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जशपुर जंक्शन : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में विद्युत अधोसंरचना का तेज़ी से हो रहा विस्तार
जशपुर, 6 अगस्त 2025
12 नए सबस्टेशन और सैकड़ों किलोमीटर बिजली लाइनों को मिली स्वीकृति
कुनकुरी के हर्राडांड में बनेगा प्रदेश का पाँचवां सबसे बड़ा सबस्टेशन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विद्युत अधोसंरचना का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। खासकर जिले के आदिवासी व दूरस्थ क्षेत्रों तक बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 12 नए विद्युत सबस्टेशन और सैकड़ों किलोमीटर विद्युत लाइनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी क्षमता का सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ राज्य का पाँचवां सबसे बड़ा सबस्टेशन होगा। वहीं बगीचा झिकी और फरसाबहार में 132/33 केवी सबस्टेशन की भी मंजूरी मिल गई है।
अधोसंरचना विस्तार से रोशन होगाजिला
● पत्थलगांव डिवीजन में
1 ग्राम रेडे
लागत: ₹3.08 करोड़
3.15 MVA सबस्टेशन
33 केवी लाइन: 8 किमी, 11 केवी लाइन: 20 किमी
2 ग्राम पालीडीह
लागत: ₹3.13 करोड़
33 केवी लाइन: 2.5 किमी, 11 केवी लाइन: 12 किमी
3.ग्राम खुटेरा
लागत: ₹2.25 करोड़
33 केवी लाइन: 1 किमी, 11 केवी लाइन: 7 किमी
4.ग्राम चेटबा
लागत: ₹2.52 करोड़
33 केवी लाइन: 2 किमी, 11 केवी लाइन: 10 किमी
● कुनकुरी डिवीजन में:
1.ग्राम सलियाटोली
लागत: ₹2.88 करोड़
33 केवी लाइन: 6 किमी, 11 केवी लाइन: 13 किमी
2.ग्राम विपतपुर
लागत: ₹2.80 करोड़
33 केवी लाइन: 16 किमी, 11 केवी लाइन: 18 किमी
3 ग्राम भगोरा
लागत: ₹2.50 करोड़
33 केवी लाइन: 5 किमी, 11 केवी लाइन: 12 किमी
4.ग्राम समडमा
लागत: ₹2.91 करोड़
33 केवी लाइन: 16 किमी, 11 केवी लाइन: 3 किमी
● जशपुर डिवीजन में:
1. ग्राम मैनी
लागत: ₹2.50 करोड़
33 केवी लाइन: 1.4 किमी, 11 केवी लाइन: 20.5 किमी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व में जिले के नागरिकों को सुलभ, सस्ती और सतत बिजली की सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। अधोसंरचना विस्तार से न केवल घरेलू उपयोगकर्ताओं को लाभ होगा, बल्कि औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
"हर घर रोशन, हर गांव प्रगति की राह पर" – इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जशपुर जिले में विद्युत विकास के यह प्रयास ऐतिहासिक कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।
