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कैसे मनाते हैं दही हांडी उत्सव -दही हांडी उत्सव का महत्व
कैसे मनाते हैं दही हांडी उत्सव
इस उत्सव को मनाने के लिए पहले एक मिट्टी के गोल बर्तन (हांडी) में दही या माखन भरकर उसे ऊंचाई में लटका दिया जाता है. इसके बाद गोविंदाओं की टोली पिरामिड बनाकर इस हांडी को तोड़ने का प्रयास करती है और जिन गोविदाओं की टीम इसे तोड़ देती है वो विजेता कहलाते हैं और इन्हें इनाम भी दिए जाते हैं. दही हांडी का उत्सव विशेषतौर पर गोकुल और महाराष्ट्र में मनाया जाता है. लेकिन अब दही हांडी पर्व की धूम हर जगह देखने को मिलती है. शहर से लेकर गांव और कस्बों में दही हांडी के उत्सव का आयोजन किया जाता है.
दही हांडी उत्सव का महत्व
जन्माष्टमी में दही हांडी उत्सव का विशेष महत्व है. क्योंकि यह भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अभिन्न और प्रमुख हिस्सा है, जिसे प्रतीकात्मक रूप में दर्शाने के लिए दही हांडी का उत्सव मनाया जाता है. मान्यता है कि, जिस घर में माखन चोरी के लिए मटकी फोड़ी जाती है वहां कभी दुखों का वास नहीं होता और घर खुशियों से भर जाता है.
