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रेत उत्खनन टेंडर में लेकर के मनमानी करने का ठेका प्रदेश में चल रहा है - धर्मजीत सिंह
रेत उत्खनन टेंडर में लेकर के मनमानी करने का ठेका प्रदेश में चल रहा है |
माननीय मंत्री जी से बोल रहा हूं कि हेलिकॉप्टर मंगवाइए और यहां से बैठ कर चलिए नदी के ऊपर अगर आपको 200 पोकलेन और डोजर नहीं मिलेंगे तो मैं विधानसभा से इस्तीफा दे दूंगा |
प्रश्न यह है अनुमति नहीं है परंतु बिना अनुमति के चलते हैं कैसे चलाते हैं आप अभी चलिए अभी आप अपने अधिकारियों को ऑर्डर करिए अगर 50 पोकलेन नहीं मिलेंगे नदी के अंदर
अध्यक्ष महोदय बिलासपुर में तो अरपा नदी को नोच कर खा लिए हैं माननीय मंत्री जी आप अपने विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देंगे क्या की 15 दिन तक लगातार मुहिम चला करके पोकलेन जप्त करें 15 दिन उनका बिजनेस तो बंद होगा
आपसे मैं यह प्रश्न पूछना चाहता हूं क्या प्रदेश की जनता पर आप कृपा करने के बारे में विचार करेंगे किया रिट्वीट का ठेका करके तमाम बाहुबलियों को इस व्यापार को करने से रोकेंगे और ग्राम पंचायत के हमारे पहले व्यवस्था थी वैसा दे दीजिए अच्छा होगा बुरा होगा लेकिन कम से कम बाहुबली जो यह तहसीलदारों को दौड़ा देते हैं फॉरेस्ट वालों को पीट मारते हैं या खनिज वालों को तंग करते हैं इस तरह की घटना नहीं होगी और आप 15 दिन तक हर घाट पर रोज चेकिंग करवाएंगे क्या ? क्या आप इजहार करेंगे कि इस तरह के ठेके को अपने निरस्त करेंगे 200 ढाई सौ करोड़ से ज्यादा आता नहीं है पर तमाशा पूरा होता है
अध्यक्ष महोदय दिल्ली सरकार के समय क्या होता था मैं बताना चाहता हूं कि बलरामपुर में रायबरेली के एक नेता को भेजा गया और यह कहा गया कि ठेकेदारी या है लेकिन या 50% का पार्टनर रहेगा फोन मंत्रालय से जाता था यह बिल्कुल सच बात है एक जगह और इसी तरीके से नेता भेजे गए जो कुर्तियां है उसे दूर कीजिए वही वही जवाब आप देंगे सरकारी लिखा पड़ी में कि नहीं नियम में नहीं है कोई जपती नहीं हुआ है 70000 पर जुर्माना किया है अरे 70000 पर रोज मेरे से लेते जाओ और मैं रोज उल्लंघन करते ret निकालूंगा यह कोई हल नहीं हुआ हल निकालिए रेत के माफियाओं पर शिकंजा कैसी है और इस प्रदेश की जनता को रेट उपलब्ध हो और रेत माफियाओं की दादागिरी खत्म हो |
