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लोकसभा के पहले निर्वाचित स्पीकर बने ओम बिड़ला

लोकसभा के पहले निर्वाचित स्पीकर बने ओम बिड़ला

एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच लोकसभा अध्यक्ष को लेकर आपसी तालमेल न होने के कारण देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा स्पीकर का चयन मतदान द्वारा हुआ अभी तक की परंपरा रही थी कि लोकसभा अध्यक्ष आम सहमति से नियुक्त होता रहा है परंतु उक्त परंपरा आज टूट गई 18वीं लोकसभा के लोकसभा अध्यक्ष पहली बार ओम बिरला निर्वचित अध्यक्ष बने हैं | यह भारत के संसदीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है की लोकसभा के स्पीकर मतदान द्वारा निर्वाचित हुए हैं | उल्लेखनीय है कि पिछले कार्यकाल में भी ओम बिरला स्पीकर थे और यह वह लगातार दोबारा स्पीकर बने हैं परंतु इस बार वह निर्वाचित स्पीकर है पिछली बार नॉमिनेट स्पीकर थे | अब बात करते हैं यहां पर विपक्ष की तो विपक्ष को यह मालूम था कि उनके पास लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है और यह बात भी नहीं थी कि एक दो सदस्यों का हेर फेर हो कि अंतरात्मा की आवाज से दो-चार सांसद इधर से उधर हो जाएं और विपक्ष का लोकसभा स्पीकर बन जाए , 57 सदस्यों का अंतर जो स्पष्ट प्रमाण था कि सत्ता पक्ष अर्थात एनडीए का प्रत्याशी ही लोकसभा स्पीकर बनेगा परंतु न जाने क्या सोच कर इंडिया गठबंधन अर्थात विपक्ष ने के सुरेश को विपक्ष की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष के प्रत्याशी के रूप में खड़ा किया? लोकसभा स्पीकर चुनाव में विपक्ष की हर तो हुई ही साथ ही संसदीय इतिहास में विपक्ष पर बिना वजह चुनाव कराकर संसदीय इतिहास में लोकसभा के स्पीकर का चुनाव सर्वसम्मति से होने के इतिहास को ब्रेक करने का आप भी लग गया |

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