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बिलासपुर की जनता को जल्द मिलेगी पीएम ई-बस सेवा :तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री
मुंगेली/बिलासपुर: तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय , भारत सरकार, नई दिल्ली ने 11/6/2024 को मंत्रालय का पद भार सम्हाला था । उसके के बाद से उन्हों ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047(विकसित भारत )पर काम शुरू कर दिया हैं।
मैराथन बैठक में सारी योजनाओं की समीक्षा एवं अधिकारियों से मुलाकात की। बैठकों के दौरान, विशेषकर छत्तीसगढ़ राज्य में चल रही भारत सरकार की योजनाओं जैसे प्रधान मंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटीज मिशन, अमृत मिशन, पीएम ई-बस सेवा और पीएम स्वानिधि योजना के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों को प्रधान मंत्री जी के 100 दिन के एजेंडा को धरातल पे उतरने के लिए प्रोत्साहित किया।
बिलासपुर की जनता के लिए पीएम ई-बस सेवा को जल्द से जल्द लागू करने के लिए दिशा निर्देश दिए एवं बिलासपुर की जनता के लिए हर घर नल योजना को जल्द से जल्द लागू करने दिशा निर्देश दिए ।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, राज्य शासन से मांगे विस्तृत रिपोर्ट
बिलासपुर : प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की है। कोर्ट ने राज्य शासन को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने कहा है। इसके लिए शासन ने दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।दरअसल, मीडिया में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर प्रकाशित खबरों पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका की तरह सुनवाई शुरू की है। मामले को लेकर पूर्व में हुई सुनवाई में शासन ने बताया था, कि राज्य सरकार ने पहले ही स्कूल भवनों और मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के सुधार के संबंध में कदम उठाए हैं। पूरे राज्य में स्कूलों की पहचान कर स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी गई है, और जरूरत के अनुसार मरम्मत और नवीनीकरण कराने के आदेश जारी किए गए हैं। बिलासपुर जिले की रिपोर्ट के अनुसार यहां 161 स्कूल ऐसे थे, जहां मरम्मत और उन्नयन किया गया। साथ ही आवश्यकता के मुताबिक नये कमरों का निर्माण किया गया।
याचिका में सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान ही तिफरा के स्कूल, शासकीय प्राथमिक शाला देवनगर, शासकीय प्राथमिक शाला लिंगियाडीह, शासकीय प्राथमिक कन्या शाला बिरकोना, शासकीय प्राथमिक शाला आशाबंद, शासकीय उर्दू प्राथमिक शाला खपरगंज और शासकीय प्राथमिक शाला आशाबंद के संबंध में भी कुछ समाचार प्रकाशित हुए थे। इन विद्यालयों के संबंध में उक्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापक से रिपोर्ट मांगी गई थी। जो स्कूल जर्जर हालत में थे, वहां मरम्मत का काम शुरू हो चुका है।
Chhattisgarh : राइस मिलर के घर में ED ने बोला धावा, 6 अधिकारी जांच में जुटे हुए है, पढ़े पूरी खबर…!!
राजनांदगांव: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि में घोटाले को लेकर शहर के अनुपम नगर स्थित टिल्लू अग्रवाल के घर पर छापा मारा है। वे राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष हैं और उनकी मिल छुरिया में है। लगभग छह अधिकारियों का दल मिलर के घर पर सुबह छह बजे से जांच में जुटी है। एक सप्ताह के भीतर ईडी की यह दूसरी रेड है। टिल्लू जिला राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष हैं।
: बताया जा रहा है कि वर्ष 2021-22 में कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि के एवज में मिलर्स से प्रति क्विंटल 20 रुपये की जो वसूली की गई थी, उसमें टिल्लू भी शामिल था। वहीं से एकत्र राशि नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी तक पहुंचाई गई थी। इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी नाम है। इसकी जांच ईडी के साथ ही एसीबी भी कर रही है।इसके पहले जिला राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के डोंगरगढ़ स्थित निवास पर ईडी ने आठ व नौ जून को दबिश देकर दस्तावेजों की जांच की थी। वहां से दस्तावेजों की दो पाटली जब्त कर रायपुर ले जाया गया था। हालांकि जांच में क्या मिला, इसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर नहीं दी गई।
CG NEWS : मां-बेटी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या...इंस्टाग्राम में स्टेटस लगाकर लिखी थी यह बात
धमतरी :- जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आ रही है, यहां एक ही फंदे पर मां ने बेटी दोनों झूल गयी, घटना में दोनों की जान चली गयी। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के शिव चौक का है।
घटना की सूचना लगते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया. आगे की जांच की जा रही है। शिव चौक निवासी खुशबू शर्मा 38 साल और 13 साल की बेटी अंतरा शर्मा की लाश एक ही कमरे में फांसी पर लटकते मिली है।
जानकारी के मुताबिक खुशबू शर्मा ने फांसी लगाने से पहले सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पेज पर एक स्टेटस लगा रखा था। जिसमें लिखा है कि “यहां अंत में कुछ नहीं होता, यहां अंत में अंतिम संस्कार होता है” इससे अंदेशा से लगाया जा सकता है कि खुशबू किसी बात से गम में थी।बताया जा रहा है कि महिला का अपने पति से तलाक हो चुका था और वह अपने मायके में रह रही थी। जानकारी के मुताबिक 1 साल पहले सितंबर माह में खुशबू के भाई आकाश मिश्रा ने पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी
इसके बाद से पूरा परिवार डिप्रेशन में चल रहा था। आकाश के घर में उसकी मां और तलाकशुदा बहन खुशबू शर्मा और खुशबू की बेटी रहते थे। आकाश के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। बेटा बेटी और पोती की मौत के बाद अब बुजुर्ग मां घर में अकेले रह गई है।
छत्तीसगढ़ में सब चल रहा है सांय सांय मंत्रिमंडल पुनर्गठन फेरबदल को लेकर इस बार भी चौंकाने वाले निर्णय सामने आ सकते हैं-सूत्रों
लोकसभा चुनाव परिणाम और नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अब छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना तेज हो गई है। साय मंत्रिमंडल में दो नए चेहरों को शामिल किए जाने की तैयारी है।
प्रदेश भाजपा सूत्रों की मानें, तो भाजपा संगठन में वर्तमान में जिस तरह के निर्णय हो रहे हैं। उसके मुताबिक मंत्रिमंडल पुनर्गठन फेरबदल को लेकर इस बार भी चौंकाने वाले निर्णय सामने आ सकते हैं। 6 महीने पहले साय मंत्रिमंडल का गठन किया गया था। इसमें केवल चार पुराने मंत्रियों को जगह मिल पाई थी। जबकि इसके पहले की भाजपा की डॉ. रमन सिंह सरकार के समय मंत्री रहे अधिकांश नेता मंत्री पद की दौड़ से बाहर हो गए थे। मंत्रिमंडल के पुनर्गठन और बड़े फेरबदल की इन चर्चाओं के बीच रायपुर से लेकर दिल्ली तक मंत्री बनने के लिए विधायकों की लॉबिंग तेज हो गई है।
प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए कई विधायकों के नाम लिए जा रहे हैं। इनमें रायपुर संभाग से पूर्व मंत्री व रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, पूर्व मंत्री व कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, विधायक अनुज शर्मा, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, आरंग के विधायक खुशवंत साहेब का नाम प्रमुखता से लिया जा रहे हैं। इसके अलावा दुर्ग संभाग से विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, बिलासपुर संभाग से विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल और बस्तर संभाग से विधायक महेश कश्यप भी संभावित चेहरों में बताए जा रहे हैं।
CG CRIME : दो सगे भाइयों की कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वारकर कर हत्या...जानिए क्या है पूरा मामला
बस्तर : बस्तर सम्भाग मुख्यालय जगदलपुर से लगे कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम इरिकपाल में हत्या का मामला सामने आया है, यहां मंगलवार को जमीन विवाद को लेकर गांव के ही गागड़ा परिवार के लोगों ने कश्यप परिवार के दो सगे भाइयों की कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वारकर हत्या कर दी है, इस घटना से गांव में सनसनी फ़ैल गई है. पुलिस ने इस हत्याकांड के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वही तीन आरोपी फरार है, जिसकी तालाश की जा रही है।
इस मामले में बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि एक गागड़ा परिवार के 9 से अधिक लोगों ने कुल्हाड़ी और लाठी से पीट-पीट कर कश्यप परिवार के दोनों सगे भाइयों की हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि गांव में गागड़ा और कश्यप दोनों परिवार के बीच 4 सालों से जमीन विवाद चल रहा था, जिसका मामला पुलिस थाना में दर्ज है।
पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के पश्चात परिजनों को सौंप दिया है, और पुलिस प्रशासन ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड में जेल भेज दिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है,
वहीं इस घटना से गांव में सनसनी फैला हुआ है, सुरक्षा के लिहाज से गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।
मोहन मरकाम के बंगले में तैनात आरक्षक ने की आत्महत्या...नदी किनारे मिला शव
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के बंगले में तैनात कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली। आरक्षक ड्यूटी खत्म कर अपने घर जाने के लिए निकला था। रास्ते में नदी किनारे उसका शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, आरक्षक का नाम संपत मंडावी भानपुरी का रहने वाला था और उसकी तैनाती पूर्व विधायक मोहन मरकाम के कोंडागांव बंगले में थी। बीते बुधवार 12 जून को संपत मंडावी ड्यूटी खत्म होने के बाद घर जाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल में निकला था। इसी दौरान उसका शव ग्राम लंजोड़ा बुकापारा के नदी किनारे एक पेड़ पर फांसी में लटका मिला। आरक्षक के शव को गांव के ही एक चरवाहे ने देखा था।चरवाहे ने ही इसकी सूचना गांव के सरपंच को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से निकाला गया। फिलहाल आरक्षक ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया इसकी जांच की जा रही है। आरक्षक के पास से पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मृत कांस्टेबल के परिजनों को इसकी सूचना दे दी है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने की नगरीय निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा जलभराव से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखने के दिए निर्देश
दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों एवं कर्मचारियों हेतु मासिक एवं दैनिक न्यूनतम वेतन निर्धारित
श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा मासिक वेतनभोगी एवं अंशकालीन कर्मचारियों हेतु देय महगाई भत्ते में 01 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक के लिए प्रभावशील मजदूरी दरों की संशोधित न्यूनतम मंहगाई दर में वृद्धि करने के फलस्वरूप कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के लिए अनुसूची ‘ग‘ में दर्शित शासकीय विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभागी श्रमिकों एवं कर्मचारियों के मासिक एवं दैनिक न्यूनतम वेतन तथा परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता को सम्मिलित करते हुए 1 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक वेतन का निर्धारण किया गया है। जिसके तहत उच्च कुशल श्रेणी अ हेतु मासिक 13 हजार 110 रूपए तथा 437 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन नियत है। इसी तरह उच्च कुशल श्रेणी ब हेतु 12 हजार 850 रूपए मासिक तथा 428 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, उच्च कुशल श्रेणी स हेतु 12 हजार 590 रूपए मासिक तथा 420 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, कुशल श्रेणी अ हेतु 12 हजार 330 रूपए मासिक तथा 411 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, कुशल श्रेणी ब हेतु 12 हजार 70 रूपए मासिक तथा 402 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, कुशल श्रेणी स हेतु 11 हजार 810 रूपए मासिक तथा 394 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन तथा अर्द्ध कुशल श्रेणी अ के लिए 11 हजार 550 रूपए मासिक तथा 385 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, अर्द्ध अकुशल श्रेणी ब हेतु 11 हजार 290 रूपए मासिक एवं 376 दैनिक न्यूनतम वेतन, अर्द्ध अकुशल श्रेणी स हेतु 11 हजार 30 रूपए मासिक एवं 368 दैनिक न्यूनतम वेतन एवं अकुशल कृषि श्रमिक श्रेणी अ हेतु 10 हजार 900 रूपए मासिक एवं 363 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, अकुशल कृषि श्रमिक श्रेणी ब हेतु 10 हजार 640 रूपए मासिक एवं 355 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, अकुशल कृषि श्रमिक श्रेणी स हेतु 10 हजार 380 रूपए मासिक एवं 346 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, निर्धारित किया गया है। श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा प्रभावशील न्यूनतम वेतन एवं मंहगाई भत्ते की दरें निर्धारित करते हुए परिशिष्ट ‘ब‘ में कर्मचारियों को अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल तथा उच्च कुशल श्रेणी में विभक्त किया गया है। जारी अधिसूचना में न्यूनतम वेतन निर्धारित करते हुए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र को अ, ब तथा स श्रेणी में विभक्त किया गया है। ‘अ‘ श्रेणी में राज्य के समस्त औद्योगिक विकास केन्द्र और प्रदेश में स्थित ऐसे सभी कारखाने जिनके द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 के तहत 300 या अधिक श्रमिकों के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त की गयी है उन्हे रखा गया है। ‘ब‘ श्रेणी में नगर निगम सीमा के भीतर तथा नगर निगम सीमा के 8 किलोमीटर परिधि क्षेत्र को शामिल किया गया है। ‘स‘ श्रेणी में कोण्डागांव जिले के संपूर्ण क्षेत्र के लिए न्यूनतम मजदूरी दर का निर्धारण किया गया है। जिसके आधार पर गणना कर न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जायेगा।
Sai सरकार ने किया सुशासन और समग्र विकास के छह माह पूरे हुए
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार के छह महीने पूरे होने पर #संवर_रहा_छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (एक्स) पर राष्ट्रपटल पर ट्रेंड कर रहा है। इस हैशटैग के तहत लोग सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की तारीफ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने 6 महीनों में ही छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, माओवादी समस्या का निदान और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सोशल मीडिया पर जनता के सकारात्मक प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट है कि श्री साय के त्वरित निर्णय-सख्त प्रशासन को सराहा जा रहा है और संवरते छत्तीसगढ़ के प्रति लोग आश्वस्त हैं।
छत्तीसगढ़ : अब मछली मारते पकड़ाये, तो जाना पड़ेगा जेल, 10 हजार रुपया जुर्माना भी लगेगा, इस वजह से लगा बैन
कांकेर। बारिश में मछली मारने पर जिला प्रशासन ने बैन लगा दिया है। बरसात में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को दृष्टिगत रखते हुये उन्हें संरक्षण देने हेतु जिले में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम-1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को “बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है।
इस दौरान जिले के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के बड़े या छोटे तालाब, जलाशय में सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
इन नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र संशोधित अधिनियम के नियम-3 (5) के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, उसमें लागू नहीं होगा।
नियद नेल्लनार के क्रियान्वयन वाले क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने मिशन मोड पर कार्य करने जोर
महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने आज इंद्रावती भवन में नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन वाले जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर धरातल पर हो रही प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड पर कार्य करके क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि माताओं बहनों को शासन की सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित करें।
सुश्री आबिदी ने नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन के बारे में कहा कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार बस्तर संभाग के कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाना है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना,रेडी टू ईट, नोनी सुरक्षा योजना का लाभ सभी हितग्राहियों को मिले। गर्भवती, शिशुवती माताओं, बच्चों, किशोरी बालिकाओं का समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण करने और वजन लेने कहा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा बस्तर अंचल के सुदूर वनांचल विशेषकर नक्सल प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाएं और वनवासियों को सरकार की योजनाओं का बिना किसी व्यवधान के लाभ पहुंचाने के प्रयास सफल होने लगे हैं। शासन की नियद नेल्लानार से सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांवों में अब यह सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी है।
बैठक में महिला बाल विकास विभाग की संचालक सुश्री तुलिका प्रजापति और महिला बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे भुवनेश्वर, ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे।
इस दौरान भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा से आत्मीय मुलाकात हुई।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरूण साव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मंडला के नव निर्वाचित सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी मौजूद रहे।
Breaking : कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, सरकार ने दिया DA में बढ़ोतरी का तोहफा, इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
रायपुर : केंद्र में नई सरकार के कामकाज संभालने के 24 घंटों के अंदर कोल इंडिया Coal India के कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी के आदेश जारी हो गए। कोल इंडिया के महाप्रबंधक गौतम बेनर्जी के हस्ताक्षर से जारी आदेश के मुताबिक नॉन एक्जीक्यूटिव कैडर के कर्मचारी वर्ग के वीडीए (वेरिएबल डियरनेस एलाउंस) को बढ़ाकर 16.9 फीसदी कर दिया गया है। कोल इंडिया के इस आदेश से एसईसीएल SECL के अंतर्गत कार्यरत 35 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा।
इन कर्मियों की सैलरी में बढ़ोतरी – एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.सनीश चंद्रा के मुताबिक कोल इंडिया द्वारा जिन कर्मचारियों के वीडीए में बढ़ोतरी की गई है। उनमें सुपरवाइजर श्रेणी, क्लर्क, आपरेटर, माइनिंग सरदार और श्रमिक वर्ग शामिल है। उन्होंने बताया कि वीडीए में बढ़ोतरी का लाभ कोल इंडिया में कार्यरत 2 लाख कर्मियों को प्राप्त होगा। हरेक कर्मचारी की सैलरी में प्रति माह 2 से 3 हजार रुपए की बढ़ोतरी होगी।
बलौदाबाजार आगजनी मामले की जांच के लिए 22 सदस्यीय टीम गठित, इन अफसरों को मिला जिम्मा, देखें लिस्ट…
बलौदाबाजार। जिले में हिंसा के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने आगजनी मामले में जांच को 22 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें बलौदाबाजार जिले के विभिन्न थाना प्रभारी शामिल है।
देखें लिस्ट-

नक्सलियों को सामान सप्लाई करने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे, भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त…
सुकमा। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत दोरनापाल से जगरगुण्डा की ओर नक्सलियों का सामान ले जाते एक संदिग्ध व्यक्ति को जवानों ने धरदबोचा है। मुखबिर की सूचना पर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, थाना प्रभारी दोरनापाल के टीम देवरपल्ली की ओर रवाना होकर देवरपल्ली जंगल के पास एमसीपी की कार्यवाही कर रहे थे। तभी एक संदिग्ध व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा गया। संदिग्ध व्यक्ति से नाम-पता पूछने पर अपना नाम कृष्ण कुमार कड़ती उर्फ जोगा 23 वर्ष जाति मुरिया निवासी बोमेड़ थाना पामेड़ जिला बीजापुर बताया।
आरोपी के पास रखे प्लास्टिक बोरी को चेक करने पर 2 बंडल बिजली वायर, 5 नग इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 5 मीटर कोर्डेक्स वायर, 20 नग जिलेटीन रॉड, पोलिबियान इंजेक्शन 10 नग, न्यूरोबियान इंजेक्शन 7 नग, कॉटन पट्टी 1 पैकेट, ग्लूकोज बॉटल 5 नग, ड्रीप 5 नग, सीरिंज 10 नग, सिटरीजिन टेबलेट 10 पत्ता, नक्सली साहित्य 4 नग व पर्चा पॉम्प्लेट, 1 नग लाल कपड़े में बना नक्सली बैनर बरामद किया गया
उक्त सामान रखने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत ना करने तथा कड़ाई से पूछने पर नक्सलियों के लिए कमीशन के आधार पर शहरी सप्लायर का काम करना बताया और प्रतिबंधित माओवादी संगठन के बड़े कमांडरों के बताए अनुसार दोरनापाल के मरघट के पास जंगल में एक निश्चित स्थान पर एक व्यक्ति आकर लिस्ट के अनुसार नक्सलियों का सामान देकर जाता है। उस व्यक्ति को सिर्फ चेहरे से पहचानना नाम-पता नहीं मालूम होना बताया गया।
