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होली में घर सजाने के आसान तरीके

भारत त्यौहारों का देश है। यहाँ कई त्यौहार मनाए जाते हैं, जिनमें से होली को सबसे प्राचीन और लोकप्रिय पर्व में से एक है। होली का त्यौहार केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में 50 से अधिक देशों में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। रंगों के इस त्यौहार से पहले लोग इसकी तैयारी में लग जाते हैं। ऐसे में कई लोग घर की सजावट में भी लग जाते हैं। होली आने में कुछ ही दिन बाकी है। इसकी तैयारियां ज़ोरों-शोरों से शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में आइये जानते हैं कैसे रंगों के इस त्यौहार पर अपने घर को सजाएँ। आज हम लेकर आये हैं Holi Decoration Idea in Hindi जिनसे आपका घर रंगों से भी रंगीन खिल उठेगा।

 

रंगीन क्राफ्ट से घर को सजाएँ

वह रंगों का त्यौहार ही क्या जब आपके आस- पास का वातावरण और भी रंगीन न हो। अपने घर को उसका होली लुक’ देने के लिए उसे रंगीन क्राफ्ट्स से सजाएँ। यह डेकोरेशन पॉकेट फ्रेंडली होने के साथ साथ आसानी से अवेलेबल भी होगी। रंगीन क्राफ्ट्स आपको पास की किसी भी स्टेशनरी की दूकान से मिल सकती हैं। अगर लास्ट मिनट की तैयारियां करनी हों, तो यह आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है। 

रंगीन सोफे कुशन का इस्तेमाल करें 

होली में घर को अलग लुक देने के लिए पर्दे और कुशन कवर्स को बदल सकते हैं। घर के लिए रंग बिरंगे कुशन लाकर उनसे सजावट कर घर की रौनक बढ़ाई जा सकती है। फ्लोरल प्रिंट्स या एब्स्ट्रेक्ट प्रिंट होली के मौके पर अच्छे लगेंगे। इस डेकोरेशन के लिए आपको खर्चा ज़्यादा करना पड़ सकता है और पहले से प्लानिंग भी करनी होगी। 

रंग- बिरंगे पर्दे लगाएँ 

आप रंगीन पर्दों की मदद से भी अपने घर का होली मेकओवर कर सकते हैं। सभी कमरों और खासकर ड्राइंग रूम में रंगीन पर्दे लगाएं। इसके लिए आप ब्राइट रंगों जैसे पीला, नारंगी का उपयोग करें। आप चटख रंगों का इस्तेमाल कर अपने घर को होलीनुमा बना सकते हैं। 

 

अपने घर को रंगीन गुब्बारों से सजाएँ

होली पर अपने घर की खूबसूरती को और बढ़ाने के लिए उसे रंगीन गुब्बारों की सजावट से सजाएँ। हर एक रंग के गुब्बारों को घर की दीवारों और सीलिंग पर चिपकाएं और घर की शोभा बढ़ाएं। अगर आपके पास समय की कमी है तो यह ऑप्शन आपके लिए सही रहेगा। गुब्बारे सभी दुकानों में आसानी से अवेलेबल भी होते हैं और इस डेकोरेशन में आपकी जेब से ज़्यादा खर्चा भी नहीं होगा। 

घर की बालकनी को फूलों से सजाएँ 

घर की सजावट के लिए आप खूबसूरत रंग बिरंगे फूलों का भी चयन कर सकते हैं। इसके लिए आर्टिफिशियल फूलों का इस्तेमाल कर सकते हैं। होली में कई दिनों तक इस तरह के फूलों की सजावट बरकरार रहेगी। छोटे और बड़े साइज में कई रंगों के फूलों से कमरों के कोनों, दीवारों और दरवाजों को सजाया जा सकता है। आप बालकनी / घर की फर्श पर फूलों से रंगोली भी बना सकते हैं। 

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*बस्तर: द नक्सल स्टोरी का पहला दमदार गाना वंदे वीरम हुआ रिलीज*

*बस्तर: द नक्सल स्टोरी का पहला दमदार गाना वंदे वीरम हुआ रिलीज* विपुल अमृतलाल शाह, सुदीप्तो सेन और अदा शर्मा की बस्तर: द नक्सल स्टोरी का हार्ड हिटिंग और सोचने पर मजबूर करने वाला दमदार ट्रेलर रिलीज़ हो चुकी है, और तब से फिल्म के लिए लोगों के बीच बातचीत जोरो पर है। ट्रेलर में मेकर्स ने क्रूर और अनफ़िल्टर्ड सच्चाई की झलक दिखाई गई है, जिसे वह फिल्म में पेश करने जा रहे हैं। फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ती जा रही है और दर्शक इसे 15 मार्च 2024 को देखने के लिए उत्साहित हैं, ऐसे में मेकर्स ने दर्शकों के उत्साह को और बढ़ाते हुए फिल्म के पहले और सबसे शक्तिशाली गाने वंदे विरम को रिलीज़ कर दिया है। जावेद अली की आवाज़ में यह गाना रूह को छू लेने वाला है, गाने में देश के लोगों के भीतर देशभक्ति की भावना जगाने की शक्ति है। यह गाना दर्शकों को खतरनाक और हद्दों को पार करने वाली झलक दिखाता है। गाने से यह साफ़ है कि ये फिल्म सभी के उमीदों से बहुत आगे जाएगी। बहादुर और हिम्मती होने के बावजूद, यह फिल्म वादा करती है कि ये इमोशनल कंटेंट के साथ आएगी, जो हर किसी के आँखों को नम करने वाली है। https://www.youtube.com/watch?v=EuTdiqLK0HQ मेकर्स ने आज एक लॉन्च इवेंट में गाना लॉन्च किया है, जिसमें पुलिस अधिकारी और जवानों की मौजूदगी ने इवेंट को खास बनाया है। सॉन्ग लॉन्च के बाद, मेकर्स ने देश की रक्षा करने वाले रियल लाइफ हीरोज, यानी पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया। विपुल अमृतलाल शाह की सनशाइन पिक्चर्स द्वारा निर्मित और आशिन ए शाह द्वारा सह-निर्मित, बस्तरः द नक्सल स्टोरी सुदीप्तो सेन द्वारा निर्देशित हैं और इसमें अदा शर्मा मुख्य भूमिका में होंगी। यह फिल्म 15 मार्च 2024 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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*अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मिसेज रायपुर का आयोजन*

*अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मिसेज रायपुर का आयोजन* *सिख समाज की महिलाओं ने किया रैंप शो - अपने हुनर का किया प्रदर्शन*

 

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सहेली ज्वेलर्स द्वारा मिसेज रायपुर का आयोजन किया जा रहा है, सहेली ज्वेलर्स के लिए उत्सव इवेंट द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम के तहत रायपुर दुर्ग के सभी समाज की महिलाओं के लिए अलग-अलग रैंप शो आयोजित कर, उनकी प्रतिभा को सामने लाकर, उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है | सहेली ज्वेलर्स के बैनर तले आयोजित मिसेज रायपुर प्रतियोगिता के लिए उत्सव इवेंट द्वारा शहर की प्रमुख कॉलोनियों कॉम्प्लेक्स में पहुंच कर वहां की महिलाओं को ट्रेडिशनल ड्रेस में अलग-अलग राउंड में रैंप शो करवा कर, उन्हें उनके टैलेंट के आधार पर, उनकी प्रतिभा को पहचान कर और उनकी लगन को देखकर सिलेक्शन की कार्यवाही की जा रही है | सहेली ज्वेलर्स द्वारा आयोजित इस आयोजन में सिख समाज की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया

 

सभी ने अपनी संस्कृति, अपने पहनावे, अपनी बोली को ध्यान में रखते हुए इस प्रतियोगिता में भाग लेकर शानदार रैंप शो किया |

पंजाबी धुनों पर उनका मिसेज रायपुर के लिए किया गया प्रदर्शन बहुत ही आकर्षक रहा | प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी महिलाओं को सहेली ज्वेलर्स की तरफ से गिफ्ट देकर उन्हें सम्मानित किया गया |

सहेली ज्वेलर्स का यह आयोजन छत्तीसगढ़ सिख समाज और छत्तीसगढ़ सिख संगठन के सहयोग से किया गया | छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा और छत्तीसगढ़ सिख संगठन के बंटी चावला, श्वेता अरोरा ने सिख समाज की महिलाओं को आयोजन में शामिल होने प्रेरित किया | प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को सहेली ज्वेलर्स के आशीष दास, उत्सव इवेंट के रितेश बोहरा, छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा, छत्तीसगढ़ सिख संगठन के हरपाल सिंह भामरा, मोनू सलूजा, राजिंदर सिंह होरा, महिला ग्रुप प्रभारी श्वेता अरोरा ने गिफ्ट प्रदान किए | प्रतियोगिता में श्रीमती जसप्रीत कौर साहनी, श्रीमती गिन्नी भामरा, श्रीमती कशिश भागवानी, श्रीमती अरमीत कौर छाबड़ा, श्रीमती गुरु चरण कौर होरा, श्रीमती असनीत कौर, श्रीमती अमरजीत कौर, श्रीमती अमरदीप कौर, श्रीमती रूमी सलूजा, श्रीमती निर्मल आनंद, श्रीमती गुरप्रीत कौर होरा, श्रीमती गुरप्रीत कौर सेठी, श्रीमती आकांक्षा प्रीत कौर ने भाग लिया |

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*संजय लीला भंसाली ने अपना म्यूजिक लेबल भंसाली म्यूजिक किया लॉन्च!*

*संजय लीला भंसाली ने अपना म्यूजिक लेबल भंसाली म्यूजिक किया लॉन्च!* *संगीत की दुनिया में संजय लीला भंसाली ने बढ़ाया कदम भंसाली म्यूजिक के नाम से म्यूजिक लेबल किया लॉन्च!* संजय लीला भंसाली, जो अपनी सिनेमेटिक मास्टरपीस के रूप में फिल्मों को बनाने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने अब अपने खुद के म्यूजिक लेबल भंसाली म्यूजिक को लॉन्च किया है। भारतीय सिनेमा में, संजय लीला भंसाली का नाम एक आकर्षक कहानी और सुंदर संगीत के साथ जुड़ चुका है। अब उनके नाम से भंसाली म्यूजिक लेबल भी है, जहां वे संगीत की दुनिया में अपनी रचनात्मक शक्ति को बढ़ावा देंगे, और कई काबिल संगीतकार और कलाकारों के साथ मिलकर अपनी फिल्मों को और यादगार बनाने के लिए अलग - अलग एल्बम्स के लिए दिल जीतने वाला संगीत बनाएंगे। संजय लीला भंसाली की फिल्में कभी असफल नहीं होती हैं और उसके पीछे की वज़ह कहानी को मजबूती देने वाला संगीत है। चाहे हम बात करें दीवानी मस्तानी की शानदारत की या ब्लैक की भावनात्मक धुन की। भंसाली के गाने इमोशंस से भरपूर होते हैं, जो उनकी फिल्मों के हर एक पहलू में खुलकर सामने आते हैं। बता दें कि इस्माइल दरबार, मोंटी शर्मा और यहां तक ​​कि खुद जैसे टैलेंटेड संगीतकारों के साथ उनकी साझेदारी ने हिंदी सिनेमा में कुछ सबसे बेस्ट और खूबसूरत ट्रैक दिए हैं। चाहे वह बाजीराव मस्तानी से दीवानी मस्तानी की भव्यता हो या लाल इश्क की सुंदरता या पद्मावत से घूमर के रंग हों, भंसाली का संगीत गहराई और जुनून के साथ गूंजता है। हर नोट, हर लिरिक को प्यार, तड़प, बलिदान और जीत की कहानी को सुनने के लिए ध्यान से चुना जाता है। भंसाली का आर्टिस्टिक विजन और क्राफ्ट हमेशा किसी भी लिमिट को पर करती है और दुनिया भर ने जादूई लहर पैदा करती है। सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि फिल्म मेकर की इंटरनेशनल लेवल पर भी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। भंसाली म्यूजिक के लॉन्च पर बात करते हुए, संजय लीला भंसाली कहते हैं, संगीत मुझे बहुत खुशी और शांति देता है। यह मेरे अस्तित्व का एक अभिन्न अंग है। मैं अब अपना खुद का म्यूजिक लेबल भंसाली म्यूजिक लॉन्च कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि दर्शक भी ऐसा ही अनुभव करें। आनंद और आध्यात्मिक जुड़ाव जो मुझे तब महसूस होता है जब मैं संगीत सुनता हूं या बनाता हूं। भंसाली को बेहद खूबसूरती से क्लासिक और मॉडर्न म्यूजिक के कॉम्बिनेशन को बनाने के लिए जाना जाता है। भंसाली द्वारा बनाए गए गानों का असर हर उमर के लिस्टनर पर देखने मिलता है। चाहे वह प्राचीन महाकाव्यों की शानदारता को दिखाना हो, या फिर मॉडर्न रोमांस की भावना को दिखाना हो। भंसाली म्यूजिक के जरिए, संजय लीला भंसाली कला की व्यक्तिगत व्याख्या की सीमाएं नए रूप में स्थापित करते हुए, जनता को एक यात्रा पर बुलाते हैं, जहां संगीत सिर्फ एक अक्सेसरी नहीं बल्कि एक रूह-जगाने वाली शक्ति है। https://www.instagram.com/p/C4M5TVGoWb_/?igsh=NWE4aWZndWVjazZ5
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आलू का पराठा देखकर मुंह में आ जाएगा पानी, लंच-डिनर बनेगा स्पेशल, सिंपल रेसिपी

लंच हो या फिर डिनर, आलू का पराठा हर जगह फिट हो जाता है. स्वाद से भरपूर आलू का पराठा एक फेमस इंडियन फूड डिश है. स्ट्रीट फूड हो या फिर घर पर बनायी जाने वाली डिश, आलू का पराठा दोनों ही जगह समान तौर पर पसंद किया जाता है. आलू का पराठा स्वाद के मामले में सभी डिशेस को पीछे छोड़ देता है. यही वजह है कि इसे पसंद करने वालों की लंबी फेहरिस्त है और कई लोगों को तो आलू पराठा देखते ही मुंह में पानी तक आने लगता है. आलू पराठा आसानी से तैयार होने वाली फूड डिश है, जिसे खाने के बाद लंबे वक्त तक भूख नहीं लगती है.
आप अगर रूटीन लंच और डिनर से बोर हो गए हैं और कुछ टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो आलू का पराठा बना सकते हैं. हम आपको आलू का पराठा बनाने की सिंपल रेसिपी बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से बेहद आसानी से घर पर आलू पराठा तैयार किया जा सकता है

 

आलू पराठा बनाने के लिए सामग्री
आलू – 1/2 किलो
आटा – 2 कटोरी
हरी मिर्च – 5-6
हरा धनिया – 1/2 कप
प्याज – 1 कप (वैकल्पिक)
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
धनिया बीज कुटा – 1 टी स्पून
जीरा – 1/2 टी स्पून
गरम मसाला – 1/2 टी स्पून
तेल – जरूरत के मुताबिक
नमक – स्वादानुसार

आलू पराठा बनाने की विधि
लंच या डिनर में टेस्टी आलू पराठा बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले आलू को कुकर में उबाल लें. इसके बाद उनके छिलके उतारकर एक बार में टुकड़े कर लें. अब हरा धनिया, प्याज, हरी मिर्च के बारीक-बारीक टुकड़े कर लें. अब आलू को बाउल में अच्छी तरह से मसल लें ताकि उसमें किसी भी तरह की गांठ न रह जाए. इसके बाद मैश किए आलू में हरी मिर्ची, कटी प्याज, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, धनिया बीज समेत अन्य सारे मसाले डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें.
अब एक बर्तन में आटा डालें और उसमें चुटकीभर नमक मिलाएं. इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करते हुए आटे में पानी डालें और उसे नरम गूंथ लें. इसके बाद आटे को कुछ देर के लिए ढककर अलग रख दें. 10 मिनट बाद आटा लें और उसे एक बार और गूंथकर उसकी लोइयां बना लें. अब एक नॉनस्टिक पैन/तवा मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. जब तवा गर्म हो जाए तो उसके ऊपर एक चम्मच तेल डालकर चारों ओर फैला दें.

 

 

इस बीच एक लोई लें और उसे थोड़ा सा गोल बेल लें. इसके बाद आलू की स्टफिंग लेकर उसे बेली रोटी के बीच में रखें और उसको चारों ओर से उठाते हुए ऊपर की ओर मुंह बंद कर दें. अतिरिक्त आटा तोड़कर दोबारा गोल बॉल बनाएं और हाथ से दबाते हुए पलेथन लगाकर आलू पराठा बेल लें. इसके बाद गर्म तवे पर आलू पराठा सिकने के लिए डाल दें. कुछ देर सेकने के बाद आलू का पराठा पलटें और दूसरी ओर तेल लगाकर सेकें.

 

आलू का पराठा तब तक सेकें जब तक कि दोनों ओर से सुनहरा न हो जाए. आलू पराठा अच्छी तरह से सिकने में 2-3 मिनट का वक्त लग सकता है. इस दौरान आंच को मीडियम और लो पर ही रखें. आलू पराठा सिकने के बाद प्लेट में उतार लें. इसी तरह एक-एक कर सारे आलू के पराठे सेंक लें. डिनर के लिए स्वाद से भरपूर आलू पराठा बनकर तैयार है. इसे चटनी, सॉस या अचार के साथ सर्व करें. आलू पराठा को झोल वाली सब्जी के साथ भी परोसा जा सकता है.

 
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महाशिवरात्रि पर घर में बनाए भांग के पकौड़े

भांग के पकौड़े
खाने-पीने की टेस्टी चीजों के बगैर त्योहार का मजा अधूरा सा लगता है। अगर त्योहार के मौके पर स्नैक के रूप में कुछ खाने या बनाने का मन हो तो आप भांग के पकौड़े ट्राई कर सकते हैं। बेसन और सब्जियों को मिलाकर बनने वाले नॉर्मल पकौड़ों में आपको थोड़ा सा भांग का पाउडर और मसाले मिला देने हैं और बस लीजिए टेस्टी भांग के पकौड़े हो जाएंगे तैयार।

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मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

मुख्य सचिव  अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के घोषणा पत्र के अनुसार प्रथम 100 दिनों में पूर्ण होने वाले कार्यो के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि निर्धारित गाइड लाईन के अनुसार बस्तर संभाग के कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्रों के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से लाभांवित किया जाना है। बैठक में शासन के विभागों में आगामी समय में क्रियान्वयन हेतु फ्लेगशिप पूंजीगत परियोजनाओं का चिन्हांकन कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्य सचिव ने शासन के घोषणा पत्र के तहत प्रथम 100 दिनों में पूर्ण होने वाले कार्याे के संबंध विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विभागवार जानकारी ली। मुख्य सविच ने शासन की महत्वकांक्षी योजना नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर संभाग के कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के लोगों को राज्य शासन की समस्त योजनाओं से लाभांवित करने के लिए अधिकारियों से योजनाबद्ध कार्यक्रम तैयार कर कार्य करने निर्देश दिए। इन क्षेत्रों में स्कूल भवन, उप स्वास्थ्य केन्द्र, सड़क, उचित मूल्य की दुकान, परिवहन सुविधा, पेयजल, प्रधानमंत्री आवास, लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत के आने वाली योजना, किसान सम्मान निधि, 500 युनिट तक बिजली फ्री, सोलर पंप सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं वहां के निवासियांे को  उपलब्ध कराई जायेंगी। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, अपर मुख्य सचिव गृह जेल एवं वन श्री मनोज पिंगुआ मौजूद थे। इसी तरह से बैठक में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण, विकास सूचना एवं प्रौद्योगिकी श्रीमती निहारिका बारिक, सचिव लोक निर्माण एवं सामान्य प्रशासन डॉ. कमलप्रीत सिंह एवं सचिव सामान्य प्रशासन  डी.डी सिंह मौजूद थे। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी., सचिव वित्त  अंकित आंनद, सचिव महिला बाल एवं विकास श्रीमती शम्मी आबिदी, सचिव परिवहन एवं समाज कल्याण  एस.प्रकाश, सचिव राजस्व  भुवनेश यादव, सचिव कौशल विकास डॉ. एस. भारतीदासन सहित जल संसाधन विभाग, वाज्यिक कर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, ग्रामोद्योग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, सहकारिता सहित अन्य विभागों के सचिव एवं विशेष सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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भांग वाली ठंडाई बनाने की रेसिपी जिससे आप आसानी से घर पर ही ये बना सकें।

सामग्री- 

एक लीटर पानी

एक कप चीनी

एक कप दूध

आधा चम्मच सौंफ

एक छोटा चम्मच खसखस

एक बड़ा चम्मच खरबूजे के बीज

साबुत काली मिर्च एक छोटा चम्मच

आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर 

एक चौथाई कप गुलाब की पत्तियां

15 भांग की गोलियां

थोड़े बादाम

एक बड़ा चम्मच खरबूजे के बीज

साबुत काली मिर्च एक छोटा चम्मच

आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर 

एक चौथाई कप गुलाब की पत्तियां

15 भांग की गोलियां

थोड़े बादाम

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कवर्धा : सरस मेला सजा आकर्षक एवं मनमोहन प्रदर्शनी से

कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित सरस मेले में तरह-तरह के रंग-बिरंगे, आकर्षक, मनमोहक, कलाकृतियों के साथ विभिन्न सामग्रियों की स्व-सहायता समूह द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है। कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे और जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप कुमार अग्रवाल ने स्टॉल का भ्रमण कर समूह की दीदीयो से चर्चा की। इस दौरान उनके उत्पादों के विषय में जानकारी प्राप्त कर व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए।

जशपुर की महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बास से निर्मित टोकनिया एवं डब्बे सभी साइज में उपलब्ध है। बेमेतरा जिले के समूह द्वारा केले के पेड़ के रेशे से बने बैग, जैकेट, चटाई आदि रखी गई है। जांजगीर चांपा से कोसा सिल्क की बनी साड़ियां एवं अन्य वस्त्र, रायगढ़ के समूह द्वारा झारा शिल्प रखी गई है। वनांचल क्षेत्र से आए समूह द्वारा केमिकल रहित देशी गुड़, दंतेवाड़ा से आए समूह द्वारा कोदो-कुटकी, हल्दी, मिर्ची एवं अन्य मसाले अपने स्टाल में रखे गए हैं। उड़ीसा के समूह द्वारा अगरबत्ती जूट उत्पादन एवं गोल्डन ग्लास रखा गया है। सागर मध्य प्रदेश के समूह द्वारा आंवला से बने विभिन्न उत्पादन रखे गए हैं। उत्तराखंड का हैंडलूम एवं राजस्थान गाजियाबाद के कपड़े, पैरा आर्ट सहित अनेक उत्पाद प्रदर्शनी सह विक्रय के लिए रखे गए रखे गए हैं।

सरस मेले में ही क्राफ्ट मेला रखा गया है, जिसमे हैंडलूम के कपड़ो की वैरायटी है। अचार, चूड़ियां, बैग, कालीन, टोपी, चादर जैसे अनेक सामग्रियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। फूड स्टॉल के द्वारा मेले में आए लोगों को गरमा-गरम स्वादिष्ट स्वल्पाहार मिल रहा है। विशेष कर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की मांग ज्यादा रही। फूड स्टाल में दुर्ग से आई महिला समूह के सदस्य ने बताया कि उनके स्टाल में अतिथियों के मांग अनुसार बहुत से व्यंजन उपलब्ध है और व्यवसाय भी बहुत अच्छा हो रहा है। मथुरा चाट भंडार भी लोगो की पसंद बनी हुई है। बच्चों युवाओं के लिए मीना बाजार सजा हुआ है, जिसमें अनेक प्रकार के झूले एवं खेलकूद के साधन रखे गए हैं। इन आकर्षणों के साथ स्वदेशी बाजार के स्लॉट में लोगों के लिए अनेक उत्पादों को रखा गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में 26 फरवरी से 6 मार्च तक 10 दिवसीय सरस मेला का आयोजन किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ से एवं अन्य राज्यों से स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों की प्रदर्शनी सह विक्रय स्टाल लगाए गए हैं।

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मार्च में जन्मे लोगों का करियर मार्च में जन्मे लोगों की लव लाइफ

मार्च महीने में जन्मे लोगों की लव लाइफ बहुत रोमांटिक होती है। यह जल्दी किसी को पसंद नहीं करते लेकिन जब किसी के प्रति पूरी तरह समर्पित होते हैं तो जीवनभर उनकी समस्याओं और परेशानियों को अपना समझकर खत्म करने का प्रयास करते हैं और अपने पार्टनर के चेहरे पर हमेशा स्माइल लाने की कोशिश करते हैं। लव के मामले में काफी लकी और विश्वसीय होते हैं। अगर इनकी लव रिलेशनशिप सफल भी न हो पाए तो ये पार्टनर के साथ एक मित्र और शुभचिंतक के रूप में संबंध बनाए रखने का प्रयास करते हैं और हमेशा अपने दिल के करीब रखते हैं। कभी भी अपने दिल में बात रखने के कारण कमिटमेंट को लेकर इनसे परेशानी आ सकती है।

मार्च में जन्मे लोग कभी-कभी जिंदगी में ऐसे बदलाव ले आते हैं, जो रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए बिल्कुल आश्चर्यचकित होता है। मन की बात और मनोभावों के संप्रेषण में आकर ये बहुत कमजोर होते हैं और इसी कारण कभी-कभी इनका नेचर दो-तरफा हो जाता है। लोगों को यह तभी सही चीजें बताते हैं, जब इनको लगता है कि यह समय सही है। इनके अंदर कोई भी सुप्त कला नहीं होती है। इन्हें लिखने, बोलने के साथ रेडियो और फिल्म में काम या निर्माण करने का शौक होता है। इनको जल्दी गुस्सा आ जाने के कारण कई बार अपने ही काम बिगाड़ लेते हैं। यह मेहनती काफी होते हैं और अच्छा-खासा धन भी कमाते हैं लेकिन अपने ऊपर ज्यादा खर्च करते हैं। इसके बाद अपने परिवार पर धन खर्च करना पसंद करते हैं।

मन से कोमल होने के कारण मार्च महीने में जन्मे लोगों को नशा जैसे शराब, तंबाकू या धूम्रपान आदि से दूर रहना चाहिए। क्योंकि इनकी मित्र मंडली काफी बड़ी होती है और उस मंडली में हर तरह के लोग होते हैं इसलिए ऐसे चीजों से इनको दूर रहना चाहिए। क्योंकि नशा आपका करियर बर्बाद कर सकता है और बहुत से लोगों की जिम्मेदारियां आपके ऊपर हैं। हमेशा लॉ एंड ऑर्डर की इज्जत करने वाला व्यक्ति अगर इस तरह की हरकत में पाया जाए तो नुकसान ही होता है। कड़ी मेहनत के बाद ही आपको हर चीज मिलती है और गलत चीजों में पड़ने के कारण आपको ज्यादा नुकसान हो सकता है। इसलिए मार्च महीने में जन्मे लोगों को ऐसी चीजों से दूर रहना चाहिए, ताकि आपके साथ-साथ आपका परिवार भी खुश रह सके।

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हिमाचली सिद्दू सिड्डू पकाने में समय लगता है लेकिन इसके स्वादिष्ट स्वाद की तुलना किसी और चीज़ से नहीं की जा सकती

हमारे देश में सांस्कृतिक विविधता विशेष रूप से क्षेत्रीय व्यंजनों के लिए प्रामाणिक व्यंजनों की एक श्रृंखला सामने लाती है। ऐसा ही एक पारंपरिक व्यंजन है सिड्डू, जो हिमाचल प्रदेश का एक लोकप्रिय व्यंजन है।

सर्दियों के मौसम में शरीर के तापमान को बनाए रखने और ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सिद्दू को आमतौर पर राज्य में घी के साथ खाया जाता है। इसे कभी-कभी दाल के शोरबे या पुदीना की चटनी के साथ भी परोसा जाता है ।

सिड्डू पकाने में समय लगता है लेकिन इसके स्वादिष्ट स्वाद की तुलना किसी और चीज़ से नहीं की जा सकती। यहां भारतीय शेफ निशा मधुलिका द्वारा प्रामाणिक सिड्डू बनाने की विधि दी गई है।

सामग्री

½ कप - बिना छिलके वाली उड़द दाल
2 कप - गेहूं का आटा
1 चम्मच - सक्रिय सूखा खमीर
½ चम्मच और ½ चम्मच - नमक
2 चम्मच - घी
½ चम्मच - लाल मिर्च पाउडर
1 इंच - अदरक, कसा हुआ
2 - हरी मिर्च, कटी हुई
¼ चम्मच - हल्दी पाउडर
½ चुटकी - हींग
1 चम्मच - धनिया पाउडर,
धनिया पत्ती, बारीक कटी हुई

तरीका

* दाल को पानी से साफ कर लें और फिर इसे पानी में भिगोकर करीब दो घंटे के लिए अलग रख दें.

*एक बड़े प्याले में आटा लीजिए और इसमें थोड़ा सा घी डाल दीजिए. इसमें यीस्ट और थोड़ा नमक मिलाएं.

* कटोरे में गुनगुना पानी डालें और आटा गूंथ लें. सुनिश्चित करें कि आटा नरम हो.

* एक बार आटा तैयार हो जाए तो इसे करीब दो घंटे के लिए रख दें.

* दाल से अतिरिक्त पानी निकाल दीजिये. इसे दरदरा पीस लें.

* दाल के पेस्ट को एक प्लेट में निकाल लीजिए. इसमें नमक डालें, इसके बाद लाल मिर्च पाउडर, अदरक और हरी मिर्च डालें। हल्दी पाउडर, हींग, धनिया पाउडर और कुछ धनिया पत्ती डालें। सामग्री को दाल के साथ अच्छी तरह मिला लें। रद्द करना।

आटे को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट लीजिए. इसे अपने हाथों से गोल आकार में मोड़ लें. अब आटे के ऐसे ही एक टुकड़े को गोलाकार आकार में बेल लीजिए, ध्यान रहे कि यह मोटा ही रहे.

* आटे पर कुछ स्टफिंग डालें. स्टफिंग को ढकने के लिए आटे को ऊपर से मोड़ें, जिससे आधा चाँद बन जाए। किनारों को दबाएं या आप इन्हें मोड़ भी सकते हैं. बाकी आटे के साथ भी दोहराएँ।

* एक पैन में 2-2.5 कप पानी डालें. पानी को उबाल लें.

* एक छलनी पैन पर थोड़ा घी या तेल लगाकर चिकना कर लीजिए. - अब छलनी वाले पैन को सावधानी से पानी वाले पैन के ऊपर रखें.

 सिड्डू को छलनी वाले तवे पर रखें. - पैन को ढक दें और सिद्दुओं को मध्यम से तेज आंच पर 18-20 मिनट तक भाप में पकाएं.

* 20 मिनट बाद स्ट्रेनर पैन को स्टोव से उतार लें और सिद्दुओं को थोड़ी देर ठंडा होने दें. सेवा करना।

 

 

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पिंक, ग्रीन और बैंगनी कलर के कॉटन कैंडी खाने से बचना चाहिए.

जानें हेल्थ एक्सपर्ट क्यों खाने से करते हैं मना

 

 पिंक और ग्रीन कलर के कॉटन कैंडी में यह खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक यह केमिकल पेट में जाने के बाद कैंसर का कारण बन जाता है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों को खास सलाह दी है कि पिंक, ग्रीन और बैंगनी कलर के कॉटन कैंडी खाने से बचना चाहिए.

 

कॉटन कैंडी खाने के बाद एलर्जी की शिकायत होती है. साथ ही पित्ती, चेहरे, होंठ, जीभ, गले, सूजन और सांस लेने में कठिनाई होती है. रोडामाइन बी सिर्फ कॉटन कैंडी में ही नहीं बल्कि मिठाई, कलरफुल कैंडी, लाल मिर्च, मिर्च पाउडर, करी पाउडर, सॉस के साथ कई दूसरों मसालें में भी मिलाया जाता है.

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वृषभ राशि कन्या राशि कुंभ राशि इन 3 राशियों का खुलेगा भाग्य

वृषभ राशि (Taurus)- वृषभ राशि सर्वाअमृत, सौभाग्य योग के बनने से बिजनेस पार्टी और सेमिनार में कॉन्टेक्ट बढ़ेंगे जिससे आपका पी आर शानदार बनेगा. आप नए -नए लोगों से मिलेंगे. आज का दिन आपके लिए सौभाग्य लेकर आएगा और लकी रहेगा.

कन्या राशि (Virgo)- कन्या राशि वालों को आज सर्वाअमृत और सौभाग्य योग के बनने से बिजनेस में प्रॉफिट आपके हाथ लगने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए सौभाग्य लेकर आएगा और आपके लिए लकी साबित होगा.

कुंभ राशि 22 फरवरी का दिन कुंभ राशि वालों के लिए सर्वाअमृत और सौभाग्य योग के बनने से बिजनेस में दिन आपके लिए लकी रहेगा. जिससे आपके हाथ कोई बड़ा ऑडर लग सकता है. आज के दिन आपके अटके हुए काम बनेंगे.

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कुछ टेस्टी खाने का मन है? स्ट्रीट स्टाईल पाव भाजी बनाएं

सामग्री

 45 मि.
 4 सर्विंग
  1. 250 ग्राम गोभी
  2. 150 ग्राम मटार
  3. 4 टमाटर
  4. 3 आलू
  5. 2 शिमला मिर्च
  6. 4 प्याज
  7. 3 चम्मच टि स्पूनअदरक लहसुन हरी मिर्च धनिया पेस्ट
  8. 2चम्मच टि स्पून पाव भाजी मसाला
  9. 2चम्मच टि स्पून कश्मिरी लाल मिर्च पाउडर
  10. 1/4चम्मच टि स्पून हलदी
  11. 1/4चम्मच टि स्पूनहींग
  12. 2चम्मच टि स्पून तेल
  13. आवश्यकता नुसार बटर आ
  14. आवश्यकता नुसार धनिया बारीक कटा हुआ
  15. 1/2 चम्मच नींबू का रस
  16. स्वादानुसार नमक
  17. मसाला पाव सामग्री -
  18. 5-6 पाव
  19. 1 प्याज बारीक कटा हुआ
  20. आवश्यकता अनुसार धनिया बारीक कटा हुआ
  21. 1 चम्मच पाव भाजी मसाला
  22. 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  23. आवश्यकता नुसार बटर
  24. स्वादानुसार नमक

कुकिंग निर्देश

  1. स्टेप 1

    सभी सब्जियां अच्छी तरह धोकर काट लेना। अब छोटे कुकर मे आलू, गोभी, मटार दाना,2 टमाटर और आवशकता नुसार पानी डालकर 3 -4 शिटी निकाल कर पका लेना।अब एक कढाई मे तेल और बटर डालकर उसमें प्याज, शिमला मिर्च डालकर अच्छी तरह सौते करना। अब उसमेंअदरक लहसुन हरी मिर्च धनिया का पेस्ट,2 टमाटर बारीक काट कर डालना। सभी अच्छी तरह सौते करके उसमें पाव भाजी मसाला, लाल मिर्च पाउडर, हलदी, हींग डालकर अच्छी तरह सौते करना। जब तक की बाजू से तेल छुटने लगे तब तक।

    स्टेप 2

    अब उसमें पकाया हुआ आलू, मटार, गोभी स्मॅश करके डालना। अब उसमें स्वादानुसार नमक, धनिया और बटर डालकर उसमें तरह उबाल लाकर पका लेना।

    स्टेप 3

    तवा गर्म करके उसपर बटर डालकर उसमें प्याज, धनिया, पाव भाजी मसाला, लाल मिर्च पाउडर, नमक स्वादानुसार डालकर अच्छी तरह मिक्स करना।अब उसमें पाव अच्छी तरह उपर नीचे करके अच्छी तरह सुनहरा होने तक शेक लेना।

    स्टेप 4

    गरमा गर्म स्ट्रीट स्टाइल पाव भाजी तैयार है।

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घर में कोई पार्टी हो तो भी बनाकर मेहमानों को हेल्दी और हाइजीनिक मोमोज सर्व कर सकते हैं.

आज कल मोमोज पसंद करने वालों की कोई कमी नहीं है. जब भी बाहर कहीं भूख लगती है तो लोगों की पहली पसंद वेज या नॉनवेज मोमोज ही होता है. जगह-जगह आपको मोमोज बचने वालों के स्टॉल, ठेले, दुकान नजर आ जाएगी. स्टीम में पकाया जाने वाला मोमोज जितना सिंपल लगता है, उतना ही खाने में स्वादिष्ट और मजेदार भी. बड़े, बच्चे, बुजुर्ग हर कोई इसे (Momos) खाना पसंद करते हैं. कुछ लोग बाहर की चीजें खाने से परहेज करते हैं. ऐसे में वे मोमोज (Veg Momos) खाना तो चाहते हैं, लेकिन बाहर का होने के कारण वे जल्दी नहीं खाते. कोई बात नहीं, आप घर पर भी आसानी से मोमोज बनाना सीख सकते हैं. मोमोज बनाने के लिए आपको स्टफिंग की सामग्री तैयार करने से साथ ही मैदा गूंदना होगा. आप इसे शाम के समय स्नैक्स के तौर पर खा सकते हैं. घर में कोई पार्टी हो तो भी बनाकर मेहमानों को हेल्दी और हाइजीनिक मोमोज सर्व कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं वेज मोमोज बनाने के रेसिपी.

 

वेज मोमोज बनाने के लिए सामग्री (Veg Momos Banane ke liye Samagri)

 

आटे के लिए
मैदा- 2 कप
तेल- 1 छोटा चम्मच
नमक-स्वादानुसार

स्टफिंग के लिए
पत्ता गोभी- आधा कप
गाजर- आधा कप
शिमला मिर्च- 1/4 कप
अदरक- एक टुकड़ा कटा हुआ
लहसुन- 2-3 कली कटी हुई
प्याज- 1/4 कप कटा हुआ
सोया सॉस- 1 चम्मच
ग्रीन चिली सॉस- 1 बड़ा चम्मच
काली मिर्च पाउडर- आधा छोटा चम्मच
नमक-स्वादानुसार

सबसे पहले एक बर्तन में मैदा डालें. उसमें तेल और नमक डालकर अच्छी तरह से गूंद लें. आटा बहुत सख्त या गीला ना गूंदें, बल्कि नर्म आटा गूंद लें. अब इसे ढककर अलग रख दें. सभी सब्जियों को आप बारीक काट लें. गैस चूल्हे पर एक पैन चढ़ाएं, इसमें 1 बड़ा चम्मच तेल डालें. जब गर्म हो जाए तो इसमें अदरक, लहसुन डालकर कुछ सेकेंड भूनें. अब इसमें प्याज डालकर भूनें. अब आप सभी सब्जियों जैसे गाजर, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी भी डाल दें. इसे कम से कम 3-4 मिनट के लिए फ्राई करें. अब इसमें ग्रीन चिली सॉस, सोया सॉस, काली मिर्च पाउडर, नमक स्वादानुसार डालकर अच्छी तरह से चलाएं. एक से दो मिनट के लिए फ्राई करके गैस बंद कर दें. स्टफिंग तैयार हो गई है.

अब मैदे से छोटी-छोटी लोई बना कर इसे पूड़ी की तरह बेल लें. बीच का भाग हल्का मोटा और किनारे वाले को थोड़ा पतला ही बेलें. बेलते समय पूरी चिपके तो थोड़ा आटा छिड़क सकते हैं. अब तक स्टफिंग की सामाग्री ठंडी हो गई होगी. इसे एक बड़ा चम्मच पूरी के बीच में डाल दें. अब इसे चारों तरफ से मोड़ते हुए पोटली नुमा बंद करने की कोशिश करें. आप मोमोज खाते हैं तो शेप ध्यान में होगा ही. ऐसे ही सभी मोमोज को बनाकर रख लें. अब एक गहरे बर्तन में एक गिलास पानी डालकर गर्म करें. उसके अंदर एक छोटा सा स्टैंड रख दें ताकि मोमोज वाली प्लेट को उसके ऊपर रख सकें. मोमोज को ऐसी प्लेट में रखें जो बर्तन में अच्छी तरह से फिट हो जाए. अब इसे ढककर कम आंच पर 5-7 मिनट के लिए पकने दें. ढक्कन हटाकर मोमोज को छू कर देखें कि ये पक चुका है या नहीं. छूने पर चिपचिपे ना लगें तो समझ जाएं कि मोमोज रेडी है. अब एक-एक करके एक प्लेट में निकाल लें. इसे मेयोनीज, रेड चिली सॉस के साथ गर्मा गर्म खाने का मजा लें.

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