सियासत
बकरीद का त्योहार आज अपनों में प्यार बांटने का है ये त्योहार . ईद उल अजहा को बकरीद या बकरा ईद या ईद उल बकरा के नाम से भी जाना जाता है.
कैसे मनाया जाता है ईद-उल-अजहा (Eid al-Adha Celebrated)
ईद-उल-अजहा के दिन इस्लाम धर्म के लोग सुबह जल्दी उठकर नहाते हैं और फिर नए कपड़े पहनते हैं. फिर पुरुष ईद की नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह या मस्जिद जाते हैं. नमाज के बाद भेड़ या बकरे की कुर्बानी दी जाती है. बता दें कि कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है. पहला भाग गरीबों और जरूरतमंदों में बांटा जाता है, जबकि दूसरा हिस्सा रिश्तेदार और दोस्तों को दिया जाता है. वहीं तीसरा भाग परिवार के लिए रखा जाता है.
अपनों में प्यार बांटने का है ये त्योहार
ईद उल अजहा के दिन ईदगाह में सुबह ईद की नमाज अदा की जाएगी. ईद की नमाज अदा करने के बाद सभी मुस्लिम भाई एक-दूसरे के गले मिलेंगे और ईद की मुबारकबाद देंगे. वहीं ईद-उल-अजहा के दिन सभी रिश्तेदारों से मिलने, दावत खाने और एक-दूसरे को उपहार देने का भी काफी महत्व होता है. बच्चे नए कपड़े पहनकर और ईदी (ईद की राशि) लेकर बहुत खुश होते हैं.
