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गुरुनानक देव जी की जयंती पर सिक्ख समाज ने की अरदास

गुरुनानक देव जी की जयंती पर सिक्ख समाज ने की अरदास

प्रेस विज्ञप्ति *गुरुनानक जयंती पर मुख्यमंत्री ने टेका माथा लिया आशीर्वाद* रायपुर/ श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर खालसा स्कूल में सजे कीर्तन दरबार मे भक्ति रस में डूबी कीर्तन की बयार बही लुधियाना से आए प्रसिद्ध कीर्तन कार भाई जोगिंदर सिंह रियार ने *नाम के व्यापारी हर के नाम के व्यापारी* शबद गायन कर संगत को निहाल कर दिया वही दूसरी ओर कथा वाचक भाई सरबजीत सिंह धुंधा ने संगत को सिक्खों के बलिदानी इतिहास की जानकारी सांझा की,कार्यक्रम की अगली कड़ी में दृष्टि बाधित बच्चो व खालसा स्कूल की छात्राओं ने शबद कीर्तन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया गुरुनानक जयंती के अवसर पर सजे कीर्तन समागम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी माथा टेककर वाहेगुरु जी का आशीर्वाद लिया गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरेंद्र सिंह छाबड़ा ने मुख्यमंत्री को शाल देकर सम्मानित किया मुख्यमंत्री ने अपने उदबोधन में प्रदेश के सिकखों को गुरुनानक जयंती की बधाई देकर कहा कि गुरुनानक देव जी केवल सिक्खों के गुरु नही थे बल्कि उन्होंने समस्त जाति भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में पिरोया उनके साथ भाजपा के भूपेंद्र सवन्नी,विधायक पुरंदर मिश्रा, संजय श्रीवास्तव का भी सम्मान किया गया गुरुनानक जयंती पर रायपुर लोक सभा के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी कीर्तन दरबार मे माथा टेका उनको शाल देकर सम्मानित किया गया,आज के सजे कीर्तन दरबार का मंच संचालन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव गुरमीत सिंह गुरदत्ता व रविंदर सिंह दत्ता ने किया गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, इंदरजीत सिंह छाबड़ा, कल्याण सिंह पसरीजा, तेजिंदर सिंह होरा,मंजीत सिंह सलूजा,गुरमीत सिंह गुरदत्ता, हरजीत सिंह अजमानी, गुरदीप सिंह छाबड़ा, कुलदीप सिंह चावला, भूपेंद्र सिंह मक्कड़,सतपाल सिंह खनूजा, निरंजन सिंह खनूजा,कुलजीत सिंह मक्कड़,तरजीत सिंह मल्होत्रा,रजिंदर सिंह सलूजा,रविंदर सिंह दत्ता,महेंदर पाल सिंह छाबड़ा,भगत सिंह छाबड़ा, इंदरपाल सिह अजमानी,रश्मित सिंह टुटेजा,इंदरजीत सिंह सलूजा,रविंदर सिंह चावला,आविन्दर सिंह सलूजा,बलजीत सिंह भल्ला,गुरुचरण सिंह टांक, प्रीतपाल सिंह मिस्सन,कुलवंत सिंह अरोरा,चरण सिंह अरोरा,मनीष चंदानी ने पिछले एक माह से भी अधिक समय तक अपनी सेवाएं देकर गुरुपर्व को सफल बनाया

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