राशिफल
सैलरी आती है, लेकिन महंगाई की भेंट चढ़ जाती है!
महंगाई जिस हिसाब से बढ़ रही है, उस हिसाब से सैलरी नहीं. यही वजह है कि बचत और निवेश तो दूर की बात है, पूरे महीने का खर्चा चलाना ही एक मुश्किल काम हो गय..है
महंगाई ज्यादा है और सैलरी कम. ऐसे में बचत और निवेश करें, तो कैसे करें. यहां दो जून की रोटी जुगाड़ने में सारा पैसा जा रहा है. हममें से ज्यादातर लोगों की सैलरी महीना पूरा होने से पहले ही खत्म हो जाती है.
फिर शुरू होता है वो दौर जब अगली सैलरी का बेसब्री से इंतजार किया जाता है. सैलरी, बचत और निवेश के कई ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जिन्हें जानकर आप दंग रह जाए...
रोजाना की जरूरत में खर्च होती सैलरी
आपको जानकर हैरानी होगी कि 10 में से 9 परिवार अपनी सारी कमाई रोजाना की जरूरत पूरा करने में खर्च कर देते हैं.
आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में 94% परिवार ऐसे हैं जो 70-100% सैलरी खर्च कर देते हैं. अब इसी से अंदाजा लगा लीजिए कि भारत के लोग बचत को लेकर कि.. कितने अलर्ट हैं. h
