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घर पर बनाएं बन मस्का, इसे नाश्ते में चाय के साथ परोसें

बन मस्का महाराष्ट्र का प्रसिद्ध व्यंजन है। क्रीम से भरा इसका स्वाद काफ़ी पसंद किया जाता है। अगर आप भी इसके स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसे घर पर ही बना सकते हैं। इस विधि में प्रयुक्त बन बहुत मुलायम और ताज़ा होना चाहिए, तभी इसके स्वाद का आनंद ले पाएंगे। मुलायम और टूटी फ्रूटी के साथ वाला बन ख़रीद सकते हैं या फिर घर पर बना सकते हैं। अब बन को बन मस्का कैसे बनाना है, इसकी रेसिपी यहां देख लीजिए।

ऐसे बनाएं

15 मिनट में, दो लोगों के लिए

बोल में 2 बड़े चम्मच क्रीम और 2 बड़े चम्मच मक्खन अच्छी तरह से मिलाएं। तब तक मिलाएं जब तक यह मिश्रण चिकना न हो जाए। अब 2 बन को बीच से काटकर दो हिस्सों में बांटें। गर्म तवे या पैन पर इन्हें दोनों तरफ़ से सेकें। अगर बन तवे पर चिपक रहे हैं, तो हल्का-सा मक्खन लगाकर सेंक सकते हैं। अब एक बन के दोनों कटे हुए हिस्से लें और इनके बीच में क्रीम और मक्खन के मिश्रण को अच्छी तरह से लगाएं। यानी कि बन के कटे हुए हिस्सों पर क्रीम लगानी है और इन हिस्सों को आपस में चिपका देना है। इसी तरह दूसरी बन पर भी क्रीम और मक्खन का मिश्रण लगाकर चिपकाएं। बन मस्का तैयार है। बड़ा और गोल बन चार हिस्सों में बांटकर परोस सकते हैं।

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पुणे घूमने जाएं तो जरूर लें इन 8 स्ट्रीट फूड का जायका, जिंदगीभर याद रहेगा इनका स्वाद

पुनेरी मिसल पाव

पुनेरी मिसल पाव पुणे का फेमस स्ट्रीट फूड है। मसालेदार और तीखे मसाला मिसल के साथ कटे हुए प्याज और नींबू के साथ गर्म पाव का यह मिश्रण लाजवाब है। यह व्यंजन उन सभी फूड लवर के लिए बेस्ट चॉइस है, जो स्पाइसी या मसालेदार भोजन पसंद करते हैं। बता दे कि प्याज को गरम मसाला, टमाटर, लहसुन और अदरक से बने मसालेदार मसाले में पकाया जाता है और इसे उसल, पोहा, कटे हुए आलू, कटा हुआ प्याज और धनिया, प्याज और मक्खन के साथ परोसा जाता है। इसे टेस्टी स्वाद के साथ शानदार ढंग से गरमा गरम ब्रेड या पाव के साथ परोसा जाता है। सबसे टेस्टी पुनेरी मिसल पाव का स्वाद लेने के लिए बेडेकर मिसाल पर जा सकते हैं।

 

 

वड़ा पाव

वड़ा पाव फेमस महाराष्ट्रीयन स्ट्रेट फूड है, जो पूरे भारत में बेहद प्रसिद्ध है। ये व्यंजन सिर्फ देश ही नहीं विदेशी पर्यटकों के बीच भी काफी पसंद किया जाता है। ये खाना एक स्वादिष्ट डीप-फ्राइड पैटी (वड़ा) से मिलकर बनता है, जिसे बन (पाव) के दो नरम स्लाइस के बीच रखा जाता है। पाव के अंदर हरी पुदीने की चटनी और मीठी चटनी डाली जाती है। साथ ही इस डिश को और स्पाइसी बनाने के लिए इसके साथ मिर्च और कुछ मसाला भी दिया जाता है। वड़ा पाव के अन्य रूपों में पनीर वड़ा पाव, शेजवान वड़ा पाव आदि शामिल हैं।

साबूदाना वड़ा

साबूदाना वड़ा पाव पुणे का यह एक प्रसिद्ध देसी स्ट्रीट फूड है। यह आपको पुणे के हर चौक-चौराहे पर सुबह नाश्ते के रूप में खाने को मिल जाएगा। इस डीप फ्राइड डिश को साबूदाना, आलू, धनिया मूंगफली और मिर्च के साथ मिक्स कर बनाया जाता है। ये डिश बाहर से क्रिस्पी और अंदर से चूई होती है। ये फूड्स चाय के साथ बेहद टेस्टी लगता है। इसे आमतौर पर पुणेवासी पुदीने और खजूर की चटनी के साथ खाते हैं।

 

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सेव पुरी

सेव पुरी पुणे का बेस्ट स्ट्रीट फूड में से एक है, जिसे आपको एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए। खट्टी मीठी पानी पुरी को छोले और आलू के भरावन के साथ परोसा जाता है, जो आपको बेहद पसंद आएगा। बता दे कि नटराज भेल सेव पुरी का सबसे कुरकुरा, कुरकुरे और चटपटे स्वाद परोसता है जिसे आपको एक बार जरूर खाना चाहिए।

 

 

पाव भाजी

इस व्यंजन का इतिहास आप समझ लीजिए 150 वर्ष पुराना है। पाव भाजी एक विशिष्ट महाराष्ट्रीयन व्यंजन है जिसे दुनिया भर के भारतीयों द्वारा पसंद किया जाता है और भारतीय घरों में तो इसे सबसे ज्यादा बनाया जाता है। पाव भाजी में कई तरह की सब्जियां मिलाई जाती हैं, फिर उन्हें मैश करके ऊपर से मक्खन डालकर सिके हुए पाव के साथ गर्मागर्म परोसा जाता है। पुणे का ये सबसे मशहूर स्ट्रीट फूड है, जिसे यहां के लोग सबसे ज्यादा खाते हैं। पाव भाजी को कई अन्य तरीकों से भी बनाया जाता है, जैसे चीज़ पाव भाजी, पनीर पाव भाजी, शेज़वान पाव भाजी आदि।

दाबेली

यह विशिष्ट स्ट्रीट फूड पुणेवासियों के दिल में बसा है। इस डिश का स्वाद थोड़ा मीठा होता है। इसे कई तरह के मसालों को मिक्स कर बनाया जाता है। वैसे तो इस डिश की उत्पत्ति गुजरात के कच्छ से मानी जाती है, लेकिन यह बदले स्वाद के साथ पुणे में भी काफी प्रसिद्ध है। दाबेली में आलू की फिलिंग के साथ अंगूर, अनार, प्याज, धनिया पत्ती, मूंगफली, और कुरकुरी सेव डाली जाती है। इसे मीठी और तीखी चटनी के साथ क्रिस्पी और बेहद टेस्टी बनाया जाता है। स्ट्रीट फूड प्रेमियों को यह बहुत पसंद आता है। शाम को इसे खाने के लिए फूड स्टॉल पर भीड़ लगती है।

 

भाकरवाड़ी

ये स्वादिष्ट स्नैक चाय के समय में सबसे ज्यादा खाया जाता है। सभी तरह के आटे से बने इस स्नैक में मसाले डाले जाते हैं और फिर रोल करके डीप फ्राई किया जाता है। भाकरवाड़ी को नमकीन और मीठा दोनों तरीकों से बनाया जाता है। इसमें आप ड्राई फ्रूट्स को भी मिक्स कर सकते हैं। पुणे घूमने के लिए आएं, तो भाकरवाड़ी को टेस्ट जरूर करके जाएं, साथ में अपनी फैमली के लिए भी ये स्नैक लेकर जा सकते हैं।

 

 

कीमा पाव

कीमा पाव पुणे के सभी नॉन वेजिटेरियन लवर के लिए, यह फूड कुछ ऐसा है जिसे आपको पुणे में अवश्य आज़माना चाहिए। स्वादिष्ट टमाटर की ग्रेवी में तैयार कीमा बनाया हुआ मटन आपको अपना फैन बना देगा। सबसे स्वादिष्ट कीमा पाव खाने के लिए कैफे गुडलक जाएं। इनका अनोखा स्वाद आपका फवरेट बन जाएगा।

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खीर और पूरी एक पारंपरिक भारतीय व्यंजन है. अधिकतर त्योहारों के मौके पर खीर-पूरी बनाई जाती है.

खीर और पूरी एक पारंपरिक भारतीय व्यंजन है. अधिकतर त्योहारों के मौके पर खीर-पूरी बनाई जाती है. इतना ही पूजा करने के बाद भगवान को इसका भोग भी लगाया जाता है.इसे बनाने की सबसे आसान रेसिपी बता रहे हैं, जिसे अपनाकर फटाफट खीर-पूरी तैयार की जा सकती है.

खीर-पूरी के लिए जरूरी सामग्री
2 लीटर दूध
200 ग्राम चावल
250 ग्राम चीनी
5 इलाइची
10 काजू
10 बादाम
250 ग्राम आटा या मैदा
4 चम्मच तेल
1 चम्मच अजवाइन
1 चम्मच नमक (स्वादानुसार)
पूरी तलने के लिए रिफाइंड ऑयल

खीर-पूरी बनाने की विधि जान लीजिए
1. सबसे पहले आप खीर बनाने के लिए बादाम और काजू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए. फिर चावलों को धोकर साफ कर लें.
2. इसके बाद गैस पर एक बर्तन रखें और उसमें दूध डाल दें. जब दूध उबलने लगे, तब उसमें चावल डालें. थोड़ी देर बाद इसमें चीनी डालें.
3. जब सभी चीजें अच्छी तरह मिल जाएं, तब इसमें बादाम, काजू और इलाइची डालें. फिर 10 मिनट तक पकने दें.
4. इस तरह आपकी खीर बनकर तैयार हो जाएगी. इसे आप किसी बर्तन में निकालकर रख सकते हैं.
5. पूरी बनाने के लिए सबसे पहले आटा या मैदा को एक बर्तन में डालें. इसमें थोड़ा सा तेल व अजवाइन मिलाएं और उसे अच्छी तरह गूंथ लें.
6. अब आप कड़ाही में रिफाइंड ऑयल गर्म करें और पूरी बेलकर अच्छी तरह सेक लें. धीर-धीरे आप पूरे आटे की पूरियां सेक लें.
7. अब आपकी खीर पूरी बनकर तैयार है. आप पूजा करके इसका भोग लगा सकते हैं और इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं.
8. त्योहारों के मौके पर आप स्वादिष्ट खीर पूरी का लुत्फ उठा सकते हैं. पूरी फैमिली आपकी खीर पूरी की फैन हो जाएगी.
 

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फैमिली के लिए काम करना नहीं छोडूंगी : आलिया भट्ट

मुंबई । आलिया भट्ट ने हाल ही में अपने करियर और वर्क लाइफ बैलेंस को लेकर बात की। इस दौरान एक्ट्रेस ने कहा एक समय ऐसा भी था जब वह काम के लिए अपना फैमिली टाइम और नींद तक के लिए समझौता करने को तैयार थीं। लेकिन, अब वह ऐसा नहीं सोचती हैं। एक्ट्रेस ने इस बीच बीते एक दशक में अपनी लाइफ में आए बदलावों के बारे में बात की।उन्होंने कहा कि किसी शख्स ने उनसे कहा था कि वो एक अच्छी मां, या अच्छी बेटा या अच्छी एक्ट्रेस नहीं बन सकतीं। उन्होंने कहा कि बेस्ट होना वाकई कठिन है... आलिया ने यह भी कहा कि वो कभी भी फैमिली के लिए काम करना नहीं छोड़ेंगी।

मैं हर तरह के सेक्रिफाइस करने के लिए तैयार थी- आलिया
फेमिना से बात करते हुए आलिया ने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती समय को याद करते हुए बताया कि कैसे समय के साथ-साथ उनका काम उनकी प्रायोरिटी बनता गया। उन्होंने कहा- 'जैसे-जैसे मैंने सिनेमा में एक दशक पार किया, चीजें डेवलप होती गईं। हालांकि इस दशक में मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आया है। मुझे लगता है कि एक समय था जब मैं हर तरह के सेक्रिफाइस करने के लिए तैयार थी। नींद का, अपने परिवार के साथ समय का। उस वक्त मेरे जीवन में बस दो चीजें काम करना और शूटिंग करना थीं।

बेशक काम करना कभी न छोड़ें, लाइफ में बैलेंस लाएं
आलिया ने आगे कहा- 'लेकिन अब मेरा एक परिवार है…मेरी एक बेटी है। मेरा एक पति है। कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है कि यह सभी 10 साल मैंने अपने माता-पिता, अपनी बहन और अपने दोस्तों के साथ नहीं बिताए। लेकिन अब मैं चाहती हूं कि ऐसा कर सकूं।' वर्क लाइफ बैलेंस के बारे में बात करते हुए आलिया ने आगे कहा- बेशक काम करना कभी न छोड़ें, लेकिन कोशिश करें और लाइफ में बैलेंस लाएं।

किसी ना किसी चीज को लेकर कॉम्प्रोमाइज जरूर करना होगा

आलिया ने आगे काम और पर्सनल लाइफ में तालमेल बिठाने पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा- 'बैलेंस हमेशा एक जैसा नहीं हो सकता है। आपको हमेशा किसी ना किसी चीज को लेकर कॉम्प्रोमाइज जरूर करना होगा। अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आप एक वक्त पर सभी चीजें कर सकते हैं, शायद आप सभी चीजें कर भी लें। लेकिन इससे आपकी मेंटल पीस जरूर सफर करेगा।

'मेरे साथ अक्सर ऐसा होता है, क्योंकि मैं हर जगह पर मौजूद रहना चाहती हूं…और मैं प्रोफेशनल तौर पर भी हमेशा एक्टिव रहना चाहती हूं। लेकिन इन सभी चीजों के बीच मैं अपने लिए समय नहीं निकाल पाती हूं। इसलिए मुझे लगता है कि हमें सबसे पहले अपनी प्रायोरिटीज के बारे में सोचना चाहिए।'

लोगों ने कहा मैं अच्छी मां नहीं बन सकती
एक्ट्रेस ने आखिर में कहा- 'किसी ने मुझसे कहा था कि तुम कभी एक ग्रेट मां, एक बेहतरीन बेटी या एक एक बेहतरीन एक्ट्रेस नहीं बन पाओगी। मुझे ऐसा लगता है कि सबसे बेस्ट होना एक ओवररेटेड शब्द है। हमारे आसपास महानता को ज्यादा इम्पॉर्टेंस दिया जाता है। आपको सिर्फ अच्छा और ईमानदार होना होगा…खुलकर बात करनी होगी। इसलिए मैं यही करने की कोशिश करती हूं। मैं अपने परिवार और फ्रेंड्स के साथ खुलकर बात करती हूं। फिर भी कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं बहुत ज्यादा जिम्मेदारी ले रही हूं, लेकिन मुझे ये भी लगता है कि मैं इस जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रही हूं। मेरे पास कोई जवाब नहीं है।’

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अपनी उम्र से ज्यादा फिल्में रिजेक्ट कर चुकी गोविंदा की लाडली, अपने लुक्स से फैंस को बना लेती हैं दीवाना

नई दिल्ली। Tina Ahuja Birthday : बॉलीवुड के स्टार किड्स की बात करें तो टीना आहूजा भी उन्हीं में से एक हैं जो एक्टिंग में करियर बनाना चाहती हैं. 2015 में वो डेब्यू भी कर चुकी हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 33 साल की हो चुकी गोविंदा की लाडली 30 फिल्मों को रिजेक्ट कर चुकी हैं. आइए टीना के बर्थडे पर कुछ अनछुए पहलुओं से आपको रूबरू कराते हैं.

टीना आहूजा

गोविंदा अपने दौर के सुपरस्टार रहे हैं. 80 और 90 के दशक में उन्होंने जो काम किया उसकी चर्चा तो आज भी खूब होती है लेकिन अभी तक वैसा स्टारडम ना तो उनके बेटे को मिला है और ना ही बेटी टीना आहूजा को जो सात साल पहले इंडस्ट्री में डेब्यू कर चुकी हैं.

टीना आहूजा

टीना आहूजा

इतनी फिल्में रिजेक्ट कर चुकी हैं टीना

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि टीना ने भले ही अपने करियर में कामयाबी का स्वाद नहीं चखा है, लेकिन फिल्मों को रिजेक्ट करने में उन्होंने कोई कमी नहीं छोड़ी. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि टीना अब तक करीब 30 फिल्में रिजेक्ट कर चुकी हैं. दावा किया जाता है कि टीना अपने पिता की तरह ही कॉमेडी फिल्में करना चाहती हैं, लेकिन मनमाफिक स्क्रिप्ट ही नहीं मिली है. इसके चलते वह हामी नहीं भर पाई हैं. बता दें कि टीना आहूजा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और खुद से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स से फैंस को रूबरू कराती रहती हैं।

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मिर्ज़ापुर, पाताल लोक जैसी वेब सीरीज में काम नहीं कर पाऊंगी :सोनाक्षी

मुंबई । सोनाक्षी सिन्हा ने हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज दहाड़ में काम किया था। इस वेब सीरीज को काफी पसंद किया गया है। इस वेब सीरीज में उन्होंने एक पुलिस अफसर की भूमिका निभाई थी। उनकी यह वेब सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। यह उनका ओटीटी डेब्यू भी था। इसका निर्देशन रीमा कातगी और रुचि ओबेरॉय ने किया था।

सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि उन्हें थ्रिलर सीरीज पसंद है लेकिन वह मिर्जापुर, पाताल लोक या सैक्रेड गेम जैसी वेब सीरीज में काम नहीं कर पाएगी। एक्ट्रेस ने अपना डेब्यू सन 2010 में आई फिल्म 'दबंग' से किया था। इस फिल्म में उनके अलावा सलमान खान की अहम भूमिका थी। इसके बाद, उन्होंने कई फिल्मों और गानों में काम किया है। अब उन्होंने एक नया इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने खुलासा किया है कि वह और ज्यादा बोल्ड कंटेंट वाली वेब सीरीज में काम नहीं कर पाएंगी। उनसे पूछा गया कि वह किन शो में काम करना चाहती थी। इस पर उन्होंने कहा- "मुझे पाताल लोक, सैक्रेड गेम्स और मिर्जापुर पसंद आए हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं उनमें से किसी में भी फिट होती हूं। उनका कंटेंट बहुत बोल्ड है लेकिन उन्हें देखने में मुझे काफी मजा आया।"सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि उन्हें क्राइम थ्रिलर और डॉक्यूमेंट्री देखना पसंद है। एक्ट्रेस आगे कहती है- 'मैंने ऐसी फिल्में नहीं की है, जिन्हें मैं अपने परिवार के साथ बैठकर नहीं देख सकती। अगर मुझे लगता है कि यह बात मेरे परिवार को पसंद नहीं आएगी तो मैं वह काम नहीं करती हूं। यह मेरा मानना है। ऐसा नहीं है कि मुझे ऐसा करने के लिए कहा गया है। मुझे अच्छा लगता है कि मैं कोई अच्छा काम करूं और परिवार के साथ बैठकर देखूं। मैं नहीं चाहती कि उन्हें मेरी वजह से शर्मिंदगी हो।'

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छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स एसोसियेशन नें प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया सम्मान

छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स एसोसियेशन नें प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया सम्मान *लक्ष्य पाने पूरी तैयारी और आत्मविश्वास जरूरी - प्रो. सुमेर सिंह* *अनुभव से ही स्मार्टवर्क विकसित होता है - धर्मवीर धीर* *सफलता पाने इमोशनल इंटेलिजेंस पर ध्यान दें -अजीत कुकरेजा* *10 साल के मॉस्टर जसराज सिंह ने गणितीय गणना का किया प्रदर्शन किया* रायपुर 14जुलाई 2023/ आईटीएम यूनिवर्सिटी,रायपुर के वाईस चांसलर प्रो. सुमेर सिंह ने कहा है कि विद्यार्थियों को सफलता तभी मिलेगी जब वह पहले से ही अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजना बना कर तैयारी करें। उन्होंने आज छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन व्दारा 10वीं और 12वीं में 90 प्रतिशत व उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उक्त बातें कहीं। कार्यक्रम में एसोसियेशन के संयोजक जी.एस. बॉम्बरा, सचिव दीप सिंह जब्बल,एजुकेशन कमेंटी के चेयरमैन डॉ. बी.एस.छाबड़ा भी उपस्थित थे। प्रो. सुमेर ने वृंदावन हाल,सिविल लांईस में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में कहा कि यहां सम्मानित होने वाले विद्यार्थी 90 प्रतिशत तथा उससे अधिक अंक वाले काफी प्रतिभाशाली छात्र -छात्राएं हैं। वे इन बातों को जानते हैं कि उन्होंने यह सफलता अपनी मेहनत से प्राप्त की है। उन्होनें कहा कि कोई भी लक्ष्य पूरे तैयारी करने तथा आत्म विश्वास से ही प्राप्त होता है। प्रो सिंह ने उपस्थित पालकों से कहा कि बच्चे तो मासूम होते हें, माता-पिता ही बच्चों के टैलेन्ट को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाते हैं। विद्यार्थियों से उन्होनें कहा कि "मान लो तो हार, ठान लो तो जीत है।" वे कहते हैं कि इसी बात को ध्यान रखने की जरूरत है। आईडीएम यूनिवर्सिटी ग्रुप मुंबई के डायरेक्टर कैरियर कांऊसिलिंग श्री धर्मवीर धीर ने विदार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में आपको क्या बनना है यह पहले से ही तय कर लेना चाहिए। एक वास्तविक उदाहरण देते हुए उन्होनें बताया कि एक ही साथ पढ़े दो छात्र अपनी पढ़ाई के बाद अमरीका की एक कंपनी में नौकरी में लगे। इसमें एक का वेतन 50 लाख रुपए तथा दूसरे का वेतन 10 लाख रुपए सालाना था। इसका कारण था कि दोनों की पर्सनैल्टी में काफी अंतर था। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति स्मार्ट वर्क तभी सीख पाता है जब वह 10-15 साल तक कार्य का अनुभव ले चुका होता है। श्री धीर ने सफलता का गुरुमंत्र बताते हुए कहा कि नए आईडिया और वैचारिक सोच विकसित करने के लिए दूसरों की सफलताओं की कहानियां सुनें। इसके लिए उन्होनें विद्यार्थी को यूट्यूब में टेडएक्स जैसी वेबसाईट देखने की सलाह दी। विशेष अतिथि के रुप में आए पार्षद और नगर निगम रायपुर एमआईसी के सदस्य ने श्री अजीत कुकरेजा ने दिल्ली में रह कर आईएएस बनने की तैयारी के अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि भले ही मैं कुछ अंकों से भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने से चूक गया किन्तु उस अनुभव के आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि सफलता पाने के लिए आपकी दृष्टि और लक्ष्य एकदम स्पष्ट होना चाहिए। इसके लिए अपने अपने अवचेतन मन को केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को इमोशनल इंटेलीजेंस के साथ अध्ययन करने की सलाह दी। प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों से आए कक्षा 10वीं के 12 तथा कक्षा 12वीं के 15 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसमें कक्षा दसवीं गुरबानी छाबड़ा व अमृत कौर को गोल्ड मेडल, सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स, फलकप्रीत कौर रंधावा को सिल्वर मेडल,सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स प्रदान किया गया। इसके बाद प्रभलीन सिंह डडियाला,जसप्रीत सिंह चावला, मनविन्दर सिहं माखीजा, नयनदीप खुराना, जसमीत कौर दत्ता, सिमरनजीत कौर, अंजलि बग्गा, अक्क्षदीप सिंह चावला, नवदीप कौर सूरी को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स और मोमेन्टो प्रदान किया गया। वहीं 12वी कक्षा में उत्तीर्ण लवदीप सिंह सलूजा और कशिश गांधी को गोल्ड मेडल,सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स, पवित सिंह गुजराल व खुशप्रीत सैनी को सिल्वर मेडल, सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स प्रदान किया गया। अन्य विद्यार्थियों में आर्ची हुरा, प्रभगुन कौर टुटेजा,गुरलीन कौर, दिलप्रीत कौर सलूजा, करमजीत कौर संधू, मन्नत बिन्द्रा, प्रभराज सिंह भाटिया, अंशराज सिंह टुटेजा, अमनजोत कौर, वैष्णवी छाबड़ा और तनीषा कौर को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स व मोमेन्टो प्रदान किया गया। गणितीय गणना कौशल मंय तीन वर्ल्ड रिकार्ड हासिल करने वाले जसराज सिंह को भी उसकी प्रतिभा के लिए सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स और मोमेन्टो प्रदान कर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन के संयोजक जी.एस. बॉम्बरा ने अपने अद्बोधन में संस्था की गतिविधियों और कार्यक्रम की जानकारी दी। श्री बॉम्बरा ने कहा कि सिक्ख बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। एसोसियेशन चिकित्सा, शिक्षा तथा पारिवारिक परामर्श सहित पर्यावरण के क्षेत्र में सन् 2018 से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें इस संस्था को "सरबत के भला" के उद्देश्य से आगे बढ़ाना है। एसोसियेशन के एजुकेशन के चेयरमैन डॉ.बी.एस.छाबड़ा ने कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को सफलता के लिए किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन के जे.एस. जब्बल, के. एस.झांस, टी.एस. झांस, बी.एस. सलूजा, अवतार सिंह प्लाहा, डॉ. कुलदीप सिंह छाबड़ा, अजीत सिंह राजपाल, कुलदीप सिंह छाबड़ा, एम.एस. सलूजा, लखिन्दर सिंह चावला, टी.एस. जब्बल, डी.एस. डडियाला, ए.एस. विरदी, मंजीस सिंह हुरा, सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, तेजपाल सिंह हंसपाल, श्रीमती रविन्दर कौर बॉम्बरा, श्रीमती पिंकी जब्बल सहित एसोसियेशन कई सदस्य उपस्थित थे। पालकों की ओर से अंबिकपुर से आए सरदार नरेन्द्र सिंह टुटेजा ने विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए एसोसियेशन का आभार व्यक्त किया, वहीं कार्यक्रम में आए सभी लोगों की उपस्थिति के लिए एसोसियेशन के सचिव दीप सिंह जब्बल ने आभार व्यक्त किया ।
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राजस्थान के असली स्वादों का आनंद रायपुर में

शाही राजस्थानी फूड का आनंद रायपुर में 

14 जुलाई से 23 जुलाई तक राजस्थानी फूड फेस्टिवल

 

रायपुर में शाही राजस्थानी फूड का आनंद लें कोर्टयार्ड बाय मैरियट रायपुर 14 जुलाई से 23 जुलाई तक राजस्थानी फूड फेस्टिवल की मेजबानी कर रहा है, ताकि खाने के शौकीनों को राजस्थान के असली स्वादों का आनंद लेने का मौका मिल सके। यह फूड फेस्टिवल पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का उत्सव है, जो राज्य की समृद्ध पाक विरासत को प्रतिबिंबित करने वाले व्यंजनों की एक श्रृंखला का प्रदर्शन करता है। महोत्सव में ली मेरिडियन जयपुर से शेफ वीरेंद्र सिंह भी शामिल हैं, जो महोत्सव में राजस्थानी व्यंजनों की अपनी विशेषज्ञता और ज्ञान ला रहे हैं। शेफ ने एक विशेष मेनू तैयार किया है जो राजस्थान के क्षेत्रों के व्यंजनों पर प्रकाश डालता है। फूड फेस्टिवल का एक मुख्य आकर्षण शेफ के साथ लाइव बातचीत है, जहां मेहमान शेफ से व्यंजनों और सामग्री के बारे में पूछ सकते हैं। शेफ मेहमानों के साथ अपनी रेसिपी और खाना पकाने के टिप्स साझा करेंगे। अनुभव को पूरा करने के लिए, फूड फेस्टिवल में पारंपरिक राजस्थानी सजावट और वीकेंड डिनर और संडे ब्रंच पर लाइव संगीत प्रदर्शन भी शामिल है जो मेहमानों को राजस्थान के रंगीन और जीवंत राज्य में ले जाएगा। कोर्टयार्ड बाय मैरियट, रायपुर अपनी असाधारण पाक पेशकशों के लिए जाना जाता है, और यह फूड फेस्टिवल मेहमानों को विश्व स्तरीय भोजन अनुभव प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। यह फूड फेस्टिवल खाने के शौकीनों के लिए राजस्थान के समृद्ध स्वादों और सांस्कृतिक विरासत की खोज और सराहना करने का एक आदर्श अवसर है। कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए, कोर्टयार्ड बाय मैरियट, रायपुर के महाप्रबंधक अनुकम तिवारी ने कहा, “राजस्थान राज्य अपनी संस्कृति और विरासत में समृद्ध है। यह राजपूतों, वैष्णवों और मारवाड़ियों की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली के मिश्रण को दर्शाता है। हम अपने मेहमानों को राजस्थान के जीवंत और विविध व्यंजनों का अनुभव करने का अवसर प्रदान करने के लिए मोमो कैफे में राजस्थानी फूड फेस्टिवल की मेजबानी करके रोमांचित हैं। हमारे शेफों ने प्रामाणिक राजस्थानी व्यंजनों का एक स्वादिष्ट मेनू तैयार किया है, और हम उन्हें अपने मेहमानों के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं। मैं इस फूड फेस्टिवल का हिस्सा बनने और कुछ उत्तम राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए रायपुरवासियों का स्वागत करता हूं।“

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यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर से भेंट- मुलाकात करेंगे।-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आम जनता से भेंट-मुलाकात के बाद 15 जुलाई की शाम यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर से भेंट- मुलाकात करेंगे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल 16 जुलाई को छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के साथ भेंट-मुलाकात कर रूबरू होंगे।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का मानना है कि अपने योगदान से यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के साथ-साथ हमारे छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार हमारे सुंदर और समृद्ध छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं। यह रचनात्मक का क्षेत्र है, जिन लोगों ने इस क्षेत्र को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए चुना है। उनका प्रोत्साहन और उत्साहवर्धन जरूरी है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने इनके साथ अपनी भेंट-मुलाकात तय की है।

छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों की हमेशा से लोगों के बीच अच्छी खासी पैठ है। ऐसा हो भी क्यों नहीं क्योंकि छत्तीसगढ़वासियों का अपनी माटी की संस्कृति के साथ गहरा लगाव है। वहीं यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता से इसे लोकप्रिय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

    गौरतलब है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, सूचनाओं के सम्प्रेषण और मनोरंजन जगत में इसकी प्रभावी भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता । छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों का छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाने में अतुलनीय योगदान रहा है। नए जमाने के चलन के साथ इन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति में रोचकता और लोगों के बीच अपना आकर्षण बनाए रखा है। जनसमुदाय को बड़ी उत्सुकता के साथ इन कलाकारों की प्रस्तुति का इंतजार रहता है।

     सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य और इसकी गौरवशाली संस्कृति को देश और दुनिया के सामने प्रभावशाली और रोचक ढंग से प्रस्तुत करने में यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के साथ छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं, जिसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। इनके द्वारा अपनी रचनात्मकता, सोशल नेटवर्किंग कौशल के साथ प्रभावशाली प्रस्तुति लोगों के बीच विश्वास कायम कर रही हैै। मुख्यमंत्री इन लोगों से  भेंट-मुलाकात कर अपने विचार साझा करेंगे और इनकी बातों को भी पूरी गंभीरता से सुनेंगे।

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‘कांटा लगा’ गर्ल की ये फोटोज़ देख बढ़ जाएगी आपके दिल की धड़कन, स्वीमिंग पूल में करवाया सेंशुअस फोटोशूट

दिल्ली। Shefali jariwala Photos : बिग बॉस 13 की कंटेस्टेंट रहीं शेफाली जरीवाला टीवी या म्यूजिक एलबम की दुनिया में एक्टिव हों या ना हों लेकिन सोशल मीडिया की दुनिया में बहुत एक्टिव रहती हैं.

शेफाली इंस्टाग्राम पर अपनी एक से बढ़कर एक हॉट फोटो शेयर कर अपने चाहने वालों की धड़कने बढ़ा देती हैं.

हाल ही में एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर कुछ बेहद सेंशुअस फोटो शेयर की हैं जिनमें वो स्वीमिंग पूल में नज़र आ रही हैं.

फोटोज में एक्ट्रेस ब्लैक बिकिनी पहने अलग-अलग पोज़ दे रही हैं. कहीं एक्ट्रेस सूरज की धूम से खेलती दिख रही हैं तो कहीं एक्ट्रेस कैमरे को पोज देती दिख रही हैं.

एक्ट्रेस की ये फोटो देख फैंस अपना दिल संभाल रहे हैं.लोग शेफाली की खूबसूरती की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

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फिल्म OMG-2 पर सेंसर बोर्ड ने लगाई रोक, फिल्म इंडस्ट्रीज में मचा हड़कंप!

सेंसर बोर्ड ने फिल्म OMG 2 की रिलीज पर रोक लगा दी है। फिल्म का टीजर 11 जुलाई को रिलीज किया गया था। फिल्म के टीजर में अक्षय कुमार लंबी जटाएं और माथे पर भस्म लगाए भगवान शिव के रूप में नजर आ रहे हैं।

Oh My God 2 का टीजर मंगलवार 11 जुलाई को रिलीज हो रही है. अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक छोटी सी क्लिप शेयर की है. इसमें वह साधु के भेष में नजर आ रहे हैं. भगवान शिव की तरह उनकी जटाएं हैं. माथे और चेहरे पर भस्म और गले में रुद्राक्ष पहना हुआ है. इसके बाद ओह माय गॉड 2 का पोस्टर आता है, जिसमें अक्षय कुमार भगवान शिव के लुक में हाथ में डमरू पकड़े नजर आ रहे हैं. बैकग्राउंड में हर-हर महादेव का जयकारा गूंज रहा है।

सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म गदर 2 से टकराएगी

बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म गदर 2 से टकराएगी. गदर 2 भी साल 2001 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म गदर का सीक्वल है. इससे पहले स्वतंत्र दिवस के मौके पर रिलीज होने वाली रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल की रिलीज डेट आगे खिसक गई है. साल 2012 में आई फिल्म OMG को उमेश शुक्ला ने डायरेक्ट किया था. 60 करोड़ रुपए के बजट में बनी फिल्म ने 193 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था।

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छत्तीसगढ़ की अंगाकर रोटी न सिर्फ छत्तीसगढ़ में बल्कि देश और दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी प्रसिद्ध है।

अंगाकर रोटी को बनाने के लिए गोबर के उपले (छेना) का उपयोग किया जाता है। सबसे पहले छेना को जला के उसका अंगारा तैयार किया जाता है। ये गर्म अंगारा रोटी को पकाने में मदद करता है। इस रोटी को मोटा रोटी भी बोलते हैं। इस रोटी को गैस पर न पका कर मिट्टी के चूल्हे में आग जलाकर तवे के ऊपर बनाया जाता है। इसे केले, महुआ या परसा के पत्ते में भी बना सकते है।

अंगाकर रोटी बनाने के लिए सामग्री:

 

1 तीन कटोरी चावल का आटा,

 

2 एक गिलास पानी,

 

3 स्वाद अनुसार नमक,

 

4 रात का बचा हुआ चावल,

 

5 केले के दो पत्ते।

 

 

 

अंगाकर रोटी बनाने की विधि: अंगाकर रोटी बनाने के लिए सबसे पहले एक प्लेट में तीन कटोरी चावल का आटा लें। उसमें रात का बचा हुआ चावल डालें। स्वाद अनुसार नमक डाल कर इन सभी को अच्छी तहर से मिला लें। फिर इसमें पानी मिला कर अच्छी तरह से पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को गोलाकार बना कर रोटी की तरह तैयार करें। आप दो प्रकार से इस रोटी को पका सकते हैं। पहला तरीका तो ये की आप एक तवे पे इसको पकाएं और दोनों तरफ थोड़ा तेल छिड़क दें। अन्यथा दूसरा तरीका जो गाँवों में प्रसिद्ध है वो है की आप पेस्ट को केले के एक पत्ते के ऊपर अच्छी तरह से फैला दें और दूसरे पत्ते को उसके ऊपर रख दें। अब इसे पकाने के लिए मिट्टी के चूल्हे में ले जाएँ। इसके ऊपर अंगारा रख कर कुछ देर पकने दें। इस तरह से हमारा अंगाकर रोटी बनकर तैयार हो जाता है।

 
 
 

आप इसे टमाटर की चटनी या आम के अचार के साथ खा सकते हैं।

 
 
 

 

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ढाबा स्टाइल अंडे की करी रेसिपी

ढाबे के खाने का स्वाद कुछ अलग ही होता है और यह ढाबे हमे अक्सर हाईवे पर मिलते है. ढाबे के खाने में लोकल मसालो का प्रयोग किआ जाता है जो इसका स्वाद और भी बढ़ाता है. इस ढाबा स्टाइल अंडे की करी को घर पर एक बार बनाए और आप यह करी बार बार बनाएँगे।

ढाबा स्टाइल अंडे की करी को बुरानी रायता और तवा पराठा के साथ दिन के खाने के लिए परोसे.  

अगर आपको यह रेसिपी पसंद आई हो तो, आप यह भी बना सकते है 

Ingredients

  • 4 अंडे , उबाल ले
  • तेल , प्रयोग अनुसार
  • 1/2 छोटा चमच्च जीरा
  • 1/2 छोटा चमच्च राइ
  • 1/4 छोटा चमच्च हींग
  • 3 लॉन्ग
  • 1 तेज पत्ता
  • 1 बड़ी इलाइची
  • 2 इलाईची
  • 7 सुखी लाल मिर्च
  • 1 बड़ा चमच्च अदरक लहसुन का पेस्ट
  • 1 प्याज , बारीक काट ले
  • 2 टमाटर , प्यूरी
  • 1 बड़ा चमच्च दही
  • 1 छोटा चमच्च कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
  • 1/2 छोटा चमच्च हल्दी पाउडर
  • 1 छोटा चमच्च धनिया पाउडर
  • नमक , स्वाद अनुसार
  • पानी , प्रयोग अनुसार
  • हरा धनिया , थोड़ा, बारीक काट ले

How to make ढाबा स्टाइल अंडे की करी रेसिपी - Dhaba Style Egg Curry

  1. ढाबा स्टाइल अंडे की करी बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाई में तेल गरम कर ले. इसमें सुखी लाल मिर्च डाले और 2 से 3 मिनट तक पका ले. ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर ग्राइंडर में डालकर पीस ले. अलग से रख दे. 

  2. अब एक कढ़ाई में थोड़ा और तेल डाले। इसमें हल्दी पाउडर और उबले हुए अंडे डाले। चारो तरफ से तल ले और अलग से रख ले. 

  3. अब एक कढ़ाई में तेल गरम कर ले. इसमें जीरा, राइ, हींग, तेज पत्ता, बड़ी इलाइची, इलाइची और लॉन्ग डाले। 

  4. 20 सेकण्ड्स बाद इसमें लाल मिर्च का पेस्ट डाले और 30 सेकण्ड्स तक पकने दे. 30 सेकण्ड्स के बाद इसमें बारीक कटे हुए प्याज डाले और उनके नरम होने तक पकने दे. 

  5. नरम होने के बाद इसमें अदरक लहुसन का पेस्ट डाले और 2 मिनट तक पकाए। 2 मिनट के बाद इसमें कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डाले। 3 से 4 मिनट तक पकने दे. 

  6. 3 से 4 मिनट के बाद इसमें टमाटर की प्यूरी डाले और 5 मिनट तक पकाए. 5 मिनट के बाद इसमें दही और थोड़ा पानी डाले।

  7. अच्छी तरह से मिला ले, पैन को ढके और 8 से 10 मिनट तक पकने दे. पकने के बाद इसमें अंडे डेल और मिला ले. हरे धनिये से गार्निश करें और गरमा गरम परोसे. 

  8. ढाबा स्टाइल अंडे की करी को बुरानी रायता और तवा पराठा के साथ दिन के खाने के लिए

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अंडे का पकोरा एक आसान रेसिपी है जिसे आप बारिश या सर्दियों के दिनों के लिए बना सकते है. इसे फ़िल्टर कॉफ़ी या मसाला चाय के साथ परोसे।

अंडे का पकोरा एक आसान रेसिपी है जिसे आप बारिश या सर्दियों के दिनों के लिए बना सकते है. इसे फ़िल्टर कॉफ़ी या मसाला चाय के साथ परोसे।

 

Ingredients

  • 4-5 अंडे
  • 1/2 कप बेसन
  • 3 बड़े चमच्च चावल का आटा , वैकल्पिक
  • 1/2 छोटा चमच्च हल्दी पाउडर
  • 1-2 छोटे चमच्च लाल मिर्च पाउडर
  • नमक , प्रयोग अनुसार
  • पानी , प्रयोग अनुसार
  • तेल , प्रयोग अनुसार, तलने के लिए

How to make अंडे का पकोड़ा रेसिपी - Egg Pakora Recipe

  1. अंडे का पकोड़ा रेसिपी बनाने के लिए सबसे पहले एक सॉसपैन में पानी उबाल ले. पानी के उबलने के बाद उसमे अंडे और चुटकी भर नमक डाले।

  2. 15 मिनट के लिए पका ले और गैस बंद कर ले. अंडो को ठन्डे पानी के निचे रखें और ठंडा होने के बाद उन्हें छील ले. अंडे को आधा काटे और अलग से रख ले. 

  3. एक बाउल में बेसन, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक डाले और मिला ले. थोड़ा पानी डाले, मिलाए और घोल बना ले.

  4. अब एक कढ़ाई में तेल गरम करें। तेल गरम होने के बाद अंडा ले उसे घोल में डाले और गरम तेल में डाल दे. दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक पका ले. गरमा गरम परोसे. 

  5. अंडे के पकोड़े को अपनी पसंद की चटनी और गरम गरम फ़िल्टर कॉफ़ी के साथ परोसे।

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शुगर फ्री लड्डू ऑनलाईन उपलब्ध घोलेंग की महिलाएं तैयार कर रही महुआ के स्वादिष्ट लड्डू

वनांचल की महिलाएं भी अपने मनपसंद स्व-रोजगार से जुड़कर आर्थिक लाभ ले रहीं है। जशपुर जिले के घोलेंग स्व-सहायता समूह की महिलाएं महुआ से स्वादिष्ट लड्डू तैयार करके ऑनलाईन विक्रय कर रही हैं। महिलाओं के हाथों से स्वादिष्ट आरोग्य महुआ लड्डू घर बैठे vedicvatica.org&amazon.in  ऑनलाईन के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। बच्चों के लिए सर्वोत्तम एवं कुपोषण से लड़ने में लाभकारी भी हैं।    
     छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांव-गांव में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) की शुरूआत की गई। जशपुर में महुआ, चार, चिरौंजी, साल-सागौन एवं अन्य वन सम्पदा से भरपूर मात्रा में पाया जाता है। पहले महुआ का उपयोग शराब बनाने के लिए किया जाता था, लेकिन अब महुआ से स्वादिष्ट लड्डू, कुकीज, बिस्कीट एवं अन्य खाद्य साम्रगी तैयार की  जा रही है। सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद रहता है। जशुपर में तैयार महुआ लड्डू की खाशियत यह है कि आरोग्य महुआ लड्डू, जंगली महुुआ फूल, देशी घी और गुड़, गोंद और अश्वगंधा से तैयार किया जा रहा है। एक पैकेट में 15 नग महुआ पैकिंग किया जाता है, यह शुगर फ्री होता है। इसका मूल्य 255 रूपए निर्धारित किया गया है।
    युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया कि महुआ लड्डू के फायदे अनेक है आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज, जिंक, कोबाल्ट जैसे अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों का समृद्ध स्रोत है। यह रक्त में ग्लूकोज की अचानक वृद्धि को रोकने में मदद करता है।

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लाफिंग बुद्धा की मूर्ति लगाने से घर में सफलता और सम्पन्नता आती है।

लाफिंग बुद्धा भी ऐसा ही एक सुविचारित प्रतीक है। हंसती हुई मूर्ति को देखकर भी मनुष्य प्रसन्नचित हो जाता है। इसलिए इसको घर के मुख्य द्वार के सामने लगाने का विधान किया गया है ताकि घर में हर व्यक्ति हंसते हुए घुसे। जिस घर के निवासी प्रसन्नचित रहते हैं वहां आर्थिक सम्पन्नता खुद ही खींची चली आती है।

बाजार में भी अलग-अलग डिजाइन और आकार में बहुत तरह के लाफिंग बुद्धा मिलते हैं, लेकिन कौन-सा आपके लिए ठीक रहेगा, कौन-सा लाफिंग बुद्धा आपकी परेशानियों के अनुकुल है, यहां सब कुछ जानिए। 

अगर आपका बिजनेस ठीक से नहीं चल रहा है, आपकी आर्थिक स्थिति डामाडोल बनी हुई है यानी आपको लगातार पैसों से संबंधित नुकसान उठाने पड़ रहे हैं तो आप अपनी दुकान या ऑफिस में दोनों हाथ को ऊपर उठाए हुए लाफिंग बुद्धा की मूर्ति रखें। इससे आपकी बिजनेस संबंधी परेशानियां धीरे-धीरे कम होती जाएंगी। 

 

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