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ईवीएम मशीन को लेकर चुनाव आयोग ने चैलेंज किया स्वीकार
एवं को चैलेंज करने वाली राजनीतिक पार्टियों के चैलेंज को चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है |
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों के चैलेंज को शिकार करते हुए नियम बनाया था कि जो कोई भी एवं पर शक करता है वह इसकी जांच करवा सकता है |
शक करने वाले राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशियों के लिए जो फीस तय की गई है वह प्रति मशीन 40 हजार रुपए है |
चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए नियमों को मानते हुए 543 लोकसभा प्रत्याशियों में से मात्र 11 प्रत्याशियों ने एवं को चैलेंज किया है और उसके जांच की मांग की है अब सोचने वाली बात यह है कि 543 लोकसभा सीटों के लिए हजारों प्रत्याशी मैदान में थे और हजारों प्रत्याशियों में से मात्र 11 प्रत्याशियों द्वारा एवं को चलेंगे करना या इस बात का प्रमाण है कि एवं पर संदेह करने से पहले सभी प्रत्याशियों ने खास करके हारे हुए प्रत्याशियों ने हजारों बार सोचा होगा कि हम किस आधार पर एवं को चलेंगे करें क्या प्रमाण है हमारे पास और यही सब सो कर प्रत्याशियों ने चैलेंज नहीं किया और जिन मात्र 11 प्रत्याशियों ने चैलेंज किया है अब उनके चैलेंज को भी चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है अब इंतजार है फैसले का जो कुछ होगा शिकायत करने वाले प्रत्याशियों की मर्जी के अनुसार होगा उनकी सोच के अनुसार होगा उनके द्वारा चुनी गई मशीनों की ही जांच होगी चुनाव आयोग अपनी तरफ से किसी भी मशीन को स्वयं होकर जांच के लिए सामने नहीं लेगा अब देखना यह है कि इस जांच का रिजल्ट क्या होता है ?
और यह तो तय हो चुका है कि विपक्षी पार्टियों भी इस अभियान में सामने नहीं आई है और जो लोग आए हैं वह नाम मात्र के हैं जिनकी गिनती भी मायने नहीं रखती शक करने वाले राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों की |
