क्राइम
पूर्व एनसीसी कैडेट अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी यातायात ने अनुभव किये साझा
*पूर्व एनसीसी कैडेट अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी यातायात की उपस्थिति से एनसीसी कैंप के कैडेटों के चेहरे खिले - अनुभवों से हुऐ प्रेरित*
दुर्ग। बोरई में आयोजित एसीसी कैंप के चौथे दिन कैडेटों से मिलने वर्तमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर पहुॅचे, उन्होनें बहुत ही सहज एवं सरल तरीके से अपने जीवन के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बाताया कि कैसे बचपन में लाल बत्ती की गाड़ी उनके गाॅव के पास से गुजरा करती थी, पर रूकती नही थी, इसी से प्रेरित होकर निश्चय किया की वो एक दिन खुद लाल बत्ती की गाड़ी में जायेगें व जब भी गाॅव में कोई भीड़ होगी तो गाड़ी रोक कर उनसे मिलेगा।
उनके इस सपने को पूरा करने में एनसीसी ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे कुल 18 एनसीसी कैंप में शामिल हुए तथा दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड किया।
कैडेट ने सीखा टैफिक की एबीसीडी
डीएसपी यातायात सतीश ठाकुर ने कैडेटों को टैफिक के ए-एक्सेलेटर, बी-ब्रेक, सी-क्लच एवं डी-ड्राइवर से अवगत कराया। उन्होने अपने 15 साल के यातायात के अनुभव से कैडटों को समझाया कि कैसे यातायात की शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। आज से कुछ वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में एक साथ 7 एमबीबीएस के छात्रों ने अपनी जान गवाई और उनके अभिभावक ने तब ये कहा कि काश वे अपने बच्चों को यातायात की भी शिक्षा दिये होते तो वे आज जीवित होते।
जिस तरह हम अपने मोबाईल को बचाने के लिए कवर लगाते है ठीक उसी तरह सिर को बचाने के लिए हेलमेट लगाना भी अनिवार्य है।
कैंप कमांडेट कर्नल मकसूद अली खान ने दोनों अतिथियों को प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया ।
