प्रदेश

बीजेपी नेता के घर ED का छापा, राइस मिलर्स और कारोबारियों के ठिकानों पर मारी रेड

कोरबा/तिल्दा/दुर्ग। कोरबा, दुर्ग और तिल्दा में शुक्रवार सुबह से ही ED की छापेमार कार्रवाई चल रही है। रायपुर के तिल्दा नेवरा में तिरुपति बालाजी उद्योग और अमित चावल उद्योग के ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा है। बताया जा रहा है राइस मिलर्स और कारोबारियों के यहां नान घोटाले से जुड़ी जांच के संबंध में ये रेड पड़ी है।

वहीं दुर्ग में राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष और शिक्षा व्यवसायी कैलाश रूंगटा के घर पर भी ईडी ने दबिश दी है। व्यवसायी के दुर्ग और भिलाई स्थित ठिकानों पर सुबह-सुबह 2 अलग-अलग टीमें पहुंचीं। कैलाश रूंगटा के दुर्ग स्थित न्यू दीपक नगर में ईडी की टीम पहुंचकर जांच कर रही है। अधिकारियों की टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है।

कोरबा में बीजेपी नेता के घर ED की रेड

वहीं कोरबा जिले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और व्यवसायी गोपाल मोदी के घर पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने छापेमार कार्रवाई की है। गोपाल मोदी वर्तमान में बीजेपी के जिला कोषाध्यक्ष हैं। सुबह 6 बजे ईडी की टीम ने गोपाल मोदी के सीतामणी स्थित निवास पर रेड डाली है। घर के दोनों तरफ दरवाजे से टीम अंदर घुसी। 5 सदस्यीय टीम ने उनके ठिकाने पर दबिश दी है। वे राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कोरबा शहर में गोपाल मोदी पेट्रोल पंप और चित्रा टॉकीज के मालिक हैं। वे 4 राइस मिल के भी मालिक हैं।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित 56 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई

गरियाबंद। विधानसभा निर्वाचन 2023 के मद्देनजर जिला स्तर पर समस्त पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित महाविद्यालयों में आयोजित किया गया था। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 56 कर्मचारी बिना कोई पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। जिसके बाद अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी का कृत्य निर्वाचन जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य के प्रति घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है, जो कि सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134 के सर्वथा विपरीत है। उक्त सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण 24 अक्टूबर 2023 तक उप जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करने एवं संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त न होने की स्थिति में गुण-दोष के आधार पर संबंधित के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।

जानकारी के मुताबिक अनुपस्थित कर्मचारियों में चंपा साहू, सुनील सोनकर, प्रेमसिंह नागेश, छन्नुलाल साहू, पवन कुमार बनपेला, जगदीश जोशी, मुलेन्द्र साहू, धरमलाल प्रजापति, रंजीत आगरे, रविकिशन दीवान, शंशाक पाण्डेय, संतराम कुर्रे, गुणित राम निर्मलकर, आनंद कुमार साहू, दुष्यंत कुमार साहू, संतोष कुमार कंवर, आशीष दीवान, संजय कुमार गोस्वामी, द्वारिका प्रसाद कंवर, मोतीराम साहू, गजराज बंजारे, देवेन्द्र कुमार कुर्रे, कुणाल सिंह, गैंदराम ध्रुव, विकास पोटाई, प्रवीण कुमार बड़ा, लक्ष्मीचंद बेहरा, खीरसिंह यादव, गोस्वामी कुमार कश्यप, कमलेश कुमार मण्डावी, ओमप्रकाश नायक, संतोष कुमार नेताम, देवसिंह सोरी, चन्द्रकांत वर्मा, सुखसागर कुर्रे, केशव राम राठौर, पवन कुमार साहू, सुरेश कुमार साहू, मानिक राम सोनी, सियाराम सिन्हा, ब्रजेन्द्र कुमार, अशोक कुमार ध्रुव, भालेन्द्र कुमार ध्रुव, सुमेश कुमार नेताम, एबरतुस मिंज, विष्णुचरण सोनवानी, विक्रम संतोष दीवान, हीरालाल नायक, उत्तम दीवान, रामेश्वर साहू, सुरेन्द्र कुमार दीवाकर, शिवकुमार चन्द्रवंशी, भोजलाल सागर, अन्नुराम ध्रुव, जितेन्द्र कुमार साहू और बलराम देवांगन शामिल हैं।

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बिलासपुर ज़िले के फॉरेस्ट गार्ड और होमगार्ड के जवानों हेतु आयोजित किया गया निर्वाचन संबंधित प्रशिक्षण

बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट *निर्वाचन ड्यूटी के कर्तव्यो एवं ध्यान में रखने वाली सावधानियां से कराया गया अवगत* *जिला निर्वाचन के मास्टर ट्रेनर एवं पुलिस नोडल अधिकारी द्वारा किया गया प्रशिक्षित* *पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर द्वारा दिलाई गई स्वीप की शपथ* *शहर के महत्वपूर्ण मार्गो में निकाली गई मतदाता जागरूकता रैली* आज बिलासपुर लखीराम ऑडिटोरियम में पुलिसकर्मी, फॉरेस्ट गार्ड और होमगार्ड के जवानों का पुलिस अधिकारियों द्वारा निर्वाचन संबंधित ट्रेनिंग संपन्न हुआ। जिला निर्वाचन कार्यालय के मास्टर ट्रेनर श्री आलम के द्वारा आदर्श आचार संहिता एवं पुलिस के कर्तव्यों के संबंध में अवगत कराया गया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, श्रीमती अर्चना झा के द्वारा ड्यूटी के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां ,क्या करें, क्या न करें के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर, श्री संतोष सिंह सर ने सभी प्रशिक्षकों के मनोबल को बढ़ाते हुए बेहतर ड्यूटी करने हेतु प्रेरित किया। स्वीप के नोडल अधिकारी सीईओ जिला पंचायत श्री अजय अग्रवाल ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने की शपथ दिलाई।उक्त कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री राजेंद्र जायसवाल , उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री उदयन बेहार, डीएसपी लाइन श्रीमती मंजुलता केरकेट्टा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम पश्चात प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अधिकारी कर्मचारियों द्वारा लखीराम सभागार से शहर के महत्वपूर्ण मार्गो में पैदल मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई, एवं शहर के नागरिकों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान करने हेतु प्रेरित किया गया।
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Rto - ट्रैफिक की टोकन के नाम परअवैध वसूली किसकी शह पर?-

ट्रैफिक के नाम पर अवैध वसूली, रसीद के बदले टोकन पर्ची थमाकर शासन को लगा रहे खुलेआम लाखों का चूना? महासमुंद जिले मे इन दिनों वाहनों को चैकिंग के नाम पर लूट खसोट का खेल चल रहा है। महासमुंद आरटीओ के हवलदार कृपाराम अपने दस्ते के साथ महासमुंद के साथ ही पड़ोसी जिलो की सीमाओं में भी अवैध वसूली के आरोप लग रहे है। कहा ये जा रहा कि परिवहन विभाग की रसीद की वजाए एक टोकन देकर जमकर अवैध वसूली कर रहे हैं। महासमुंद जिले के साथ सीमाओं पर इन दिनों चैकिंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लग रहा है। आरोप है कि, परिवहन विभाग व ट्रैफिक विभाग के कर्मचारी अपने अधिकारी की शह पर जिले की सीमाओं पर वाहन चालकों को न केवल निशाना बना रहे है, बल्कि उनके द्वारा भारी वाहनों से भारी भरकम वसूली की जा रही है। आरोप है कि, ये पुरा खेल आरटीओ व ट्रैफिक की निगरानी में हो रहा है। दोनों विभाग खुद अपने कर्मचारियों के साथ सुनसान सड़कों पर तैनात हो जाते हैं और फिर शुरू होता है दूसरे राज्यों और शहरों से आने वाले भारी वाहनों के ड्राइवरों से वसूली का सिलसिला।
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कलेक्टर ने रिटर्निंग अफसरों की बैठक लेकर की नामांकन तैयारी की समीक्षा

बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट बिलासपुर, 19 अक्टूबर 2023/कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण ने आज विधानसभा क्षेत्रों के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारियों एवं पुलिस की संयुक्त बैठक लेकर नामांकन तैयारियों की प्रगति एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जिला कार्यालय की विभिन्न कक्षों में इन सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव के लिए 21 अक्टूबर से नाम निर्देशन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने नामांकन के दौरान जिला कार्यालय सहित शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए। जिला पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, नगर निगम आयुक्त कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ अजय अग्रवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी सहित सभी आरओ एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बैठक में एसएसटी एवं एफएसटी टीम की अब तक की कायर्वाही की जानकारी लेकर उन्हें मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर शरण ने निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नाम निर्देशन की संपूर्ण तैयारी कर सभी आरओ को रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार सहित कुल पांच लोग नामांकन के लिए आरओ कक्ष में जा सकते हैं। एक उम्मीदवार अधिकतम चार सेट नामांकन दाखिल कर सकता है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को 10 हजार रूपये जमानत राशि और आरक्षित वर्म के उम्मीदवार को इसका आधा अर्थात 5 हजार रूपये जमानत लगेगा। नामांकन के कम से कम एक दिन पहले संभावित प्रत्याशी को बैंक में अलग खाता खोलवाना होगा। इसी बैंक खाते के जरिए प्रत्याशी को अपना संपूर्ण चुनाव खर्चा करना होगा। उम्मीदवारों के आरओ कक्ष तक सुरक्षित तरीके से पहुंचने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। संपूर्ण नामांकन प्रक्रिया की इस दौरान वीडियोग्राफी कराई जायेगी। उन्होंने पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रैली सभा की अनुमति देने के निर्देश दिए। अनुमति प्रदान करने के लिए राजनीतिक दल अथवा प्रत्याशी के बीच भेद-भाव नहीं किया जायेगा। कलेक्टर ने बताया कि व्यय प्रेक्षक नामांकन की शुरूआत में आएंगे। वे इस दौरान प्रत्याशियों के व्यय अनुवीक्षण की जांच करेंगे। इस साल चुनाव व्यय की अधिकतम सीमा 40 लाख रूपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि एसएसटी एवं एफएसटी टीम द्वारा सामान्य लोगों को परेशान नहीं किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 50 हजार तक राशि परिवहन कर सकता है। उन्होंने एसएसटी टीम के प्रभारी को मजिस्ट्रेट का अधिकारी सौंपा गया है ताकि त्वरित कार्रवाही हो सके।
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केवल कुछ सीटो पर बदलाव से कांग्रेस में हाहाकार:अरुण साव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने कांग्रेस की दो सूचियों में 83 उम्मीदवार घोषित हो जाने पर तथ्यात्मक विश्लेषण करते हुए कहा है कि भाजपा ने अब तक 44 नए चेहरे जनता के सामने पेश किए हैं। यह आंकड़ा कांग्रेस से दोगुना है। भाजपा नए चेहरों के साथ छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिखने तैयार है। उनका कहना है कि कांग्रेस का टिकट वितरण उसके आंतरिक डर को दर्शा रहा है। हम विपक्ष में हैं। हमने अनुभवी पुराने चेहरों के साथ -साथ उतनी ही संख्या में नए और संभावनाओं से भरे चेहरे सामने रखे हैं जबकि कांग्रेस ने अपने मुठ्ठी भर विधायकों को असफल मानकर उन्हें मैदान में उतारने का जोखिम नहीं उठाया। जबकि कांग्रेस के सभी विधायक नकारा साबित हुए हैं। हमने नई संभावनाएं तलाशी हैं लेकिन कांग्रेस ने मजबूरी में जो बदलाव किया है, वहां सिर फुटौव्वल मची है, वहां के नजारे देख कर कांग्रेस समझ गई है कि अब उसे सड़क पर आने से कोई नहीं बचा सकता। 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि कांग्रेस में बगावत हो गई है। रुझान आना शुरू हो गया है। जिन एजाज ढेबर ने प्रियंका गांधी के कदमों में फूल बिछाए, उनको टिकट न मिलने पर एक समर्थक ने खुद पर केरोसिन डाल लिया। हजार लोग नारेबाजी करके कांग्रेस नेतृत्व को गरिया रहे हैं।  लोग कह रहे हैं कि प्रियंका के लिए इतने फूल बिछाने का क्या फायदा? अपने नेतृत्व को अपशब्द कह रहे है ?कांग्रेस के पाली तानाखार विधायक मोहित राम केरकेट्टा ने ऐलान कर दिया है कि वे कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। वे विधानसभा अध्यक्ष महंत को कोस रहे हैं। अंतागढ़ विधायक अनूप नाग, नवागढ़ विधायक गुरुदयाल बंजारे, रामानुजगंज विधायक बृहस्पत सिंह, मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल बगावत पर आमादा हैं। बृहस्पत सिंह कह रहे हैं कि ये न जय हैं न वीरू हैं। ये रंगे सियार हैं। साफ है कि अभी तो ये अंगड़ाई है। कांग्रेस के भीतर आगे बहुत लड़ाई होने वाली है। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने सवाल किया है कि कांग्रेस ने झीरम के दो शहीदों के साथ  अन्याय क्यों किया? झीरम के शहीद योगेंद्र शर्मा की विधवा विधायक अनीता शर्मा और झीरम के शहीद मुदलियार के पुत्र उदय मुदलियार की टिकट काटी गई। जबकि प्रियंका गांधी कहती रही हैं कि झीरम के शहीदों के साथ न्याय होगा। क्या यही न्याय है?
 
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साव का मानना है कि बड़ी संख्या में विधायकों का टिकट काटना यह बताता है कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ भयंकर आक्रोश है। हालांकि भारी विद्रोह के डर से कांग्रेस 18 विधायकों का टिकट ही काट पायी है जबकि 50 से अधिक की टिकट खतरे में थी। सबसे अलोकतांत्रिक बात यह है कि मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जमकर प्रदेश को लूटा है, वे सभी कायम रहे किंतु विधायकों को बलि का बकरा बना दिया।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री साव का स्पष्ट मत है कि कांग्रेस के टिकट वितरण से यह साफ हुआ है कि कांग्रेस अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बोझ समझती है। पहले ‘भूपेश भरोसा’ को 'कांग्रेस भरोसा' कहना, फिर टीएस सिंहदेव को कांग्रेस संसदीय बोर्ड में शामिल करना, उप मुख्यमंत्री बनाना, इन कदमों से ऐसा लगता है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व भूपेश बघेल के कारनामों के कारण कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश को समझ कर मुद्दे को डायवर्ट करना चाहता है, जिसमें वह सफल नहीं होगा। जनता अब हाथ साफ करने का मूड बना चुकी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव का मानना है कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार अपनी अनीतियों के कारण राज्य की जनता का भरोसा अपने कार्यकाल के आरंभिक महीनों में ही खो चुकी थी। जैसे- जैसे समय बीतता गया, कांग्रेस सरकार के घपले, घोटाले, भ्रष्टाचार, कमीशनबाजी, माफियाराज, बेलगाम अपराध सामने आते गए। जनता ने पांच साल तक देखा कि कांग्रेस और करप्शन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जनता के साथ विश्वासघात और छल कांग्रेस का कल्चर है जो भूपेश बघेल की सरपरस्ती में कांग्रेस सरकार ने दिखाया है। भाजपा ने कांग्रेस के अन्याय के खिलाफ जनता के हित में लगातार संघर्ष किया है, जिससे परिवर्तन की हवा अब आंधी में बदल चुकी है। कांग्रेस का वृक्ष जड़ से हिल गया है। उसके ढेरों विधायकों का पत्ते की तरह उखड़ना इसकी गवाही दे रहा है। निश्चित तौर पर कांग्रेस धराशाई हो रही है।

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विधायक बृहस्पति सिंह के बयान से भाजपा और कांग्रेस में मचा हड़कंप

रायपुर। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने पहले 30 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था और दूसरी सूची में 53 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। 83 प्रत्याशियों में पार्टी ने 18 विधायकों की टिकट काटी है और 24 नए चेहरों को मौका दिया है। जबकि अभी भी 6 सीटों पर पेंच फंसा हुआ है। इसी बीच कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह का पार्टी के समझौता को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।

कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस नेता के बीच समझौता हुआ है। टीएस सिंहदेव के खिलाफ भाजपा आसान उम्मीदवार देता इधर रामविचार नेताम के खिलाफ डमी कैंडिडेट दिया गया। ताकि दोनों बड़े नेता आसानी से जीत सकें।Ts सिंहदेव लगातार कांग्रेस के खिलाफ काम कर रहे हैं। उसके बाद भी कांग्रेस हाईकमान क्यों चुप है, ये बड़े नेता ही जानते हैं।

 
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भरतपुर सोनहत विधानसभा: बीजेपी से रेणुका सिंह और कांग्रेस से गुलाब सिंह कमरों का होगा मुकाबला

भरतपुर : सरगुजा संभाग में कुल 14 विधानसभा सीटें हैं. इनमें एक सीट भरतपुर सोनहत विधानसभा हैं. ये सीट मनेंद्रगढ चिरमिरी भरतपुर जिले में पड़ता हैं. एक साल पहले कोरिया से अलग होकर मनेंद्रगढ चिरमिरी भरतपुर एक जिला बना था. जिले के दो विधानसभा सीटों में एक भरतपुर सोनहत विधानसभा सीट हैं. इस विधानसभा में साल 2008 में पहली बार चुनाव हुआ था. तब से अब तक यहां तीन विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. दो बार बीजेपी तो एक बार कांग्रेस ने यहां से जीत हासिल की है. वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस के गुलाब कमरो विधायक हैं।

भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र को जानिए:

मनेन्द्रगढ़ से अलग होकर बनी ये विधानसभा एसटी जाति के लिए आरक्षित हैं. यहां गोंड जनजाति के लोग अधिक हैं. यानी कि इस सीट पर गोंड जनजाति ही निर्णायक की भूमिका निभाते हैं.उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में गोंड समाज के लोग यहां अधिक हैं. यही कारण है कि क्षेत्रीय दल गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का यहां बेहतर प्रदर्शन रहा हैं. यहां पिछले चुनाव में कांग्रेस के गुलाब कमरो ने भाजपा प्रत्याशी चंपादेवी पावले को 16 हजार 533 वोटों के अंतर से हराया था.

भरतपुर सोनहत विधानसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे और समस्या:

भले ही विधायक कमरो भरतपुर सोनहत विधानसभा में विकास की गंगा बहाने का दावा कर रहे हों. लेकिन आज भी यहां की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. इस क्षेत्र का विकास महज कागजों पर हुआ है. यहां बिजली की समस्या है. मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. साथ ही यहां आए दिन लोगों को जंगली जानवरों का डर बना रहता है. कई सड़क गड्ढों में तब्दील हो गया है. सड़क की समस्या यहां सबसे बड़ी समस्या है.

भरतपुर सोनहत सीट की समस्या2018 विधानसभा चुनाव की तस्वीर:

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के गुलाब कमरो ने जीत हासिल की थी. गुलाब कमरो को 51732 वोट मिले थे. कांग्रेस का वोट प्रतिशत 38.85 था. वहीं, भाजपा प्रत्याशी चंपादेवी पावले को 35,199 वोट मिले थे. भाजपा का वोट प्रतिशत 26.43 था. इस सीट पर हार और जीत के बीच का अंतर 16,533 रहा.

साल 2018 चुनाव के परिणामभरतपुर सोनहत विधानसभा सीट पर गोंड जाति निभाती है विनिंग फैक्टर की भूमिका:

इस सीट पर गोंड जाति के लोग निर्णायक की भूमिका निभाते हैं. यहां गोंड जाति के लोग अधिक निवास करते हैं. यहां काफी संख्या में आदिवासी रहते हैं. इस सीट पर गोंड के अलावा कंवर और खैरवार जाति के लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं.

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दक्षिण विधानसभा में बुरी तरह से घिर गए बृजमोहन- सीएम बघेल

रायपुर। रायपुर ग्रामीण से पंकज शर्मा को टिकट दिए जाने के बाद से कांग्रेस पार्टी परिवारवाद का आरोप झेल रही है। इसपर अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया है।

उन्होंने कहा कि रमन सिंह उनके भांजे विक्रांत और अब भांजी को टिकट मिल गया। अगल-बगल की सीट मिल गई है। उन्होंने कहा कि सबकी नाव डूबने वाली है। बस्तर दौरे के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा में कांग्रेस की तीसरी सूची और बाकी बचे 7 सीटो को लेकर कहा कि जल्दी वो भी हो जाएगा। नवरात्रि के कारण रुके थे। तैयारी तो हमारी पहले से हो गई थी। आगे चौंकाने वाला नाम आएगा कि नहीं मुझे पता नहीं।

पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सामने महंत रामसुंदर दास को टिकट मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत जी पहले भी दो बार विधायक रह चुके हैं। इस बार जहां निवास करते हैं, वहां से उनको टिकट दिया गया है। उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल बुरी तरह से घिर गए हैं। ‘बीजेपी की सूची में रमन सिंह की चली है तो कांग्रेस की सूची में किसकी चली है’ के सवाल पर मुख्यंत्री बघेल ने कहा कि कांग्रेस की सूची में आलाकमान चली है।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के बयान पर कहा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवीर दास तो राज्यपाल बन गये, लेकिन उन्होंने जेपी नड्डा के प्रति आभार जताया है। राष्ट्रपति के प्रति आभार नहीं जताया।

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मनेंद्रगढ़ विधानसभा : बीजेपी से श्याम बिहारी जयसवाल और कांग्रेस से रमेश सिंह में फिर से होगी कांटे की टक्कर

मनेंद्रगढ़ | छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियां अपनी तरकश के तीरों को तेज करना शुरु कर दिया है.विधानसभा स्तर में राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने की तैयारियों में जुटे हैं.ऐसे में ईटीवी भारत आपके लिए हर विधानसभा का सूरत ए हाल लेकर आया है.आज हम बात करेंगे मनेंद्रगढ़ विधानसभा की.

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा कोरबा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. विधानसभा की सीमा मध्यप्रदेश से लगती है.इस क्षेत्र में ज्यादातर कोल माइंस हैं.जहां पर कोल श्रमिक काम करते हैं.लेकिन मनेंद्रगढ़ विधानसभा का आधा हिस्सा चिरमिरी क्षेत्र में आता है.इस विधानसभा की भौगोलिक तस्वीर की बात करें तो दो क्षेत्र एक दूसरे से 30 किलोमीटर दूर हैं.बावजूद इसके दोनों जगहों को मतदाता मनेंद्रगढ़ विधानसभा के लिए मतदान करते हैं.

मनेंद्रगढ़ विधानसभा में मतदाताओं की स्थितिक्या है मतदाताओं की स्थिति ? :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट मे 1 लाख 32 हजार 783 मतदाता हैं. इमने 68 हजार 106 पुरुष मतदाता और 64 हजार 675 महिला मतदाता हैं. जिसमें एक हजार के करीब दिव्यांग मतदाता समेत दो थर्ड जेंडर भी शामिल हैं.

साल 2018 के नतीजे :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा का साल 2018 चुनाव कांग्रेस के पक्ष में रहा.जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी विनय जायसवाल ने बीजेपी के श्याम बिहारी जायसवाल को 4068 वोटों से मात दी. विनय जायसवाल को 35819 मत मिले थे. जबकि श्यामबिहारी को 31745 मत हासिल हुए थे. वहीं जोगी कांग्रेस के लखनलाल श्रीवास्तव 12 हजार मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे.

मनेंद्रगढ़ विधानसभा चुनाव साल 2018 के नतीजेमनेंद्रगढ़ विधानसभा का इतिहास :

1951 से 1977 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा. जबकि 1977 में हुए चुनाव में इस सीट पर जयप्रकाश नारायण की पार्टी जेएनपी के राम सिंह ने पहली बार कांग्रेस को इस सीट पर हराया. अविभाजित मध्यप्रदेश में इस सीट पर बीजेपी ने पहली बार 1990 में जीत दर्ज की थी. उस समय बीजेपी के चंद्र प्रकाश सिंह ने करीब साढ़े उन्नीस हजार वोट से कांग्रेस के विजय सिंह को हराया था. लेकिन अगले ही चुनाव में बीजेपी यहां से चुनाव हार गई.1993 और 1998 के चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.

2008 और 2013 में बीजेपी के पक्ष में जनता :

साल 2000 में जब मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ का गठन हुआ तो यहां के राजनीतिक समीकरण भी बदल गए. राज्य बनने के बाद चार चुनाव में दो बार बीजेपी और दो बार कांग्रेस ने मनेन्द्रगढ़ सीट पर जीत दर्ज की. राज्य बनने के बाद 2003 में पहली बार इस सीट पर आम चुनाव हुए. पहली बार में कांग्रेस के गुलाब सिंह ने जीत दर्ज की. उसके बाद 2008 में जब पहली बार सीट सामान्य हुई तो इस सीट पर बीजेपी ने कब्जा जमाया.2008 में दीपक पटेल तो 2013 में श्यामबिहारी जायसवाल ने जीत हासिल की.

2018 में नजदीकी मुकाबले में हारी बीजेपी :

लेकिन 2018 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के डॉ विनय जायसवाल ने जीत दर्ज की और बीजेपी के सिटिंग एमएलए श्याम बिहारी जायसवाल को हार का सामना करना पड़ा. छत्तीसगढ़ बनने के बाद कांग्रेस के लिए सुरक्षित माने जाने वाली मनेन्द्रगढ़ सीट पर अब कांटे की टक्कर होती है.यही वजह है कि कांग्रेस की परंपरागत सीट में दो बार बीजेपी ने जीत हासिल की है.

बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे कांग्रेस विधायक :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक कभी खेत में उतरकर किसानों के साथ हल चलाते दिखते है. तो कभी एसईसीएल के कर्मचारी और सफाई ठेकेदार को उल्टा लटकाने की धमकी देते हैं. वहीं मौजूदा समय में समाजसेवी ने कांग्रेस विधायक पर फर्जी डिग्री हासिल करने का आरोप लगाया है.जिसका असर टिकट वितरण पर भी पड़ सकता है.

कांग्रेस की तरफ से कौन हो सकता है दावेदार :

विनय जायसवाल के अलावा इस विधानसभा सीट से पूर्व महापौर डमरुधर रेड्डी, अशोक श्रीवास्तव, रमेश सिंह और बड़कू भैया का नाम सामने आ रहा है.चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ दो अलग-अलग क्षेत्र होने के कारण दोनों ही जगहों के प्रत्याशी इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश करते हैं.इस बार कांग्रेस की सरकार है ऐसे में मौजूदा विधायक की दावेदारी को नकारकर नया प्रत्याशी चुनना आसान काम नहीं होगा.


बीजेपी में कौन दावेदार :

वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व विधायक श्यामबिहारी जायसवाल का नाम सबसे ऊपर है. इसके बाद गोमती त्रिवेदी और अभय जायसवाल ने भी अपनी दावेदारी पेश करने का मन बनाया है.लेकिन इस विधानसभा में बीजेपी ने हर बार आंतरिक सर्वे के बाद ही प्रत्याशी चुनती है.लिहाजा इस बार भी बीजेपी सर्वे में सबसे ऊपर रहने वाले प्रत्याशी को मौका देगी.


गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी दौड़ में :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा में जहां कांग्रेस बीजेपी में सीधी टक्कर होती है.वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी हर बार अपना प्रत्याशी चुनाव में उतारती है. हर बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का वोट परसेंटेज बढ़ा है. ऐसे में गोंगपा को कमतर नहीं आंका जा सकता.

मनेंद्रगढ़ विधानसभा का जातिगत समीकरण :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा में सभी जाति के लोग रहते हैं. जायसवाल,बनिया, उरांव केवट, कायस्थ,गुप्ता,आदिवासी, विश्वकर्मा,पंडित, राजपूत, हरिजन,गोड़, उरांव,सिख और मुस्लिम.लेकिन इस विधानसभा में सामान्य वर्ग के वोटर्स ज्यादा हैं.इसलिए राजनीतिक दल ऐसे प्रत्याशी को टिकट देती है जिसकी हर समाज में पूछ परख होती है.

चिरमिरी भरतपुर :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा कोरबा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. विधानसभा की सीमा मध्यप्रदेश से लगती है.इस क्षेत्र में ज्यादातर कोल माइंस हैं.जहां पर कोल श्रमिक काम करते हैं.लेकिन मनेंद्रगढ़ विधानसभा का आधा हिस्सा चिरमिरी क्षेत्र में आता है.इस विधानसभा की भौगोलिक तस्वीर की बात करें तो दो क्षेत्र एक दूसरे से 30 किलोमीटर दूर हैं.बावजूद इसके दोनों जगहों को मतदाता मनेंद्रगढ़ विधानसभा के लिए मतदान करते हैं.

मनेंद्रगढ़ विधानसभा में मतदाताओं की स्थितिक्या है मतदाताओं की स्थिति ? :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट मे 1 लाख 32 हजार 783 मतदाता हैं. इमने 68 हजार 106 पुरुष मतदाता और 64 हजार 675 महिला मतदाता हैं. जिसमें एक हजार के करीब दिव्यांग मतदाता समेत दो थर्ड जेंडर भी शामिल हैं.

साल 2018 के नतीजे :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा का साल 2018 चुनाव कांग्रेस के पक्ष में रहा.जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी विनय जायसवाल ने बीजेपी के श्याम बिहारी जायसवाल को 4068 वोटों से मात दी. विनय जायसवाल को 35819 मत मिले थे. जबकि श्यामबिहारी को 31745 मत हासिल हुए थे. वहीं जोगी कांग्रेस के लखनलाल श्रीवास्तव 12 हजार मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे.

मनेंद्रगढ़ विधानसभा चुनाव साल 2018 के नतीजेमनेंद्रगढ़ विधानसभा का इतिहास :

1951 से 1977 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा. जबकि 1977 में हुए चुनाव में इस सीट पर जयप्रकाश नारायण की पार्टी जेएनपी के राम सिंह ने पहली बार कांग्रेस को इस सीट पर हराया. अविभाजित मध्यप्रदेश में इस सीट पर बीजेपी ने पहली बार 1990 में जीत दर्ज की थी. उस समय बीजेपी के चंद्र प्रकाश सिंह ने करीब साढ़े उन्नीस हजार वोट से कांग्रेस के विजय सिंह को हराया था. लेकिन अगले ही चुनाव में बीजेपी यहां से चुनाव हार गई.1993 और 1998 के चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.

2008 और 2013 में बीजेपी के पक्ष में जनता :

साल 2000 में जब मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ का गठन हुआ तो यहां के राजनीतिक समीकरण भी बदल गए. राज्य बनने के बाद चार चुनाव में दो बार बीजेपी और दो बार कांग्रेस ने मनेन्द्रगढ़ सीट पर जीत दर्ज की. राज्य बनने के बाद 2003 में पहली बार इस सीट पर आम चुनाव हुए. पहली बार में कांग्रेस के गुलाब सिंह ने जीत दर्ज की. उसके बाद 2008 में जब पहली बार सीट सामान्य हुई तो इस सीट पर बीजेपी ने कब्जा जमाया.2008 में दीपक पटेल तो 2013 में श्यामबिहारी जायसवाल ने जीत हासिल की.

2018 में नजदीकी मुकाबले में हारी बीजेपी :

लेकिन 2018 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के डॉ विनय जायसवाल ने जीत दर्ज की और बीजेपी के सिटिंग एमएलए श्याम बिहारी जायसवाल को हार का सामना करना पड़ा. छत्तीसगढ़ बनने के बाद कांग्रेस के लिए सुरक्षित माने जाने वाली मनेन्द्रगढ़ सीट पर अब कांटे की टक्कर होती है.यही वजह है कि कांग्रेस की परंपरागत सीट में दो बार बीजेपी ने जीत हासिल की है.

बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे कांग्रेस विधायक :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक कभी खेत में उतरकर किसानों के साथ हल चलाते दिखते है. तो कभी एसईसीएल के कर्मचारी और सफाई ठेकेदार को उल्टा लटकाने की धमकी देते हैं. वहीं मौजूदा समय में समाजसेवी ने कांग्रेस विधायक पर फर्जी डिग्री हासिल करने का आरोप लगाया है.जिसका असर टिकट वितरण पर भी पड़ सकता है.

कांग्रेस की तरफ से कौन हो सकता है दावेदार :

विनय जायसवाल के अलावा इस विधानसभा सीट से पूर्व महापौर डमरुधर रेड्डी, अशोक श्रीवास्तव, रमेश सिंह और बड़कू भैया का नाम सामने आ रहा है.चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ दो अलग-अलग क्षेत्र होने के कारण दोनों ही जगहों के प्रत्याशी इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश करते हैं.इस बार कांग्रेस की सरकार है ऐसे में मौजूदा विधायक की दावेदारी को नकारकर नया प्रत्याशी चुनना आसान काम नहीं होगा.


बीजेपी में कौन दावेदार :

वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व विधायक श्यामबिहारी जायसवाल का नाम सबसे ऊपर है. इसके बाद गोमती त्रिवेदी और अभय जायसवाल ने भी अपनी दावेदारी पेश करने का मन बनाया है.लेकिन इस विधानसभा में बीजेपी ने हर बार आंतरिक सर्वे के बाद ही प्रत्याशी चुनती है.लिहाजा इस बार भी बीजेपी सर्वे में सबसे ऊपर रहने वाले प्रत्याशी को मौका देगी.


गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी दौड़ में :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा में जहां कांग्रेस बीजेपी में सीधी टक्कर होती है.वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी हर बार अपना प्रत्याशी चुनाव में उतारती है. हर बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का वोट परसेंटेज बढ़ा है. ऐसे में गोंगपा को कमतर नहीं आंका जा सकता.

मनेंद्रगढ़ विधानसभा का जातिगत समीकरण :

मनेंद्रगढ़ विधानसभा में सभी जाति के लोग रहते हैं. जायसवाल,बनिया, उरांव केवट, कायस्थ,गुप्ता,आदिवासी, विश्वकर्मा,पंडित, राजपूत, हरिजन,गोड़, उरांव,सिख और मुस्लिम.लेकिन इस विधानसभा में सामान्य वर्ग के वोटर्स ज्यादा हैं.इसलिए राजनीतिक दल ऐसे प्रत्याशी को टिकट देती है जिसकी हर समाज में पूछ परख होती है.

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विधानसभा आम निर्वाचन-2023 : निगरानी दलों ने अब तक 6 करोड़ 57 लाख रूपए की नकद और वस्तुएं की जब्त

छत्तीसगढ़ विधानसभा आम निर्वाचन-2023 की तिथि की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता 9 अक्टूबर से लागू हो गई है। प्रदेश में विभिन्न इन्फोर्समेंट एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी निवार्चन हेतु मतदाता को प्रभावित करने के उद्देश्य से परिवहन की जा रही अवैध धन राशि या वस्तुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 19 विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से धन और वस्तुओं के अवैध परिवहन तथा संग्रहण पर कड़ी नजर रखी जा रही है।  आदर्श आचार संहिता लागू होने से अब तक अवैध धनराशि तथा वस्तुओं की बरामदगी का आँकड़ा 6 करोड़ 57 लाख 3 हजार 62 रूपए हो गया है। इसमें एक करोड़ 46 लाख रूपए नकद राशि बरामद की गई है। 

     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवर्तन एजेंसियों (इन्फोर्समेंट एजेंसी) द्वारा निगरानी के दौरान अब तक 13 हजार 574 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 41 लाख 68 हजार रूपए है। साथ ही 1945 किलोग्राम अन्य नशीली वस्तुएं, जिसकी कीमत लगभग 70 लाख रुपए है भी बरामद किया गया है। सघन जाँच अभियान के तहत अधिकारियों ने अवैध रूप से अन्य सामग्रियों जिनकी कीमत 2 करोड़ 17 लाख रूपए जब्त की हैं। इसके अतिरिक्त एक करोड़ 82 लाख रूपए कीमत के लगभग 83 किलोग्राम कीमती आभूषण तथा रत्न भी तलाशी के दौरान जब्त किया गया है।
    
    गौरतलब है कि 5 प्रमुख जिले जहां सबसे अधिक जब्ती की गई है, जिसमें क्रमशः बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, बस्तर तथा रायपुर शामिल है। विधानसभा निर्वाचन-2023 हेतु जब्तियों के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएसएमएस) के रूप में वेब एवं मोबाइल एप लांच किया है। इस एप्प में लगभग 1600 से भी ज्यादा FST / SST को रजिस्टर कर एप्प डाउनलोड करवाया गया है एवं इस एप्प के माध्यम से तत्काल जब्तियों की रिपोर्टिंग भी की जा रही है ।

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रायपुर : प्रदेश में पहले चरण के लिए आज चौथे दिन 64 नामांकन पत्र दाखिल

 छत्तीसगढ़ में विधानसभा आम निर्वाचन 2023 के पहले चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों के लिए आज चौथे दिन 64 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इस प्रकार पहले चरण के लिए अब तक कुल 60 अभ्यर्थियों ने 87 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।

आज पंडरिया और  भानुप्रतापपुर  विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 6-6, कांकेर और दंतेवाड़ा में 5-5, कवर्धा,डोंगरगांव और अंतागढ़ में 4-4,खैरागढ़ ,मोहला-मानपुर ,केशकालबस्तरबीजापुर और कोंटा में 3-3 जबकि डोंगरगढ़ ,राजनांदगांवखुज्जीकोंडागांवनारायणपुर और चित्रकोट में दो-दो नामांकन पत्र दाखिल किया गया है। जगदलपुर  विधानसभा क्षेत्र के लिए बुधवार को कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया।

प्रथम चरण में बस्तर संभाग की 12 निर्वाचन क्षेत्रों सहित राजनांदगाँवमोहला -मानपुर -अंबागढ़ चौकी खैरागढ़- छुईखदान- गंडई तथा कबीरधाम जिलों के 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन की प्रक्रिया जारी है।

                उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दो चरणों में हो रहे निर्वाचन के पहले चरण की 20 सीटों के लिए 20 अक्टूबर तक नामांकन पत्र भरे जा सकते हैं। 21 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जाँच की जाएगी तथा प्रत्याशी 23 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। प्रथम चरण के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा जबकि दोनों ही चरणों के लिए मतगणना 3 दिसंबर को होगी।

प्रथम चरण में कोंटाबीजापुरदंतेवाड़ाचित्रकोटजगदलपुरबस्तर नारायणपुर कोंडागांव ,केशकाल ,कांकेर ,

भानुप्रतापुरअंतागढ़मोहला- मानपुरखुज्जीडोंगरगांवराजनांदगांवडोंगरगढ़खैरागढ़कवर्धा और पंडरिया विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान होगा।

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पहले चरण के लिए अब तक 60 अभ्यर्थियों ने दाखिल किए 87 नामांकन पत्र

    रायपुर 18 अक्टूबर 2023/ छत्तीसगढ़ में विधानसभा आम निर्वाचन 2023 के पहले चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों के लिए आज चौथे दिन 64 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इस प्रकार पहले चरण के लिए अब तक कुल 60 अभ्यर्थियों ने 87 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।
आज पंडरिया और  भानुप्रतापपुर  विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 6-6, कांकेर और दंतेवाड़ा में 5-5, कवर्धा,डोंगरगांव और अंतागढ़ में 4-4,खैरागढ़ ,मोहला-मानपुर ,केशकाल, बस्तर, बीजापुर और कोंटा में 3-3 जबकि डोंगरगढ़ ,राजनांदगांव, खुज्जी, कोंडागांव, नारायणपुर और चित्रकोट में दो-दो नामांकन पत्र दाखिल किया गया है। जगदलपुर  विधानसभा क्षेत्र के लिए बुधवार को कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया।
प्रथम चरण में बस्तर संभाग की 12 निर्वाचन क्षेत्रों सहित राजनांदगाँव, मोहला -मानपुर -अंबागढ़ चौकी , खैरागढ़- छुईखदान- गंडई तथा कबीरधाम जिलों के 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन की प्रक्रिया जारी है।
    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दो चरणों में हो रहे निर्वाचन के पहले चरण की 20 सीटों के लिए 20 अक्टूबर तक नामांकन पत्र भरे जा सकते हैं। 21 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जाँच की जाएगी तथा प्रत्याशी 23 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। प्रथम चरण के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा जबकि दोनों ही चरणों के लिए मतगणना 3 दिसंबर को होगी।
प्रथम चरण में कोंटा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, चित्रकोट, जगदलपुर, बस्तर , नारायणपुर , कोंडागांव ,केशकाल ,कांकेर ,
भानुप्रतापुर, अंतागढ़, मोहला- मानपुर, खुज्जी, डोंगरगांव, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा और पंडरिया विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान होगा।

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दंतेवाड़ा में आज सीएम भूपेश बघेल की चुनावी सभा, प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे

दंतेवाड़ा/ जगदलपुर। विधानसभा के पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम दिन 20 अक्टूबर से एक दिन पहले आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव प्रचार अभियान का शुभारंभ करेंगे।

बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में दंतेवाड़ा ही बस्तर संभाग की इकलौती सीट थी, जहां कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा था। हालांकि भाजपा के तत्कालीन विधायक भीमा मंडावी की नक्सली हत्या के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज कर पिछली हार का बदला ले लिया था।इस बार यहां से कांग्रेस ने छवींद्र कर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दंतेवाड़ा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नगरनार इस्पात संयंत्र देश को समर्पित किया था।

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प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, गिरने लगेगा तापमान, रात में हल्की ठंड में होगी बढ़ोतरी

 

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सुबह और रात में हल्की ठंड की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार से तापमान में गिरावट शुरू होगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान में गिरावट से रात में हल्की ठंड में और बढ़ोतरी होने वाली है। हालांकि गुरुवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले सप्ताह से ठंड में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। इन दिनों दोपहर की तेज धूप बनी हुई है। साथ ही आउटर क्षेत्रों में रात व सुबह के वक्त हल्की ठंड भी लगने लगी है। अभी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। बुधवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों ही सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ दौरे पर, जगदलपुर और कोंडागांव में रैली को करेंगे संबोधित

रायपुर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) आज  छत्तीसगढ़ दौरे (Amit Shah Visit to Chhattisgarh) पर रहेंगे. इस दौरान शाह जगदलपुर और कोंडागांव में बीजेपी उम्मीदवारों की नामांकन रैली में शामिल होंगे और सभा को संबोधित करेंगे।

अमित शाह के दौरे को लेकर बीजेपी नेताओं ने बताया कि अमित शाह गुरुवार की सुबह विशेष विमान से दिल्ली से रवाना होंगे और दोपहर को मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर पहुंचेंगे। शाह कोंडागांव में पुलिस मैदान में आयोजित होने वाली जनसभा (Amit Shah Rally in Kondagaon) और नामांकन रैली में शामिल होंगे. इसके साथ ही वे सभा को संबोधित भी करेंगे।  इसके बाद अमित शाह शाम को जगदलपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। छत्तीसगढ़ में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की यह दूसरी बड़ी रैली है। उन्होंने बताया कि शाह जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित जनसभा (Amit Shah Rally in Jagdalpur) और नामांकन रैली में शामिल होंगे. सभा के बाद वह दोपहर लगभग 1:45 बजे हेलीकॉप्टर से कोंडागांव पहुंचेंगे।

 
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दूसरी सूची में भी कई विधायकों की टिकट कटी

दूसरी सूची में भी कई सिटिंग विधायकों की टिकट कटी

 छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है. दूसरी सूची में 53 नाम शामिल है.सांसद छाया वर्मा को धरसींवा से बतौर प्रत्याशी मैदान में उतारा है. भरतपुर सोनहत से गुलाब कमरो,मनेंद्रगढ़ से रमेश सिंह को टिकट मिला है. यहां से सिटिंग एमएलए विनय जायसवाल की टिकट कटी है. वहीं जगदलपुर से सिटिंग विधायक रेखचंद जैन की टिकट काटी गई है.वहां से जतिन जायसवाल को टिकट दी गई है. बलौदा बाजार से शैलेश नितिन त्रिवेदी लड़ेंगे चुनाव.रायपुर पश्चिम से विकास उपाध्याय,रायपुर दक्षिण से महंत रामसुंदर दास को टिकट दी गई है.
रायपुर उत्तर की सीट होल्ड की गई है.देखे सूची

 

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