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रायपुर नगर निगम की परिसीमन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस हाईकोर्ट भी जा सकती है.

रायपुर नगर निगम की परिसीमन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस हाईकोर्ट भी जा सकती है.

वर्ष 2014 और 19 के बाद अब रायपुर नगर निगम में दोबारा परिसीमन हुआ इस परिसीमन को लेकर कांग्रेस पार्षद दल द्वारा बैठक की गई बैठक में परिसीमन में खामियों और त्रुटियां को लेकर चर्चा हुई बैठक के बाद प्रमोद दुबे सभापति ने कहा कि- परिसीमन के संबंध में नोटिफिकेशन जारी हुआ नोटिफिकेशन जारी करने के बाद यह प्रायोजित परिसीमन है किसी के बंगले में बैठकर बनाया हुआ परिसीमन है, 5-6 वार्डो को विलुप्त करना क्योंकि तीन बार लगातार कांग्रेस पार्टी का कब्जा रहा है रायपुर नगर निगम में और चौथी बार भी भाजपा अपने कार्यकाल से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है,परिसीमन को कंधे में रखकर बंदूक जाने का काम किया, 22 वालों को विलुप्त कर दिया और वार्डों की संख्या बदली गई जिसमें अब आधार कार्ड में दोबारा घर का पता बदलना पड़ेगा 2025 में जनगणना होगी जिसका रिजल्ट 2026 में आएगा और 2 साल बाद क्या फिर से आप परिसीमन करेंगे सरकार को 5 साल कुछ नहीं करना है बस परिसीमन की आड़ में बस यही काम करना है परिसीमन को लेकर महापौर क्या कहना है कि- अगर प्रशासनिक प्रशासनिक दृष्टि से परिसीमन होता है तो पूरा समर्थन रहेगा और राजनीतिक दृष्टि से परिसीमन होता है तो हम इसका विरोध करेंगे कोर्ट का रास्ता भी अपनाएंगे... कल परिसीमन का नोटिफिकेशन हुआ उसमें यह साबित हो गया नगर निगम के सभी 70 वार्डो को तीतर बीतर कर दिया जिन वार्डों में कांग्रेस पार्टी जीतती आई है उन्हें विलोपित कर दिया राजनीतिक दृष्टि से परिसीमन किया गया 2019 में परिसीमन हुआ 2024 और 2026 में या फिर परिसीमन होगा इसमें सबसे ज्यादा परेशानी जनता को होगी, ऐसा कोई वार्ड है जिसमें त्रुटिया गया सामने आई है, प्रदेश अध्यक्ष चर्चा हुई है और हम आगे कोर्ट का रास्ता अपनाएंगे... स्वतंत्रता संग्राम सेनानी है उनका अपमान किया गया है हम और हमारी परिषद पूरा इसका विरोध करती है और हम कोर्ट में जाएंगे 2014 और 2019 के जनगणना के आधार पर हम कोर्ट जाएंगे

 

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