देश विदेश

गुजरात के मोरवी फुल हत्याकांड के बाद भागलपुर गंगा नदी पुल का भ्रष्टाचार का मामला

गुजरात के मोरवी फुल हत्याकांड के बाद भागलपुर गंगा नदी पुल का भ्रष्टाचार का मामला

बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बन रहा पुल जिसकी लागत 1750 करोड रुपए, 1750 करोड रुपए, 1750 रुपए नहीं कह रहे हैं हम, समझ रहे हैं ना यह कोई 1750 रुपए नहीं है 1750 करोड़ रुपए के खर्च से बन रहा था यह पुल जो गंगा नदी में समाहित हो गया | यहां आपको यह बताना अति आवश्यक है कि गुजरात के मोरबी में रूप वे पुल के टूटने से 138 लोगों की जान गई थी उस मामले में ठेकेदार पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और वह मामला रफा-दफा हो गया जनता भूल गई पीड़ित अपनी परेशानियों में जूझ रहे हैं जनप्रतिनिधि नेता मंत्री मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री अपने अगले कार्यक्रमों में बिजी हो गए या यूं कहें कि मिलीभगत के कारण मोरबी पुल हत्याकांड सॉरी सॉरी सॉरी कांड के जिम्मेदार ठेकेदार को बक्श दिया गया उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई | आप समझ सकते हैं उसी तरह बिहार के भागलपुर के इस बड़े पुल के जिसकी लागत 1750 करोड रुपए मानी जा रही है उस निर्माणाधीन पुल के कंप्लीट होने से पहले ही दो बार टूट कर गिर ना इस बात को प्रमाणित करता है कि वहां भी भ्रष्टाचार चरम सीमा पर हुआ अब ऐसे में यदि केंद्र सरकार राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताएं और राज्य सरकार चुप्पी साधे रहे तो ऐसे में देश की जनता कब तक इस तरह भ्रष्टाचार की बुराइयों के बीच जीने को मजबूर होती रहे ? अब हमारा सवाल यह है कि यदि कोई प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार करती है तो क्या केंद्र सरकार की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होती कि वह इस पर संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार पर कार्रवाई करें और नागरिकों की जान माल की सुरक्षा के संवैधानिक अधिकारों का जिम्मा लेते हुए उन पर कार्रवाई करें और अगर अब संविधान में ऐसी कोई तकनीकी खामी है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह संविधान में संशोधन करें और देश की जनता को न्याय उपलब्ध कराएं |

ये भी पढ़ें...