राशिफल

24 अक्टूबर यानी आज गुरु पुष्य नक्षत्र  सोना-चांदी सहित अन्य चीजों की खरीदारी करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।

24 अक्टूबर यानी आज गुरु पुष्य नक्षत्र सोना-चांदी सहित अन्य चीजों की खरीदारी करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।

दीपावली से 7 दिन पहले 24 अक्तूबर को गुरुवार के दिन यह नक्षत्र रहेगा. जब भी गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र होता है तो इसे गुरु पुष्य की संज्ञा दी जाती है.

इस दिन सोना-चांदी और अचल संपत्ति खरीदने से बहुत लाभ मिलता है. माना जाता है कि, इस नक्षत्र में आप जो भी चीज खरीदते हैं वो बरकत देती है. उससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पारिवारिक जीवन सुखमय बना रहता है.

पुष्य नक्षत्र में इनकी खरीदी स्थायी लाभ

  • अचल संपत्ति - मकान, प्लॉट, फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्ति।
  • चल संपत्ति - आभूषणों में सोना, चांदी, हीरा, प्लेटिनम के आभूषण।
  • ऑटोमोबाइल (चार पहिया वाहन, दोपहिया वाहन),
  • इलेक्ट्रिक दोपहिया-चार पहिया वाहन
  • इलेक्ट्राॅनिक सामान में फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, लैपटॉप, माइक्रोवेव ओवन आदि।

लक्ष्मी-नारायण की पूजा से समृद्धि

गुरु पुष्य योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन माता लक्ष्मी को खीर, दूध से बनी मिठाई और भगवान विष्णु को तुलसी दल, पंचामृत, गुड़ आदि का भोग लगाने का विधान है. कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. लक्ष्मी-नारायण की कृपा से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है.

बृहस्पति और शनि देव की बरसेगी कृपा

वहीं, गुरु पुष्य योग को आभूषण, गाड़ी, भूमि, भवन, गृह सामग्री फ्रिज, टीवी आदि खरीदना शुभ साबित होगी. अपने पसंदीदा सामान की इस दौरान खरीदारी कर घरों में खुशियां ला सकते हैं. शनि काे काल पुरुष की ऊर्जा और पुरुषार्थ की प्रेरणा का कारक माना जाता है, बृहस्पति को आध्यात्म, शिक्षा, ज्ञान और त्याग का कारक बताया गया है. पुष्य नक्षत्र के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी है. ऐसे में हर प्रकार के कार्य सिद्ध माने गए हैं. इसलिए सुख-सुविधा को देखते हुए खरीदी करने की मान्यता है.

नक्षत्रों का राजा है पुष्य नक्षत्र

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर गुरुवार होने से यह ‘गुरु पुष्य’ नक्षत्र कहलाएगा. धन की देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. गुरु पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों के समूह में राजा कहा जाता है. ज्योतिष गणना में पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति है.

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