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वर्ष के द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय।
वर्ष के द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 13/07/2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सुलह समझौता से निराकृत किये गये है। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये गये।
माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर विडियो कान्फ्रेसिंग से जुड़े तथा पोटपोलियों जज माननीय न्यायमूर्ति श्री पार्थप्रीतम साहू, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर जिला न्यायाललय रायपुर में उपस्थित होकर समस्त न्यायाधीश एवं पकक्षकारों को प्रोत्साहित किये ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष / जिला न्यायाधीश महोदय श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान हेमंत सराफ, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण, द्वारा जिला रायपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, पक्षकारगण, अधिवक्तागण, बैंक के अधिकारीगण, राजस्व अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालिगल वालिंटियर, विधि छात्र छात्रायें उपस्थित रहे। इस बार की नेशनल लोक अदालत भी हाईब्रिड तरीके से आयोजित की गयी, जिसमें पक्षकार भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल या ऑनलाईन के माध्यम से भी राजीनामा किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, श्रीमान अब्दुल जाहिद कुरैशी सर ने कहा कि, नालसा एवं सालसा के माध्यम से पुरे देश भर में इस वर्ष का द्वितीय नेशनल लोक अदालत
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का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हम सभी के बहुत महत्वपूर्ण सहभागिता है और हम सभी संयुक्त प्रयासो से ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जनता तक सरल व सहज तरीके से न्याय पहुंचेगा। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के प्रकरण पारिवारिक प्रकरण दाण्डिक प्रकरण, सिविल वाद एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ ही पेंशन लोक अदालत के माध्यम से पेंशन प्रकरण तथा मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से जनोपयोगी
सेवाओं के प्रकरणों के निराकरण किया जायेगा साथ ही साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणो (जो अदालत तक पहुँचने के पूर्व) का भी निराकरण किया जायेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं गुरूद्वारा धन धन बाबा साहिब जी तेलीबांधा रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ो किलोमीटर से आये पक्षकारो को न्याय के साथ साथ निःशुल्क भोजन प्राप्त हुआ जिससे उनके चेहरों पर संतोष दिखा कि, न्याय पालिका के माध्यम से उन्हे हर प्रकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन पर पक्षकारो ने की फूलों की वर्षा ।
उक्त छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन के द्वारा त्वरित निर्णय करते हुए राहत पहुँचायी गयी। उक्त लोक अदालत का आयोजन न्याय तुहर द्वार योजना के तहत किया गया।
मोहल्ला लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन सभापति/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्थायी लोक अदालत द्वारा घटना स्थल पर जाकर ही जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का निराकरण किया मोहल्ले वासियों द्वारा उनका स्वांगत किया गया। उनके द्वारा 65 से अधिक प्रकरण घटना स्थल पर जाकर न्यायाधीश द्वारा निराकृत किया गया स्थलो का नाम कैलाशपुरी, भगत सिग, डबरी तालाब, पारा, भोई पारा, वार्ड नम्बर 45 के सदर वार्ड नम्बर 64 के वीरभद्र नगर दुलारी नगर, वार्ड नं. 44 के धोबी मोहल्ला, आमापारा, ब्राम्हण बाजार, गोल बाजार, रहमानिया चौक, खमासीपारा, बुढ़ापारा के साथ साथ अन्य स्थलो पर जाकर प्रकरणों का निराकरण किया गया ।
राजस्व न्यायालय 95152 प्रकरण
कुटुम्ब न्यायालय- 148
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छ०ग० राज्य परिवहन अधिकरण 01 प्रकरण
छ०ग० राज्य वाणिज्यिक न्यायालय - 02 प्रकरण ।
न्यायालय में लम्बित लगभग 11,8,32 प्रकरण ।
प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से मामले 1,68.8.77 प्रकरण का निराकरण
जनोउपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण 611 प्रकरण
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को मिली कुल राशि 30,60,84,942
मोहल्ला लोक अदालत 65 खबर लिखे जाने से सभी प्रकार के राजीनामा योग्य 1,80,709 लगभग प्रकरण का निराकरण हुआ।
सफल कहानी
बच्चों के भविष्य को देखते हुए पति पत्नि ने किया वैचारिक मदभेदों को दूर (माननीय मानवेन्द्र सिंह, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रायपुर)
पत्नि द्वारा पति के विरूद्ध भरण पोषण का प्रकरण वैचारिक मदभेद के कारण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें न्यायालय द्वारा कौन्सिलिंग के माध्यम से पति पत्नि के विचार सुनने के बाद उन्हे उनके अधिकारों एवं बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के उदेशय से किया गया एक। आपसी राजीनामा के अनुसार पति पत्नि अपने बच्चों के साथ सुखद दाम्पत्य जीवन व्यतीत करेंगें। 04 वर्ष के बाद पति पत्नि साथ रहेगें।
न्यायालय के समझाईश के बाद बिखरा परिवार हुआ एक (न्यायालय श्री हर्षवर्धन जायसवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर)
आवेश में आकर अपने ही रिश्तेदारों से लड़ाई झगड़ा कर न्यायालय में प्रकरण पेश किया। उक्त प्रकरण में परिवार के सभी सदस्यों की न्यायालय द्वारा प्री-सिटिंग आयोजित की गई दोनों पक्षकारों को परिवारजनों के साथ राजीनामा कर सुखद परिवार का उदाहरण प्रस्तुत करने हेतु प्रेरित किया उसके बाद दोनों पक्षकार लम्बित प्रकरण को राजीनामा करते हुए खुशी-खुशी एक होकर घर वापस गये ।
सिविल मामले में आपसी समझौता करते हुए पक्षकारों ने किया राजीनामा (न्यायालय- श्रीमान दिलेश कुमार यादव तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर)
वरिष्ठजन के परिवार के सदस्यों के बीच में विवाद के कारण न्यायालय में प्रकरण लम्बित था माननीय न्यायाधीश श्रीमान दिलेश कुमार यादव तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर ने //04//
केवल इन शब्दों को कहकर प्रकरण में राजीनामा कराया कि, इस संसार से परिजनों का प्रेम ही देवलोक के समतुल्य है। अतः स्नेह, प्रेम को अमर करें द्वेष को नहीं।
वर्ष 2015 से लम्बित विवाद धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम मामले में माननीय न्यायालय के समझाईस पर पक्षकारों ने किया राजीनामा (न्यायालय- श्रीमती वंदना दीपक देवांगन तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर)
15 वर्षों से लम्बित विवाद धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम मामले में माननीय न्यायालय के समझाईस पर उत्तरवादी 76 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति विल चेयर पर उपस्थित होकर अपील प्रकरण में अपीलार्थी/ अभियुक्त से आपसी समझौता किया गया ।
