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बिलासपुर सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान बंदी की मौत...न्यायिक जांच शुरू

बिलासपुर सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान बंदी की मौत...न्यायिक जांच शुरू

मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर बिलासपुर :- बिलासपुर जिले के केंद्रीय जेल में बंदी बजरंग यादव (35) की 1 नवंबर 2024 को सिम्स अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। बजरंग यादव, पिता प्यारे लाल, मूल रूप से कोतियापारा, थाना सिटी कोतवाली, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ का निवासी था। बजरंग को 18/2009 के सत्र प्रकरण क्रमांक में दोषी ठहराया गया था, जिसमें उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 302/149 और भादंसं के अन्य अपराधों के तहत आरोप लगे थे। उसे 12 अक्टूबर 2009 को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर द्वारा 3 साल की सजा, आजीवन कारावास और 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके अतिरिक्त, सजा में एक माह का अतिरिक्त कारावास भी जोड़ा गया था। 1 नवंबर 2024 को बजरंग यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे जेल से सिम्स अस्पताल, बिलासपुर भेजा गया। जेल के चिकित्सा अधिकारियों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स अस्पताल में विशेष उपचार की सलाह दी थी। वहां पहुंचने पर अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा उसका इलाज शुरू किया गया। हालांकि, सभी प्रयासों के बावजूद बजरंग की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, और अंततः 3:00 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। मौत का कारण जानने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसमें पोस्टमार्टम भी शामिल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चल पाएगा कि उसकी मृत्यु का वास्तविक कारण क्या था। जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है और घटना की न्यायिक जांच हेतु CRP की धारा 176 (1) माननीय सत्र न्यायाधीश लिया गया है घटना की जांच के लिए जिम्मेदार जांच अधिकारी को नियुक्त किया गया है।

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