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बिलासपुर केंद्रीय जेल में संचालित केन्टीन का था लोकल पंजीयन हर वर्ष होती थी ऑडिट..
बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट
बिलासपुर केंद्रीय जेल में वर्ष 2016 मे बहुउद्देशीय जेल कर्मचारी कल्याण सहकारी समिति का गठन अध्यक्ष अजय वायपेयी व 22 अन्य स्टाफ (महिला पुरूष मिलाकर) की सहमति व जिला पंजीयन कार्यलय में पंजीकृत कर कैंटीन खोला गया था यहां कैदियों के लिए जेल मैनुअल के अनुसार खाद्य सामग्री ,बिस्किट,मिक्चर,साबुन,गमछा, अंडर गारमेंट्स,सलाद के लिए टमाटर, खीरा,फल आदि की बिक्री होती थी. इस कैंटीन से बिकने वाली सभी सामानों से प्राप्त लाभांश की राशि का उपयोग कैदी और कर्मचारियों के कल्याण में खर्च किया जा रहा है । कल्याण समिति का हर वर्ष ऑडिट भी होता रहा है। आपको बता दे अजय वाजपेयी का अम्बिकापुर जेल में स्थानांतरण हो गया जिसके बाद भी अजय वाजपेयी द्वारा वर्तमान जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी को कैंटीन की चाभी नही दी गई और ना ही कल्याण समिति से संबंधित जेल पहरियों को चाभी दी गई । उन्हें नोटिस देने के बाद बाकायदा पंचनामा कर कैंटीन का ताला तोड़ा जा सका था वर्तमान में पदस्थ जेल अधीक्षक ने मुख्यालय व शासन से नए पंजीकरण के लिए अनुमति मांगी है। अब सवाल यहाँ यह उठता है कि जब कैंटीन से प्राप्त राशि का प्रत्येक वर्ष ऑडिट हुआ करता था राशि का व्यय भी उल्लेख होता रहा होगा ।
दूसरी तरफ लाभांश की राशि का पदाधिकारी व कर्मचारियों द्वारा गबन के आरोप की बात भी प्रमाणित नहीं हुई है|
कैंटीन की चाभी सुपुर्द नही करने को लेकर पूर्व में सीजी 24 ने खबर लगाकर मुख्यालय को जानकारी देने का प्रयास किया था। परंतु मामले पर संज्ञान लिया गया कि नहीं इसकी जानकारी सामने नहीं आई है |
