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व्यापम ने लिया बड़ा फैसला, इस परीक्षा केंद्र के परीक्षार्थियों के लिए व्यापम दोबारा आयोजित करेगा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा, जानिए वजह..!!
धमतरी। छत्तीसगढ़ में बीते 23 जून को शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी। धमतरी जिले के शासकीय कॉलेज भखारा में परीक्षार्थीयों को एक घंटा लेट उत्तर पुस्तिका मिली थी। जिसको लेकर परीक्षार्थीयों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर कलेक्टर से शिकायत किया था। और मांग किया था कि उन्हें बोनस अंक दिया जाये या फिर परीक्षा रद्द कर फिर से परीक्षा कराया जाए।
जिसको लेकर व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर ने भखारा के शासकीय कॉलेज में फिर से परीक्षा आयोजित कराने का फैसला लिया है। वहीं परीक्षा 20 जुलाई को होगी। बता दें भखारा कॉलेज में 23 जून को टीईटी की परीक्षा में 288 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वहीं दूसरे पॉली की परीक्षा में परीक्षार्थीयों को एक घंटा लेट उत्तर पुस्तिका वितरण किया गया था। जिसको लेकर परीक्षार्थीयों ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी शिकायत की थी।
बताया जा रहा है कि परीक्षार्थी जो 20 जुलाई को आयोजित परीक्षा में शामिल होंगे उनकी पूर्व की उत्तर पुस्तिका को निरस्त माना जाएगा। और उनका परिणाम 20 जुलाई को आयोजित होने वाली उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जाएगा। जबकि जो परीक्षार्थी दुबारा परीक्षा में शामिल नहीं होंगे उनका परिणाम 23 जून की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जाएगा।
CG- 13 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म...नाबालिग दोस्त ने नशीली दवा खिलाकर अपने साथी के साथ वारदात को दिया अंजाम, फिर जो हुआ.....
बिलासपुर। 13 साल की नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। बालिका को नशीली दवा खिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया है। बच्ची को परिजन बदहवास हालत में लेकर घर आए। पूछताछ के बाद परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कया है। यह मामला सरकंडा क्षेत्र का है।
अपनी शिकायत में महिला ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की दोस्ती विवेकानंद रेसीडेंसी में रहने वाले एक नाबालिग से थी। देर रात नाबालिग ने उनकी बेटी के मोबाइल पर मैसेज किया, जिसमें उसने बेटी की अश्लील फोटो होने की बात कही थी। उसने बेटी को काॅलोनी स्थित मंदिर के पास मिलने के लिए बुलाया। अश्लील फोटो होने के डर से बच्ची रात करीब दो बजे नाबालिग से मिलने के लिए चली गई। वहां नाबालिग अपने एक दोस्त के साथ खड़ा था। दोनों ने मिलकर नाबालिग को नशीली दवा खिला दी। इसके बाद दोनों ने बच्ची से दुष्कर्म किया।
इधर बेटी को घर में न पाकर महिला उसकी तलाश करने लगी। रात को महिला अपनी बेटी को खोजते हुए मंदिर के पास पहुंची। उसे देखते ही नाबालिग और उसका साथी भाग निकले। वहीं घटना स्थल पर बदहवास बेटी को मां अपने साथ लेकर घर आई। सुबह बेटी के होश में आने के बाद उसे पूरे मामले की जानकारी हुई। महिला ने घटना की शिकायत सरकंडा थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर आरोपी नाबालिग और उसके बालिग दोस्त को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
ब्रेकिंग : शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश को हाईकोर्ट ने किया निरस्त...जानिए कब हुआ था तबादला आदेश जारी...!!
बिलासपुर। लोकसभा चुनाव के दौरान जारी आदर्श आचरण संहिता के बीच में राज्य शासन ने दो शिक्षकों का तबादला कर दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए शिक्षकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने शासन के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका को खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के फैसले को शिक्षकों ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। डिवीजन बेंच ने राज्य शासन, डीईओ रायपुर व जगदलपुर के 14 मार्च 2024 और 15 मार्च 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने शासन से कहा कि आदेश की कापी मिलने के दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता शिक्षकों के प्रकरण का निराकरण करें।
शिक्षक मिरी राम देवांगन व दयानाथ कश्यप ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से राज्य शासन व जिला शिक्षाधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने 14 और 15 मार्च.2024 के स्थानांतरण आदेशों को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की थी। आचार संहिता के दौरान द्वेषपूर्ण स्थानांतरण का आदेश याचिकाकर्ताओं ने लगाया है। याचिका के अनुसार जिला शिक्षाधिकारी और ब्लाक शिक्षाधिकारी, जिन्होंने उपरोक्त स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं, उनके पास कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
स्थानांतरण नीति 12 अगस्त 2022 के अनुसार, स्थानांतरण आदेश प्रभारी मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद कलेक्टर द्वारा पारित किया जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि चुनाव के दौरान जारी आदर्श आचरण संहिता के बीच यह आदेश जारी किया गया है। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल के डिवीजन बेंच में हुई। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने राज्य शासन व जिला शिक्षाधिकारी द्वारा जारी आदेश पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने राज्य शासन से कहा कि फैसले की कापी मिलने के दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ताओं के दावे पर दोबारा विचार कर निर्णय लें।
CG ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में फेरबदल, TI, ASI समेत कई पुलिसकर्मी किये गए इधर से उधर...देखें लिस्ट...!!
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर :- जिले के एसपी चंद्रमोहन सिंह ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए कई पुलिसकर्मियों का तबादला किया है, जारी आदेश में जिसमें 2 निरीक्षक और 7 सहायक उप निरीक्षक समेत 29 पुलिसकर्मियों का नाम शमिल है, जिसका तबादला किया गया है.
देखें लिस्ट-

नक्सलियों की जन अदालत: नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों का किया अपहरण, फिर जन अदालत लगाकर दी ऐसी खौफनाक सजा..
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी जी के नेतृत्व में चेम्बर का प्रतिनिधि मंडल श्रीमती नीलिमा तिग्गा अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर से मिला
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज चेंबर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी जी के नेतृत्व में चेम्बर प्रतिनिधि मंडल ने श्रीमती नीलिमा तिग्गा अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर, छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये।
इस अवसर पर वाण्ज्यििक कर विभाग के अधिकारीगण सुनील चैधरी जी संयुक्त आयुक्त, श्री सी आर महलांगे संयुक्त आयुक्त, अजय देवांगन संयुक्त आयुक्त और दुर्गेश पांडे उप आयुक्त प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी जी ने पत्र के माध्यम से बताया कि आज माननीय वाण्ज्यििक कर आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये एवं पूर्व अधिनियम दिनांक 04.05.2023 एवं नियम दिनांक 15.09.2023 आवश्यक संशोधनों के साथ जारी रखने हेतु निवेदन किया गया साथ ही अन्य सुझाव नीचे दिए गए जो निम्नानुसार हैंः-
ऽ सभी सर्किलों के लिए बकाया राशि की वसूली सूची विभाग द्वारा जारी की जाए।
ऽ बहुत बड़ी संख्या में छोटी राशि के बकाया लंबित हैं, जिनमें डीलर उपलब्ध नहीं हैं। 1 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा वाले ऐसे बकाया को छूट के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है। आयकर कानूनों के तहत भी इसी तरह की स्थिति अपनाई गई है।
ऽ नियम 5 में आवेदक को मांग नोटिस के साथ मूल्यांकन आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसमें शपथ पत्र के साथ चालान की प्रमाणित प्रति भी आवश्यक है।
ऽ मूल्यांकन आदेश और डिमांड नोट की मूल प्रति अपील/संशोधन या उच्च न्यायालय में दायर की जाती है। ऐसे मामले में, प्रमाणित प्रति संलग्न करना संभव नहीं है। डीलर द्वारा स्वयं प्रमाणित आदेश प्रति/चालान स्वीकार किया जा सकता है।
ऽ शपथ पत्र के प्रारूप में एक खंड जोड़ा जाना चाहिए कि “मैं/हम आगे यह घोषणा करते हैं कि मैंने/हमने कर विवाद को समाप्त करने के लिए ही कर निपटान की इस योजना के तहत आवेदन किया है।
“ वाणिज्यिक कर अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर की शर्त को वापस लेने की आवश्यकता है क्योंकि शपथ पत्र आवेदक द्वारा शपथ के तहत दायर किया गया है।
ऽ निर्धारित तिथि को उस तिथि के रूप में अधिसूचित किया जाना चाहिए जिस दिन से पहले निपटान अधिनियम प्रभावी हुआ है। इससे उन व्यापारियों को निपटान योजना का लाभ लेने की अनुमति मिलेगी जो पहले लाभ नहीं उठा सके थे।
ऽ धारा 11(1)(ए) में, निर्धारित तिथि शब्द को हटाया जाना चाहिए या उसके स्थान पर आवेदन की तिथि रखी जानी चाहिए।
ऽ आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित करने के लिए अधिसूचना जारी की जानी चाहिए। (दिनांक 15.09.2023 के क्रमांक 35 के समान)।
धारा 11 में संशोधनः- वर्तमान अधिनियम के तहत, धारा 11 अपील में किए गए किसी भी भुगतान या सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी भी अंतरिम आदेश के संबंध में किसी भी भुगतान को उक्त तिथि को या उससे पहले समायोजित करने का प्रावधान करती है।
नियमों में संशोधनः-
नियमों के तहत निर्धारित आवेदन पत्र तैयार करते समय, हम पाते हैं कि कुछ विसंगतियाँ हैं, जिसके कारण अधिनियम और नियमों का उद्देश्य आवेदक डीलर तक नहीं पहुँचाया जा सकता है। यह आवेदन पत्र ( ब्ै। -1) और निपटान आदेश ( ब्ै।-1) में कुछ स्तंभों में अंतर के कारण हैः
फॉर्म ब्ै।-1 (आवेदन पत्र) और फॉर्म ब्ै।-1 (निपटान आदेश)ः
आवेदन पत्र ब्ै।-1 और निपटान आदेश फॉर्म ब्ै।-3 अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।
सीएसए-1 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः-
“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि“
जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः
“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि, यदि मामले में अंतिम आदेश पारित किया गया है“
जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 13 इस प्रकार हैः
“किसी न्यायालय या अपील के अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि,
“अंतिम आदेश“ शब्द को भी परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन धारा 48(7) के अनुसार यदि कोई अपील ट्रिब्यूनल के समक्ष संदर्भ के लिए लंबित है या उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संदर्भ स्वीकार किए जाने पर है, तो उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा (धारा 55(6))।
जिन डीलरों के मामलों में अंतिम आदेश लंबित नहीं है, उन्हें अनुसूची-ए का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इसलिए, सीएसए-1 का कॉलम नंबर 6 सीएसए-3 के कॉलम नंबर 6 के समान होना चाहिए।
सीएसए-3 में अनुसूची के कॉलम नंबर 11 से 13 को सीएसए-1 में जोड़ा जाना चाहिए।
ऽ ब्याज में अतिरिक्त भुगतान को कर की देयता के विरुद्ध समायोजित किया जाना चाहिए और शेष राशि को “नामित समिति द्वारा स्वीकृत राशि“ के रूप में प्रमाणित किया जाना चाहिए।
श्री पारवानी ने अतिरिक्त आयुक्त,वाण्ज्यििक कर से निवेदन किया कि फॉर्म सीएसए-1 और फॉर्म सीएसए-3 को नियमों की आवश्यकता के अनुसार संशोधित किया जाए ।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, टेक्नीकल टीम के सदस्य सी.ए. मुकेश मोटवानी, अधिवक्ता दयाल राजपाल, अधिवक्ता महेश शर्मा, युवा चेम्बर महामंत्री कांति पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमांशु वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज चेंबर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी जी के नेतृत्व में चेम्बर प्रतिनिधि मंडल ने श्रीमती नीलिमा तिग्गा अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर, छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये।
इस अवसर पर वाण्ज्यििक कर विभाग के अधिकारीगण सुनील चैधरी जी संयुक्त आयुक्त, श्री सी आर महलांगे संयुक्त आयुक्त, अजय देवांगन संयुक्त आयुक्त और दुर्गेश पांडे उप आयुक्त प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी जी ने पत्र के माध्यम से बताया कि आज माननीय वाण्ज्यििक कर आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये एवं पूर्व अधिनियम दिनांक 04.05.2023 एवं नियम दिनांक 15.09.2023 आवश्यक संशोधनों के साथ जारी रखने हेतु निवेदन किया गया साथ ही अन्य सुझाव नीचे दिए गए जो निम्नानुसार हैंः-
ऽ सभी सर्किलों के लिए बकाया राशि की वसूली सूची विभाग द्वारा जारी की जाए।
ऽ बहुत बड़ी संख्या में छोटी राशि के बकाया लंबित हैं, जिनमें डीलर उपलब्ध नहीं हैं। 1 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा वाले ऐसे बकाया को छूट के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है। आयकर कानूनों के तहत भी इसी तरह की स्थिति अपनाई गई है।
ऽ नियम 5 में आवेदक को मांग नोटिस के साथ मूल्यांकन आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसमें शपथ पत्र के साथ चालान की प्रमाणित प्रति भी आवश्यक है।
ऽ मूल्यांकन आदेश और डिमांड नोट की मूल प्रति अपील/संशोधन या उच्च न्यायालय में दायर की जाती है। ऐसे मामले में, प्रमाणित प्रति संलग्न करना संभव नहीं है। डीलर द्वारा स्वयं प्रमाणित आदेश प्रति/चालान स्वीकार किया जा सकता है।
ऽ शपथ पत्र के प्रारूप में एक खंड जोड़ा जाना चाहिए कि “मैं/हम आगे यह घोषणा करते हैं कि मैंने/हमने कर विवाद को समाप्त करने के लिए ही कर निपटान की इस योजना के तहत आवेदन किया है।
“ वाणिज्यिक कर अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर की शर्त को वापस लेने की आवश्यकता है क्योंकि शपथ पत्र आवेदक द्वारा शपथ के तहत दायर किया गया है।
ऽ निर्धारित तिथि को उस तिथि के रूप में अधिसूचित किया जाना चाहिए जिस दिन से पहले निपटान अधिनियम प्रभावी हुआ है। इससे उन व्यापारियों को निपटान योजना का लाभ लेने की अनुमति मिलेगी जो पहले लाभ नहीं उठा सके थे।
ऽ धारा 11(1)(ए) में, निर्धारित तिथि शब्द को हटाया जाना चाहिए या उसके स्थान पर आवेदन की तिथि रखी जानी चाहिए।
ऽ आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित करने के लिए अधिसूचना जारी की जानी चाहिए। (दिनांक 15.09.2023 के क्रमांक 35 के समान)।
धारा 11 में संशोधनः- वर्तमान अधिनियम के तहत, धारा 11 अपील में किए गए किसी भी भुगतान या सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी भी अंतरिम आदेश के संबंध में किसी भी भुगतान को उक्त तिथि को या उससे पहले समायोजित करने का प्रावधान करती है।
नियमों में संशोधनः-
नियमों के तहत निर्धारित आवेदन पत्र तैयार करते समय, हम पाते हैं कि कुछ विसंगतियाँ हैं, जिसके कारण अधिनियम और नियमों का उद्देश्य आवेदक डीलर तक नहीं पहुँचाया जा सकता है। यह आवेदन पत्र ( ब्ै। -1) और निपटान आदेश ( ब्ै।-1) में कुछ स्तंभों में अंतर के कारण हैः
फॉर्म ब्ै।-1 (आवेदन पत्र) और फॉर्म ब्ै।-1 (निपटान आदेश)ः
आवेदन पत्र ब्ै।-1 और निपटान आदेश फॉर्म ब्ै।-3 अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।
सीएसए-1 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः-
“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि“
जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः
“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि, यदि मामले में अंतिम आदेश पारित किया गया है“
जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 13 इस प्रकार हैः
“किसी न्यायालय या अपील के अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि,
“अंतिम आदेश“ शब्द को भी परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन धारा 48(7) के अनुसार यदि कोई अपील ट्रिब्यूनल के समक्ष संदर्भ के लिए लंबित है या उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संदर्भ स्वीकार किए जाने पर है, तो उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा (धारा 55(6))।
जिन डीलरों के मामलों में अंतिम आदेश लंबित नहीं है, उन्हें अनुसूची-ए का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इसलिए, सीएसए-1 का कॉलम नंबर 6 सीएसए-3 के कॉलम नंबर 6 के समान होना चाहिए।
सीएसए-3 में अनुसूची के कॉलम नंबर 11 से 13 को सीएसए-1 में जोड़ा जाना चाहिए।
ऽ ब्याज में अतिरिक्त भुगतान को कर की देयता के विरुद्ध समायोजित किया जाना चाहिए और शेष राशि को “नामित समिति द्वारा स्वीकृत राशि“ के रूप में प्रमाणित किया जाना चाहिए।
श्री पारवानी ने अतिरिक्त आयुक्त,वाण्ज्यििक कर से निवेदन किया कि फॉर्म सीएसए-1 और फॉर्म सीएसए-3 को नियमों की आवश्यकता के अनुसार संशोधित किया जाए ।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, टेक्नीकल टीम के सदस्य सी.ए. मुकेश मोटवानी, अधिवक्ता दयाल राजपाल, अधिवक्ता महेश शर्मा, युवा चेम्बर महामंत्री कांति पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमांशु वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
महासमुंद : वन महोत्सव कार्यक्रम में सांसद एवं विधायक ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों से एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्नान किया था। देश के नागरिकों से इस वर्ष वर्षा ऋतु में अपनी मां के सम्मान के लिए सम्मान स्वरूप एक पौधा लगाने का आह्वान किया है। जिसके तहत सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने आज एक पेड़ मां के नाम अभियान में ग्राम खैरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आयोजित वन महोत्सव में विभिन्न फलदार पौधा रोपण किया गया और आम जनों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ छत्तीसगढ़ महतारी की छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि आज हम प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के आह्वान पर यहां एक जगह एकत्र हुए हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने बहुत ही भावनात्मक अपील की है। पेड़ से हमें ऑक्सीजन मिलता है। पेड़ जरूर लगाना चाहिए लेकिन सुरक्षा भी करना चाहिए। पेड़ लगाकर भूले नहीं, पेड़ को पानी दे और उसका रखरखाव करें। उन्होंने कहा कि यहां के बच्चे और ग्रामीण अपने घर या खेतों में अवश्य पेड़ लगाएं और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। पेड़ लगाने के नाम से महासमुंद जिला का अलग से पहचान बनाएं। इस अवसर पर उन्हांने अपनी माता श्रीमती हीरावती पटेल के नाम पर बरगद वृक्ष का रोपण किया।
वन महोत्सव कार्यक्रम में विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि मां शब्द से सुनकर एक अलग भावना मन में जागृत हो जाता है। हमारी यशस्वी प्रधानमंत्री के अपील पर अवश्य पेड़ लगाएं। यह पेड़ जब तक रहेगा तब तक मां का नाम रहेगा। आने वाले समय में यही पेड़ पर्यावरण के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के साथ जाली लगाकर पेड़ की सुरक्षा करें। उन्होंने अपनी मां श्रीमती चुमकेश्वरी सिन्हा के नाम पर बेल पेड़ का पौध रोपण किया। उन्होंने कहा कि यहां स्कूल की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल भी बनाया जाएगा।
वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत ने बताया कि पेड़ की असली महत्ता को कोरोना काल ने सिखाया है। आज हर व्यक्ति को अच्छी सेहत के लिए 20 पेड़ की आवश्यकता है। इसलिए हमें कम से कम 20 पेड़ लगाना ही चाहिए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड में निःशुल्क वाहन के माध्यम से ही फलदार और छायादार पेड़ों का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। सभी ग्रामीण इसका अवश्य लाभ उठाएं। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक, वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने भी एक पेड़ मां के नाम पर पौधरोपण कर जिलेवासियों से पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
महोत्सव में लोगों को निःशुल्क पौध का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू, पार्षद श्रीमती मीना वर्मा, महेंद्र जैन, मुन्ना देवार, मंगेश टकसाले, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, सरपंच खैरा श्रीमती नीलम कोसरे, चंद्रहास चंद्राकर, संदीप दीवान, श्रीमती सुधा साहू, मनीष शर्मा, प्रकाश शर्मा, प्रदीप चंद्राकर, रमेश साहू, देवेंद्र चंद्राकर, हनीश बग्गा, श्याम साकरकर उपस्थित थे तथा उप वनमंडलाधिकारी श्री अब्दुल वहीद खान एवं परिक्षेत्र अधिकारी करमाकर एवं वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।
SI, सूबेदार, प्लाटून कमाण्डर के लिए साक्षात्कार की तारीख का हुआ ऐलान, ऐसे डाउनलोड करें अपना एडमिट कार्ड, देखें पूरी डिटेल....
रायपुर। पुलिस विभाग में सूबेदार, उप निरीक्षक, प्लाटून कमाण्डर के लिए साक्षात्कार की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। उम्मीदवार साक्षात्कार के लिए प्रवेश पत्र विभाग की वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।
पुलिस विभाग में सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमाण्डर भर्ती-2021 के अंतर्गत उच्च न्यायालय बिलासपुर के याचिका क्रमांक-डब्ल्यूपीएस-4378/2023 में 20-05-24 को पारित आदेश अनुसार मुख्य लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया के अग्रिम चरण (शारीरिक दक्षता परीक्षा) हेतु पात्र 370 अतिरिक्त पुरूष उम्मीदवारों का चयन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल व्दारा किया गया था। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल व्दारा प्रदाय की गयी 370 अतिरिक्त पुरूष उम्मीदवारों की सूची पुलिस मुख्यालय के वेबसाईट www.cgpolice.gov.in पर 11-06-2024 को प्रदर्शित की गयी है।
शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु पात्र पाये गये 370 उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा दिनांक 09-07-2024 को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, लक्ष्मीनारायण मंदिर के पीछे, परशुराम चौक, कोटा-रायपुर में सुबह 7 से निर्धारित किया गया तथा वर्षा ऋतु/अपरिहार्य कारणों को देखते हुए 10-07-24 को रिजर्व दिवस के रूप मे रखा गया। परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार संपादित करायी गयी।
प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां कागजों पर ही पढ़ रहे बच्चे सरकार को लगाया जा रहा है लाखों का चुना आखिर कैसे स्कूल प्रबंधन कर रही मोटी कमाई...पढ़े पूरी खबर
बिलासपुर :- मस्तूरी जनपद पंचायत में जोंधरा से खोंदरा तक सैकड़ो ऐसे प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं पर क्या आपको पता है कई ऐसे भी स्कूल हैं जहां आरटीई के नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं कैसे वो आप इन बातों से समझ सकते हैं
1 कई ऐसे स्कूल हैं जहाँ बच्चों का नाम तो दर्ज हैं पर वो बच्चे किसी सरकारी स्कूलो या अन्य जगहों में पढ़ाई कर रहे हैं
2 फर्जी नाम से कमा रहें स्कूल प्रबंधन लाखो ये काग़ज़ों में नाम दिखा कर आरटीई से सरकार से मिलने वाली लाखो पैसा हजम कर जा रहें
3 कई ऐसे भी स्कूल क्षेत्र मे संचालित हैं जो सिर्फ काग़ज़ों में चल रहीं हैं जहाँ ना कोई टीचर हैं ना स्टूडेंट फिर भी स्कूल चल रहा हैं क्यु की इनको यहाँ से मोटी कमाई मिलती हैं
4 आपको कुछ ही ऐसे प्राइवेट स्कूल मिलेंगे जो सरकार द्वारा आरटीई के तहत पढ़ रहें गरीब बच्चों को जो सहायता राशि मिलती हैं बुक का ड्रेस का वो सब ये अजगर की तरह निगल जा रहें हैं
अगले अंक में आपको उन स्कूलो का नाम भी बतायेंगे जो गरीब बच्चों का अधिकार हक खा जा रहें हैं
क्या कहता हैं आरटीई का नियम क्या क्या मिलता है लाभ
गरीब तबके के बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षा के अधिकार योजना का शुभारंभ किया गया। इसके तहत गरीब तबके के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, गणवेश एवं पुस्तकों की उपलब्धता करवाए जाने के सख्त नियम पारित किए गए।आरटीई के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों की फीस शासन देता है। यह अधिकतम सात हजार रुपए या स्कूल की फीस, इनमें से जो भी कम हो, निर्धारित है। इसके अलावा उनकी काॅपी-किताब और यूनिफार्म का खर्च भी शासन देता है।
CG - शादी के मंडप में दूल्हे ने की ऐसी घटिया हरकत, बिना दुल्हन बगैर लौटी बारात, पढ़िए पूरी खबर
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में दहेज की मांग पूरी पर दूल्हा बारात वापस लेकर लौट गया। पीड़ित पक्ष ने मामले की शिकायत पहले कोतवाली में की। फिर एसपी से भी शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और जल्द ही कार्रवाई करने की बात कह रही है। यह मामला गरियाबंद कोतवाली थाना क्षेत्र के डाक बंगलापारा का है। जानकारी के मुताबिक कुलदीप परिवार की बेटी का विवाह बालोद के दल्लीराजहरा निवासी अनिल तांडीया से तय हुई थी। मंडप भी सजा था। धूमधाम से बारात भी निकली। बिना बाप के बेटी को बिहाने विधवा मां ने अपने हैसियत से ज्यादा धूमधाम से बेटी की शादी करने की तैयारी की थी वरमाला के समय दूल्हे ने माला की कीमत कम पैसे का आंक दिया। गले में चेन और अन्य दहेज के सामान की मांग भी रख दी। इसके बाद भरे समाज के बीच शादी को आधे में छोड़ दहेज कम होना बताकर दुल्हन को लिए बगैर आधी रात दूल्हा बारात समेत वापस लौट गया।
CG व्यापम ने लिया बड़ा फैसला, शिकायत के बाद फिर से होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा
सनसनीखेज मामला : घर घुसकर मां और बेटे की हत्या ,दूसरा बेटा गंभीर रूप से घायल...जानिए क्या है पूरा मामला
जगदलपुर :- बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में नगर के अनुपमा चौक के पास एक बड़ी वारदात हो गई है ,जिसमें अज्ञात लोगों ने एक घर में घुस कर महिला गायत्री गुप्ता और उनके पुत्र नीलेश गुप्ता की निर्मम हत्या कर दी ,वहीं उनका दूसरा पुत्र गंभीर रूप से घायल है, मृतकों के हाथ पाव रस्सी से बंधे हुए थे।पुलिस ने मौके से घायल को उपचार के लिए महारानी अस्पताल भिजवाया ।घटना की जानकारी होते ही ,पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा स्वयं घटना स्थल पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं ।नगर के बीचों बीच इस जघन्य वारदात से नगर में सनसनी फैल गई है ,कानून व्यवस्था पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।फिलहाल पुलिस मामले की सघन जांच कर रही है ।
Breaking : छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों के लिए बड़ी खबर, इसदिन बंद रहेगी सभी शराब दुकानें
- मोहर्रम के अवसर पर 17 जुलाई को शुष्क दिवस घोषित
बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है, राज्य शासन द्वारा आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 17 जुलाई 2024 को “मोहर्रम” के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित किया गया है। निर्देश के परिपालन में कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने आदेश जारी कर जिले में 17 जुलाई 2024 दिन बुधवार को समस्त देशी/विदेशी मदिरा दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। उक्त तिथि को मदिरा का विक्रय, धारण एवं परिवहन पूर्णतः बंद रहेगा।
छत्तीसगढ़ : सांप के काटने से दो लोगों की गई जान...इलाज में देरी बनी मौत की वजह
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : जिले में दो अलग-अलग मामलों में दो लोगो की सांप काटने से मौत का मामला सामने आया है। जहां पर पहला मामला भस्कुरा गांव का है तो दूसरा मामला पेण्ड्रा के कुड़कई गांव का है। दोनों ही मामलों में अस्पताल पहुचने में देरी के चलते इलाज में देरी होने से मौत हुई है। फिलहाल पुलिस दोनों ही मामलों में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।दरअसल बरसात के दिनों में जमीन में सोने और उसके बाद जहरीले सांप के काटने का मामला लगातार सामने आते रहते हैं। पर ग्रामीण क्षेत्रों में कम पढ़े लिखे होने की वजह से इलाज में देरी की वजह पीड़ित लोग काल के गाल में समा जाते है।
रोशनी को जिस जहरीले सांप ने काटा उसे परिजनों ने रस्सी से बांधकर एक डिब्बे में बन्द कर दिया था साँप ने एक चूहे के बच्चे को पहले निगल गया था जिसे घर वालो ने रखा हुआ था। दोनों ही मामलों में कहीं न कहीं इलाज में देरी की वजह ही मौत बनी। हालांकि स्थानीय स्नैक मेन द्वारिका कोल का कहना है कि साँप के काटने पर ग्रामीण वैध झाडफुक के चक्कर मे पड़ जाते है और उन्हें सही उपचार मिलने में देरी हो जाती है कही न कही ऐसी मौतों के पीछे जागरूकता की कमी एक बड़ा कारण होता है। ऐसे में जितने जल्दी से जल्दी पीड़ित को इलाज मिल जाए और सही समय पर अगर इलाज मिलता है तो पीड़ित व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
चुनावो में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को धूल चटाई:अरुण साव
राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव ने देश को भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं की सामर्थ्य का परिचय कराया है। कमर कसकर मैदान में कार्यकर्ता उतार जाए तो कोई ताकत भाजपा को नहीं हरा सकती। छत्तीसगढ़ वासियो की ताकत प्रदेश को अव्वल बनाएगी। कांग्रेस शासन काल में छत्तीसगढ़ की दुर्दशा और अराजकता की चर्चा करते हुए श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मान सम्मान और गौरव भाजपा के हाथों में सुरक्षित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के शासनकाल में देश की दिशा और दशा बदल गई। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का विजन लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार सुशासन स्थापित कर रही है। श्री साव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनाने के साथ के बाद अब निकाय और पंचायत चुनाव में भाजपा को जिताकर कर चार इंजन वाली सरकार बनानी है।
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत की धाक कायम की है। अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देशवासियों को मिल रहा । अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही देश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भाजपा सरकार ने मोदी की गारंटी के वादे तेजी से पूरा करके देश में एक मिसाल पेश की ।
राजनीतिक प्रस्ताव रखते हुए बोले शिवरतन शर्मा,मोदी सरकार में 25 करोड़ लोगो का गरीबी रेखा से बाहर जाना ऐतिहासिक
राजनीतिक प्रस्ताव रखते हुए चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि पिछले 6 माह में भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा में शानदार जीत हासिल की। विधानसभा में हमने चौथी बार सरकार बनाई है। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने हर बार बेहतर प्रदर्शन किया है। भाजपा ने 51% मत का लक्ष्य रखा। इस बीच थर्ड फ्रंट की राजनीतिक भूमिका नगण्य हो गई। 2023 का विधानसभा चुनाव हमने 46.27 प्रतिशत मत हासिल किया। जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में हमने 52.6% मत प्राप्त हुए। 1980 से लगातार भाजपा की सीटों और मत प्रतिशत में वृद्धि हुई। श्री शर्मा ने कहा गठबंधन-राजनीति के कार्यकाल की चर्चा करते हुए साफ किया कि लोकसभा चुनाव में एनडीए ने चुनाव पूर्व गठबंधन के तौर पर 293 सीट हासिल कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। भाजपा ने धारा 370 और 35 ए अनुच्छेद खत्म करके डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। राम मंदिर का निर्माण हुआ। कांग्रेस के राम मंदिर आंदोलन को हराने के कथन पर कटाक्ष कर कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा कार्यकर्ता गौरांवित है। श्री शर्मा ने कहा कि देश में भाजपा सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, उज्जवला गैस कनेक्शन, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान, मुफ्त राशन की चर्चा करते हुए भी श्री शर्मा ने 6 माह की छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि धान खरीदी, बोनस भुगतान, महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता की खरीदी का मूल्य बढ़ाने का काम बीजेपी सरकार ने किया। नक्सलवाद समाप्ति के कगार पर है 140 इनामी नक्सलियों को मार कर प्रदेश सरकार ने संदेश दे दिया कि या तो नक्सली आत्म समर्पण करें या फिर मौत उनकी नियति है मोदी की गारंटी पुरी करके सुशासन स्थापित किया है। कांग्रेस शासन काल के अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार की चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि आज भी कांग्रेस प्रलाप कर रही है और हिंदुओं को हिंसक बता रही है। अल्पसंख्यकों को सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार और अवसर भारत में मिला यह हिंदुओं की उदारता का प्रमाण है। कांग्रेस की विपक्ष की भूमिका देश और प्रदेश में नकारात्मक है।
