राशिफल
शनि की कृपा चाहिए तो इन गलतियों से बचें
- दूसरों की धन-संपत्ति का लोभ करने वालों और मेहनत से धन नहीं कमाकर धन हड़पने वालों को शनि देव कठोर दंड देते हैं.
- दूसरों के साथ छल-कपट कर उन्हें परेशान करने वालों को भी शनि देव दंडित करते हैं. जब-जब इनपर शनि की महादशा, साढ़े साती या ढैया रहती है. शनि देव इन्हें खूब कष्ट देते हैं.
- गलत काम करने वाले, महिलाओं पर बुरी दृष्टि रखने वाले और असहायों को सताने वालों को शनि देव हमेशा बुरा फल ही देते हैं और इनका जीवन परेशानियों से घिर जाता है.
- दूसरों को हानि पहुंचाने वाले, नियम का पालन न करने वाले और अनुशासन को तोड़ने वालों को भी शनि माफ नहीं करते. शनि इन्हें अपनी दशा, अंर्तदशा में जरूर दंडित करते हैं.
- ऐसे लोगों के जीवन में सदा खुशियां बनी रहती हैं और धन से तिजोरी भरी रहती है. लेकिन न्याय का देवता होने के कारण शनि देव अनुचित कर्मों के लिए दंडित भी करते हैं. इसलिए अगर आप शनि देव की कृपा चाहते हैं तो इन गलतियों को करने से आपको हमेशा बचना चाहिए.
बंगाल की पारंपरिक मिष्टी दोई बंगाली भाषा में मिष्टी का अर्थ होता है - मीठा और दोई का अर्थ होता है - दही।
सामग्री
- फूल क्रीम दूध - 1 लीटर
- हंग कर्ड - 1 कप
- चीनी - 1/2 कप
- ईलाईची पाउडर - 1/4 टी- स्पून
- सबसे पहले दूध को एक मोटी तली के बर्तन में उबलने के लिए गैस पर रख दें।
- जब दूध में एक उबाल आ जाए तब गैस की आंच को लो - मीडियम कर दें और बीच - बीच में चलाते हुए दूध को 3/4 होने तक पका लें।
- जब तक दूध गाढ़ा हो रहा है, तब तक गैस की दूसरी तरफ चीनी को कैरेम्लाइज़्ड़ कर लें। इसके लिए एक पैन को गैस पर धीमी आंच पर रखें और उसमें चीनी डाल दें। पानी वगैरह कुछ भी नहीं डालना है।
- धीमी आंच पर चीनी को चलाते हुए तब तक पकाएँ जब तक चीनी का रंग बिल्कुल ब्राऊन न हो जाए। जब आप चीनी को पकाना शुरू करेंगे तो आप देखेंगे कि चीनी पहले पिघलकर लिक्विड होगी और फिर धीरे- धीरे इसका रंग बदलने लगेगा और जब चीनी का रंग बिल्कुल ब्राऊन हो जाए और चाशनी थोड़ी गाढ़ी हो जाए ,तब गैस बंद कर दें। चीनी को कैरेम्लाइज़्ड़ करने में धीमी आंच पर 5-6 मिनट का समय लग जाता है।
- तब तक एक जाली या सूती कपड़े में 1 कप दही को डालकर रख दें , जिससे दही का अतिरिक्त पानी निकल जाए और हमें गाढ़ा हंग कर्ड प्राप्त हो जाए। दही से निकले पानी को फेंके नहीं, यह पानी बहुत पौष्टिक होता है। इसका इस्तेमाल दाल , सब्जी बनाने में या आटा गूँथने में कर लें। दही या पनीर को बनाने में निकले पानी से ही मार्केट में मिलने वाला सबसे महंगा Whey Protein बनता है।
- ध्यान रखें कि मिष्टी दोई बनाने के लिए हमें ताजी दही का उपयोग ही करना है। खट्टी दही बिल्कुल भी न लें।
- जब दूध गाढ़ा होकर 3/4 रह जाए तब दूध का गैस भी बंद कर दें और कैरेम्लाइज़्ड़ शुगर में पहले 2 कलछी दूध डालकर चला दें। एक साथ पूरा दूध नहीं डालना है। दूध थोड़ा - थोड़ा करके ही मिलाएँ और चलाते जाएँ।
- जब आप शुगर में दूध मिक्स करेंगे तब आप देखेंगे कि दूध में गुठली पड़ रही है, लेकिन घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। लगातार चलाते रहने से दूध में पड़ी गुठली समाप्त हो जाएगी और दूध कैरेम्लाइज़्ड़ शुगर में अच्छे से मिक्स होकर भूरे रंग का हो जाएगा।
- इसके बाद चाशनी में बाकी बचा हुआ दूध भी धीरे - धीरे करके डाल दें और ईलाईची पाउडर भी डालकर मिक्स कर दें।
- दूध को थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दें । एकदम गरम दूध में जामन न लगाएँ।
- तब तक हंग कर्ड को एक बाउल में निकाल लें और एक चम्मच या व्हिसकर की मदद से तब तक फेंटे, जब तक दही का बिल्कुल क्रीमी टेक्सचर न आ जाए।
- दूध में 4 -5 बार कलछी से ऊपर - नीचे करके झाग बना लें।
- जब दूध गुनगुना से थोड़ा ज्यादा गरम रह जाए तब दूध में जामन लगा दें। जामन लगाते वक़्त भी एक साथ पूरा दही न डालें, थोड़ा - थोड़ा करके ही डालें और चलाते जाएँ , नहीं तो दही दूध में अच्छे से मिक्स नहीं होगी।
- ध्यान रखें कि जामन लगाते वक़्त दूध अच्छा गरम हो , ज्यादा ठंडा न होने पाये नहीं तो मिष्टी दोई अच्छे से सेट नहीं होगी और अगर दूध बहुत ज्यादा गरम हुआ तो दही पानी छोड़ देगी। दही जमाने के लिए दूध इतना गरम होना चाहिए कि जब हम उसे उंगली से छूएँ तो हमें गरम महसूस हो।
- इसके बाद दूध को एक मिट्टी के बर्तन में डालकर , ढँककर 8 - 10 घंटे या रात भर के लिए सेट होने के लिए किसी गरम स्थान पर रख दें।
- सुबह तक अच्छे से मिष्टी दोई सेट होकर तैयार हो जाएगी। इसे तुरंत न खाएं, क्यूंकि मिष्टी दोई ठंडी ही खाई जाती है। इसे उठाकर फ्रिज में 3 -4 घंटे के लिए रख दें।
- दोपहर के लंच तक शानदार मिष्टी दोई बनकर तैयार है। ठंडा - ठंडा सर्व करें।
पुणे की मशहूर मैंगो मस्तानी जरूर ट्राई करनी चाहिए!
मैंगो मस्तानी के लिए सामग्री
यह एक सरल और त्वरित मैंगो ड्रिंक है जिसके लिए केवल 5 सरल सामग्रियों की आवश्यकता होती है:
- आम
- वेनिला आइसक्रीम
- मिश्रित मेवे (वैकल्पिक)
- फेंटी हुई मलाई
- इलायची
- आपको बस व्हीप्ड क्रीम को छोड़कर बाकी सभी चीजों को मिलाना है और फिर उसके ऊपर व्हीप्ड क्रीम या आइसक्रीम का एक और स्कूप डालना है।
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- 2 बड़े आम (गूदे का प्रयोग करें और हाथ की सहायता से गुठली से जितना रस निकाल सकें निकाल लें।)
- 2 स्कूप वेनिला आइसक्रीम
- 1 कप पूरा दूध
- 1 चम्मच इलायची पाउडर
- ⅓ कप मिश्रित मेवे (वैकल्पिक)
- ऊपर से डालने के लिए व्हीप्ड क्रीम
- सजावट के लिए चेरी (वैकल्पिक)
निर्देश
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एक ब्लेंडर में, व्हीप्ड क्रीम को छोड़कर सब कुछ डालें और एक क्रीम जैसी चिकनी स्थिरता में ब्लेंड करें।
-
एक लम्बे गिलास में डालें, ऊपर से व्हीप्ड क्रीम, कटे हुए मेवे और एक चेरी डालें।
-
ताज़ा आनंद लें!
जॉन अब्राहम बने एप्रिलिया के ब्रांड एंबेसडर
*बिट्स पिलानी में राकेश वर्मा कन्वेंशन सेंटर की रखी गई आधारशिला
बाल हनुमान की शक्ति और भक्ति की ताकत दिखेगी
रोट प्रसाद विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए चढ़ाते हैं रोट
बजरंगबली को हर मंगलवार रोट या मीठी रोटी खुद बनाकर अर्पित करने से आपके तरक्की के रास्ते खुलते हैं. आपके किसी भी काम में अड़चन नहीं आती. इमरती हनुमान जी का अति प्रिय भोग है. इसे आप मंगलवार और अन्य किसी भी दिन हनुमान जी को अर्पित कर सकते हैं और अपनी हर मनोकामना पूरी करने का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
हनुमान जी को चढ़ने वाले रोठ प्रसाद तो आपने कभी न कभी तो खाया ही होगा। यह प्रसाद हनुमान जी को शनिवार, मंगलवार और बजरंगबली के खास पर्व या अवसर पर चढ़ता है। इस प्रसाद की खास बात यह है कि यह बिना पानी के कच्चा दूध या गंगाजल की मदद से तैयार की जाती है। भगवान बजरंगबली को यह प्रसाद किसी विशेष कामना के पूरा होने पर या मन्नत के लिए भी चढ़ाई जाती है। बहुत से लोगों को रोठ प्रसाद बनाने की सही विधि नहीं पता होती है, ऐसे में आज हम उन्हें रोठ बनाने की विधि बताएंगे जिससे आप बहुत ही आसानी से यह प्रसाद घर पर बना सकती हैं।
- कच्चा दूध या गंगाजल
- गेहूं आटा
- गुड़
- घी
रोठ बनाने की विधि
- प्रसाद बनाने के लिए साफ और शुद्ध आटा लें। इसे छलनी की मदद से छान लें और एक बर्तन में निकाल कर रखें।
- रोट का प्रसाद हनुमान जी में पांच, सात, नौ, ग्यारह और 21 के अंक में चढ़ता है तो आप इसे उतनी ही गिनती के हिसाब से आटा लें।
- अब एक बर्तन में दूध और गुड़ या गुड़ और गंगाजल को मिक्स करें।
- आटा में घी मिलाकर मोयन बना लें। मोयन डालने से रोट कुरकुरा बनता है।
- अब इस मोयन वाले आटा में गुड़ और दूध के मिश्रण को डोलकर आटा तैयार करें।
- आटा से पांच, सात, नौ, ग्यारह और 21 के अंक की लोई बना लें।
- लोई से आप गोल आकार या फिर सितारे के आकार में रोठ बना लें।
- रोठ को बनाने के बाद धीमी आंच पर गाय के शुद्ध घी से सेक लें।
- दोनों तरफ सुनहरा भूरा होने के बाद निकाल लें। प्रसाद लगाने के लिए रोठ तैयार है।
जैन स्टाइल पनीर की सब्जी आइए जानते हैं इसकी सिंपल रेसिपी.
जैन स्टाइल पनीर की सब्जी बनाने के लिए काजू, टमाटर, मलाई और अन्य सामग्रियों की मदद से ग्रेवी तैयार की जाती है. आप भी अगर घर पर बिना प्याज-लहसुन की पनीर सब्जी बनाना चाहते हैं तो आइए जानते हैं इसकी सिंपल रेसिपी.
पनीर सब्जी बनाने के लिए सामग्री
पनीर क्यूब्स – 2 कप
टमाटर प्यूरी – 3 कप
मलाई – 3 टेबलस्पून
काजू पेस्ट – 2 टेबलस्पून
दालचीनी – 1 इंच टुकड़ा
जीरा – 1 टी स्पून
लौंग – 2-3
हल्दी – 1/2 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
गरम मसाला – 1 टी स्पून
कसूरी मेथी – 1 टी स्पून
नींबू – 1
हरा धनिया – 2 टेबलस्पून
तेल – 4 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार
पनीर सब्जी बनाने की विधि
स्वाद से भरपूर जैन स्टाइल पनीर की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद उसमें जीरा, दालचीनी और लौंग डालकर भूनें. कुछ सेकंड बाद तेल में हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डाल दें. कुछ सेकंड और भूनने के बाद कड़ाही में टमाटर प्यूरी डाल दें और पकने दें. 2-3 मिनट बाद टमाटर प्यूरी में उबाल आना शुरू हो जाएगा.
इसके बाद प्यूरी में पहले से बनाकर रखे काजू के पेस्ट को डालकर चम्मच की मदद से मिक्स कर दें.
इसके बाद गरम मसाला और कसूरी मेथी डालकर उन्हें भी 2 मिनट तक उबलने दें. इस दौरान थोड़ा सा पनीर का चूरा बना लें. जब प्यूरी अच्छी तरह से उबलने लगे तो उसमें क्रम्बल किया हुआ पनीर, पनीर क्यूब्स और स्वादानुसार नमक को डालकर ग्रेवी के साथ अच्छी तरह से कोट कर पकने दें. अब कड़ाही को ढककर सब्जी को 2-3 मिनट और पकाएं फिर गैस बंद कर दें. अब सब्जी में 1 चम्मच नींबू रस और धनिया पत्ती डालकर परोसें.
बड़ों के साथ ही बच्चे भी काफी पसंद करते हैं.मैंगो बर्फी को बेहद आसानी से बनाया जा सकता है
गर्मी के मौसम में मैंगो बर्फी यानी आम की बर्फी को काफी पसंद किया जाता है. स्वाद से भरपूर मैंगो बर्फी का ज़ायका मुंह में आम के स्वाद से भरी मिठास घोल देता है. आप अगर मीठा खाने के शौकीन हैं तो समर सीजन में मैंगो बर्फी की रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं. मैंगो बर्फी को किसी भी वक्त खाया जा सकता है और इसका स्वाद बड़ों के साथ ही बच्चे भी काफी पसंद करते हैं. पारंपरिक मैंगो बर्फी को बेहद आसानी से बनाया जा सकता है और इसे तैयार करने में ज्यादा वक्त भी नहीं लगता है.
आप घर में किसी फंक्शन या खास मौके पर भी मैंगो बर्फी को बनाकर सभी का मुंह मीठा करा सकते हैं. आपने अगर कभी मैंगो बर्फी की रेसिपी को ट्राई नहीं किया है तो हमारी बताई विधि आपके लिए काफी हेल्पफुल हो सकती है. आइए जानते हैं मैंगो बर्फी बनाने का तरीका.
मैंगो बर्फी बनाने के लिए सामग्री
आम के टुकड़े – 1 कप
दूध – आधा कप
नारियल कद्दूकस – 3 कप
इलायची पाउडर – 1/4 टी स्पून
केसर – 1 चुटकी
चीनी – 1 कप (स्वादानुसार)
मैंगो बर्फी बनाने की विधि
मैंगो बर्फी गर्मी के मौसम के लिए परफेक्ट स्वीट डिश है. मैंगो बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले आम को काटें और उसके गूदे के टुकड़े कर एक बाउल में जमा कर लें. अब एक ब्लेंडर में आम के टुकड़े और आधा कप दूध डालकर इन्हें ब्लेंड करें. ध्यान रखें कि आम की स्मूद प्यूरी तैयार होनी चाहिए. जरूरत के मुताबिक प्यूरी बनाने के लिए थोड़ा सा दूध और भी मिलाया जा सकता है.
अब एक कड़ाही को गैस पर गर्म करने के लिए रख दें. इसमें आम की प्यूरी डालकर धीमी आंच पर पकाएं. कुछ देर बाद प्यूरी में 1 कप चीनी डालें और चम्मच से तब तक चलाते रहें जब तक कि प्यूरी के साथ चीनी पूरी तरह से न घुल जाए. इसके बाद प्यूरी में 3 कप कद्दूकस नारियल डालें और पकाएं. इस बीच एक छोटी कटोरी में थोड़ा सा गुनगुना दूध लें और उसमें केसर के धागे डालकर घोल दें.
अब केसर धागे वाले दूध को कड़ाही में डालकर प्यूरी के साथ अच्छी तरह से मिक्स करें. अब मिश्रण को लगभग 10 मिनट तक पकाएं जिससे ठीक से गाढ़ा हो सके. मिश्रण को पूरी तरह से तैयार होने में 15-20 मिनट का वक्त लग सकता है. जब मिश्रण ठीक तरह से पक जाए तो उसमें इलायची पाउडर डालें और गैस बंद कर दें.
इसके बाद एक थाली/ट्रे लें और उसके तले पर थोड़ा सा घी लगा दें. इसके बाद तैयार मिश्रण को ट्रे में समान अनुपात में फैला दें. इसके बाद मिश्रण को सैट होने के लिए आधा घंटा छोड़ दें. जब मिश्रण सैट हो जाए तो चाकू की मदद से बर्फी के आकार में काट लें. टेस्टी मैंगो बर्फी बनकर तैयार है. इसे खाने के लिए सर्व कर सकते हैं. इसके साथ ही एक एयरटाइट कंटेनर में मैंगो बर्फी को रखा जा सकता है.
मां को हलवा पूड़ी और चने का भोग काफी प्रिय है. आइए जानते हैं हलवा पूड़ी चना बनाने की रेसिपी…
आप नवरात्रि के अष्टमी और नवमी को मां को हलवा पूड़ी और चने का भोग लगा सकते हैं. मान्यता के अनुसार, मां को हलवा पूड़ी और चने का भोग काफी प्रिय है. आइए जानते हैं हलवा पूड़ी चना बनाने की रेसिपी…
चने के लिए सामग्री:
चना – 2 कप
हरा धनिया – 3 टेबल स्पून कटा
घी -2 टेबल स्पून
हरी मिर्च -3
जीरा – 1/2 छोटी चम्मच
हल्दी पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटी चम्मच
अमचूर पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
गरम मसाला – 1/4 छोटी चम्मच
नमक – 1 छोटी चम्मच
हलवा के लिए सामग्री:
सूजी – 100 ग्राम
घी – 1/4
चीनी – 1/2 कप (125 ग्राम)
इलायची पाउडर – ½ छोटी चम्मच
काजू – 1 टेबल स्पून (बारीक कटे हुए)
बादाम बारीक कटे – 1 टेबल स्पून
किशमिश – 1 टेबल स्पून
पूड़ी के लिए सामग्री:
गेहूं का आटा – 2 कप
नमक – स्वादानुसार
चना रेसिपी:
काले चने को पानी से दो बार धोकर रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें ताकि सुबह तक चने फूल जाएं.
सुबह फूल चुके चनों को एक बार और पानी से धोकर कूकर में डालें और इसमें एक कप पानी और नमक डालें. कूकर को आंच पर चढ़ा दें और 1 सीटी आने तक पकाएं. सीटी आने के बाद गैस मद्धम कर दें. 2 से 3 मिनट बाद आंच बंद कर दें. जब कूकर का प्रेशर खत्म हो जाए तो ढक्कन खोल लें.
कढ़ाई में तेल डालकर आंच पर चढ़ा लें/ इसमें जीरा डालकर तड़कने दें. फिर इसमें कटी मिर्च और अदरक डालकर हल्का सा भून लें. अब इसमें धनिया, हल्दी पाउडर डालकर थोड़ा सा भूनें. इसके बाद इसमें थोड़ा पानी डालकर चने डाल दें. ऊपर से अमचूर पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और गर्म मसाला डालकर चमचे से मिला लें. आंच तेज करके चमचे से चनों को चलाते हुए पकाएं. 3 मिनट बाद चनों में गाढ़ापन आ जाए तो आंच बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालें.
हलवा रेसिपी:
एक कड़ाही में घी डालकर इस आंच पर चढ़ाएं. घी पिघलने पर इसमें सूजी डालकर चमचे से लगातार चलाते रहें. ध्यान रहे कि आंच मद्धम ही रखनी है. जब यह सुनहरा भूरा हो जाए और इसमें प्यारी से खुशबू आने लगे तब इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर चीनी और 1.5 कप पानी एकसाथ डालें. इसे कम से कम 5 मिनट तक आंच कम करके पकने दीजिए. इसके बाद इसे चमचे से मिलाते हुए गाढ़ा होने तक पकने दीजिए. ऊपर से इलायची पाउडर भी डालकर चला लें. लीजिए तैयार है आपका हलवा प्रसाद.
पूड़ी रेसिपी:
पूड़ी बनाने के लिए एक बड़ी परात में आटा और इसमें थोड़ा थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. इसमें लगभग 1 कप पानी की जरूरत पड़ेगी. आटे को एक गीले कपड़े से ढंककर 20 मिनट के लिए रख दें ताकि आटा सेट हो जाए.
इसके बाद हथेली पर थोड़ा सा घी लगाकर आटे को मसलते हुए इसकी लोइयां बना लें और लोइयों को हथेली के बीच दबाकर चपटा कर लें. अब तिपाई पर लोई रखकर बेलन से बेल लें.
कड़ाही में घी डालकर गर्म कर लें और इसमें एक एक करके पूरियां तलती जाएं. लीजिए तैयार है आपका हलवा पूड़ी चना प्रसाद.
आप भी घर पर बना सकते हैं गुरुद्वारे जैसा कड़ा प्रसाद
कड़ा प्रसाद बनाने के लिए जरूरी सामग्री
-एक कप देशी घी
-एक कप चीनी
-एक कप मोटा आटा
-चार कप पानी
कड़ा प्रसाद बनाने का आसान तरीका-
-कड़ाह प्रसाद बनाने के लिए सबसे पहले मोटे तल वाला बर्तन लें। जब यह गर्म हो जाए तो इसमें घी डालकर पिघलाएं।
-दूसरी तरफ एक बर्तन में चार कप पानी मध्यम आंच पर उबलने के लिए रखें।
-घी में गर्म होने पर उसमें आटा डालकर अच्छी तरह मिक्स करते हुए उसे सुनहरा होने तक भूनें। ध्यान रखें हलवा बनाने के लिए गेहूं का मोटा पिसा आटा ही अच्छा होता है।
-जब आचा सुनहरा हो जाए उसमें चीनी और उबला हुआ पानी डालकर अच्छी तरह चलाते हुए पकाएं।
-पानी डालते वक्त हलवे में बिल्कुल गांठ न पड़ने दें।
-पानी को सूखने तक चलाते हुए पकाएं।
-आपका हलवा बनकर तैयार है। ठंडा होने के बाद सर्व करें।
बंगाली नववर्ष पोइला बोइशाख 2024 में कब ?
पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, झारखंड और असम में बंगाली लोग इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन लोग एक दूसरे को नए साल की बधाई देने का साथ तरह-तरह के पकवान बनाते हैं. आइए जानते हैं इस साल पोइला बोइशाख यानी बंगाली नववर्ष 2024 कब मनाया जाएगा.
पोइला बोइशाख 2024 में कब ? (Poila Baisakh 2024 date)
पोइला बोइशाख 14 या 15 अप्रैल को मनाया जाता है. इस साल पोइल बोइशाख 14 अप्रैल 2024 को है. ‘शुभो नोबो बोरसो’ (नया साल मुबारक) कहकर एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं. 1431 को इसी दिन बंगाली कैलेंडर की शुरुआत हुई थी. असर में इसी दिन बोहाग बिहू त्योहार भी मनाया जाएगा.
ईद पर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को मिली बंपर ओपनिंग पहले ही दिन तोड़ा रिकॉर्ड
अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ स्टारर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ईद के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इस फिल्म का अजय देवगन की मैदान से ‘क्लैश हुआ है. हालांकि एडवांस बुकिंग से लेकर पहले दिन के कलेक्शन तक ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने ‘मैदान’ को मात दे दी दी है. चलिए यहां जानते हैं अक्षय कुमार की फिल्म ने रिलीज के पहले दिन कितने करोड़ से ओपनिंग की है?
‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने रिलीज के पहले दिन कितने करोड़ कमाए?
‘बड़े मियां छोटे मियां’ के ट्रेलर के बाद से फैंस को इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार था. फिल्म के होश उड़ा देने वाले एक्शन सीक्वेंस ने ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को लेकर एक्साइटमेंट लेवल और बढ़ा दी थी. वहीं सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद अक्षय कुमार की फिल्म ने भी धमाल मचा दिया और इसे बंपर ओपनिंग मिली है. यहां तक कि ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने अजय देवगन की स्पोर्ट्स ड्रामा ‘मैदान’ को भी पहले दिन धो डाला है.
‘बडे मियां छोटे मियां’ ने तोड़ा ‘क्रू’ और ‘शैतान’ का रिकॉर्ड
‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने दमदार ओपनिंग की है. एक्शन पैक्ड फिल्म को रिलीज के पहले दिन दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और इसी के साथ ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शैतान' का पहले दिन की कमाई का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. बता दें कि ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने जहां रिलीज के पहले दिन 15.50 करोड़ का कलेक्शन किया है तो वहीं ‘शैतान’ की पहले दिन की कमाई 15.21 करोड़ रुपये रही थी. वहीं ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने करीना कपूर की ‘क्रू’ का भी रिकॉर्ड ब्रेक कर दिया है. ‘क्रू’ ने पहले दिन 10.28 करोड़ का कलेक्शन किया है. वीकेंड पर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ की कमाई में और उछाल आने की उम्मीद है.
बैसाखी का ये त्योहार पंजाबी व्यंजनों के बिना अधुरा है पंजाब वैसे भी अपने खान-पान के लिए प्रसिद्ध है
पिंडी छोले
बैसाखी के त्योहार पर खासतौर पर पिंडी के छोले बनाए जाने की परंपरा है. इसे खूब सारे मसालों के साथ तैयार किया जाता है. पिंडी छोले के साथ मक्खन वाली रोटी या फिर चावल खाए जाते हैं. इस बार बैसाखी पर आप भी ये रेसिपी ट्राई करें.
कढ़ी-चावल
बैसाखी पर पीले व्यंजन भी बनाए जाते हैं. कढ़ी चावल तो वैसे भी सबकी फेवरेट होती है. बात करें पंजाबी कढ़ी की तो इसका फ्लेवर अलग होता है. पंजाब में पकौड़े वाली कढ़ी खाने का प्रचलन ज्यादा है. कढ़ी को खट्टा करने के लिए दही या इमली का इस्तेमाल किया जाता है. कढ़ी को भी आप बैसाखी पर बना सकते हैं.
पीले चावल
मीठे के बिना तो हर त्योहार अधूरा है. ऐसे में बैसाखी वाले दिन मीठे पीले चावल बनाने की भी परंपरा है. इन्हें केसर चावल के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन हर पंजाबी के घर में मीठे चावल बनाए जाते हैं. इन चावलों का स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची, लौंग और काजू जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है.
दही भल्ले
उड़द दाल के वड़े बनाकर इसे अच्छी तरह से फेंटी हुई दही में डुबोया जाता है. इसे खट्टी-मीठी इमली और धनिया की चटनी के साथ परोसा जाता है. दही भल्ले की रेसिपी भी आसान है. इसे आप बैसाखी पर बना सकते हैं.
इस तरीके से बनाएं सूजी का हलवा, हर कोई चाट लेगा उंगलियां, आसान है बनाने की विधि
सूजी (रवा) – 1 कटोरी
इलायची कुटी – 3/4 टी स्पून
बादाम कटी – 7-8
किशमिश – 10-12
देसी घी – 1 टेबलस्पून
चीनी – 1 कप
नमक – 1 चुटकी
स्वाद से भरपूर सूजी का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही को मीडियम आंच पर गर्म करें और उसमें सूजी डालकर चलाते हुए सेकें. सूजी को तब तक सेकना है जब तक कि उसका रंग गोल्डन ब्राउन न हो जाए. इसके बाद सूजी को एक बाउल में निकाल लें. अब कड़ाही में देसी घी डालें और गर्म करें. जब घी पिघल जाए तो पहले कुटी हुई इलायची डालें और फिर कुछ सेकंड बाद भुनी हुई सूजी डालकर घी के साथ अच्छी तरह से मिक्स कर दें.
इस ईद मेहमानों के लिए बनाना चाहती हैं कुछ स्पेशल
आज देशभर में लोग ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद मना रहे हैं, ये मुसलमानों के लिए बड़े फेस्टिवलों में से एक है. ईद का विशेष महत्व होता है क्योंकि यह रमजान के समापन का प्रतीक है, जो एक महीने तक चलने वाला रोजा होता है. ईद के मौके पर लोग घरों में तरह तरह के पकवान बनाते हैं जैसे शीर, मटन और गोश्त आदि, लेकिन कई बार हम कुछ नया बनाने की सोचते हैं, ऐसे अग आप भी इस बार कुछ नया बनाना चाहते हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, कुछ नई और आसान रेसिपीज, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में
खीर-
सामग्री:
¾ कप बासमती चावल या गोविंदभोग चावल, इनमें से आप किसी एक का इस्तेमाल कर सकते हैं
½ कप चीनी
½ लीटर फुल क्रीम दूध, साथ ही साथ 1-2 कप अतिरिक्त दूध भी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर इसे मिलाजा जा सके
-100 ग्राम काजू
-100 ग्राम किशमिश
-1 चम्मच घी
-1 चम्मच इलायची पाउडर
-तरीका:
– सबसे पहले चावल को पानी साफ होने तक धो लें और फिर भिगोकर सारा पानी निकाल दें, फिर चावल को उंगलियों से रगड़कर अच्छे से तोड़ लें
एक कुकर में दूध उबालें और जब यह उबलने लगे तो आंच बिल्कुल धीमी कर दें और दूध में टूटे हुए चावल डाल दें
-फिर इसे अच्छे से मिलाएं. और फिर कुकर का ढक्कन बंद करें, आंच धीमी कर दें और आधे घंटे तक पकने दें
– इसके बाद गैस बंद कर दें, ध्यान रहे ढक्कन तभी खोले जब इसकी सीटी पूरी तरह खुद से निकल जाए
– अब ढक्कन खोलें और चीनी मिलाएं और अच्छी तरह मिलाएं
-धीमी आंच पर 5 से 10 मिनट तक और पकाएं. आंच बंद कर दें और इसे एक तरफ रख दें
– अब आप घी गर्म कर सकते हैं और इसमें किशमिश और काजू डालें
-काजू को घी में हल्का सुनहरा होने तक और किशमिश पकने तक भून लीजिए. आप चाहें तो काजू को तोड़ भी सकते हैं
फिर खीर में काजू किशमिश और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिला दीजिए
-इसे कमरे के तापमान तक ठंडा करें
– खीर ठंडी होने पर गाढ़ी हो जाएगी, अगर आपको खीर ज्यादा गाढ़ी लग रही है तो आप इसमें दूध मिला सकते हैं.
-आप इसे गर्मागर्म भी खा सकते हैं या फिर ठंडा परोसना चाहें तो वो भी कर सकते हैं
