की मंजूरी दी।

धान खरीदी हेतु शासकीय प्रत्याभूति का पुनर्वेधीकरण

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू रखने के लिए मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत 15 हजार करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति को आगामी वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने और विपणन संघ को 11,200 करोड़ रुपये अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने का निर्णय लिया।

आवास योजनाओं में नए प्रावधान

राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना और नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना में पात्रता से जुड़े नए प्रावधान जोड़कर अविक्रित भवनों के विक्रय की अनुमति दी गई।

EWS एवं LIG वर्ग के अविक्रित भवनों को तीन बार विज्ञापन के बाद किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को बेचा जा सकेगा, हालांकि उन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान नहीं मिलेगा।

Bulk Purchase की स्थिति में एकल व्यक्ति या संस्थाएं एक से अधिक भवन खरीद सकेंगी, परंतु अनुदान से वंचित रहेंगी।इन प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।

नवा रायपुर क्रिकेट स्टेडियम दीर्घकालीन लीज पर

शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन एवं विकास के लिए अनुबंध के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का निर्णय लिया गया। इससे उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आयोजन बढ़ेगा।

और पढ़ें ...

नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के आरोपी शिक्षक पर जशपुर कोतवाली में FIR दर्ज, आरोपी गिरधारी राम यादव फरार।

जशपुर जंक्शन 14 नवम्बर 2025 

जशपुर कोतवाली में नाबालिग छात्रा की शिकायत पर शिक्षक के विरुद्ध छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जशपुर पुलिस ने शिक्षक गिरधारी राम यादव निवासी दरबारीटोली, जशपुर के विरुद्ध

बीएनएस की धारा 74,75,64 (2)(एम), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और 8 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है।

मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया, जिसकी पतासाजी पुलिस द्वारा की जा रही है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 14 नवंबर 2025 को नाबालिग छात्रा अपने परिजनों के साथ कोतवाली जशपुर पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के साथ आई नाबालिग पीड़िता ने बताया कि वह जुलाई 2024 से आरोपी के घर पर घरेलू काम करती थी और जशपुर के एक स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान आरोपी ने कई बार उसे अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

मामले की जानकारी पहले बाल कल्याण समिति तक पहुंचीं जहां बयान के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कराते हुए मामले में पुलिस ने जांच शुरु की।

एएसपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने कहा “आरोपी गिरधारी राम यादव के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है और बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जाएगा।”

और पढ़ें ...

राज्योत्सव 2025 : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने जशपुर वन विभाग के स्टॉल में बांस से बने आभूषणों को सराहा।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने जशपुर वन विभाग के स्टॉल में बांस से बने आभूषणों को सराहा।

जशपुर जंक्शन 20  नवम्बर 2025 

जिला मुख्यालय के रणजीता स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। स्टॉल में जशपुर के वनों से प्राप्त वनौषधियों से निर्मित च्यवनप्राश, काँचपाक, शहद जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

इसके साथ ही “जशक्राफ्ट” ब्रांड के तहत वन प्रबंधन समितियों की महिलाओं द्वारा स्थानीय सामग्रियों — बांस और सवई घास — से तैयार झुमके, माला और अन्य आभूषण भी विशेष रूप से प्रदर्शित किए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान वनमंडलाधिकारी शशि कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को बांस से बनी माला पहनाई। मंत्री श्री जायसवाल ने वन विभाग के इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण से जोड़ते हुए वृहद स्तर पर बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

वन विभाग के स्टॉल में हाथी-मानव द्वंद को कम करने हेतु चलाए जा रहे “गजरथ” अभियान की जानकारी भी दी गई, जो हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए ग्रामीणों में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है।

और पढ़ें ...

नर्सरी के जंगल में लकड़ी काटने की बात पर विवाद में हुई मारपीट, इलाज के दौरान मौत – चार आरोपी गिरफ्तार

ब्रेकिंग जशपुर जंक्शन : नर्सरी के जंगल में लकड़ी काटने की बात पर विवाद में हुई मारपीट, इलाज के दौरान मौत

जशपुर जंक्शन 29 नवम्बर 2025  

पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम जोराडोल, सुगापारा में लकड़ी काटने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक इंदबल मांझी (40 वर्ष) ग्राम जोराडोल का निवासी था। 18 अक्टूबर को गांव के ही हृदन उर्फ हिरदन साय, डोमन साय मांझी और अशोक मांझी के साथ नर्सरी के जंगल से लकड़ी काटने को लेकर उसका विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने इंदबल मांझी के साथ हाथ-मुक्कों और लातों से मारपीट की थी। अगले दिन 19 अक्टूबर को उसी विवाद को लेकर गांव के ही नईहर साय ने भी मृतक के साथ लकड़ी की लाठी से हमला किया।

मारपीट के बाद गंभीर रूप से घायल इंदबल को खून की उल्टी होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में भर्ती कराया, जहां 20 अक्टूबर को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस को घटना की जानकारी मेडिकल कॉलेज से मिली, जिस पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। मृतक की पत्नी सुनोबाई के बयान के आधार पर पत्थलगांव पुलिस ने सभी चारों आरोपियों — हृदन उर्फ हिरदन साय (36), डोमन साय मांझी (33), अशोक मांझी (35) और नईहर साय (45), सभी निवासी ग्राम जोराडोल, सुगापारा — के खिलाफ हत्या का अपराध बीएनएस की धारा 103(1) व 3(5) के तहत पंजीबद्ध किया।

पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार किया। घटना में प्रयुक्त लकड़ी की लाठी भी जप्त कर ली गई है। सबूत मिलने पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे तथा आरक्षक कमलेश्वर वर्मा, राजेंद्र रात्रे, तुलसी रात्रे, आशीषन टोप्पो और पदुम वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पत्थलगांव क्षेत्र में मारपीट के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जिसमें चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

और पढ़ें ...

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्वविजेता बनने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

जशपुर जंक्शन 03 नवम्बर 2025 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्वविजेता बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन, समर्पण और अदम्य जज़्बे से देश का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को “परिश्रम, आत्मविश्वास और संकल्प की जीत” बताते हुए कहा कि यह जीत देशभर में महिला खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देगी।

और पढ़ें ...

आंवला नवमी पर मुख्यमंत्री ने आंवला वृक्ष की पूजा कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

जशपुर जंक्शन 31 अक्टूबर 2025 

आंवला नवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों से युक्त माना गया है। यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति हमारी संस्कृति का आधार है और वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। वृक्षों की पूजा के साथ ही उनका संरक्षण करना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।

और पढ़ें ...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा छत्तीसगढ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने एक और बड़ा कदम: 5000 शिक्षक भर्ती ।

जशपुर जंक्शन 24 अक्टूबर 2025 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। 

प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों की भर्ती की सहमति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इस निर्णय से स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शिक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता दोनों है।" - वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

"शिक्षा राज्य के विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर विद्यालय में योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

और पढ़ें ...

छ.ग. राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बगीचा में कृषक संगोष्ठी का आयोजन।

जशपुर जंक्शन 17 अक्टूबर 2026 

छत्तीसगढ़ शासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कृषि विभाग बगीचा द्वारा शासन के निर्देशानुसार विकासखण्ड स्तरीय रजत जयंती वर्ष कृषक संगोष्ठी का आयोजन बगीचा में किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीडीसी गेंद बिहारी सिंह, प्रभात सिडाम अध्यक्ष नगर पंचायत बगीचा व पार्षद एलआर चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुधन विकास तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।

संगोष्ठी में विकासखण्ड बगीचा के विभिन्न ग्राम पंचायतों से कृषक उपस्थित हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्ष की विकास यात्रा एवं कृषकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी किसानोंतक पहुंचाना था।

इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लालसाय केरकेट्टा सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना तथा पीएम आशा योजना की विस्तृत जानकारी दी।

साथ ही फसलों में लगने वाले कीट एवं रोग नियंत्रण, रबी मौसम में अधिक से अधिक दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने तथा पंजीयन कराने के लिए किसानों को मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम में सैकड़ों कृषक समेत जनप्रतिनिधि व कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

और पढ़ें ...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर बागबहार को मिला आधुनिक मिनी स्टेडियम और इंडोर हॉल का तोहफा, 4 करोड़ 67 लाख की स्वीकृति, क्षेत्र में खुशी की लहर....।

जशपुर जंक्शन 10 अक्टूबर 2025 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। शासन की प्राथमिकताओं में अब खेल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण भी प्रमुख रूप से शामिल है। इसी कड़ी में बागबहार क्षेत्र के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए बड़ी सौगात के रूप में राज्य शासन द्वारा 4 करोड़ 67 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से बागबहार में आधुनिक मिनी स्टेडियम और इंडोर हॉल का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए सुसज्जित मंच मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुछ समय पूर्व बागबहार में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन समारोह में पहुंचकर यह घोषणा की थी। स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया था, और अब शासन द्वारा उसकी औपचारिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस निर्णय से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह देखा जा रहा है।नवनिर्मित मिनी स्टेडियम और इंडोर हॉल में फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, सहित कई खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल ग्रामीण अंचल के खेल प्रतिभाओं को जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगी।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि जशपुर की धरती में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल उचित अवसर और सुविधाओं की आवश्यकता है। सरकार का उद्देश्य है कि हर गांव और हर ब्लॉक से खिलाड़ी आगे बढ़ें और प्रदेश व देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का क्षेत्र वासियों ने जताया आभार

स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा के पूरा होने पर आभार जताया है। क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। बागबहार निवासी खेलप्रेमी युवाओं ने कहा कि अब उन्हें अपने गांव में ही उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के आयोजन का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जशपुर जिला न केवल सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि अब खेल और संस्कृति के क्षेत्र में भी एक नया इतिहास लिख रहा है।

और पढ़ें ...

आदि कर्मयोगी अभियान : ग्राम पंचायतों में मिल रहा है अपार जनसहयोग

जशपुर, 3 अक्टूबर 2025

जिले में प्रारंभ हुए “आदि कर्मयोगी अभियान” को लेकर ग्राम सभाओं में व्यापक तैयारी और उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिल रही है। इस अभियान के तहत सभी 417 ग्राम पंचायतों में विलेज एक्शन प्लान पारित किए जा रहे हैं, जिसमें प्रत्येक ग्राम की अलग-अलग तिथियाँ तय की गई हैं।

 

ग्रामसभाओं में किए गए ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी जरूरतें, समस्याएँ और प्राथमिकताओं को प्रत्यक्ष रूप से चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार की है। इस अभियान में लगभग 4000 आदि साथी और 6000 आदि सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो गाँव-गाँव जाकर जागरूकता और सहभागिता का संदेश पहुँचा रहे हैं।

 

जशपुर ज़िले के कलेक्टर रोहित व्यास ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि हर ग्रामसभा में पारित होने वाली योजनाएँ पारदर्शी हों और जनता की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्व दिया जाए।

 

ग्रामसभाओं का आयोजन उत्सव जैसा माहौल लिए हो रहा है। ग्रामीण उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा कर रहे हैं और कार्ययोजना निर्माण में सहयोग दे रहे हैं।

 

यह अभियान यह संदेश दे रहा है कि शासन की कोई भी योजना तभी सफल हो सकती है जब उसे आम जनता का सहयोग और नेतृत्व प्राप्त हो। ग्रामसभाओं में पारित विलेज एक्शन प्लान भविष्य की विकास यात्रा का रोडमैप बनेगा।

 

जिले में प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान आने वाले समय में आदर्श मॉडल सिद्ध हो सकता है। यह पहल न केवल ग्रामीण विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी बल्कि स्थानीय लोगों को अपने गाँव की प्रगति से जोड़ने का मजबूत अवसर भी प्रदान करेगी।

और पढ़ें ...

बस्तर के विकास की दिशा में एक और अहम कदम,मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुलाकात

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ की जल संसाधन परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर अंचल की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।

इससे 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई, 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बस्तर की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि बस्तर अब नक्सल प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हो चुका है, और वहां विकास के लिए अनुकूल वातावरण बन चुका है।

वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है कि यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में आए। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की दिशा में आवश्यक पहल करे। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए परियोजना के प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र मूर्त रूप लेगी और बस्तर की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का सशक्त आधार बनेगी।

और पढ़ें ...

विद्यार्थियों के जीवन में एक नई दिशा और चेतना का आरंभ है ज्ञानदीक्षा संस्कार - डॉ चिन्मय पण्ड्या

कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को किया दीक्षित

हरिद्वार 22 जुलाई

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुज में मंगलवार को 45वां ज्ञान दीक्षा संस्कार समारोह अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ यूपीईएस के कुलाधिपति डॉ सुनील राय, कुलपति श्री शरद पारधी एवं प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। ज्ञानदीक्षा समारोह में बिहार, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, गुजरात, केरल, उप्र, उत्तराखण्ड, राजस्थान आदि राज्यों तथा नेपाल सहित कई देशों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।  

समारोह के मुख्य अतिथि बाबा मस्तनाथ विवि रोहतक के कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी ने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और अध्यात्म को समान रूप से महत्व दिया जाता है। यहाँ का वातावरण विद्यार्थियों को समग्र विकास की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि यह समय नये युग के लिए कदम बढ़ाने का अवसर है। यहाँ प्राप्त सद्ज्ञान के प्रकाश तथा भारत के वैभव, संस्कृति को विश्व भर में फैलायेंगे, ऐसा विश्वास है। श्री योगी व्यक्ति के जीवन का मूल मंत्र को जानने, समझने के लिए विविध उपाय सुझाया।

युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि ज्ञान दीक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में एक नई दिशा और चेतना का आरंभ है। यह संस्कार उन्हें विश्वविद्यालय के आदर्शों, अनुशासन और सेवा परंपरा से जोड़ता है। युवा आइकॉन ने कहा कि जीवन में जब भगवान आते हैं, तो सौभाग्य का अवतरण होता है और जो भगवान के सहयोगी बनते हैं, उनका नाम ही अमर होता है। कबीर, सुरदास, पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी आदि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है। पेट्रोलियम एवं उर्जा अध्ययन विवि के कुलाधिपति डॉ सुनील राय ने श्रद्धा, प्रसन्नता और रूपरेखा को मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया।  इससे पूर्व कुलपति श्री शरद पारधी ने समारोह में उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगीगण का स्वागत किया।

इस अवसर पर देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या स्नातक, परास्तानक एवं पीएचडी के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं से वर्चुअल जुड़े और वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधिपूर्वक ज्ञान दीक्षा प्रदान की।

समारोह की शुरुआत वैदिक मंगलाचरण के साथ प्रज्ञागीत से हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया। दीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों, सेवा-भावना एवं भारतीय संस्कृति के आदर्शों का बोध कराया गया। इस दौरान युवा आइकॉन डॉ चिन्मय पण्ड्या ने अतिथियों को गायत्री मंत्र चादर, युगसाहित्य एवं विवि के प्रतीक चिह्न आदि भेंटकर सम्मानित किया। अतिथियों ने रेनांसा, अनाहद पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, अभिभावक तथा छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

और पढ़ें ...

पूरी मानवता के लिए नवचेतना का सूर्योदय : डॉ. चिन्मय पण्ड्या,शांतिकुंज की टीम भारत सहित 25 देशों में चलाएगी सघन जनसंपर्क अभियान

हरिद्वार, 20 जुलाई।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक नवचेतना के सूर्योदय का संकेत दे रहा है। जैसे मुर्गा भोर की सूचना देता है, वैसे ही हमें समाज में आशा, प्रेरणा और जागरूकता का संदेश फैलाना है।

वे माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा अखण्ड दीपक प्रकाट्य के शताब्दी वर्ष (2026) के अंतर्गत योजनाओं की जानकारी हेतु आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। इस ऑनलाइन बैठक में भारत सहित इटली, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा, फिजी, मॉरिशस समेत 25 देशों के गायत्री परिजनों ने भाग लिया।

डॉ. पण्ड्या ने बताया कि जन्मशताब्दी वर्ष का प्रथम आयोजन जनवरी 2026 में तथा द्वितीय आयोजन नवंबर 2026 में शांतिकुंज, हरिद्वार में होगा। इसके साथ-साथ वर्ष 2030 तक प्रतिवर्ष आयोजन किए जाएंगे।

इस उपलक्ष्य में देश-विदेश में जन्मशताब्दी ज्योति कलश यात्राएँ निकाली जा रही हैं। भारत के अलावा दुबई, सिंगापुर, इंग्लैंड, कनाडा, लिथुआनिया, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से ये कलश यात्राएँ जनवरी 2026 में हरिद्वार लौटेंगी। इसके बाद वियतनाम, हांगकांग जैसे देशों में भी यात्राएँ भेजी जाएंगी, जहाँ अब तक यह संदेश नहीं पहुँच सका है।

डॉ. पण्ड्या ने अखण्ड ज्योति के प्रतिनिधियों के रूप में प्रत्येक गायत्री परिजन से समाज में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान समय की माँग के अनुसार व्यवस्थित, संगठित और समर्पित प्रयास करने होंगे।

कार्यक्रम विभाग के समन्वयक श्री श्याम बिहारी दुबे ने जानकारी दी कि शांतिकुंज से जल्द ही 52 जनसंपर्क टोलियाँ भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जाएंगी। प्रत्येक टोली में 3-4 प्रतिनिधि होंगे, जो घर-घर जाकर जन्मशताब्दी वर्ष के संदेश को पहुँचाएँगे।

विदेशों के लिए कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात सहित 25 देशों हेतु अलग टीमें गठित की गई हैं, जो भारतीय संस्कृति एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ जन्मशताब्दी वर्ष की ज्योति वहाँ तक पहुँचाएँगी।

और पढ़ें ...

*पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने किया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन*

साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे जागरूकता कैंप

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने किया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने के लिए राजधानी के सभी स्कूलों में कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं को सभी तरह के साइबर क्राइम से बचाने, मोबाइल के सुरक्षित उपयोग की जानकारी के माध्यम से जागरूक कर ठगी से बचने और साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने कैंप लगाकर इस अभियान की शुरुआत कर रहा है |

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा साइबर क्राइम जागरूकता अभियान का एक पोस्टर जारी किया गया है जिसका विमोचन रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरीश कुमार मिश्रा ने किया | इस जन जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र- छात्राओं को साइबर क्राइम से बचने की जानकारी देकर उन्हें अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों के साथ-साथ अपने जान पहचान वालों, मोहल्ले के दुकानदारों, सब्जी वालों तक ठगों की जानकारी पहुंचाकर उन्हें साइबर ठगी से बचाने में सहयोगी बनने की भूमिका के लिए तैयार करना है। । छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा ने बताया कि हर सप्ताह शहर के प्रमुख स्कूलों में साइबर क्राइम जागरूकता कैंप लगाया जाएगा, जिसके तहत 3 जनवरी को खालसा स्कूल में इस साइबर क्राइम जागरूकता कैंप की शुरुआत की जा रही है| *इस साइबर क्राइम जागरूकता अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस का भी रहेगा योगदान |* छत्तीसगढ़ सिख समाज के साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन करते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का यह अभियान सराहनीय है, छत्तीसगढ़ पुलिस आपके इस अभियान में आपके साथ है | साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर विमोचन के दौरान छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम सिंह मक्कड़ और सुरजीत सिंह छाबड़ा उपस्थित रहे | सुखबीर सिंह सिंघोत्रा प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज मो. 9301094242

और पढ़ें ...

पनीर ना खरीदे - सेहत खराब हो जाएगी

निमोरा पुल के पास रायपुर मे नकली पनीर फैक्ट्री में छापा, 4000 किग्रा नकली पनीर एवं पैकेजिंग सामग्री जप्त कार्यलय खाद्य एवम औषधि प्रशासन को यह सूचना मिली थी कि निमोरा पुल के पास रायपुर में बिना दूध का प्रयोग किये हुए अन्य इनग्रेडिएंट्स डालकर गंदगी में नकली पनीर का निर्माण कराकर पैक किया जा रहा था जिसमे खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने निमोरा पुल के पास रायपुर की एस जे मिल्क प्रोडक्ट्स रायपुर मलिक आकाश बंसल में छापा मार कार्यवाही की जिसमे मौके में संचालक के द्वारा डुप्लीकेट पनीर बनाते हुए पनीर का 4000 kg पनीर का स्टॉक पकड़ा , मौके में किसी भी प्रकार के दस्तावेज जैसे स्टॉक रजिस्टर , किट रहित प्रणाम पत्र , पोषणकारी मान जैसे प्रोटीन की मात्रा आदि की जानकारी भी नही देकर गलत जानकारी दी गई थी साथ ही साथ जो पानी से पनीर बनाया जा रहा था वह गंदा है पनीर का कुल लागत लगभग 918750 रुपया है पूरी कार्यवाही में खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक चंदन कुमार के निर्देशन में की गई टीम में सहायक आयुक्त मोहित बेहरा , नितेश मिश्रा , खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी ठाकुर , साधना चंद्राकर,सिद्धार्थ पांडे , अजित बघेल , संतीश राज mftl स्टाफ आदि शामिल थे
और पढ़ें ...

कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ 420 सहित अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज

कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, पार्क की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों से स्कूल भवन निर्माण Krishna Public School : भिलाई। सुपेला थाना अंतर्गत नेहरू नगर स्थित कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रबंधन) के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। केपीएस प्रबंधन पर आरोप है कि स्कूल से लगी पार्क की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे स्कूल भवन का निर्माण कराया गया। इसके लिए निगम के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से न सिर्फ भवन अनुज्ञा ले ली बल्कि भवन पूर्णता प्रमाण पत्र भी दे दिया। अब इस मामले में आवेदक वैशाली नगर निवासी रवि शर्मा की शिकायत पर कृष्णा एजुकेशन सोसायटी के अधयक्ष एमएम त्रिपाठी, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, वास्तुविद आरके पटेल व नगरनिगम भिलाई के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अपनी शिकायत में रवि शर्मा ने बताया कि कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरू नगर भिलाई व्दारा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों ने मिलीभगत कर खसरा नंबर बदलकर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उद्यान व पौधरोपण के लिए आबंटित भूमि पटवारी हल्का नंबर 15 खसरा नंबर 836/837 आवंटित भूमि 22910/73089 कुल रकबा 95999 वर्गफुट भूमि का खसरा नंबर 306 लिखकर फर्जी दस्तावेज बनाए। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियो से मिलिभगत भवन अनुज्ञा ले ली और भवन निर्माण कराया गया। खसरा नंबर बदलकर उद्यान की जमीन पर कराया निर्माण रवि शर्मा ने बताया कि कृष्णा एजुकेशन सोसायटी (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरु नगर भिलाई को स्कूल भवन के लिए तत्कालिक मध्यप्रदेश सरकार व्दारा वर्ष 1986 में 60000 वर्गफीट भूमि का आबंटन किया गया। जिसका खसरा नंबर 306 है। छत्तीसगढ़ शासन व्दारा वर्ष 2005 में कृष्णा पब्लिक स्कूल से लगी 95999 वर्गफीट भूमि खसरा नंबर 836-837 विशेष शर्तों पर उद्यान व पौधरोपण के लिए आबंटित किया गया। वर्ष 2007 कृष्णा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष एमएम त्रिपाठी, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, वास्तुविद आरके पटेल तथा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों से मिलीभगत एवं षड़यंत्र कर तथा कूटरचित दस्तावेज के आधार पर खसरा नंबर 836-837 को बदलकर उसे उनकी जमीन का खसरा नंबर 306 दिखा दिया। यही नहीं इसके बाद पौधरोपण के लिए आरक्षित भूमि में शाला भवन निर्माण के लिए पहले वर्ष 2007 में भवन अनुज्ञा ली और एक साल बाद वर्ष 2008 में भवन पूर्णता प्रमाण पत्र भी ले लिया। इसके बाद वर्ष 2012 में नगर निगम के अधिकारियों से मिलिभगत कर नियमतिकरण भी करवा लिया गया किन्तु इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। रवि शर्मा ने बताया कि *उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार पार्क व उद्यान हेतु आरक्षित भूमि में निर्माण कार्य एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।* रवि शर्मा द्वारा इस मामले में 27 अगस्त 2018 को सुपेला थाना प्रभारी के पास शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के बाद अब इस मामले में कृष्णा एजूकेशन सोसायटी के अध्यक्ष एमएम त्रिपाठी, सचिव प्रमोद त्रिपाठी, वास्तुविद आरके पटेल तथा नगर निगम भिलाई के अधिकारियों पर अपराध दर्ज किया गया।
और पढ़ें ...

पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह के निधन पर छत्तीसगढ़ सिख समाज की श्रद्धांजलि , की अरदास

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह के निधन पर छत्तीसगढ़ सिख समाज ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वाहेगुरु से उन्हें अपने चरणों में स्थान देने की अरदास की है | देश के पहले सिख प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह सिख समाज के एकमात्र ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्ति थे जो देश के सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय सरदार मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को हुआ था पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर, कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डी फ़िल, अर्थशास्त्र के अध्यापक संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन सचिवालय में सलाहकार जिनेवा में साउथ कमीशन के दो बार सचिव भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार वित्त मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार योजना आयोग के उपाध्यक्ष रिजर्व बैंक के गवर्नर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भारत के 5 सालों तक वित्त मंत्री के बाद 2004 से 2014 तक लगातार दो बार के प्रधानमंत्री रहे | उच्च शिक्षा प्राप्त भारत के प्रशासनिक और राजनीतिक महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होने वाले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह ने देश की जिम्मेदारियां के रूप में सिख समाज का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया | पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह द्वारा 1984 के सिख काट ले आम पर माफी मांग कर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की गलतियों को स्वीकार कर यह साबित कर दिया था कि जो सच है उसे वह नकार नहीं रहे हैं | देश के पहले सिख प्रधानमंत्री सिख समाज के विद्वान उच्च शिक्षा प्राप्त देश के अनेक प्रशासनिक जिम्मेदारियां सहित देश के सर्वोच्च पद पर 10 वर्षों तक आसीन रहकर सिख समाज का नाम रोशन करने वाले सरदार मनमोहन सिंह की श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह सैनी उर्फ़ गग्गी, समाज के इंद्रवीर सिंह कोहली, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम जीत सिंह मक्कड़, बॉबी चावला स्वर्ण सिंह भूतनी ज्ञानी बाज सिंह, मनजीत सिंह, सुखदेव सिंह मेहरा, गुरदीप सिंह टुटेजा, बलजीत भाटिया, मनदीप सिंह उर्फ बिट्टू सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे |
और पढ़ें ...

श्री गुरु गोविंद सिंह के वीर साहिबजादों के अमर बलिदान की कहानी छत्तीसगढ़ के स्कूली पाठ्यक्रम में होगी शामिल

वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा - साहिबजादों के बलिदान की कहानी युवा पीढ़ी को साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी

मुख्यमंत्री वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल

रायपुर, 26 दिसम्बर 2024

मुख्यमंत्री वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल

गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अमर बलिदान की कहानी अब छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को पढ़ाई जाएगी। वीर साहिबजादों के वीरता की यह कहानी देश के युवाओं को साहस के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वीर बाल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह और वीर साहिबजादों का पुण्य स्मरण कर कहा कि हमें उनकी शिक्षाओं को अपनाना चाहिए और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वीर साहिबजादों के जीवनी पर आधारित एनिमेटेड फिल्म भी देखी।

            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की रक्षा के लिए सिख गुरुओं के त्याग की महान सिख परंपरा की याद दिलाता है। हमें ऐसे महान वीर सपूतों की प्रेरक कहानियां अपने बच्चों और समाज को बतानी चाहिए। उन्होंने श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया। श्री साय ने कहा कि भारत की प्रत्येक पीढ़ी गुरु गोविंद सिंह जी एवं उनके साहेबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगी। देश के लिए जीना और देश के लिए जरुरत पड़ने पर अपने प्राणों की आहुति देने की प्रेरणा हमें वीर बाल दिवस से मिलती है। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की एकता और अखंडता का भी स्मरण कराता है।

            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को तोड़ने वाली ताकतें हर दौर में सक्रिय रहती हैं। लेकिन श्री गुरुगोविंद सिंह और उनके साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जैसे वीर जिस धरती पर जन्म लेंगे उसकी ओर कोई आंख उठाकर भी नहीं देख सकता। उन्होंने कहा कि बाबा जोरावार सिंह जी और बाबा फतेह सिंह किसी एक धर्म या पंथ के लिए प्रेरणास्रोत नहीं हैं। वह संपूर्ण भारत के लिए अनुकरणीय हैं। श्री साय ने कहा कि भारत का चरित्र मूल रूप से सामाजिक समरसता का रहा है। हमारे देश में कट्टरता और उन्माद को कभी जगह नहीं मिली। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ उसका सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। हमने विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया है। यह संकल्प सामाजिक समरसता से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तो देशभर में अपनी सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द्र के लिए जाना जाता है। इसकी जड़ों को और गहरा करना होगा।

          वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता श्री प्रेम शंकर सिदार ने कहा कि भारत एक धर्म प्राण देश है। जब देश मे अन्याय बढ़ता है तो यहां के महापुरुष रक्षा के लिए खड़े हो जाते हैं। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी दुनिया के सबसे कम उम्र के बलिदानी हैं। वे मृत्यु के सामने भी धर्म पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि भारत की जीवनी शक्ति इसकी आत्मा है। देश के महापुरुषों से प्रेरणा मिलती है कि हमें देश को संभाल के रखना है। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को उनकी माता ने उनके बुजुर्गों के बलिदान की कहानी सुनाई थी। मृत्यु भी जीत है ये सन्देश इन बच्चों ने अपने बलिदान से दिया। श्री सिदार ने कहा कि भारत के घर-घर में इन प्रसंगों की चर्चा होनी चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी को इनसे प्रेरणा मिले।

          इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री पवन साय, श्री परमिन्दर सिंह भाटिया, ज्ञानी बाज सिंह जी, श्री भूपेश सवन्नी, सिख समाज के अनुयायी, प्रबुद्ध नागरिकगण और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

और पढ़ें ...

छत्तीसगढ़ की पाठ्य पुस्तकों में शामिल होगा चार साहेबजादो के बलिदान का इतिहास

वीर बाल दिवस पर राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल में वीर बाल दिवस का आयोजन हुआ, कार्यक्रम में वीर बच्चों का सम्मान किया गया, इस अवसर पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को वजीर खान द्वारा दीवारों में चुने की जो सजा दी गई थी और तीन दिनों तक गिरफ्तार कर ठंडा बुर्ज में रखा गया था उसकी पूरी सचित्र प्रदर्शनी भी खालसा स्कूल में लगाई गई थी जिसके माध्यम से सभी बच्चों सहित बड़ों को भी उनकी धर्म के प्रति देश के प्रति कुर्बानी को समझाया जा सके | इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने की, विशिष्ट अतिथि रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह सवन्नी विशेष रूप से उपस्थित हुए खालसा एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष राज सिंह ग्रेवाल, पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह घुम्मन, प्रीतम सिंह खालसा, छत्तीसगढ़ सिख ऑफीसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक जीएस भामरा सहित स्कूल के विद्यार्थियों सहित स्कूल के प्रिंसिपल एवं समाज व शहर के लोग उपस्थित रहे | रायपुर लोकसभा सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे के साथ वीरपाल दिवस के महत्व और छोटे साहबजादे को नमन करते हुए वीर बाल दिवस के महत्व के बारे में बताया उन्होंने कहा कि सिख समाज का इतिहास बलिदानों से भरा पड़ा है हिंदू धर्म की रक्षा के लिए छोटे साहेबजादों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता उनके बलिदान से हमें प्रेरणा मिलती है बृजमोहन अग्रवाल ने साहब जड़ों के बलिदान पर पंपलेट पोस्टर बनाकर जन-जन तक पहुंचाने का सुझाव रखा | पूर्व राज्यपाल रमेश बेस बैस ने वीर बाल दिवस के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा की छोटे साहबजादे ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया | छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने वीर बाल दिवस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि चार साहिब जड़ों के बलिदान का इतिहास अभी तक सामने नहीं लाया गया था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित कर सिख समाज के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के सर्वंश बलिदान की कहानी को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है डॉ रमन सिंह ने इस अवसर पर घोषणा की कि चार साहिबजादों के बलिदान की विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक में शामिल की जानी चाहिए | उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर शीघ्र पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात की |
और पढ़ें ...

कौन है चार साहबजादे? क्यों मनाया जाता है वीर बाल दिवस ? सभी का जानना आवश्यक

*क्यों मनाया जाता है वीर बाल दिवस ?* *कौन हैं चार साहबजादे ?* *क्या है 22 से 27 दिसंबर का रहस्य ?* आप लोगों को याद है 22 से 27 दिसंबर तक क्या हुआ था ? दिसंबर1705 में दिसंबर को इन्हीं तारीखों में चार साहबजादों की शहीदी हुई थी| श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का पूरा परिवार बलिदान हुआ था| पुराने समय में चार साहबजादों की शहीदी के गम में लोग जमीन पर सोते थे, शोक मनाते थे, आज के लोगों को साहबजादों की कुर्बानी याद नहीं, माता गुजरी की कुर्बानी याद नहीं, चारों साहबजादों की शहीदी का कारण सबको जानना चाहिए, छोटे साहबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को उनकी दादी माता गुजरी के आंचल से निकाल कर उनके सामने ही मुगल शासक वजीर खान ने दीवारों में चुनवा दिया था, छोटे साहबजादों के बलिदान को सहन न कर पाने के कारण दादी माता गुजरी ने भी अपने प्राण त्याग दिए क्योंकि वह इस गम को सह नहीं पाई | फतेहगढ़ साहिब का ठंडा बुर्ज आज भी वजीर खान के जुल्मों की कहानी बयां कर रहा है, गंगू तेली की गद्दारी के कारण ही माता गुजरी और दोनों छोटे साहबजादे सरहिंद के नवाब वजीर खान के जुल्मों के शिकार हुए, गंगू तेली के विश्वासघात से वजीर खान ने माता गुजरी और साहबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह को भयंकर ठंड के बावजूद ठंडे बुर्ज में बिना कंबल चादर के तीन दिनों तक रखा | गुरु को मानने वाले मोतीराम मेहरा नामक सैनिक ने एक मुस्लिम सैनिक को रिश्वत देकर दोनों छोटे साहबजादों के लिए गर्म दूध की व्यवस्था की ताकि ठंड से उन्हें कुछ राहत मिल सके | मोतीराम मेहरा ने दो दिनों तक तो छोटे साहबजादे को दूध पिलाया परंतु तीसरे दिन वह पकड़ा गया और चोरी से दूध पिलाने की सजा मोतीराम मेहरा उसकी पत्नी और उसके बच्चों को यह मिली कि वजीर खान ने उन्हें कोल्हू में डालकर पिसवा दिया, उनके बलिदान को भी आज के लोगों को याद कराना जरूरी है | क्रूर शासक वजीर खान द्वारा छोटे साहबजादों को दीवाल में चुनवा कर मौत के घाट उतार दिए जाने के बाद उनके दाह संस्कार के लिए टोडरमल नामक गुरु गोविंद सिंह के भक्त ने जब बहुत मिन्नत की तो वजीर खान ने शर्त रखी की टोडरमल जितनी जगह पर तूं सोने की मोहरी रखेगा उतनी जगह ही संस्कार करने के लिए दी जाएगी, टोडरमल ने संस्कार लायक जगह के लिए अपने पास रखी तमाम सोने की मोहरें जमीन पर बिछा दीं, वजीर खान को यह नागवार गुजरा वह फिर बेईमान हो गया, उसने टोडरमल से कहा कि सोने की मोहरी बिछाना नहीं है बल्कि खड़ी करना है और जितनी जगह पर यह खड़ी होगी उतनी जगह ही मिलेगी | वजीर खान के इस फरमान से परेशान टोडरमल अपनी सारी संपत्ति खेत - मकान बेचकर और मोहरें लाकर जमीन पर खड़ी कर संस्कार लायक जमीन की व्यवस्था कर पाया और भारी मन से उसने माता गुजरी और छोटे साहबजादों को कंधे पर उठाकर उनका दाह संस्कार किया | *दुनिया की सबसे महंगी जमीन पर छोटे साहबजादों और माता गुजरी का हुआ दाह संस्कार* कहा जाता है कि दुनिया में आज तक कहीं भी किसी ने भी इतनी महंगी जमीन नहीं खरीदी जितनी कि टोडरमल ने माता गुजरी और छोटे साहबजादों के संस्कार के लिए खरीदी, यह दुनिया का सबसे महंगा जमीन का सौदा था, दाह संस्कार के बाद वजीर खान ने टोडरमल को भी जीवित नहीं रहने दिया उसके पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया, यह भी दुनिया को जानना जरूरी है | सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी जिन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपना सरवंश बलिदान कर दिया, ऐसे गुरु गोविंद सिंह जी, गुरु तेग बहादुर जी, माता गुजरी जी और चार साहबजादों के बारे में आज की युवा पीढ़ी सहित छोटे बच्चों उनके माता-पिता को जानना जरूरी है ताकि वह सिख धर्म सिखों के बलिदान के साथ-साथ भारत की रक्षा, देश प्रेम को समझ सके, हिंदू धर्म को समझ सके, मुगल शासको के आतंक को समझ सके, उनकी क्रूरता को समझ सके | चार साहबजादों उनके बलिदान को वीर बाल दिवस के रूप में हर साल 26 दिसंबर को मनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है | शासन स्तर पर भी इस दिन सभी स्कूलों के अलावा बड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक साहबजादों की वीरता और बलिदान का वर्णन किया जाता है बच्चों को प्रेरित किया जाता है | सुखबीर सिंघोत्रा माता गुजरी, मोती लाल मेहरा, टोडरमल और गंगू तेली : चार साहिबजादों की शहादत से जुड़े अनमोल पात्र चार साहिबजादों की शहादत की गाथा में माता गुजरी जी, मोती लाल मेहरा, टोडरमल और गंगू तेली के विश्वासघात का जिक्र उनके बलिदान और धर्म के प्रति अडिग विश्वास को और भी गहराई से दर्शाता है। माता गुजरी जी: बलिदान और साहस की प्रतीक माता गुजरी जी, गुरु गोबिंद सिंह जी की माता थीं। जब गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके परिवार को आनंदपुर साहिब छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, तो माता गुजरी जी अपने छोटे पोतों, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह, के साथ अलग हो गईं। सरहिंद के नवाब वजीर खान के सैनिकों ने उन्हें गंगू तेली की गद्दारी के कारण गिरफ्तार कर लिया। वजीर खान ने उन्हें कैद कर ठंडे बुर्ज (एक बर्फीली जेल) में रखा। यह जेल कठोर सर्दी के दिनों में भीषण यातना का प्रतीक थी। इसके बावजूद माता गुजरी जी ने अपने पोतों को धर्म और साहस पर अडिग रहने के लिए प्रेरित किया। 26 दिसंबर 1704 को, जब उनके पोतों को निर्दयता से दीवार में जिंदा चुनवाया गया, उसी दिन माता गुजरी जी ने अपनी आत्मा त्याग दी। उनकी इस असीम सहनशीलता और धर्मनिष्ठा का इतिहास सिख समुदाय के लिए अमर प्रेरणा है। गंगू तेली: गद्दारी का प्रतीक गंगू तेली (गंगाराम कश्यप) गुरु गोबिंद सिंह जी का पूर्व सेवक था। जब आनंदपुर साहिब छोड़ने के बाद माता गुजरी जी और साहिबजादे उसके घर पहुंचे, तो उसने पहले उन्हें शरण दी। लेकिन लालचवश गंगू ने उनकी अमानत (स्वर्ण मुद्राओं) को हड़प लिया और उनका विश्वासघात करते हुए सरहिंद के नवाब वजीर खान को सूचना दे दी। गंगू की इस गद्दारी ने माता गुजरी जी और साहिबजादों की गिरफ्तारी का मार्ग प्रशस्त किया। सिख इतिहास में गंगू तेली को विश्वासघात का प्रतीक माना जाता है। टोडरमल: धर्म के प्रति सेवा का अनुपम उदाहरण दीवार में जिंदा चुनवाने के बाद साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह के शवों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति नवाब वजीर खान ने केवल जमीन खरीदने की शर्त पर दी। यह जमीन सोने की ईंटों के बराबर माप के बाद ही उपलब्ध हो सकती थी। सरहिंद के एक धनी व्यापारी और धर्मनिष्ठ हिंदू टोडरमल ने साहिबजादों के अंतिम संस्कार के लिए अपनी पूरी संपत्ति लगा दी। उन्होंने जमीन खरीदने के लिए सोने की ईंटें दान कीं और साहिबजादों व माता गुजरी जी का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया। टोडरमल का यह कृत्य मानवता और धर्म के प्रति निस्वार्थ सेवा का अद्भुत उदाहरण है। उनके इस बलिदान को सिख इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है, और उनके प्रति आज भी सिख समुदाय गहरी श्रद्धा रखता है। --- इतिहास का संदेश माता गुजरी जी का बलिदान, गंगू तेली की गद्दारी और टोडरमल की सेवा हमें जीवन में धर्म, सत्य और कर्तव्य के महत्व को समझाते हैं। यह गाथा न केवल सिख धर्म का गौरव है, बल्कि पूरे विश्व को मानवता और साहस की प्रेरणा देती है।
और पढ़ें ...

प्रधानमंत्री 26 दिसंबर को नई दिल्ली में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे

प्रधानमंत्री 26 दिसंबर को नई दिल्ली में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे


प्रधानमंत्री 'सुपोषित पंचायत अभियान' का शुभारंभ करेंगे

Posted On: 25 DEC 2024 1:58PM by PIB Delhi
 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 26 दिसंबर 2024 को दोपहर करीब 12 बजे को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में बच्चों को देश के भविष्य की नींव के रूप में सम्मानित करने वाले एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम, वीर बाल दिवस में शामिल होंगे। इस मौके पर, वो उपस्थित लोगो को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री 'सुपोषित पंचायत अभियानका शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य पोषण संबंधी सेवाओं के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करके और सक्रिय सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करके पोषण संबंधी परिणामों और कल्याण में सुधार करना है।

युवा लोगो को जोड़नेइस दिन के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्र के प्रति साहस और समर्पण की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए देशभर में कई पहलें भी शुरू की जाएंगी। माईगव और माई भारत पोर्टल के जरीये इंटरैक्टिव क्विज़ सहित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। विद्यालयोंबाल देखभाल संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कहानी सुनानारचनात्मक लेखनपोस्टर बनाना जैसी दिलचस्प गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) के पुरस्कार विजेता भी मौजूद रहेंगे।

और पढ़ें ...

चार साहेबजादों की शहीदी को समर्पित समाज की साइकिल यात्रा

तेरा सेवादल द्वारा हर साल चार साहेब जादों की शहादत कि याद में श्री गुरुद्वारा स्टेशन रोङ रायपुर से दुर्ग श्री गुरुद्वारा धन धन बाबा दिप सिंग जी गुरुद्वारा साहेब तक सायकल यात्रा निकाली गई

सुबह 8•30 हेङग्रंथी दया सिंग द्वारा अरदास कर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंग छाबङा व तेरा तेरा सेवादल के अध्यक्ष बलविंदर सिंग कलसी तेजिंदर सिंग होरा इंदरजीत सिंग छाबङा ने झंङी दिखा कर यात्रा को रवाना किया जिसमें 8 साल के बच्चों से लेकर बङे लोग भी सामिल थे यात्रा के आगे ट्रक में ङिजे में चार साहेब जादों कि याद में शहीदी के शबद के सांथ लगभग 250 बच्चों ने हिस्सा लिया यात्रा 4•30 को दुर्ग शिवनाथ नदी गुरुद्वारा श्री बाबा दिप सिंग पहुंचकर समाप्त हुई व वापसी ट्रकों से हुई

और पढ़ें ...

साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे कैंप

युवक - युवतियों सहित परिवारों को स्वास्थ्य, पढ़ाई, व्यापार, नौकरी के साथ-साथ निशुल्क कानूनी हेल्प साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे जागरुकता कैंप छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की एक आवश्यक बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में सिक्ख समाज के सभी जरूरतमंद युवक -यूतियों, बच्चों - बुजुर्गों सहित जरूरतमंद परिवारों को जिन्हें जिस तरह की भी सहायता की आवश्यकता है वह छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज से संपर्क करें । छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज जरूरतमंद सभी सिक्खों की आवश्यकताओं जरूरतों को पूरा करेगा, उन्हें पग - पग पर हर तरह की मदद करेगा, समाज के युवक - युवतियों सहित परिवारों को स्वास्थ्य, पढ़ाई, व्यापार, नौकरी के साथ-साथ कानूनी हेल्प भी करेगा। बच्चों को सिक्ख इतिहास, गुरुओं के बलिदान की भी जानकारी देकर देश धर्म सहित देश प्रेम के प्रति जागरूक करेगा। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों से आग्रह किया है कि उनके दुख परेशानियों और बच्चों के भविष्य के लिए समाज हमेशा तत्पर रहेगा, किसी भी परेशानी, आवश्यकता के लिए जरूरतमंद 9301094242 - Email : sukhbir94242@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे कैंप छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने के लिए राजधानी के सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाने, मोबाइल के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देकर जागरूक करने कैंप लगाए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राएं इसकी जानकारी अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों के साथ-साथ अपने जान पहचान वालों, मोहल्ले के दुकानदारों, सब्जी वालों को भी देकर उन्हें साइबर ठगी से बचाने में सहयोगी बनने की भूमिका के लिए तैयार करेगा। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा, इंदरवीर सिंह कोहली, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम सिंह मक्कड़, बलविंदर सिंह सैनी, सुखदेव सिंह मेहरा, जसपाल सिंह नागर, सनी नागर के अलावा समाज के महान कीर्तनकार बाज सिंह, ज्ञानी बलविंदर सिंह उपस्थित रहे।

और पढ़ें ...

आईपीएस जीपी सिंह ने दी ज्वाइनिंग : सिनियारिटी का मिलेगा लाभ

डीजीपी की रेस हो गई रोमांचक

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपनी सेवा पुनः प्रारंभ की 

केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी होने के बाद उन्होंने यह ज्वाइनिंग दी है।

IPS जीपी सिंह का बहाली आदेश केंद्र सरकार के बाद अब एडीजी जीपी सिंह को राज्य सरकार ने भी बहाल कर दिया है

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाद राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी करने के बाद एक दिन बाद आईपीएस जीपी सिंह ने ज्वाइनिंग दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश में डीजीपी की रेस भी रोमांचक हो गई है। तमाम बाधाओं के बावजूद इस रेस में एक बार फिर से जीपी सिंह शामिल हो गए हैं। हालांकि, आखिरी निर्णय राज्य सरकार का होगा। कल जारी हुआ था IPS जीपी सिंह का बहाली आदेश केंद्र सरकार के बाद अब एडीजी जीपी सिंह को राज्य सरकार ने भी बहाल कर दिया है। गुरुवार को गृह विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया। जीपी सिंह पर आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग केस में कार्रवाई की गई थी। नौकरी मिलते ही जीपी सिंह डीजी की रेस में भी शामिल हो गए हैं। इससे पहले 12 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के निर्णय के आधार पर दिया था। 20 जुलाई 2023 को जारी निलंबन आदेश को रद्द करते हुए उन्हें उसी दिनांक से फिर से उनके पद पर बहाल किया था। 

 छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह ने  पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपनी सेवा पुनः प्रारंभ की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी होने के बाद, उन्होंने यह ज्वाइनिंग दी है। उनकी पुनः नियुक्ति के साथ ही, प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (DGP) पद की दौड़ में एक नया मोड़ आ गया है, और जीपी सिंह इस पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल हो गए हैं। हालांकि अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। इस घटनाक्रम से प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावनाएं बढ़ गई हैं, और  उच्च पदों पर नियुक्तियों में अनेक बदलाव होने की संभावनाएं है |

और पढ़ें ...

बूढ़ा तालाब में तीन एजेंसियों ने किया घोटाला : सदन में मंत्री जवाब नहीं दे पाए

बूढ़ा तालाब में अनेक तरह के सुंदरीकरण विकास के साथ मनोरंजन के नाम पर खर्च की गई राशि को लेकर विधानसभा में विधायक अजय चंद्राकर और राजेश मूणत ने मंत्री को घेरा, अपने ही विधायकों के सवालों का जवाब देने में मंत्री बदले झांकने लगे अधिकारियों की पर्ची आने लगी जिसे पढ़-पढ़ कर मंत्री जवाब देते रहे और आखिरकार जवाब तो नहीं मिला बाद में विधायकों को स्थिति से अवगत कराने की बात की गई | यहां सवाल यह उठता है कि विधायक अजय चंद्राकर और विधायक राजेश मूणत प्ले राजधानी के विवेकानंद सरोवर पर अनियमित खर्च की गई राशि के घोटाले को लेकर सवाल तो सही उठाए हैं अब यहां इंतजार है कि मंत्री सदन में तो जवाब नहीं दे पाए बाद में जांच कर क्या जवाब देंगे यह तो मामले को टालने वाली बात है |
और पढ़ें ...

अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से नक्सलियों में खलबली, 25 लाख के इनामी 5 सरेंडर, बस्तर में 9 गिरफ्तार

रायपुर :- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड मैदान में पुलिस संगठनों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ सम्मान प्रदान किया गया। अमित शाह कल जगदलपुर में नक्सल प्रभावित इलाको में जाएंगे और जवानों का हौंसला बढ़ाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर है। इस बीच, सुकमा से बड़ी खबर है। अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले 9 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

जानकारी के मुताबिक, जवान जब सर्चिंग पर निकले थे, तभी इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। एसपी किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, एक नक्सली दम्पति समेत 5 हार्डकोर नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें एक महिला व एक पुरुष नक्सली पर 8-8 लाख का इनाम घोषित है। कुल 25 लाख के इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति का निशान
इस बीच, अपने दौरे के पहले दिन रविवार को अमित शाह ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड मैदान में ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ प्रदान किया। सशस्त्र बलों और पुलिस संगठनों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए मिलने वाला ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ देश का सर्वोच्च सम्मान है।

हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस को यह गौरव प्रदान किया गया है। यह सम्मान राज्य पुलिस के उन अद्वितीय प्रयासों और उपलब्धियों को मान्यता देता है, जो उन्होंने नक्सलवाद और अन्य चुनौतियों से निपटने में हासिल की हैं।

और पढ़ें ...

आज से तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर अमित शाह, रायपुर और बस्तर के कार्यक्रमों में होंगे शामिल गृह मंत्री

रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के लिए देर रात रायपुर पहुंचे। उनके रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही सीएम साय, डिप्टी सीएम साव, डिप्टी सीएम शर्मा ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, डीजीपी अशोक जुनेजा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसपी लाल उम्मेद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।

गृह मंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा, जानिए क्या होगा कार्यक्रम

गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि वे आज रात नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बीच जवानों के साथ रुकेंगे। यह कदम सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने और नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में उनके समर्थन को दर्शाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच गहरी उत्सुकता है, और इससे छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।

और पढ़ें ...

GP सिंह के खिलाफ दर्ज सभी प्रकार की FIR को हाई कोर्ट ने किया रद्द

रायपुर के निलंबित आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह, भ्रष्टाचार और ब्लैकमेलिंग जैसे सभी मामलों की एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने पाया कि इन मामलों में जीपी सिंह के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने यह फैसला सुनाया। यह मामला 2021 में शुरू हुआ था, जब एसीबी और ईओडब्ल्यू ने जीपी सिंह के परिसरों पर छापेमारी की थी और भारी संपत्ति व आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे। इसके बाद उन पर राजद्रोह और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए। जीपी सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना भी करना पड़ा था। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने पहले ही उनके सेवा में बहाली का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने अब समर्थन दिया है। यह फैसला उनके वर्दी में वापस लौटने का रास्ता साफ करता है, और उनकी सेवा पुनः प्रारंभ होने की संभावना है।
और पढ़ें ...

जनादेश परब मनाएगी CG की विष्णुदेव साय सरकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सरकार के एक साल के कार्यकाल को कहा जनादेश परब छत्तीसगढ़ में सरकार को 1 साल पूरे होने पर जारी किया रिपोर्ट कार्ड कल साल की सफलता के साथ विकास के लिए समर्पित रहा है दिसंबर को हमारे सरकार में शपथ ली थी और इसमें 12 महीना में विकास के आने को आयाम स्थापित की है इस साल को विकास का साल घोषित किया है कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को ही खतरे में डाल दिया था छत्तीसगढ़ की जनता को धन्यवाद करने पूरा मंत्रिमंडल मौजूद है *सरकार द्वारा जो भी वादे किए थे उसे हमने पूरे कर रहे हैं| प्रदेश में सुशासन स्थापित करेंगे, और प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तर्पता के साथ कार्रवाई हो रही है मोदी की गारंटी में जो वादा था धान खरीदी, महतारी वनदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, तेंदूपत्ता के तहत रकम बड़ाई गई, नई शिक्षा नीति की शुरुआत की जा रही है, 13 नगरी निकायो में हाई टेक्नोलॉजी लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है अब तक कुल 1750 तक सलीम मारे गए और गिरफ्तारी की गई है राजस्थान में लगातार सुरक्षा कैंप खुला जा रहे हैं, और उसके 5 किलोमीटर के दायरे में सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का काम किया जा रहा है शिक्षा चिकित्सा को दुरुस्त करने में हमारी सरकार सफल हुई है नए मेडिकल कॉलेज के लिए 120 करोड़ स्वीकृत किया गया है, 31000 करोड़ का सड़क योजना का स्वीकृत किया गया है, पिछले 1 साल में नई रेल लाइन की स्वीकृति मिली हुई है दक्षिण उप चुनाव में अभी हमें सफलता मिली है, छत्तीसगढ़ की जनता ने मोदी की गारंटी पर और सरकार ने विकास के लिए काम किया है जीएसपी को 10 लाख करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है | cg24news.in
और पढ़ें ...

विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग

*प्रदेश के पर्यटन को मिली नई पहचान : मधेश्वर पहाड़ को मिला शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति होने का गौरव* *’लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग’ के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ* रायपुर 11 दिसंबर 2024 /छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नया आयाम बताया। गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि श्रीमती हेमल शर्मा और श्री अमित सोनी ने मुख्यमंत्री श्री साय से आज मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन वेबसाईट https://www.easemytrip.com में जशपुर जिले को शामिल किया गया है। इसके बाद जिले के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इस वेबसाइट में शामिल होने वाला जशपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, इससे पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी तथा पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। *मधेश्वर पहाड़ : प्रकृति और आस्था का संगम* जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से 35 किलोमीटर दूर स्थित मधेश्वर पहाड़, शिवलिंग के आकार की अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में पूजते हैं। *पर्यटन और रोमांच का केंद्र* मधेश्वर पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव करते हैं। जशपुर जिले में पर्यटन और रोमांचक खेलों के विकास की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं। cg24news.in
और पढ़ें ...

*पुलिस अधिकारियों - सिपाहियों के अत्याचार, तानाशाही, रिश्वतखोरी और बुराइयों पर गुस्सा जरूर दिखाइए*

*पुलिस की कार्यप्रणाली और उन पर लगने वाले आरोपों पर विशेष लेख* *पुलिस अधिकारियों सिपाहियों के अत्याचार तानाशाही रिश्वतखोरी और बुराइयों पर गुस्सा जरूर दिखाइए* *परंतु कभी पुलिस विभाग के अच्छे अधिकारियों कर्मचारियों की अच्छाइयों और उनकी ड्यूटी के बारे में भी गौर अवश्य करिए |* *समस्याओं का समाधान पुलिस ही करती है, असामाजिक तत्वों, अपराधियों से बचाने मुश्किल समय में हर किसी का सहयोग पुलिस ही करती है|* *पांचो उंगलियां बराबर नहीं होती, उसी प्रकार पुलिस विभाग में भी अच्छे - बुरे अधिकारी और कर्मचारी हैं |* पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यशैली पर विचार पुलिस विभाग समाज का एक अभिन्न अंग है, जो कानून और व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा का उत्तरदायित्व निभाता है। पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों और कठिन कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्य का दायरा अत्यंत व्यापक है, जो समाज में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने से लेकर अपराधों की रोकथाम और जांच तक फैला हुआ है। लेकिन इसके साथ-साथ पुलिस अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और सख्त व्यवहार के आरोप भी लगते रहे हैं। यह आवश्यक है कि इन पहलुओं पर चर्चा की जाए ताकि सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकें। *पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और मेहनत* पुलिस अधिकारियों का काम चुनौतीपूर्ण और कभी-कभी खतरनाक भी होता है। उन्हें दिन-रात समाज की सेवा में जुटे रहना होता है। चाहे त्योहार हो, आपदा हो, या किसी अप्रत्याशित घटना का सामना करना हो, पुलिस अधिकारी हमेशा तैनात रहते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखना। पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि समाज में शांति बनी रहे और कोई भी असामाजिक तत्व नागरिकों की सुरक्षा को खतरा न पहुंचाए। *अपराधों की रोकथाम और जांच* पुलिस का प्राथमिक कार्य अपराधों को रोकना और उनके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाना है। इसके लिए उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी काम करना पड़ता है। *सामुदायिक सहायता* पुलिस समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता भी करती है। आपदा राहत, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश, और सड़क दुर्घटनाओं में सहायता जैसे कार्य उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा हैं। *रिश्वतखोरी और सख्त व्यवहार के आरोप* पुलिस अधिकारियों की छवि पर सबसे बड़ा धब्बा रिश्वतखोरी के आरोप हैं। कई बार जनता को लगता है कि कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करके निजी लाभ के लिए रिश्वत लेते हैं। इसके अलावा, कई पुलिसकर्मियों का सख्त और कभी-कभी अमानवीय व्यवहार भी आलोचना का कारण बनता है। यह न केवल नागरिकों का पुलिस पर विश्वास कम करता है, बल्कि पूरे विभाग की साख को भी नुकसान पहुंचाता है। *इस समस्या के कारण* *अत्यधिक कार्यभार* पुलिस अधिकारियों पर काम का अत्यधिक दबाव होता है। कई बार यह दबाव उनके व्यवहार में चिड़चिड़ापन और असंवेदनशीलता ला सकता है। *प्रशिक्षण में कमी* कई पुलिसकर्मी व्यवहारिक कौशल और मानवता के आधार पर उचित प्रशिक्षण प्राप्त नहीं करते, जिससे उनका दृष्टिकोण केवल अनुशासन तक सीमित रह जाता है। *सिस्टम की खामियां* भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को खत्म करने के लिए विभागीय स्तर पर कड़ी निगरानी और पारदर्शिता का अभाव है। *सुधार के उपाय* *पुलिस अधिकारियों के व्यवहार और छवि को सुधारने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं* *बेहतर प्रशिक्षण* पुलिस अधिकारियों को न केवल कानूनी और तकनीकी कौशल में बल्कि नैतिकता और संवेदनशीलता के क्षेत्र में भी प्रशिक्षण देना चाहिए। *कार्यबल का संतुलन* अधिकारियों के कार्यभार को संतुलित करने और उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। नियमित काउंसलिंग और मनोरंजन गतिविधियों का आयोजन इस दिशा में सहायक हो सकता है। *पारदर्शी तंत्र* रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए तकनीक आधारित निगरानी और नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधाएं सरल और प्रभावी बनाई जानी चाहिए। *सामुदायिक जुड़ाव* पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए सामुदायिक कार्यक्रम और जनसंवाद आवश्यक हैं। इससे पुलिस की छवि सुधरेगी और नागरिक भी उनकी जिम्मेदारियों को समझ पाएंगे। निष्कर्ष पुलिस अधिकारी समाज के रक्षक होते हैं, और उनकी मेहनत और समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन पर लगने वाले रिश्वतखोरी और सख्त व्यवहार के आरोप चिंता का विषय हैं। पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि वे आत्ममंथन करें और अपने व्यवहार में सुधार लाने का प्रयास करें। नागरिकों और समाज को भी पुलिस के योगदान को समझते हुए उनके साथ सहयोग करना चाहिए। पुलिस और समाज के बीच पारस्परिक सम्मान और विश्वास का रिश्ता ही एक सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव रख सकता है।  वैसे देखा जाए तो पुलिस विभाग समाज का एक आवश्यक अंग है, पुलिस की हर जगह जरूरत पड़ती है और पुलिस ही है जो हर जगह हर विभाग और जनता के बीच सहयोगी की भूमिका में हमेशा तत्पर रहती है |  जैसे देश की सीमाओं पर देश के जवान, सैनिक देश की रक्षा करते हैं उसी प्रकार देश के अंदर गुंडों - बदमाशों डकैतो सहित हर तरह के अपराधियों से नागरिकों की सुरक्षा पुलिस करती है | नागरिकों सहित हर समाज को भी चाहिए कि पुलिस विभाग की बुराइयों के साथ-साथ उनकी अच्छाइयों उनके द्वारा किए गए समाज हित के कार्यों के लिए अधिकारियों सिपाहियों और कर्मचारियों की प्रशंसा भी करें उनको प्रोत्साहित करें क्योंकि वह भी इंसान है अगर गलती करते हैं तो आपकी प्रशंसा उनकी गलतियों पर रोक लगा सकती है | सुखबीर सिंह सिंघोत्रा का पुलिस अधिकारियों , नागरिकों व समाज के बीच आपसी सदभाव बढ़ाने का प्रयास
और पढ़ें ...

27 साल बाद कोर्ट से इस पूर्व IPS को मिली बड़ी राहत...जानें पूरा मामला..!!

गुजरात :- गुजरात के पोरबंदर की एक स्थानीय अदालत ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 1997 के हिरासत में प्रताड़ना मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असमर्थ रहा कि भट्ट ने अपराध किया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने मामले में सबूतों की कमी को आधार बनाते हुए भट्ट को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह मामला एक व्यक्ति, नरन जादव, द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद दर्ज हुआ था कि भट्ट ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया था।

भट्ट का विवादों से गहरा नाता

पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है। वह पहले से ही 1990 के हिरासत में मौत के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 1996 में राजस्थान के एक वकील को फंसाने के लिए ड्रग्स प्लांट करने के आरोप में उन्हें 20 साल की सजा दी गई थी। इसके अलावा, उनका नाम 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े एक मामले में भी आया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आरोप लगाए थे, लेकिन विशेष जांच दल ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था।

1997 का हिरासत में प्रताड़ना मामला

1997 में यह मामला उस समय सामने आया जब एक आरोपी, नरन जादव, ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया। जादव का कहना था कि पुलिस ने उसे भट्ट के घर पर ले जाकर बिजली के झटके दिए और इस दौरान उनके बेटे को भी प्रताड़ित किया गया। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।

अदालत का निर्णय

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि प्रताड़ना के आरोप सही थे। इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण था कि उस समय संजीव भट्ट सार्वजनिक सेवा में थे, और अभियोजन के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। अदालत ने इसे एक गंभीर चूक मानते हुए मामले को संदेह के आधार पर खारिज कर दिया।

संजीव भट्ट के खिलाफ अन्य मामले

संजीव भट्ट का नाम कई अन्य विवादों में भी शामिल रहा है। 1990 के दंगों में हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, 1996 में ड्रग्स प्लांट करने और 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े आरोपों में भी उनका नाम था। 2015 में उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

 
और पढ़ें ...

चोरी का माल खरीदने वाले 3 ज्वेलर्स गिरफ्तार : 25 चोरियों का आईजी ने किया खुलासा

*लगातार लाखो रूपये कीमत के सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम चोरी के 02 दर्जन से अधिक प्रकरणों को अंजाम देने वाले गैंती गैंग का हुआ पर्दाफाश* *शातिर नकबजन सृजन शर्मा उर्फ स्वराज एवं 02 आरोपी सहित कुल 03 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार* *थाना मुजगहन, विधानसभा, तिल्दा नेवरा एवं मंदिर हसौद के आवासीय कॉलोनियों के सुने मकानों को बनाये थे निशाना* * आरोपियों द्वारा थाना मुजगहन, विधानसभा, तिल्दा नेवरा एवं मंदिर हसौद क्षेत्रांतर्गत 25 चोरी के प्रकरणों को दिया गया है अंजाम।* * आरोपियों द्वारा गिरोह बनाकर देते थे सभी चोरी की घटनओं को अंजाम।* * लाखो रूपये कीमत के सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम की किये थे चोरी।* * प्रकरण में संलिप्त आरोपी सृजन शर्मा मूलतः बिलासपुर एवं आरोपी उमेश उपाध्याय एवं मोह. सफीक मूलत मुगेली के है निवासी।* * गैंती गैंग का मुख्य आरोपी एवं योजनाकर्ता है शातिर नकबजन सृजन शर्मा उर्फ स्वराज।* * आरोपी सृजन शर्मा उर्फ स्वराज के विरूद्ध जिला बिलासपुर में 01 दर्जन से अधिक चोरी/नकबजनी के प्रकरण दर्ज है जिसमें आरोपी रह चुका है जेल निरूद्ध।* * आरोपी सृजन शर्मा है दोपहिया वाहनों का शौकीन जो चोरी से प्राप्त रकम से बार-बार क्रय-विक्रय करता था दोपहिया वाहनों को।* * आरोपियों द्वारा चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को दे देते थे अपने परिचित के माल खपाने वाले सहआरोपियों कों।* * प्रकरण मंे संलिप्त माल खपाने वाले सहआरोपी, चोरी के आरोपियों से प्राप्त सोने चांदी के जेवरात को गलाकर बिक्री करते थे ज्वेलर्स को।* * आरोपियों द्वारा चोरी के सोने चांदी के जेवरातो को फाईनेंस कम्पनियों में गिरवी रखकर प्राप्त करते थे नगदी रकम, फाईनेंस कम्पनियों को नोटिस देकर की जा रही है अग्रिम कार्यवाही।* * आरोपी सृजन शर्मा द्वारा जिन व्यक्त्यिों से वाहन क्रय किया गया है उनकी भी पतासाजी की जा कर, की जावेगी अग्रिम कार्यवाही।* * आरोपियान जिन-जिन मकान में किराये से निवासरत् थे, उन मकान मालिकों को पुलिस को इस संबंध में सूचना नही देने पर जारी की जा रही है नोटिस।* * पुलिस द्वारा निर्देशित सुरक्षा इंतजाम की अव्हेलना किये जाने पर संबंधित आवासीय कॉलानियों को भी जारी की जा रह है नोटिस।* * आरोपियो के निशानदेही पर कब्जे से सोना 316 ग्राम, चांदी 02 किलो 900 ग्राम, घटना में प्रयुक्त 05 नग मोबाईल फोन, 02 नग दोपहिया वाहन, लाल गैती, पेचकस एवं अन्य आलाजरब किया गया है जप्त।* * जप्त मशरूका की कुल कीमत है लगभग 35,00,000/- रूपये।* * आरोपियों के विरूद्ध धारा 331(4), 305, 3(5) बी.एन.एस. के तहत की जावेगी कार्यवाही।* * प्रकरण में संलिप्त माल खपाने वाले सहआरोपी एवं ज्वेलर्स को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध संगठित अपराध की धारा 111 एवं 317 बी.एन.एस के तहत की जा रही है कार्यवाही।* * इस गिरोह का मुव्हमेंट जिला दुर्ग, कोरबा, अम्बिकापुर एवं बिलासपुर में होना पाया गया है।* विवरण - जिला रायपुर के ग्रामीण क्षेत्र से प्राप्त हो रही आवासीय कॉलोनियों के सुने मकानों में चोरी की घटनाओं की शिकायतों को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र रायपुर महोदय श्री अमरेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. संतोष सिंह द्वारा गम्भीरता से लेते हुए चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने व अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की 30 सदस्यीय टीम का विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थलों का निरीक्षण कर प्रार्थियों से विस्तृत पूछताछ करते हुए आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों की पतासाजी हेतु रात्रि में गश्त करने के साथ-साथ सभी घटनास्थलों के सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने के साथ ही आरोपियों की पतासाजी हेतु प्रकरण में मुखबीर भी लगाये गये। टीम के सदस्यों द्वारा सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया गया। जिसमें एक गिरोह द्वारा जो हाथ में गैंती लेकर आवासीय कॉलोनियों में सुने मकानों में रात्रि में अकस्मात चोरी की घटना को अंजाम देना पाया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा उक्त गिरोह को फोकस कर लगातार पतासाजी किया जाने लगा। इसी दौरान टीम के सदस्यों को प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के संबंध में तकनीकी विश्लेषण से महत्पूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, कि प्राप्त जानकारी के आधार पर टीम के सदस्यों द्वारा प्रकरण में संलिप्त सृजन शर्मा, सफीक मोहम्मद एवं उमेश उपाध्याय की पतासाजी करते हुए उनके छिपने के अलग-अलग ठिकानों में टीम के सदस्यों द्वारा एक साथ दबिश देकर पकड़ा गया। घटना के संबंध में आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर पाया गया कि आरोपी सृजन शर्मा, जो शातिर नकबजन है जिसके विरूद्ध जिला बिलासपुर में चोरी/नकबजनी के 01 दर्जन से अधिम मामले में जेल निरूद्ध रह चुका है कि मुलाकात उमेश उपाध्याय एवं सफीक मोहम्मद से हुई जिनके साथ मिलकर उसके द्वारा थाना मुजगहन, विधानसभा, तिल्दा नेवरा एवं मंदिर हसौद के विभिन्न आवासीय कॉलोनियों के सुने मकानों में मिलकर 02 दर्जन से अधिक चोरी की घटनाओं अंजाम देना स्वीकार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी के सोने चांदी के जेवरातों के संबंध में पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को अपने परिचित ज्वेलर्स दुकान के कारिगरों एवं वर्कर हर्ष कुमार बंजारे उर्फ गोविन्दा, मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी, मेवालाल कश्यप, हेमंत कश्यप, कमलजीत कश्यप उर्फ जीतू एवं जय कुमार सोनी के पास सोने एवं चांदी के जेवरातों को देना बताया गया, जिनके द्वारा आरोपियों से प्राप्त चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को गलाकर ज्वेलर्स दुकान के मालिक बिलासपुर निवासी राजेश कुमार सोनी एवं उरला निवासी भूषण कुमार देवांगन को बिक्री करना बताया गया। साथ ही चोरी की नगदी रकम से दोपहिया वाहन क्रय किया गया है जिसका उपयोग घटना को अंजाम देने में बताया गया है। *अन्य घटनाओं में प्रयुक्त दोपहिया वाहनों की जानकारी प्राप्त की जा रही है एवं जिनसे आरोपी द्वारा वाहन क्रय किया गया है उनकी पतासाजी कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।* *आरोपियों द्वारा सोने चंदी के जेवरातों को फायनेंस कम्पनियों में गिरवी भी रख कर नगदी रकम प्राप्त की गई है जिसमें संबंधित कम्पनियों को नोटिस देकर विधिवत कार्यवाही की जा रही है।* *आरोपियान जिन-जिन मकानों में किराये से निवासरत् रहे है, उनके मकान मालिकों द्वारा इस संबंध में पुलिस को सूचना नही दिये जाने पर नोटिस जारी किया जाता है।* *आरोपियों द्वारा जिन-जिन आवासीय कॉलोनियों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है उन कॉलोनियों द्वारा पुलिस द्वारा निर्देशित सुरक्षा इंतेजामों का अव्हेलना किया जाना पाये जाने पर उन्हें भी नोटिस जारी किया जाता है।* जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा सभी माल खपाने वाले सहआरोपी एवं ज्वेलर्स दुकान के मालिकों की भी पतासाजी कर गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध संगठित अपराध की धारा 111 एवं 317 बी.एन.एस के तहत कार्यवाही किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर उनके *कब्जे से 316 ग्राम सोना, 02 किलो 900 ग्राम चांदी घटना प्रयुक्त 05 नग मोबाईल फोन, 02 नग दोपहिया वाहन तथा घटना में प्रयुक्त गैंती, पेचकस एवं अन्य आलाजरब जुमला कीमती लगभग 35,00,000/- रूपये जप्त* कर आरोपियों के विरूद्ध धारा 331(4), 305, 3(5) बी.एन.एस. के तहत कार्यवाही किया गया है। *आरोपी सृजन शर्मा उर्फ स्वराज आपराधिक प्रवृत्ति का जिसके विरूद्ध जिला बिलासपुर के अलग-अलग थानों में कुल 21 अपराध है पंजीबद्ध जिसमें आरोपी है जेल निरूद्ध।* *निकाल किये गये चोरी के प्रकरण-* 1- थाना मुजगहन - अप.क्र 151/24 2- थाना मुजगहन - अप.क्र 162/24 3- थाना मुजगहन - अप.क्र 188/24 4- थाना मुजगहन - अप.क्र 207/24 5- थाना मुजगहन - अप.क्र 211/24 6- थाना मुजगहन - अप.क्र 224/24 7- थाना मुजगहन - अप.क्र 229/24 8- थाना मुजगहन - अप.क्र 242/24 9- थाना मुजगहन - अप.क्र 254/24 10- थाना मुजगहन - अप.क्र 257/24 11- थाना मुजगहन - अप.क्र 273/24 12- थाना मुजगहन - अप.क्र 275/24 13- थाना विधानसभा - अप.क्र. 300/24 14- थाना विधानसभा - अप.क्र. 331/24 15- थाना विधानसभा - अप.क्र. 332/24 16- थाना विधानसभा - अप.क्र. 335/24 17- थाना विधानसभा - अप.क्र. 337/24 18- थाना विधानसभा - अप.क्र. 369/24 19- थाना विधानसभा - अप.क्र. 370/24 20- थाना विधानसभा - अप.क्र. 379/24 21- थाना विधानसभा 22- थाना मंदिर हसौद - अप.क्र. 388/24 23- थाना मंदिर हसौद - अप.क्र. 175/24 24- थाना तिल्दा नेवरा - अप.क्र. 187/24 25- थाना तिल्दा नेवरा - अप.क्र 217/24 *गिरफ्तार आरोपी-* *चोरी के आरोपी* *01. सृजन शर्मा पिता प्रभु शर्मा उम्र 29 साल स्थाई पता मकान नंबर 54 हाउसिंग बोर्ड कालोनी सरकंडा खमतराई बिलासपुर।* *02. उमेश उपाध्याय पिता स्व. वीरेंद्र उपाध्याय उम्र 26 वर्ष निवासी कालीमाई वार्ड हर्रीपारा जिला मुंगेली* *03. सफीक मोहम्मद पिता नासिर मोहम्मद उम्र 25 वर्ष निवासी कालीमाई वार्ड हर्रीपारा जिला मुंगेली।* *प्रकरण में संलिप्त माल खपाने वाले सहआरोपी* *04. हर्ष कुमार बंजारे उर्फ गोविंदा पिता शिव कुमार बंजारे उम्र 18 साल निवासी विनोबा भावे नगर जैतखाम थाना मुंगेली बिलासपुर।* *05. मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी पिता जावेद अहमद सिद्दीकी उम्र 40 सालनिवासी बशीर खान वार्ड पंडरिया रोड मुंगेली बिलासपुर।* *06. मेवा लाल कश्यप पिता दुर्गा प्रसाद कश्यप उम्र 43 सालनिवासी कपसिया कला थाना कोटा जिला बिलासपुर।* *07. हेमंत कश्यप पिता तुलसीराम कश्यप उम्र 33 साल निवासी परसा कांपा थाना तखतपुर जिला बिलासपुर।* *08. कमलजीत कश्यप उर्फ जीतू पिता स्व. दिनेश कश्यप उम्र 30 साल निवासी निकारबंद थाना तखतपुर जिला बिलासपुर।* *प्रकरण में संलिप्त ज्वेलर्स* *09. जय कुमार सोनी पिता स्व. राजकुमार सोनी उम्र 42 साल निवासी महामाई वार्ड सोनारपाड़ा मुंगेली थाना मुंगेली बिलासपुर।* *10. राजेश कुमार सोनी पिता शिव कुमार सोनी उम्र 35 साल निवासी तखतपुर भाटापारा थाना तखतपुर जिला बिलासपुर।* *11. भूषण कुमार देवांगन पिता राम कल्याण देवांगन उम्र 35 साल निवासी डाकेश किराना स्टोर दुर्गा मंदिर के पास गाजी नगर बिरगांव थाना उरला रायपुर।*
और पढ़ें ...

रोजमर्रा की वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती, 21 दिसंबर को GST परिषद की बैठक में होगा अहम फैसला

 GST Council Meeting : 21 दिसंबर 2024 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर चर्चा की जाएगी, जो न सिर्फ व्यापारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करेंगे। इस बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा।

जीएसटी परिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी का हो सकता है। वर्तमान में इन उत्पादों पर 28% जीएसटी लिया जा रहा है, लेकिन बैठक में इसे बढ़ाकर 35% करने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह निर्णय तंबाकू और सिगरेट उत्पादों पर कर दर को और सख्त करने के उद्देश्य से लिया जा सकता है।

जीएसटी दर में कमी की भी संभावना

साथ ही, जीएसटी परिषद कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर दर में कमी का भी प्रस्ताव कर सकती है। इसमें पैकेज्ड पानी, साइकिल, और छोटे मूल्य वाले उत्पादों पर जीएसटी दर को घटाकर 5% करने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है, खासकर उन वस्तुओं के लिए जिनका दैनिक जीवन में अधिक इस्तेमाल होता है।

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री मिलकर जीएसटी से संबंधित नीति फैसले लेंगे। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर सस्ती कीमतों का लाभ मिल सकता है, और व्यापारियों के लिए भी व्यवसाय करने में राहत मिल सकती है।

सार्वजनिक ध्यान

बैठक के बाद जीएसटी दरों में इन बदलावों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आएगी। यह निर्णय आम जनता के लिए महत्वपूर्ण होंगे, खासकर जो रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। जीएसटी परिषद के इस फैसले का स्वागत किया जा सकता है, लेकिन इससे जुड़ी औपचारिक घोषणाएं और जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होंगी।

इस प्रकार, जीएसटी परिषद की 21 दिसंबर की बैठक में लिए जाने वाले फैसले उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं।

और पढ़ें ...

नक्सल क्षेत्र की बेटी बनी नायब तहसीलदार, सुकमा की बदलती तस्वीर की पहचान बनी चंदा

माओवाद प्रभावित क्षेत्र से अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी चंदा नाग

प्रशासनिक क्षेत्र में जाने का सपना हुआ साकार

सुकमा : माओवाद प्रभावित सुकमा जिले की चंदा नाग ने नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होकर क्षेत्र और समाज का मान बढ़ाया। चन्दा ने अपने लगन, कठिन परिश्रम और परिवार के समर्थन से यह मुकाम हासिल किया है। चंदा का कहना है कि उनकी सफलता सुकमा जैसे माओवाद प्रभावित जिलों के युवाओं को यह विश्वास दिलाएगी कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत और समर्पण से अपने सभी सपने पूरे किए जा सकते हैं। चन्दा नाग की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवारजन बल्कि पूरे सुकमा जिले के युवाओं में गर्व का माहौल है। उनका संघर्ष और सफलता आने वाली युवा प्रतिभागियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

गंगाराम नाग और कुसुम नाग की पुत्री चंदा नाग ग्राम पाकेला, तहसील छिन्दगढ़, जिला सुकमा की निवासी हैं। उनके पिता शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शुरू से ही चंदा पढ़ने में मेधावी रही हैं। चन्दा की प्राथमिक शिक्षा बालक आश्रम पाकेला और माध्यमिक शिक्षा छिंदगढ़ में हुई है। हाई स्कूल की पढ़ाई उन्होंने छिंदगढ़ से पूरी की और दसवीं से बारहवीं तक की शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर कंगोली, जगदलपुर में प्राप्त की। इसके बाद, चन्दा ने श्री रावतपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कुम्हारी, दुर्ग से बैचलर ऑफ फार्मेसी की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के पश्चात उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी का निर्णय लिया और 2015 में दिल्ली जाकर दृष्टि आई.ए.एस. कोचिंग से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कई प्रयासों के बाद संघ लोक सेवा आयोग में सफलता नहीं मिलने और कोविड के प्रभाव के कारण उन्होंने वापस अपने राज्य लौटने का निर्णय लिया।

सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता

दिल्ली से लौटने के बाद चन्दा ने बिलासपुर में रहकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की तैयारी की। उन्होंने बताया कि सेल्फ स्टडी और आत्मनिर्भरता की बदौलत पहले प्रयास में ही उन्होंने मुख्य परीक्षा तक का सफर तय किया। हालांकि, सफलता के शिखर तक पहुँचने में उन्हें चार प्रयास लगे। उन्होंने बताया कि असफलता से मैंने अपनी कमजोरियों को पहचाना और फिर से बेहतर तैयारी के लिए नई ऊर्जा के साथ परीक्षा की तैयारी में भिड़ जाती थी। कठिन मेहनत और लगन से तैयारी करके मेरा सीजीपीएससी 2023 में नायब तहसीलदार के पद पर उनका चयन हुआ।

प्रशासनिक क्षेत्र में जाने का सपना हुआ साकार

चन्दा ने बताया कि प्रशासनिक सेवा में जाना मेरा सपना था। माओवाद प्रभावित क्षेत्र से होकर प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय करने से चंदा अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।

मेरी सफलता में परिवार जनों और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान

इस सफलता के सफर में चन्दा को अपने परिवार, शिक्षकों और मित्रों का भरपूर सहयोग मिला। विशेष रूप से उनके चाचा गंगाराम नाग और भाई पारस कुमार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। चन्दा ने सुकमा के प्रशासनिक अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के नि:शुल्क गाइडेंस और शिक्षा प्रयासों ने उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित किया।

और पढ़ें ...

दुल्हन बनेंगी स्टार शटलर PV Sindhu, कौन होगा दुल्हा? जानिए कब-कहां होगी शादी

Breaking पीवी सिंधु शादी करने जा रही हैं 

रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा आयोजित 

भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। पीवी सिंधु 22 दिसंबर को राजस्थान के उदयपुर में शादी करने जा रही हैं। उनकी शादी के पलों में उनके साथ होंगे वेंकट दत्ता साईं, जो एक वरिष्ठ आईटी पेशेवर और पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं।

सिंधु के पिता ने दी जानकारी

पीवी सिंधु के पिता, पीवी रमना ने इस शादी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों परिवार पहले से एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन रिश्ता एक महीने पहले ही तय हुआ था। उन्होंने बताया, “जनवरी से सिंधु का बैडमिंटन शेड्यूल बहुत व्यस्त रहेगा, इसलिए दिसंबर का समय शादी के लिए सबसे उपयुक्त था। शादी 22 दिसंबर को उदयपुर में होगी और रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में आयोजित होगा। इसके बाद सिंधु अपने ट्रेनिंग में लौट जाएंगी, क्योंकि अगला सीजन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”

वेंकट दत्ता साईं कौन हैं?

वेंकट दत्ता साईं, जिनसे सिंधु शादी करने जा रही हैं, पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक हैं। उनके पिता, जी.टी. वेंकटेश्वर राव, इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और पहले भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में अधिकारी रह चुके थे। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में पीवी सिंधु ने इस कंपनी का नया लोगो लॉन्च किया था।

वेंकट दत्ता साईं का प्रोफेशनल करियर

वेंकट दत्ता साईं का करियर आईटी क्षेत्र में काफी मजबूत रहा है। उन्होंने जेएसडब्ल्यू और सौर एप्पल एसेट मैनेजमेंट जैसी कंपनियों में काम किया है। दिसंबर 2019 से वे पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यरत हैं, जहां उनका प्रमुख काम बड़े बैंकों, जैसे एचडीएफसी और आईसीआईसीआई के लिए समाधान तैयार करना है। इनमें लोन प्रोसेसिंग को तेज करना और क्रेडिट स्कोर मैचिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।

और पढ़ें ...

सुखबीर बादल तनखैया घोषित - संगत के झूठे बर्तन और बाथरूम साफ करने की मिली सजा

अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को "तनखैया" घोषित करते हुए धार्मिक सजा सुनाई है। यह सजा 2007 से 2017 तक अकाली सरकार के दौरान डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को माफी दिए जाने जैसे विवादित फैसलों से संबंधित है। सजा का विवरण: 1. तख्ती और बरछा लेकर सेवा: सुखबीर सिंह बादल को विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सेवादार के रूप में तैनात रहना होगा। उन्हें गले में तख्ती पहननी होगी और हाथ में बरछा लेकर सेवा देनी होगी। 2. लंगर घर में काम: उन्हें हर दिन एक घंटे संगत के जूठे बर्तन धोने और लंगर सेवा में भाग लेना होगा। 3. कीर्तन और पाठ: हर दिन श्री सुखमणि साहिब का पाठ और कीर्तन सुनने का निर्देश दिया गया है। 4. *विशेष सेवा: श्री दरबार साहिब के बाहर साफ-सफाई और अन्य सेवाएं देनी होंगी, जिनमें बाथरूम साफ करना भी शामिल है।* 5. सम्मान वापसी: पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से फख्र-ए-कौम सम्मान वापस लिया जाएगा। इसके अलावा, अकाल तख्त ने आदेश दिया है कि सुखबीर सिंह बादल और उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य 15 दिनों के भीतर अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर अपने कार्यों के लिए माफी मांगें। जब तक ऐसा नहीं होता, वे "तनखैया" बने रहेंगे। यह सजा सिख धर्म में धार्मिक अनुशासन को बनाए रखने और अतीत की गलतियों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास है।
और पढ़ें ...

झारखंड में फिर से ‘अबुआ सरकार’, हेमंत सोरेन ने चौथी बार CM पद की ली शपथ

Jharkhand Hemant Soren Oath Ceremony : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन ने गुरुवार को चौथी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड के गवर्नर संतोष गंगवार ने शपथ दिलाई। इस बार हेमंत अकेले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि उनके मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 10 प्रमुख दलों के 18 बड़े नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस के राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

हेमंत सोरेन ने शपथ से पहले अपने पिता और JMM प्रमुख शिबू सोरेन को मंच तक हाथ पकड़कर पहुंचाया। इस भावुक पल के दौरान हेमंत ने कहा, “आज का दिन ऐतिहासिक है। हमारी एकता हमारा सबसे बड़ा हथियार है। हमें न तो विभाजित किया जा सकता है, न ही शांत किया जा सकता है। हम झारखंडी हैं, और झारखंडी कभी नहीं झुकते।”

23 नवंबर को आए चुनावी नतीजों में JMM के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने झारखंड विधानसभा की 81 सीटों में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की। इसमें JMM को 34, कांग्रेस को 16, राजद को 4 और माले को 2 सीटें मिलीं। इस जीत के साथ ही हेमंत सोरेन ने एक बार फिर राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है।

और पढ़ें ...

Priyanka Gandhi Oath : संसद सत्र का आज तीसरा दिन, संविधान की प्रति हाथ में लेकर प्रियंका ने ली शपथ

Priyanka Gandhi Oath : संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है, और इस दिन कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। यह उनका संसद में पहला प्रवेश था, जहां उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर शपथ ली। प्रियंका गांधी वायनाड सीट से हाल ही में उपचुनाव जीत कर संसद पहुंची हैं।

प्रियंका के साथ उनके माता-पिता, सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा सांसद हैं, और सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं। साथ ही, प्रियंका के साथ नांदेड़ लोकसभा उपचुनाव में जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली।

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अडाणी समूह से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध किया, साथ ही उत्तर प्रदेश के संभल में हाल की हिंसा का भी मुद्दा उठाया और सरकार से इसका जवाब मांगा।

राहुल गांधी ने बुधवार को संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अडाणी पर अमेरिका में 2,000 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि अडाणी को जेल में होना चाहिए, और मोदी सरकार उन्हें बचा रही है। इस बयान के साथ ही अडाणी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अपनी जंग तेज कर दी है।

और पढ़ें ...

भारी मतों से जीते सुनील सोनी

रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में मतों की गिनती जारी है, 15 राउंड की गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील सोनी कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा से 46167 मतों से भारी जीत दर्ज की है भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी की जीत इस बात की सूचक है कि रायपुर दक्षिण विधानसभा भारतीय जनता पार्टी का एक अजेय किला है जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को क्षेत्रवासी दिलो जान से चाहते हैं, और यह जीत एक प्रकार से बृजमोहन अग्रवाल की नौवीं जीत या यू कहें लगातार दसवीं जीत है | रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में रायपुर के पूर्व सांसद सुनील सोनी की जीत के बाद लगभग यह भी माना जा सकता है कि उनके मंत्री बना भी तय है | बहरहाल बृजमोहन अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी संगठन को एहसास कर दिया कि उनका चुनावी प्रबंधन और जनता के बीच उनका प्यार स्नेह और विकास के कार्य करने की शैली का कोई तोड़ नहीं है | सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने कांग्रेस द्वारा आकाश शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कहा था कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र मैं कांग्रेसी पर्यटन के लिए आते हैं और चुनाव में घूम फिर कर चले जाते हैं और अगले चुनाव तक फिर नहीं आते अर्थात क्यों कहा जाए कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसी हर 5 साल में पिकनिक मनाने आते हैं | कल 19 राउंड की गिनती में सुनील सोनी ने कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा को 46167 मतों से पराजित कर जीत हासिल की | सुनील सोनी की जीत की खुशी में भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल रहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जीत की इस खुशी में शामिल हुए और उन्होंने कार्यकर्ताओं सहित पार्टी के लिए कार्य करने वाले नेताओं को भी बधाई दी |
और पढ़ें ...

सुनील सोनी की जीत का फासला लगातार बढ़ रहा

रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में मतों की गिनती जारी है, 15 राउंड की गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील सोनी कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा से 35133 मतों से आगे चल रहे हैं मतों का यह अंतर अभी और बढ़ने की संभावना है | भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी की जीत इस बात की सूचक है कि रायपुर दक्षिण विधानसभा भारतीय जनता पार्टी का एक अजय किला है जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को क्षेत्रवासी दिलो जान से चाहते हैं, और यह जीत एक प्रकार से बृजमोहन अग्रवाल की नौवीं जीत या यू कहें लगातार दसवीं जीत है | रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में रायपुर के पूर्व सांसद सुनील सोनी की जीत के बाद लगभग यह भी माना जा सकता है कि उनके मंत्री बना भी तय है | बहरहाल बृजमोहन अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी संगठन को एहसास कर दिया कि उनका चुनावी प्रबंधन और जनता के बीच उनका प्यार स्नेह और विकास के कार्य करने की शैली का कोई तोड़ नहीं है | सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने कांग्रेस द्वारा आकाश शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कहा था कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र मैं कांग्रेसी पर्यटन के लिए आते हैं और चुनाव में घूम फिर कर चले जाते हैं और अगले चुनाव तक फिर नहीं आते अर्थात क्यों कहा जाए कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसी हर 5 साल में पिकनिक मनाने आते हैं | *रायपुर (दक्षिण) विधानसभा उप-चुनाव* अठारह चरण के बाद बीजेपी: 84371 कांग्रेस: 40433 कुल बढ़त: 43938 (बीजेपी) अंतिम चरण की काउंटिंग बाकी।
और पढ़ें ...

*रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में सुनील का होगा आकाश या फिर आकाश का होगा प्रकाश फैसला कल*

*रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में सुनील का होगा आकाश या फिर आकाश का होगा प्रकाश फैसला कल* रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के नतीजें कल सबके सामने होंगे जिसमें यह तय हो जाएगा कि इस विधानसभा सीट से लगातार आठ बार जीत हासिल करने वाले बृजमोहन अग्रवाल के उत्तराधिकारी के रूप में पूर्व सांसद सुनील सोनी भाजपा के गढ़ में अपना परचम लहराते हैं या कांग्रेस के प्रत्याशी आकाश शर्मा शनिवार सुबह से ही मतगणना प्रारंभ हो जाएगी दोपहर तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि दक्षिण का सारथी कौन होगा ?
और पढ़ें ...
Previous12345678Next