क्राइम
ऑपरेशन अंकुश : गौ तस्करी का फरार आरोपी फिरोज गुमला (झारखंड) से गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल।
पंडरापाठ चौकी क्षेत्र में गौ तस्करी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए झारखंड के गुमला जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
दिनांक 18.06.2025 को चौकी पंडरापाठ पुलिस को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन क्रमांक JH-13G-7780 ग्राम देवडांड के लमडांड जंगल के पास सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में पलटा हुआ है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि वाहन में 09 नग गौवंशों को पैरों में रस्सी बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, जबकि वाहन चालक मौके से फरार हो चुका था।
पुलिस द्वारा मौके से 09 नग गौवंशों को बरामद किया गया, जिनमें से एक गौवंश की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि शेष 08 गौवंशों का पशु चिकित्सक से उपचार कराया गया। तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को भी जप्त किया गया।
इस संबंध में चौकी पंडरापाठ में आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान जप्त पिकअप वाहन के नंबर को ट्रेस करते हुए उसके मालिक मोहम्मद फिरोज खान की पहचान की गई, जो घटना दिनांक से फरार था। पुलिस द्वारा लगातार उसकी पतासाजी की जा रही थी। मुखबिर सूचना एवं टेक्निकल टीम की सहायता से आरोपी के गुमला (झारखंड) में होने की जानकारी प्राप्त हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर आरोपी के निवास आजाद बस्ती, गुमला में घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया गया और जशपुर लाया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बतौली क्षेत्र से गौवंश खरीदकर पिकअप वाहन में लोड कर गुमला (झारखंड) ले जा रहा था, इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पुलिस को आता देख वह वाहन व गौवंशों को छोड़कर फरार हो गया था।
अपराध स्वीकार करने एवं पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया
गिरफ्तार आरोपी
नाम – मोहम्मद फिरोज खान
उम्र – 30 वर्ष
निवासी – आजाद बस्ती, गुमला
थाना/जिला – गुमला, झारखंड
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी पंडरापाठ उप निरीक्षक सतीश कौशिक, सहायक उप निरीक्षक राजकुमार पैंकरा, आरक्षक मंगल कुजूर, अरुण राम एवं दिनेश्वर राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि पंडरापाठ क्षेत्रांतर्गत गौ तस्करी के मामले में फरार आरोपी को गुमला (झारखंड) से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गौ तस्करी में संलिप्त अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु ऑपरेशन अंकुश लगातार जारी है।
स्टेट हाईवे में पुलिया के नीचे मिली पहाड़ी कोरवा युवती की सड़ी-गली लाश,हत्या या हादसा। .?
स्टेट हाईवे में पहाड़ी कोरवा युवती का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।बताया जा रहा है कि बतौली से बगीचा के बीच स्टेट हाईवे में बगडोल पुलिया के नीचे संदिग्ध परिस्थितियों में युवती का शव बहते नाले में पड़ा हुआ था।ग्रामीणों को जब दुर्गंध आने लगी तो पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद बगीचा पुलिस ने मामले की जांच शुरु की।
बगीचा थाना क्षेत्र के बगडोल पुलिया के नीचे एक पहाड़ी कोरवा युवती राधिका उर्फ वीरेश्वरी बाई का सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतिका 24 जुलाई से लापता थी और उसका शव 30 जुलाई को पुलिया के नीचे बहते पानी में मिला। युवती गायबुड़ा की बताई जा रही है जो नगर पंचायत बगीचा के वार्ड क्रमांक 1 स्थित अटल आवास में अपनी अन्य दो सहेलियों के साथ रहती थी और घरेलू कार्य कर जीवन यापन करती थी।
युवती आखिरी बार स्कूटी में देखी गई थी
मृतिका की एक सहेली ने बताया कि 24 जुलाई की रात करीब 11 बजे छोटू जायसवाल नामक युवक उसे स्कूटी में लेकर गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि उसी रात एक स्कूटी हादसा हुआ था,जिसमें छोटू की स्कूटी नाले में गिर गई थी। बताया जा रहा है कि भोर में स्कूटी को चुपके से निकाल लिया गया और युवती को उसी हालत में छोड़ दिया गया।वहीं खबर है कि स्थानीय अस्पताल में परिजनों ने छोटू का इलाज भी कराया इस दौरान युवती की कोई खोज नहीं की गई।
घटना स्थल पर बगीचा बीएमओ डॉ सुनील लकड़ा फोरेंसिक टीम के साथ मौजूद रहे।घटना स्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।एक हफ्ते तक शव पड़ा रहने के कारण बदबू आने लगी थी जिसके कारण जांच टीम को नाले के नीचे से शव को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।नगर पंचायत के कर्मचारियों व पुलिस के जवानों ने पुलिया के नीचे बहते नाले से शव को निकाला।
सवालों के घेरे में है छोटू की भूमिका
हादसे की जांच में बगीचा पुलिस जुटी हुई है।मौके पर पहुंचकर एसडीओपी दिलीप कोसले, टीआई संतलाल आयाम,महिला एएसआई बैजन्ती किंडो समेत फोरेंसिक टीम ने तत्काल जांच शुरु कर दी है।मृतिका के परिजनों को बुलाकर शव को पहचान कराई गई।लगातार पानी में रहने के कारण शव की दुर्दशा हो गई थी।बगीचा पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं जिसपर पुलिस जांच कर रही है।
यदि यह सड़क दुर्घटना थी, तो घटना की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई?
यदि हत्या हुई है, तो शव को एक सप्ताह तक छिपाने का उद्देश्य क्या था?
अगर युवती गंभीर रूप से घायल थी, तो उसे इलाज क्यों नहीं दिलाया गया?
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना पर पहुंची बगीचा पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया को बताया कि
“मामले की फोरेंसिक एक्सपर्ट और बगीचा पुलिस द्वारा हर पहलु की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल मर्ग कायम किया गया है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बयान और सबूतों के आधार पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।”
जशपुर में अंधविश्वास का तांडव,जादू-टोना के शक में युवक पर हमला, चार आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
जशपुर जिले के कोतबा चौकी क्षेत्र के ग्राम लकरामुड़ा में टोनही के शक में एक युवक और उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। घटना 26 जुलाई की शाम करीब 8:30 बजे की है, जब कुछ ग्रामीणों ने युवक को उसके ही घर से घसीटकर बाहर निकाला और टांगी व ईंट से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने आए उसके माता-पिता भी हमले का शिकार हुए।
मामले की जानकारी अनुसार, लकरामुड़ा निवासी ओमप्रकाश सोनी अपने घर के आंगन में खड़ा था, तभी पड़ोसी बलिचंद्र डहरे ने उस पर जादू-टोना कर अपने बच्चे की मौत का आरोप लगाया और गाली-गलौज करने लगा। ओमप्रकाश के विरोध करने पर बलिचंद्र ने जान से मारने की धमकी दी। कुछ ही देर बाद बलिचंद्र अपने परिजनों सूरज डहरे, सुदर्शन डहरे, माधुरी डहरे, शांति बाई डहरे और सदानंद डहरे के साथ ओमप्रकाश के घर में घुस गया। आरोपियों ने उसे घर से बाहर घसीटा और टांगी व ईंट से हमला किया, जिससे उसकी आंख और सिर में गंभीर चोटें आईं। हमले में उसके पिता के सिर में और मां के चेहरे व हाथ में भी चोटें आईं। तीनों घायलों को अंबिकापुर अस्पताल रेफर किया गया।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2), 190, 191 तथा छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 05 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—बलिचंद्र डहरे, सुदर्शन डहरे, माधुरी डहरे और शांति बाई डहरे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
मामले की विवेचना चौकी प्रभारी उप निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई, जिसमें एएसआई अपलेजर खेस, आरक्षक बूटा सिंह, पवन पैंकरा, सुशील तिर्की और महिला आरक्षक तुलसी कोसले की सक्रिय भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि टोनही प्रताड़ना जैसा अंधविश्वास आधारित अपराध समाज के लिए घातक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जागरूक बनें, अंधविश्वास से दूर रहें और दूसरों को भी शिक्षित करें।
बिलासपुर मे आयोजित 22वें क्रास कंट्री एथलेटिक चौंपियनशीप में कांकेर जिले का परचम लहराया
कांकेर। बिलासपुर में 2जनवरी को आयोजित चयन प्रतियोगिता में अडर 18 बालिका वर्ग में 4 किमी वर्ग मे कांकेर जिले की केबीकेएस गोटुल स्पोर्ट्स एकेडमी कानापोड़ की लिकेश्वरी तारम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुरक्षित कर ली है। वहीं बालक अडर 18 वर्ग में 6किमी दौड़ मे साहिल निषाद ने 6वॉ स्थान पर अपना जगह बनाया है, के बी के एस गोटुल स्पोर्ट्स अकादमी धीरे धीरे अपनी लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए प्रतिभावान बच्चों को निखारने का काम कर रही है। बताते चले की सुदूर अंचल की बच्चों मे हुनर की कमी नही है, शर्त सही दिशा गाइडलाइन नही होने के कारण उनकी प्रतिभा सामने नही आती, पर्वतारोही व कोच स्व. बंशीलाल नेताम के सपनों को पुरा करते हुए केबीकेएस के प्रमुख अश्वनी कांगे, नारायण मरकाम, कृष्णा शोरी के अथक प्रयासों के कारण विगत कुछ वर्षाे से केबीकेएस गोटुल स्पोर्ट्स अकादमी इस क्षेत्र मे सराहनीय कर कर रही है। पुलिस महानिरीक्षक कांकेर के मार्गदर्शन मे प्रधान आरक्षक प्रभा राम भगत व भावेश सलाम कोंच के रूप में बच्चों के भविष्य संवारने के भविष्य संवारने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है, विशिष्ट रूप से, कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षिरसागर कांकेर पद्मश्री अजय मंडावी और कांकेर विधायक आशाराम नेताम लगातार बच्चों का हौसला अफ़ज़ाई कर रहे हैं।
जिला स्तरीय युवा उत्सव 03 जनवरी को
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 03 जनवरी 2025 को प्रातः 10.00 बजे से बडेकनेरा रोड स्थित ऑडिटोरियम कोण्डागांव में किया जाएगा। जिला युवा उत्सव में सामूहिक लोकनृत्य, सामूहिक लोकगीत, व्यक्तिगत लोकनृत्य, व्यक्तिगत लोकगीत, कहानी लेखन, चित्रकला, तात्कालिक भाषण, कविता पाठ विधा का आयोजन होगा, इसके अलावा हस्तशिल्प एवं हथकरघा तथा कृषि उत्पाद का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें भाग लेने वाले कलाकारों, विकासखण्ड स्तरीय आयोजन के विजेता कलाकार होंगे। जिला स्तरीय आयोजन के विजेताओं को राज्य स्तरीय राष्ट्रीय युवा उत्सव जिसका आयोजन 12 जनवरी को प्रतिवर्ष होता है, में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।
संथाल परगना बना चैंपियन, केरल उपविजेता और झारखण्ड फर्स्ट रनरअप रहा
राजधानी रायपुर में चल रहीं 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता का आज समापन हो गया। समापन समारोह के दौरान फुटबॉल के फाइनल मैच में संथाल परगना ने केरल को पेनाल्टी शूट में एक के मुकाबले चार गोलों से हराकर चैंपियन की ट्रॉफी जीती। केरल की टीम उपविजेता रहीं वहीं झारखण्ड की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। तीरंदाजी की प्रतियोगिता में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बालक तीरंदाज और कर्नाटक की बालिकाएं छायी रहीं। इस पूरी प्रतियोगिता में फुटबॉल और तीरंदाजी के खेलों में लगभग 600 जनजातीय बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया। अण्डमान, निकोबार से लेकर पूरे देश के लगभग 30 प्रांतों से जनजातीय खिलाड़ी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हुए। पड़ोसी देश नेपाल से भी खिलाड़ियों के एक दल ने तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं स्वागत समिति के अध्यक्ष केदार कश्यप और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कोटा स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया उन्होंने सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और बेहतरीन खेल दिखाने के लिए सभी का हौसला बढ़ाया। समापन समारोह में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, अखिल भारतीय खेल-कूद प्रमुख श्री फूल सिंह लेप्चा, राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट, छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष उमेश कच्छप और संगठन मंत्री रामनाथ कश्यप, सचिव अनुराग जैन और स्वागत समिति के सचिव अमर बंसल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रवीण ढोलके, सह संगठन मंत्री सुभाष बडोले, पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग प्रमुख प्रोफेसर राजीव चौधरी, वनवासी विकास समिति महानगर रायपुर के अध्यक्ष रवि गोयल और सचिव राजीव शर्मा सहित सह खेल-कूद प्रमुख पंकज सिंह, श्रीमती संगीता चौबे, डॉ. विजय साण्डिल्य, डॉ. आशुतोष साण्डिल्य, डॉ. मीना मूर्मू, टिशेन भगत गोपाल वियानी भी उपस्थित रहे।
संभवतः जनजातीय खिलाड़ियों की यह विश्व की सबसे बड़ी प्रतियोगिता रू अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित इस 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री अतुल जोग ने कहा कि यह प्रतियोगिता 1991 से अनवरत आयोजित होती आ रहीं है और यह प्रतियोगिता विशुद्ध रूप से जनजातीय खिलाड़ियों की सहभागिता वाली विश्व की सबसे बड़ी प्रतियोगिता है। श्री जोग ने यह भी बताया कि इससे पहले भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता में केवल तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा में ही 316 जनजातीय तीरंदाजों ने हिस्सा लिया था और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल मेडल जीतने या खेल खेलने तक सीमित नहीं है बल्कि यह आयोजन खिलाड़ियों में राष्ट्रीय एकता की भावना और हम सबके एक होने के भाव को जगाने वाला है। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि हमेशा कड़ी मेहनत करें, खेल से जुड़े रहें और लगातार अभ्यास करें ताकि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रौशन किया जा सके।
खेल की ना भाषा, ना कोई सीमा, केवल प्रतिभा ही पहचान रू समापन समारोह को वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एच के नागु ने भी संबोधित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि खेलों की ना तो कोई भाषा है, ना ही कोई सीमा। खेल प्रतिभा ही खिलाड़ी की पहचान है। श्री नागु ने कहा शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ खेल जीवन संघर्ष के लिए भी हमें तैयार करते हैं। उन्होंने वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। श्री नागु ने सभी विजेताओं को शुभकानाएं दी।
फुटबॉल के 22 मैच, 122 गोल, 9 मैचों का परिणाम टाई ब्रेकर या पेनाल्टी शूट से रू 24 वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता में फुटबॉल के जनजातीय खिलाड़ियों ने अपना खूब जौहर दिखाया। पूरी प्रतियोगिता में फुटबॉल के 22 मैच कोटा स्टेडियम और यूनिवर्सिटी खेल मैदान पर खेले गये। जनजातीय खिलाड़ियों ने इन मैचों में 122 गोल दागकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेल के प्रति खिलाड़ियों का समर्पण और उनकी कुशलता इसी से सिद्ध होती है कि पूरी प्रतियोगिता में 9 मैचों का परिणाम टाई ब्रेकर या पेनाल्टी शूट से हुआ। फुटबॉल के खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक प्रतिभावों का प्रदर्शन किया। अंत में संथाल परगना ने चौंपियन्स ट्रॉफी जीती और केरल उपविजेता रहा। संथाल परगना के गोलकीपर विनय कुण्डू ने फाइनल मैच में पेनाल्टी शूट के 4 गोल बचाकर सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का मेडल प्राप्त किया वहीं संथाल परगना के ही खिलाड़ी विमल मराण्डी मेन ऑफ द टूर्नामेंट रहें। फाइनल मैच में केरल के खिलाड़ी अभिनंद को मेन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
तीरंदाज़ी में पूर्वी उत्तरप्रदेश का जलवा, 12 में से चार पदक जीते
24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता में हुए तीरंदाज़ी के मुकाबलों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के तीरंदाज़ों का जलवा रहा। कर्नाटक की बालिका तीरंदाजों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों ने ट्रॉफी और मेडलों के साथ अपनी खेल भावना और व्यवहार से आयोजकों सहित साथी खिलाड़ियों का दिल भी जीत लिया। पूर्वी उत्तरप्रदेश के तीरंदाज़ों ने कुल बारह में से चार पदक जीते हालांकि पूर्वी उत्तरप्रदेश के तीरंदाज किसी भी वर्ग में स्वर्ण पदक नहीं पा सके परंतु जूनियर बालक और सब जूनियर बालक वर्ग में इन खिलाड़ियों ने सिल्वर और ब्रांज मेडल प्राप्त किया। तीरंदाजी की जूनियर बालक वर्ग की प्रतिस्पर्धा में राजस्थान के हिमेश बरांडा ने 643 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। पूर्वी उत्तर प्रदेश के आदित्य सिंह ने 637 अंक लेकर रजत और हीरा सिंह ने 626 अंक प्राप्त कर कांस्य पदक प्राप्त किया।
सब जूनियर बालक वर्ग में उत्तरबंगाल के सकनोन लेपचा ने 664 अंकों के साथ स्वर्ण और पूर्वी उत्तरप्रदेश के दीपक ने 661 अंक लेकर रजत तथा इंद्रदेव कुमार ने 651 अंक प्राप्त कर ब्रांज मेडल जीता।
जूनियर बालिका वर्ग में उड़ीसा की मंजुलता ने 563 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। छतीसगढ़ की रामशिला नेताम ने 493 अंक लेकर सिल्वर और उड़ीसा की ही मीना तीरिया ने 460 अंक प्राप्त कर कांस्य पदक जीता।
सब जूनियर बालिका वर्ग में कर्नाटक की बालिकाओ का वर्चस्व रहा। कर्नाटक की भाग्यश्री ने 599 अंक के साथ स्वर्ण और अन्नपूर्णा ने 563 अंक लेकर रजत पदक पक्का किया। राजस्थान की दर्शी डामोर ने इस वर्ग में 541 अंक प्राप्त कर कांस्य पदक जीता।
उल्लेखनीय है की 25 वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता में तीरंदाजी के 40 मीटर, 30 मीटर और 20 मीटर शूटिंग मुकाबले हुए। इन प्रतिस्पर्धाओं में बालक-बालिका जूनियर-सब जूनियर वर्ग में लगभग 400 जनजातीय तीरंदाज़ों ने हिस्सा लिया। तीरंदाज़ी के सभी मुक़ाबले राज्य आर्चरी एकेडमी के मैदान पर हुई।
हल्बा समाज ने कोदागांव में मनाया शक्ति दिवस पर्व विधायक आशाराम नेताम ने की शिरकत
कांकेर। 26 दिसंबर को अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा हल्बी समाज ग्राम कोदागाँव मे शक्ति दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता मा.ज्ञानू राम भुआर्य द्वारा किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आशाराम नेताम विधायक कांकेर द्वारा समाज को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि आदिवासी हल्बा हल्बी समाज एक सभ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय स्थान बनाये हुए सभी आदिवासी समाज को मार्गदर्शन व सहयोग करने वाली समाज है तथा समाज की विकास के लिए आज के युवाओं से अपील किया गया। हल्बा हल्बी समाज कोदागाँव द्वारा सामाजिक भवन में टिनासेट निर्माण हेतु निवेदन सह ज्ञापन विधायक को सौंपा गया। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष सीताराम कोटपरिया, पंचु राम नायक, बाबूलाल फ़ांफ़ा, रमेश भंडारी, एस आर कोरटिया, तुमेश कुमार चिराम एवं समाज के लोग सामाजिक परिधान में उपस्थित होकर सामाजिक कार्यक्रम में अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छत्तीसगढ़ के आदिवासी राष्ट्रीय क्या अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक में भी मेडल ला सकते हैं -रामनाथ कश्यप
छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के महामंत्री आयुष मुरारका ने जानकारी देते हुए कहा कि आज साइंस कॉलेज मैदान में तीरंदाजी अकादमी ग्राउंड में एकदिवासी सब जूनियर राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की गई
जिसमें 18 जिले से 310 तक कोच, तीरंदाज मैनेजर, पदाधिकारी, शामिल रहे, आज की प्रतियोगिता में पैरा आर्चरी के 15 तीरंदाज भी शामिल हुए,
सब जूनियर और पैरा आर्चरी के नेशनल टूर्नामेंट जयपुर में सब जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के साथ साथ होने जा रही है,
आज संध्या समापन और पुरस्कार अवसर पर वनवासी विकास समिति के संगठन मंत्री रामनाथ कश्यप, वनवासी का समिति के प्रदेश महामंत्री ,अनुराग जैन जी और बालोद जिला के तीरंदाजी के प्रमुख लुनिया छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका पुरस्कार वितरण में प्रमुख रूप से शामिल है,
मुख्य अतिथि रामनाथ कश्यप जी ने कहा कि वनवासी क्षेत्र में काम करने वाले चाहे खिलाड़ी हो चाहे सामाजिक कार्यकर्ता हो उनकी अपनी एक अलग पहचान है ,आदिवासियों को तरसते की जरूरत है अगर ठीक से उनको तराशा गया तो छत्तीसगढ़ के आदिवासी राष्ट्रीय क्या अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक में भी मेडल ला सकते हैं ,
इस अवसर पर अनुराग जैन और सौरभ लुनिया ने भी सभी तीरंदाजो को बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाई दी और उज्जवल भविष्य की कामना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल की बहुत संभावनाएं ,
आयुष ने बताया कि आज टाटानगर में जीते मेडल उनका भी स्वागत किया गया
18 जिले से आए कोच, पैरा तीरंदाज, स्कोरर, सभी को मोमेंटो, टी शर्त, लोवर देकर सम्मानित किया गया, और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सलेक्ट सभी तीरंदाज को सु, टी शर्ट, लोवर, कीट देकर सम्मानित किया गया, अंत में आभार प्रदर्शन, कैलाश मुरारका द्वारा किया गया,,
अग्रवाल बॉलिंग कम्पीटिशन रविवार 22 दिसंबर को
अग्रवाल बॉलिंग कम्पीटिशन रविवार 22 दिसंबर को
अग्रवाल सभा अग्रवाल युवा मण्डल द्वारा रविवार 22 दिसंबर को rebounce के सहयोग से बॉलिंग कम्पीटिशन का आयोजन किया जा रहा है । इसमें 15 साल से लेकर किसी भी उम्र के युवा भाग ले सकते हैं । युवा मंडल प्रभारी सुभाष अग्रवाल ने बताया कि युवा मंडल हर समय कुछ ना कुछ नया करके युवाओं को एकजुट करने का प्रयास करता आ रहा है ये प्रतियोगिता आज कल युवाओं में बहुत प्रचलित है । युवा मंडल अध्यक्ष राम अग्रवाल ने बताया कि पूरे प्रदेश से समाज के युवा इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं । प्रतियोगिता मैग्नेटो मॉल के पास rebounce में खेला जाएगा ।
प्रचार प्रसार प्रभारी आयुष मुरारका ने बताया कि सभी प्रतिभागियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई है ।
इस कार्यक्रम को सुचारू रूप देने के लिए कार्यक्रम के संयोजक संदीप अग्रवाल , अभिसेक टेकरीवाल , वेदान्त अग्रवाल और पुनीत अग्रवाल बनाये गये हैं ।
स्पोर्ट्स डे सेलिब्रेशन में शामिल हुए वन मंत्री श्री कश्यप
प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप आज डी.पी.एस. जुनवानी दुर्ग के स्पोर्ट्स डे सेलिब्रेशन 2024 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में कवि और सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ के पूर्व डीन डॉ. हरिओम पवार, पद्मश्री डॉ. सुनील जोशी, आईएनएच और हरिभूमि के प्रधान संपादक श्री हिमांशु द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित थे।
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि आज के पवित्र दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में सभी ने अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन किये है। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए पेरेंट्स भी भाग लिये। स्कूल का खेल की दिशा में अच्छा प्रयास रहा है। पढ़ाई का उद्देश्य नौकरी तक ही सीमित न हो। बच्चों में टैलेंट हो तो वह अपना मार्ग स्वयं ढूंढ लेंगे। उन्होंने आयोजन के लिए पूरे डी.पी.एस. परिवार को बधाई दी। सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इससे पहले मुख्य अतिथि श्री कश्यप ने विभिन्न खेलों के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया। प्रतिभागी बालक-बालिकाओं ने आकर्षक मार्च पॉस्ट और देश की एकता को प्रदर्शित करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दिये।
समारोह को डॉ. हरिओम पवार, डॉ. सुनील जोशी और डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने प्रतिभागी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दिये। इस अवसर पर डी.पी.एस. मैनेजिंग कमेटी के मेंबर श्री एच. बन्ना और सात्विक सिंधु, डी.पी.एस. जुनवानी के प्राचार्य श्री यशपाल शर्मा, शिक्षकगण, विद्यार्थियों और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के 30 सदस्य टीम टाटानगर झारखंड प्रदेश में खेलने गई हुई है
सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के 30 सदस्य टीम टाटानगर झारखंड प्रदेश में खेलने गई हुई है
आयुष ने कहा कि आज प्रतियोगिता में इंडियन वर्ग में महिला टीम इवेंट में छत्तीसगढ़ को एक मेडल मिलना तय हो गया, कल फाइनल टूर्नामेंट है गोल्ड , नहीं तो ब्रांच मेडल मिलना तय है इसी तरह इंटरनेशनल इक्विपमेंट में रिकर्व वर्ग में हमारे तीरंदाज नेशनल गेम में सिलेक्शन के लिए, कड़ी प्रतिस्पर्धा में जूझ रहे हैं, कल टॉप 32 का टूर्नामेंट होगा, उसके बाद टॉप 16 का टूर्नामेंट होगा उसके बाद टॉप 8 का टूर्नामेंट होगा अगर हमारे तीरंदाज टॉप 8 में प्रवेश करते हैं तो आने वाले उत्तराखंड में नेशनल गेम में पार्टिसिपेट करेंगे और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कंपाउंड वर्ग और रिकवर दोनों में हमारे तीरंदाज टॉप 64 में आ चुके हैं आने वाले समय में संघ के अध्यक्ष मुख्यमंत्री अध्यक्ष के रूप में हमारे सामने हैं, हमारी जो इक्विपमेंट कोच की कुछ जरूरत है, उनके सामने रखी है ,अगर यह सब चीज हमें मिलता है, तो आने वाले समय में जो देश के गृहमंत्री अमित शाह जी ने कहा है कि बस्तर से एक बच्चा ओलंपिक में भाग लेगा, और मुझे विश्वास है वह बच्चा तीरंदाजी का ही होगा यह हमें विश्वास आयुष मुरारका ने कहा कि कल महिला टीम का मेडल मैच है और यही टीम नेशनल गेम उत्तराखंड में भी खेलेगी, इसलिए टीम को मुख्यमंत्री के तरफ से संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका के तरफ से पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई थी और आने वाले समय में इंटरनेशनल इक्विपमेंट से भी जो खेला जाता है टूर्नामेंट उसमें भी छत्तीसगढ़ के तीरंदाज आगे रहेंगे
क्रिकेट लीग संयोजक अमित चिमनानी व प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल ठाकुर ने विजेताओं को दी ट्रॉफी और नकद पुरस्कार
मीडिया क्रिकेट लीग का समापन*विस्तार न्यूज बनी विजेता,उपविजेता बनी IBC की टीम
क्रिकेट लीग संयोजक अमित चिमनानी व प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल ठाकुर ने विजेताओं को दी ट्रॉफी और नकद पुरस्कार
मैन ऑफ द मैच, मैंन ऑफ द सीरीज सहित एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार बाटे गए
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आहूत दो दिवसीय मीडिया क्रिकेट लीग का रविवार को समापन हुआ जिसमें विस्तार न्यूज ने विजेता के तौर पर कप पर कब्जा किया। विजेता टीम को 51 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। आईबीसी की टीम उपविजेता (रनर-अप) रही 31 हजार रुपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया गया।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी के संयोजन और रायपुर प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी के आयोजित द्रोणाचार्य बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड (न्यू राजेंद्र नगर) पर इस मीडिया क्रिकेट लीग में खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए व्यक्तिगत पुरस्कार भी प्रदान किए गए जिनमें विस्तार न्यूज के पी. सूरज, सुपर11 के संतोष साहू, एशियन किंग्स के हृतिक, हंका प्रेस के मनीष कुमार, संयुक्त11 के दिनेश राव, संयुक्त2 के अभिषेक तिवारी, आईबीसी24 के विजय गुर्जर, विस्तार न्यूज के सौरव तिवारी, संयुक्त11 के जगन्नाथ राव, विस्तार न्यूज के डोनेश्वर सारंग, नेशनल जर्नस के टिकेश्वर पटेल, आईबीसी24 के अविनाश कौर, और विस्तार न्यूज के अभिषेक तिवारी को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। इसी प्रकार बेस्ट बॉलर आईबीसी24 के विजय गुर्जर, बेस्ट बैट्समैन विस्तार न्यूज के अभिषेक तिवारी, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर एशियन किंग्स के हृतिक और बेस्ट फील्डर संयुक्त11 के पार्थ पुरस्कृत हुए।
मीडिया क्रिकेट लीग का उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधासनभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के हाथों हुआ था। इस क्रिकेट स्पर्धा का उद्घाटन मैच सम्पादक-11 और भाजपा नेताओं की टीम के बीच हुआ था। बॉक्स क्रिकेट के तौर पर आयोजित इस लीग मैच में रायपुर के मीडिया जगत की 16 टीमों में मीडिया जगत के 160 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस क्रिकेट लीग के आयोजन में प्रमुख सहयोगी के रूप में अष्टविनायक रियलिटी के संतोष लोहाना और महेश मिरधानी के अतिरिक्त अनेक सहयोगी संस्थाओं विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, बढ़ते कदम, ग्रीन आर्मी, भारतीय सिंधु सभा, पू. छ.ग. सिंधी पंचायत युवा विंग, पू. सिंधी पंचायत महावीर नगर, पू. कंधकोट पंचायत का सहयोग मिला।
पीजी कॉलेज कांकेर में राज्य स्तरीय हैण्डबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता का शानदार आयोजन हैण्डबॉल प्रतियोगिता में विजेता टीम रायगढ़ एवं उपविजेता टीम दुर्ग रही
छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग के तत्वाधान मे राज्य स्तरीय हैण्डबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता 2024 का आयोजन 13 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर के खेल मैदान में किया गया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ से कुल 10 संभाग रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव, सरगुजा, बलौदाबाजार एवं बस्तर के 200 खिलाड़ियो एवं मैनेजर/कोच ने भाग लिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। अतिथियों का स्वागत बस्तर के पारंपरिक नृत्य द्वारा किया गया, उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार भाऊ एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ.वी के.रामटेके के द्वारा माँ सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा खिलाडियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया जिसमे प्रथम मैच बिलासपुर एवं कोरबा के मध्य खेला गया, जिसमे बिलासपुर की टीम विजेता रहीं जिसकी प्रसंशा मुख्य अतिथि द्वारा किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि ने फाइनल मैच का लुफ्त उठाया फाइनल मैच रायगढ़ एवं दुर्ग के मध्य खेला गया जिसमे बहुत ही रोमांचक मुकाबले में रायगढ़ टीम ने अंतिम क्षणों में निर्णायक गोल करते हुए 23/22 के अंतर से दुर्ग को पराजित कर विजेता बनी एवं मुख्य अतिथि द्वारा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए विजेता टीम रायगढ़ सेक्टर को बधाई दी एवं उपविजेता टीम दुर्ग सेक्टर को भविष्य में उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए विजेता बनने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देते हुए खेल भावना को ध्यान मे रख कर खेलने एवं और मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहने की बात कही एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
राज्य स्तरीय हैण्डबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता के पर्यवेक्षक ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया एवं इस आयोजन के विभिन्न स्तरों जैसे कि उदघाटन, समापन, खेल मैदान की तैयारी, भोजन व्यवस्था, आवास सुविधा एवं बस्तर संभाग के सभी क्रीडा अधिकारीयों की एकजुटता एवं कार्यकुशलता की तारीफ़ की तथा बिना किसी व्यवधान के कार्यक्रम संपन्न कराने पर महाविद्यालय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष ने विजेता एवं उपविजेता टीम को बधाई देते हुए खेल को दिनचर्या का हिस्सा बनाते हुए अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया एवं युवओ को मोबाइल गेम को छोड़ कर मैदानी खेलो को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ.वी के रामटेके ने विजेता टीमों को बधाई दिया साथ हो खेलो मे अनुशासन का परिचय देने के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर मूख्य अतिथि के रूप मे पद्मश्री अजय कुमार मंडावी, विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष देवेंद्र कुमार भाऊ एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ.वी के. रामटेके ने किया। राज्य स्तरीय हैंडबाल प्रतियोगिता के पर्यवेक्षक डॉ. अजय सिंह, बिलासपुर एवं डॉ. बोगी शंकर राव वरिष्ठ क्रीडा अधिकारी कोरबा, मुकेश घोरे वरिष्ठ क्रीडा अधिकारी मस्तुरी, बस्तर विश्वविद्यालय के खेल संचालक बी. एल. केंवट, एवं डॉ. नवीन कुमार सिंह वरिष्ठ क्रीडा अधिकारी जगदलपुर एवं अतिथिगण डॉ. स्वामी राम बंजारे वरिष्ठ प्राध्यापक, सपन श्रीवास्तव, धीरज जायसवाल, शशांक राय, रोशन साहू, जयप्रकाश गेडाम, सुनील जायसवाल सदस्य जनभागीदारी समिति, ईश्वर कावडे कृषि सभापति कांकेर, बस्तर संभाग के समस्त क्रीडा अधिकारी एवं महाविद्यालय परिवार के कर्मचारी/अधिकारी उपस्थित थे।
पूरी प्रतियोगिता में मंच का सफल संचालन महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक शरद ठाकुर, विजय प्रकाश साहू द्वारा किया गया, हिंदी एवं अंग्रेजी में मैच की कमेंट्री महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अर्चना सिंह एवं विजय प्रकाश साहू ने अपने कुशल अनुभव से 10 संभाग से आये समस्त मैनेजर/कोच, खिलाडियों का दिल जीत लिया एवं सम्पूर्ण प्रतियोगिता को सकुशल संपन्न कराया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में क्रीड़ा अधिकारी सुनील देव जोशी, मनीष टोप्पो, पालन दीवान, चेतन कुमार श्रीवास, हुमन राम यदु, महेंद्र रजक, नीरज कुमार पटेल, अमित सिंह मरकाम, रघुवर सिंह ध्रुव, रविन्द्र कुमार ध्रुव, मुकेश नेताम, सुन्दर लाल भुआर्य एवं प्रतियोगिता के निर्णायक सुनीता साहू, बालकृष्ण साहू, परमेश खरे, मोहनीश वर्मा, अजय धु्रव एवं आशुतोष कुमार ठाकुर का प्रतियोगिता को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत मे राज्य स्तरीय हैण्डबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता के संगठन सचिव सुधीर सोवानी क्रीड़ा अधिकारी भानुप्रतापदेव शास. स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर ने आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी का धन्यवाद किया।
