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Train Cancelled : यात्रीगण कृपया ध्यान दे…छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 50 ट्रेने रद्द, देखें लिस्ट…
बिलासपुर। विकास कार्यों का हवाला देकर रेलवे ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 50 ट्रेनों को फिर कैंसिल कर दिया गया है. ये गाड़ियां 19 जून से 10 जुलाई तक अलग-अलग दिनों में नहीं चलेंगी. इसकी वजह से कोलकाता, बिहार, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में डेवलपमेंट के कार्य के चलते गाड़ियों का परिचालन कैंसिल किया है. भोपाल रेल मंडल के मालखेड़ी-महादेवखेड़ी रेलवे स्टेशनों को दूसरी रेल लाइन से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. यह काम 16 जून से 10 जुलाई तक चलेगा.
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की रद्द होने वाली गाड़ियां
29 जून एवं 06 जुलाई को उदयपुर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20971 उयदपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
30 जून एवं 07 जुलाई को शालीमार से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20972 शालीमार- उयदपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
16, 23, 30 जून एवं 07 जुलाई को बीकानेर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20471 बीकानेर-पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
19, 26 जून एवं 03, 10 जुलाई को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20472 पूरी- बीकानेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
29 जून एवं 06 जुलाई को शालीमार से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22830 शालीमार- भुज एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
02 एवं 09 जुलाई को भुज से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22829 भुज-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
27 जून एवं 04 जुलाई को विशाखापटनम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18573 विशाखापटनम-भगत की कोठी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
29 जून एवं 06 जुलाई को भगत की कोठी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18574 भगत की कोठी-विशाखापटनम एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
05, 06 एवं 09 जुलाई को विशाखापटनम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20807 विशाखापटनम-अमृतसर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
06, 07 एवं 10 जुलाई को अमृतसर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20808 अमृतसर-भगत की कोठी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
14, 21 एवं 28 जून को पूरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 08475 पूरी-निज़ामुद्दीन स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी.
15, 22 एवं 29 जून को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 08476 निज़ामुद्दीन-पूरी स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी.
14 जून से 09 जुलाई तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18236 बिलासपुर –भोपाल एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
16 जून से 11 जुलाई तक भोपाल से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
01 एवं 08 जुलाई को दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18207 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
02 एवं 09 जुलाई को अजमेर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18208 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
30 जून एवं 07 जुलाई को दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
01 एवं 08 जुलाई को अजमेर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
09 जुलाई को दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12549 दुर्ग-शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
11 जुलाई को शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12450 शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर)-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
03 जुलाई को दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20847 दुर्ग-शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
05 जुलाई को शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर) से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20848 शहीद कैप्टन तुषार महाजन (ऊधमपुर)-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
05 एवं 09 जुलाई को दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22867 दुर्ग-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
06 एवं 10 जुलाई को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22868 निज़ामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
09 जुलाई को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22408 निज़ामुद्दीन-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
11 जुलाई को अम्बिकापुर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22407 अम्बिकापुर- निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
03 एवं 10 जुलाई को रानी कमलापति से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22169 रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
04 एवं 11 जुलाई को सांतरागाछी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22170 सांतरागाछी रानी कमलापति- एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां
06 एवं 08 जुलाई को दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12823 दुर्ग-निज़ामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग न्यू कटनी–कटनी-ओहन केबिन-वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी जंक्शन होकर चलेगी.
05, 07 एवं 09 जुलाई को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12824 निज़ामुद्दीन- दुर्ग संपर्क क्रांति एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग––वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी जंक्शन-ओहन केबिन- कटनी- न्यू कटनी होकर चलेगी
इसी तरह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल के कोतरलिया रेलवे स्टेशन को राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम तलाईपल्ली माइंस लाइन से जोड़ने का कार्य किया जाएगा. यह नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य 22 से 30 जून तक किया जा रहा है.इस कार्य के चलते रद्द होने वाली गाड़ियां
25 से 30 जून तक रायगढ़ से चलने वाली 08737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी.
2.25 से 30 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 08738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी.
24 से 29 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 08736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी.
25 से 30 जून तक रायगढ़ से चलने वाली 08735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी.
24 से 29 जून तक टाटानगर से चलने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
25 से 30 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
25 से 30 जून तक टाटानगर से चलने वाली 18109 टाटानगर-नेता सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
25 से 30 जून तक नेता सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से चलने वाली 18110 सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) -टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
26 जून को संतरागाछी से चलने वाली 20828 संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
27 जून को जबलपुर से चलने वाली 20827 जबलपुर-संतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
25 एवं 29 जून को सिकंदराबाद से चलने वाली 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
28 जून एवं 02 जुलाई को दरभंगा से चलने वाली 17008 दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
29 जून को संतरागाछी से चलने वाली 20822 संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
01 जुलाई को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
24 एवं 27 जून को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
26 एवं 29 जून को कुर्ला से चलने वाली 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
28 जून को बिलासपुर से चलने वाली 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
30 जून को पटना से चलने वाली 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
25 से 30 जून तक हावड़ा से चलने वाली 12130 हावड़ा-पुणे आजाद हिन्द एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
27 जून से 02 जुलाई तक पुणे से चलने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिन्द एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
24, 25, 28 एवं 29 जून को एलटीटी से चलने वाली 12101 एलटीटी-शालीमार सुपर डिलेक्स एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
26, 27, 30 जून एवं 01 जुलाई तक शालीमार से चलने वाली 12102 शालीमार – एलटीटी सुपर डिलेक्स एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
बीच समाप्त होने वाली गाड़ी
25 से 30 जून तक गोंदिया एवं झारसुगुड़ा से चलने वाली 08861/ 08862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल बिलासपुर एवं झारसुगुड़ा के बीच रद्द रहेगी.
देरी से रवाना होने वाली गाड़ियां
24 एवं 25 जून को योगनगरी ऋषिकेश से चलने वाली 18478 योगनगरी ऋषिकेश-पूरी उत्कल एक्सप्रेस 03 घंटे 30 मिनिट देरी से रवाना होगी.
26 जून को पूरी से चलने वाली 18477 पूरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 03 घंटे 30 मिनिट देरी से रवाना होगी.
25 एवं 26 जून को दुर्ग से चलने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 03 घंटे 30 मिनिट देरी से रवाना होगी.
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां
24 से 29 जून तक हावड़ा से चलने वाली 12860 हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस परिवर्तित झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी.
26 जून से 01 जुलाई तक मुंबई से चलने वाली 12859 मुंबई-हावड़ा गीतांजली एक्सप्रेस परिवर्तित रायपुर- टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी.
26 जून एवं 27 जून को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस परिवर्तित रायपुर-टिटलागढ़- झारसुगुड़ा होकर चलेगी.
28 जून एवं 29 जून को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस परिवर्तित झारसुगुड़ा-टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी.
24 जून एवं 28 जून को हटिया से चलने वाली 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस परिवर्तित झारसुगुड़ा- टिटलागढ़- रायपुर होकर चलेगी.
26 एवं 30 जून को पुणे से चलने वाली 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस परिवर्तित रायपुर- टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी.
सी-मार्ट के संचालन हेतु 20 जून तक आवेदन आमंत्रित
उत्तर बस्तर कांकेर, 13 जून 2024/ शासन की विभिन्न विभागों की योजनाओं के अन्तर्गत संचालित स्व सहायता समूहों, शिल्पियों, बुनकरों, दस्तकारों, कुम्भकारों अथवा अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों का समुचित मुल्य एवं विक्रय सुनिश्चित करने एवं इनके व्यावसायिक ढंग से मार्केटिंग किये जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा आधुनिक शो रूम की तरह ही एक सी-मार्ट की स्थापना किया गया है। उक्त सी-मार्ट के माध्यम से उत्पादों के विक्रय एवं सी-मार्ट के पूर्ण संचालन हेतु निजी संचालक का चयन किया जाना है। इस हेतु इच्छुक संस्थाओं या फर्मों से मुहरबंद प्रपत्र में 20 जून तक रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। अन्य नियम एवं शर्तों की विस्तृत जानकारी कार्यालय जिला पंचायत कांकेर के सूचना पटल पर एवं कांकेर की वेबसाईट https://kanker.gov.in/पर उपलब्ध है।
दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार और ट्रैक्टर में हुई जबरदस्त टक्कर, हादसे में 4 की गई जान, गाड़ी के उड़े परखच्चे
जगदलपुर। जिले में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। सड़क हादसों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इस बिच भीषण सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। तेज रफ्तार कार और ट्रैक्टर में टक्कर हो गयी। हादसे में छत्तीसगढ़ के चार लोगों की मौत हो गयी। घटना ओड़िशा के कालाहांडी की बतायी जा रही है। जिस जगह पर ये हादसा हुआ है, वो बस्तर और ओड़िशा का सीमावर्ती क्षेत्र है।
जानकारी के मुताबिक ट्रैक्टर और तेज रफ्तार कार में टक्कर हुई है। घटना में 4 की मौके पर ही मौत हो गयी। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। घटना कालाहांडी के लाचीपुर के पास की बतायी जा रही है। घटना में शव क्षत विक्षत हो गया है। मृतकों के शवों की पहचान अब तक नहीं हो पायी है। हालांकि मृतक छत्तीसगढ़ के बताये जा रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर, पीएम के लिए शव भिजवाये हैं। घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक भवानीपटना की ओर कार जा रही थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गये।
College Admission : कालेजों में प्रवेश के लिए 18 जून से खुलेंगे पोर्टल, बदलेगा पढाई का तरीका
बिलासपुर :- न्यायधानी के कालेजों में इस साल पढ़ाई का तरीका एकदम से बदल जाएगा। स्नातक छात्रों को परंपरागत विषयों से हटकर अब ग्रुपिंग में नया चुनाव करना पड़ेगा। कौशल को बढ़ावा मिलेगा। संबद्ध 121 कालेजों में प्रवेश के लिए 18 जून से पोर्टल खुल जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने से, सेमेस्टर प्रणाली का प्रारंभ होने से पहले यहां प्रवेश पाने वाले सभी छात्रों को समर्पित ध्यान दिया जाएगा।
इस नई प्रणाली के तहत, पाठ्यक्रम का व्यापक निरीक्षण होगा ताकि छात्रों को विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जा सके। यहां छात्रों को अधिक व्यावसायिक अनुभव प्रदान करने के लिए नए शैक्षणिक और शोधात्मक तरीके भी विकसित किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक गतिविधियों जैसे कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, ग्रुप डिस्कशन, प्रेजेंटेशन्स, और लाइव केस स्टडी और इंटरनशिप्स की व्यवस्था की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, शिक्षण पद्धति में नए तकनीकी उपकरणों का उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि छात्रों को अधिक अद्यतित और संबलित शिक्षण अनुभव मिल सके। विभागों के बीच अच्छी संवाद भावना बढ़ाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को विभिन्न दृष्टिकोण से समझाया जा सके। यह नई प्रणाली छात्रों के लिए न केवल शिक्षणात्मक विकास का माध्यम है, बल्कि उनकी क्षमताओं और कौशलों को समृद्ध करने में भी सहायक है। इसके माध्यम से, कालेजों में विद्यार्थियों को अपने करियर के लिए बेहतर तैयारी मिल सकेगी और वे अपने उच्चतम प्रदर्शन के प्रति प्रेरित होंगे।
कहते हैं कि प्रार्थना में बहुत शक्ति है, क्या आप इसमें विश्वास करते हैं ?
हां प्रार्थना में अद्भुत शक्ति होती है। हम सभी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं प्रार्थना का विशेष अर्थ होता है। प्र अर्थात विशिष्ट या श्रेष्ठ अर्थना अर्थात निवेदन । प्रार्थना का अर्थ है विशिष्ट या श्रेष्ठ निवेदन यह विशेष या श्रेष्ठ निवेदन जुबान से नहीं दिल से होना चाहिए क्योंकि ईश्वर तो उनकी भी सुनते हैं जो बोल नहीं सकते।
गर्मी को देखते हुए स्कूल खुलने की तिथि बढ़ाई गई - बृजमोहन अग्रवाल
बलौदाबाजार हिंसा के विरोध में कांग्रेस का महाधरना 18 जून को, जिले भर के कांग्रेसजन होंगे शामिल
बिलासपुर : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को बलौदा बाजार कांड के विरोध में जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में बिलासपुर के प्रभारी व पूर्व जय सिंह अग्रवाल समेत जिले भर के कांग्रेस जन मौजूद रहेंगे।नेहरू चौक में दोपहर 12 बजे से आयोजित इस महाधरना में प्रदेश की चौपट कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और बलौदाबाजार कांड के वास्तविक आरोपियों को पकड़ने व निर्दोषों को तत्काल रिहा करने की मांग की जाएगी। सरकार का दायित्व है कि निर्दोषों को परेशान करने के बजाय हिंसा के जिम्मेदार असमाजिक तत्वों को पकड़े और छत्तीसगढ़ में फिर से शांति बहाल करे। शांत छत्तीसगढ़ में ऐसी घटनाओं की निंदा करते है
CG - किन्नर की खूबसूरती देख दीवाना हुआ युवक, देखते से ही खो बैठा दिल...5 साल तक बनाता रहा शारीरिक संबंध, फिर जो हुआ.....
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से किन्नर के साथ शारीरिक शोषण का मामला समाने आया है। थर्डजेंडर ने युवक पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि युवक के साथ 5 साल तक रिलेशनशिप रही। इस दौरान शादी का झांसा दिया और घर बसाने के नाम पर सोना, चांदी और पैसा लेकर मुंह मोड़ लिया।

ये पूरा मामला कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र का है। यहां पीड़िता ने बताया कि युवक ने प्रेमजाल में फंसाया, शादी कर घर बसाने का सपना दिखाया। आशियाना बसाने के लिए युवक ने सोने व चांदी के जेवरात और कैश भी ले लिए। पीड़िता ने बताया कि युवक ने 5 साल तक दैहिक शोषण किया और जब शादी की बात आई तो फरार हो गया। शिकायत पर कोरबा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा वर्मा ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
बलौदाबाजार का आम आदमी डरा हुआ है सरकार पर से भरोसा उठ गया है - भूपेश बघेल
बलौदाबाजार की घटना भाजपा के तुष्टिकरण नीति और लापरवाही का परिणाम है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वहां के पूरे आयोजन के पीछे भारतीय जनता पार्टी के नेता ही थे। भाजपा के नेताओं ने ही भीड़ को भड़का कर पूरे घटना को अंजाम दिलाया। बलौदाबाजार का आम आदमी डरा सहमा हुआ है सरकार पर से भरोसा उठ गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कुछ प्रश्न है जिनके जवाब सामने आ जाय तो सारा मामला साफ हो जायेगा।
- इस पूरे आंदोलन में भाजपा के जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े सहित अन्य भाजपा नेताओं की भूमिका की जाँच हो।
- धरना प्रदर्शन को कलेक्टर से परमीशन दिलाने वाला कौन था?
- रैली में आने वाले हजारों लोगों के लिये भोजन, मंच, पंडाल, माईक के लिए रुपयों की व्यवस्था किसने किया?
- इतनी बड़ी घटना के बाद भड़काऊ भाषण देने वाले भीम आर्मी के लोगो की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
- नागपुर से 250 से अधिक लोग आये थे वो कौन थे? सरकार ने उन पर नजर क्यों नहीं रखा था?
- भीड़ में लोग लाठी, डंडा लेकर आये थे प्रशासन क्या कर रहा था? उनको रोका क्यों नहीं गया?
- रैली की शुरुआत से ही उपद्रव शुरू हो गया था उसके बावजूद लोगों को कलेक्ट्रेट क्यों जाने दिया गया? भीड़ को रोकने की कोशिश क्यों नहीं हुई?
- आम जनता के वाहन जलाये जा रहे थे लोगों को दौड़ा कर पीटा जा रहा था तब पुलिस कहां थी?
- एसपी किसके इशारे पर शांत बैठे हुये थे? घटना को रोकने के बजाय पलायन क्यों कर गये?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि धार्मिक आधार पर हिंसा भड़काना भाजपा का पुराना चरित्र रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ को कलंकित करने का काम किया है। इस घटना में आम आदमी को निशाना बनाया गया है। नागरिकों को भयमुक्त वातावरण देना कानून व्यवस्था को बनाये रखने की जवाबदारी सरकार की है। बलौदाबाजार में भय का वातावरण बनाया गया, छोटे-छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया गया। प्रशासन और सरकार के प्रति लोगों का भरोसा समाप्त हो गया है। सरकार ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है। जिले के सबसे सुरक्षित स्थान एसपी, कलेक्टर ऑफिस ही जला दिया जाय तो फिर सरकार का अस्तित्व कहां बचता है? मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिये।
नियमित सरकारी नौकरी बाधित कर आउटसोर्सिंग से भर्ती करना चाहती है भाजपा सरकार*
Chhattisgarh News: सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के मंसूबों को किया नाकाम... 3 आईईडी बम किए निष्क्रिय
बीजापुर :- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नक्सलियों की कायराना करतूत लगातार जारी है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के गदामली-कडेर के मध्य निर्माणाधीन मार्ग पर सर्च ऑपरेशन निकली सीआरपीएफ के जवानों को बड़ी सफलता हासिल हुई है।
दरअसल यहां नक्सलियों द्वारा जवानों को निशाना बनाने के प्लान में तीन प्रेशर आइईडी बरामद लगाया गया था। लेकिन सीआरपीएफ के जवानों ने मुस्तैदी के साथ तीनों आइईडी बरामद करने के बाद बीडीएस टीम की मौजूदगी में आइईडी को निष्क्रिय किया। बरामद दो आइईडी 30-30 किलो और एक 10 किलो का था। यह मामला नैमेड थाना क्षेत्र का है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान सीआरपीएफ 231 वाहिनी सी कंपनी कैंप जैवारम एवं थाना जांगला, नैमेड का बल सुबह सर्च ऑपरेशन पर निकला था। इस दौरान बीडीएस बीजापुर एवं बीडीएस सीआरपीएफ की टीम ने डी-माईनिंग के दौरान तीन आइईडी बरामद किया। नक्सलियों ने स्ट्रीट सोलर पैनल के पोल को काटकर डायरेक्शनल पाइप बम तैयार किया था।
मिली जानकरी के मुताबिक नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाने के लिए गदामली और कडेर के बीच रोड किनारे और रोड के बीच में दो पाइप बम और एक कूकर बम प्लांट किया था। लगभग 30-30 किग्रा के दो पाइप बम और 10 किग्रा के एक कूकर बम लगाए गए थे। कमांड स्वीच सिस्टम से सभी आइईडी को 2-2 मीटर की दूरी पर सीरीज में लगाया गया था। जवानों ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
बलौदा बाजार आग जनी हिंसा मामले में बड़ी खबर, अक तक 400 लोग हिरासत में, 129 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
बलौदा बाजार: बलौदा बाजार आग जनी हिंसा मामले में बड़ी खबर है। इस मामले में अब तक 129 लोगों गिरफ़्तारी हो चुकी है। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया के आधार पर करीब 400 लोगो को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
खबर ये भी है कि भीम रेजिमेंट के संभाग अध्यक्ष उमेश सोनवानी को भी गिफ़्तार किया गया है। गिफ़्तारी, विवेचना,सीसीटीवी,सोशल मीडिया समेत कई अलग अलग दिशा में पुलिस की 7 अलग अलग टीम कार्रवाई कर रही है। आज शाम बलौदा बाजार एसपी मामले में कार्यवाही की विस्तृत प्रेस नोट करेंगे जारी।
CG - दिल दहला देने वाली घटना : पति ने पत्नी का गला रेतकर उतारा मौत के घाट...फिर खुद ने भी फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या...जानिए क्या है पूरा मामला
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां देर रात पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी उसके बाद खुद फांसी के फंदे पर झूल गया। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। वहीं घटनास्थल पर पाटन एसडीओपी आशीष बंछोर और उतई थाना प्रभारी मनीष शर्मा भी डटे रहे। यह मामला उतई थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग के खोपली गांव निवासी हेंगल बंजारे ने पहले अपनी पत्नी दशोदा बंजारे की धारदार हत्यार से गला रेतकर हत्या की और फिर खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। इस पूरे कांड को हेंगल बंजारे ने अपने खेत के स्टोर रूम में रात लगभग 11 बजे अंजाम दिया है। मारने से पहले पति हैंगल बंजारे दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया था। 3 घंटे की मशक्कत के बाद दरवाजा को तोड़ा गया तब जाकर का शवों का पंचनामा किया गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बताया कि सुबह 7 बजे से हेंगल बंजारे और उसकी पत्नी खेत गए हुए थे। सुबह 10 तक बच्चों के साथ खेत में सभी ने काम किया। उसके बाद हेंगल बंजारे ने वारदात को अंजाम दिया है। उतई पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है कि आखिर मृतक ने इतना घातक कदम क्यों उठाया और फांसी के फंदे पर क्यों झूला? घटना की जांच के लिए पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची हुई है।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर आमजनों के गुम हुए कीमती मोबाइल किए गए वितरण
बलौदा बाजार कलेक्टर कार्यालय धू-धूकर जलता रहा और कलेक्टर-एसपी पीछे के दरवाज़े से भाग गए - भूपेश बघेल न
सरगुजा राजघराने में शोक की लहर...पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव की पत्नी का निधन
सरगुजा :- छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) व सरगुजा राजपरिवार (Royal Family Sarguja) के महाराज टीएस सिंह देव (T S Singh Deo Baba) की पत्नी इंदिरा सिंह देव (Indira Singh Deo) का निधन हो गया है. लंबी बीमारी के बाद इंदिरा सिंह ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उन्होंने अपने निवास तपस्या में अंतिम सांसें ली. कोठीघर के सामने रानी तालाब में आज ही उनका अंतिम संस्कार होगा. उनके निधन से राजपरिवार सहित सरगुजा में शोक की लहर है. उनका अंतिम संस्कार दोपहर 2 बजे स्थानीय रानी तालाब, अम्बिकापुर में किया जायेगा. इनका जन्म दिनांक 12 अप्रैल 1950 को धरमजयगढ़ राजपरिवार में हुआ था. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम (Former CM) भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि अभी बेहद दुखद सूचना प्राप्त हुई है. सरगुजा राजपरिवार की श्रीमती इंदिरा सिंह जी (बेबी राज जी) का देहांत हो गया है. वो लंबे समय से गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रही थीं. हम सब उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं. इस दुःख की घड़ी में सिंहदेव परिवार के साथ हम सब हैं. यह हमारी पारिवारिक क्षति भी है. अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए अमरकंटक से रवाना हो रहा हूँ.
अभी बेहद दुखद सूचना प्राप्त हुई है.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) June 15, 2024
सरगुजा राजपरिवार की श्रीमती इंदिरा सिंह जी (बेबी राज जी) का देहांत हो गया है. वो लंबे समय से गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रही थीं.
हम सब उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं. इस दुःख की घड़ी में सिंहदेव परिवार के साथ हम सब हैं.
यह हमारी…
महिला सशक्तिकरण व वृद्धाश्रमों को उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान रहा
सरगुजा व धरमजयगढ़ राजपरिवार से ताल्लुकात होने के कारण स्वर्गीय इंदिरा सिंह देव ग्रामीण क्षेत्र में बेबी राज के नाम से लोकप्रिय थीं. आदिवासी बाहुल्य सरगुजा के महिलाओं को समाज की मुख्य धारा जोड़ने के लिए इन्होंने समय पर न सिर्फ ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया बल्कि उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक सहायता भी उपलब्ध कराने में हमेशा आगे रही है. अंबिकापुर सहित सरगुजा जिले में संचालित होने वाले वृद्ध आश्रमों में स्वर्गीय इंदिरा सिंह देव हर तरह से मदद करने के लिए आगे रहती थी.
जानवरों से काफी लगाव था
सरगुजा राज परिवार के करीबी लोगों की माने तो स्वर्गीय इंदिरा सिंह देव जितना प्यार जंगल, पहाड़, नदियों से करती थी उतना ही जानवरों से भी उनका लगाव था. इन्होंने अपने जीवन काल में दर्जनों ऊंचे नस्ल के श्वान (कुत्ता) पालें हैं जाकि आज भी इनके निवास में देखें जा सकते हैं. पालतू कुत्तों से इनका इतना लगाव था कि ये हमेशा ही इनसे घिरी रहती थी.
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव के राजनीतिक सलाहकार भी थी
राजपरिवार के बेहद करीबी लोगों की माने तो स्व. इंद्र सिंह देव एक कुशल व्यवसायी के साथ साथ राजनीति के काफी जानकारी भी थे. यही कारण है कि राजनीति में अक्सर उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव उनसे सलाह मशवरा मशवरा कर के ही कदम आगे बढ़ते थे. स्वभाव से काफी नरम व कम बोलने के कारण स्वर्गीय इंदिरा सिंह देव कुछ ही मौके पर ही बोलते दिखाई पड़ती थे खाली समय पर ये किताबे पढ़ते समय बिताती थी.
कैंसर से थीं पीड़ित
प्राप्त जानकारी के अनुसार टीएस सिंह देव की पत्नी इंदिरा सिंह देव लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रही थीं. दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में उनका इलाज कराया लेकिन वे बच नहीं सकी. बीते 13 जून को उनको मुंबई से अम्बिकापुर एयर एम्बुलेंस के जरिए लाया गया था, जहां आज उनका निधन हो गया.
