सियासत
एक लोटा जल चढ़ा दो और जीवन में कुछ काम मत करो - भाजपा द्वारा फैलाया गया अंधविश्वास - भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को सनातन धर्म को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया, जिस पर बीजेपी हमलावर हो सकती है. कांग्रेस नेता ने सनातन धर्म को लेकर कहा, "एक लोटा जल चढ़ा दो और जीवन में कुछ काम मत करो, बच्चों को मत पढ़ाओ, खेत में काम मत करो, बस एक लोटा जल चढ़ा दो, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा. इस तरह की धारणा लोगों में बनी हुई है."
उन्होंने आगे कहा, "इसे हम आस्था नहीं कह सकते हैं. यह आस्था नहीं, बल्कि भाजपा द्वारा फैलाया गया अंधविश्वास है." बता दें कि भूपेश बघेल ने यह बयान बालोद जिले के गुरुर ब्लाक के ग्राम जेवरतला में एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान दिया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस बयान के बाद सवाल या उठना है कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब इन्हीं एक लोटा वाले पंडित की शिव महापुराण कथा स्थल पर जाकर उनका अभिनंदन करते थे और उनसे आशीर्वाद लेते थे तब प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक लोटा जल के खिलाफ अभियान क्यों नहीं चलाया, पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा स्थल पर जाकर इसका खंडन क्यों नहीं किया ?
ABP News 13 Nov 2022
छत्तीसगढ़ में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु रायपुर पहुंच रहे हैं. शिव महापुराण के आखिरी दिन रविवार को भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजुद थे. इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे. मुख्यमंत्री ने पंडित प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद लिया है. इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया है.मुख्यमंत्री बघेल ने हर हर महादेव का जयकारा लगाते हुए कही ये बात
मुख्यमंत्री बघेल ने हर हर महादेव का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालुओं से कहा कि आप सभी पिछले एक सप्ताह से बहुत अच्छा शिवकथा महापुराण सुन रहे है. यहां लाखों लोग रोज आ रहे हैं, मैं आप सब को नमन करता हूं. उन्होंने कहा कि आप सभी देवाधिदेव महादेव के बारे में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी से कथा सुन कर रहे है. महादेव सबसे बड़े अवघड़ दानी, ज्ञानी और ध्यानी है. महादेव ने ही दुनिया में सबसे पहले विवाह नाम की संस्था को स्थापित किया, सबसे पहले संगीत की रचना की और सबसे पहले नृत्य की रचना की, जिनके तांडव नृत्य से हम सभी बखूबी परिचित है.
बिना शिव के ना तो राम की कथा हो सकती है और ना ही कृष्ण की
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भगवान शिव सभी दिशाओं में स्थित है. भगवान राम ने जहां उत्तर से दक्षिण की ओर यात्रा की भगवान कृष्ण ने उत्तर से पश्चिम की ओर यात्रा की है. लेकिन एकमात्र शिव देश के हर प्रत्येक कोने में विराजमान है. गांव गांव में शिव विराजमान है कोई उन्हें शिव कहते हैं.
कोई शंकर, कोई महादेव, कोई बूढ़ादेव तो कोई बड़ा देव लेकिन प्रत्येक रूप में शिव की ही पूजा करते है. बिना शिव के ना तो राम की कथा हो सकती है और ना ही कृष्ण की. शिव के बिना किसी का गुजारा संभव नहीं है, इसीलिए आज कथा सुनने लाखों की तादाद में आप सभी यहां उपस्थित है.
नंदी को आज आवारा पशु के रूप में छोड़ दिया जाता है
मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि भगवान शिव के हाथों में जहां डमरु है, त्रिशूल है, वहीं गले में सांप की माला और नंदी का भी विशेष स्थान है.
